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हत्याकांड का मुख्य आरोपी पकड़ाया, दिल्ली एयरपोर्ट से बांग्लादेश को सुपुर्द

नई दिल्ली बांग्लादेश में एक हिंदू पुलिस अधिकारी की बर्बर हत्या के मुख्य आरोपी को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से हिरासत में लिया गया है।  रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी दिल्ली हवाई अड्डे से कथित तौर पर यूरोप भागने की फिराक में था। उसे इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने रोक लिया। आरोपी की पहचान अहमद रजा हसन मेहदी के रूप में हुई है। अधिकारियों ने उसे देश छोड़ने की कोशिश करते समय हवाई अड्डे पर रोका और बाद में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे वापस बांग्लादेश निर्वासित कर दिया गया। आरोपी मेहदी ने 2024 में हिंदू पुलिस अधिकारी संतोष शर्मा की हत्या की जिम्मेदारी ली थी। उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था, जिसमें वह बांग्लादेश के एक पुलिस स्टेशन के अंदर बैठकर हत्या की बात कबूल करता हुआ नजर आ रहा था। सूत्रों के अनुसार, भारतीय अधिकारियों को मेहदी के दिल्ली पहुंचने की खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर उसे यूरोप की उड़ान में सवार होने से पहले ही इंटरसेप्ट कर लिया गया। आपको बता दें कि 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के तख्तापलट के बाद बांग्लादेश में मचे भारी उथल-पुथल के दौरान सब-इंस्पेक्टर (SI) संतोष शर्मा की बनियाचंग पुलिस स्टेशन में हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद उनके शव को एक पेड़ से लटका दिया गया था। यह घटना तब हुई जब छात्र प्रदर्शन जल्द ही हिंसा में बदल गए थे और विशेष रूप से अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया गया था। उस दौरान हिंदुओं पर हमले हुए थे और उनके पूजा स्थलों में तोड़फोड़ की गई थी। गौरतलब है कि बांग्लादेश में यह अशांति छात्रों के नेतृत्व वाले उन विरोध प्रदर्शनों के साथ शुरू हुई थी, जो देश की विवादास्पद कोटा प्रणाली के खिलाफ थे। इस प्रणाली के तहत 1971 के मुक्ति संग्राम में भाग लेने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के रिश्तेदारों के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण था। यह विरोध प्रदर्शन जो पूरे बांग्लादेश के शैक्षणिक संस्थानों में फैल गया था। अंततः अवामी लीग सरकार के तख्तापलट के साथ समाप्त हुआ।

राज्यसभा सीट को लेकर चर्चाएं तेज, पवन सिंह का नाम आगे… क्या मुश्किल में उपेंद्र कुशवाहा?

पटना  राज्यसभा चुनाव की तारीख सामने आ गई है. अगले महीने 16 मार्च को चुनाव होंगे. 10 राज्यों की 37 सीटों पर चुनाव होने हैं. इस चुनाव से सदन में बीजेपी का आंकड़ा तो बढ़ेगा ही, साथ ही यह कई दिग्गजों का भविष्य भी तय करेगा. कई बड़े नेता नंबर के फेर में फंसकर सियासी रूप से पैदल हो सकते हैं. वहीं, कई नेताओं की लॉटरी भी लग सकती है. राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनाव की तारीख जारी होने के साथ ही सियासी गलियारों में कई चर्चित चेहरों के भविष्य को लेकर चर्चा अब होने लगी है. माना जा रहा है कि सबसे दिलचस्प बिहार का चुनाव रहने वाला है. क्योंकि यहां राज्यसभा की जिन 5 सीटों पर चुनाव होने हैं, उनमें से 2 आरजेडी की सीटें हैं. मौजूदा नंबर के हिसाब से तेजस्वी यादव किसी को भेज नहीं पाएंगे.  पवन सिंह जाएंगे राज्यसभा! ऐसे में बीजेपी के खाते में 2 सीटें जा सकती हैं. राजनीतिक गलियारों में जो चर्चा है उसके मुताबिक नितिन नबीन विधायक बने रहेंगे. ऐसे में एक नाम जो रेस में है वो भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह का है. विधानसभा चुनाव के वक्त पवन सिंह ने खूब प्रचार किया था. इस दौरान माना गया था कि राज्यसभा की ही डील हुई थी. लटक सकता है उपेंद्र कुशवाहा का भविष्य आंकड़ों के हिसाब से जेडीयू अपने दोनों सदस्यों को फिर से रिपीट कर सकती है. क्योंकि हरिवंश नारायण सिंह का राज्यसभा में बड़ा कद है और रामनाथ ठाकुर मंत्री हैं. रही बात पांचवीं सीट की तो नंबर के हिसाब से चिराग पासवान का दावा बनेगा. लिहाजा उपेंद्र कुशवाहा का भविष्य लटक सकता है.  26 फरवरी से शुरू होगी राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया बता दें कि राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया 26 फरवरी 2026 को शुरू होगी. नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 5 मार्च रखी गई है. नामांकनों की जांच 6 मार्च को होगी और उम्मीदवार 9 मार्च तक नाम वापस ले सकते हैं.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दावा: क्लाइमेट चेंज से निपटने में मध्यप्रदेश बन रहा देश का लीडर

क्लाइमेट चेंज से निपटने में लीडर बन रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव म.प्र. और इन्वेस्टर्स मिलकर देश को बढ़ाएंगे आगे 24 घंटे बिजली देने में मध्यप्रदेश सबसे आगे मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा विकास के लिए सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन के साथ हुआ एमओयू  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंबई क्लाइमेट वीक-2026 में की सहभागिता भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि क्लाइमेट चेंज एक गंभीर वैश्विक चुनौती है। क्लाइमेट चेंज मानव अस्तित्व, आर्थिक स्थिरता और भावी पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि सतत् विकास की राह में हम पर्यावरण की अनदेखी नहीं कर सकते। विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना ही प्रगति का मूल आधार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जोर देकर कहा कि क्लाइमेट चेंज के मामले में ठोस और समयबद्ध समाधान पर काम करना आज की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत की क्लाइमेट चेंज को लेकर प्रतिबद्धताओं में भी राज्यों का योगदान भी महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश क्लाइमेट चेंज से निपटने में सर्वाधिक नवकरणीय ऊर्जा का उत्पादक बन लीडर की भूमिका में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के सबसे तेज गति से विकास करने वाले राज्यों में अग्रणी है। यहां लगभग हर क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है। मुख्यमंत्री ने नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मप्र में निवेश करने के इच्छुक निवेशकों को हरसंभव सहयोग देने का विश्वास और सुरक्षा की गारंटी देते हुए कहा कि राज्य और निवेशक मिलकर देश को नवकरणीय ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाएंगे। उन्होंने कहा कि 24 घंटे बिजली देने की दिशा में मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। निवेशकों के साथ हमारा रिश्ता नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में व्यापार-व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार की शाम मुंबई में क्लाइमेट वीक-2026 को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के विकास के लिए नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग (मप्र शासन) एवं ग्रीन एनर्जी के लिए विख्यात सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन के बीच मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमओयू हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती का समाधान केवल एक देश, एक राज्य या एक सरकार ही नहीं कर सकती, इसके लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा परिवर्तन, हरित विकास और जलवायु समाधान के लिए आगे बढ़ने की दिशा में मुम्बई क्लाइमेट वीक एक महत्वपूर्ण मंच है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए त्वरित और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के स्वच्छ स्रोतों को बढ़ावा देना, हरित तकनीकों को अपनाना और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग करना ही भविष्य का विकास मार्ग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पृथ्वी को सुरक्षित और संतुलित बनाए रखने की जिम्मेदारी सरकारों के साथ ही उद्योगों, संस्थाओं और इस देश में रहने वाले हर नागरिक की भी है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए ‘लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरमेंट’ जैसे व्यवहारिक बदलावों को अपनाने की अपील की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरित ऊर्जा उत्पादन के जरिए क्लाइमेट चेंज से निपटने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार के नवाचारों की जानकारी देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश भारत के उन अग्रणी राज्यों में से एक है, जिसने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पहला राज्य है, जिसने ईवी नीति बनाई, जो क्लाइमेट चेंज की ओर कारगर कदम है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हमारी सरकार मध्यप्रदेश में 300 मेगावाट 4 घंटे सौर-सह एनर्जी स्टोरेज परियोजना, 300 मेगावाट 6 घंटे सौर-सह एनर्जी परियोजना सहित 24×7 घंटे नवकरणीय ऊर्जा बैटरी आधारित एनर्जी स्टोरेज परियोजना पर काम कर रही है। यह एक नया प्रयोग है। यह भारत की अपनी तरह की पहली परियोजना है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जो इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते 12 सालों में मप्र की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। सौर ऊर्जा में 48 प्रतिशत और पवन ऊर्जा में 19 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। नवकरणीय ऊर्जा की बड़ी परियोजनाओं के जरिए हमने म.प्र. की जरूरतों को पूरा करने के बाद पड़ोसी राज्यों और भारतीय रेलवे को भी स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट दुनिया का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट है। ये एक ऐसा प्रोजेक्ट है, जिसमें हमने किसी भी नागरिक को विस्थापित नहीं होने दिया, इस प्रोजेक्ट में ऊर्जा उत्पादन भी प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सांची देश की पहली सोलर सिटी बनी है। हम सभी शासकीय भवनों पर सोलर रूफटॉप लगाने की ओर बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार निवेशकों, निजी क्षेत्र और नीति निर्माताओं के साथ मिलकर मप्र को भारत का नवकरणीय ऊर्जा हब बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। हम सौर, पवन, एनर्जी स्टोरेज, बायोफ्यूल तथा ग्रीन हाइड्रोजन सहित सभी नवकरणीय टेक्नोलॉजी में वित्तीय एवं नीतिगत प्रोत्साहन भी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से आव्हान किया कि मध्यप्रदेश की तेजी से परिवर्तनकारी यात्रा में हमारे साथ जुड़ें। इससे जलवायु को संतुलित रखने में तो मदद मिलेगी ही, यह सबके व्यापार-व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा और मप्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने कहा कि हम ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सतत् विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के साथ-साथ मप्र और भारत के उज्जवल भविष्य का निर्माण करेंगे। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए हम बैटरी स्टोरेज आधारित ऊर्जा उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मप्र में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्रोजेक्ट, शाजापुर, आगर-मालवा और रीवा में अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना पर काम हुआ है। उन्होंने निवेशकों से अपील करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश अनंत संभावनाओं का प्रदेश है। यहां निवेश करें, सरकार आपके साथ है। अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा  मनु वास्तव ने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा, विद्युत आपूर्ति का एक कारगर, सस्ता और विश्वसनीय विकल्प है। हम मध्यप्रदेश के नागरिकों को कम से कम दर पर विद्युत आपूर्ति कर रहे हैं। उन्होंने निवेशकों और … Read more

AI समिट में पीएम मोदी का संदेश: इंसान केंद्रित तकनीक जरूरी, दुनिया को दी अहम चेतावनी

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई समिट से दुनिया को खास संदेश दिया है. एआई इम्पैक्ट समिट में प्रधानमंत्री मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए भारत का MANAV विजन प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि एआई का विकास ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत पर आधारित होना चाहिए, जहां इंसान केवल डेटा पॉइंट न बने. प्रधानमंत्री ने एआई के लोकतंत्रीकरण, समावेशन और ग्लोबल साउथ के सशक्तीकरण पर जोर दिया. MANAV विजन नैतिक व एथिकल सिस्टम, जवाबदेह गवर्नेंस और डेटा पर व्यक्ति के अधिकार की वकालत करता है. उन्होंने कहा कि एआई को ओपन, सुरक्षित और मानव केंद्रित बनाकर वैश्विक कल्याण का माध्यम बनाया जा सकता है. एआई ट्रांसफॉर्मेटिव पावर – पीएम मोदी  पीएम मोदी ने कहा, ‘आज मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन तक का सफर तेज भी है, गहरा भी है और व्यापक भी है. इसलिए हमें विजन भी बड़ा रखना है और जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी निभानी है. साथ ही हमें इस बात की भी चिंता करनी है कि आने वाली पीढ़ियों के हाथों में हम AI का क्या स्वरूप सौंप कर जाएंगे. इसलिए आज असली प्रश्न यह नहीं कि भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या कर सकती है, प्रश्न यह है कि वर्तमान में हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ क्या करते हैं. ऐसे प्रश्न मानवता के सामने पहले भी आए हैं. सबसे सशक्त उदाहरण है न्यूक्लियर पावर. हमने उसका डिस्ट्रक्शन भी देखा है और सकारात्मक कंट्रीब्यूशन भी देखा है. एआई भी एक ट्रांसफॉर्मेटिव पावर है.’ भारत दुनिया का बड़ा टेक टैलेंट पूल – पीएम मोदी पीएम मोदी ने एआई समिट में बोलते हुए कहा कि मानव इतिहास में हर कुछ शताब्दियों के बाद एक टर्निंग पॉइंट आता है और वो टर्निंग पॉइंट सभ्यता की दिशा रिसेट करता है. वहीं से विकास की रफ्तार बदलती है. सोचने, समझने और काम करने के परिणाम बदलते हैं. पीएम मोदी ने कहा, ‘किसी ने कल्पना नहीं की थी कि एक दिन पूरी दुनिया रियल टाइम में कनेक्ट होगी. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव इतिहास का ऐसा ही ट्रांसफॉर्मेटिव पावर है. आज जो हम देख रहे हैं जो प्रेडक्ट कर रहे हैं वो इसके इंपैक्ट का सिर्फ प्रारंभिक संकेत हैं. एआई मशीनों को इंटेलिजेंट बना रही हैं, लेकिन उससे भी अधिक मानव सामर्थ्य को कई गुना बढ़ा रही है.’ भारत दुनिया का बड़ा टेक टैलेंट पूल – पीएम मोदी  एआई समिट में पीएम मोदी ने कई बातों का उल्‍लेख किया. उन्‍होंने कहा, ‘भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी का देश है…सबसे बड़े टेक टैलेंट पूल का केंद्र है. भारत नई टेक्नोलॉजी बनाता भी है और उसे अभूतपूर्व तेजी से अपनाता भी है. इस समिट का भारत में होना भारत के साथ ही पूरे ग्लोबल साउथ के लिए गर्व का विषय है. दुनिया के 100 से ज्यादा देशों का रिप्रेजेंटेशन दुनिया के कोने-कोने से यहां आए महानुभाव इसकी सफलता को नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं. इसमें यंग जनरेशन की जो उपस्थिति हमने देखी है वो एक नया विश्वास पैदा करती है. नई टेक्नोलॉजी को लेकर कुछ लोगों में शुरुआती में संदेह होता है, लेकिन जिस तेजी और भरोसे के साथ दुनिया की युवा पीढ़ी एआई को स्वीकार कर रही है, उसकी ओनरशिप ले रही है और एआई का इस्तेमाल कर रही है वह अभूतपूर्व है.’ सुंदर पिचाई ने बताया भारत में इन्‍वेस्‍टमेंट का प्‍लान गूगल के सीईओ Sundar Pichai ने भारत दौरे के दौरान देश में तेज बदलाव की सराहना करते हुए कहा कि दुनिया हाइपर-प्रोग्रेस के दौर में प्रवेश कर रही है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को साहसिक रूप से अपनाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि AI अरबों लोगों के जीवन में सुधार ला सकता है और दवा अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में क्रांति ला रहा है. पिचाई ने बताया कि Google 15 अरब डॉलर के बुनियादी ढांचा निवेश के तहत भारत में फुल-स्टैक AI हब स्थापित करेगा. साथ ही कंपनी भारत की व्यस्त सड़कों के लिए Waymo तकनीक पर भी काम कर रही है. डिजिटल क्रांति केवल तकनीक नहीं, बल्कि सभ्यता का परिवर्तन – मैक्रों एआई समिट में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत की डिजिटल क्रांति की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल तकनीक नहीं, बल्कि सभ्यता का परिवर्तन है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि एक समय मुंबई का स्ट्रीट वेंडर बैंक खाता नहीं खोल पाता था, लेकिन आज वही व्यक्ति मोबाइल से तुरंत डिजिटल भुगतान स्वीकार कर रहा है. मैक्रों ने भारत की 1.4 अरब लोगों के लिए डिजिटल पहचान व्यवस्था, हर महीने 20 अरब लेनदेन करने वाली भुगतान प्रणाली और 50 करोड़ डिजिटल हेल्थ आईडी जारी करने वाली स्वास्थ्य संरचना को दुनिया के लिए मिसाल बताया.  पीएम मोदी पहुंचे भारत मंडपम, अश्विनी वैष्‍णव ने सेट किया टोन : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एआई समिट को संबोधित करने के लिए भारत मंडपम पहुंच चुके हैं. उससे पहले भारत में आयोजित पहले ग्लोबल साउथ एआई समिट को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक आधारभूत तकनीक है, जो काम करने, सीखने और निर्णय लेने के तरीकों में व्यापक बदलाव ला रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि तकनीक का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. समिट में 118 देशों की भागीदारी को ऐतिहासिक बताते हुए वैष्णव ने कहा कि भारत एआई स्टैक की पांचों परतों पर काम कर रहा है. इसका उद्देश्य तकनीक का लोकतंत्रीकरण करना और इसे बड़े पैमाने पर सभी के लिए सुलभ बनाना है. पीएम मोदी की 4 देशों के प्रमुखों संग अहम बैठकें  एआई सम्मेलन के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi आज चार देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकों में शामिल होंगे. ये बैठकें Bharat Mandapam में आयोजित होंगी. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर 14:30 बजे पीएम मोदी अबू धाबी के क्राउन प्रिंस Sheikh Khaled bin Mohamed bin Zayed Al Nahyan से मुलाकात करेंगे. इसके बाद 15:10 बजे नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री Dick Schoof, 15:45 बजे स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति Guy Parmelin और 16:25 बजे ग्रीस के प्रधानमंत्री Kyriakos Mitsotakis से वार्ता होगी. इससे पहले बुधवार 18 फरवरी को पीएम मोदी सात वैश्विक नेताओं से भी मुलाकात कर चुके हैं.  

स्पीच से ठीक पहले बड़ा बदलाव: बिल गेट्स नहीं होंगे AI समिट में, अंकित वोरा को जिम्मेदारी

नई दिल्ली मशहूर अमेरिकी कारोबारी बिल गेट्स दिल्ली में आयोजित हो रहे एआई समिट में नहीं आएंगे। उन्हें आज ही कार्यक्रम में अपनी स्पीच देनी थी और उससे ठीक पहले ही उनके कार्यालय की ओर से इसकी जानकारी दी गई है। पहले भी कयास लग रहे थे कि शायद वह कार्यक्रम में नहीं रहेंगे, लेकिन उनके गेट्स फाउंडेशन की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई थी। अब इस संबंध में जानकारी दी गई है। इसके अलावा यह भी बताया गया है कि बिल गेट्स के स्थान पर अंकुर वोरा स्पीच देंगे। वह भी बिल गेट्स फाउंडेशन से ही जुड़े हैं। माना जा रहा है कि एपस्टीन फाइल्स में उनका नाम था और वह विवादों में थे। इसी के चलते ऐसी स्थिति पैदा हुई है। गेट्स फाउंडेशन की ओर से जारी बयान में कहा गया, 'गंभीरता से विचार करने के बाद और AI समिट की प्राथमिकताओं को देखते हुए मिस्टर गेट्स ने तय किया है कि वह अपनी स्पीच नहीं देंगे। AI समिट में गेट्स फाउंडेशन का प्रतिनिधित्व अंकुर वोरा करेंगे। वह अफ्रीका और भारतीय कार्यालयों के प्रेसिडेंट हैं। वही आज AI समिट में गेट्स फाउंडेशन की ओर से अपनी स्पीच देंगे।' फाउंडेशन ने कहा कि हम भारत में हेल्थ और डिवेलपमेंट में योगदान को लेकर अपने लक्ष्यों के प्रति पूरी तरह से समर्पित हैं। दिल्ली के भारत मंडपम में AI समिट का आयोजन हो रहा है। इसमें बिल गेट्स को कीनोट स्पीकर के तौर पर रहना था। उनका 19 फरवरी को भाषण था। बिल गेट्स सोमवार को ही भारत आ गए थे। इसके बाद कहा जा रहा था कि वह गुरुवार को AI समिट में रहेंगे। उन्हें 12 मिनट की स्पीच देनी थी। बिल गेट्स भारत आने के बाद सबसे पहले आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा पहुंचे थे। यहां उन्होंने आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात की थी। इसके अलावा डिप्टी सीएम पवन कल्याण से भी उनकी मीटिंग हुई थी। इस दौरान कई सीनियर अधिकारी भी मौजूद थे। इस सप्ताह हो रही AI समिट को दुनिया के कुछ प्रमुख आयोजनों में माना जा रहा है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर हो रहे हैं। AI समिट से कुछ विवाद भी जुड़े, गलगोटिया की सबसे ज्यादा चर्चा भारत में हो रहे इस आयोजन को टेक कंपनियां एक अवसर के तौर पर देख रही हैं। कंपनियों का कहना है कि यह बूमिंग सेक्टर है और भारत के लिए यह अहम है। बता दें कि इस समिट से कुछ विवाद भी जुड़े हैं। जैसे गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने जिन दो प्रोडक्ट्स को तैयार करने का दावा किया था, उन्हें चीन और कोरिया में बनाया गया था। यही नहीं खबरें हैं कि गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टॉल को AI समिट से हटाने का भी आदेश दिया गया है।

पुणे में शिवाजी महाराज जयंती के मौके पर अफरा-तफरी, भगदड़ में घायल हुए कई लोग

मुंबई  महाराष्ट्र में शिवाजी उत्सव के दौरान बड़ा हादसा हो गया है। यहां छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाने के लिए जुटी भीड़ के बीच भगदड़ मचने से कई लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है। पुलिस ने बताया कि गुरुवार सुबह पुणे के शिवनेरी किले में ज्यादा भीड़ होने के कारण कम से कम तीन लोग घायल हुए हैं। घटना तब हुई जब यहां हजारों की तादाद में भीड़ जुटी थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह घटना सुबह करीब साढ़े 3 बजे हुई जब मशाल लेकर एक समूह मीना दरवाजा के पास किले से नीचे उतर रहा था। पुणे ग्रामीण के पुलिस सुपरिटेंडेंट संदीप सिंह गिल ने मीडिया को बताया, "भारी भीड़ के बीच एक ग्रुप मशाल लेकर तेजी से किले से नीचे आ रहा था। वहां मौजूद हमारी पुलिस टीम ने उन्हें धीरे चलने की सलाह दी।" लेकिन तभी वहां धक्का मुक्की होने लगी। उन्होंने बताया, "इस बीच, ऊपर से किसी ने एक शख्स को धक्का दिया, जिसके बाद समूह के कुछ लोग नीचे गिर गए। तीन लोगों के पैर में चोटें आईं हैं।" अधिकारी ने कहा कि मौके पर मौजूद पुलिसवालों ने तुरंत घायलों की मदद की और यह सुनिश्चित किया कि लोगों की सुविधाजनक आवाजाही बने रहे। गौरतलब है कि छत्रपति शिवाजी महाराज का 19 फरवरी, 1630 को पुणे जिले के शिवनेरी किले में हुआ था। गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी छत्रपति शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि देने के लिए किले का दौरा करेंगे।

सियासी पलटवार: 9 पार्षदों के फैसले से BJP बैकफुट पर, कांग्रेस की मेयर कुर्सी तय

मुंबई  महाराष्ट्र के भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका में मेयर चुनाव से पहले सियासी उलटफेर की बड़ी खबर सामने आई है. यहां मेयर के चुनाव से पहले बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. उसके 22 पार्षदों में से 9 ने अलग गुट बनाकर कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को समर्थन दिया है. इसके बाद अब कांग्रेस पार्टी के लिए यहां अपना मेयर चुनने का रास्ता लगभग साफ हो गया है. इस महानगरपालिका के चुनाव में कांग्रेस को सबसे अधिक 30 सीटें मिली थीं. हालांकि किसी पार्टी को यहां बहुमत नहीं मिला है. भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका में कुल 90 सीटें हैं. कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने बुधवार (18) को जानकारी देते हुए बताया कि अलग हुए पार्षदों की ओर से गठित भिवंडी सेक्युलर फ्रंट (बीएसएफ) के समर्थन से कांग्रेस-एनसीपी (एसपी) गठबंधन ने 90 सदस्यीय निकाय में 46 सीटों के बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका में कांग्रेस का मेयर बनना तय? उन्होंने दावा करते हुए कहा कि 9 पार्षदों ने हमारा समर्थन करने का फैसला किया है और बीजेपी और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच मतभेद पैदा हो गए हैं. गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी ने शिवसेना का समर्थन किया था. पिछले महीने हुए भिवंडी-निज़ामपुर नगर निगम चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी कांग्रेस अब अपना मेयर और डिप्टी मेयर नियुक्त करने के लिए तैयार दिख रही है. भिवंडी-निजामपुर में किस पार्टी के पास कितनी सीटें? महाराष्ट्र में 29 महानगरपालिका के चुनाव 15 जनवरी को हुए थे, जबकि नतीजे 16 जनवरी को घोषित किए गए थे. भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका के चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था. कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और इस पार्टी को सबसे अधिक 30 सीटें मिलीं थीं, उसके बाद बीजेपी को 22 सीटें मिली.  वहीं, एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को 12, शरद पवार गुट की एनसीपी-एसपी 12, समाजवादी पार्टी को 6, कोनार्क विकास अघाड़ी 4 और भिवंडी विकास अघाड़ी को 3 सीटों पर जीत मिली थी. यहां एक निर्दलीय उम्मीदवार को जीत हासिल हुई.

मध्य प्रदेश बजट 2026-27 पर विशेषज्ञ प्रतिक्रिया: डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने दिए अहम सुझाव

सीआईआई मध्य प्रदेश के उपाध्यक्ष और आईसेक्ट समूह के कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी द्वारा मध्य प्रदेश बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया…   भोपाल  प्रस्तुत सीआईआई मध्य प्रदेश के उपाध्यक्ष और आईसेक्ट समूह के कार्यकारी उपाध्यक्ष मध्य प्रदेश 2026-27 का बजट रोजगार, उद्योग और शिक्षा-कौशल विकास  पर संतुलित फोकस करता है। बजट में 48 नए औद्योगिक पार्कों की घोषणा राज्य में विनिर्माण और निवेश को प्रोत्साहित करेगी, जिससे स्थानीय रोजगार सृजन और MSME वृद्धि को बल मिलेगा। पूंजीगत व्यय को 1 लाख करोड़ से अधिक रखने का निर्णय आधारभूत ढांचे तथा औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा। शिक्षा और कौशल विकास में वृद्धि पर जोर देते हुए बजट ने शिक्षा क्षेत्र के लिए वृद्धि की घोषणा की है, जिससे स्कूलों, उच्च शिक्षा और प्रशिक्षण संसाधनों का विस्तार संभव होगा। स्वास्थ्य, सड़क और शहरी विकास के साथ-साथ नौकरी-सृजन प्रावधान भी रखा गया है, जिससे युवा रोजगार अवसरों में वृद्धि होगी। मेरा मानना है कि यह बजट उद्योग, नवाचार एवं कुशल कार्यबल के विकास के लिए प्रोत्साहन देता है और राज्य को एक मजबूत आर्थिक तथा औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा। डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी उपाध्यक्ष, सीआईआई मध्य प्रदेश कार्यकारी उपाध्यक्ष, आईसेक्ट समूह कुलाधिपति, स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी

आवास पर तिलक और सम्मान समारोह: ब्रजेश पाठक ने 101 बटुकों को किया सम्मानित, सियासी मायने तेज

लखनऊ प्रयागराज में माघ मेला के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पवित्र स्नान से रोके जाने का मामला चर्चा में रहा. इस दौरान शंकराचार्य के साथ जा रहे बटुकों की शिखा खींचे जाने की कथित घटना को लेकर यूपी सरकार पर सवाल उठ रहे थे. विपक्षी दल हमलावर थे. इसे लेकर यूपी सरकार अब डैमेज कंट्रोल के मोड में नजर आ रही है. हाल ही में यूपी सरकार के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने शिखा पकड़ने को बड़ा पाप बताया था. अब ब्रजेश पाठक ने 101 बटुकों को अपने आवास पर बुलाकर उनका सम्मान कर आशीर्वाद लिया है. ब्रजेश पाठक ने गुरुवार की सुबह लखनऊ के अपने सरकारी आवास पर 101 बटुकों को बुलाया. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अपने आवास पर बटुकों का फूल-माला पहनाकर स्वागत किया. उन्होंने बटुकों को तिलक लगाया और उनकी शिखा का सम्मान कर उनसे आशीर्वाद लिया. गौरतलब है कि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने एक प्रोग्राम में यह कहा था कि शिखा का सम्मान होना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा था कि परंपराओं का आदर समाज की जिम्मेदारी है. 101 बटुकों को बुलाकर उनका सम्मान करना सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान का प्रतीक है. बता दें कि प्रयागराज की घटना के बाद सरकार की किरकिरी हो रही थी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हाल ही में यह कहा था कि सभी को मर्यादा में रहना चाहिए. ब्रजेश पाठक ने क्या कहा था यूपी सरकार के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने किसी ब्राह्मण की शिखा छूने को बेहद गंभीर अपराध बताया था. उन्होंने कहा था कि यह सनातन संस्कृति और परंपराओं का अपमान है. ब्रजेश पाठक ने इस तरह की घटना को बड़ा पाप बताते हुए कहा था कि इसमें शामिल लोगों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए.

जीत की रफ्तार बरकरार: टीम इंडिया ने नीदरलैंड्स को किया पस्त

 अहमदाबाद टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बुधवार को नीदरलैंड्स और टीम इंडिया के बीच मैच खेला गया. इस मैच में टीम इंडिया ने 17रनों से जीत हासिल की और इस वर्ल्ड कप में लगातार चौथा मैच जीता. ये मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेड‍ियम में खेला गया. जहां टॉस भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. सूर्या ब्रिगेड ने पहले खेलते हुए श‍िवम दुबे के 31 गेंदों पर 66 रनों की बदौलत 193/5 का स्कोर बनाया. इसके जवाब में उतरी नीदरलैंड्स की टीम 176 रन ही बना सकी. भारतीय टीम ने ये मैच 17 रन से जीत लिया. भारत इस वर्ल्ड कप में अपने चारों मैच जीत चुकी है. वहीं नीदरलैंड्स की टीम का टी20 वर्ल्ड कप से सफर खत्म हो गया है, उसको इस वर्ल्ड कप में एकमात्र जीत नामीब‍िया के ख‍िलाफ मिली थी. ऐसी रही नीदरलैंड्स की पारी 194 रनों के जवाब में उतरी नीदरलैंड्स की शुरुआत ठीक ठाक रही. पहला झटका उसे छठे ओवर में लगा जब मैक्स 35 के स्कोर पर आउट हुए. इसके बाद 51 के स्कोर पर उसे दूसरा झटका लगा जब माइकल लेविट आउट हुए. बास डी लीडे और कॉलिन के बीच अच्छी साझेदारी पनपी. लेकिन फिर भारतीय गेंदबाजों ने शिकंजा कस लिया. नीदरलैंड्स की टीम 176 रन ही बना सकी. भारत की ओर से सबसे सफल गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती रहे जिन्होंने 3 ओवर में 14 रन देकर 3 विकेट झटके. वहीं, शिवम दुबे को 2 और बुमराह को एक विकेट मिला.  भारतीय टीम की पारी की हाइलाइट्स  इस मुकाबले में भारतीय टीम की ओर से ओपन‍िंंग करने के लिए अभ‍िषेक शर्मा और ईशान किशन आए. अभ‍िषेक शर्मा एक बार फ‍िर अनलकी साबित हुए और पहले ही ओवर में नीदरलैंड्स के आर्यन दत्त की गेंद पर 0 पर आउट हो गए. अभ‍िषेक शर्मा महज 3 गेंद ही फेज कर पाए. यह उनका इस वर्ल्ड कप में 0 की हैट्र‍िक रही. इसके बाद ईशान किशन भी 7 गेंदों पर 18 गेंदों पर जड़कर बोल्ड हो गए. ईशान के आउट होते ही टीम इंड‍िया का स्कोर 39/2 हो गया. एक समय तिलक वर्मा (31) और कप्तान सूर्या टीम को संभाले हुए लग रहे, लेकिन फ‍िर रोएलोफ वैन डेर मर्व ने शानदार डाइव‍िंंग कैच लोगान वैन बीक की गेंद पर पकड़कर उनको पवेल‍ियन की द‍िशा द‍िखा दी. इसके बाद आउट होने वाले अगले बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव रहे जो 28 गेंदों पर 34 रन बनाकर काइल क्लेन की गेंद पर आउट हुए. सूर्या के आउट होते ही भारतीय टीम का स्कोर 110/4 हो गया. इसके बाद श‍िवम दुबे और हार्द‍िक पंड्या ने अंत‍िम ओवर्स में अच्छी बल्लेबाजी की, एक समय लग रहा था कि भारत आसानी से 200 रन क्रॉस कर लेगा. लेकिन अंत‍िम ओवर श‍िवम दुबे (31 बॉल, 4 चौके, 6 छक्के, 66 रन) और हार्द‍िक (30 रन, 21 गेंद) के आउट होने से ऐसा नहीं हो पाया. दुबे और पंड्या दोनों  ही लोगन वैन बीक की गेंदों पर आउट हुए. लोगन नीदरलैंड्स की टीम के सबसे सफल गेंदबाज रहे, ज‍िन्होंने 3 विकेट झटके.  टीम इंड‍िया की प्लेइंग 11 में दो बदलाव  इस मुकाबले में भारतीय टीम की प्लेइंग 11 में दो बदलाव हुए थे. कुलदीप यादव की जगह अर्शदीप सिंह टीम में आए थे. वहीं अक्षर पटेल आराम द‍िया गया, और उनकी जगह टीम में वॉश‍िंंगटन सुंदर को  शाम‍िल किया गया था. सुंदर का यह टी20 वर्ल्ड कप में डेब्यू मैच भी था.   नीदरलैंड्स की भारत के ख‍िलाफ प्लेइंग इलेवन: माइकल लेविट, मैक्स ओ'डॉड, बास डी लीडे, कॉलिन एकरमैन, स्कॉट एडवर्ड्स (कप्तान और विकेटकीपर), जैक लायन-कैशेट, लोगन वैन बीक, नोआ क्रोस, आर्यन दत्त, रोएलोफ वैन डेर मर्व, काइल क्लेन भारत की नीदरलैंड्स के ख‍िलाफ प्लेइंग इलेवन: अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती