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‘बद से बदतर’ होती सुरक्षा व्यवस्था: यूपी में पुलिस थाने के पास किशोरी को जिंदा जलाने की सनसनीखेज वारदात

बाराबंकी  एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जहां एक किशोरी पर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया. घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. परिजनों ने रेप कर हत्या करने की आशंका जताते हुए मामले की शिकायत पुलिस से की है. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की बात कही जा रही है. बता दें कि पूरा मामला मोहम्मदपुर खाला थाना का है. थाने से करीब 100 मीटर दूरी पर युवती पर पेट्रोल डालकर आग लगा दिया गया. घटना तब घटी, जब किशोरी गुरुवार को दोपहर के वक्त शौच करने के लिए घर से निकली थी. कुछ देर बाद किशोरी की बड़ी बहन को किसी ने जानकारी दी कि उसकी बहन खेत में जली पड़ी है. जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे. मौके पर पहुंचे परिजनों ने देखा कि किशोरी के शरीर में कपड़े नहीं थे. वहीं लड़की के जलने की जानकारी मिलते ही पुलिस और गांव के लोग मौके पर पहुंचे. परिजनों ने तत्काल पास में पड़ी रजाई को उठाकर लड़की के शरीर को ढका और इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे. मौके से पुलिस को एक पेट्रोल की बॉटल मिली है. होश आने पर किशोरी ने पुलिस को एक युवक का नाम बताया है, जिसने उसे जलाया. इलाज के दौरान किशोरी की मौत हो गई है. पुलिस ने किशोरी की लाश को पीएम के लिए भेजा है. मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है.

आंगन में खेल रहे 6 माह के मासूम को आवारा कुत्ते ने काटा, जिला अस्पताल में भर्ती

बिलासपुर    कोतवाली थाना के बिलासपुर चौकी अंतर्गत हर्रवाह – बिलासपुर निवासी 6 माह के अबोध बच्चे आर्यन कोल को आवारा कुत्ते ने काट लिया।बताया जा रहा है कि आर्यन अपने घर के आंगन में खेल रहा था, तभी अचानक एक आवारा कुत्ता वहां पहुंचा और उसने मासूम पर हमला कर दिया। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और किसी तरह कुत्ते को भगाया।घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। तत्काल 108 एम्बुलेंस को सूचना दी गई, जिसके माध्यम से बच्चे को जिला अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों द्वारा आर्यन का इलाज किया जा रहा है। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।घटना के बाद क्षेत्र में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर लोगों में आक्रोश है।

दिल दहला देने वाला हादसा: जनकपुरी में तेज़ रफ्तार कार से पलटा ई-रिक्शा, मासूम की गई जान

जनकपुरी (पश्चिम दिल्ली) इलाके में एक दर्दनाक सड़क हादसे में कार की टक्कर से ई-रिक्शा पलट गया, जिससे उसमें सवार छह वर्षीय बच्ची की मौत हो गई, जबकि उसकी नानी घायल हो गईं। पुलिस के अनुसार, 17 फरवरी की सुबह माता चानन देवी अस्पताल से पीसीआर को सूचना मिली कि एक नाबालिग लड़की समेत दो लोग सड़क दुर्घटना में घायल हुए हैं। हादसे में बच्ची और उसकी नानी मर्सी जेवियर (57) को पहले माता चानन देवी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें द्वारका स्थित एक उन्नत चिकित्सा केंद्र में रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान बच्ची ने तोड़ा दम अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान मर्सी जेवियर (57) ने पुलिस को बताया कि 17 फरवरी को सुबह करीब 7:40 बजे वह अपनी नातिन के साथ ई-रिक्शा में यात्रा कर रही थीं। जब उनका ई-रिक्शा जनकपुरी दमकल केंद्र के पास पहुंचा, तभी एक कार से टकराकर पलट गया। हादसे के बाद दोनों सड़क पर गिर गए और उन्हें गंभीर चोटें आईं। आसपास के लोगों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन बच्ची को बचाया नहीं जा सका। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों और कार चालक की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। जनकपुरी थाने में मामला दर्ज जनकपुरी (पश्चिम दिल्ली) में हुए दर्दनाक ई-रिक्शा हादसे में घायल मर्सी जेवियर का इलाज जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच के आधार पर जनकपुरी थाना में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान दुर्घटना में शामिल वाहन को जब्त कर लिया गया है। अधिकारी ने बताया कि आरोपी चालक की पहचान संजीव के रूप में हुई है और उसे बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस गवाहों के बयान दर्ज कर रही है तथा घटनाक्रम को स्पष्ट करने के लिए जनकपुरी दमकल केंद्र और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। इस घातक हादसे ने शहर में बड़ी संख्या में चल रहे ई-रिक्शा की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में दो लाख से अधिक ई-रिक्शा पंजीकृत हैं, जिससे सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर चिंता बढ़ गई है। मदद मांगी तो तुरंत कार लेकर भाग गया- मृतक की मां दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाली 6 वर्षीय बच्ची प्रेक्षेल की मां और नानी ने घटना की भयावह आपबीती बताई है। बच्ची की नानी ने बताया कि वे घर से स्कूल जाने के लिए निकली थीं और एक 16 वर्षीय ई-रिक्शा चालक उन्हें छोड़ने जा रहा था। रिक्शा सामान्य गति से चल रहा था, तभी अचानक एक तेज रफ्तार सफेद कार ने टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही ई-रिक्शा पलट गया और बच्ची, नानी तथा चालक तीनों सड़क पर गिर पड़े। उन्होंने बताया कि बच्ची जमीन पर गिरी और गंभीर रूप से घायल हो गई। नानी को भी चोट आई, जिससे वह उठ नहीं पा रही थीं। उन्होंने पास खड़ी सफेद कार से मदद मांगी और बच्चे को अस्पताल ले चलने को कहा, लेकिन चालक वहां से कार लेकर भाग गया। बच्ची की मां सौम्या ने बताया कि वह मैक्स हॉस्पिटल द्वारका में नर्स हैं। नाइट ड्यूटी खत्म कर लौट रहे अस्पताल स्टाफ ने उन्हें हादसे की सूचना दी और बताया कि एक ई-रिक्शा पलटा हुआ है तथा एक महिला मदद मांग रही है। उन्होंने कहा कि कई गाड़ियों को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। सौम्या के अनुसार, उनकी मां को यह नहीं पता था कि जिस कार से उन्होंने मदद मांगी, वही वाहन टक्कर मारने वाला था। मदद मांगने पर चालक मौके से फरार हो गया। यह हादसा 17 फरवरी की सुबह करीब 7:45 बजे हुआ। परिवार का कहना है कि उन्हें पुलिस की FIR की प्रति मिली है, लेकिन उन्होंने अभी उस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। मामले की जांच जारी है। सरकार को हार्श ड्राइविंग पर कंट्रोल करना चाहिए- मृतक की नानी प्रेक्षेल की नानी ने सड़क सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है और अब सड़कों पर निकलने से भी डर लगने लगा है। नानी ने बताया कि उनका बेटा जर्मनी से आया हुआ है। हादसे के बारे में सुनकर उसने कहा कि वहां यातायात नियमों का सख्ती से पालन होता है और वाहन अनुशासन में चलते हैं, जबकि यहां लोग लापरवाही से गाड़ी चलाते हैं। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि “वह जर्मनी है, लेकिन दिल्ली में कोई नियंत्रण नहीं है, यहां कभी भी किसी की मौत हो सकती है।” उन्होंने सरकार से मांग की कि तेज और लापरवाह ड्राइविंग पर सख्त नियंत्रण किया जाए, ताकि निर्दोष लोगों की जान न जाए। उनका कहना था कि “जो व्यक्ति तेज गाड़ी चला रहा है, वह अपने साथ दूसरों की जिंदगी भी खतरे में डालता है।” परिवार ने बताया कि बच्ची का अंतिम संस्कार कर वे लौटे हैं, लेकिन गम और डर अभी भी बना हुआ है। इस हादसे ने एक बार फिर राजधानी में सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ई-रिक्शा की वास्तविक संख्या काफी अधिक दिल्ली में हुए दर्दनाक हादसे के बाद सड़कों पर चल रहे ई-रिक्शा की सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रवर्तन एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, शहर में चलने वाले ई-रिक्शा की वास्तविक संख्या आधिकारिक आंकड़ों से कहीं अधिक हो सकती है, क्योंकि कई वाहन बिना उचित पंजीकरण या सुरक्षा मानकों का पालन किए सड़कों पर दौड़ रहे हैं। एक पुलिस सूत्र ने बताया कि बड़ी संख्या में ई-रिक्शा भीड़भाड़ वाले आवासीय और बाजार क्षेत्रों में चलते हैं, जहां अक्सर यातायात नियमों का पालन नहीं किया जाता। कई मामलों में वाहन क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाया जाता है या सीमित प्रशिक्षण वाले चालक इन्हें चलाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

शादाब खान को अफरीदी की सख्त नसीहत: खेल से जवाब दो, आलोचना खुद थम जाएगी

इस्लामाबाद टी20 वर्ल्ड कप में भारत से हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में छिड़ी बहस थमने का नाम नहीं ले रही है। पूर्व क्रिकेटर जहां मौजूदा टीम और उसके कुछ सीनियर खिलाड़ियों की आलोचना कर रहे हैं, वहीं पाकिस्तानी टीम के मौजूदा खिलाड़ी शादाब खान ने भी उन पर पलटवार किया है। अब पूर्व ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी ने शादाब को नसीहत दी है कि परफॉर्म करो। मजबूत टीमों के खिलाफ परफॉर्म करो, हम खुद खामोश हो जाएंगे। दरअसल भारत से हार के बाद शाहिद अफरीदी ने कहा था कि अगर उनके हाथ में होता तो वह बाबर आजम, शाहीन शाह अफरीदी और शादाब खान को टीम से बाहर कर देते। इस पर शादाब ने बिना किसी का नाम लिए पलटवार किया था कि हमने तो वर्ल्ड कप में भारत को एक बार हराया भी है, उन लोगों ने तो एक बार भी ऐसा नहीं किया है। शादाब खान की ये टिप्पणी अफरीदी को रास नहीं आई है। उन्होंने एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल पर कहा, 'शादाब ने बिल्कुल ठीक कहा। हम नहीं जीते, वो जीते। उन्हें इज्जत मिली पर वो इज्जत संभाल नहीं पाए। 2021 के बाद उन्होंने जब कर दिया, तब उनके आपस के प्रॉब्लम्स संभाल नहीं पाए। एक व्यक्ति के तौर पर और एक टीम के तौर पर भी नहीं संभाल पाए।' अफरीदी ने आगे कहा, ‘शादाब को ये भी पता होना चाहिए कि जब उससे परफॉर्मेंस नहीं हो रही थी, तब टीम से बाहर किया जा रहा था, हम ही टीवी चैनलों पर बैठ कर बोलते थे कि शादाब बैकबोन है, शादाब के ओवर्स बहुत इम्पॉर्टेंट हैं, बैटिंग भी कर लेता है। ईमानदारी से कहूं तो शादाब एक बहुत अच्छा लड़का है। बहुत अच्छे से सबसे मिलता है।’ भारत से हार के बाद पाकिस्तान ने नामीबिया पर बड़ी जीत दर्ज की थी और उस मैच में शादाब खान ने गेंद और बल्ले दोनों से अच्छा प्रदर्शन किया था। उसी प्रदर्शन के बाद उन्होंने आलोचनाओं को लेकर पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटरों पर कटाक्ष किया था। अब शाहिद अफरीदी ने शादाब को याद दिलाया है कि उनका प्रदर्शन नामीबिया जैसी टीम के खिलाफ आया है। उन्होंने कहा,'हम भी जब क्रिकेट खेलते थे, हमारे बारे में भी बहुत बातें की हैं पूर्व क्रिकेटरों ने। लानत है तक बोला गया था। हमने उनको बर्दाश्त किया और परफॉर्मेंस की, छोटी टीम के खिलाफ नहीं, बड़ी टीम के खिलाफ। हम परफॉर्मेंस से जवाब देते थे।' शाहिद अफरीदी ने शादाब को नसीहत देते हुए कहा कि परफॉर्म करो, आलोचक अपने आप चुप हो जाएंगे। उन्होंने कहा, 'शादाब मियां, आपकी परफॉर्मेंस भी नामीबिया के खिलाफ थी, आप न्यूजीलैंड के खिलाफ करें। बेटा परफॉर्म करो। मुश्किल वक्त में हम आपके साथ खड़े रहे। आपने आक्रामक क्रिकेट नहीं खेली, उसके बावजूद आप पाकिस्तान टीम में आ गए। परफॉर्मेंस करके हमें जवाब दो ताकि हम भी खामोश हो जाएं। परफॉर्म करो, वर्ल्ड कप खत्म हो जाए, हम खुद खामोश हो जाएंगे बेटा जी।'  

प्रवर श्रेणी के दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए शासकीय सीधी भर्ती में आरक्षण सुनिश्चित

रायपुर, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के प्रावधानों के तहत राज्य शासन के समस्त विभागों और उनके अधीनस्थ कार्यालयों की प्रत्येक सरकारी स्थापना में सीधी भर्ती से भरे जाने वाले प्रवर श्रेणी के दिव्यांगजनों के लिए पदों का चिन्हांकन कर पद आरक्षित किए जा रहे हैं। आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में समाज कल्याण विभाग के सचिव भुवनेश यादव की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य शासन के सभी विभागों के सचिव शामिल हुए।   बैठक में राज्य शासन के सभी विभागों के अंतर्गत सीधी भर्ती के प्रकम में भरे जाने वाले प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी की लोक सेवाओं एवं पदों में दिव्यांगजनों के लिए दिव्यांजन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार आरक्षण निर्धारित किया जाएगा। बैठक में विभिन्न विभागों के अंतर्गत आने वाले कार्यालयों में अंतिम रूप में पदों के चिन्हांकन हेतु विभागीय सचिवों से विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सभी विभागों के भारसाधक सचिव, विभागाध्यक्ष सहित विभिन्न विभागों द्वारा दिव्यांगजनों के लिए पदों के चिन्हाकन हेतु नियुक्त नोडल अधिकारी शामिल हुए।

डिजिटल भुगतान पर खतरा! UPI फ्रॉड को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र, RBI और NPCI से मांगी रिपोर्ट

नई दिल्ली ऑनलाइन पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल के बीच दिल्ली में UPI फ्रॉड के मामलों में तेजी से इजाफा होने पर दिल्ली हाई कोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। अदालत ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और संबंधित संस्थाओं से जवाब तलब किया है। चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने UPI फ्रॉड रोकने तथा पीड़ितों को तुरंत राहत देने के लिए ठोस गाइडलाइंस बनाने की मांग पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किए। कोर्ट ने कहा कि डिजिटल भुगतान के बढ़ते दायरे के साथ साइबर ठगी की घटनाएं भी चिंताजनक स्तर पर पहुंच रही हैं। अदालत ने वित्त मंत्रालय, भारतीय रिजर्व बैंक और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया से इस मुद्दे पर विस्तृत जवाब देने को कहा है। कोर्ट यह जानना चाहता है कि UPI फ्रॉड रोकने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और पीड़ितों को त्वरित राहत देने के लिए कौन-सी व्यवस्था मौजूद है। दिल्ली हाई कोर्ट ने ऑनलाइन ठगी के मामलों में तेजी पर चिंता जताई याचिकाकर्ता पंकज निगम ने दिल्ली हाई कोर्ट को बताया कि फरवरी 2024 में ऑनलाइन किराये का फ्लैट ढूंढते समय उनसे 1.24 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। उन्होंने कहा कि मकान किराये पर दिलाने के नाम पर आरोपियों ने डिजिटल पेमेंट के जरिए पैसे ट्रांसफर करवा लिए, जिसके बाद उनका कोई संपर्क नहीं हुआ। याचिकाकर्ता के अनुसार, घटना की शिकायत संबंधित एजेंसियों से करने के बावजूद न तो उनकी रकम वापस मिली और न ही आरोपियों के बारे में कोई ठोस जानकारी दी गई। उन्होंने अदालत को बताया कि ऐसे मामलों में आम लोग खुद को पूरी तरह असहाय महसूस करते हैं, क्योंकि न तो त्वरित कार्रवाई होती है और न ही पीड़ितों को समय पर राहत मिलती है। उन्होंने कोर्ट से मांग की कि UPI और ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में सख्त दिशा-निर्देश बनाए जाएं, ताकि भविष्य में लोगों को इस तरह की ठगी से बचाया जा सके और पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सके। क्या कहा याचिका में ? याचिका में कहा गया है कि फर्जी या अधूरी जानकारी वाले बैंक खातों के जरिए होने वाली ठगी रोकने के लिए केवल फुल KYC (पूर्ण सत्यापन) वाले बैंक अकाउंट को ही UPI से जोड़ने की अनुमति दी जानी चाहिए। इसके अलावा एक यूनिफाइड रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म बनाने की भी मांग की गई है, जो साइबर क्राइम हेल्पलाइन को UPI ऐप, बैंकों, पेमेंट कंपनियों और टेलीकॉम सेवाओं से जोड़ सके। इससे ठगी के शिकार लोगों को अलग-अलग जगह भटकने के बजाय एक ही मंच पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने की सुविधा मिल सकेगी। याचिका में कहा गया है कि ऐसा सिस्टम होने पर फ्रॉड की जानकारी तुरंत संबंधित एजेंसियों तक पहुंचेगी और संदिग्ध लेनदेन को समय रहते रोका जा सकेगा। अदालत ने इस मामले में वित्त मंत्रालय, भारतीय रिजर्व बैंक और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया से जवाब मांगा है, ताकि डिजिटल भुगतान प्रणाली को और सुरक्षित बनाया जा सके। याचिका दाखिल कर SOP बनाने की मांग UPI फ्रॉड के बढ़ते मामलों को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में दायर याचिका में और भी कड़े कदम उठाने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि 10 लाख रुपये तक के UPI फ्रॉड मामलों को ई-जीरो FIR सिस्टम में शामिल किया जाए, ताकि पीड़ित को तुरंत कानूनी कार्रवाई का लाभ मिल सके। याचिकाकर्ता का कहना है कि गंभीर मामलों में अपने-आप FIR दर्ज होने की व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे पुलिस कार्रवाई में देरी न हो और आरोपियों तक जल्दी पहुंचा जा सके। इससे साइबर ठगी के मामलों में शुरुआती “गोल्डन टाइम” का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा, जब रकम को ट्रैक या फ्रीज करना संभव होता है। इसके अलावा, अलग-अलग राज्यों में अलग नियमों के कारण जांच में होने वाली देरी को खत्म करने के लिए पूरे देश में एक समान स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू करने की भी मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि एक समान व्यवस्था होने से एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर होगा और पीड़ितों को समय पर राहत मिल सकेगी। मामले में अदालत पहले ही वित्त मंत्रालय, भारतीय रिजर्व बैंक और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया से विस्तृत जवाब मांग चुकी है, ताकि डिजिटल भुगतान से जुड़े फ्रॉड पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस दिशा-निर्देश तय किए जा सकें।

अमित शाह पर टिप्पणी विवाद: सुल्तानपुर कोर्ट पहुंचे राहुल गांधी, बयान के बाद लौटे, अगली सुनवाई 9 मार्च को

 सुल्तानपुर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को सुल्तानपुर में एमपी-एमएलए कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए खुद को बेगुनाह बताया। कोर्ट ने मामले में सफाई साक्ष्य पेश करने के लिए अगली तारीख 9 मार्च निर्धारित की है। करीब आधे घंटे तक कोर्ट कक्ष का दरवाजा बंद करके मानहानि मामले में धारा 313 के तहत बयान दर्ज करने की प्रक्रिया चली। इस दौरान अदालत परिसर में समर्थकों की भारी भीड़ जुटी रही। कोर्ट कक्ष से लेकर बाहर तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू रही। भीड़ को नियंत्रित करने में सुरक्षाकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती गई। अब मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी। जब बचाव पक्ष की ओर से सफाई साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे। इससे पहले वह लखनऊ एयरपोर्ट से सड़क मार्ग से सुल्तानपुर पहुंचे। वहां एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए। उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट ने आज आखिरी मौका दिया था। इस दौरान दीवानी न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। इससे पहले डॉग स्क्वायड ने परिसर की तलाशी ली। सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसके लिए एक एएसपी व चार सीओ समेत भारी पुलिस बल को तैनात हैं। यह है पूरा मामला दरअसल, कर्नाटक में एक प्रेसवार्ता के दौरान राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय मंत्री अमित शाह पर अपमानजनक टिप्पणी का आरोप है। इसे लेकर जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष व भाजपा नेता विजय मिश्र ने राहुल गांधी के विरुद्ध दीवानी में मानहानि का परिवाद दायर किया था। इसकी सुनवाई चल रही है। इस मामले में राहुल गांधी 26 जुलाई 2024 को पेश हुए थे। उसके बाद से वह सुनवाई की तिथि के दिन अनुपस्थित होते रहे। 19 जनवरी को जब वह हाजिर नहीं हुए तो अदालत ने उन्हें 20 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया था। 

CM सैनी का विपक्ष को जवाब- ’24 फसलों पर MSP नेशनल रिकॉर्ड’

पंचकूला. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) पर खरीद को लेकर विपक्ष को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि राज्य में 24 फसलों की खरीद एक 'नेशनल रिकॉर्ड' है और यह एक सच्चाई है, नारा नहीं। दरअसल, कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने भारतीय जनता पार्टी सरकार के इस दावे पर सवाल उठाया है कि 24 फसलों के लिए MSP दिया जा रहा है और आरोप लगाया है कि हरियाणा में इतनी फसलें नहीं उगाई जाती हैं। इस पर सैनी ने नेता प्रतिपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर इस मुद्दे पर डेटा-बेस्ड चर्चा की जाए तो सच्चाई साफ हो जाएगी। सैनी ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि किसान प्रदर्शनों में फंसे रहें, जबकि सरकार उनकी खुशहाली और राज्य की तरक्की पक्का करने के लिए काम कर रही है। विपक्ष पर जमकर बरसे सैनी हरियाणा विधानसभा में बजट सेशन से एक दिन पहले मुख्यमंत्री ने कहा ने MSP पर 24 फसलों की खरीद एक नेशनल रिकॉर्ड है… यह कोई नारा नहीं बल्कि एक सच्चाई है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए सैनी ने कहा कि जब कोई पॉलिटिकल पार्टी जनता के बीच अपनी पहचान खोने लगती है, तो वह असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए आरोपों का सहारा लेती है। मुख्यमंत्री ने पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार पर BJP के खिलाफ हाल ही में लगाए गए "ऑपरेशन लोटस" के आरोपों को लेकर भी निशाना साधा, और उन्हें बेबुनियाद और "पॉलिटिकल फ्रस्ट्रेशन" की निशानी बताया। प्रस्तावित भारत-US ट्रेड डील पर सैनी ने कहा कि इससे हरियाणा जैसे खेती वाले राज्यों के किसानों को बासमती चावल, डेयरी प्रोडक्ट्स, फलों, सब्जियों और प्रोसेस्ड फूड के लिए अमेरिकी मार्केट तक पहुंच खुलने से फायदा होगा। इसी तरह, यूरोपियन यूनियन के साथ व्यापार से टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल और हेवी इंजीनियरिंग जैसे सेक्टर में एक्सपोर्ट के मौके बनेंगे, जिससे राज्य की इकॉनमी मजबूत होगी।

बिजली निगम को एक्साइज ड्यूटी राशि को लेकर 25 साल बाद हाई कोर्ट से बड़ी राहत

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने लगभग 25 वर्ष पुराने विवाद  पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए हरियाणा की बिजली प्रसारण कंपनी को बड़ी राहत प्रदान की है। अदालत ने केंद्र 58 सरकार को निर्देश दिया है कि विलंब ही से लौटाई गई उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) की राशि पर निर्धारित दर से ब्याज का भुगतान किया जाए। यह मामला हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (एचवीपीएनएल) से जुड़ा है, जिसने 1980 के दशक के अंतिम वर्षों में स्टील स्ट्रक्चर टावरों के निर्माण (फैब्रिकेशन) पर जारी कारण बताओ नोटिस के बाद पूर्व विरोध दर्ज कराते हुए लगभग 30 लाख रुपये की एक्साइज ड्यूटी जमा यह कराई थी। कंपनी का कहना था कि यह राशि दबाव में और आपत्ति के साथ जमा कराई गई थी। हाई कोर्ट ने निगम की याचिका स्वीकार करते हुए स्पष्ट किया कि कंपनी को केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम 1944 की धारा 11 बीबी के तहत ब्याज पाने का अधिकार है। अदालत ने कहा कि जब अपीलीय प्राधिकारी ने 1987 और 1990 में कंपनी के पक्ष में निर्णय दे दिया था, तब विभाग को समय पर रिफंड जारी करना चाहिए था। रिकार्ड के अनुसार, बिजली निगम ने मामले को आगे अपीलीय न्यायाधिकरण तक ले जाकर संदर्भआवेदन दायर किए, जो अंततः खारिज हो गए। इसके बावजूद 1989 और 1990 के दौरान कंपनी द्वारा कई पत्र लिखे जाने के बाद भी रिफंड राशि 29 दिसंबर 2000 को स्वीकृत की गई। ब्याज का प्रश्न अनिर्णीत ही रहा, जिसके कारण मुकदमा वर्षों तक चलता रहा। अदालत ने अपने फैसले में यह भी उल्लेख किया कि चूंकि राशि विरोध स्वरूप जमा की गई थी और अपीलीय आदेश कंपनी के पक्ष में थे, इसलिए विभाग की ओर से की गई देरी का खामियाजा याचिकाकर्ता पर नहीं डाला जा सकता।

करोड़ों की हेरोइन सहित नशा तस्कर गिरफ्तार

फिरोजपुर. सीआईए स्टाफ फिरोजपुर की पुलिस ने पंजाब सरकार की नशा विरोधी मुहिम तहत कार्रवाई करते हुए एसएसपी फिरोजपुर भूपिन्द्र सिंह के दिशा निर्देशानुसार नशा तस्करों के खिलाफ चलाई मुहिम तहत गश्त व चैकिंग के दौरान मिली सूचना के अधार पर करोड़ों रुपए की डिलीवरी देने के लिए आए नशा तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से भारी मात्रा में हेरोइन बरामद करने में सफलता हासिल की है। उक्त मामलें में पुलिस ने गिरफ्तार किए नशा तस्कर के खिलाफ थाना आरफके में एनडीपीएस एक्ट तहत मामला दर्ज किया है। जानकारी देते हुए एसएसपी फिरोजपुर भूपिन्द्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने नशा बेचने वाले लोगों को गिरफ्तार करने के लिए उच्चाधिकारियों व पंजाब सरकार के निर्देशानुसार मुहिम चलाई हुई है। उन्होंने बताया कि उक्त मुहिम तहत थाना सीआईए स्टाफ फिरोजपुर के इंस्पैक्टर मोहित धवन को बीते दिन गश्त व चैकिंग के दौरान फिरोजपुर से मल्लांवाला रोड परगांव अटारी के नजदीक सूचना मिली थी कि सोनू सिंह पुत्र महिन्द्र सिंह वासी गांव किलचे हालवासी गांव भंबा सिंह वाला उर्फ मतड़ हेरोइन बेचने का आदि है और आज भी वह हेरोइन लेकर आगे डिलीवरी देने के लिए कच्चा बांध गांव अक्कू वाला में खड़ा किसी का इंतजार कर रहा है। जिस पर पुलिस ने छापेमारी करके सोनू को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 6 किलो 38 ग्राम हेरोइन बरामद की है। एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने गिरफ्तार नशा तस्कर सोनू से पूछताछ कर रही है कि वह हेरोइन की डिलीवरी किसे देने के लिए आया था और अभी इस मामलें में ओर भी अहम सुराग हाथ लगने की संभावना है, जिसका खुलासा आने वाले समय में किया जाएगा।