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संतों की सुरक्षा हटाने पर सुखबीर ने सरकार को दी सख्त चेतावनी

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने नानकसर के संत बाबा घाला सिंह जी की सिक्योरिटी वापस लेने के फैसले पर आम आदमी पार्टी सरकार को घेरा है। सुखबीर बादल ने इस एक्शन की कड़ी निंदा की है और इसे राजनिति से प्रेरित बताया है। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए सुखबीर बादल ने कहा कि वह हाल ही में नानकसर गए थे, जहां संत बाबा घाला सिंह जी ने शिरोमणि अकाली दल को अपना सपोर्ट दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे गुस्साई आम आदमी पार्टी सरकार ने तुरंत संतों की सिक्योरिटी वापस ले ली। बादल ने इस एक्शन को चौंकाने वाला बताया। It is really shocking that, immediately after my visit to Nanaksar and the support extended to the Shiromani Akali Dal by Sant Baba Ghala Singh Ji, his security was withdrawn by the @AamAadmiParty government. I strongly condemn this action. This move is akin to the security… — Sukhbir Singh Badal (@officeofssbadal) February 22, 2026 मूसेवाला मर्डर केस की याद दिलाई सुखबीर बादल ने इस केस की तुलना सिद्धू मूसेवाला की सिक्योरिटी वापस लेने से की और कहा कि तब भी ऐसी ही लापरवाही बरती गई थी, जिसके नतीजे बहुत दुखद थे। उन्होंने कहा कि सरकार पिछली गलतियों से सबक नहीं ले रही है। मुख्यमंत्री और DGP ज़िम्मेदार होंगे अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने साफ चेतावनी देते हुए कहा कि अगर नानकसर में कोई भी अनहोनी होती है या संत बाबा घाला सिंह जी की जान-माल को कोई नुकसान होता है, तो इसके लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब DGP जिम्मेदार होंगे।

महिला क्रिकेट में हड़कंप: यौन उत्पीड़न केस में BCB का बड़ा एक्शन, पूर्व चयनकर्ता प्रतिबंधित

ढाका बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने आखिरकार महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान जहांआरा आलम के गंभीर आरोपों पर कार्रवाई की है। बोर्ड ने महिला टीम के पूर्व चयनकर्ता मोंजुरुल इस्लाम को बैन कर दिया है। आलम ने उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। जांच के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने मोंजुरुल इस्लाम को बीसीबी के तहत क्रिकेट से जुड़ी किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका से प्रतिबंधित कर दिया है। इस्लाम 2020 में बांग्लादेश की महिला टीम के मुख्य चयनकर्ता नियुक्त हुए थे। उन पर पूर्व कप्तान जहांआरा आलम ने यौन उत्पीड़न और गंभीर कदाचार का आरोप लगाया था। इसके बाद भी वह जून 2025 तक पद पर रहे और अपना कार्यकाल पूरा किया। जहांआरा आलम ने पिछले साल इंटरव्यू में लगाए थे गंभीर आरोप आलम ने पिछले साल एक इंटरव्यू के दौरान आरोप लगाया था कि इस्लाम ने राष्ट्रीय टीम का मैनेजर और मुख्य चयनकर्ता रहते हुए कई बार उन्हें गलत तरीके से छुआ और असहज करने वाली हाव-भंगिमाएं दिखाए। इतना ही नहीं, उन्होंने उनसे एक बार उनके मासिक धर्म के चक्र तक के बारे में पूछा था। आलम के आरोपों पर तब बीसीबी के बड़े अधिकारियों ने नहीं की थी कार्रवाई आलम ने यह भी आरोप लगाया था कि जब उन्होंने इस्लाम की करतूतों की शिकायत बीसीबी के बड़े अधिकारी नाडेल चौधरी और चीफ एग्जीक्यूटिव निजामुद्दीन चौधरी से की तो उसे बिल्कुल ही अनसुना कर दिया गया। जहांआरा ने बाद में मेंटल हेल्थ का हवाला देते हुए क्रिकेट से दूरी बना ली। वह दिसंबर 2024 के बाद से बांग्लादेश के लिए क्रिकेट नहीं खेली हैं। जहांआरा आलम के आरोपों के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने मामले की जांच के लिए एक स्वतंत्र जांच समिति का गठन किया था। समिति ने इसी महीने बीसीबी को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी थी जिसके बाद बोर्ड ने मोंजुरुल पर प्रतिबंध का फैसला किया। बीसीबी ने बाद में जांच के लिए बनाई थी समिति रविवार को ढाका में बीसीबी की बोर्ड मीटिंग हुई जिसके बाद बयान जारी कर बताया गया कि इस्लाम को भविष्य में बांग्लादेश क्रिकेट में किसी भी तरह की भूमिका के लिए ब्लैकलिस्ट किया जाता है। बीसीबी की तरफ से जारी बयान में कहा गया, 'बांग्लादेश की राष्ट्रीय महिला टीम की पूर्व कप्तान जहांआरा आलम की शिकायत की जांच के लिए बीसीबी की तरफ से गठित स्वतंत्र जांच समिति के नतीजों के आधार पर बोर्ड ने पूर्व राष्ट्रीय क्रिकेटर मोंजुरुल इस्लाम को बीसीबी के तहत किसी भी तरह की क्रिकेट से जुड़ी गतिविधियों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हर तरह की भूमिका से प्रतिबंधित किया जाता है।' आगे और कार्रवाई कर सकता है बीसीबी बयान से यह भी संकेत मिलता है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पूर्व तेज गेंदबाज मोंजुरुल इस्लाम के खिलाफ और भी कार्रवाई कर सकता है। बयान में आगे कहा गया, 'बीसीबी समिति की सिफारिशों की समीक्षा कर रहा है और अगर रिपोर्ट के आधार पर आगे और भी कार्रवाई जरूरी हुई तो वो की जाएगी।'

सुल्तानगंज का नाम होगा अजगैवीनाथ धाम: उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

अजगैवीनाथ धाम/भागलपुर. नगर सभापति राजकुमार गुड्डू ने बताया कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शहरवासियों को आश्वस्त किया है कि निर्माणधीन अगुवानी अजगैबीनाथ धाम गंगा पुल से एक शहरी एप्रोच पथ का निर्माण अति शीघ्र शुरू किया जाएगा। सभापति ने कहा कि यह परियोजना नगर क्षेत्र के विकास और श्रद्धालुओं के आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। नगर सभापति ने यह भी बताया कि सुल्तानगंज का नाम बदलकर अजगैवीनाथ धाम करने की पहल बिहार सरकार और केंद्र सरकार दोनों स्तर पर तेज कर दी गई है। शहरवासियों और श्रद्धालुओं की मांगों को देखते हुए, अतिशीघ्र नामांतरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नगर विकास और श्रावणी मेला पर ध्यान राजकुमार गुड्डू ने कहा कि नगर क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर उपमुख्यमंत्री से विस्तृत चर्चा हुई। इस वर्ष श्रावणी मेला को विशेष महत्व दिया जाएगा और इसे पहले से अधिक व्यवस्थित तरीके से आयोजित किया जाएगा। पर्यटन क्षेत्र में सर्वांगीण विकास और शहर के नामांतरण की प्रक्रिया से स्थानीय अर्थव्यवस्था और धार्मिक महत्व दोनों को बढ़ावा मिलेगा। ज्ञापन सौंपा और भावनाएं व्यक्त कीं रविवार को नगर सभापति ने उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर उन्हें अंगवस्त्र और बुके देकर शहरवासियों की भावनाओं से अवगत कराया। इस अवसर पर नगर परिषद की ओर से ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें नगर क्षेत्र के संपूर्ण विकास, अगुवानी पुल से अजगैवीनाथ मंदिर तक एप्रोच पथ के निर्माण और सुल्तानगंज शहर का नामांतरण शामिल था। धार्मिक महत्व और श्रद्धालुओं की संख्या अजगैवीनाथ धाम गंगा तट पर स्थित प्राचीन और ऐतिहासिक तीर्थ स्थल है। वर्ष भर यहाँ श्रद्धालुओं का आवागमन रहता है, विशेष रूप से विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के दौरान। प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा का जल लेकर बाबा वैद्यनाथ की नगरी देवघर (झारखंड) में जलार्पण करते हैं। नगर सभापति ने बताया कि नगर परिषद ने 19 जून 2024 को सामान्य समिति की बैठक में सुल्तानगंज शहर और स्टेशन के नामांतरण का प्रस्ताव बहुमत से पारित किया था और इसे संबंधित सरकार एवं विभाग को भेजा गया। अब प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद शहर और स्टेशन का नाम अजगैवीनाथ धाम किया जाएगा।

हरियाणा में समय से पहले सर्दी खत्म होने से चढ़ेगा पारा

हिसार. प्रदेश में इस बार सर्दी तय समय से करीब एक माह पहले ही विदा ले ली है। बीते वर्षों में जहां 15 मार्च तक हल्की-मीठी ठंड बनी रहती थी, वहीं इस बार फरवरी के अंतिम सप्ताह में ही तापमान 25 से 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। अगले एक सप्ताह में पारा 30 डिग्री के पार जा सकता है। पश्चिमी हवाओं के कारण हवा में नमी लगातार घट रही है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में धुंध और कोहरे की संभावना बेहद कम है। शुष्क हवाएं नमी को सोख लेती है, जिससे मौसम साफ और गर्म बना रहता है। मौसम विज्ञानी डा. चंद्रमोहन ने बताया कि एक मार्च और सात मार्च को प्रदेश में कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे, लेकिन इनका विशेष प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा। इन प्रणालियों से तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ कैस्पियन सागर क्षेत्र से उत्पन्न होकर अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी ग्रहण करते हैं। चक्रवाती परिसंचरण बनने पर वर्षा की संभावना बनती है, लेकिन फिलहाल प्रदेश में किसी सक्रिय मौसम प्रणाली के संकेत नहीं हैं। ऐसे में मार्च महीने में अधिकांश जिलों का तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने की संभावना है। प्रदेश में रविवार को मौसम साफ और शुष्क रहा। दिन में तेज धूप के कारण तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि सुबह हल्की ठंड महसूस हुई। हवा में नमी कम रहने से मौसम शुष्क बना रहा। अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 27 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान 12 से 15 डिग्री के आसपास रहा। हिसार में न्यूनतम तापमान 11.0 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे अधिक मेवात में अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान (डिग्री सेल्सियस में)     जिला – न्यूनतम – अधिकतम     अंबाला – 13.6 – 26.4     हिसार – 11.0 – 29.4     महेंद्रगढ़ – 12.0 – 28.0     रोहतक – 12.0 – 27.1     भिवानी – 12.0 – 27.0     गुरुग्राम – 12.0 – 28.3     जींद – 10.4 – 27.7     मेवात – 14.3 – 29.8     सोनीपत – 13.6 – 29.7

शिक्षा मंत्री के बयान से गरमाया सदन, विज्ञान संकाय को लेकर पक्ष-विपक्ष आमने-सामने

जयपुर राजस्थान विधानसभा के प्रश्नकाल में सरकारी स्कूलों में विज्ञान संकाय खोलने और शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़े सवाल पर जोरदार हंगामा हुआ। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से जब संबंधित आंकड़े मांगे गए तो उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाने शुरू कर दिए, जिस पर विपक्ष ने आपत्ति जताई। मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार रिक्त पदों को भर रही है और आगामी सेवानिवृत्तियों को ध्यान में रखते हुए पूर्व योजना बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने स्कूल तो खोले, लेकिन शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की। स्पीकर का हस्तक्षेप और सवालों की पुनरावृत्ति स्थिति तीखी होने पर स्पीकर वासुदेव देवनानी ने हस्तक्षेप करते हुए मंत्री से मूल प्रश्न का उत्तर देने को कहा। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सवाल दोहराते हुए पूछा कि पिछले दो वर्षों में कितने विज्ञान संकाय खोले गए और कितने पदों पर नियुक्तियां की गईं। इस दौरान मंत्री और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। मंत्री ने पूर्व सरकार पर तबादलों में अनियमितताओं के आरोप भी लगाए, जिस पर टीकाराम जूली ने कहा कि मंत्री सदन को गुमराह कर रहे हैं और तथ्यों के आधार पर जवाब दें। बाद में मंत्री ने बताया कि एक बार 3880 और दूसरी बार 970 पद स्वीकृत किए गए।   दिव्यांग स्कूटी वितरण पर भी टकराव प्रश्नकाल के दौरान दिव्यांगों को स्कूटी वितरण से जुड़े सवाल पर भी बहस तेज हो गई। भाजपा विधायक के पूरक प्रश्न के उत्तर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने पिछली सरकार के समय हुई देरी का उल्लेख किया और समाधान का आश्वासन दिया। जब नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली पूरक सवाल पूछने के लिए खड़े हुए तो सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने टोका, जिस पर जूली ने आपत्ति जताई और स्पीकर से व्यवस्था स्पष्ट करने की मांग की।   टिप्पणी पर बढ़ा विवाद इसके बाद अविनाश गहलोत की एक टिप्पणी को लेकर विवाद और बढ़ गया। मंत्री ने तंज करते हुए कहा कि सदन में पूर्व मुख्यमंत्री की मौजूदगी के कारण विपक्ष में प्रतिस्पर्धा दिखाई दे रही है। इस पर टीकाराम जूली ने कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि राजनीतिक टिप्पणियों के बजाय सवाल का सीधा जवाब दिया जाए। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक के बीच प्रश्नकाल की कार्यवाही जारी रही।

पंजाब में 28 डिग्री अधिकतम तापमान पहुँचने से बढ़ेगी गर्मी

जालंधर. फरवरी के तीन सप्ताह बीतने के बाद मौसम में गर्माहट आने शुरू हो चुकी है। गर्मियों की शुरुआत के संकेत मिलने शुर हो चुके हैं। रात के समय हल्का सा मौसम ठंडा रहता है जबकि दोपहर को गर्मी महसूस होने लग पड़ती है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक आने वाले समय में तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। रविवार को दोपहर को तेज धूप निकलने के साथ गर्मी का अहसास होने लग पड़ा। आने वाले दिनों में 28 डिग्री अधिकतम तापमान पहुंच जाएगा। रविवार को 10 डिग्री न्यूनतम व 25 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है। वर्षा की कोई संभावना नहीं है। आने वाले दिनों में इतना अधिकतम व न्यूनतम तापमान रहेगा। तारीख न्यूनतम अधिकतम 22 फरवरी 10 डिग्री 25 डिग्री 23 फरवरी 10 डिग्री 25 डिग्री 24 फरवरी 10 डिग्री 26 डिग्री 25 फरवरी 10 डिग्री 26 डिग्री 26 फरवरी 10 डिग्री 27 डिग्री 27 फरवरी 12 डिग्री 27 डिग्री 28 फरवरी 13 डिग्री 28 डिग्री

जीत का सिलसिला टूटा तो बदलेगी प्लेइंग XI! अभिषेक, तिलक या रिंकू पर गिरेगी गाज

नई दिल्ली भारतीय टीम प्रबंधन खराब फॉर्म में चल रहे तीन में से कम से कम एक बल्लेबाज को बाहर कर सकता है। इसके अलावा शीर्षक्रम में कई खब्बू बल्लेबाजों यानी लेफ्ट हैंडर्स को उतारने की अपनी रणनीति की भी समीक्षा करेगा। मुख्य कोच गौतम गंभीर के सहयोगी रियान टेन डोइशे और सितांशु कोटक ने यह संकेत दिये। दक्षिण अफ्रीका ने टी20 विश्व कप सुपर 8 मुकाबले में भारत को 76 रन से हराया। अब भारत को अगले दोनों मैच जीतने होंगे लिहाजा टीम प्रबंधन को अभिषेक शर्मा (चार मैचों में 15 रन) और तिलक वर्मा ( पांच मैचों में 107 रन ) के प्रदर्शन पर विचार करना होगा। रिंकू सिंह भी फिनिशर की भूमिका नहीं निभा सके हैं और 29 गेंदों में 82 .75 की स्ट्राइक रेट से 24 रन बनाये हैं। बल्लेबाजी कोच कोटक ने कहा, ‘अगर मुख्य कोच और टीम प्रबंधन को लगता है कि हमें कुछ अलग करना होगा तो हम करेंगे। अब इस पर विचार हो रहा है कि अगर हमें बदलाव करना है तो वह क्या होगा और कैसे होगा।’ उन्होंने कहा, ‘अब हम ऐसे मुकाम पर पहुंच गए हैं कि हमें यह सोचना होगा कि कुछ अलग करना है या उसी संयोजन से काम करना है।’ वहीं टेन डोइशे ने स्वीकार किया कि टीम में बैकअप में विशेषज्ञ बल्लेबाजों का अभाव चिंता का विषय है। उन्होंने कहा, ‘या तो आप उन्हीं खिलाड़ियों को चुनते हैं जो आपको लगता है कि पिछले डेढ़ साल में अच्छा खेल रहे हैं , भले ही अभी रन नहीं बना पा रहे हैं। या फिर बदलाव करके संजू सैमसन को लाते हैं जो शानदार खिलाड़ी है और शीर्षक्रम में दाहिने हाथ का बल्लेबाज होने से भी मदद मिलेगी।’ उन्होंने कहा, ‘अगले दो अहम मैचों से पहले सैमसन को शामिल करने के बारे में अगले कुछ दिन में बात की जायेगी।’ केकेआर के पूर्व हरफनमौला ने कहा कि अभिषेक और तिलक का फॉर्म टीम के लिये चिंता का विषय है। उन्होंने कहा, ‘मैं अभि या तिलक के लिये बहाना नहीं बनाऊंगा। उन्हें बहानों की जरूरत नहीं है। मुझे लगता है कि पेट के संक्रमण से अभिषेक की तैयारियों पर काफी असर पड़ा है और वह वैसे नहीं खेल पा रहा, जैसे खेलना चाहिये था।’ यह पूछने पर कि उसे क्या सलाह देंगे, कोटक ने कहा, ‘बल्लेबाजी कोच होने के नाते मेरा मानना है कि उसे जरूरत से ज्यादा सलाह देने की बजाय उसके दिमाग को व्यवस्थित रहने दें। दो दिन में आप कुछ बदल नहीं सकते बल्कि जरूरत से ज्यादा सलाह देने से उसका आत्मविश्वास हिल सकता है। उसे अभी गेंद को देखकर अपनी पारी को बेहतर बनाना होगा।’  

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा- बंदी पुनर्वास प्रयासों को समग्रता और बहुआयामी स्वरूप दे

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि बंदी पुनर्वास प्रयासों को समग्रता और बहुआयामी स्वरूप में किया जाना चाहिए। कार्य का दृष्टिकोण मानवतावादी हो। भाव संवेदनशील और विचारशील होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पुनर्वास प्रयासों में सकारात्मक सोच के निर्माण पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ कार्यक्रम बंदियों की सोच को रचनात्मक दिशा देने। भविष्य के प्रति विश्वास और आत्मबल को मजबूत करने में बहुत सहयोगी होगा। राज्यपाल पटेल सोमवार को लोकभवन में गृह एवं जेल विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव गृह शिव शेखर शुक्ला, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, विशेष महानिदेशक जेल अखितो सेमा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। राज्यपाल पटेल ने अधिकारियों से कहा कि बंदी उत्पादक गतिविधियों के द्वारा बंदियों के परिवारों के जीवन निर्वाह में आर्थिक सहयोग के उद्देश्य से नियोजन गतिविधियों का संयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि जेलों में बंद मामूली अपराधों के विचाराधीन कैदियों को केवल दंड देना ही नहीं, बल्कि उन्हें सकारात्मक सुधार के जरिए समाज की मुख्य धारा में वापस भेजना पुनर्वास प्रयासों का मूलाधार होना चाहिए। भाव उनको अपराधी की पहचान से मुक्त होकर बेहतर नागरिक के रूप में स्थापित होने में मदद का होना चाहिए। समाज के नव-निर्माण में वे अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुनकर जेल की दीवारों के पीछे एकाकी जीवन जी रहे बंदियों को देश की प्रगति और प्रेरक कहानियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। उनके जीवन में आशावाद और नव-निर्माण का संचार होगा। बंदियों के भीतर छिपी नकारात्मकता में कमी आएगी। सकारात्मक दृष्टिकोण और आत्म-सुधार की भावना जागृत होगी। उन्होंने जेलों में लंबित दया याचिकाओं, महिला बंदियों के बच्चों के उचित लालन-पालन की व्यवस्थाओं, महिला बंदियों के पुनर्वास, दिव्यांग एवं बुजुर्ग बंदियों के लिए आवश्यक कृत्रिम उपकरणों की उपलब्धता और श्रम शक्ति के उत्पादक गतिविधियों में नियोजन के संबंध चर्चा की। अपर मुख्य सचिव गृह शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि वर्ष 2025-26 में प्राप्त 18 दया याचिकाओं का प्रक्रिया के विभिन्न स्तरों पर परीक्षण किया जा रहा है। जेल विभाग द्वारा विगत पांच वर्षों में प्राप्त सभी दया याचिकाओं का परीक्षण कराया जा रहा है। विभाग द्वारा उनके त्वरित निराकरण के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर भी बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 180 देशों के 11 लाख लोगों के द्वारा देखे जाने वाले गीता पाठ के ऑनलाइन कार्यक्रम का प्रदेश की जेलों में प्रसारण की अभिनव पहल जेल विभाग द्वारा की गई है। साप्ताहिक प्रसारण में गीता के श्लोक का शुद्ध उच्चारण और श्लोक का भावार्थ कर समझाया जाता है।

शाही अंदाज़ में बंधेंगे रश्मिका और विजय, उदयपुर बना सेलिब्रिटी शादी का गवाह

उदयपुर फिल्म एक्टर विजय देवराकोंडा और एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना 26 फरवरी को उदयपुर में शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। शादी से तीन दिन पहले सोमवार को दोनों उदयपुर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से वे सीधे होटल के लिए रवाना हो गए। आयोजन को निजी रखा गया है और इसमें सीमित मेहमानों को ही आमंत्रित किया गया है। आईटीसी मोमेंटोज में तीन दिन का कार्यक्रम शादी का आयोजन उदयपुर-नाथद्वारा हाईवे स्थित कैलाशपुरी के आईटीसी मोमेंटोज उदयपुर में किया जाएगा। होटल में 24, 25 और 26 फरवरी के लिए बुकिंग की गई है। जानकारी के अनुसार, कुल 230 मेहमान समारोह में शामिल होंगे और उनके लिए होटल के सभी 117 कमरे आरक्षित किए गए हैं। सभी मेहमान 24 फरवरी को होटल में चेक-इन करेंगे। ‘नो फोन पॉलिसी’ और विशेष सुरक्षा इंतजाम समारोह को पूरी तरह प्राइवेट सेरेमनी के रूप में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें केवल परिवार और करीबी मित्र शामिल होंगे। आयोजन के दौरान ‘नो फोन पॉलिसी’ लागू रहेगी, ताकि अंदर की तस्वीरें सार्वजनिक न हों। इसके लिए एक विशेष सिक्योरिटी एजेंसी को भी नियुक्त किया गया है।   वेडिंग कार्ड और तैयारियों की चर्चा हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वेडिंग कार्ड वायरल हुआ, जिसमें उल्लेख था कि परिवार के आशीर्वाद से रश्मिका और विजय 26.02.26 को छोटे और निजी समारोह में विवाह करेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑनलाइन बधाई मिलने पर रश्मिका ने धन्यवाद भी दिया, जिससे शादी की खबरों को बल मिला। बताया जा रहा है कि समारोह के लिए दिल्ली का एक पॉपुलर बैंड आमंत्रित किया गया है, जो कई सेलिब्रिटी शादियों में प्रस्तुति दे चुका है। वहीं वेडिंग प्लानर हैदराबाद से बुलाया गया है, जो एक मशहूर टेनिस खिलाड़ी की शादी की योजना भी बना चुके हैं। हैदराबाद में प्रस्तावित ग्रैंड रिसेप्शन उदयपुर में विवाह समारोह के बाद 3-4 मार्च को हैदराबाद में ग्रैंड रिसेप्शन आयोजित किए जाने की जानकारी है। इसमें फिल्म इंडस्ट्री की कई प्रमुख हस्तियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। रिसेप्शन बंजारा हिल्स के किसी प्रीमियम स्थल पर आयोजित होने की चर्चा है।   अक्तूबर में हुई थी सगाई रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों ने 3 अक्तूबर को हैदराबाद में निजी समारोह में सगाई की थी। हालांकि आधिकारिक घोषणा नहीं की गई, लेकिन रश्मिका को कई मौकों पर एंगेजमेंट रिंग के साथ देखा गया। इससे पहले दोनों को हैदराबाद एयरपोर्ट से रवाना होते हुए भी देखा गया था। विजय देवराकोंडा के हैदराबाद स्थित घर को लाइट्स से सजाए जाने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था। उदयपुर की वादियों में होने वाले इस आयोजन को लेकर प्रशंसकों में उत्साह देखा जा रहा है।

करोड़ों किसानों को राहत: इस तारीख को खाते में आ सकती है 22वीं किस्त

 नई दिल्ली देश के करोड़ों अन्नदाताओं के लिए खुशखबरी है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) की 21वीं किस्त सफलतापूर्वक जारी होने के बाद, अब सभी की नजरें 22वीं किस्त पर टिकी हैं। हालांकि सरकार ने अभी तक आधिकारिक तारीख का ऐलान नहीं किया है, लेकिन वित्तीय कैलेंडर और पिछले साल के रुझानों को देखें तो फरवरी का आखिरी सप्ताह किसानों के बैंक खातों में खुशियां लेकर आ सकता है। पीएम किसान योजना के तहत किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। 21वीं किस्त 19 नवंबर को जारी की गई थी। पिछले साल 19वीं किस्त 24 फरवरी को जारी हुई थी। इसी आधार पर कयास लगाए जा रहे हैं कि 24 फरवरी 2026 के आसपास सरकार 22वीं किस्त के 2,000 रुपये जारी कर सकती है। सावधान! इन 3 वजहों से रुक सकता है आपका पैसा भले ही किस्त जारी हो जाए, लेकिन नियमों में सख्ती के कारण कुछ किसानों को इस लाभ से वंचित रहना पड़ सकता है। यदि आपने निम्नलिखित कार्य पूरे नहीं किए हैं, तो आपकी राशि अटक सकती है: ई-केवाईसी (e-KYC) अनिवार्य: जिन किसानों ने अभी तक अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनके खाते में पैसे नहीं भेजे जाएंगे। इसे पीएम किसान पोर्टल या नजदीकी सीएससी (CSC) सेंटर से तुरंत पूरा करें।