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स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा को प्रोत्साहित करने दो-दो लाख स्वीकृत

मुंगेली. समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत राज्य कार्यालय द्वारा मुंगेली जिले के चिन्हांकित हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में व्यवसायिक शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु प्रत्येक विद्यालय को दो लाख की स्वीकृति दी गई है। इस राशि का उद्देश्य विद्यालयों में संचालित व्यवसायिक ट्रेड के अनुरूप आवश्यक सामग्री एवं संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं व्यवहारिक शिक्षा मिल सके। इन स्कूलों में आवश्यकता आधारित कार्य योजना के निर्माण व परीक्षण के लिए एसडीएम कीअध्यक्षता में बीईओ एवं बीआरसी सहित एक कमेटी का गठन किया गया है,जो कि प्रत्येक स्कूल के लिए पृथक कार्य योजना प्रस्तुत करेगी। ताकि शासन से प्राप्त राशि का सदुपयोग सुनिश्चित किया जा सके। डीईओ को निर्देशित किया गया है कि वित्तीय समय सीमा में राशि का उपयोग सुनिश्चित करें। कलेक्टर कुंदन कुमार के मार्गदर्शन में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि विद्यालयों में आवश्यक संसाधन शीघ्र उपलब्ध हों,जिससे व्यवसायिक शिक्षा को मजबूती मिले।

भोपाल में आसमान साफ, लेकिन एमपी के 5 जिलों में बारिश की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश में फरवरी का महीना इस बार पूरी तरह बदला-बदला नजर आ रहा है। प्रदेश में चौथी बार बारिश का दौर शुरू हो चुका है। दक्षिणी हिस्से में बने कम दबाव के क्षेत्र और दो सक्रिय द्रोणिकाओं के कारण कई जिलों में आंधी, गरज-चमक और हल्की से मध्यम वर्षा का सिलसिला जारी है। मंगलवार को बालाघाट, डिंडौरी समेत पांच जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि भोपाल और इंदौर में धूप खिलने के आसार हैं।  इन जिलों में असर ज्यादा मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिणी मध्य प्रदेश में सक्रिय सिस्टम का प्रभाव बना हुआ है। इसके चलते अनूपपुर, मंडला और सिवनी सहित आसपास के इलाकों में बादल छाने और बारिश होने की स्थिति बन रही है। दिन में धूप, शाम को बदल गया मौसम सोमवार को कई जिलों में दोपहर तक धूप खिली रही, लेकिन इसके बाद मौसम ने करवट बदली। जबलपुर, रीवा, सीधी में बारिश हुई। वहीं, रात में भी मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, ग्वालियर, मुरैना, रीवा, बड़वानी, धार, दतिया, सीधी, खरगोन, सागर और दमोह में भी गरज-चमक और बारिश की स्थिति देखने को मिली। दिन में धूप, शाम को बदला रंग सोमवार को कई शहरों में सुबह से दोपहर तक तेज धूप रही, लेकिन शाम होते-होते मौसम पलट गया। जबलपुर में धूल भरी आंधी चली और बूंदाबांदी दर्ज की गई। वहीं रीवा और सीधी में भी बारिश हुई। रात के समय ग्वालियर, मुरैना, सागर, दमोह और खरगोन सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा का असर दिखाई दिया। फरवरी में चार बार बारिश वाला मौसम बता दें कि फरवरी के शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। अब चौथी बार 23 फरवरी को बारिश का दौर शुरू हुआ, जो मंगलवार को भी जारी रहेगा। रात में सर्दी से राहत, दिन में पारा लुढ़का बारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट हुई है, लेकिन रात में पारा बढ़ा हुआ है। रविवार-सोमवार की रात में पचमढ़ी में सबसे कम 11.2 डिग्री, मंदसौर में 11.7 डिग्री और राजगढ़ में 12.4 डिग्री रहा। बड़े 5 शहरों में भी तापमान 12 डिग्री से ऊपर ही दर्ज किया गया। फरवरी बना बरसाती महीना आम तौर पर फरवरी को सर्दी के विदा होने का महीना माना जाता है, लेकिन इस बार हालात अलग हैं। महीने की शुरुआत में ही दो बार ओले और बारिश से फसलों को नुकसान हुआ। इसके बाद 18 फरवरी से तीसरा दौर चला, जो तीन दिन तक सक्रिय रहा। अब 23 फरवरी से चौथी बार बादलों ने दस्तक दी है और इसका असर अभी बना हुआ है। तापमान में उतार-चढ़ाव बारिश से दिन का तापमान नीचे आया है, जबकि रात में ठंड कुछ कम हुई है। रविवार-सोमवार की रात पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री, मंदसौर में 11.7 डिग्री और राजगढ़ में 12.4 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के बड़े शहरों में भी रात का पारा 12 डिग्री से ऊपर रहा। मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज फिलहाल अस्थिर बना हुआ है। कहीं धूप तो कहीं बादल और बारिश फरवरी के आखिरी दिनों में भी मौसम राहत देने के मूड में नजर नहीं आ रहा। 

WhatsApp का नया अपडेट: सिम कार्ड हटाते ही होगा ऐप बंद, जानें नया नियम

 नई दिल्ली WhatsApp प्लेटफॉर्म ने सिम बाइडिंग सर्विस को शामिल किया है और लेटेस्ट बीटा अपडेट में इसकी टेस्टिंग शुरू हो चुकी है. ये जानकारी Wabetainfo ने शेयर की है. दरअसल, साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए भारत सरकार के रसंचार विभाग ज्यादातर OTT ऐप्स के लिए SIM-Binding नियम का ऐलान किया है.  Wabetainfo ने पोस्ट करके बताया है कि मैसेजिंग ऐप ने न्यू रेगुलेशन के साथ काम करना शुरू कर दिया है, जिसका नाम सिम बाइंडिंग है. इसकी मदद से WhatsApp अकाउंट सेफ रहेगा और एक्टिव सिम कार्ड पर ही काम करेगा.  WhatsApp beta के Android 2.26.8.6 अपडेट में पता चलता है कि वह भारत के मेंडेटरी सिम लिंक रूल्स पर काम कर रहा है.  सिम बाइडिंग नियम क्या है? SIM-Binding, असल में एक ऐसी सर्विस है कि कोई भी मैसेजिंग या कम्युनिकेशन ऐप उसी SIM कार्ड के साथ काम करेगा, जिस नंबर से वह रजिस्टर है. स्मार्टफोन से जैसे ही सिम निकाली या बदली जाती है तो WhatsApp भी काम करना बंद कर देगा. UPI ऐप्स में सिम बाइडिंग की सुविधा पहले से है.  WhatsApp चलाने के लिए चाहिए होगी एक्टिव सिम कार्ड. (Unsplash) Wabetainfo का पोस्ट  Wabetainfo ने एक स्क्रीनशॉट्स जारी किया है, जो पोस्ट में देखा जा सकेगा. इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप भारत में नए नियमों को फॉलो करने के लिए तकनीकी उपाय लागू करेगा. WhatsApp पर मौजूदा समय सिस्टम   मौजूदा समय में यूजर्स समय-समय पर 6 डिजिट के वेरिफिकेशन कोड को एंटर करके WhatsAppको यूज कर सकते हैं. एक बार लॉगइन करने के बाद सिस्टम यह चेक नहीं करता है कि सिम एक्टिव है या नहीं. सिम बाइडिंग के साथ ऐसा नहीं होगा.  भारत सरकार का मकसद  भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) के मुताबिक, सिम बाइडिंग सिस्टम डिसकनेक्टेड हो चुके हैं नंबर या फिर दोबारा सेल किए गए फोन के नंबर के मिसयूज को रोकना है. साइबर स्कैमर्स पर भी लगाम लगाने में मदद मिलेगी. 

ईरान में हेलिकॉप्टर हादसा, 4 सैनिकों की मौत, परमाणु प्लांट के शहर में मलबा फैलने से हड़कंप

 इस्फहान ईरान में युद्ध के माहौल के बीच सेना का एक हेलिकॉप्टर इस्फहान प्रांत में क्रैश कर गया है. सेना का हेलिकॉप्टर एक फ्रूट होलसेल मार्केट में क्रैश हुआ है. इस हादसे में अबतक 4 लोगों की मौत हो गई है. हेलिकॉप्टर क्रैश के बाद ईरान के न्यूक्लियर प्लांट वाले प्रांत इस्फहान में हेलिकॉप्टर का मलबा फैल गया है.  इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़ी तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि हेलिकॉप्टर ईरानी आर्मी की एविएशन यूनिट का था और यह इस्फ़हान प्रांत के खोमेनी शाहर काउंटी के दारचेह शहर के फल और सब्ज़ी मार्केट एरिया में क्रैश हो गया. एजेंसी ने कहा कि क्रैश की वजह टेक्निकल गड़बड़ी थी. इस घटना में पायलट और को-पायलट के अलावा मार्केट के दो व्यापारी भी मारे गए.  रॉयटर्स ने बताया कि ईरान का एयर सेफ्टी रिकॉर्ड खराब है, यहां बार-बार क्रैश होते हैं, जिनमें से कई एयरक्राफ्ट 1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले खरीदे गए थे और मेंटेनेंस के लिए ओरिजिनल स्पेयर पार्ट्स नहीं थे. पिछले हफ़्ते ईरान की रेगुलर एयर फ़ोर्स का एक US-बिल्ट F-4 फाइटर विमान पश्चिमी हमादान प्रांत में क्रैश हो गया था. जिसमें एक पायलट की ट्रेनिंग फ़्लाइट के दौरान मौत हो गई.ईरान की न्यूज एजेंसियां ये तो जरूर कह रही हैं कि हादसे की वजह तकनीकी गड़बड़ी है, लेकिन इसकी सही वजह नहीं पता चल पाई है.  यह क्रैश ऐसे समय में हुआ है जब US ने ईरान पर हमले की धमकी दी है. बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच यूरेनियम एनरिचमेंट और न्यूक्लियर हथियार रखने को लेकर चल रही बात अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है. इस मुद्दे पर वॉशिंगटन और तेहरान के बीच काफी मतभेद है.  इस समय अमेरिकी खतरे को देखते हुए ईरानी मिलिट्री हाई अलर्ट पर है क्योंकि ट्रंप देश भर में अमेरिका की मिलिट्री ताकत बनाते हुए ईरान पर हमला करने के ऑप्शन पर विचार कर रहे हैं. पिछले हफ्ते ईरान की रेगुलर एयर फोर्स का एक US-बिल्ट F-4 फाइटर प्लेन पश्चिमी प्रांत हमादान में क्रैश हो गया था, जिसमें एक ट्रेनिंग फ्लाइट के दौरान एक पायलट की मौत हो गई थी.

राष्ट्रीय आतंकवाद-विरोधी नीति का ऐलान, गृह मंत्रालय ने PRAHAAR के तहत खतरों पर दी जानकारी

नई दिल्ली गृह मंत्रालय (MHA) ने पहली बार नेशनल काउंटर टेररिज्म पॉलिसी (राष्ट्रीय आतंकवाद-विरोधी नीति) जारी की है. 'PRAHAAR' (प्रहार) नाम की इस डॉक्यूमेंटेड पॉलिसी में कहा गया है कि भारत सीमा पार से राज्य-प्रायोजित आतंकवाद से प्रभावित है, जिसमें जिहादी आतंकवादी संगठनों के साथ-साथ उनके मुखौटा संगठन भी भारत में आतंकी हमलों की साजिश, समन्वय, सुविधा और उन्हें अंजाम देने में लगे हुए हैं. मंत्रालय ने  कहा कि CBRNED (केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल, न्यूक्लियर, एक्सप्लोसिव, डिजिटल) सामग्री तक पहुंचने और उसका इस्तेमाल करने की आतंकवादी कोशिशों को बाधित करना और रोकना भारत में आतंकवाद विरोधी (CT) एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई है. साथ ही, यह भी कहा कि सरकारी और गैर-सरकारी कारकों द्वारा ड्रोन और रोबोटिक्स का खतरनाक उद्देश्यों के लिए गलत इस्तेमाल करने का खतरा भी चिंता का एक और विषय है. क्रिमिनल हैकर्स और देश साइबर अटैक के जरिये भारत को निशाना बनाते रहते हैं. काउंटर टेररिज्म पॉलिसी डॉक्यूमेंट में कहा गया है, "भारत अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) जैसे वैश्विक आतंकी समूहों के निशाने पर रहा है, जो स्लीपर सेल के जरिये देश में हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं." आगे कहा गया है कि दूसरे देशों की जमीन से काम करने वाले हिंसक चरमपंथियों ने आतंकवाद को बढ़ावा देने की साजिशें रची हैं. डॉक्यूमेंट में कहा गया है, "सीमा पार से उनके हैंडलर अक्सर पंजाब और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों और हमलों को आसान बनाने के लिए ड्रोन समेत नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हैं. भारत में आतंकी हमलों को अंजाम देने और उन्हें आसान बनाने के लिए लॉजिस्टिक्स और भर्ती के लिए आतंकवादी समूह तेजी से संगठित आपराधिक नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं." गृह मंत्रालय के मुताबिक, प्रोपेगैंडा, संचार, फंडिंग और आतंकी हमले को निर्देशित करने के लिए, ये आतंकवादी समूह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ-साथ 'इंस्टेंट मैसेजिंग एप्लीकेशन' का भी इस्तेमाल करते हैं. पॉलिसी में कहा गया है कि एन्क्रिप्शन, डार्क वेब, क्रिप्टो वॉलेट आदि जैसी तकनीक में विकास ने इन समूहों को गुमनाम रूप से काम करने को आसान बनाया है. आतंकवादी हमलों की रोकथाम पॉलिसी डॉक्यूमेंट में कहा गया है कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में जॉइंट टास्क फोर्स ऑन इंटेलिजेंस (JTFI) के साथ मल्टी एजेंसी सेंटर (MAC) का संचालन, देश भर में CT से जुड़े इनपुट्स को अच्छे से और रियल टाइम में शेयर करने और बाद में रुकावट से बचाने के लिए नोडल प्लेटफॉर्म बना रहेगा. इसमें कहा गया है, "आईबी में एमएसी/जेटीएफआई के तंत्र के तहत केंद्रीय एजेंसियों और राज्य पुलिस बलों के साथ सीटी संचालन के लिए घनिष्ठ साझेदारी बनाई गई है." पॉलिसी में आगे कहा गया है कि हाल के दिनों में, गैर-कानूनी हथियार सिंडिकेट और आतंकवादी समूहों के बीच साठगांठ सामने आई है, और इससे निपटने के लिए, अलग-अलग भारतीय राज्यों में इंटेलिजेंस एजेंसियों के साथ-साथ संबंधित सुरक्षा एजेंसियों द्वारा मिलकर दखल दिया जा रहा है. डॉक्यूमेंट में कहा गया है, "भारतीय कानूनों के तहत कानूनी ढांचे के जरिये आतंकी फंडिंग नेटवर्क को बाधित करने पर विशेष जोर दिया गया है." पॉलिसी में आगे कहा गया है कि भारत को जल, जमीन और हवा, तीनों मोर्चों पर आतंकवादी खतरों का सामना करना पड़ रहा है. इसमें आगे कहा गया है, "भारतीय सीमा की सुरक्षा करने वाले बलों (डिफेंस, सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स) के साथ-साथ इमिग्रेशन अथॉरिटीज भारतीय सीमा को सुरक्षित करने के लिए स्टेट-ऑफ-द-आर्ट टूल्स और टेक्नोलॉजी से लैस हैं. भारतीय अर्थव्यवस्था के जरूरी क्षेत्रों जैसे पावर, रेलवे, एविएशन, पोर्ट्स, डिफेंस, स्पेस और परमाणु ऊर्जा को सरकारी और नॉन-स्टेट कारकों से बचाने के लिए क्षमता का विकास किया गया है. प्रतिक्रिया पॉलिसी डॉक्यूमेंट में कहा गया है कि किसी भी हमले पर स्थानीय पुलिस सबसे पहले जवाब देती है, जिसे स्पेशल स्टेट और सेंट्रल एंटी-टेरर फोर्स मदद करती हैं. पॉलिसी में कहा गया है, "आतंक के खतरे के नजरिये से कमजोर राज्यों ने हमलों का जवाब देने के लिए स्पेशल CT फोर्स बनाई हैं. नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) गृह मंत्रालय के तहत नोडल नेशनल काउंटर-टेरर फोर्स है, जो बड़े आतंकी हमलों का जवाब देने में राज्य बल की मदद करने के साथ-साथ ऐसे राज्य बल की क्षमता निर्माण भी करता है." क्षमताओं का एकत्रीकरण पॉलिसी में कहा गया है कि सिक्योरिटी और लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों का आधुनिकीकरण CT रिस्पॉन्स में अहम रोल निभाता है. इसमें कहा गया, "CT एजेंसियों के लिए नई स्किल्स और रणनीति की ट्रेनिंग के अलावा, लेटेस्ट टूल्स, टेक्नोलॉजी और वेपनरी नियमित रूप से हासिल की जाती हैं. ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट के ट्रेनिंग मॉड्यूल और इंफ्रास्ट्रक्चर को और आधुनिक बनाने की कोशिश की गई है. साथ ही ट्रेनिंग फैकल्टी को अपग्रेड करके, आतंकी गतिविधियों से निपटने के लिए सर्वोत्तम कार्यप्रणाली पर ट्रेनिंग देने की कोशिश की गई है." भारतीय युवाओं को भर्ती करने की कोशिश में आतंकवादी समूह पॉलिसी डॉक्यूमेंट में कहा गया है कि आतंकवादी समूह लगातार भारतीय युवाओं को भर्ती करने की कोशिश कर रहे हैं. इन कोशिशों को नाकाम करने के लिए, भारतीय इंटेलिजेंस और लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियां ​​लगातार आतंकवादी समूहों के इरादों को नाकाम कर रही हैं. एक बार पहचाने जाने के बाद, इन युवाओं पर एक ग्रेडेड पुलिस कार्रवाई की जाती है, जिसका उद्देश्य कई हितधारकों वाली सेटिंग में कट्टरपंथी बनाने और हिंसक अतिवाद की समस्या को पूरी तरह से खत्म करना है. कट्टरपंथी बनाने के स्तर के आधार पर व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाती है. समुदाय और धार्मिक नेताओं की भूमिका इसमें कहा गया है कि समुदाय और धार्मिक नेता, उदारवादी प्रचारक और NGOs कट्टरपंथ और चरमपंथी हिंसा के बुरे नतीजों के बारे में जागरूकता फैलाने में लगे हुए हैं. इसके अलावा, युवाओं को रचनात्मक तरीके से शामिल किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि शांति और सांप्रदायिक सद्भाव के लिए खतरा बन सकने वाले मुद्दों पर रोक लगाई जा सके. जेलों में कट्टरपंथ को रोकने के लिए, जेल स्टाफ को समय-समय पर सावधान किया जाता है कि वे हार्ड कोर कैदियों द्वारा कमजोर कैदियों को कट्टरपंथी बनाने की हरकतों को रोकें.

स्पाइसजेट फ्लाइट की इंजन फेल होने के बाद दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग, सभी यात्री सुरक्षित

नई दिल्ली   राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लेह जा रही स्पाइसजेट SG 121 की एक उड़ान मंगलवार सुबह टेकऑफ के कुछ ही समय बाद तकनीकी खराबी आने के कारण वापस दिल्ली लौट आई. विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई. इसके बाद उसमें सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. जानकारी के मुताबिक स्पाइसजेट फ्लाइट ने तय समय पर दिल्ली एयरपोर्ट से लेह के लिए उड़ान भरी थी. उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद पायलट को विमान के सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ी का संकेत मिला. इसके बाद सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया. एहतियातन विमान को वापस दिल्ली लाने का निर्णय लिया. एयरपोर्ट पर तुरंत अलर्ट जारी कर आपातकालीन सेवाओं को तैयार रखा गया. विमान को सावधानीपूर्वक दिल्ली एयरपोर्ट पर उतारा गया. एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक पूरी प्रक्रिया मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत हुई. ऐसे में किसी तरह की अफरातफरी नहीं मची. स्पाइसजेट एयरलाइन के प्रवक्ता ने इस संबंध में कहा कि 24 फरवरी को दिल्ली से लेह जा रही स्पाइसजेट की उड़ान में तकनीकी समस्या आ गई. इसके बाद उसे वापस दिल्ली लाया गया. विमान ने दिल्ली में सुरक्षित लैंडिंग की और सभी यात्रियों को सामान्य तरीके से उतार दिया गया. कॉकपिट में आग लगने से संबंधित किसी प्रकार की चेतावनी नहीं मिली थी. विमान में 150 यात्री थे सवार विमान में करीब 150 यात्री सवार थे. घटना के बाद एयरलाइन ने यात्रियों की आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था शुरू कर दी है. कुछ यात्रियों को दूसरी उड़ानों में समायोजित किया गया, जबकि अन्य को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई. उड़ानों के दौरान तकनीकी चेतावनी मिलना असामान्य नहीं होता है. ऐसी स्थिति में विमान को एहतियातन वापस लाना यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मानक प्रक्रिया का हिस्सा है. देश में हवाई यात्रा की बढ़ती संख्या के बीच एयरलाइंस सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं. इसी क्रम में इस तकनीकी खराबी की भी विस्तृत जांच की जा रही है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव सुनिश्चित किया जा सके.

Ultra Luxury Home मामले में गुड़गांव ने मुंबई को पीछे छोड़ा

गुड़गांव. कभी उपेक्षित शहर रहा गुड़गांव अब भारत के लग्जरी हाउसिंग बूम का केंद्र बन गया है। साल 2025 में इसने लगातार दूसरे वर्ष मुंबई को पछाड़ते हुए 24,120 करोड़ रुपए के अल्ट्रा-प्रीमियम घरों की बिक्री दर्ज की है। यह इस बात का सबसे स्पष्ट संकेत है कि नई संपत्ति और बुनियादी ढांचा किस प्रकार देश के रियल एस्टेट मानचित्र को नया रूप दे रहा है। इंडिया साेथबिज इंटरनेशनल रियलिटी और सीआरई मैट्रिक्स की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार गुड़गांव के लजरी हाउसिंग सेगमेंट-10 करोड़ रुपए और उससे अधिक कीमत वाले घरों ने साल 2025 में 24,120 करोड़ रुपए के लेनदेन दर्ज किए हैं, जो मुंबई के 21,902 करोड़ रुपए के लेनदेन से कई अधिक है। यह लगातार दूसरा वर्ष है जब गुड़गांव ने मुंबई को पीछे छोड़ा है, जिसने लगभग चार दशक के लग्जरी सेगमेंट पर अपना दबदबा बनाए रखा था। गुड़गांव में 1494 आलीशान घरों की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री के कारण यह उछाल आया है। कुल लेनदेन मूल्य 2023 में 4004 करोड़ रुपए से बढ़कर 2025 में 24119 करोड़ रुपए हो गया, जो लगभग छह गुना वृद्धि दर्शाता है। बिक्री हुए घरों का औसत आकार लगभग 5 हजार वर्ग फुट रहा जिसमें 4 से 6 हजार वर्ग फुट के घरों का मूल्य के हिसाब से सबसे बड़ा हिस्सा रहा, जबकि 8 हजार  वर्ग फुट के बड़े घरों का कुल मूल्य में 33 प्रतिशत हिस्सा था। इंडिया सोथबीज इंटरनेशनल रियल्टी की एरिया डायरेक्टर टीना तलवार ने कहा कि खास बात यह है कि यह वृद्धि अब केवल पुराने इलाकों तक ही सीमित नहीं है। द्वारका एक्सप्रेसवे, गोल्फ कोर्स रोड, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड जैसे उभरते हुए सूक्ष्म बाजार सामूहिक रूप से संरचनात्मक विस्तार को गति दे रहे हैं। इनमें से द्वारका एक्सप्रेसवे ने सबसे अधिक उछाल दर्ज किया है, जहां बड़े पैमाने पर लग्जरी परियोजनाओं के लॉन्च और बेहतर बुनियादी ढांचे के कारण लेनदेन मूल्य में 2024 में 383 करोड़ से बढ़कर 2025 में 8347 करोड़ रुपए तक 2079 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड ने लेनदेन मूल्य में 379 प्रतिशत की वृद्धि और उल्लेखनीय मूल्य वृद्धि के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया है। औसत कीमत 24,885 से बढ़कर 37,899 प्रति वर्ग फुट की वृद्धि के साथ कीमतों में तेजी आई। इसके विपरीत, गोल्फ कोर्स रोड जैसे पारंपरिक प्रीमियत कॉरिडोर में सीमित नई आपूर्ति के कारण गतिविधि में कमी देखी गई। सीआरई मैट्रिक्स के सह-संस्थापक और सीईओ अभिषेक करण गुप्ता ने कहा कि पिछले दो वर्षों में लग्जरी सेगमेंट में लगभग 10 गुना वृद्धि खरीदारों के निरंत विश्वास, मजबूत पूंजी प्रवाह और उच्च-निवल-मूल्य वाले व्यक्तियों के बढ़ते आधार को दर्शाता है। यह एक परिवक्व मांग प्रोफाइल को भी दर्शाता है। एक ऐसी मांग जो मजबूत बनी हुई है, लेकिन तेजी से विवेकपूर्ण होती जा रही है, जिसमें खरीदार प्रमुख स्थानों, बेहतर निर्माण गुणवत्ता और ब्रांडेड, सुविधाओं से भरपूर परियोजनाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। तलवार ने कहा कि व्यापक पूंजी निर्माण से इस गति को और बल मिल रहा है। जिसमें 103 भारतीय निगमों ने 2025 में मुख्य बोर्ड आईपीओ के माध्यम से रिकॉर्ड 19.54 बिलियन डॉलर जुटा, जिससे लग्जरी आवास क्षेत्र में प्रवेश करने वाले संस्थापकों और उद्यमियों का एक नया समूह तैयार हुआ- भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद, खरीदारों का दृष्टिकोण आशावादी बना हुआ है, हालांकि उनकी अपेक्षाएं अधिक संतुलित हैं। रिपोर्ट के अनुसार, गुड़गांव का दबदबा भारत के संपत्ति बाजार में एक व्यापक संरचनात्मक बदलाव को दर्शाता है। पारंपरिक महानगरों से उभरते शहरी केंद्रों की ओर। डीएलएफ के प्रबंध निदेशक और मुख्य व्यवसाय अधिकारी आकाश ओहरी ने कहा कि 10 करोड़ से अधिक के सेगमेंट में मजबूत मांग इस बात को दर्शाती है कि लोग केवल स्वामित्व से हटकर एक बेहतर जीवन अनुभव की तलाश में है। यह बेहतर जीवन अनुभव गेटेड परियोजनाओं में बने बड़े, सुनियोजित घरों से परिभाषित होता है, जो गोपनीयता, सुरक्षा, जीवन शैली की सुविधाएं, स्वास्थ्य और सुनियोजित सामुदायिक स्थान प्रदान करते हैं। साथ ही मजबूत सामाजिक बुनियादी ढांचे से भी युक्त है। यह गति प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप और वित्तीय सेवाओं में निरंतर धन सृजन के साथ-साथ उद्यमियों और वरिष्ठ पेशेवरों के बढ़ते आधार से प्रेरित है। ओहरी ने कहा कि लग्जरी खरीदारों का प्रोफाइल युवा हो रहा है और 30 वर्ष की आयु के आसपास के समझदार खरीदार अब सक्रिय रूप से निवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार एनआरआई मांग भी इन परियोजनाओं के आकर्षण को दर्शाती है, क्योंकि ये वैश्विक जीवनशैली का मानक प्रदान करती है जो विदेशों में उनकी आदतों के अनुरूप है।

क्रिकेट फैंस के लिए खुशखबरी: वुमेंस टी20 वर्ल्ड कप में भारत-पाक टक्कर, तारीख और टाइमिंग आई सामने

नई दिल्ली इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने इस साल होने वाले वुमेंस टी20 वर्ल्ड कप के शेड्यूल का ऐलान कर दिया है। इस बार टूर्नामेंट में कुल 12 टीमें हिस्सा ले रहीं हैं, जिन्हें 6-6 के दो ग्रुप में बांटा गया है। भारत और पाकिस्तान ग्रुप-1 का हिस्सा है, ऐसे में फैंस को एक बार फिर इंडिया वर्सेस पाकिस्तान मुकाबला देखने को मिलेगा। ECB द्वारा जारिए किए गए शेड्यूल के अनुसार भारत वर्सेस पाकिस्तान मैच 14 जून को होगा। ग्रुप-1 में भारत और पाकिस्तान के अलावा ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका, बांग्लादेश और नीदरलैंड्स है। वहीं ग्रुप-2 में वेस्टइंडीज, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, श्रीलंका, आयरलैंड और स्कॉटलैंड है। आईए एक नजर वुमेंस टी20 वर्ल्ड कप के शेड्यूल पर डालते हैं- मेजबान इंग्लैंड 12 जून को पहले मैच में श्रीलंका से भिड़ेगा। इस साल 12 जून से 5 जुलाई तक इस कॉम्पिटिशन का 10वां एडिशन होगा, जिसमें 12 टीमें टाइटल के लिए मुकाबला करेंगी, जो टूर्नामेंट के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा फील्ड है। ICC विमेंस T20 वर्ल्ड कप 2026 ग्रुप्स ग्रुप 1: ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका, इंडिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नीदरलैंड्स ग्रुप 2: वेस्ट इंडीज, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, श्रीलंका, आयरलैंड, स्कॉटलैंड शुक्रवार 12 जून: इंग्लैंड बनाम श्रीलंका, एजबेस्टन भारतीय समयानुसार 11 बजे से शनिवार 13 जून: स्कॉटलैंड बनाम आयरलैंड, ओल्ड ट्रैफर्ड क्रिकेट ग्राउंड भारतीय समयानुसार 3 बजे से शनिवार 13 जून: ऑस्ट्रेलिया बनाम साउथ अफ्रीका, ओल्ड ट्रैफर्ड क्रिकेट ग्राउंड भारतीय समयानुसार 8 बजे से शनिवार 13 जून: वेस्ट इंडीज बनाम न्यूजीलैंड, हैम्पशायर बाउल भारतीय समयानुसार 11 बजे से रविवार 14 जून: बांग्लादेश बनाम नीदरलैंड्स, एजबेस्टन भारतीय समयानुसार 3 बजे से रविवार 14 जून: इंडिया बनाम पाकिस्तान, एजबेस्टन भारतीय समयानुसार 8 बजे से मंगलवार 16 जून: न्यूज़ीलैंड बनाम श्रीलंका, हैम्पशायर बाउल भारतीय समयानुसार 8 बजे से मंगलवार 16 जून: इंग्लैंड बनाम आयरलैंड, हैम्पशायर बाउल भारतीय समयानुसार 11 बजे से बुधवार 17 जून: ऑस्ट्रेलिया बनाम बांग्लादेश, हेडिंग्ले भारतीय समयानुसार 3 बजे से बुधवार 17 जून: इंडिया बनाम नीदरलैंड्स, हेडिंग्ले भारतीय समयानुसार 8 बजे से बुधवार 17 जून: साउथ अफ्रीका बनाम पाकिस्तान, एजबेस्टन भारतीय समयानुसार 11 बजे से गुरुवार 18 जून: वेस्ट इंडीज़ बनाम स्कॉटलैंड, हेडिंग्ले भारतीय समयानुसार 11 बजे से शुक्रवार 19 जून: न्यूज़ीलैंड बनाम आयरलैंड, हैम्पशायर बाउल भारतीय समयानुसार 11 बजे से शनिवार 20 जून: ऑस्ट्रेलिया बनाम नीदरलैंड्स, हैम्पशायर बाउल भारतीय समयानुसार 3 बजे से शनिवार 20 जून: पाकिस्तान बनाम बांग्लादेश, हैम्पशायर बाउल भारतीय समयानुसार 18 बजे से शनिवार 20 जून: इंग्लैंड बनाम स्कॉटलैंड, हेडिंग्ले भारतीय समयानुसार 11 बजे से रविवार 21 जून: वेस्ट इंडीज़ बनाम श्रीलंका, ब्रिस्टल काउंटी ग्राउंड 10:30 BST रविवार 21 जून: साउथ अफ्रीका बनाम इंडिया, ओल्ड ट्रैफर्ड क्रिकेट ग्राउंड भारतीय समयानुसार 8 बजे से मंगलवार 23 जून: न्यूज़ीलैंड बनाम स्कॉटलैंड, ब्रिस्टल काउंटी ग्राउंड भारतीय समयानुसार 3 बजे से मंगलवार 23 जून: श्रीलंका बनाम आयरलैंड, ब्रिस्टल काउंटी ग्राउंड भारतीय समयानुसार 8 बजे से मंगलवार 23 जून: ऑस्ट्रेलिया बनाम पाकिस्तान, हेडिंग्ले भारतीय समयानुसार 11 बजे से बुधवार 24 जून: इंग्लैंड बनाम वेस्ट इंडीज़, लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड भारतीय समयानुसार 11 बजे से गुरुवार 25 जून: इंडिया बनाम बांग्लादेश, ओल्ड ट्रैफर्ड क्रिकेट ग्राउंड भारतीय समयानुसार 8 बजे से गुरुवार 25 जून: साउथ अफ्रीका बनाम नीदरलैंड्स, ब्रिस्टल काउंटी ग्राउंड भारतीय समयानुसार 11 बजे से शुक्रवार 26 जून: श्रीलंका बनाम स्कॉटलैंड, ओल्ड ट्रैफर्ड क्रिकेट ग्राउंड भारतीय समयानुसार 11 बजे से शनिवार 27 जून: पाकिस्तान बनाम नीदरलैंड्स, ब्रिस्टल काउंटी ग्राउंड भारतीय समयानुसार 3 बजे से शनिवार 27 जून: वेस्ट इंडीज़ बनाम आयरलैंड, ब्रिस्टल काउंटी ग्राउंड भारतीय समयानुसार 8 बजे से शनिवार 27 जून: इंग्लैंड बनाम न्यूज़ीलैंड, द ओवल भारतीय समयानुसार 11 बजे से रविवार 28 जून: साउथ अफ़्रीका बनाम बांग्लादेश, लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड भारतीय समयानुसार 3 बजे से रविवार 28 जून: ऑस्ट्रेलिया बनाम इंडिया, लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड भारतीय समयानुसार 8 बजे से मंगलवार 30 जून: TBC बनाम TBC (सेमी फ़ाइनल 1), द ओवल भारतीय समयानुसार 8 बजे से गुरुवार 2 जुलाई: TBC बनाम TBC (सेमी फ़ाइनल 2), द ओवल भारतीय समयानुसार 11 बजे से रविवार 5 जुलाई: TBC बनाम TBC (द फ़ाइनल), लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड भारतीय समयानुसार 3 बजे से  

पंजाब में न्यू एक्साइज पॉलिसी से सरकार जुटाएगी ₹1780 करोड़ एक्स्ट्रा

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में सोमवार को हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में 2026-27 के लिए एक्साइज पॉलिसी को मंजूरी दे दी गई। नई नीति के अनुसार, भारत में बनी विदेशी शराब (आइएसएफएल) और इंपोर्टेड विदेशी शराब (आईएफएल) प्रति बोतल 20 से 30 रुपये महंगी हो जाएगी। देसी शराब की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन कोटा बढ़ाकर 8.79 करोड़ प्रूफ लीटर कर दिया गया है। पिछले वर्ष यह 8.53 करोड़ प्रूफ लीटर था। बीयर की दुकान की फीस में भी 5000 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है। ₹11,020 करोड़ जुटाने का लक्ष्य आबकारी एवं कराधान मंत्री हरपाल चीमा ने बताया कि चालू वित्तमंत्री वर्ष में सरकार ने 11,020 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया था, जोकि पूरा हो गया है। अगले वित्तीय वर्ष में यह लक्ष्य 12,800 करोड़ रुपये रखा गया है। इस तरह राजस्व में 1780 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी का लक्ष्य है। इससे मार्च महीने में सरकारी खजाने में ज़्यादा पैसे आएंगे। अनुमान है कि इस बार एक्साइज से 11,600 करोड़ रुपये का राजस्व मिल सकता है। वित्तमंत्री ने बताया कि नई पालिसी के तहत सरकार मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को अगले वित्तीय वर्ष में सिंगल माल्ट (एक ही अनाज जौ से बनी शराब) व्हिस्की बनाने की भी इजाजत देगी। सिंगल माल्ट एक प्रीमियम शराब है। सरकार ने बीयर की दुकानों के लिए लाइसेंस फ़ीस बढ़ा दी है। पिछले साल इसे दो लाख रुपये प्रति दुकान से घटाकर 25,000 रुपये प्रति दुकान कर दिया गया था। अब इसे 30,000 रुपये प्रति दुकान कर दिया गया है। शाम 5 बजे तक की इजाजत हालांकि, पिछले साल के मुकाबले ग्रुप की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। इस बार भी ग्रुपों की संख्या 207 ही रहेगी। सरकार डिस्टिलरी की डिस्पैच और ऑपरेटिंग घंटे बढ़ाने की लंबे समय से चली आ रही मांग पर भी सहमत हो गई है। इसे शाम 5 बजे तक कर दिया गया है। कुछ दूसरे राज्य रात 10 बजे तक इसकी इजाजत देते हैं।

1 लाख 60 हजार के करीब पहुंची 24 कैरेट गोल्ड की कीमत, चांदी भी महंगी – देखें नए रेट

नई दिल्ली मंगलवार, 24 फरवरी 2026 को सोना-चांदी के रेट्स में बढ़ोतरी देखने को मिली है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार सोमवार, 23 फरवरी को 22 कैरेट सोने का भाव ₹144930 प्रति 10 ग्राम था, जो आज ₹146105 प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है. वहीं, सोमवार की तुलना में चांदी (999, प्रति 1 किलो) की कीमत भी आज 2 हजार 400 से ज्यादा महंगी हुई है. Gold-Silver Price Today 24 February 2026: सोना-चांदी का लेटेस्ट रेट   शुद्धता सोमवार शाम का रेट मंगलवार सुबह का रेट जानें कितना महंगा? सोना (प्रति 10 ग्राम) 999 (24 कैरेट) 158220 159503 ₹1283 महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 995 (23 कैरेट) 157586 158864 ₹1278 महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 916 (22 कैरेट) 144930 146105 ₹1175 महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 750 (18 कैरेट) 118665 119627 ₹962 महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 585 (14 कैरेट) 92559 93309 ₹750 महंगा चांदी (प्रति 1 किलो) 999 264075 266535 ₹2460 महंगी जानें सोमवार को सोने का भाव (999 शुद्धता) सुबह का रेट: ₹158428 प्रति 10 ग्राम शाम का रेट: ₹158220 प्रति 10 ग्राम जानें सोमवार को चांदी का भाव (999 शुद्धता) सुबह का रेट: ₹265550 प्रति किलो शाम का रेट: ₹264075 प्रति किलो इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए दाम पूरे देश में मान्य होते हैं, लेकिन इनमें जीएसटी शामिल नहीं होता है. गहने खरीदते समय सोने या चांदी की कीमत टैक्स समेत होने के कारण अधिक होती है. IBJA की ओर से केंद्र सरकार द्वारा घोषित भाव शनिवार, रविवार और केंद्र सरकार की छुट्टियों पर जारी नहीं किए जाते हैं.