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एसी और स्लीपर कोच फुल, फ्लाइट महंगी; होली के लिए देहरादून से यात्रा मुश्किल

देहरादून होली से पहले ट्रेनें फुल हैं, फ्लाइट के किराए महंगे हो चुके हैं और बसों में सीटों को लेकर मारामारी मची है। देहरादून से देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए चलने वाली कई ट्रेनों में नो रूम इन ट्रेनों में वेटिंग टिकट भी जारी नहीं होगा।रेलवे के आरक्षण सिस्टम के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, होली से ठीक पहले की तारीखों में यात्रियों का दबाव चरम पर है। देहरादून से दिल्ली, प्रयागराज, अमृतसर, कोटा, गोरखपुर और गुजरात की ओर जाने वाली अधिकांश ट्रेनों में एसी और स्लीपर दोनों श्रेणियों में लंबी वेटिंग चल रही है। कई ट्रेनों में वेटिंग तीन अंकों तक पहुंच चुकी है और कुछ में ‘नो रूम’ का स्टेटस दिख रहा है। 3 मार्च के बाद कुछ ट्रेनों में आंशिक राहत जरूर दिखाई दे रही है, लेकिन 6 से 10 मार्च के बीच वापसी की तारीखों में फिर से आरएसी और वेटिंग तेजी से बढ़ रही है, जिससे साफ है कि त्योहार के बाद लौटने वाली भीड़ भी उतनी ही ज्यादा रहने वाली है। पहले जानिए ट्रेनों की स्थिति… हरादून-कोटा एसी एक्सप्रेस में भारी दबाव देहरादून से कोटा जाने वाली देहरादून-कोटा एसी एक्सप्रेस में होली से पहले जबरदस्त दबाव है। 28 फरवरी को थर्ड एसी (3A) में 26 और सेकंड एसी (2A) में 15 वेटिंग चल रही है। 1 मार्च को भी 3A में वेटिंग और 2A में आरएसी की स्थिति बनी हुई है। 2 मार्च को 3A में RAC 29 है, जबकि 2A में कुछ सीटें उपलब्ध हैं। हालांकि 3 मार्च को 3A में 98 और 2A में 18 सीटें खाली हैं, जिससे आंशिक राहत मिल रही है। लेकिन 6 से 8 मार्च के बीच फिर से 3A में आरएसी शुरू हो गई है, जो त्योहार के बाद लौटने वाली भीड़ का संकेत है। अमृतसर रूट पर भी सीटों की किल्लत देहरादून-अमृतसर एक्सप्रेस में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। 28 फरवरी को 3A में 27 और स्लीपर में RAC 31 की स्थिति है। 1 और 2 मार्च को भी दोनों श्रेणियों में लंबी वेटिंग बनी हुई है। 3 से 5 मार्च तक 3A में लगातार वेटिंग चल रही है। हालांकि 6 और 7 मार्च को स्लीपर में कुछ सीटें उपलब्ध हैं, लेकिन एसी कोच में दबाव बना हुआ है। इससे साफ है कि पंजाब की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या अधिक है। प्रयागराज (सूबेदारगंज) लिंक एक्सप्रेस लगभग फुल देहरादून से सूबेदारगंज (प्रयागराज) जाने वाली लिंक एक्सप्रेस में भी टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। 28 फरवरी को 3A में 65 और 2A में 49 वेटिंग दर्ज की गई है। 1 और 2 मार्च को भी वेटिंग लंबी बनी हुई है। 3 मार्च को 3A में 19 और 2A में 11 वेटिंग है। स्लीपर क्लास में 28 फरवरी को वेटिंग 128 तक पहुंच गई है। 4 मार्च को 2A में कुछ सीटें उपलब्ध हैं, लेकिन 3A में आरएसी चल रहा है। वहीं 12 और 13 मार्च को भी आरएसी की स्थिति बनी हुई है, जिससे वापसी के दौरान भी भीड़ अधिक रहने का अनुमान है। काठगोदाम और दिल्ली रूट पर भी बढ़ा दबाव देहरादून-काठगोदाम एक्सप्रेस में 28 फरवरी को स्लीपर में 101 और फर्स्ट एसी में 4 वेटिंग है। 3 मार्च को स्लीपर में RAC 11 है, जबकि 6 मार्च को कुछ सीटें उपलब्ध हैं। देहरादून-नई दिल्ली जनशताब्दी एक्सप्रेस में अधिकांश तारीखों पर सीटें उपलब्ध हैं, लेकिन 5 मार्च को चेयर कार में 30 वेटिंग दर्ज की गई है। देहरादून-शताब्दी एक्सप्रेस में 28 फरवरी से 3 मार्च के बीच चेयर कार और एग्जीक्यूटिव क्लास में सीटें उपलब्ध हैं, जिससे यात्रियों को कुछ राहत मिल सकती है। वंदे भारत एक्सप्रेस में भी होली से पहले वेटिंग देहरादून से दिल्ली और आनंद विहार के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस में भी होली से पहले वेटिंग बढ़ गई है। 1 मार्च को चेयर कार में 98 तक वेटिंग दर्ज की गई है। 28 फरवरी को चेयर कार और एग्जीक्यूटिव क्लास दोनों में वेटिंग है। हालांकि 2 और 3 मार्च को कुछ सीटें उपलब्ध हैं, लेकिन 8 मार्च को फिर से वेटिंग शुरू हो गई है। गोरखपुर और गुजरात रूट की ट्रेनों में भी लंबी वेटिंग देहरादून-गोरखपुर राप्ती गंगा एक्सप्रेस में स्लीपर और एसी दोनों कोच में लंबी वेटिंग चल रही है। 26 फरवरी को स्लीपर में “नो रूम” की स्थिति है। मार्च के पहले सप्ताह में भी वेटिंग 70 से अधिक बनी हुई है। इसी तरह बंगाल जाने वाली कुंभ एक्सप्रेस और गुजरात के ओखा जाने वाली उत्तरांचल एक्सप्रेस में भी 2A, 3A और स्लीपर में लंबी वेटिंग दर्ज की गई है। कई तारीखों में इन ट्रेनों में भी नो रूम का स्टेटस दिख रहा है। फ्लाइट के किराए में भी जबरदस्त बढ़ोतरी रेलवे में भीड़ बढ़ने के साथ ही हवाई किराए में भी जबरदस्त उछाल आया है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट से दिल्ली जाने वाली इंडिगो फ्लाइट का सामान्य किराया करीब 3000 रुपए है, लेकिन 28 फरवरी और 1 मार्च को यह बढ़कर 4174 से 5749 रुपए तक पहुंच गया है। मुंबई के लिए सामान्य किराया 7961 रुपए है, जो 28 फरवरी को 9301 और 1 मार्च को 9660 रुपए तक पहुंच गया। अहमदाबाद के लिए 5536 रुपए का किराया 28 फरवरी को 10,501 रुपए दिखा रहा है। बेंगलुरु के लिए सामान्य 8413 रुपए का किराया 9463 रुपए तक पहुंच गया है। जयपुर के लिए 4423 रुपए का किराया बढ़कर 8938 रुपए तक हो गया। बसों में भी सीटों के लिए मारामारी, किराया दोगुना देहरादून से लखनऊ और कानपुर जाने वाली स्लीपर वॉल्वो बसों में 28 फरवरी से सीटों को लेकर मारामारी है। आम दिनों में 1500 रुपए के आसपास रहने वाला किराया होली के आसपास 2500 से 3000 रुपए तक पहुंच गया है। बस ऑपरेटरों का कहना है कि एडवांस बुकिंग पहले ही फुल हो चुकी है और अब स्पॉट बुकिंग पर किराया ज्यादा लिया जा रहा है। 3 मार्च को आंशिक राहत, वापसी में भी भीड़ रेलवे के आंकड़ों से साफ है कि 28 फरवरी से 2 मार्च तक सबसे ज्यादा दबाव है। 3 मार्च को कई ट्रेनों में सीटें उपलब्ध हैं। हालांकि 6 से 10 मार्च के बीच वापसी की भीड़ के कारण फिर से वेटिंग बढ़ रही है। यात्रियों को सलाह दी जा … Read more

जशपुर के दूरस्थ ग्रामों में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना शुरू

जशपुर. मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 के तहत तीन रूट के बसों को नगरपालिका अध्यक्ष अरविन्द भगत द्वारा हरी झण्डी दिखाकर शुभारंभ किया गया। इनमें क्रमशः बिचीटोली से मनोरा, जूनाडीह (लवाकेरा) से बासनतला, नारायणपुर (किलकिला) से पत्थलगांव रूट के बसें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त पूर्व में 08 बसें संचालित है। इस प्रकार जशपुर जिले में कुल 11 बसे संचालित हो रही है। इससे जिले के ग्रामीण अंचलों के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुविधाजनक परिवहन का लाभ मिल सकेगा। यह पहल ग्रामीण अंचलों में बेहतर यातायात सुविधा प्रदान करने और आम जनता की आवागमन को और अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

CM साय का बड़ा बयान: छत्तीसगढ़ बजट 2026 किसानों और युवाओं के लिए होगा ऐतिहासिक

रायपुर  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पेश किए जाने वाले वित्त वर्ष 2026-27 के राज्य बजट को प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि नवीन विधानसभा भवन में प्रस्तुत होने जा रहा हमारी सरकार का यह तीसरा बजट विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार के विज़न को नई मजबूती प्रदान करेगा।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का यह बजट समावेशी विकास, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुद्दढ़ करने के साथ-साथ आमजन के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प को केंद्र में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। किसानों, गरीबों, युवाओं, मातृशक्ति और आदिवासी समाज के सशक्तीकरण को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं।  उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि वित्त वर्ष 2026-27 का यह बजट प्रदेश के‘‘सुशासन से समृद्धि‘'मॉडल को मजबूत आधार प्रदान करेगा और विकास की गति को और तेज करेगा।  यह बजट राज्य के बुनियादी ढांचे, रोजगार सृजन, कृषि उन्नयन, सामाजिक सुरक्षा तथा मानव संसाधन विकास को नई दिशा देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के अपने संकल्प पर द्दढ़ है और यह बजट उस दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बजट से प्रदेश आत्मनिर्भरता, आर्थिक प्रगति और समृद्धि के नए दौर में प्रवेश करेगा।  साय ने प्रदेशवासियों को आगामी बजट के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला साबित होगा।  

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जर्मनी में केल्स्टरबाख के मेयर, राउनहाइम के मेयर तथा इनोवेशन राइनमेन के सीईओ से की मुलाकात

उप मुख्यमंत्री की जर्मनी के प्रतिनिधि मंडल से लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर व नवाचार पर चर्चा   उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जर्मनी में केल्स्टरबाख के मेयर, राउनहाइम के मेयर तथा इनोवेशन राइनमेन के सीईओ से की मुलाकात  डिप्टी सीएम ने प्रतिनिधिमंडल को उत्तर प्रदेश में आने का दिया निमंत्रण  जर्मनी/लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जर्मनी में फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट क्षेत्र के वरिष्ठ प्रतिनिधियों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में केल्स्टरबाख के मेयर मैनफ्रेड ऑकेल, राउनहाइम के मेयर डेविड रेंडेल तथा इनोवेशन राइनमेन के सीईओ स्टीफन विट्टेकिंड शामिल रहे। बैठक में फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट क्षेत्र और नोएडा एयरपोर्ट के बीच सहयोग पर चर्चा की गई। उपमुख्यमंत्री मौर्य ने जर्मनी के प्रतिनिधि मंडल को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश भारत की तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था का मुख्य केंद्र है। उप मुख्यमंत्री ने फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट क्षेत्र के वरिष्ठ प्रतिनिधियों से लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर, नवाचार और अन्य क्षेत्रों में औद्योगिक विकास के लिए सहयोग मांगा। इस संबंध में दोनों पक्षों ने एमओयू पर हस्ताक्षर किये। उप मुख्यमंत्री ने जर्मनी के औद्योगिक प्रतिनिधिमंडल को उत्तर प्रदेश आने के लिए आमंत्रित किया ताकि वे उत्तर प्रदेश की नीतियों, निवेश के अवसरों और साझेदारी के संभावित क्षेत्रों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकें।

फ्रैंकफर्ट में यूपी प्रतिनिधिमंडल की अहम बैठक, हेल्थ-टेक और एआई सहयोग पर बनी सहमति

लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में चलेंगी एआई-आधारित स्वास्थ्य परियोजनाएं फ्रैंकफर्ट में यूपी प्रतिनिधिमंडल की अहम बैठक, हेल्थ-टेक और एआई सहयोग पर बनी सहमति जर्मनी की टेक कंपनी के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश में डेटा सेंटर स्थापित करने की तैयारी डेटा गोपनीयता, स्थानीयकरण और राजस्व सृजन के अवसरों पर फोकस लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी विजन को लेकर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में गए उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में टेक कंपनी इनोप्लेक्सेस एंड पार्टेक्स के सीईओ डॉ. गुंजन भारद्वाज से महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस दौरान स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी, डेटा सेंटर और एआई-आधारित समाधानों के क्षेत्र में उन्नत सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। डॉ. गुंजन भारद्वाज ने भारत में अपने संचालन विस्तार की योजनाएं साझा करते हुए बताया कि साझेदारी मॉडल के तहत उत्तर प्रदेश में डेटा सेंटर स्थापित करने की तैयारी है। साथ ही गोपनीयता-अनुपालन वाले स्वास्थ्य डेटा प्लेटफॉर्म विकसित करने और गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ व प्रयागराज में एआई-आधारित स्वास्थ्य परियोजनाओं का पायलट संचालन प्रस्तावित है। बैठक में कंप्यूटर सेंटर स्थापित करने, जीसीसी संचालन को मजबूत करने तथा चिकित्सा शिक्षा में एआई के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी। प्रतिनिधिमंडल और डॉ. भारद्वाज के बीच कड़े डेटा गोपनीयता मानकों, डेटा स्थानीयकरण और सुशासन सुनिश्चित करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की डिलीवरी को डेटा-आधारित बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा सरकारी साझेदारी को विस्तार देने और संभावित राजस्व सृजन के तमाम मुद्दों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

ASI रिपोर्ट ने खोला भोजशाला का राज, मंदिर के अस्तित्व के सबूत मिले कमाल मौला मस्जिद में

धार  मध्य प्रदेश के धार जिला स्थित भोजशाला परिसर में मौजूद कमाल मौला मस्जिद को लेकर बड़ी खबर है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला है कि इस मस्जिद का निर्माण प्राचीन मंदिरों के अवशेषों का उपयोग करके किया गया था. एएसआई के अनुसार यह निष्कर्ष वैज्ञानिक जांच, सर्वेक्षण, खुदाई, प्राप्त अवशेषों के अध्ययन, स्थापत्य संरचनाओं, शिलालेखों, कला और मूर्तियों के विश्लेषण के आधार पर निकाला गया है. एएसआई की यह रिपोर्ट मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ में सौंपी गई थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा ढांचा सदियों बाद बनाया गया, जिसमें समरूपता, डिजाइन और स्थापत्य संतुलन का विशेष ध्यान नहीं रखा गया. सोमवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच ने निर्देश दिया कि एएसआई की रिपोर्ट सभी पक्षों को उपलब्ध कराई जाए. साथ ही, सभी पक्षों को दो सप्ताह के भीतर अपनी आपत्तियां, सुझाव और राय दाखिल करने को कहा गया है. मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी. ASI की रिपोर्ट में क्या-क्या? करीब 2,000 पन्नों की यह रिपोर्ट 10 खंडों में तैयार की गई है, जिसका नेतृत्व एएसआई के अतिरिक्त महानिदेशक आलोक त्रिपाठी ने किया. 98 दिनों तक चले सर्वेक्षण में आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग किया गया. खुदाई के दौरान कुल 94 मूर्तियां और उनके अवशेष मिले, जिनमें से कई को क्षतिग्रस्त किया गया था. इनमें गणेश, ब्रह्मा, नरसिंह, भैरव सहित कई देवी-देवताओं, मानव और पशु आकृतियों की नक्काशी पाई गई. एएसआई ने संकेत दिया है कि यह स्थल संभवतः देवी सरस्वती को समर्पित एक प्राचीन मंदिर रहा होगा. ASI के मुताबिक, यह स्थल देवी सरस्वती को समर्पित एक प्राचीन मंदिर रहा होगा. ‘हिंदू समाज के लिए उत्साहजनक यह रिपोर्ट’  रिपोर्ट के मुताबिक, याचिकाकर्ता और हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के प्रदेश उपाध्यक्ष आशीष गोयल ने कहा कि एएसआई का सर्वे स्पष्ट रूप से बताता है कि यह संपूर्ण संरचना परमार वंश काल की है और इसका निर्माण राजा भोज और उनके पूर्वजों द्वारा कराया गया था. उन्होंने दावा किया कि यह ढांचा लगभग 950 से 1,000 वर्ष पुराना है और यह रिपोर्ट हिंदू समाज के लिए उत्साहजनक है. एक अन्य याचिकाकर्ता भोज उत्सव समिति के संयोजक अशोक जैन ने कहा कि उनकी मांग शुरू से स्पष्ट रही है. यदि यह स्थल मस्जिद है तो उसे मुस्लिम पक्ष को दिया जाए और यदि यह मंदिर है तो हिंदू पक्ष को. उन्होंने बताया कि रिपोर्ट से यह साबित होता है कि बाद में बने ढांचों में पुराने भोजशाला मंदिर के अवशेषों को तोड़कर इस्तेमाल किया गया.

बजट का बड़ा दांव: गुजरात को 29 गुना ज्यादा फंड, 2027 में दौड़ेगी बुलेट ट्रेन

अहमदाबाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के गृह राज्य गुजरात को केंद्रीय बजट में रेल इंफ्रा को मजबूत करने के लिए 29 गुना अधिक धनराशि मिली है। भारतीय रेलवे में रिकॉर्ड आवंटन से विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। गुजरात के रेल बजट में 17,366 करोड़ का ऐतिहासिक आवंटन मिला है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के दौड़ने की तारीख का पहले ही ऐलान कर चुके हैं। गुजरात में 15 अगस्त, 2027 को पहली बुलेट ट्रेन चलेगी। 2027 गुजरात के लिए चुनावी साल है। इसी वर्ष के अंत में गुजरात में विधानसभा चुनाव भी होंगे। गुजरात को मिले 17,366 करोड़ रेलवे ने बजट में मिली 29 गुना धनराशि कहां पर खर्च की जाएगी। इसकी जानकारी साझा की है। यह धनरशि मोटे तौर पर सुरक्षा, बुलेट ट्रेन और आधुनिक स्टेशनों से गुजरात में रेल परिवहन का नया युग लेने जाने पर खर्च की जाएगी। रेलवे के अनुसार गुजरात को कुल 17,366 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं।यह धनराशि साल 2009–14 के मुकाबले 29 गुना है। तब गुजरात के लिए औसत वार्षिक रेल बजट आवंटन 589 करोड़ रुपये था, जो अब 2026–27 में बढ़कर 17,366 करोड़ रुपये हो गया है। रेलवे के अनुसार गुजरात में वर्तमान में 1,28,748 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे अवसंरचना परियोजनाएं प्रगति पर हैं। इनमें नई रेल लाइनों का निर्माण, स्टेशनों का पुनर्विकास तथा प्रमुख सुरक्षा उन्नयन शामिल हैं। रेल नेटवर्क मजबूत करने पर फोकस पश्चिम रेलवे के अनुसार डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के अंतर्गत पश्चिमी फ्रेट कॉरिडोर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और पंजाब को जोड़ता है। सूरत में पूर्वी और पश्चिमी फ्रेट कॉरिडोर को जोड़ा जाएगा तथा वहां एक महत्वपूर्ण जंक्शन विकसित किया जाएगा। यह पूर्व–पश्चिम कॉरिडोर गुजरात के पश्चिमी तट के बंदरगाहों को देश के विभिन्न राज्यों से जोड़ेगा। इसके माध्यम से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश को भी बेहतर कनेक्टिविटी प्राप्त होगी। 100 फीसदी इलेक्ट्रीफिकेशन गुजरात ने 100% रेल विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल कर लिया है। राज्य में 87 स्टेशनों पर निर्माण कार्य जारी है। मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन (हाई स्पीड रेल) परियोजना तीव्र गति से प्रगति कर रही है। दूसरी सुरंग की ब्रेकथ्रू प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण होगी तथा व्यावसायिक संचालन अगले वर्ष प्रारंभ करने का लक्ष्य निर्धारित है। इसके अलावा अमृत स्टेशन योजना के तहत गुजरात के 87 रेलवे स्टेशनों को 6,058 करोड़ रुपये की लागत से व्यापक पुनर्विकास हेतु चिन्हित किया गया है। इनमें से 19 स्टेशनों- सामाख्याली, डाकोर, हापा, जाम जोधपुर, मोरबी, ओखा, पालीताना और पोरबंदर सहित का पुनर्विकास कार्य पूर्ण हो चुका है। इससे यात्री सुविधाओं और स्टेशनों की सौंदर्यात्मक गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अभी दौड़ रही 6 वंदे भारत एक्सप्रेस गुजरात में अभी 6 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चल रही हैं। गुजरात के पास अभी 1 अमृत भारत एक्सप्रेस और एक नमो भारत एक्सप्रेस ट्रेन है। गुजरात में 2014 के बाद से गुजरात के रेलवे नेटवर्क का तीव्र विस्तार हुआ है। लगभग 2,900 किलोमीटर नई रेलवे लाइनें बिछाई गई हैं, जो कई यूरोपीय देशों के कुल रेल नेटवर्क से अधिक है। राज्य में 4,005 किलोमीटर रेल मार्गों का 100% विद्युतीकरण पूर्ण हो चुका है, जिससे हरित और ऊर्जा-कुशल संचालन सुनिश्चित हुआ है। 1,177 फ्लाईओवर का निर्माण रेलवे के अनुसार इस सब के अलावा लेवल क्रॉसिंग समाप्त करने के उद्देश्य से 1,177 फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए गए हैं, जिससे सुरक्षा में वृद्धि और सड़क-रेल यातायात में सुगमता आई है। रेल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भारतीय रेलवे गुजरात में स्वदेशी ‘कवच’ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लागू कर रहा है। स्वीकृत 1,842 रूट किलोमीटर में से 96 रूट किलोमीटर पर ‘कवच’ स्थापित किया जा चुका है, जबकि 1,674 रूट किलोमीटर पर कार्य प्रगति पर है। यह रेल सुरक्षा मानकों में महत्वपूर्ण उन्नति को दर्शाता है।

फ्रैंकफर्ट में यूपी-हेसेन बैठक: निवेश और द्विपक्षीय सहयोग पर विशेष फोकस

फ्रैंकफर्ट में यूपी-हेसेन प्रतिनिधिमंडल की अहम बैठक में निवेश और द्विपक्षीय सहयोग पर जोर निवेशक-अनुकूल एफडीआई नीति और औद्योगिक क्षमताओं का हुआ प्रस्तुतिकरण दोनों राज्यों के बीच दीर्घकालिक साझेदारी के लिए बैठकों को लेकर बनी सहमति लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और  उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में हेसेन राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। हेसेन की ओर से प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राज्य सचिव कैरिन मुलर ने किया। बैठक में द्विपक्षीय सहयोग और निवेश अवसरों पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश की निवेशक-अनुकूल एफडीआई नीति को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। साथ ही मेडिकल डिवाइस, वस्त्र, चमड़ा, फुटवियर, सेमीकंडक्टर, रक्षा, आईटी/आईटीईएस, जीसीसी तथा 660+ मेगावाट डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में राज्य की मजबूत क्षमताओं को लेकर भी चर्चा हुई। इस दौरान हेसेन की वित्त, रसायन, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में वैश्विक विशेषज्ञता पर भी प्रकाश डाला गया। दोनों पक्षों ने क्षेत्र-विशिष्ट साझेदारियों की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर सकारात्मक रुख दिखाया। साथ ही विशेषज्ञ स्तर की सहभागिता को प्रोत्साहित करने और दीर्घकालिक राज्य स्तरीय सहयोग को मजबूत बनाने के लिए बैठकों को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की गई।

कृषि फीडरों के सोलराइजेशन से किसानों को दिन में बिजली, डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति में सुधार की उम्मीद

प्रदेश में पीएम-कुसुम सी2 से ऊर्जा सुधार को नई गति, 1708 मेगावाट क्षमता के लिए 581 पीपीए कृषि फीडरों के सोलराइजेशन से किसानों को दिन में बिजली, डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति में सुधार की उम्मीद कौशांबी और बिजनौर की पायलट परियोजनाएं बनीं मॉडल, सब्सिडी बोझ घटाने की दिशा में ठोस कदम लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र के संरचनात्मक सुधार को नई मजबूती मिल रही है। कृषि फीडरों के सोलराइजेशन के लिए लागू प्रधानमंत्री कुसुम योजना (कंपोनेंट सी2) राज्य में ऊर्जा आत्मनिर्भरता और किसानों की आय वृद्धि की दिशा में प्रभावी पहल बनकर उभर रही है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को सौर ऊर्जा के माध्यम से सिंचाई और बिजली की विश्वसनीय सुविधा उपलब्ध कराना, डीजल व परंपरागत बिजली पर निर्भरता कम करना और दिन के समय निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है। प्रदेश में अब तक लगभग 1708.1 मेगावाट क्षमता के लिए 581 पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) निष्पादित किए जा चुके हैं। इससे अनुमानित 3.67 लाख कृषि उपभोक्ताओं को दिन में नियमित बिजली आपूर्ति मिलने की संभावना है। योगी सरकार की यह पहल न केवल ऊर्जा क्षेत्र को सुदृढ़ कर रही है, बल्कि किसानों को सशक्त बनाने और प्रदेश को हरित ऊर्जा की दिशा में अग्रसर करने का भी प्रभावी कदम है। 1.55 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट तक सहायता योजना के वित्तीय ढांचे के तहत केंद्र सरकार अधिकतम 1.05 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट तथा राज्य सरकार 50 लाख रुपये प्रति मेगावाट की पूंजीगत सहायता दे रही है। इस प्रकार कुल सहायता लगभग 1.55 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट तक पहुंच रही है। इससे परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है। कौशांबी और बिजनौर जिलों में स्थापित लगभग 3.3 मेगावाट की पायलट परियोजनाएं राज्य में व्यापक क्रियान्वयन के लिए मॉडल के रूप में देखी जा रहीं हैं। इन परियोजनाओं से प्राप्त अनुभव के आधार पर अन्य जिलों में भी सौर ऊर्जा कार्य को गति दी जा रही है। वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति में सकारात्मक सुधार की उम्मीद प्रधानमंत्री कुसुम सी2 के तहत कृषि फीडरों के सोलराइजेशन से विद्युत वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की वित्तीय स्थिति में मध्यम अवधि में सकारात्मक सुधार की उम्मीद है। वर्तमान में कृषि क्षेत्र को रियायती दरों पर बिजली उपलब्ध कराने के कारण डिस्कॉम पर उच्च सब्सिडी भार रहता है। स्थानीय स्तर पर सौर ऊर्जा उत्पादन से पावर अनुरक्षण लागत घट सकती है और दिन के समय महंगी बिजली खरीदने की आवश्यकता कम हो सकती है।  ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से एटी&सी लॉस में कमी, कैश फ्लो में सुधार और ऊर्जा लेखांकन की पारदर्शिता बढ़ने जैसे सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं। यदि बैंकिंग प्रक्रियाएं सरल हों, भुगतान सुरक्षा तंत्र मजबूत किया जाए और परियोजनाओं की मॉनिटरिंग प्रभावी ढंग से हो, तो कुसुम सी2 उत्तर प्रदेश में कृषि बिजली आपूर्ति सुधार और बिजली सब्सिडी के दीर्घकालिक बोझ को कम करने का मजबूत माध्यम सिद्ध हो सकता है।

सिंगापुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देख उत्साह से भर गया भारतीय समुदाय

सिंगापुर में गूंजा नारा “योगी हैं तो यूपी है” सिंगापुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देख उत्साह से भर गया भारतीय समुदाय सीएम को प्रदेश की तमाम महिलाओं की तरफ से 'भैया' कहकर संबोधित किया एक महिला ने, कहा अब यूपी में रात में बिना सारे निकल सकती हैं महिलाएं सिंगापुर के ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल में विद्यार्थियों ने गणपति वंदना पर प्रस्तुत किया मनोहारी नृत्य, सीएम ने की मुक्त कंठ से सराहना सिंगापुर/लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सिंगापुर में अपने बीच देखकर प्रवासी भारतीय समुदाय में जबरदस्त उत्साह छा गया। मुख्यमंत्री के संबोधन के बीच कार्यक्रम स्थल पर लगातार तालियां बजती रहीं। “योगी हैं तो यूपी है” की गूंज पूरे वातावरण में ऊर्जा भर रही थी। कार्यक्रम में जब एक महिला ने सीएम योगी को प्रदेश की तमाम महिलाओं की तरफ से 'भैया' कहकर बुलाया तो पूरा माहौल भावनात्मक हो गया। आयोजन में एक बच्ची मुख्यमंत्री का स्केच बनाकर लाई थी, जिस पर सीएम योगी ने अपना ऑटोग्राफ देकर उसके चेहरे पर मुस्कान ला दी।  कार्यक्रम के दौरान सिंगापुर में रह रही भारतीय मूल की स्वाति ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए खुद को उत्तर प्रदेश और सीएम योगी आदित्यनाथ की बहन बताया। उन्होंने कहा कि संस्कृत में मुख्यमंत्री का संबोधन सुनकर वह प्रेरित हुईं। स्वाति ने कहा, “जब संत सियासत में आता है तो सियासत इबादत बन जाती है, बन चुकी है। मैं उत्तर प्रदेश की साढ़े 11 करोड़ महिलाओं की ओर से मुख्यमंत्री को 'भैया' कहती हूं, क्योंकि उत्तर प्रदेश में महिलाओं को सुरक्षा का माहौल मिला है। अब महिलाएं रात में भी निडर होकर बाहर निकल सकती हैं। अपराधियों में कानून का भय है।" स्वाति ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की सराहना करते हुए नारा दिया कि योगी हैं तो यूपी है और संस्कृत में कहा, “योगी नेतृत्वे प्रदेशः भवति सुरक्षितम शुभम”। सिंगापुर में आयोजित यह संवाद प्रवासी भारतीयों और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच बढ़ते संबंधों और सांस्कृतिक जुड़ाव का सशक्त संदेश देता नजर आया। जब मुख्यमंत्री मंच पर थे उस समय एक बच्ची उनका स्केच लेकर वहां पहुंची, सीएम योगी ने उस स्केच पर अपना ऑटोग्राफ दिया, जिसके बाद बच्ची बेहद प्रसन्न नजर आई। एक महिला ने मुख्यमंत्री की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी) भी बांधा। इस अवसर पर सिंगापुर के ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष भारतीय परंपरा को जीवंत करते हुए गणपति वंदना पर मनोहारी नृत्य प्रस्तुति दी, जिसकी मुख्यमंत्री ने मुक्तकंठ से सराहना की। स्कूल के संस्थापक ने कहा "आपमें हमें हमारे श्रद्धेय पहले प्रधानमंत्री और सिंगापुर के संस्थापक श्री ली क्वान यू की प्रतिछाया प्रतीत हो रही है।"    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की शास्त्रीय विधा को यहां पर इन बच्चों ने गणपति वंदना के माध्यम से बड़े ही सुन्दर ढंग से प्रस्तुत किया। आज जब पाश्चात्य संस्कृति को अपनाने की होड़ लग रही है, उन स्थितियों में भारत से हजारों किलोमीटर दूर सिंगापुर में रहकर भारतीय समुदाय अपने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को जीवंत बनाए हुए उन्हें मजबूती के साथ आगे बढ़ा रहा है।