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तिब्बत को लेकर नितिन नवीन का गंभीर आरोप, नेहरू पर लगाए ऐतिहासिक चूक के आरोप

पटना भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नेहरू-गांधी परिवार पर हमला बोला है। बुधवार सुबह उन्होंने उन्होंने इसे ‘समझौता मिशन’ की राजनीति बताते हुए आरोप लगाया कि परिवार के हितों को देशहित से ऊपर रखा गया। नवीन ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1954 में बिना किसी प्रतिफल के तिब्बत में भारत के अधिकार चीन को सौंप दिए। उन्होंने कहा कि नेहरू ने कभी 45 करोड़ भारतीयों को अपनी ‘जिम्मेदारी’ बताया था, लेकिन उनके फैसलों ने राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचाया। राजीव गांधी के कार्यकाल पर सवाल भाजपा अध्यक्ष ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस समय रक्षा सौदों का इस्तेमाल निजी हितों के लिए किया गया। उन्होंने दावा किया कि रक्षा सेवाओं के माध्यम से निजी बैंक खातों को भरने का काम हुआ। राहुल गांधी पर लगाए गंभीर आरोप नवीन ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को ‘विदेशी शक्तियों की कठपुतली’ बताते हुए कहा कि कांग्रेस का चुनावी इतिहास कथित तौर पर सीआईए फंडिंग से प्रभावित रहा है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने 247 से अधिक विदेशी यात्राएं कीं, जिनमें कई बार सुरक्षा एजेंसियों को सूचना नहीं दी गई। उन्होंने विदेशी नेताओं, जैसे इल्हान ओमर और निवेशक जॉर्ज सोरोस से मुलाकातों पर भी सवाल उठाए। सोनिया गांधी को लेकर क्या कहा? नवीन ने आरोप लगाया कि 2004 से 2014 के बीच राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (NAC) के जरिये सोनिया गांधी ने ‘सुपर प्रधानमंत्री’ की तरह काम किया और समानांतर सरकार चलाई। उन्होंने दावा किया कि इसी दौरान राजीव गांधी फाउंडेशन को चीनी सरकार और जॉर्ज सोरोस के नेटवर्क से फंडिंग मिली। युवा और राष्ट्रहित पर जोर भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि देश का युवा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहता है। यदि उसे गुमराह करने की कोशिश की जाती है तो यह समाज के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जनता अब तथाकथित ‘समझौता मिशन’ को समझ चुकी है और भविष्य में वही नेतृत्व स्वीकार करेगी जो राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखे। उन्होंने कहा कि देश की जनता राष्ट्रहित के मुद्दों पर सजग है और आने वाले समय में वही नेतृत्व चुनेगी जो देश के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा।

अभ्युदय जैन केस: हाईकोर्ट ने मां के खिलाफ एफआईआर की निरस्त, 360 दिन बाद अलका जैन को राहत

 ग्वालियर  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने गुना के बहुचर्चित अभ्युदय जैन मृत्यु प्रकरण में बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी मां अलका जैन के खिलाफ दर्ज एफआईआर और समस्त आपराधिक कार्यवाही को निरस्त कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट टिप्पणी की कि केवल अनुमानों और संदेह के आधार पर किसी व्यक्ति के विरुद्ध मुकदमा चलाना न्याय का उल्लंघन है। गौरतलब है कि 14 फरवरी 2025 को 14 वर्षीय अभ्युदय जैन का शव घर के बाथरूम में मिला था। घटना के बाद पुलिस ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर उसकी मां अलका जैन को संदेह के दायरे में लिया। 22 फरवरी को कोतवाली थाना में अपराध क्रमांक 115/2025 दर्ज किया गया और 8 मार्च को उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। करीब 98 दिन न्यायिक हिरासत में रहने के बाद 17 जून को उन्हें जमानत मिली, लेकिन मामला अदालत में विचाराधीन रहा। इस बीच अभ्युदय के पिता अनुपम जैन ने पुलिस जांच पर असंतोष जताया। उनके आग्रह पर आईजी के निर्देश पर शिवपुरी डीएसपी अवनीत शर्मा के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया। एसआईटी ने भोपाल स्थित गांधी मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों से मेडिको-लीगल राय प्राप्त की। रिपोर्ट में मृत्यु का कारण फांसी पर लटकना बताया गया। इसके आधार पर एसआईटी ने 5 मई को अदालत में क्लोजर रिपोर्ट पेश कर अलका जैन को दोषमुक्त माना। हालांकि 9 मई 2025 को गुना की सीजेएम कोर्ट ने एसआईटी की रिपोर्ट खारिज कर दी और स्वयं संज्ञान लेते हुए हत्या तथा साक्ष्य छिपाने की धाराओं में मुकदमा चलाने का आदेश दिया। इसी आदेश को चुनौती देते हुए अलका जैन ने हाईकोर्ट का रुख किया। 9 फरवरी को सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया था।  सुनाए गए निर्णय में हाईकोर्ट ने कहा कि निचली अदालत के निष्कर्ष अनुमानों और अटकलों पर आधारित थे, न कि ठोस और विधिसम्मत साक्ष्यों पर। अदालत ने माना कि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट में याचिकाकर्ता को दोषमुक्त किए जाने के बावजूद कार्यवाही जारी रखना विधि का दुरुपयोग होगा। न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 103 और 238 के तहत 9 मई 2025 के सीजेएम आदेश को रद्द करते हुए कोतवाली गुना में दर्ज अपराध से संबंधित सभी आगे की कार्यवाही समाप्त कर दी। करीब 360 दिनों तक हत्या के आरोपों और सामाजिक-मानसिक दबाव का सामना करने के बाद यह फैसला अलका जैन के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।

उज्जैन के शिव मंदिर में 1.31 करोड़ के नोटों से सजावट, भगवान के मुकुट और माला भी नोटों से बनीं

उज्जैन  उज्जैन जिले के बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि मेले के अवसर पर भगवान शिव का 1 करोड़ 31 लाख रुपए के नोटों से विशेष श्रृंगार किया गया है। मंदिर को नोटों की माला, मुकुट और लड़ियों से सजाया गया है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन गई है। मंदिर में हर साल महाशिवरात्रि के बाद मेला आयोजित किया जाता है। इस बार मेला 14 फरवरी से शुरू हुआ है और 28 फरवरी को समापन होगा। नोटों से किया गया यह विशेष श्रृंगार 26 फरवरी तक रहेगा। सात कलाकारों ने तीन दिन में तैयार की सजावट मंदिर के पुजारी के अनुसार, नोटों की माला, मुकुट और लड़ियों को तैयार करने में सात कलाकारों की टीम को करीब तीन दिन का समय लगा।  पिछले सालों में भी नोटों से हुआ विशेष श्रृंगार मंदिर में पिछले चार वर्षों से नोटों से विशेष श्रृंगार की परंपरा जारी है। 2021 में 7 लाख, 2022 में 11 लाख, 2023 में 21 लाख और 2024 में 51 लाख रुपए के नोटों से श्रृंगार किया गया था। 2025 में 1 करोड़ 21 लाख और इस साल 1 करोड़ 31 लाख रुपए के नोटों से मंदिर सजाया गया है। दर्शन के लिए उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ भगवान महादेव के इस विशेष स्वरूप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में नोटों से की गई सजावट इस समय सबसे बड़ा आकर्षण बनी हुई है। सात कलाकारों ने तीन दिन में तैयार की सजावट मंदिर के पुजारी के अनुसार, नोटों की माला, मुकुट और लड़ियों को तैयार करने में सात कलाकारों की टीम को करीब तीन दिन का समय लगा। कलाकारों ने नोटों से आकर्षक सजावट कर मंदिर को भव्य रूप दिया है। पिछले सालों में भी नोटों से हुआ विशेष श्रृंगार मंदिर में पिछले चार सालों से नोटों से विशेष श्रृंगार की परंपरा जारी है। 2021 में 7 लाख, 2022 में 11 लाख, 2023 में 21 लाख और 2024 में 51 लाख रुपए के नोटों से श्रृंगार किया गया था। 2025 में 1 करोड़ 21 लाख और इस साल 1 करोड़ 31 लाख रुपए के नोटों से मंदिर सजाया गया है। दर्शन के लिए उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ भगवान महादेव के इस विशेष स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में नोटों से की गई सजावट आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।  

प्रधानमंत्री मोदी की अजमेर में जनसभा को लेकर सीएम ने किया निरीक्षण

अजमेर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 फरवरी को अजमेर दौरे पर आने वाले हैं. इसके लिए जोर शोर से तैयारियां की जा रही है. शनिवार के इस दौरे पर कम समय बचा है, ऐसे में तैयारियों में तेजी लाई जा रही है. वहीं सीएम भजनलाल शर्मा अजमेर पहुंचे, जहां उन्होंने पीएम मोदी के दौरे की पूरी जानकारी, तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. सीएम अजमेर पहुंचकर सभा स्थल कायड़ विश्राम स्थली का अवलोकन किया और अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल पर बैठने की व्यवस्था, पेयजल, चिकित्सा, विद्युत आपूर्ति, पार्किंग, यातायात और सुरक्षा सहित सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा की. उन्होंने ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए ताकि यातायात सुचारु रहे और पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित हो सके. उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करें. पीएम देंगे लोकार्पण और शिलान्यास की सौगात प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान को विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास की सौगात देंगे. साथ ही एचपीवी वैक्सीन की लॉन्चिंग की जाएगी और बड़ी संख्या में युवाओं को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए जाएंगे. बैठक के दौरान केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी तैयारियां समय पर पूरी की जाएं और आयोजन को सफल बनाया जाए. वहीं सीएम भजनलाल बैठक के बाद पुष्कर में धीरेंद्र शास्त्री से भी मुलाकात करने पहुंचे थे. 

हिमाचल की IPS अधिकारी अदिति सिंह की छुट्टियों को लेकर DGP ने लिया फैसला, ड्यूटी जूनियर को दी

शिमला हिमाचल प्रदेश में एक अभूतपूर्व प्रशासनिक कदम उठाते हुए राज्य के डीजीपी अशोक तिवारी ने 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी अदिति सिंह की जिम्मेदारियां उनकी बार-बार की छुट्टियों के दौरान एक अधीनस्थ अधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया है. 25 दिन की छुट्टी से प्रभावित हुआ कामकाज आदेश में कहा गया है कि धर्मशाला स्थित स्टेट विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (SV&ACB) के नॉर्दर्न रेंज में एसपी के पद पर तैनात अदिति सिंह 8 जनवरी से 22 फरवरी के बीच कुल 25 दिनों की छुट्टी पर रहीं. इससे उनके कार्यालय के कामकाज पर असर पड़ा. एडिशनल एसपी को सौंपी गई जिम्मेदारी निर्देश के अनुसार, एडिशनल एसपी ब्रह्म दास भाटिया को अगली सूचना तक उनकी जिम्मेदारियां संभालने को कहा गया है. साथ ही यह भी कहा गया है कि कार्य की निरंतरता बनाए रखने के लिए वह अदिति सिंह की मौजूदगी में भी उनसे जुड़े रहेंगे. पहले भी रहीं थीं मुख्यालय से अनुपस्थित डीजीपी के आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि अदिति सिंह दिसंबर में नैनीताल में आयोजित एक आधिकारिक मिड-करियर इंटरैक्शन प्रोग्राम के कारण भी मुख्यालय से अनुपस्थित रही थीं. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. कब-कब ली छुट्टी डीजीपी अशोक तिवारी के आदेश में अदिति सिंह द्वारा ली गई छुट्टियों का भी विस्तृत ब्योरा दिया गया है. आदेश के अनुसार, अदिति सिंह 8 जनवरी से 11 जनवरी तक क्रमशः दो दिन के आकस्मिक अवकाश और बीमार अवकाश पर रहीं. इसके बाद उन्होंने 12 जनवरी को एक दिन का आकस्मिक अवकाश लिया. फिर 16 जनवरी से 19 जनवरी के बीच उन्होंने तीन दिन का आकस्मिक अवकाश और एक दिन का बीमार अवकाश लिया. बाद में 8 फरवरी से 22 फरवरी तक वह 13 दिन के अर्जित अवकाश और दो दिन के बीमार अवकाश पर रहीं. आदेश में कहा गया है, 'यह देखा गया है कि अदिति सिंह, आईपीएस, पुलिस अधीक्षक, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवी एंड एसीबी), नॉर्दर्न रेंज, धर्मशाला, बार-बार अवकाश पर जा रही हैं, जिसके कारण एसपी, एसवी एंड एसीबी, नॉर्दर्न रेंज, धर्मशाला के कार्यालय के कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.'

बिहार की लाखों महिलाओं को ‘मुफ्त गैस कनेक्शन’ का केंद्र सरकार ने दिया गिफ्ट

पूर्णिया. केंद्र सरकार ने बिहार की लाखों महिलाओं को खुशखबरी दी. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से गैस कनेक्शन देने को लेकर मंजूरी मिल गई है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की तरफ से बिहार को 25 लाख उज्ज्वला कनेक्शन स्वीकृत किए हैं. दरअसल, यह मुफ्त गैस कनेक्शन बीपीएल परिवार को मिलना है जो कि अब तक पारंपरिक तरीके से खाना बनाने यानी कि लड़की या फिर कोयले के चूल्हे पर खाना बनाने के लिए निर्भर हैं. मंत्रालय ने दिया ये आदेश जानकारी के मुताबिक, 25 लाख कनेक्शन देने को लेकर राज्य सरकार के साथ-साथ गैस कंपनियों को भी मंत्रालय की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है. केंद्र से आदेश मिलते ही खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के विशेष सचिव उपेंद्र कुमार ने राज्य के सभी जिलों में आदेश जारी किया. केंद्र सरकार के इस कदम से बिहार की लाखों महिलाओं को सहूलियत मिलेगी. विशेष सचिव ने और क्या कहा? विशेष सचिव की ओर से कहा गया कि गैस कनेक्शन देने की प्रक्रिया को जितना हो सके आसान बनाए. इसके साथ ही कोई भी लाभार्थी छूट ना जाएं, इसका खासकर ध्यान रखें. इसके अलावा लोगों के बीच जागरूकता भी बढ़ाई जा रही है. केंद्र सरकार की इस योजना से ना सिर्फ बिहार में लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा बल्कि पर्यावरण को होने वाले नुकसान से भी बचाया जा सकेगा. मुफ्त गैस कनेक्शन मिलने से बड़ा फायदा जानकारी के मुताबिक, इस योजना को लेकर सभी जिलों में उज्ज्वला समिति गठित की गई है. इस योजना को इसलिए खास माना जा रहा है क्योंकि पारंपरिक तरीके से खाना बनाने के लिए लकड़ियों का इस्तेमाल किया जाता है. लड़कियों की कटाई के कारण पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा. मुफ्त गैस कनेक्शन मिलने की वजह से पर्यावरण को होने वाले नुकसान से बचा जा सकेगा.

गोड्डा-महागामा निकाय चुनाव का दोपहर तक जारी होगा रिजल्ट

गोड्डा. गोड्डा नगर परिषद और महागामा नगर पंचायत में चुनाव संपन्न होने के बाद अब सब की निगाह मतगणना पर टिकी है। निकाय चुनाव की मतगणना आगामी 27 फरवरी को निर्धारित है। चुनाव बैलेट पेपर से हुआ है, लिहाजा मतगणना में विलंब की आशंका है, लेकिन आयोग ने इसका पुख्ता इंतजाम किया है। सदर प्रखंड के सिकटिया पालिटेक्निक कॉलेज स्थित वज्रगृह परिसर में शुक्रवार को मतपेटियों का पिटारा खुल जाएगा। उसमें दर्ज जनता के वोटों की गिनती से तय होगा कि गोड्डा और महागामा निकाय में शहर की सरकार किसकी बनेगी। 8 बजे से शुरू होगी मतगणना राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्रों के अनुसार गोड्डा के सिकटिया पालिटेक्निक कॉलेज परिसर में शुक्रवार की सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू होगी। आयोग ने गोड्डा और महागामा के कुल 64 बूथों के लिए अलग-अलग 64 टेबल बनाए हैं। यहां एक ही राउंड में सभी बूथों के मतों की गिनती पूरी कर ली जाएगी। लिहाजा दोपहर तक चुनाव परिणाम सामने आ जाएंगे। इसको लेकर मतगणना स्थल में आयोग की तैयारी पूरी की जा रही है। बुधवार को मतगणना कर्मियों को अंतिम दौर का प्रशिक्षण मिलेगा। पूर्व में ही उन्हें मास्टर ट्रेनर की ओर से प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण में कर्मियों को यह बताया गया है कि वोटों की गिनती कैसे होती है। काउंटिंग हाल में कौन-कौन मौजूद रह सकता है। गड़बड़ी होने पर इसकी शिकायत कहां की जा सकती है। मतगणना से जुड़ी जानकारी को गुप्त रखना जरूरी है। मतगणना से पहले कौन से अधिकारी किस निर्वाचन क्षेत्र की और कितने नंबर के टेबल पर गिनती करेंगे, ये सारी जानकारी पहले नहीं बताई जाएगी। आयोग के मापदंड के अनुसार वोटों की गिनती सुबह आठ बजे से शुरू होगी। किसी विशेष परिस्थिति में समय में बदलाव संभावित है। निकाय चुनाव में पोस्टल बैलेट से मतदान की सुविधा नहीं दी गई है। लिहाजा सभी टेबलों पर एक साथ सभी 64 बूथों में पड़े वोटों की काउंटिंग शुरू होगी। हर राउंड की बताई जाएगी गिनती मतगणना स्थल पर मौजूद रिटर्निंग ऑफिसर प्रत्येक राउंड की गिनती के बाद रिजल्ट बताएंगे। साथ ही इसे चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भी अपडेट किया जाएगा। मतों की गिनती का रुझान सुबह 9 बजे से आना शुरू हो जाएगा। चुनाव आयोग के मुताबिक गोड्डा के दो निकायों में एक ही राउंड में गिनती पूरी होगी। मतगणना स्थल के प्रोटोकाल की जानकारी भी मतगणना कर्मियों को दी गई है। मतगणना स्थल पर शुक्रवार की सुबह छह बजे तक सभी अधिकारियों को पहुंचना होगा। इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी और मतगणना केंद्र के रिटर्निंग ऑफिसर रैंडम तरीके से सुपरवाइजर और कर्मचारी को हाल नंबर और टेबल नंबर अलॉट करेंगे। गोड्डा नगर परिषद के मतगणना हाल में काउंटिंग के लिए 37 टेबल लगेंगे। वहीं महागामा नगर पंचायत के मतगणना हाल में 27 टेबल होंगे। इसके अलावा दोनों निकायों में अध्यक्ष और वार्ड पार्षद के अलग-अलग रिटर्निंग अधिकारियों के लिए टेबल रहेगा। एक ही राउंड में मतों की गिनती पूरी – राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर गोड्डा और महागामा निकाय के कुल 64 बूथों के लिए अलग-अलग 64 टेबल बनाए जा रहे हैं। यहां एक ही राउंड में सभी बूथों के मतों की गिनती पूरी कर ली जाएगी। लिहाजा दोपहर तक चुनाव परिणाम सामने आ जाएंगे। – फैजान सरवर, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, गोड्डा।

बजट-2026 में बड़ी घोषणाएं: वन विभाग में 1000 पदों पर भर्ती, रायपुर में तीरंदाजी अकादमी, बच्चियों को मिलेगा डेढ़ लाख

रायपुर  छत्तीसगढ़ में साय सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश करते हुए बस्तर और अन्य पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, डिजिटल कनेक्टिविटी और रोजगार का बड़ा रोडमैप सामने रखा है. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने साय सरकार का तीसरा बजट संकल्प थीम पर प्रस्तुत किया.  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बजट 2026–27 को जनकल्याण और विकास को समर्पित बताते हुए कहा कि यह बजट किसानों, महिलाओं, युवाओं और कर्मचारियों के सशक्तिकरण के साथ छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर विशेष प्रावधानों से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और आम जनता के जीवन स्तर में सुधार आएगा. रायपुर में 200 बिस्तर वाले अस्पताल, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी में जिला अस्पताल और 15 नए थाने खोले जाएंगे। ई-वाहनों (EV) में सब्सिडी दी जाएगी। नवा रायपुर में राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी स्थापित होगी और कर्मचारियों के लिए कैशलेस उपचार योजना के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अलाव बस्तर के अंदरूनी इलाकों में बस सेवा शुरू की जाएगी और अबूझमाड़-जगरगुंडा में दो एजुकेशन सिटी बसाई जाएंगी। स्कूल शिक्षा विभाग को सबसे ज्यादा 22 हजार करोड़ की राशि मिली है। स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना के लिए 100 करोड़ का प्रावधान है। वनों के संरक्षण के लिए 930 करोड़ का प्रावधान किया गया है। 1 हजार पदों पर भर्ती होगी। छत्तीसगढ़ सरकार अब 5 प्रमुख मिशन पर काम करेगी। इनमें मुख्यमंत्री एआई मिशन, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन, मुख्यमंत्री खेल उत्कृष मिशन, मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन और मुख्यमंत्री स्टार्टअप और निपुण मिशन शामिल हैं। हर मिशन के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह स्वाथ्यगत कारणों से राज्य से बाहर हैं। डॉ रमन सिंह की अनुपस्थिति में धर्मजीत सिंह सभापति के तौर पर आसंदी में रहे। डॉ रमन सिंह सर्वाइकल की दिक्कत से जूझ रहे हैं। इसके चलते कोयंबटूर में भर्ती में किए गए। आज उनकी सर्जरी होगी। धरमलाल कौशिक कार्यवाहक विधानसभा अध्यक्ष होंगे। छत्तीसगढ़ बजट 2026-27, बड़ी घोषणाएं-     15 नए पुलिस थाने खोले जाएंगे।     5 नए साइबर थानों का निर्माण होगा।     महिला थानों की संख्या बढ़ाई जाएगी।     तेलीबांधा (रायपुर) थाना का नवीनीकरण होगा।     सीन ऑफ क्राइम यूनिट स्थापना हेतु ₹3 करोड़।     वनों के संरक्षण के लिए ₹930 करोड़, 1000 पदों पर भर्ती।     अभ्यारण्यों के विकास हेतु ₹11,000 करोड़ का प्रावधान।     शक्तिपीठ भ्रमण योजना शुरू, ₹5 करोड़ प्रावधान।     प्रदेश में शक्तिपीठ सर्किट का निर्माण।     राजिम में कांस्य प्रतिमा स्थापना हेतु ₹5 करोड़।     सिरपुर विकास के लिए ₹36 करोड़, रिवर फ्रंट व मेडिटेशन सेंटर बनेगा।     ईको टूरिज्म के लिए फिक्की से एमओयू, ₹500 करोड़ निवेश प्रस्ताव।     सरकारी स्कूली छात्रों के लिए युवा दर्शन योजना, ₹5 करोड़।     रायपुर देवभवन (स्वामी विवेकानंद निवास) राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने ₹5 करोड़।     पत्रकार भ्रमण हेतु बजट प्रावधान।     साहित्य महोत्सव हर वर्ष आयोजित होगा।     अप्रवासी छत्तीसगढ़ियों का NIR सम्मेलन हर साल होगा।     जनसंपर्क विभाग का बजट ₹475 करोड़।     ईवी वाहनों की सब्सिडी के लिए ₹100 करोड़।     नवा रायपुर में राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी की स्थापना।     नवा रायपुर में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण।     क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना हेतु ₹57 करोड़।     कर्मचारियों के लिए कैशलेस उपचार योजना, ₹100 करोड़।     हर मिशन के लिए ₹100 करोड़ का प्रावधान।     रायपुर में 200 बिस्तर का अस्पताल बनेगा।     5 प्रमुख शहरों के एयरपोर्ट पर शोरूम खोले जाएंगे।     नमक योजना के लिए ₹1,000 करोड़।     पेंशन के लिए ₹1,400 करोड़।     सयानगुड़ी के विकास हेतु ₹5,000 करोड़।     रायपुर मठपुरैना दृष्टिबाधित शाला के लिए ₹2.50 करोड़।     नशा मुक्ति केंद्र संचालन हेतु ₹20 करोड़।     अनुसूचित जाति छात्रों के लिए हॉस्टल-स्कूल निर्माण अनुदान।     OBC छात्राओं के लिए रायपुर में 200 सीट का छात्रावास।     अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण हेतु ₹80 करोड़।     भूमिहीन कृषि परिवारों के लिए ₹600 करोड़।     कृषक उन्नति योजना हेतु ₹10,000 करोड़।     मार्कफेड के लिए ₹6,000 करोड़।     नेचुरल फार्मिंग के लिए ₹40 करोड़।     कृषि पंपों के लिए ₹5,500 करोड़।     रायपुर कालीबाड़ी में 200 बिस्तर MCH अस्पताल व चिरमिरी में जिला अस्पताल निर्माण।     डेयरी समग्र विकास योजना शुरू, ₹90 करोड़।     शिल्पकारों को राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भागीदारी हेतु वित्तीय सहयोग।     उपहार प्लेटफॉर्म के लिए ₹25 करोड़।     50 लाख तक के कार्यों की एजेंसी ग्राम सभाएं होंगी।     प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ₹1,700 करोड़।     नवा रायपुर-राजनांदगांव इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स हेतु ₹10 करोड़।     प्रदेश में 23 नए उद्योग स्थापित होंगे।     भिलाई में व्यावसायिक परिसर हेतु ₹10 करोड़।     बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स भवन का निर्माण।     उद्योग बजट तीन गुना बढ़ा, अनुदान हेतु ₹750 करोड़।     खनिज ऑनलाइन 2.2 के लिए ₹35 करोड़।     उद्योग विभाग का बजट ₹248 करोड़ से बढ़कर ₹775 करोड़।     रायपुर में मेगा परीक्षा केंद्र बनेगा।     गिरौदपुरी मेले को ₹50 लाख अनुदान।     5 नालंदा लाइब्रेरी के लिए ₹22 करोड़।     मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना, ₹200 करोड़।     शहीद वीरनारायण सिंह आयुष्मान योजना के तहत ₹5 लाख तक इलाज, ₹1,500 करोड़ प्रावधान।     मुख्यमंत्री सड़क योजना के लिए ₹200 करोड़, 36 सड़कें शामिल।     रानी दुर्गावती योजना – 18 वर्ष पर बेटियों को ₹1.5 लाख।     250 महतारी सदन निर्माण, ₹75 करोड़।     मैनपाट व जशपुर कोतेबेरा में पर्यटन विकास।     रायपुर में फूड लैब निर्माण।     कांकेर, कोरबा, महासमुंद में नर्सिंग कॉलेज।     मेकाहारा में एआई उपयोग हेतु ₹10 करोड़।     मितानिन कल्याण निधि के लिए ₹350 करोड़।     मुख्यमंत्री लखपति दीदी भ्रमण योजना लागू।     बस्तर व सरगुजा में डॉक्टरों की भर्ती।     बस्तर-सरगुजा में रोड नेटवर्क कनेक्टिविटी विस्तार।     इंद्रावती बैराज हेतु ₹68 करोड़ स्वीकृत। … Read more

पीएम मोदी इजरायल पहुंचे, फ्लाइट रडार पर ‘एअर इंडिया वन’ विमान की सर्चिंग हुई सबसे ज्यादा

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल पहुंच गए हैं. इजरायल यात्रा पर निकले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्लाइट लोकेशन को दुनिया में इस वक्त सबसे ज्यादा ट्रैक किया जा रहा है. दुनिया भर के विमानों के मूवमेंट पर नजर रखने वाला पॉपुलर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म फ्लाइटरडार के डेटा बताते हैं कि इस वक्त पीएम मोदी की फ्लाइट मूवमेंट को विश्व में सबसे ज्यादा ट्रैक किया जा रहा है.  पीएम नरेंद्र बुधवार को दो दिनों की इजरायल यात्रा पर निकले हैं. फ्लाइटरडार एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जो लाइव फ्लाइट ट्रैकिंग करता है. इसका मुख्य काम है दुनिया भर में उड़ रहे विमानों की रियल-टाइम लोकेशन, स्पीड, ऊंचाई, रूट, फ्लाइट नंबर आदि दिखाना है. फ्लाइटरडार के अनुसार बुधवार शाम पौने चार बजे जब पीएम मोदी की फ्लाइट सऊदी अरब से जॉर्डन में एंट्री कर रही थी उस वक्त इसे 7184 लोग लाइव ट्रैक कर रहे थे.  पीएम मोदी का विमान इजरायल के लिए पाकिस्तान और ईरान के एयर स्पेस को पूरी तरह से एवॉइड कर रहे हैं. पीएम मोदी की फ्लाइट दिल्ली से निकलकर गुजरात होते हुए अरब सागर को पार कर ओमान पहुंचा, इसके बाद सऊदी अरब पहुंचा, यहां से उनका प्लेन सऊदी अरब के एयर स्पेस बीच से होकर गुजरा. इसके बाद उनका विमान जॉर्डन पहुंचा. जॉर्डन के बाद इजरायल की सीमा शुरू हो जाती है.  पीएम मोदी एयर इंडिया वन से इज़रायल जा रहे हैं.  यह भारत सरकार का विशेष विमान है, जो प्रधानमंत्री और अन्य उच्च पदाधिकारियों के लिए इस्तेमाल होता है. आमतौर पर यह Boeing 777-300ER या कभी-कभी दो विमानों का फ्लीट होता है, जो स्पेशल कॉन्फ़िगरेशन के साथ आता है. इस विमान में कमांड सेंटर, सिक्योर कम्युनिकेशन और डिफेंस सिस्टम्स शामिल होते हैं.  पीएम मोदी 25 फरवरी 2026 को सुबह पालम एयर फोर्स स्टेशन से रवाना हुए. उनका विमान तेल अवीव के बेन गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुआ. भारत से इजरायल की डायरेक्ट फ्लाइट लगभग 6-7 घंटे की होती है. 

बिलासपुर हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल में कैंपस पर हमला करने की चेतावनी, पुलिस और साइबर टीम जांच में जुटी

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना से बुधवार को न्यायिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही उच्च न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और बम स्क्वॉड तथा डॉग स्क्वॉड की टीमों को मौके पर तैनात कर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। बारीकी से हो रही निगरानी पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार धमकी मिलने के बाद एहतियातन पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में लिया गया। प्रवेश द्वारों पर जांच सख्त कर दी गई है तथा संदिग्ध वस्तुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी निगरानी भी बढ़ा दी गई है। अन्य जिला न्यायालयों को भी मिल चुकीं धमकियां गौरतलब है कि इससे पूर्व भी प्रदेश के अन्य जिला न्यायालयों को इसी प्रकार की धमकियां मिल चुकी हैं। राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा और जगदलपुर के जिला न्यायालयों में भी ऐसी सूचनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया था। हालांकि बाद की जांच में वे सूचनाएं अफवाह साबित हुई थीं। तलाशी और जांच जारी, ढिलाई नहीं… फिलहाल, बिलासपुर उच्च न्यायालय परिसर में तलाशी और जांच की कार्रवाई जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है और सुरक्षा में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था और जांच धमकी के तुरंत बाद हाईकोर्ट परिसर को छावनी में बदल दिया गया। सभी प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त बल तैनात किए गए। डॉग स्क्वायड ने हर कोने की तलाशी ली। बॉम्ब स्क्वायड ने भी अत्याधुनिक उपकरणों से जांच की। पुलिस ने परिसर के चप्पे-चप्पे की पड़ताल की। ईमेल स्रोत की पड़ताल पुलिस अब संदिग्ध ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई है। साइबर विशेषज्ञों की मदद से ईमेल भेजने वाले की पहचान की जा रही है। पुलिस इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस धमकी के पीछे कौन है।