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रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा 2 रस्मों से करेंगे शादी, दिखेगी सांस्कृतिक विविधता की झलक

मुंबई, अभिनेत्री रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की शादी का जश्न शुरू हो चुका है, जिसकी झलकियां सोशल मीडिया पर लगातार सामने आ रही हैं। इस खास मौके को कपल ने बेहद निजी रखा है, जिसमें केवल चुनिंदा मेहमानों को ही आमंत्रित किया गया है। दोनों की शादी दो अलग-अलग रीति-रिवाजों के साथ संपन्न होगी, जिससे उनकी सांस्कृतिक विविधता भी झलकेगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक 26 फरवरी की सुबह रश्मिका और विजय तेलुगु हिंदू परंपरा के अनुसार विवाह बंधन में बंधेंगे। इसके बाद शाम को कोडवा समुदाय की परंपराओं के अनुसार एक और समारोह आयोजित किया जाएगा, जो रश्मिका की जड़ों को समर्पित होगा। शादी से पहले एक खास रस्म में विजय की मां माधवी देवरकोंडा ने अपनी होने वाली बहू को परिवार की परंपरा के तहत खानदानी चूड़ियां भेंट कीं। गौरतलब है कि कपल ने 22 फरवरी को सोशल मीडिया के जरिए अपने रिश्ते को आधिकारिक रूप से सार्वजनिक किया था। शादी समारोह में साउथ फिल्म इंडस्ट्री के कुछ करीबी चेहरे शामिल हो रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, निर्देशक थारुन भास्कर, अभिनेत्री ईशा रेब्बा और स्टाइलिस्ट श्राव्या वर्मा समारोह का हिस्सा बन चुके हैं। इसके अलावा, फिल्म 'द गर्लफ्रेंड' से जुड़े राहुल रविंद्रन और आशिका रंगनाथ भी 'विरोश' की इस खास शादी में शामिल हुए हैं।  

ज्यूडिशियरी में करप्शन पढ़ाने पर बवाल, NCERT कंटेंट में नेताओं के आपराधिक बैकग्राउंड का जिक्र

नई दिल्ली एनसीईआरटी की आठवीं क्लास की किताब में ज्यूडिशियरी में भ्रष्टाचार वाले चैप्टर पर विवाद छिड़ गया है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इस मामले में काफी नाराजगी दिखाई, जिसके बाद सरकारी सूत्रों ने कहा है कि यह किताब से यह पोर्शन हटा दिया जाएगा। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के वकील भी काफी नाराज हैं। सीनियर एडवोकेट और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह ने नेताओं पर हमला बोल दिया है। उन्होंने दावा किया कि 40 फीसदी नेता क्रिमिनल बैकग्राउंड के हैं, तो ऐसे में इस बारे में सिखाना चाहिए। न्यूज एजेंसी से बात करते हुए, सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने कहा, "ठीक है, जहां तक आर्टिकल की बात है, मुझे लगता है कि यह चौंकाने वाला है कि एनसीईआरटी ने टेक्स्टबुक में ऐसा कुछ शामिल किया है। टेक्स्टबुक बच्चों को हमारे समाज के बारे में सिखाने के लिए होती हैं। अगर वे सच में सिखाना चाहते हैं, तो उन्हें इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि लगभग 40 फीसदी नेताओं का क्रिमिनल बैकग्राउंड है। यह कुछ ऐसा है जिसकी हमने आजादी मिलने पर बिल्कुल उम्मीद नहीं की थी, कि जो लोग इस देश पर राज करेंगे, वे कानून तोड़ने वाले हो सकते हैं, जो आखिर में कानून बनाने वाले बनेंगे। लेकिन ज्यूडिशियरी में करप्शन के बारे में बात करना, मुझे लगता है, सच में इंस्टीट्यूशन को कमजोर करता है।'' 'जिम्मेदार पर कंटेम्प्ट नोटिस जारी करना चाहिए' उन्होंने आगे कहा कि करप्शन हर जगह है, लेकिन मैं आपको यकीन दिला सकता हूं कि ज्यूडिशियरी में करप्शन एग्जीक्यूटिव या पॉलिटिक्स से कहीं, कहीं कम है। इसलिए मुझे यह बिल्कुल साफ नहीं है कि इस चैप्टर को शामिल करने का मकसद क्या था। लेकिन मुझे यकीन है कि जस्टिस सूर्यकांत को एनसीईआरटी के उन अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, जिन्होंने इसे शामिल करने का फैसला किया, और उन्हें कंटेम्प्ट नोटिस जारी करना चाहिए, जिसमें पूछा जाए कि उन्हें क्रिमिनल कंटेम्प्ट के लिए जिम्मेदार क्यों न ठहराया जाए।" 'बच्चों को ज्यूडिशियरी में भ्रष्टाचार के बारे में पढ़ाया जा रहा' सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की आठवीं कक्षा की किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार विषय से संबंधित सामग्री का स्वतः संज्ञान लिया और इसे गंभीर चिंता का विषय बताया। भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची तथा न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिबल ने यह दलील दी कि कक्षा आठ के बच्चों को न्यायपालिका में भ्रष्टाचार के बारे में पढ़ाया जाता है। यह एक गंभीर चिंता का विषय है। 'संस्था को बदनाम करने की अनुमति नहीं दूंगा' सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, ''मैं किसी को भी संस्था को बदनाम करने की अनुमति नहीं दूंगा। कानून अपना काम करेगा।'' उन्होंने कहा, ''संस्था के प्रमुख के रूप में मैंने अपना कर्तव्य निभाया है और संज्ञान लिया है… यह एक सोचा-समझा कदम प्रतीत होता है। मैं ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा।'' न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि यह पुस्तक संविधान की मूल संरचना के विरुद्ध प्रतीत होती है। सीजेआई ने कहा, ''कृपया कुछ दिनों तक प्रतीक्षा करें। अधिवक्ता और न्यायाधीश सभी परेशान हैं। सभी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश परेशान हैं। मैं इस मामले को स्वतः संज्ञान के तहत लूंगा। मैं किसी को भी संस्था को बदनाम करने की अनुमति नहीं दूंगा। कानून अपना काम करेगा।'' बाद में न्यायमूर्ति कांत ने कहा कि शीर्ष अदालत ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है।  

सेफ टूरिज्म की ओर बड़ा कदम, पर्यटन स्थलों पर महिला सुरक्षा को लेकर मंथन

भोपाल  मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित, संवेदनशील और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में “महिलाओं के लिये सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना” के अंतर्गत पर्यटन स्थलों पर महिला सुरक्षा: पुलिस की भूमिका एवं रणनीति विषय पर तीन दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन 26 से 28 फरवरी तक होटल पलाश रेसिडेंसी, भोपाल में किया जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य पर्यटन और पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर पर्यटन स्थलों पर महिला पर्यटकों की सुरक्षा, सहजता और विश्वास को मजबूत करना है। कार्यक्रम में गृह, पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग, पर्यटन बोर्ड, पर्यटन निगम और विभिन्न विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी रहेगी। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी. ने बताया कि प्रदेश में पर्यटन स्थलों को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने के लिए पर्यटन बोर्ड द्वारा लगातार प्रयास किये जाते रहे हैं। इसी क्रम में महिला पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पर्यटन स्थलों पर अधोसंरचना, पुलिस समन्वय, सामुदायिक सहभागिता और संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए इस तरह की कार्यशालाएं भविष्य में भी की जाएंगी। उन्होंने कहा इससे मध्यप्रदेश को सुरक्षित पर्यटन गंतव्य के रूप में पहचान को और मजबूती मिलेगी। कार्यशाला में 26 फरवरी को पर्यटन विभाग द्वारा समुदाय आधारित पर्यटन और महिला सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों पर प्रस्तुति दी जाएगी, वहीं पुलिस विभाग महिला सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों और रणनीतियों पर चर्चा करेगा। समूह कार्यों के माध्यम से धार्मिक पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन, पुरातात्विक स्थलों, वन क्षेत्रों, विशेष आयोजनों, साहसिक पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर और साइबर धोखाधड़ी जैसे विषयों पर मंथन होगा। कार्यशाला में 27 फरवरी को समूह कार्यों से प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर एक्शन प्लान और पॉलिसी एडवोकेसी पर चर्चा की जाएगी। साथ ही खारी, भोजपुर, भीमबेठिका, वन विहार और भोपाल के आसपास के पर्यटन स्थलों का क्षेत्र भ्रमण कर जमीनी स्तर पर सुरक्षा और सुविधाओं का आकलन किया जाएगा। कार्यशाला में 28 फरवरी को कई राज्यों और देशों के केस स्टडी, विशेषज्ञ व्याख्यान, यूएन-विमेन की प्रस्तुति, जेंडर संवेदनशीलता, सामुदायिक पुलिसिंग और सोशल मीडिया की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तृत संवाद होगा। कार्यशाला का समापन स्मृति चिह्न वितरण के साथ किया जाएगा।  

बिरसिंगपुर से आई गुड न्यूज, बिजली उत्पादन में ऐतिहासिक प्रदर्शन

भोपाल  विशेषज्ञ एजेंसि‍यों की सलाह अनुसार मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की जिस यूनिट को वार्ष‍िक रखरखाव के दौरान रोटर में क्रेक टरबाइन के लो-प्रेशर रोटर ग्रूव्स में गंभीर दरार होने और नए रोटर लगाने के लिए लगभग 48 माह लगते, उसी यूनिट को पावर जनरेटिंग कंपनी के इंजीनियरों ने इन-हाउस मरम्मत करके 100 दिन तक लगातार संचालित कर दिया। यहां जिस यूनिट का जिक्र किया जा रहा है वह संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर की 500 मेगावाट क्षमता यूनिट नंबर 5 है। इस यूनिट ने गत दिवस लगातार 100 दिन संचालित होने का रिकार्ड बनाया। यदि यह यूनिट विशेषज्ञ एजेंसियों की सलाह के आधार नए रोटर लगने तक लगभग चार वर्ष के लिए बंद रहती तो विद्युत उत्पादन का नुकसान होता। इसके अतिरिक्त नए रोटर की खरीद पर अतिरिक्त व्यय भी कंपनी को वहन करना पड़ता। विशेषज्ञ एजेंसि‍यों ने कहा रोटर को बदलना ही एकमात्र विकल्प संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर की 500 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर 5 को गत वर्ष 10 जुलाई को केपिटल ओवरहालिंग के लिए बंद किया गया था। रखरखाव के दौरान जानकारी मिली कि टरबाइन के लो-प्रेशर (LP) रोटर ग्रूव्स में गंभीर दरारें हैं। विस्तृत तकनीकी परीक्षण एवं मूल्यांकन के उपरांत एजेंसियों के विशेषज्ञों ने रोटर को भविष्य की सेवा के लिए अनुपयुक्त बताते हुए नया रोटर लगाने की अनुशंसा की। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी ने खराब एलपी रोटर को इन-हाउस मरम्मत करने का साहसिक निर्णय लिया रोटर की मरम्मत करके यूनिट को पुन: विद्युत उत्पादन करने के लिए सक्षम बना दिया। देश में पहली बार यथा स्थान पर सुधारा गया रोटर देश में पहली बार किसी LP टरबाइन रोटर की यथा स्थान पर इस तरह की मरम्मत की गई। इस जटिल व मुश्क‍िल मरम्मत का सफल होना और उसके बाद 100 दिनों से यूनिट का एक सा संचालन इस कामयाबी को खास और शानदार बनाता है। उल्लेखनीय है कि यूनिट ने इसके बाद लगभग 1592 मिलियन यूनिट (MU) विद्युत उत्पादन करते हुए लगभग 97.97% प्लांट लोड फेक्टर (पीएलएफ), 98% प्लांट अवेलेबिलिटी फेक्टर (पीएएफ) और 5.48% ऑक्जलरी खपत का मापदंड अर्जित किया। राष्ट्रीय पटल पर कंपनी मनवा रही अपना लोहा मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक  मनजीत सिंह ने कहा कंपनी के अभियंता न सिर्फ विद्युत गृहों के सुचारु संचालन से राष्ट्रीय पटल पर कंपनी का नाम रोशन कर रहे हैं, बल्कि अपने तकनीकी कौशल और काबिलि‍यत से विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान सुदृढ़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तकनीकी नवाचार, जोखिम प्रबंधन और संसाधन अनुकूलन का टीम ने उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह उपलब्धि कंपनी के अभियंताओं व कार्मिकों की प्रतिबद्धता, दक्षता और टीम भावना का प्रमाण है। 

बीहर रिवर फ्रंट शेष कार्य को शीघ्र पूर्ण करें: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में रीवा शहर में पुनर्घनत्वीकरण योजना की प्रगति एवं आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न विकास योजनाओं, अधोसंरचना उन्नयन तथा सौंदर्यीकरण कार्यों पर विस्तार से चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने विशेष रूप से बीहर नदी के रिवर फ्रंट विकास कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि नदी के पूर्वी तट का सौंदर्यीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि पश्चिमी तट का कार्य शेष है। उन्होंने पश्चिमी तट पर शेष रिवर फ्रंट कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि बीहर नदी के दोनों तटों का समग्र विकास होने से रीवा शहर को विशिष्ट पहचान मिलेगी तथा नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक स्थल उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही पुनर्घनत्वीकरण योजना अंतर्गत अन्य प्रस्तावित कार्यों को भी समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में परियोजनाओं के क्रियान्वयन की गति बढ़ाने, आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृतियों को शीघ्र पूर्ण करने तथा समन्वय के साथ कार्य करने पर बल दिया गया। उन्होंने केंद्रीय जेल रीवा में पुनर्घनत्वीकरण योजना के कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्डल के आयुक्त  गौतम सिंह सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

कर्मचारी संगठनों ने CM साय से रखीं मांगें, समाधान का मिला भरोसा

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से आज यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य बजट में कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लिए कैशलैस चिकित्सा सुविधा शामिल किए जाने पर अभिनंदन करते हुए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री  साय से छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक  कमल वर्मा ने कहा कि यह निर्णय कर्मचारी वर्ग एवं उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक चिंता से मुक्ति मिलना एक ऐतिहासिक एवं कर्मचारी हितैषी कदम है। उन्होंने कहा कि फेडरेशन सरकार के इस संवेदनशील निर्णय का स्वागत करता है तथा आशा करता है कि भविष्य में भी कर्मचारी हितों को इसी प्रकार प्राथमिकता दी जाती रहेगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार अधिकारियों-कर्मचारियों के हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। कैशलैस चिकित्सा सुविधा का लाभ शासकीय कर्मचारियों और उनके परिवारों को मिलेगा। मेडिकल लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया के सरलीकरण से कर्मचारीगण अपने और अपने परिवार की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर निश्चिंत रहेंगे, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी कार्य गुणवत्ता पर भी पड़ेगा।  प्रतिनिधिमंडल में  कमल वर्मा (प्रांतीय संयोजक),  सुनील उपाध्याय,  जय कुमार साहू,  राजेश सिंघी,  संतोष कुमार वर्मा,  संजीत शर्मा,  देवाशीष दास,  लोकेश वर्मा,  अमित शर्मा, मती सोनाली तिडके,  आकाश त्रिपाठी,  जगेश्वर भट्ट,  दीपक सोनकर,  प्रवीण सिंह एवं मती निशा यादव उपस्थित रहे।

डोनाल्ड ट्रंप के दावों की खुली पोल: भाषण में बोले 5 झूठ, मीडिया ने किया फैक्ट चेक

वॉशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन में सबसे लंबा भाषण देकर इतिहास रच दिया। इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से 8 जंगें रुकवाने का दावा किया तो वहीं अर्थव्यवस्था, टैरिफ वॉर समेत कई मसलों पर बढ़-चढ़कर दावे किए। डोनाल्ड ट्रंप दावे करने में आगे रहे हैं, लेकिन अकसर गलत तथ्य दे देते हैं। ऐसा ही मंगलवार की रात को भी हुआ, जब उन्होंने जनता के सामने कई गलत तथ्य रख दिए। लेकिन डोनाल्ड ट्रंप के बोले गए झूठ ज्यादातर देर तक टिक नहीं सके। न्यूयॉर्क टाइम्स समेत अमेरिका के ही कई अखबारों ने उनका फैक्ट चेक कर दिया है। आइए जानते हैं, डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भाषण में बोले कौन-कौन से झूठ… अर्थव्यवस्था, नौकरी और निवेश पर क्या गलत दावा डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि हमारी इकॉनमी तेजी से बढ़ रही है। अमेरिकी दुनिया में हॉटेस्ट है। उनका दावा था कि हमारे पास काफी नौकरियां हैं। पहले के मुकाबले अमेरिका में सबसे ज्यादा लोगों के पास जॉब्स हैं। यह इतिहास में सबसे अधिक है। लेकिन डेटा कुछ और कहता है। अमेरिकी आंकड़ों के अनुसार 2025 में अमेरिका में नौकरी पाने वालों की संख्या में बड़ी गिरावट आई है। यह आंकड़ा कोरोना काल के किसी भी साल के मुकाबले कम रहा है। अमेरिकी लेबर ब्यूरो के अनुसार 2025 में अमेरिका में सिर्फ 1 लाख 81 हजार ही नई नौकरियां जुड़ीं। एरिना के कत्ल में प्रवासी शख्स के शामिल होने का दावा, क्या सच अमेरिकी लीडर ने यह दावा भी किया कि एरिना जारुस्का का कत्ल एक प्रवासी ने किया था। उनका कहना कि एक खूंखार अपराधी ने इस कांड को अंजाम दिया, जो खुली सीमाओं से आ गया था। वह यहां मुक्त होकर घूम रहा था। लेकिन उनका यह फैक्ट भी गलत निकला। एरिना के कत्ल में गिरफ्तार डिकार्लोस ब्राउन जूनियर कोई प्रवासी नहीं है। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप लगातार यह कहते रहे हैं कि अमेरिका में बाहर से आने वाले लोग ही ज्यादातर हिंसा के जिम्मेदार रहे हैं। बिजली की कीमत कम होने की बात निकली गलत अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका में की कीमतें घट रही हैं। इतनी कमी आई है कि यकीन नहीं होता। लेकिन सच्चाई कुछ और है। अमेरिका में प्रति परिवार ऊर्जा का बिल बीते एक साल में 6.7 पर्सेंट तक बढ़ गया है। वह लगातार कहते रहे हैं कि देश में बिजली की कीमत कम हो जाएगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ है। सच्चाई यह है कि डोनाल्ड ट्रंप के आने के बाद से कई यूटिलिटी कंपनियों ने मांग की है कि रेट बढ़ाए जाएं। यह इजाफा हुआ भी है। कहा जा रहा है कि 2035 तक 18 फीसदी की बढ़ोतरी हो जाएगी। गैस वाला बयान भी ट्रंप का झूठा ही साबित हुआ ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका में गैस की कीमत अब 1.99 डॉलर प्रति गैलन तक हो गई है। लेकिन बीते कुछ दिन पहले पर्यावरण को लेकर लगी पाबंदियों के चलते इसमें इजाफा होने की चर्चा है। इससे स्पष्ट है कि आने वाला समय रेट बढ़ने का रहेगा। यही नहीं कुछ राज्यों में अब भी कीमत 4.60 डॉलर प्रति गैलन है। इस तरह ट्रंप का दावा यहां भी गलत निकला है। 8 जंगें रुकने का दावा भी झूठा, गाजा में अब भी हो रहीं मौतें अब बात करते हैं, डोनाल्ड ट्रंप के युद्ध वाले दावों की। उन्होंने एक बार फिर से कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के शुरुआती 10 महीनों में 8 जंगें रुकवा दीं। अब इस मामले में भी सच्चाई यह है कि अमेरिका का दखल 6 जंगों में ही रहा है। अन्य दो युद्ध ऐसे रहे हैं, जिसमें उसका कोई रोल नहीं रहा। इसके अलावा कई लोगों ने तो इन 6 में भी उसे कोई क्रेडिट नहीं दिया है। ट्रंप ने गाजा में सीजफायर का दावा किया है, लेकिन वहां अब भी इजरायल के हमले जारी हैं और हर दिन ही कुछ मारे जा रहे हैं।  

मुख्यमंत्री ने चित्रकूट के पं. दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान के कार्यक्रम को किया वर्चुअली संबोधित

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख केवल एक राजनेता नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन के महान साधक थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन ग्राम विकास-शिक्षा-स्वावलंबन के लिए समर्पित कर दिया और समाज सेवा के उद्देश्य को तप के साथ सिद्ध किया। स्व. नानाजी देशमुख का मानना था कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। जब गांव मजबूत होंगे तभी राष्ट्र मजबूत बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख की 16वीं पुण्यतिथि के संदर्भ में चित्रकूट स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम को विधानसभा भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। स्व. नानाजी देशमुख की 16वीं पुण्यतिथि 27 फरवरी को है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट को भगवान  राम की तपोस्थली के साथ-साथ नानाजी देशमुख की कर्मस्थली होने का भी गौरव प्राप्त है। स्व. नानाजी देशमुख ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के सपने को मूर्त रूप देने के संकल्प को, चित्रकूट से ही साकार करने का प्रण किया। इस उद्देश्य से ही ग्रामीण विश्वविद्यालय की स्थापना 1991 में चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के रूप में की गई। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार स्व. नानाजी देशमुख की शिक्षाओं के अनुरूप समाज और देश के संवर्धन तथा सशक्तिकरण की दिशा में कार्य कर रही है। दीनदयाल शोध संस्थान, ग्रामीण विकास के साथ ही स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, कृषि, स्वावलंबन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में अनुकरणीय कार्य कर रहा है। राज्य सरकार विरासत के साथ विकास को ध्यान में रखते हुए गांवों को मजबूत कर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे रही है। चित्रकूट में स्थानीय सांसद  गणेश सिंह, विश्वविद्यालय के कुलगुरू  आलोक दुबे, दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव  अभय महाजन तथा विषय विशेषज्ञ और शोधार्थी उपस्थित थे।    

दिल दहला देने वाला कांड: बाप की लाश काटकर छिपाने वाले बेटे की जुबान पर अब ‘माफी’

लखनऊ यूपी की राजधानी लखनऊ में पैथालॉजी और शराब की दुकानें चलाने वाले कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या से प्रदेश को दहला देने वाले उनके इकलौते बेटे अक्षत को बुधवार को जेल भेजा जा रहा है। इसके पहले जब आशियाना पुलिस अक्षत को कोर्ट में पेश करने के लिए ले जा रही थी उस वक्त मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए अक्षत ने जो कुछ कहा उससे लगा कि जैसे उसे अब अपने किए पर पछतावा हो रहा है। अक्षत ने कहा- ‘सॉरी…गलती से हो गया।’ उधर, मानवेंद्र का अंतिम संस्कार भी उनके इकलौते बेटे के नहीं बल्कि भतीजे के हाथों हुआ। घर की मान्यता के अनुसार मानवेंद्र के पिता भी उनके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए। लखनऊ के आशियाना के बंगला बाजार में मानवेंद्र सिंह को 20 फरवरी को उनके बेटे अक्षत ने सोते समय सिर में गोली मारी थी। गोली से उनका भेजा उड़ गया था और कमरे में मांस से लोथड़े फैल तक गए थे। इसके बाद शव बाथरूम में घसीट कर ले गया। वहां आरी और चाकू से हाथ-पैर काटकर एक बोरी में रखे। अगले दिन कार से बोरी ले जाकर सदरौना में नहर किनारे झाड़ियों में छिपाया था। मंगलवार को यह खुलासा दोपहर पुलिस की पूछताछ में हुआ। पुलिस टीम अक्षत को घटनास्थल उसके घर ले गई थी। आधे घंटे पूछताछ की कि उसने कैसे और कहां पिता को मारा था? बोरी में मिले मानवेंद्र के हाथ और पैर आशियाना पुलिस टीम हत्यारोपित अक्षत को मंगलवार सुबह सदरौना लेकर पहुंची थी। सदरौना ने वह नहर किनारे झाड़ियों में पुलिस को ले गया। वहां एक बोरी रखी मिली। बोरी में मानवेंद्र के कटे हुए हाथ-पैर रखे थे। पुलिस ने उसे बरामद कर लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सिर से सटाकर मारी गोली, बाथरूम में ले गया शव पूछताछ के दौरान अक्षत ने बताया कि 19 फरवरी को देर रात पिता से उसका नीट की पढ़ाई को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद वह बेडरूम में सो गए थे। अक्षत पुलिस टीम को बेडरूम में ले गया। 20 फरवरी को तड़के करीब 4:30 बजे उसने राइफल उठाई। पापा के सिर से सटाकर उन्हें गोली मार दी। बिस्तर और कंबल में मांस से लोथड़े चिपक गए थे। गोली की आवाज सुनकर बहन कृति जाग गई। उसने विरोध किया तो उसे धमकाया। वह चुप हो गई थी। पिता का शव खींचकर बाथरूम में ले गया। वहां आरी और चाकू से हाथ-पैर काटे। मांस के लोथड़े बोरी में भरे फिर कार की डिग्गी में रख आया था। खून से सना तकिया और कंबल जलाए अक्षत ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि गोली मारने से कंबल, चादर और तकिया पर खून लग गया था। मांस के लोथड़े चिपक गए थे। वह सब भी वह बोरी में भरकर सदरौना में नहर किनारे ले गया था। वहां सब कुछ जला दिया था। पुलिस ने अधजले कपड़े और राख आदि भी बरामद कर ली है। एसीपी कैंट अभय प्रताप मल्ल ने बताया कि आरोपी अक्षत को उसके घर ले जाकर मौका मुआयना किया गया। घटना के बारे में जानकारी ली गई। अक्षत ने बताया कि उसने पिता की हत्या के लिए एक दिन पहले ब्लिंकिट से दो चाकू मंगवाई थी। आरी और ड्रम वह खुद बाजार से खरीदकर लाया था।

‘अब नहीं होंगे हिडन चार्जेज…’ RBI ने बैकों को दिए आदेश, ऐप से हटाएं धोखाधड़ी वाली ट्रिक्स

नई दिल्ली आपके साथ भी ऐसा होता होगा कि आप अपने बैंक का ऐप खोलते हैं और उसमें अतिरिक्त सेवाओं को खरीदने के लिए बार-बार मैसेज या नोटिफिकेशन आने लगते हैं. इनमें से कई मिडलीडिंग भी होते हैं. या फिर चेकआउट के समय आपको हिडन शुल्क दिखाई दिए हों, तो आप अकेले ऐसे यूजर नहीं हैं. अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ऐसे मामलों में सख्त नजर आ रहा है और डिजिटल बैंकिंग को अधिक पारदर्शी बनाने के क्रम में बैंकों को कड़ा आदेश दिया है.  आरबीआई ने कहा- 'हटा लें ये सब…' केंद्रीय बैंक ने अब 'Responsible Business Conduct Amendment Directions, 2026', के ड्राफ्ट में बैंकों को सख्त निर्देश दिया है. आरबीआई ने कहा है कि बैंक जुलाई 2026 तक अपनी वेबसाइटों और मोबाइल ऐप से सभी डार्क पैटर्न (Dark Patterns) हटा दें, जो कि ग्राहकों को गुमराह करने या उन पर दबाव डालने के लिए डिजाइन की गई ट्रिक्स हैं. इसमें बैंकों द्वारा वित्तीय उत्पादों और किसी भी सेवा की पेशकश से पहले ग्राहक की स्पष्ट सहमति अनिवार्य रूप से लें. RBI के इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्राहकों को उचित जानकारी के बिना उत्पाद खरीदने या शुल्क चुकाने के लिए गुमराह कतई न किया जाए. बैंकों को ग्राहक की स्पष्ट अनुमति के बिना वित्तीय उत्पादों को एक साथ बेचने पर भी रोक लगा दी जाएगी. RBI क्यों डार्क पैटर्न पर सख्त?  डार्क पैटर्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस्तेमाल की जाने वाली ऐसी डिजाइन तकनीकें हैं, जिनका उद्देश्य यूजर के व्यवहार को प्रभावित करना होता है, जिसे वे आसानी से पूरी तरह समझ न सकें. इनमें हिडन चार्ज, भ्रमित करने या प्रलोभन देने वाले विकल्प या फिर ग्राहकों को अतिरिक्त सेवाएं स्वीकार करने के लिए बार-बार प्रेरित करने वाले संकेत शामिल हो सकते हैं. बैंकों को इन ट्रिक्स पर रोक के संबंध में आरबीआई द्वारा दिए गए निर्देश, ये सुनिश्चित करने के लिए हैं, कि ग्राहकों को ठीक से पता हो कि वे किस चीज के लिए साइन-अप कर रहे हैं. यानी वे गुमराह न हों.  सर्वे में हुआ ये बड़ा खुलासा  इंडिया टुडे पर छपी रिपोर्ट के मुताबिक, लोकलसर्कल्स द्वारा किए गए एक सर्वे से पता चलता है कि इस तरह की ट्रिक्स का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है. RBI का यह कदम इस सर्वे के परिणामों के बाद आया है. इसमें 388 जिलों के 1,61,000 से अधिक लोगों से प्रतिक्रियाओं को शामिल किया गया. निष्कर्षों से पता चला है कि इस तरह की गुमराह करने वालीं डार्क पैटर्न ट्रिक्स कई ऑनलाइन बैंकिंग प्लेटफार्मों पर आम बात हैं. सर्वे में शामिल यूजर्स ने बताया कि हिडन चार्ज के बारे में खुलासा शुरुआत में स्पष्ट रूप से नहीं किया जाता है और किसी भी प्रक्रिया के अंत में इन छिपे हुए शुल्कों का सामना ग्राहक को करना पड़ता है. इसके अलावा ग्राहकों को अतिरिक्त सेवाओं को एक्टिव करने के लिए बार-बार नोटिफिकेशन परेशान करने वाले होते हैं.  जुलाई तक हटाने होंगे डार्क पैटर्न बैंकों को जुलाई 2026 तक डार्क पैटर्न को पूरी तरह से हटाने और नए नियमों का पालन करने का समय दिया गया है. RBI द्वारा मोबाइल बैंकिंग (Mobile Banking) पर लोगों की बढ़ती निर्भरता को देखते हुए ये कदम उठाया गया है, जो डिजिटल वित्तीय सेवाओं को आसान, निष्पक्ष और अधिक भरोसेमंद बनाने के लिए है.