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सुप्रीम कोर्ट में NCERT मुद्दे पर केंद्र झुका, माफी के बावजूद CJI बोले—‘जवाबदेही तय होगी’

नई दिल्ली राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की कक्षा 8वीं की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। गुरुवार को भी सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बिना शर्त और पूर्ण माफी मांगी है। आपको बता दें कि यह विवाद 24 फरवरी, 2026 को जारी की गई नई सिलेबस के बाद शुरू हुआ, जिसने न्यायपालिका की छवि को धूमिल करने वाले अंशों के कारण कोर्ट को नाराज कर दिया। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने इस मामले पर बेहद सख्त रुख अपनाया। न्यूज के अनुसार, सीजेआई ने कहा, "ऐसा लगता है कि न्यायपालिका को बदनाम करने के लिए यह एक गहरी और सुनियोजित साजिश रची गई है।" उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए शिक्षा सचिव और NCERT के निदेशक से जवाब तलब किया है कि उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई क्यों न की जाए। साथ ही केंद्र सरकार से ऑनउलब्ध पीडीएफ फाइल को जल्द से जल्द हटाने का आदेश दिया है। क्या था विवादित अध्याय? विवाद की जड़ कक्षा 8वीं की पुस्तक "एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड, वॉल्यूम II" का अध्याय नंबर 4 है। जिसका शीर्षक है 'हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका'। इस अध्याय में न्यायपालिका के भीतर भ्रष्टाचार पर कुछ ऐसी बातें शामिल की गई थी, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने आपत्तिजनक और अनुचित पाया। चौतरफा आलोचना और कानूनी दबाव के बाद NCERT ने एक आधिकारिक बयान जारी कर माफी मांगी है। परिषद ने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका का वे सर्वोच्च सम्मान करते हैं और उसे संविधान का रक्षक मानते हैं। 38 बिकी हुई कॉपियों को ढूंढ रहा है मंत्रालय मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस विवादित पुस्तक की कुल 2.25 लाख प्रतियां छपी थीं। गनीमत यह रही कि भारी संख्या में वितरण से पहले ही विवाद सामने आ गया। कुल 2,24,962 प्रतियां अभी भी गोदामों में सुरक्षित हैं जिन्हें वापस मंगा लिया गया है। सिर्फ 38 प्रतियां बाजार में बिक चुकी हैं। शिक्षा मंत्रालय और NCERT अब उन्हें ट्रैक करके वापस लेने की कोशिश कर रहे हैं। स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिया है कि अगली सूचना तक इन पुस्तकों का वितरण पूरी तरह से बंद रहेगा। सरकार अब इस बात की जांच कर रही है कि संवेदनशील विषयों पर पाठ्यसामग्री तैयार करने वाली विशेषज्ञ समिति से इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।  

तमिलनाडु में 63 करोड़ का तूफान: रॉकिंग स्टार यश की टॉक्सिक ने रचा नया ट्रेड इतिहास

मुंबई, रॉकिंग स्टार यश की फिल्म टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स की तमिलनाडु डिस्ट्रीब्यूशन डील 63 करोड़ एडवांस पर कमीशन बेसिस में लॉक हो चुकी है। हाल के सालों में यह इस टेरीटरी की सबसे बड़ी डील्स में से एक मानी जा रही है। फिल्म को लेकर जबरदस्त उम्मीदें पहले से ही थीं, और अब यह डील इसे राज्य की सबसे बड़ी आने वाली रिलीज में शुमार कर रहा है। पूरे तमिलनाडु में फिल्म को दमदार मल्टी-डिस्ट्रीब्यूटर स्ट्रैटेजी के साथ रिलीज किया जाएगा, जिससे हर सर्किट में मजबूत पकड़ बनाई जा सके। चेन्नई सिटी को थिंक स्टूडियोज के स्वरूप रेड्डी संभालेंगे, जबकि चेंगलपट्टू एरिया व्हाइट नाइट्स के ट्राइडेंट रवि के जिम्मे रहेंगे। कोयंबटूर, नॉर्थ और साउथ आर्कोट, तिरुनेलवेली और कन्याकुमारी सर्किट की कमान एस पिक्चर श्रीनिवासन के हाथ में होगी। वहीं मदुरै और रामनाड, त्रिची और तंजावुर, और सलेम जैसे अहम सर्किट 5 स्टार सेंथिल मैनेज करेंगे। यह सुनियोजित टेरिटोरियल मॉडल सिंगल स्क्रीन से लेकर मल्टीप्लेक्स चेन तक हर जगह मजबूत शोकेसिंग सुनिश्चित करेगा। डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनर्स ने इस साझेदारी को लेकर उत्साह जताते हुए कहा कि टॉक्सिक आज के समय की सबसे बहुप्रतीक्षित भारतीय फिल्मों में से एक है और तमिलनाडु में इसे लेकर जो प्यार और उत्साह दिख रहा है, वह अद्भुत है। सालों से यहां के दर्शकों ने यश को जिस अपनत्व और जोश के साथ अपनाया है, वह बेहद खास है। इतनी बड़ी और महत्वाकांक्षी फिल्म का हिस्सा बनना हमारे लिए सिर्फ बिज़नेस डील नहीं, बल्कि एक गर्व का पल है। ट्रेड एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इस डील के पीछे केजीएफ चैप्टर 2 की ऐतिहासिक सफलता और तमिलनाडु में यश की जबरदस्त लोकप्रियता बड़ी वजह है। यहां के दर्शकों ने उनकी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और खास अंदाज़ को खुले दिल से अपनाया है। यह सीमा से परे गतिविधि आज भी थिएट्रिकल मार्केट में मजबूत तालमेल में बदल रहा है। 63 करोड़ की एडवांस डील और मजबूत टेरिटोरियल नेटवर्क के साथ टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स तमिलनाडु में ग्रैंड ओपनिंग के लिए पूरी तरह तैयार है। फिल्म की कहानी यश और गीतू मोहनदास ने लिखी है, और डायरेक्ट भी गीतू मोहनदास ने किया है। टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स को कन्नड़ और इंग्लिश में साथ-साथ शूट किया गया है, जबकि हिंदी, तेलुगु, तमिल, मलयालम समेत कई भाषाओं में डब वर्जन भी रिलीज होंगे। केवीएन प्रोडक्शंस और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स के बैनर तले बनी यह फिल्म 19 मार्च 2026 को ग्लोबल के सिनेमा में रिलीज होगी। फिल्म में नयनतारा, कियारा आडवाणी, हुमा कुरैशी, रुक्मिणी वसंत और तारा सुतारिया अहम किरदार में नजर आएंगी।  

लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: घूस लेते महिला सुपरवाइजर ट्रैप

खंडवा, खालवा विकासखंड मुख्यालय खालवा में महिला एवं बाल विकास विभाग की एक संविदा पर्यवेक्षक को लोकायुक्त की टीम ने पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि पर्यवेक्षक ने पहले सहायिका पद पर नियुक्ति के लिए पांच हजार रुपये और बाद में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद पर पदस्थापना के लिए दो लाख रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता 27 वर्षीय सलिता पालवी निवासी ग्राम मोजवाड़ी वर्तमान में आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-एक मोजवाड़ी में सहायिका के पद पर पदस्थ हैं। उनकी नियुक्ति अक्टूबर 2025 में हुई थी। मोजवाड़ी स्थित आंगनवाड़ी केंद्र-3 में कार्यकर्ता का पद रिक्त होने पर उन्होंने नियमानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग, खालवा में आवेदन प्रस्तुत किया था। नियुक्ति दिलाने पांच, पदास्थापना के लिए दो लाख मांगे आरोप है कि महिला एवं बाल विकास परियोजना खालवा के सेक्टर सांवलीखेड़ा की संविदा पर्यवेक्षक 55 वर्षीय अंजिला मोहे निवासी ग्राम मलगांव ने आवेदिका से पहले सहायिका पद पर नियुक्ति दिलाने के नाम पर पांच हजार रुपये तथा कार्यकर्ता पद पर पदस्थापना के लिए दो लाख रुपए की मांग की। इस प्रकार कुल दो लाख पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत के बाद बिछाया जाल पीड़िता ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक, विशेष पुलिस स्थापना (लोकायुक्त) इंदौर विशेष पुलिस स्थापना (लोकायुक्त) इंदौर राजेश सहाय से की। शिकायत का सत्यापन सही पाए जाने पर ट्रैप दल का गठन किया गया। योजनाबद्ध कार्रवाई के तहत लोकायुक्त टीम ने गुरुवार को आरोपित अंजिला मोहे को आवेदिका से पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। मामले की जांच जारी आरोपित के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त इंस्पेक्टर प्रतिभा तोमर, आशुतोष मिठास सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग में हड़कंप की स्थिति है। मामले की आगे की जांच जारी है। रुपये लेते हुए ऐसे हुई ट्रैप फरियादिया सलिता पालवी ने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं पर्यवेक्षकों का जनपद पंचायत खालवा सभाकक्ष में प्रशिक्षण चल रहा था। इसी दौरान मैडम ने परियोजना कार्यालय में बुलाया। पूर्व से नियत योजना के तहत लोकायुक्त अधिकारियों ने तैयारी करके रखी थी, जैसे ही परियोजना आफिस में रिश्वत की राशि मैडम को दी, अधिकारियों में पकड़ लिया।  

बेअदबी के गुनहगारों को कानून की बात करने का हक नहीं: बलतेज पन्नू

चंडीगढ़ आदमी पार्टी (आप) पंजाब के प्रदेश मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के उस बयान पर तीखा हमला बोला है, जिसमें उन्होंने कहा है कि उनकी सरकार आने पर पहली मीटिंग में ड्रग तस्करों और गैंगस्टरों को 'आतंकवादी' घोषित किया जाएगा। बुधवार को पार्टी दफ्तर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पन्नू ने कहा कि सुखबीर बादल शायद इस गलतफहमी में हैं कि पंजाब के लोग 2007 से 2017 के काले दौर को भूल चुके हैं।  सच्चाई यह है कि पंजाब की धरती पर ड्रग्स (चिट्टा) और गैंगस्टरवाद के बीज अकाली-भाजपा सरकार के दौरान ही बोए गए और उनके संरक्षण में ही यह फला-फूला। बलतेज पन्नू ने पुरानी घटनाओं को याद दिलाते हुए कहा कि 2007 से पहले पंजाब ने कभी 'गैंगस्टर' शब्द नही सुना था। सुखबीर बादल के राज में ही अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिला। अमृतसर में अपनी बेटी की इज्जत बचाते हुए जब एक एएसआई की हत्या की गई, तो अकाली दल से जुड़े लोगों ने सरेआम भांगड़ा डाला था। पन्नू ने सवाल किया कि नाभा जेल ब्रेक कांड किसके समय हुआ? फरीदकोट में सरेआम नाबालिग लड़की का अपहरण किसने किया? यह सब अकाली दल के गुंडाराज की निशानियां हैं जो अपराधी उस समय महंगी गाड़ियों पर हूटर और स्पीकर लगाकर बेखौफ घूमते थे, वही आगे चलकर गैंगस्टर बने। पन्नू ने कहा कि 2007 से 2012 के बीच पंजाब में नशे की दुकानें खुलीं और 2012 में सरकार रिपीट होने के बाद चिट्टा अपने शिखर पर पहुंच गया। पंजाब की एक पूरी पीढ़ी को नशे की गर्त में धकेलने का पाप सुखबीर बादल के सिर है। जब पुलिस चिट्टा तस्करों को पकड़ती थी, तो आधे घंटे के भीतर ही अकाली नेताओं के साथ उनकी तस्वीरें सामने आ जाती थीं और उन्हें छुड़ाने के लिए मंत्रियों की सिफारिशें पहुंच जाती थीं। आज वही सुखबीर बादल पहली मीटिंग में कार्रवाई की बात कर रहे हैं, जो पूरी तरह हास्यास्पद है। बलतेज पन्नू ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार आज ईमानदारी से नशे और गैंगस्टरों के खिलाफ युद्ध लड़ रही है। हमने गांव स्तर तक समितियों का गठन किया है और पुलिस पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है। आज जब मान सरकार इन बुराइयों को जड़ से खत्म कर रही है, तो सुखबीर बादल को फिर से सत्ता की भूख सता रही है ताकि वे दोबारा वही पुराना नशे का साम्राज्य खड़ा कर सकें। सुखबीर बादल पर कड़ा प्रहार करते हुए पन्नू ने कहा कि पंजाब के लोग कभी नहीं भूल सकते कि आपके राज में बरगाड़ी और बुर्ज जवाहर सिंह वाला में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी हुई। जब लोग शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे, तो उन पर गोलियां किसने चलवाईं? कोटकपुरा गोलीकांड में आज सुखबीर बादल खुद जमानत पर बाहर हैं। इतना ही नहीं, सिख पंथ की महान हस्तियां और खुद श्री दरबार साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह जी अकाली परिवार पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन सुखबीर बादल ने इस पर गहरी चुप्पी साधी हुई है। बलतेज पन्नू ने कहा कि सुखबीर बादल अगली रैली में पंजाब के लोगों को यह बताएं कि 10 साल के राज में उन्होंने क्या किया? 2007 से 17 के बीच चिट्टा कैसे आया और स्कूटर ठीक करने वाले लोग अरबों के मालिक कैसे बन गए? पंजाब की जनता का याददाश्त इतनी कमजोर नहीं है कि वे अपनों के खून और बर्बाद हुए युवाओं को भूल जाएं। उन्होंने कहा कि सुखबीर बादल को मुंगेरी लाल के हसीन सपने देखना बंद कर देना चाहिए, क्योंकि पंजाब अब आपकी असलियत पहचान चुका है।

ब्लैकमेलिंग मामले में मुरैना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, यूट्यूबर सपन सिंह जादौन हिरासत में

मुरैना अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से ब्लैकमेलिंग करके वसूली करने वाले एक यूट्यूबर को मुरैना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाले सपन सिंह जादौन नाम के युवक ने मुरैना की आरटीओ अर्चना परिहार से संबंधित खबरें सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी। इसके साथ ही मुरैना के ही सबलगढ़ के नगर पालिका अध्यक्ष सोनेराम धाकड़ से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे। दोनों से कर रहा था पैसे की मांग वहीं, यूट्यूबर सपन सिंह जादौन दोनों अधिकारियों से पैसे की मांग कर रहा था। मुरैना के दोनों अधिकारियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके बाद पुलिस यूट्यूबर सपन सिंह जादौन को गिरफ्तार किया है। अब आगे की कार्रवाई की जा रही है। प्राइवेसी का कर रहा है उल्लंघन मुरैना के सिटी कोतवाली के टीआई अमित भदौरिया ने बताया कि आरटीओ अर्चना परिहार ने पुलिस में शिकायत की थी कि सपन सिंह जादौन नाम का एक यूट्यूबर सोशल मीडिया पर उनकी निजता का उल्लंघन कर रहा है और सोशल मीडिया पर ही उनके बारे में अनर्गल बातें कर रहा है। आरटीओ की शिकायत मिलने पर पुलिस ने सपन सिंह के खिलाफ एक्सटॉर्शन समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली। नगर पालिका अध्यक्ष को भी कर रहा था ब्लैकमेल टीआई ने यह भी जानकारी दी की सबलगढ़ के नगर पालिका अध्यक्ष से भी सपन सिंह जादौन द्वारा इसी तरह ब्लैकमेलिंग की जा रही थी। नगर पालिका अध्यक्ष सोनेराम धाकड़ ने इस बात की शिकायत संबंधित थाने में की थी। जिसके बाद सबलगढ़ थाने में भी सपन सिंह जादौन पर एफआईआर दर्ज हुई है। सपन सिंह जादौन पर एफआईआर दर्ज होने के बाद मुरैना पुलिस ने सपन सिंह जादौन को गिरफ्तार कर लिया है। टीआई ने जानकारी देते हुए बताया कि सपन सिंह जादौन सोशल मीडिया पर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ पोस्ट डालता था और उन्हें ब्लैकमेल करता था। यही उसका काम था। इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। सपन सिंह जादौन के कुछ साथियों के बारे में भी जानकारी मिली है। पुलिस तथ्यात्मक विवेचना कर रही है और उसके साथ जो भी सहयोगी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ भी पुलिस द्वारा कार्रवाई की जाए

स्टार प्लस का बहुप्रतीक्षित शो ‘तारा’ 10 मार्च से होगा प्रसारित

मुंबई,   स्टार प्लस का बहुप्रतीक्षित शो ‘तारा’ 10 मार्च से प्रसारितहोगा। स्टार प्लस ने अपने नए शो 'तारा' की प्रीमियर डेट का खुलासा कर दिया है। यह रोमांटिक ड्रामा 10 मार्च से रात आठ बजे लॉन्च होने के लिए पूरी तरह तैयार है, जो दर्शकों को दिल छू लेने वाले पलों और गहरे पारिवारिक ड्रामे से भरी एक इमोशनल प्रेम कहानी का वादा करता है। इस शो में कुशाल आहूजा 'युवराज' के रूप में और कनिका कपूर 'तारा' के रूप में दो अलग-अलग दुनिया के किरदारों को साथ ला रहे हैं। कहानी तारा के इर्द-गिर्द घूमती है, जो युवराज के घर में हाउस हेल्प (मददगार) के रूप में काम करती है। जहाँ किस्मत उन्हें करीब लाती है और उनके बीच धीरे-धीरे प्यार पनपता है, वहीं युवराज का परिवार इस रिश्ते का विरोध करता है, जिससे कहानी में इमोशनल टकराव और ड्रामा पैदा होता है। शुरुआती प्रोमोज़ ने तारा और युवराज की दुनिया की एक झलक दिखाई है, एक ऐसी कहानी जहाँ सामाजिक दूरियों और अनकही बाधाओं के बीच लगाव बढ़ता है। युवराज अपनी भावनाओं और परिवार की उम्मीदों के बीच फँसा हुआ नज़र आता है, जबकि तारा मजबूती, गरिमा और खामोश सहनशीलता की मिसाल बनी हुई है। उनका यह सफर रोमांस, बलिदान और जबरदस्त टकराव का वादा करता है जो दर्शकों को बांधे रखेगा। प्राइम-टाइम स्लॉट और एक ताज़ा नैरेटिव के साथ, 'तारा' प्यार की एक ऐसी चलती-फिरती कहानी पेश करना चाहता है जो सामाजिक मानदंडों और सीमाओं को चुनौती देती है। लीड जोड़ी के बीच की केमिस्ट्री और प्रोमोज़ में दिखाई गई इमोशनल गहराई ने पहले ही दर्शकों में उत्सुकता जगा दी है।  

चंपई सोरेन के पोते का निधन, अंतिम यात्रा में पहुंचे CM हेमंत सोरेन; पूरे गांव में मातमी सन्नाटा

जमशेदपुर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पोते वीर सोरेन का गुरुवार को पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनका अंतिम संस्कार जमशेदपुर के पास सरायकेला-खरसावां जिले के जिलंगगोड़ा गांव में हुआ। अंतिम यात्रा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कई विधायक-सांसद, समर्थक और ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। वीर सोरेन अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए मनाली गए थे। जानकारी के अनुसार वे 22 फरवरी को मनाली पहुंचे थे और सिमसा के एक होम स्टे में ठहरे थे। 23 फरवरी को उन्होंने सोलंग और सेथन इलाके में घूमने गए थे। 24 फरवरी की दोपहर करीब 12:30 बजे वे घूमकर कमरे में लौटे और सिर में तेज दर्द की शिकायत की। दोस्तों ने ऑनलाइन दवा मंगाकर उन्हें दी, जिसके बाद वे आराम करने लगे। करीब 2:30 बजे कमरे से गिरने की आवाज आई। दोस्त अंदर पहुंचे तो देखा कि वीर सोरेन फर्श पर अचेत पड़े हैं। उन्हें तुरंत गाड़ी से मनाली सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अस्पताल ले जाते समय उनके मुंह से झाग निकल रहा था। गांव पहुंचते ही माहौल हुआ गमगीन गुरुवार दोपहर जब वीर सोरेन का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव जिलंगगोड़ा पहुंचा तो पूरा गांव शोक में डूब गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और समर्थक अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। सभी ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अंतिम संस्कार से पहले चंपाई सोरेन के आवास पहुंचे और वीर सोरेन को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मिलकर उन्हें ढांढ़स बंधाया। सिंहभूम की सांसद जोबा माझी भी गांव पहुंचीं और वीर सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने चंपाई सोरेन से मुलाकात कर इस दुख की घड़ी में परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि यह क्षति न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए दुखद है।  

संस्कृत श्लोक सुनाकर जापान के बच्चे ने जीता CM योगी का दिल, भावुक कर गया पल

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर जापान गए हैं। मुख्यमंत्री के साथ मंत्री नंद गोपाल नंदी सहित अन्य अधिकारी भी गए हैं। इस दौरान सीएम योगी और एक बच्चे की शानदार तस्वीर सामने आई है। इस पल का वीडियो सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट भी किया है। दरअसल, जापान के यामानाशी की ओर जाते समय रास्ते में भारतीय मूल के लोग सीएम योगी से मिलने पहुंचे, जिनमें एक बच्चा भी शामिल था। इस दौरान सीएम योगी ने बच्चे को चॉकलेट दी, तो उसने दंडवत प्रणाम करते हुए उनके पैर छुए। इस पर सीएम योगी ने खुश होते हुए आशीर्वाद दिया। इसके बाद बच्चे ने संस्कृत में श्लोक भी सुनाए। सीएम योगी ने इस पल के वीडियो को एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "संस्कारों की पावन परंपरा का स्पंदन, सनातन संस्कृति के स्वर्णिम आलोक से आलोकित उगते सूरज की पावन धरा।" बताया जा रहा है कि ये वीडियो उस समय का है, जब सीएम योगी अपनी टीम के साथ टोक्यो से यामानाशी जा रहे थे। तभी रास्ते में कुछ भारतीय मूल की महिलाएं और बच्चे मिलने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची एक महिला उपहार भी लेकर आई थी, जिसे सीएम योगी ने स्वीकार किया। इससे पहले सीएम योगी ने जापान में भारतीय मूल के समुदाय को भी संबोधित करते हुए भाजपा सरकार में हुए कामों को गिनाया। इसके साथ ही सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले यूपी की पहचान कर्फ्यू, दंगों और बिजली संकट से होती थी। बता दें कि सीएम योगी का जापान दौरा आज खत्म हो रहा है। सीएम योगी का ये दौरा यूपी में निवेश और रोजगार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सीएम ने जापान दौरे के दौरान कई बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात की और यूपी में निवेश के लिए आमंत्रित किया। सीएम योगी ने कंपनियों के प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि अब यूपी में कोई दिक्कत नहीं होगी, क्योंकि उनकी सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर और कानून व्यवस्था को लेकर बड़े स्तर पर काम किया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से प्रेस क्लब प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात रंगोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में किया आमंत्रित

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से रायपुर प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने आज सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में प्रेस क्लब अध्यक्ष  मोहन तिवारी, महासचिव  गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष  दिलीप साहू सहित पत्रकार  सौरभ सिंह परिहार शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने प्रेस क्लब द्वारा आयोजित किए जाने वाले रंगोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय को औपचारिक आमंत्रण दिया। साथ ही पत्रकार हित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए सकारात्मक पहल की अपेक्षा व्यक्त की। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना तथा सभी विषयों पर समुचित पहल करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार  आर. कृष्णा दास  तथा मीडिया प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

पंजाब में कानून व्यवस्था पर मजीठिया का वार—जवान मारे जा रहे, प्री-वेडिंग में तैनात पुलिस

चंडीगढ़ शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब की कानून व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुरक्षा हालात बेहद चिंताजनक हो चुके हैं और सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है। मजीठिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि एक ओर पंजाब के गुरदासपुर जिले में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर दो पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी गई, लेकिन पंजाब पुलिस अब तक यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि इस वारदात को किसने अंजाम दिया और घटना किन परिस्थितियों में हुई। सीमा क्षेत्र में तैनात जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन इस मामले में गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। बता दें कि गुरदासपुर के बॉर्डर इलाके में शनिवार और रविवार की दरमियानी रात को भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से सिर्फ डेढ़ किलोमीटर दूर, दोरांगला पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले आदियां पुलिस चेक पोस्ट पर दो पुलिसवालों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मरने वालों में होमगार्ड जवान अशोक कुमार (अखलासपुर के रहने वाले) और एएसआई गुरनाम सिंह (गादड़ियां के रहने वाले) शामिल हैं।  दूसरी ओर, उन्होंने आरोप लगाया कि बटाला मार्केट कमेटी के नवनियुक्त चेयरमैन इंजीनियर मानिक मेहता के प्री-वेडिंग शूट में कथित तौर पर पंजाब पुलिस के मौजूदा जवानों को तैनात किया गया। मजीठिया ने सवाल उठाया कि क्या राज्य में सुरक्षा व्यवस्था की यही स्थिति रह गई है कि पुलिसकर्मियों को कानून-व्यवस्था संभालने के बजाय निजी समारोहों में लगाया जा रहा है? उन्होंने पुलिस के अधिकारियों से जवाब मांगते हुए कहा कि क्या साथी जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय पुलिस बल को प्री-वेडिंग शूट के लिए तैनात करना उचित है। साथ ही उन्होंने आम आदमी पार्टी के नेताओं पर भी निशाना साधते हुए पूछा कि क्या उनके प्री-वेडिंग समारोह पुलिसकर्मियों की सुरक्षा से अधिक महत्वपूर्ण हैं। मजीठिया ने कहा कि राज्य में पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है, जब पुलिस के जवानों का कथित तौर पर प्री-वेडिंग शूट के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने मार्केट कमेटी के चेयरमैन मानिक मेहता और वीडियो शूट में शामिल पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग की।