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निजी विधेयक में 15 लाख तक स्वास्थ्य कवरेज का प्रस्ताव, कांग्रेस विधायक ने सरकार से फ्री इलाज की मांग की

भोपाल  मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस विधायक और पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह ने 'सार्वभौम निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा' को लेकर एक निजी सदस्य विधेयक (Private Member's Bill) पेश किया है। इस विधेयक के माध्यम से उन्होंने मांग की है कि प्रदेश के हर नागरिक को, चाहे वह किसी भी वर्ग या आय समूह का हो, उसे हर साल 15 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य कवरेज मिलना चाहिए। विधेयक की मुख्य मांगें: इलाज का अधिकार सदन में चर्चा के दौरान डॉ. राजेंद्र सिंह ने तर्क दिया कि वर्तमान में आयुष्मान योजना का दायरा सीमित है और इसकी राशि (5 लाख) गंभीर बीमारियों के लिए नाकाफी है। उनके विधेयक में ये प्रस्ताव हैं:     यूनिवर्सल कवरेज: योजना का लाभ अमीर-गरीब, किसान, व्यापारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधियों सहित सभी को मिले। केवल उन लोगों को बाहर रखा जाए जिनके पास पहले से ही कोई बेहतर हेल्थ इंश्योरेंस है।     15 लाख का सामान्य बीमा: प्रत्येक परिवार को सालाना 15 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिले।     गंभीर बीमारियों के लिए 25 लाख: किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट जैसी गंभीर सर्जरी के लिए कवरेज को बढ़ाकर 25 लाख रुपए किया जाए। "सबसे बड़ा सुख निरोगी काया, सरकार चाहे तो कर्ज लेकर दे सुविधा" डॉ. सिंह ने शास्त्रों का हवाला देते हुए कहा कि 'पहला सुख निरोगी काया' है। उन्होंने पंजाब सरकार का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां 10 लाख तक का यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज लागू किया गया है। मध्यप्रदेश की बड़ी आबादी के हिसाब से इस पर सालाना 8 से 9 हजार करोड़ रुपए का खर्च आएगा। उन्होंने सरकार को सुझाव देते हुए कहा, "सरकार लाड़ली बहना योजना के लिए 23 हजार करोड़ खर्च कर रही है, हम उसका विरोध नहीं करते। लेकिन यदि जनता की जान बचाने और मुफ्त इलाज देने के लिए सरकार को कर्ज भी लेना पड़े, तो मैं उसका कभी विरोध नहीं करूंगा। यह जनता का विधेयक है, सरकार इसका पूरा श्रेय ले, लेकिन इसे लागू करे।" आईएएस-आईपीएस की तर्ज पर हो आम जनता का इलाज विधायक ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि जब आईएएस और आईपीएस अधिकारियों, उनकी पत्नियों और आश्रितों को सेवाकाल और रिटायरमेंट के बाद भी शत-प्रतिशत मुफ्त इलाज मिल सकता है, तो आम जनता के साथ भेदभाव क्यों? उन्होंने 'सबका साथ, सबका विकास' के नारे की याद दिलाते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं में समानता होनी चाहिए। क्या है निजी सदस्य विधेयक? विधानसभा में आमतौर पर सरकार (मंत्री) ही विधेयक लाते हैं, लेकिन कोई भी विधायक (निजी सदस्य) अपनी ओर से कानून बनाने का प्रस्ताव रख सकता है। डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश विधानसभा के इतिहास में ऐसे अवसर बहुत कम आए हैं जब किसी सदस्य ने निजी विधेयक प्रस्तुत किया हो। उन्होंने इसे अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी बताते हुए सरकार से इस पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया है। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने किया हस्तक्षेप चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि लाड़ली बहनों को मिलने वाली राशि से भी परिवारों को स्वास्थ्य की दृष्टि से सहारा मिलता है। जिस पर डॉ. सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि 1500 रुपये की राशि बड़े ऑपरेशनों के सामने केवल आने-जाने के किराए जितनी ही है। विधायक डॉ. राजेंद्र सिंह ने स्वास्थ्य सुविधाओं को 'राजनीति और वोट के फंडे' से ऊपर उठाकर एक अनिवार्य अधिकार बनाने की वकालत की है। अब देखना यह है कि क्या सरकार इस निजी विधेयक को स्वीकार कर मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य क्रांति की ओर कदम बढ़ाती है।

होली पर यात्रियों के लिए स्पेशल ट्रेन, आज से शुरू होगी बुकिंग

 इंदौर होली के त्योहार पर बढ़ती यात्रियों की भीड़ को देखते हुए पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने इंदौर से खड़की (पुणे) के बीच स्पेशल ट्रेन का परिचालन शुरू करने का ऐलान किया है। गाड़ी नंबर 09324/09323 इंदौर-खड़की-इंदौर स्पेशल ट्रेन स्पेशल किराए पर चलेगी। मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के मुताबिक, यह ट्रेन होली के दौरान अतिरिक्त भीड़ संभालने के लिए विशेष रूप से संचालित की जा रही है। ट्रेन में एसी-2 टियर, एसी-3 टियर, स्लीपर क्लास और जनरल सेकेंड क्लास के कोच शामिल होंगे। दोनों दिशाओं में ट्रेन देवास, उज्जैन, नागदा, रतलाम, गोधरा, वडोदरा, सूरत, वलसाड, वापी, वसई रोड, भिवंडी रोड, कल्याण और लोनावाला स्टेशनों पर रुकेगी। ट्रेन नंबर 09324 की बुकिंग 27 फरवरी 2026 से सभी पीआरएस काउंटरों और आईआरसीटीसी वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। यह नई ट्रेन न केवल होली यात्रियों के लिए फायदेमंद साबित होगी, बल्कि मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगी। ट्रेन का शेड्यूल • गाड़ी नंबर 09324 (इंदौर-खड़की स्पेशल): 4 मार्च से 25 मार्च 2026 तक हर बुधवार को इंदौर से दोपहर 11:15 बजे रवाना होगी। अगले दिन गुरुवार को सुबह 2:50 बजे खड़की पहुंचेगी। प्रमुख स्टॉप्स देवास (11:50/11:52), उज्जैन (12:40/12:45), नागदा (13:57/14:00), रतलाम (14:35/14:40)। • गाड़ी नंबर 09323 (खड़की-इंदौर स्पेशल): 5 मार्च से 26 मार्च 2026 तक हर गुरुवार को खड़की से सुबह 4:40 बजे रवाना होगी। उसी दिन रात 11:55 बजे इंदौर पहुंचेगी। प्रमुख स्टॉप्स रतलाम (20:30/20:35), नागदा (21:10/21:15), उज्जैन (22:05/22:07), देवास (23:00/23:02)।  

आदिवासियों की भूमि पर बड़ा फैसला, 9 IAS ने 1,500 एकड़ की बिक्री को हरी झंडी दी

भोपाल मप्र के 9 आईएएस अफसरों ने कलेक्टर और अपर कलेक्टर रहते हुए आदिवासियों की अरबों रुपए की करीब 1500 एकड़ जमीन गैर आदिवासियों को बेचे जाने की अनुमति दी थी। इंदौर जिले में लगभग 500 एकड़ आदिवासियों की जमीन गैर आदिवासियों को बेचने की अनुमति दी गई। बड़े मामलों में ये अनुमतियां इंदौर में कलेक्टर रहे 6 आईएएस ने दी। इनमें 28 केस में तो सीधे कलेक्टरों ने अनुमति दी, जबकि 72 में अपर कलेक्टर ने दीं। यह जानकारी गुरुवार को विधानसभा में कांग्रेस विधायक बाला बच्चन के सवाल के जवाब में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने दी है। खास बात यह है कि खंडवा जिले में सबसे ज्यादा 288.631 हैक्टेयर जमीन गैर आदिवासियों को बेचे जाने की अनुमति 2009 से 2023 के बीच कलेक्टर रहते दी गई, उनके नाम नहीं दिए हैं। बड़वानी में 4, खरगौन में 11 और धार में 143 प्रकरणों में आदिवासियों की जमीन गैर आदिवासियों को बेचने की अनुमति दी गई, लेकिन किन कलेक्टरों ने अनुमति दीं, यह नहीं बताया है। इन तत्कालीन कलेक्टर, अपर कलेक्टरों ने दी परमिशन… राकेश श्रीवास्तव(9.94 हैक्टे.), राघवेंद्र सिंह (2.25 हैक्टे.), पी नरहरि (6.20 हैक्टे.), इलैया राजा टी (1 हैक्टे.), निशांत वरवड़े (2.5 हैक्टे.), आनंद शर्मा (1.25 हैक्टे.), रवींद्र सिंह (1.92 हैक्टे.),आशुतोष अवस्थी (192 हैक्टे.) और जेपी आइरिन (4 हैक्टे.)।

रायपुर : चार जिलों में संशोधित गाइडलाइन दरें 27 फरवरी से लागू

रायपुर : चार जिलों में संशोधित गाइडलाइन दरें 27 फरवरी से लागू रायपुर  छत्तीसगढ़ में दिनांक 20 नवम्बर 2025 से नवीन गाइडलाइन दरें लागू की गई हैं। राज्य शासन द्वारा जिला मूल्यांकन समितियों को निर्देश जारी किए गए थे कि स्थानीय परिस्थितियों एवं आवश्यकताओं के अनुसार गाइडलाइन दरों में संशोधन संबंधी प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजे जा सकते हैं।उक्त निर्देशों के अनुरूप दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा तथा बलरामपुर-रामानुजगंज जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों से संशोधित प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन प्रस्तावों पर विचार हेतु महानिरीक्षक पंजीयन की अध्यक्षता में केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिलों से प्राप्त प्रस्तावित गाइडलाइन दरों का परीक्षण कर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में समग्र परीक्षण के पश्चात केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा एवं बलरामपुर-रामानुजगंज जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों से प्राप्त गाइडलाइन दरों के प्रस्तावों का अनुमोदन प्रदान किया गया। केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा अनुमोदित नवीन गाइडलाइन दरें उपरोक्त चारों जिलों में दिनांक 27 फरवरी 2026 से प्रभावशील होंगी। आम नागरिक एवं संबंधित हितधारक नवीन दरों की जानकारी संबंधित जिला पंजीयन कार्यालयों तथा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं।अन्य जिलों की संशोधित गाइडलाइन दरें भी शीघ्र जारी की जाएंगी।

राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने प्रचंड हेलिकॉप्टर उड़ाकर कहा—“वीर सैनिकों, गर्व के साथ धन्यवाद; जय हिंद, जय भारत”

जैसलमेर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन से स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (LCH) प्रचंड में उड़ान भरी। वे हेलिकॉप्टर प्रचंड में बतौर को-पायलट उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति हैं।राष्ट्रपति ने उड़ान के दौरान हेलिकॉप्टर के कॉकपिट से सैल्यूट किया। राष्ट्रपति मुर्मू इससे पहले लड़ाकू विमान सुखोई और राफेल में उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू सुबह करीब 9:15 बजे जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पहुंची थीं। सेना के अधिकारियों ने उन्हें हेलिकॉप्टर के बारे में ब्रीफिंग दी। इसके बाद राष्ट्रपति हेलिकॉप्टर के कॉकपिट में बैठीं।फिर सुबह करीब 10.15 बजे ग्रुप कैप्टन एन.एस. बहुआ के साथ हेलिकॉप्टर में उड़ान भरी। हेलिकॉप्टर में 25 मिनट उड़ान के दौरान राष्ट्रपति ने सीमावर्ती क्षेत्रों और पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज का हवाई जायजा लिया। जैसलमेर के सोनार दुर्ग के ऊपर ‘प्रचंड’ हेलिकॉप्टर में उड़ान भरते हुए राष्ट्रपति ने रेडियो के माध्यम से देश के नाम संदेश दिया। उन्होंने कहा- मैं आज प्रचंड हेलिकॉप्टर में उड़ान भर रही हूं। प्रचंड हेलिकॉप्टर आत्मनिर्भरता का प्रबल प्रतीक है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन के अतिथि कक्ष में पहुंची. एयरफोर्स के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया. राष्ट्रपति एयरफोर्स अधिकारियों से संवाद भी किया. इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लड़ाकू हेलिकॉप्टर प्रचंड में उड़ान भरने के लिए निकल पड़ीं. द्रौपदी मुर्मू को-पायलट बनने वाली देश की पहली राष्ट्रपति हैं. उन्होंने हेलीकॉप्टर में बैठकर फायरिंग रेंज का हवाई जायजा लिया. पहली राष्ट्रपति स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर (LCH) प्रचंड़ में उड़ान भरती दिखीं. उन्होंने 10 बजकर 10 बजे उड़ान भरना शुरू किया. वह 10 बजकर 35 मिनट पर लैंड हुईं. 25 मिनट का हवाई सफर किया. पोकरण फिल्ड़ फायरिंग रेंज और परमाणु स्थल का भी जायजा लिया. शाम में पोकरण फिल्ड फायरिंग रेंज में वायुशक्ति 2026 का अभ्यास है, जिसमें राष्ट्रपति चीफ गेस्ट हैं. मैं इस समय जैसलमेर के प्रसिद्ध किले के ऊपर से उड़ान भर रही हूं। मैं देश के वीर सैनिकों को गर्व के साथ धन्यवाद देती हूं। मेरा सभी को प्यार भरा नमस्कार। जय हिंद, जय भारत। पाकिस्तान बॉर्डर के पास राजस्थान के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज (जैसलमेर) में आज शाम एयरफोर्स का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास 'वायु शक्ति-2026' होगा। युद्धाभ्यास में सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी मौजूद रहेंगी। जैसलमेर में कड़े सुरक्षा इंतजाम राष्ट्रपति मुर्मू के दौरे और वायुसेना के क्षमता प्रदर्शन को देखते हुए जैसलमेर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. चांदन से पोकरण तक पूरे क्षेत्र को अस्थायी रूप से ‘नो-फ्लाई जोन' घोषित किया गया है. पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और सीमा क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है. दमदार प्रचंड हेलीकॉप्‍टर   एलसीएच प्रचंड भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन एवं विकसित लड़ाकू हेलीकॉप्टर है, जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने बनाया है. यह हेलीकॉप्टर रेगिस्तान से लेकर ऊंचे पर्वतीय इलाकों तक विभिन्न भू-भागों में काम करने में सक्षम है और 5,000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर भी संचालन कर सकता है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अक्टूबर 2022 में जोधपुर वायुसेना स्टेशन से ‘प्रचंड' में उड़ान भरी थी.  राफेल में भी उड़ान भर चुकी हैं राष्‍ट्रपति   राष्ट्रपति मुर्मू शुक्रवार शाम को पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में वायुसेना के क्षमता प्रदर्शन ‘वायु शक्ति' में शामिल होंगी. यह कार्यक्रम भारत-पाकिस्तान सीमा के पास आयोजित किया जा रहा है. राष्‍ट्रपति मुर्मू ने अक्टूबर 2023 में अंबाला वायुसेना स्टेशन पर राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी, जिससे वह दो अलग-अलग लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बनीं. अप्रैल 2023 में उन्होंने तेजपुर वायुसेना स्टेशन (असम) पर सुखोई-30 एमकेआई में लगभग 30 मिनट की उड़ान भरी थी.

आधी रात का बवाल: JNU छात्रों की विरोध-यात्रा और उनके मुद्दों की पूरी कहानी

 नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली में स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) का माहौल एक बार फिर से तनावपूर्ण हो गया है. छात्रसंघ (JNUSU) ने कैंपस से मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन तक लॉन्ग मार्च निकालने का ऐलान किया था. इसका उद्देश्य रोहित एक्ट लागू करना और UGC के नियम के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करना था. लेकिन वहां पर देखते ही देखते माहौल बदल गया. मार्च को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस , RAF और CRPF की टीमें तैनात की गई थी. इस दौरान 50 से अधिक छात्रों को जबरन हिरासत में लिया गया. इससे जुड़े कई वीडियो सामने आए हैं.   JNUSU के हंगामे का वीडियो आया सामने आरोप है कि वीडियो में JNUSU से जुड़े छात्र पुलिस के खिलाफ इकट्ठा करते, पुलिस को थप्पड़ मरते और सुरक्षाकर्मियों के साथ गाली गलौच और डंडा फेंकते नजर आ रहे हैं. एक वीडियो में PHD का छात्र नीतीश JNU की दीवार पर चढ़ कर छात्रों को उकसाता नजर आ रहा है, साथ ही पुलिस को सबक सिखाने का बात कर रहा है. श्रेय नाम का लड़का पुलिस को थप्पड़ मरता दिख रहा है. तीसरे वीडियो में छात्र JNU कैंपस के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों के साथ गाली-गलौच करते और RAF के जवान पर डंडा फेंकता नजर आ रहा है. दिल्ली पुलिस इन वीडियो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर रही है.   क्या है पूरा मामला? बता दें कि 26 फरवरी को JNUSU ने जेएनयू कुलपति की ओर से की गई जातिवाद टिप्पणियों, विश्वविद्यालय के कोष में कटौती, JNUSU पदाधिकारियों के निष्कासन और रोहित अधिनियम के साथ संशोधित यूजीसी नियमों को लागू करने की मांग को लेकर एक मार्च का आह्वान किया. इस दौरान सैकड़ों छात्रों के नियम का उल्लंघन करने पर दिल्ली पुलिस ने कुलपति के साथ मिलकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किया, जिसमें दर्जनों छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए. उनके शरीर पर चोटें आईं और खून बहने लगा. जेएनयूएसयू अध्यक्ष अदिति, सचिव गोपिका और महासचिव दानिश के साथ-साथ एआईएसए की अखिल भारतीय अध्यक्ष नेहा और 50 अन्य छात्रों को 14 घंटे से अधिक समय तक पुलिस स्टेशन में हिरासत में रखा गया. दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे 14 छात्रों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार किए गए छात्रों में कॉमरेड अदिति, दानिश, गोपिका और नेहा भी शामिल हैं.  छात्रों को बाहर आने की नहीं थी इजाजत  प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस, RAF और CRPF की टीमों की भारी तैनाती की गई थी. कैंपस के बाहर कई परतों में बैरिकेड्स लगा दिए और किसी भी छात्र को बाहर निकलने की इजाजत नहीं थी. हालात तब बिगड़ी जब छात्रों ने आगे बढ़ने की कोशिश की. इस दौरान पुलिस लगातार छात्रों को पीछे की ओर धक्का दे रही थी जिसके बाद से विवाद और भी ज्यादा बढ़ गया.  घायल हुए कई पुलिसकर्मी वहां पर मौजूद महिला छात्रों पर भी बल का प्रयोग किया गया. इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गए. पुलिस के मुताबिक, JNU छात्रसंघ ने शिक्षा मंत्रालय तक लॉन्ग मार्च का आह्वान किया था.  प्रशासन ने छात्रों को साफ तौर पर बताया था कि कैंपस के बाहर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है लेकिन बावजूद इसके 400 से 500 छात्र इकट्ठा हुए मार्च निकाल दिया.  

राज्यसभा सीट पर पार्थ पवार लड़ेंगे चुनाव, सुनेत्रा पवार ने NCP की कमान संभाली

मुंबई  महाराष्ट्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत सुनेत्रा पवार को नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्वसम्मति से चुन लिया गया है, जिसे पार्टी के भीतर संगठनात्मक एकजुटता और नेतृत्व में पीढ़ीगत बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और वरिष्ठ नेताओं की बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया, जिसका सभी सदस्यों ने समर्थन किया और बिना किसी विरोध के उन्हें शीर्ष पद की जिम्मेदारी सौंप दी गई। इस चयन को एनसीपी के पुनर्गठन और राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, क्योंकि हाल के वर्षों में पार्टी को आंतरिक चुनौतियों, गुटबाजी और चुनावी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा है।  सुनेत्रा पवार ने अध्यक्ष चुने जाने के बाद अपने संबोधन में कहा कि वह संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा पार्टी की विचारधारा को देशभर में प्रभावी ढंग से पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एनसीपी सामाजिक न्याय, समावेशी विकास और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के अपने मूल सिद्धांतों पर कायम रहेगी और आने वाले चुनावों में मजबूती से भाग लेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके नेतृत्व में पार्टी नई रणनीति के साथ राज्यों में संगठन विस्तार, गठबंधन राजनीति और जनसंपर्क अभियानों पर विशेष ध्यान दे सकती है। सर्वसम्मति से हुआ यह चुनाव यह भी दर्शाता है कि पार्टी नेतृत्व फिलहाल एकजुटता का संदेश देना चाहता है और किसी प्रकार के आंतरिक मतभेद को सार्वजनिक रूप से उभरने नहीं देना चाहता।  सुनेत्रा पवार की संगठनात्मक भूमिका पहले भी सक्रिय रही है और उन्हें पार्टी के कार्यक्रमों, महिला मोर्चा तथा सामाजिक अभियानों में भागीदारी के लिए जाना जाता है, जिससे यह उम्मीद की जा रही है कि वे राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय स्थापित करने में सक्षम होंगी। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी की खोई हुई राजनीतिक जमीन को वापस पाना, कार्यकर्ताओं में उत्साह भरना और विपक्षी दलों के साथ रणनीतिक तालमेल बनाना होगा। कुल मिलाकर, उनका राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना एनसीपी के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है, जिसमें संगठनात्मक पुनर्संरचना, वैचारिक स्पष्टता और चुनावी मजबूती पर विशेष फोकस रहने की संभावना है। राष्ट्रीय अधिवेशन में हुआ फैसला सुनेत्रा पवार ने कहा कि मैंने दादा के अधूरे सपनों को पूरा करने, अपनी पार्टी को बढ़ाने और उसे मजबूत करने के लिए यह पद स्वीकार किया है। सुनेत्रा पवार को पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में अध्यक्ष बनाने का फैसला हुआ। गौरतलब हो कि 28 जनवरी को बारामती में प्लेन क्रैश की घटना में अजित पवार की मौत हो गई थी। प्लेन क्रैश के कारणों की जांच एएआईबी और सीआईडी द्वारा की जा रही है।  प्रफुल्ल पटेल ने रखा सुनेत्रा का नाम राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव किया। जिसका अनुमोदन सुनील तटकरे ने किया। जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। अधिवेशन में ही अजित पवार के बड़े बेटे पार्थ पवार को राज्यसभा का कैंडिडेट भी घोषित कर दिया गया। सुनेत्रा पवार ने इस मौके पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से वादा किया कि मैं हमेशा आपकी बेटी, बहन और पार्टनर के तौर पर आपके साथ खड़ी रहूंगी। दादा के सपनों को पूरा करेंगे सुनेत्रा पवार ने कहा कि दादा की जगह कोई नहीं ले सकता। उन्होंने अध्यक्ष चुने जाने के बाद कहा कि यह एक ऐसी पार्टी है जो महाराष्ट्र की खुशहाली, देश के बदलाव और सबसे ज़रूरी, आप सब और हम सबके गर्व और आत्म-सम्मान के बारे में सोचती है। इस सोच को आगे बढ़ाने के लिए, हमें इस मुश्किल समय में भी पक्के इरादे के साथ आगे बढ़ना होगा। दादा ने जो विचार दिए, जो विकास का रास्ता दिखाया, जो कार्यकर्ता बनाए। यही एनसीपी की असली ताकत है। सुनेत्रा ने कहा कि 30 जून, 2023 को दादा ने एनसीपी के नेशनल प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी संभाली थी। दादा को नेशनल प्रेसिडेंट के तौर पर लगभग ढाई साल का समय मिला। इस दौरान उन्होंने पूरे महाराष्ट्र को अपनाया। पार्टी को बढ़ाया। हर कार्यकर्ता को मजबूत किया। कड़ी मेहनत, लगन और कड़ी प्लानिंग से पार्टी की ताकत बढ़ी।

पावर गोलियों के सेवन के बाद अस्पताल में मौत, परिवार में शोक की लहर

गुरुग्राम  गुरुग्राम शहर के बस स्टैंड के पास स्थित एक होटल में गर्लफ्रेंड के साथ ठहरे 56 वर्षीय व्यक्ति की बुधवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। पुलिस को घटनास्थल से शक्तिवर्धक दवाइयों के कुछ खाली रैपर मिले थे। ऐसे में दवाओं के ओवरडोज से मौत होने का अंदेशा जताया जा रहा है। हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, मृतक व्यक्ति हरियाणा में सोहना के पास एक गांव का रहने वाला था, जो एक लॉजिस्टिक्स कंपनी में ड्राइवर का काम करता था। बुधवार को वह अपने स्कूल की एक महिला दोस्त के साथ गुरुग्राम बस स्टैंड के पास एक होटल में ठहरा हुआ था। महिला के बयान के अनुसार, कमरे में उस व्यक्ति को अचानक से सीने में तेज दर्द उठा। महिला ने तुरंत एंबुलेंस बुलाई और पुलिस को भी इस बारे में सूचित किया। उसे पास के एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। मृतक व्यक्ति के शव का पोस्टमॉर्टम किया गया। डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमॉर्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है। हालांकि, कमरे से मिले दवाइयों के रैपर इस ओर इशारा कर रहे हैं कि व्यक्ति ने बिना डॉक्टरी सलाह के शक्तिवर्धक दवाओं का सेवन किया था, जिसका असर उनके दिल पर पड़ा होने का अंदेशा है। बेटे की शादी होने वाली थी मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बताया जा रहा है कि 12 मार्च को उनके बेटे की शादी तय थी। घर में मेहमानों का आना-जाना और खुशियों का माहौल था, लेकिन पिता की अचानक मौत की खबर ने परिवार को सदमे में डाल दिया है। गुरुवार को शव परिजनों को सौंप दिया गया।

महापौर का बड़ा फैसला: ललेडीपुरा माचल में स्लॉटर हाउस नहीं बनेगा

इंदौर  साल 2017 में इंदौर के ललेडीपुरा माचल में स्लॉटर हाउस बनाने को लेकर बार-बार विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने स्पष्ट किया कि नगर निगम की किसी भी योजना में ललेडीपुरा और आसपास के गांवों में स्लॉटर हाउस बनाने का कोई विचार नहीं है। महापौर ने कहा कि हमारे पास स्थानीय गोपालकों और गांव वासियों से इस विषय पर जानकारी आई है और उन्होंने ये स्पष्ट किया है कि ललेडीपुरा माचल में स्लॉटर हाउस बनाने की नगर निगम की कोई मंशा नहीं है। महापौर ने यह भी बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर पहले भी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए थे और अब फिर से सभी अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि इस क्षेत्र में स्लॉटर हाउस का निर्माण नहीं किया जाएगा। महापौर ने कहा साल 2017 में तत्कालीन समय में इस परियोजना को लेकर अनुमति और कार्रवाई की गई थी, लेकिन अब वे इस निर्णय को निरस्त करने के निर्देश दे चुके हैं।

इस्तीफा स्वास्थ्य के लिए: धनखड़ ने खुलासा किया, दाढ़ी वाले उन्हें डराते हैं

सादुलपुर पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा- मैंने स्वास्थ्य के प्रति कभी लापरवाही नहीं बरती। इस्तीफा देते समय मैंने कभी नहीं कहा कि मैं बीमार हूं। मैंने कहा था कि मैं स्वास्थ्य को अहमियत दे रहा हूं, जो सभी को देनी भी चाहिए। उन्होंने ये बात चूरू के सादुलपुर में कांग्रेस सांसद राहुल कस्वां के आवास पर कही। राहुल कस्वां के पिता पूर्व सांसद रामसिंह कस्वां और मां कमला कस्वां की सेहत की जानकारी लेने के लिए पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ यहां पहुंचे थे। धनखड़ का यहां स्वागत किया गया। इस दौरान एक युवक ने उन्हें गुलदस्ता भेंट किया तो धनखड़ ने मजाकिया अंदाज में कहा कि मुझे दाढ़ी वालों से डर लगता है। इस पर उपस्थित लोग ठहाके लगाकर हंसने लगे। धनखड़ बोले- जब भी मेरे स्वास्थ्य का मुद्दा उठा, रामसिंह सबसे आगे रहे पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा- मैं रामसिंह जी के स्वास्थ्य के बारे में चिंता करते हुए यहां आया हूं। यह मेरी निजी यात्रा है। मैं अभिभूत हूं कि मुझे इतना सम्मान मिला। ये मेरे ऊपर एक कर्ज है। जब कभी मेरे स्वास्थ्य का मुद्दा उठा, रामसिंह जी सबसे आगे रहे। कांग्रेस की पूर्व विधायक डॉ. कृष्णा पूनिया ने भी पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मुलाकात की। इस दौरान डॉ. कुलदीप पूनिया, सतवीर पूनिया सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे।