samacharsecretary.com

थलापति विजय का परिवार टूटने की कगार पर, पत्नी ने तलाक की अर्जी दी

मुंबई  साउथ के सुपरस्टार रहे विजय, जिन्हें थलपति विजय के नाम से जाना जाता है, एक बार फिर चर्चा में हैं. खबर है कि तमिलागा वेट्री कजम नाम की पार्टी के मुखिया विजय की पत्नी संगीता ने उनसे तलाक लेने का फैसला लिया है. उन्होंने तलाक की अर्जी कोर्ट में डाल दी है. जानकारी के मुताबिक, संगीता सोरनलिंगम ने विशेष विवाह अधिनियम 1954 की धारा 27(1)(a) के तहत तलाक की अर्जी दायर की है. विशेष विवाह अधिनियम 1954 की धारा 27(1)(a) के अनुसार, पति या पत्नी में से कोई भी जिला न्यायालय में तलाक के लिए याचिका प्रस्तुत कर सकता है. इसका आधार प्रतिवादी के शादी के बाद अपनी पत्नी या पति के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के साथ स्वेच्छा से सेक्शुअल रिश्ता रखना है. यह एडल्टरी पर आधारित तलाक का आधार है. यह प्रावधान दोनों पक्षों, पति या पत्नी के लिए समान रूप से लागू होता है और याचिका अधिनियम के अन्य प्रावधानों और नियमों के अधीन रहकर दायर की जाती है. कब और कहां मिले थे संगीता और विजय कथित तौर पर विजय अपने जीवन के प्यार और अपनी पत्नी संगीता से फिल्म 'पूवे उनक्कागा' की रिलीज के बाद मिले। वह विजय की बहुत बड़ी फैन थीं और ब्रिटेन से चेन्नई में उससे मिलने आई थीं। बिगिल स्टार बहुत इंप्रेस हुईं। वास्तव में, उन्होंने उन्हें अगले दिन अपने घर आने और उनके परिवार से मिलने के लिए भी कहा। जल्द ही, उनमें एक-दूसरे के लिए भावनाएं आईं और उनके माता-पिता भी सहमत हो गए। कपल 25 अगस्त 1999 को शादी के बंधन में बंधे। उन्होंने हिंदू और ईसाई दोनों परंपराओं में शादी की। विजय और संगीता ने अपनी शादी के एक साल बाद अपने पहले बच्चे जेसन संजय का स्वागत किया और सितंबर 2005 में उन्हें एक बेटी दिव्या साशा का आशीर्वाद मिला। विजय और संगीता की लव स्टोरी साल 1996 में चेन्नई में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान विजय की मुलाकात संगीता से हुए थी। संगीता सुपरस्टार विजय की बहुत बड़ी फैन थी। जो लंदन से सिर्फ विजय से मिलने के लिए चेन्नई आई थीं। संगीता श्रीलंकन तमिल हैं और उनके पिता एक बड़े बिजनेसमैन थे। ऐसे में जब दोनों सितारों की पहली मुलाकात हुई तो ये दोस्ती में बदल गई। बाद में साल 1999 में दोनों शादी के बंधन में बंध गए थे। इस कपल के दो बच्चे हैं एक बेटा जेसन और बेटी दिव्या। ये जोड़ा अपनी लाइफ में खुश है ।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी पर कोर्ट ने दिया निर्णय स्थगित, फैसला सुरक्षित

इलाहाबाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज यौन उत्पीड़न का मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई. हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित रख लिया है. साथ ही कहा है कि फैसला आने तक उनकी गिरफ्तारी नहीं होगी. इस तरह स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को फौरी राहत मिल गई है. कोर्ट के फैसले के बाद अब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. इससे पहले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मामले में उनकी अग्रिम जमानत अर्जी की पोषणीयता पर बहस हुई है, जिसमें राज्य सरकार और शिकायतकर्ता के अधिवक्ताओं ने अग्रिम जमानत का विरोध किया. कुंभ और माघ मेले में यौन शोषण का आरोप लगाया गया. अदालत में एफआईआर पढ़ी गई. राज्य सरकार के वकीलों ने अग्रिम जमानत याचिका का विरोध किया. कोर्ट में दोनों पक्षों की दलील इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से पेश हुए अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने याचिका पोषणीयता पर सवाल उठाए। कहा कि अग्रिम जमानत के लिए सीधे हाईकोर्ट नहीं आ सकते। उन्होने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला दिया। शंकराचार्य के वकील ने कहा पीड़ित का मुकदमा संरक्षक के जरिए दर्ज कराया है। उसके माता-पिता और अभिभावकों का कोई पता नहीं है। सरकार ने कहा कि असाधारण हालात में ही अग्रिम जमानत सीधे हाईकोर्ट आ सकती है। इस मामले में असाधारण जैसा कुछ नहीं है। इस पर कोर्ट ने कहा कि यह कोई अनिवार्य बाधा नहीं है। शंकराचार्य के वकील ने कहा कि शंकराचार्य के खिलाफ पहले 18 जनवरी को अमावस्या के दिन हुई मारपीट की अर्जी दी गई। इस पर केस दर्ज नहीं हुआ तो पॉक्सो वाली अर्जी दाखिल कर दी गई। यह दो अर्जी ही आपस में भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है। यह मामला साजिश के तहत दर्ज कराया गया है, जो किसी के दबाव की ओर ईशारा कर रहा है। कहा कि शंकराचार्य पर केस दर्ज कराने वाला खुद हिस्ट्रीशीटर है। उसके ऊपर गौ हत्या, दुष्कर्म, हत्या का केस दर्ज है। वह 25 हजार रुपये का इनामी है। नाबालिगों को अब तक बाल कल्याण समिति को क्यों नहीं सौंपा गया। बच्चों के मां-बाप कहां हैं। इस पर कोर्ट ने सरकार के अधिवक्ता से पूछा कि बच्चे कहां हैं। शंकराचार्य के अधिवक्ता ने विवेचना पर ही सवाल खड़ा किए। कहा कि जन बच्चों को पेश किया गया है उनकी मार्कशीट हरदोई की है और वहां के वह संस्थागत छात्र हैं। शंकराचार्य से विवाद मौनी अमावस्या से शुरू हुआ है। आरोप लगाया कि यह सब सरकारी की ओर से प्रायोजित है। बच्चों का मेडिकल करीब एक माह बाद हुआ है। सरकार ने बताया कि बच्चों को बाल कल्याण समिति ने उनके माता पिता को सौंपा है। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य के खिलाफ दर्ज है पॉक्सो का केस ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य जगद्गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के अलावा 2-3 अज्ञात लोगों पर बाल यौन शोषण के आरोपों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इलाहाबाद जिला न्यायालय की पॉक्सो कोर्ट के आदेश पर झूंसी थाने में केस दर्ज किया गया। यह आदेश पॉक्सो कोर्ट के पॉक्सो कोर्ट के अपर जिला जज विनोद कुमार चौरसिया के आदेश पर दर्ज किया गया है। उन्होंने अपने आदेश में पुलिस से कहा था कि वो पॉक्सो एक्ट के तहत निष्पक्ष रूप से इस मामले की जांच करें। साथ ही कोर्ट ने पीड़ितों की पहचान और सम्मान की सुरक्षा करने का भी आदेश दिया है। माघ मेले में मौनी अमावस्या पर शुरू हुआ था विवाद इसी साल माघ मेले में ज्योतिर्मठ उत्तराखंड के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ मौनी अमावस्या के दिन मेला प्रशासन के साथ विवाद हो गया था। पालकी पर स्नान करने के लिए  जाते समय शंकराचार्य और उनके शिष्यों को प्रशासन ने भीड़ अधिक होने और भगदड़ की आशंका पर घाट से पहले ही रोक दिया। शंकाराचार्य ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने बटुकों को चोटी पकड़कर घसीटा और उनकी पिटाई की। साथ ही साथ शंकराचार्य और उनके शिष्यों का भी अपमान किया। इसके विरोध में शंकराचार्य त्रिवेणी मार्ग पर अपने शिविर के सामने धरने पर बैठ गए जहां पर उन्हें पुलिस वाले छोड़कर गए थे। 11 दिन तक धरना चला। शंकराचार्य की मांग थी कि अधिकारी आकर सार्वजनिक रूप से माफी मांग लें तो वह अपने टेक समाप्त कर देंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 11 दिनों  तक धरने पर बैठे रहने पर भी जब को हल नहीं निकला तब शंकराचार्य ने 28 जनवरी को माघ मेला छोड़ दिया और काशी के लिए रवाना हो गए।   

बंगाल SIR पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट सख्त: आदेश उल्लंघन बर्दाश्त नहीं

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि न तो चुनाव आयोग और न ही राज्य सरकार हमारे आदेशों का उल्लंघन करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि हमने स्पष्ट कर दिया है कि किन दस्तावेजों की जांच की जानी है। हमारे आदेश बिलकुल स्पष्ट हैं। सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से बताया गया कि चुनाव आयोग ने राज्य में मतदाता सूचियों के एसआईआर में तैनात न्यायिक अधिकारियों के लिए एक प्रशिक्षण मॉड्यूल जारी किया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर टिप्पणी की कि वह अपने न्यायिक अधिकारियों को जानता है और वे किसी भी चीज से प्रभावित नहीं होंगे। न्यायिक अधिकारियों के लिए जारी किया प्रशिक्षण मॉड्यूल : बंगाल सरकार पश्चिम बंगाल की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिबल ने मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ के सामने इस मामले का उल्लेख किया। उन्होंने पीठ से कहा, 'चुनाव आयोग ने पीठ पीछे न्यायिक अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। एक प्रशिक्षण मॉड्यूल जारी किया है जिसमें कहा गया है कि उन्हें क्या स्वीकार करना चाहिए और क्या नहीं।' इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि राज्य में इस प्रक्रिया के लिए तैनात न्यायिक अधिकारी इस संबंध में फैसले लेंगे। सीजेआई ने कहा, 'हम इस तरह की बातें बर्दाश्त नहीं कर सकते। इसका अंत होना चाहिए। हम अपने न्यायिक अधिकारियों को जानते हैं और वे किसी भी चीज से प्रभावित नहीं हो सकते।' इसके साथ सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किन दस्तावेजों की जांच की जानी है। हमारे आदेशों से आगे कोई नहीं जाएगा :सुप्रीम कोर्ट न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची ने कहा कि हमारे आदेश बिलकुल स्पष्ट हैं। पीठ ने कहा कि न तो चुनाव आयोग और न ही राज्य सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेशों से आगे जाएगी। पश्चिम बंगाल सरकार और चुनाव आयोग के बीच चल रहे गतिरोध से निराश होकर शीर्ष अदालत ने 20 फरवरी को एक 'असाधारण' निर्देश जारी किया। इसमें राज्य में विवादित मतदाता सूचियों की एसआईआर में चुनाव आयोग की सहायता के लिए सेवारत और पूर्व जिला न्यायाधीशों को तैनात करने का निर्देश दिया गया।  

भारत दौरे से बाहर सोफी मोलिनक्स, चोट ने ऑस्ट्रेलियाई टीम की बढ़ाई चिंता

कैनबरा ऑस्ट्रेलिया महिला टीम की सभी प्रारूपों की कप्तान सोफी मोलिनक्स पीठ की दिक्कत की वजह से भारत के खिलाफ बाकी बहु-प्रारूप सीरीज से बाहर हो गई हैं। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अनुसार 28 साल की ऑलराउंडर होबार्ट में दूसरे महिला एकदिवसीय मैच में पीठ के निचले हिस्से में दर्द के कारण नहीं खेल पाईं। मोलिनक्स ब्रिस्बेन में सीरीज के पहले मैच में खेली थीं, जिसमें उन्होंने पांच ओवर गेंदबाजी की और 17 रन देकर एक विकेट लिया था। इस चोट की वजह से अगले महीने वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में उनका खेलना मुश्किल हो सकता है, क्रिकेट आस्ट्रेलिया ने इशारा किया है कि सीरीज से पहले उनकी फिटनेस पर नजर रखी जाएगी। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने, मोलिनक्स को ऑस्ट्रेलिया का ऑल-फॉर्मेट कैप्टन बनाया गया था, जो एलिसा हीली की जगह लेंगी, जो भारत सीरीज के आखिर में संन्यास लेने वाली हैं। मोलिनक्स ने भारत के खिलाफ तीन टी-20 में टीम की अगुवाई की थी, जिसमें हीली नहीं खेली थीं, और वह ऑस्ट्रेलिया की इस महान खिलाड़ी की जगह उनके आखिरी इंटरनेशनल मैच, एकमात्र टेस्ट में लेंगी। टॉस के समय, हीली ने फॉक्स क्रिकेट से कहा, "सोफी मोलिनक्स की आज की खबर सबके लिए थोड़ी चौंकाने वाली और उनके लिए निराशाजनक थी। उम्मीद है कि हम उन तीनों (एलिस पेरी और किम गार्थ भी घायल हैं) को संभाल पाएंगे और उन्हें आगे बढ़ने के लिए जरूरी प्यार दे पाएंगे।" उनकी गैरमौजूदगी में, ऑस्ट्रेलिया के पास दो उप-कप्तानों एश्ले गार्डनर और ताहलिया मैकग्रा में से किसी एक को कमान सौंपने का विकल्प है। उल्लेखनीय है कि मोलिनक्स को पहले भी कई चोटें लगी हैं, वह पैर की चोट के कारण 2022 एशेज और एकदिवसीय विश्वकप से बाहर रहीं और उस साल कॉमनवेल्थ गेम्स में भी नहीं जा सकीं। एसीएल चोट के कारण वह 2023 टी-20 विश्व कप से भी बाहर रहीं। हाल ही में, घुटने की चोट से वापसी के बाद भारत और श्रीलंका में 2025 एकदिवसीय विश्व कप में मोलिनक्स की भागीदारी को ध्यान से मैनेज किया जा रहा था।  

सागर में CM मोहन की 7 बड़ी घोषणाएं, सौगातों का पिटारा खोलकर दिया बड़ा तोहफा

सागर   मुख्यमंत्री सीएम मोहन यादव ने सागर जिले में सौगातों को झड़ी लगा दी। जहां वे  जिले के गढ़ाकोटा में तीन दिवसीय रहस मेला में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मंच से महज चार मिनट में कई बड़ी घोषणाएं कर सबको चौंका दिया। पूर्व मंत्री व क्षेत्रीय विधायक गोपाल भार्गव की मांगों पर त्वरित निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के बुनियादी ढांचे, खेल, कृषि और रोजगार से जुड़ी योजनाओं को हरी झंडी दी। 4 मिनट में 7 घोषणाएं: विकास को रफ्तार मुख्यमंत्री ने रहली और गढ़ाकोटा कृषि उपज मंडी के लिए 5-5 करोड़ रुपये तथा शाहपुर उपमंडी के लिए 1 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। रहली–रमखरिया–सिमरिया नायक बहेरिया तक 22 किमी मार्ग को टू-लेन करने के 46 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही शाहपुर-मोकलपुर मार्ग पर फ्लाईओवर निर्माण, रहली व गढ़ाकोटा में मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स खोलने और फूड पार्क स्थापित करने की घोषणा ने क्षेत्र में विकास की नई उम्मीद जगा दी। मांगों की लंबी सूची, त्वरित निर्णय यह गढ़ाकोटा में मुख्यमंत्री का तीसरा कार्यक्रम था। मंच से विधायक गोपाल भार्गव ने दस से अधिक मांगें रखते हुए क्षेत्र में बेरोजगारी और अधोसंरचना की जरूरतों का मुद्दा उठाया। मांगों की लंबी सूची देखकर मुख्यमंत्री मुस्कराएं, कुछ पल विचार किया और सात प्रमुख मांगों को स्वीकृति दे दी। उन्होंने सांसद-विधायकों की समिति बनाकर व्यवहारिक प्रस्ताव तैयार करने की बात कही, ताकि जो संभव हो उसे प्राथमिकता से पूरा किया जा सके। सामाजिक सुरक्षा: 196 करोड़ की सौगात कार्यक्रम स्थल से ही मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत 32 लाख 78 हजार 735 हितग्राहियों के खातों में सिंगल क्लिक से 196.72 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए। इनमें सागर जिले के 2 लाख 688 लाभार्थियों को 12.03 करोड़ रुपये की राशि मिली। यह कदम राज्य सरकार की प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली को मजबूत करने और पात्र हितग्राहियों तक पारदर्शी तरीके से सहायता पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्कूली बच्चों को मिलेगा मुफ्त दूध मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बढ़े दुग्ध उत्पादन का उल्लेख करते हुए आठवीं कक्षा तक के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए “मां यशोदा” योजना शुरू करने की घोषणा की। इस योजना के तहत बच्चों को स्कूल स्तर पर दूध का पैकेट उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने पौराणिक संदर्भ देते हुए कहा कि जैसे मां यशोदा के स्नेह और पोषण से श्रीकृष्ण सशक्त बने, वैसे ही प्रदेश के बच्चों को भी पोषण देकर स्वस्थ और मजबूत बनाया जाएगा।  

जैक डोर्सी ने अपनी कंपनी से 4000 लोगों को निकाला, AI के प्रभाव से बढ़ी छंटनी

 नई दिल्ली टेक दुनिया से बड़ी खबर सामने आई है. Twitter के को-फाउंडर जैक डॉर्सी की कंपनी Block Inc. ने करीब 4,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. यह संख्या कंपनी के कुल स्टाफ का लगभग 40 फीसदी बताई जा रही है. सबसे अहम बात यह है कि कंपनी ने इस बड़े कदम के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को वजह बताया है. अब तक कंपनियां छंटनी करते वक्त ये साफ तौर पर नहीं बताती थीं कि जॉब AI की वजह से जा रही है. लेकिन Jack Doresey ने ये साफ किया है कि उन्होंने अपनी कंपनी से लोगों को AI की वजह से ही निकाला है. Block एक फिनटेक कंपनी है जो Cash App और Square जैसी सेवाएं चलाती है. कंपनी का कहना है कि वह अब AI पर ज्यादा फोकस कर रही है और काम करने का तरीका बदल रही है. आर्थिक संकट में नहीं है कंपनी, फिर भी निकाले गए लोग जैक डॉर्सी  ने अपने संदेश में कहा कि कंपनी आर्थिक संकट में नहीं है. बिजनेस ठीक चल रहा है, लेकिन AI की वजह से अब कम लोगों के साथ ज्यादा काम संभव हो रहा है. डोर्सी ने कहा कि टेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही है और कंपनियों को समय रहते बदलाव करना होगा. उनके मुताबिक कई कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अपनाने में देर कर रही हैं. Block ने एक साथ बड़ा फैसला लेकर अपनी टीम का आकार छोटा कर दिया ताकि आगे की रणनीति साफ रहे. इस खबर के बाद शेयर बाजार में Block के शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला. रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी के शेयर करीब 20 से 25 फीसदी तक चढ़ गए. निवेशकों को लग रहा है कि AI के इस्तेमाल से कंपनी की लागत घटेगी और मुनाफा बढ़ सकता है. हालांकि कर्मचारियों के लिए यह बड़ा झटका है. इतनी बड़ी संख्या में नौकरी जाने से टेक सेक्टर में चिंता बढ़ गई है. पिछले कुछ समय से दुनिया भर में टेक कंपनियां स्टाफ कम कर रही हैं, लेकिन इस बार साफ तौर पर AI को वजह बताया जाना चर्चा का विषय बन गया है. कर्मचारियों को मिलेगा मुआवजा और सपोर्ट जैक डॉर्सी  ने यह भी कहा कि जिन कर्मचारियों की नौकरी गई है, उन्हें नियमों के मुताबिक मुआवजा और कुछ समय तक सपोर्ट दिया जाएगा. अलग-अलग देशों में नियम अलग होने की वजह से यह पैकेज भी अलग हो सकता है. इस फैसले ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. क्या AI अब सच में इंसानों की नौकरियां ले रहा है? टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि AI पूरी तरह नौकरियां खत्म नहीं करता, बल्कि काम की प्रकृति बदल देता है. जिन भूमिकाओं में दोहराव वाला काम ज्यादा है, वहां AI तेजी से जगह बना रहा है. Block का यह कदम संकेत देता है कि आने वाले समय में और कंपनियां भी इसी दिशा में जा सकती हैं. अगर AI से कम स्टाफ में ज्यादा काम हो सकता है, तो कंपनियां लागत कम करने के लिए ऐसे फैसले ले सकती हैं. टेक इंडस्ट्री में यह बदलाव सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं है. यह एक बड़े ट्रेंड की तरफ इशारा करता है, जहां AI अब सिर्फ चर्चा का विषय नहीं, बल्कि बिजनेस रणनीति का हिस्सा बन चुका है. आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि दूसरी बड़ी कंपनियां क्या कदम उठाती हैं.

‘भाई साहब, पहले खुद को देखिए’… अश्विन ने अभिषेक पर टिप्पणी करने वाले पाकिस्तानी क्रिकेटर को घेरा

नई दिल्ली टी20 विश्वकप में भारतीय युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की फॉर्म को लेकर छिड़ी बहस ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने एक वायरल वीडियो में अभिषेक को 'स्लॉगर' (लप्पेबाज) करार दिया था, जिसके बाद उनकी काफी आलोचना हुई थी। आमिर का तर्क था कि इस युवा बल्लेबाज के खेल में रक्षात्मक तकनीक की कमी है और वह हर गेंद पर बड़े शॉट खेलने की कोशिश करते हैं। हालांकि, जिम्बाब्वे के खिलाफ महज 30 गेंदों में 55 रनों की आतिशी पारी खेलकर अभिषेक ने न केवल फॉर्म में जबरदस्त वापसी की, बल्कि अपने आलोचकों को भी कड़ा संदेश दिया है। दिग्गज भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब शो 'ऐश की बात' में आमिर की इन टिप्पणियों पर कड़ा ऐतराज जताया और उन्हें आड़े हाथों लिया। अश्विन ने मोहम्मद आमिर को जवाब देते हुए साफ तौर पर कहा, "भाई साहब, आप अभिषेक शर्मा के गेम के बारे में कुछ भी बोलें, लेकिन वह स्लॉगर तो बिल्कुल नहीं हैं।" अश्विन ने स्पष्ट किया कि अभिषेक शर्मा के प्रति लोगों का यह भ्रम इसलिए पैदा होता है क्योंकि जब भी वह गेंद को हिट करते हैं, वह बहुत दूर चली जाती है, जिससे लोग उन्हें लप्पेबाज समझने लगते हैं। उन्होंने आगे कहा कि अभिषेक की एकमात्र गलती यह रही है कि वह हर गेंद पर आक्रामकता या 'इंटेंट' दिखाने की कोशिश करते हैं, जो कभी-कभी उनके खिलाफ चली जाती है। अभिषेक की बल्लेबाजी शैली का गहराई से विश्लेषण करते हुए अश्विन ने उनकी तुलना टीम इंडिया के महान ऑलराउंडर युवराज सिंह से की। अश्विन के अनुसार, अभिषेक का बैट स्विंग दुनिया के सबसे बेहतरीन बैट स्विंग्स में से एक है और शायद यह उनके मेंटर युवराज सिंह से भी बेहतर है। अश्विन ने तकनीकी बारीकी बताते हुए कहा कि शॉट खेलते समय अभिषेक के बल्ले का ऊपरी हिस्सा (टो) सीधे आसमान की तरफ होता है, जो एक आइडियल बैट स्विंग की निशानी है। उन्होंने यह भी हाइलाइट किया कि अभिषेक को गेंद पर ज्यादा ताकत लगाने की जरूरत नहीं है क्योंकि उनकी सबसे बड़ी ताकत उनकी 'टाइमिंग' और बेहतरीन बैट स्विंग है। अभिषेक की इस साहसी पारी की सराहना महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने भी की है, जिन्होंने कहा कि इस युवा खिलाड़ी ने अपने 55 रनों से आलोचकों को पूरी तरह चुप करा दिया है। गावस्कर इस बात से भी प्रभावित दिखे कि अभिषेक ने इस मैच में संयम दिखाया और जरूरत पड़ने पर रक्षात्मक शॉट भी खेले। भारत के लिए यह पारी अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि टीम को अब वेस्टइंडीज के खिलाफ एक निर्णायक नॉकआउट मुकाबले में उतरना है। अश्विन को उम्मीद है कि इस शानदार अर्धशतक के बाद अभिषेक वापस ट्रैक पर लौट आएंगे और टूर्नामेंट के आगामी मैचों में टीम इंडिया के लिए बड़ी भूमिका निभाएंगे।

दूसरे वनडे में भारत की हार, जॉर्जिया वोल की सेंचुरी से ऑस्ट्रेलिया मजबूत

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया ने शुक्रवार को होबार्ट में खेले गए दूसरे मैच में भारतीय टीम को 5 विकेट से हराया। ऑस्ट्रेलिया ने इस जीत के साथ तीन मैचों की वनडे सीरीज अपने नाम कर ली है। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 9 विकेट खोकर 251 रन बनाए, इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने जॉर्जिया वोल की शतकीय पारी की बदौलत 83 गेंद शेष रहते मैच में जीत दर्ज की। ऑस्ट्रेलिया के लिए वोल ने सर्वाधिक 101 रन बनाए। भारत की ओर से काश्वी गौतम ने दो विकेट चटकाए। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए नौ विकेट पर 251 रन बनाए। प्रतिका रावल की 81 गेंद पर खेली गई 52 रन की पारी से भारत ने अच्छी शुरुआत की। उन्होंने अपनी पारी में छह चौके लगाए। भारतीय टीम हालांकि बीच के ओवरों में लड़खड़ा गई। इसके बाद हरमनप्रीत ने 70 गेंद पर दो चौकों और एक छक्के की मदद से 54 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया के लिए 2-2 विकेट एलाना किंग, एनाबेल सदरलैंड और एश्ली गार्डनर ने निकाले। ऑस्ट्रेलिया ने जॉर्जिया वोल (82 गेंद पर 101 रन, 13 चौके, एक छक्का) और फीबी लिचफील्ड (62 गेंद पर 80 रन) की उम्दा पारियों की मदद से 36.1 ओवर में पांच विकेट पर 252 रन बनाकर आसान जीत दर्ज की। इस तरह से ऑस्ट्रेलिया ने भारत के खिलाफ द्विपक्षीय वनडे सीरीज में अपना शानदार रिकॉर्ड जारी रखा। ऑस्ट्रेलिया ने अभी तक भारत के खिलाफ सभी 12 द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीती हैं। इससे पहले तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज खेली गई थी, जिसे भारतीय टीम ने 2-1 से अपने नाम किया था। इस दौरे पर 3-3 मैचों की टी20 और वनडे सीरीज और एक टेस्ट मैच भी टीम इंडिया को खेलना है।

विजय और रश्मिका ने अपने रिसेप्शन में पीएम मोदी को किया आमंत्रित, वायरल हुई तस्वीर

नई दिल्ली  विजय देवरकोंडा (Vijay Deverakonda) और रश्मिका मंदाना (Rashmika Mandanna) ने 26 फरवरी, 2026 को शादी कर ली। कपल ने उदयपुर में अपने करीबी दोस्तों और परिवार की मौजूदगी में शादी की और अब 4 मार्च, 2026 को हैदराबाद में रिसेप्शन दिया जाएगा। आज सुबह रश्मिका और विजय की गृह मंत्री अमित शाह के साथ तस्वीरें वायरल हो गईं। दोनों ने अमित शाह को भी अपने रिसेप्शन में आमंत्रित किया था। अब, VIROSH की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इस जोड़े ने प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर उन्हें भी रिसेप्शन में आमंत्रित किया था। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि विजय और रश्मिका प्रधानमंत्री से बातचीत कर रहे हैं और उन्हें शॉल भेंट कर रहे हैं। पीएम मोदी ने दी बधाई     विजय और रश्मिका की शादी से पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने दंपति को बधाई पत्र लिखा था। उन्होंने लिखा, "माधवी और गोवर्धन राव देवरकोंडा जी, 26 फरवरी 2026 को होने वाले विजय और रश्मिका के विवाह समारोह में आपका निमंत्रण पाकर हमें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। देवरकोंडा और मंदन्ना परिवारों को इस हार्दिक और शुभ अवसर पर हार्दिक बधाई। यह विजय और रश्मिका के जीवन में एक नए, खूबसूरत अध्याय की शुरुआत है।" पत्र में आगे लिखा था, “विजय और रश्मिका दोनों ही फिल्मों में स्क्रिप्ट के लिए नए नहीं हैं। लेकिन उनके वास्तविक जीवन का यह दिव्य रूप से रचा गया अध्याय, जो प्रेम और स्नेह से भरा है, निश्चित रूप से उनके द्वारा सिल्वर स्क्रीन पर रचे गए जादू को भी मात देगा। प्रेम और समझदारी के साथ, वे जिम्मेदारियों को साझा करें, एक-दूसरे की कमियों को स्वीकार करें, एक-दूसरे की खूबियों से सीखें और सच्चे साथी बनकर जीवन की यात्रा करें। इस शुभ अवसर पर कपल और उनके परिवारों को मेरी शुभकामनाएं। सादर कब होगा रिसेप्शन? रश्मिका और विजय का वेडिंग रिसेप्शन, 4 मार्च, 2026 को हैदराबाद में होगा। ऐसी उम्मीद है कि इस मौके पर साउथ और बॉलीवुड के कई बड़े सेलेब्स इसका हिस्सा बनेंगे।  

यात्रियों को बड़ी राहत: हरियाणा सरकार बनाएगी 5 आधुनिक बस स्टैंड, सुविधाओं में होगा विस्तार

चंडीगढ़ प्रदेश में यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी। पांच बस अड्डे आगामी डेढ़ से दो वर्ष के अंदर विकसित किए जाएंगे। सरकार की घोषणा व शहरों में आवश्यकता के आधार पर बस अड्डों का निर्माण कराया जा रहा है। राज्य परिवहन विभाग ने बरवाला, नारायणगढ़, नीलोखेड़ी, बहल और रेवाड़ी में बस अड्डे तैयार करने की योजना बनाई है। हिसार जिले के बरवाला में पुराना बस अड्डा है। इसे तोड़कर नए बस अड्डे का निर्माण किया जाएगा। यहां जो पुराना बस अड्डा है वह बसों के लिए पर्याप्त नहीं और यहां जलभराव की भी समस्या रहती है। करनाल के नीलोखेड़ी में पुलिस स्टेशन के निकट बस अड्डे का निर्माण होगा। इस बस अड्डे के निर्माण का बीते साल शिलान्यास हुआ था और फिलहाल यहां काम जारी है। रेवाड़ी शहर की बात करें तो यहां शहरी आबादी के बीच बस अड्डा संचालित है। इस कारण शहर में जाम की समस्या रहती है। अब शहर से बाहर 20 एकड़ में नए बस अड्डे का निर्माण कराया जा रहा है। करीब 39 करोड़ रुपये इस योजना को पूरा करने में खर्च होंगे। मार्च 2028 तक निर्माण कार्य पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है।   अंबाला जिले के नारायणगढ़ में 12 काउंटरों वाले बस अड्डे का निर्माण होना है। यहां भी पुराने बस अड्डे के स्थान पर नए सिरे से बस अड्डा निर्मित होगा। इसके लिए टेंडर हो चुके हैं। राज्य परिवहन विभाग के अनुसार भिवानी के बहल में भी नया बस अड्डा निर्मित होना है और इसके लिए भी टेंडर हो चुके हैं। राज्य परिवहन विभाग के महानिदेशक प्रदीप कुमार का कहना है कि यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। बस अड्डों का निर्माण निर्धारित अवधि में पूरा करवाया जाएगा।