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खामेनेई के निधन के बाद बवाल: दूतावास के बाहर पाकिस्तानी प्रदर्शनकारियों पर अमेरिकी सैनिकों की कार्रवाई, 8 मारे गए

ईरान ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के विरोध में पाकिस्तान का औद्योगिक शहर कराची रविवार को रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई हिंसक झड़प में कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। यह हिंसा उस समय भड़की जब प्रदर्शनकारियों ने दूतावास की सुरक्षा घेराबंदी को तोड़ने का प्रयास किया। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विभिन्न शिया समूहों द्वारा आयोजित इस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत सुल्तानबाद से हुई थी। प्रदर्शनकारी 'माई कोलाची' मार्ग से होते हुए अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की ओर बढ़ रहे थे। भीड़ वाशिंगटन और तेल अवीव के खिलाफ नारेबाजी कर रही थी। जैसे ही प्रदर्शनकारी डिप्लोमैटिक जोन के करीब पहुंचे, पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड्स लगा दिए। प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित तौर पर पथराव किए जाने के बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। स्थिति तब और बिगड़ गई जब भीड़ ने प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने की कोशिश की। फायरिंग और मौतों का मंजर तनाव चरम पर पहुंचने के बाद वाणिज्य दूतावास के अंदर तैनात अमेरिकी मरीन सुरक्षा कर्मियों को 'हाई अलर्ट' पर रखा गया था। पाकिस्तान के 'समा टीवी' की रिपोर्ट के अनुसार, दूतावास की सुरक्षा में तैनात सैन्य कर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच सीधा टकराव हुआ, जिसके दौरान हुई फायरिंग में 8 लोगों की जान चली गई। हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों या अमेरिकी दूतावास ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इन मौतों की पुष्टि नहीं की है, लेकिन अस्पतालों से मिल रही जानकारी के अनुसार हताहतों की संख्या बढ़ सकती है। पूरे कराची में फैला तनाव खामेनेई की मौत की खबर मिलते ही कराची के विभिन्न हिस्सों, जैसे नसीम चौरंगी और अन्य इमामबाड़ों में मातम छा गया, जो जल्द ही गुस्से में बदल गया। प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से एम.टी. खान रोड और दूतावास की ओर जाने वाले सभी प्रमुख चौराहों को पूरी तरह सील कर दिया है। ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों को प्रभावित इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। क्षेत्रीय तनाव का असर कराची में भड़की यह हिंसा उस वैश्विक उबाल का हिस्सा है जो शनिवार को ईरान पर हुए इजरायल-अमेरिकी हमलों के बाद देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अमेरिका और इजरायल ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन कर ईरान की संप्रभुता पर हमला किया है। देर रात तक कराची में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी। कानून प्रवर्तन एजेंसियां अतिरिक्त बल की तैनाती कर व्यवस्था बहाल करने की कोशिश कर रही हैं, जबकि दूतावास के आसपास सुरक्षा घेरा और कड़ा कर दिया गया है।  

होलिका दहन कब होगा—2 या 3 मार्च? पंडितों ने बताया शुभ समय, इसी दिन खेली जाएगी होली

जयपुर होली को लेकर लोगों में उत्साह चरम पर है। बाजारों में रंग-बिरंगे गुलाल सज चुके हैं, दफ्तरों में छुट्टियों की गिनती शुरू हो गई है और युवाओं में होली पार्टियों का उत्साह साफ नजर आ रहा है। इसी बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस बार होली कब मनाई जाएगी। होलिका दहन और दुलंडी की तारीखों को लेकर अलग-अलग मत सामने आने से लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इस भ्रम को दूर करते हुए ज्योतिषाचार्य शास्त्री भवानी शंकर शर्मा ने शास्त्रीय आधार स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि होलिका दहन के लिए शास्त्रों में प्रदोष काल में व्यापिनी पूर्णिमा तिथि का होना अनिवार्य माना गया है। उनके अनुसार सोमवार, 2 मार्च को चतुर्दशी तिथि शाम 5 बजकर 38 मिनट तक रहेगी, इसके बाद पूर्णिमा तिथि प्रारंभ हो जाएगी। चूंकि 2 मार्च को प्रदोष काल में पूर्णिमा तिथि विद्यमान रहेगी, इसलिए शास्त्रों के अनुसार उसी दिन होलिका दहन करना उचित होगा। उन्होंने बताया कि 2 मार्च की रात भद्रा का प्रभाव रहेगा। शास्त्रों में भद्रा की ‘पूंछ’ में होलिका दहन को शुभ माना गया है। यह शुभ मुहूर्त रात 1 बजकर 25 मिनट से 2 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। इसी अवधि में विधि-विधान से होलिका दहन करने को शास्त्रसम्मत बताया गया है। शास्त्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि 3 मार्च को होलिका दहन नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि उस दिन प्रदोष काल में पूर्णिमा तिथि नहीं रहेगी। साथ ही 3 मार्च को दोपहर 3 बजकर 30 मिनट से शाम 6 बजकर 45 मिनट तक चंद्रग्रहण भी रहेगा, जिसके कारण उस दिन होलिका दहन अशुभ माना गया है। इसलिए शास्त्रसम्मत निर्णय यही है कि होलिका दहन 2 मार्च की रात किया जाए और दुलंडी यानी रंगों की होली 3 मार्च, मंगलवार को मनाई जाए। विधि-विधान पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि फाल्गुन मास की प्रतिपदा को होलिका का डंडा रोपित किया जाता है और पूर्णिमा के दिन विधिवत दहन किया जाता है। अष्टमी से पूर्णिमा तक के आठ दिन ‘होला अष्टक’ कहलाते हैं, जिन्हें शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना गया है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि कई स्थानों पर होलिका दहन केवल औपचारिकता बनकर रह गया है, जहां विधि-विधान और प्रह्लाद की परंपरा की अनदेखी की जाती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि होलिका दहन केवल लकड़ी जलाने का कर्मकांड नहीं, बल्कि बुराई के त्याग और अच्छाई के संकल्प का प्रतीक पर्व है। अतः सभी को शास्त्रों में बताए गए नियमों के अनुसार ही इस पर्व को मनाना चाहिए।

दुबई हमले के बीच फंसे पीवी सिंधू के कोच का बयान, कहा- ‘जान बची, लेकिन खतरा टला नहीं’

दुबई दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू को ट्रेनिंग देने वाले इंडोनेशियाई कोच इरवांस्याह आदि प्रतामा उस समय बाल-बाल बच गए जब ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के लिए बर्मिंघम जाते हुए दुबई हवाई अड्डे पर उनके करीब धमाका हुआ। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू को ट्रेनिंग देने वाले इंडोनेशियाई कोच इरवांस्याह आदि प्रतामा उस समय बाल-बाल बच गए जब ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के लिए बर्मिंघम जाते हुए दुबई हवाई अड्डे पर उनके करीब धमाका हुआ। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण उड़ाने रद्द होने के बाद सिंधू और इरवांस्याह दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फंस गए हैं। टूर्नामेंट मंगलवार से शुरू होना है। ईरान के मिसाइल हमलों के बाद खाड़ी देशों के कुछ हिस्सों में धमाकों की खबरें आई हैं जिसमें संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबु धाबी और दुबई भी शामिल हैं। इसके बाद दुबई हवाई अड्डे पर सभी उड़ानों को निलंबित कर दिया गया है। इरवांस्याह ने पीटीआई को बताया, ''इस समय दुबई में उड़ानें रद्द हो रही हैं। हवाई अड्डे पर धमाका हुआ है इसलिए हम इस समय यहीं फंसे हुए हैं।'' उन्होंने कहा, ''उन्होंने हमें होटल में रखा है। हम ठीक हैं लेकिन फिर भी थोड़ी चिंता है। हम ऑल इंग्लैंड के लिए जाना चाहते हैं। मुझे उम्मीद है कि हम आज उड़ान ले पाएंगे क्योंकि सिंधू का मैच बुधवार को है।'' सिंधू ने शनिवार रात सोशल मीडिया पर तनावपूर्ण पलों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा, ''सिंधू ने 'एक्स' पर लिखा, ''मुश्किल बढ़ती जा रही है और हालात हर घंटे डरावने होते जा रहे हैं। कुछ घंटे पहले हवाई अड्डे पर जहां हम रुके हुए थे उसके पास एक धमाका हुआ।'' सिंधू ने लिखा, ''मेरे कोच को जल्दी से उस जगह से भागना पड़ा क्योंकि वह धुएं और मलबे के सबसे करीब थे। यह हम सभी के लिए बहुत तनावपूर्ण और डरावना पल था।'' भारत के अधिकतर खिलाड़ी पहले ही बर्मिंघम पहुंच चुके हैं। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की शीर्ष पुरुष युगल जोड़ी, पुरुष एकल खिलाड़ी लक्ष्य सेन, युवा आयुष शेट्टी, गायत्री गोपीचंद और त्रीसा जॉली की महिला युगल जोड़ी बर्मिंघम पहुंच चुके हैं। मालविका बंसोड़ भी पहुंच गई हैं लेकिन उन्नति हुड्डा अब भी भारत में हैं क्योंकि नयी दिल्ली से बर्मिंघम के लिए उनकी सीधी उड़ान आखिरी समय में रद्द हो गई थी। उन्नति ने कहा, ''मुझे आज करीब 11 बजे यात्रा करनी थी लेकिन सुबह-सुबह पता चला कि उड़ान रद्द हो गई है। अन्य उड़ानों में सीटें खाली नहीं हैं। मैं बीएआई के संपर्क में हूं और वे बीडब्ल्यूएफ से बात कर रहे हैं कि शायद मेरे मैच देर से कराए जाएं।'' भारत के पूर्व कोच विमल कुमार को भी शनिवार को निकलना था लेकिन बेंगलुरु में विमान में सवार होने से कुछ देर पहले उन्हें उड़ान के रद्द होने के बारे में पता चला। युगल कोच बी सुमीत रेड्डी के साथ रोहन कपूर और रुतविका शिवानी की मिश्रित युगल जोड़ी सिंगापुर के रास्ते यात्रा करेगी। भारतीय बैडमिंटन संघ के सचिव संजय मिश्रा ने कहा, ''कुछ खिलाड़ी हैं जिन्हें हम सिंगापुर के रास्ते भेजने की कोशिश कर रहे हैं, कुछ पहुंच गए हैं। सात्विक और चिराग पहुंच गए हैं।'' अमेरिका और इजराइल ने शनिवार को ईरान पर बड़ा हमला किया जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी जनता से इस्लामिक नेतृत्व को उखाड़ फेंकने की अपील की। सैन्य हमलों की वजह से खाड़ी क्षेत्र में वायु क्षेत्र बंद हो गया है और एमिरेट्स तथा एयर इंडिया सहित कई उड़ानों में रुकावट आई है। एयर इंडिया ने खाड़ी क्षेत्र से आने-जाने वाली अपनी सभी उड़ाने रद्द कर दी हैं विशेषकर अबु धाबी, दम्मम, दोहा, दुबई, जेद्दा, मस्कट, रियाद और तेल अवीव से जुड़ी। अमेरिका, इजराइल और ईरान पर मिसाइल हमलों के बाद वायु क्षेत्र बंद होने की वजह से दुबई हवाई अड्डे ने सभी तरह का संचालन अनिश्चित काल के लिए रोक दिया है।

हरियाणा बोर्ड परीक्षा के एडमिट कार्ड में दूसरे का फोटो लगा होने से बिना परीक्षा दिए लौटाया

झज्जर. हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा की हिंदी विषय की परीक्षा के दौरान शहर के एसडी स्कूल परीक्षा केंद्र पर एक छात्र परीक्षा देने पहुंचा, लेकिन उसके एडमिट कार्ड पर किसी दूसरे की फोटो लगी थी। चेकिंग के दौरान जब बोर्ड द्वारा जारी रोल नंबर और क्यूआर कोड को स्कैन किया गया, तो उस पर भी किसी अन्य छात्र का नाम और फोटो प्रदर्शित हो रहा था। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए स्टाफ और पुलिस ने छात्र को परीक्षा केंद्र में प्रवेश देने से मना कर दिया और उसे सही रोल नंबर लाने के निर्देश देकर लौटा दिया। जिला शिक्षा अधिकारी रतिंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि नियमों के विरुद्ध किसी भी छात्र को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई है और परीक्षाएं पूरी तरह शांतिपूर्ण चल रही हैं। उपायुक्त स्वप्निल रविन्द्र पाटिल स्वयं केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। गौरतलब है कि जिले के 55 केंद्रों पर बोर्ड परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं और अब तक 12वीं कक्षा में तीन यूएमसी (नकल के केस) बनाए जा चुके हैं।

मध्य-पूर्व संकट का सीधा असर: जयपुर एयरपोर्ट से कई अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स रद्द

जयपुर ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में लगाई गई अस्थायी बंदिशों का असर अब जयपुर से संचालित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी दिखने लगा है। जयपुर से खाड़ी देशों के लिए उड़ान भरने वाली कई फ्लाइट्स को अगले आदेश तक रद्द कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय हालात बिगड़ने के बाद Etihad Airways की अबू धाबी जाने वाली फ्लाइट EY-327 रद्द कर दी गई है। इसी तरह Air Arabia की शारजाह के लिए उड़ान G9436 और Air India Express की दुबई जाने वाली फ्लाइट IX-195 भी कैंसिल कर दी गई है। इसके अलावा SpiceJet की दुबई जाने वाली फ्लाइट SG-57 भी रद्द की गई है। एयरपोर्ट प्रशासन की एडवाइजरी मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। प्रबंधन के अनुसार मिडिल ईस्ट क्षेत्र, खासकर इजराइल-ईरान संघर्ष के चलते कई अंतरराष्ट्रीय एयरस्पेस में अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिससे उड़ानों के समय और रूट में बदलाव संभव है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे एयरपोर्ट पहुंचने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइन से फ्लाइट की ताजा स्थिति की पुष्टि जरूर कर लें। बिना जानकारी के एयरपोर्ट आने से बचें और यात्रा की योजना एयरलाइन से संपर्क में रहकर ही बनाएं। एयरस्पेस बंद होने के कारण देरी, रद्दीकरण या रूट परिवर्तन जैसी स्थितियां बन सकती हैं, इसलिए अतिरिक्त समय और वैकल्पिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यात्रा करने की सलाह दी गई है। दुबई और शारजाह रूट सबसे ज्यादा प्रभावित सूत्रों के मुताबिक दुबई और शारजाह रूट पर संचालित उड़ानों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। हालात सामान्य होने तक आने वाले दिनों में भी उड़ानों के संचालन में बदलाव की संभावना बनी हुई है।

होली पर बड़ा तोहफा! लाखों-करोड़ों लोगों को मिलेगा मुफ्त गैस सिलेंडर

लखनऊ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) की शुरुआत मई 2016 में पूरे देश के गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को बिना जमा राशि के एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने के लिए की गई थी। पीएमयूवाई के अंतर्गत 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन को मंजूरी दी गई है। होली के मौके पर एक बड़े वर्ग को फ्री में एलपीजी गैस सिलेंडर मिलने वाला है। ये फ्री सिलेंडर उत्तर प्रदेश के 1.86 करोड़ (18.6 मिलियन) लाभार्थियों को मिलेगा। आइए इस योजना के बारे में जान लेते हैं। 1.86 करोड़ लोगों को मिलेगा फायदा दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को उज्ज्वला योजना के तहत 1.86 करोड़ (18.6 मिलियन) लाभार्थियों के लिए गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी के रूप में 1,500 करोड़ रुपये जारी किए। इसके तहत लाभार्थी होली से पहले या बाद में अपनी नजदीकी एजेंसी से भरा हुआ एलपीजी सिलेंडर मुफ्त में प्राप्त कर सकते हैं। बता दें कि योगी सरकार ने रिफिल सब्सिडी योजना 2022 में शुरू की थी। इस योजना के तहत होली के अलावा दिवाली में भी लाभार्थियों को फ्री एलपीजी सिलेंडर मिलता है। उज्ज्वला योजना के बारे में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) की शुरुआत मई 2016 में पूरे देश के गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को बिना जमा राशि के एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने के लिए की गई थी। पूरे देश में लगभग 10.50 करोड़ पीएमयूवाई कनेक्शन हैं। हाल ही में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने पीएमयूवाई के अंतर्गत 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन को मंजूरी दी गई है। पीएमयूवाई उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी को ज्यादा किफायती बनाने और उनके द्वारा एलपीजी का निरंतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए, मई 2022 में सरकार ने पीएमयूवाई उपभोक्ताओं को 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर 200 रुपये (और 5 किलोग्राम कनेक्शन के लिए आनुपातिक रूप से निर्धारित) सब्सिडी देनी शुरू की। कुछ साल बाद में इसे बढ़ाकर 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर 300 रुपये (और 5 किलोग्राम कनेक्शन के लिए आनुपातिक रूप से निर्धारित) कर दिया गया। क्या है जरूरी दस्तावेज? प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत नामांकन प्रक्रिया के लिए जरूरी दस्तावेज आधार कार्ड, राशन कार्ड, पता प्रमाण, पासपोर्ट साइज का फोटो औ बैंक विवरण शामिल हैं। आवेदन पत्र आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन भरें। इसके बाद तेल कंपनी का नाम चुनना होगा। उदाहरण के लिए इंडेन / भारतगैस / एचपी गैस कनेक्शन का प्रकार चुनना होगा। इसके अलावा राज्य, जिला और वितरक का नाम चुनें। मोबाइल नंबर, कैप्चा और ओटीपी दर्ज करें। परिवार के सभी विवरण, व्यक्तिगत विवरण, पता विवरण, बैंक विवरण भरें, सिलेंडर के प्रकार चुनें, ग्रामीण या शहरी चुनें और घोषणा का चयन करके सबमिट करें। एलपीजी सिलेंडर के दाम बता दें कि होली से ठीक पहले कॉमर्शियल रसोई गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए हैं जबकि घरेलू सिलेंडर के मूल्य में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में रविवार से 19 किलोग्राम वाला कॉमर्शियल रसोई गैस सिलेंडर 1,768.50 रुपये का हो गया है। यह मार्च 2025 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में इस साल लगातार तीसरी बार वृद्धि हुई है। वहीं, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 08 अप्रैल 2025 के बाद से कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। दिल्ली में इसकी कीमत 853 रुपये, कोलकाता में 879 रुपये, मुंबई में 852.50 रुपये और चेन्नई में 868.50 रुपये पर स्थिर है।  

हाथियों के हमलों से निपटने 18 जिलों में खुलेंगे रेस्क्यू सेंटर

रांची. झारखंड के 18 वन जिलों में हाथियों का विचरण होता है। पिछले छह महीने में हाथियों का मानव के साथ संघर्ष भी बढ़ा है और इसमें 25 से अधिक लोगों की जान गई है। सप्ताह भर पहले झुंड से बिछड़ा एक हाथी तो रांची में विधानसभा से तीन किलोमीटर की दूरी तक पहुंच गया था। अब वन विभाग ने इन 18 जिलों के वन प्रमंडलों में एलिफेंट रेस्क्यू सेंटर बनाने का निर्णय लिया है। चार से अधिक रेस्क्यू सेंटर हाथियों के मूवमेंट पर नजर रखेंगे। प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने राज्य में 680 से अधिक हाथियों के रहने की जानकारी दी है। इनकी सुरक्षा के साथ इनके कॉरिडोर को निर्बाध बनाने की तैयारी भी वन विभाग ने की है। इसके साथ ही सभी रेस्क्यू सेंटर पर क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) की तैनाती होगी। टीम में हाथी को ट्रैंक्युलाइज करने का सामान भी रहेगा। जंगल में हाथियों के लिए भोजन उपलब्ध कराना चुनौती आबादी वाले क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही की मुख्य वजह भोजन की तलाश है। वन्य प्राणी विशेषज्ञ रवींद्र प्रसाद ओझा ने बताया कि जंगल कटने की वजह से इनके मुख्य भोजन बांस के पेड़ खत्म हो रहे हैं। जंगलों के पास बसी बस्ती में धान, गन्ना जैसे दूसरे फसल आसानी से मिल जाता है। इस वजह से हाथी यहां पहुंच जाते हैं। हाल ही में रांची में जो हाथी आया था वह देर रात तक धुर्वा डैम में रहा। इसके बाद वह शांत हो गया और बिना किसी नुकसान के वापस जंगल लौट गया। यानि जंगल में भी अगर पर्याप्त पानी हो तो हाथी उग्र होकर आबादी वाले क्षेत्र में नहीं आएगा। एलिफेंट कॉरिडोर को मुक्त करना आवश्यक राज्य में हाथियों के पारंपरिक कॉरिडोर को काफी हद तक अतिक्रमण मुक्त किया गया है। लेकिन खनन कार्यों और ट्रांसपोर्टिंग की वजह से रात में तेज रोशनी और आवाज से हाथी परेशान रहते हैं। हजारीबाग में हाथियों का बढ़ा आतंक इसी का परिणाम है। वन एवं पर्यावरण विभाग एलिफेंट कॉरिडोर में मानवों की गतिविधियों को रोकने में लगा है। इसके लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी आवश्यक निर्देश दिए हैं। खनन प्लान के साथ ही वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए किए जाने वाले उपाय देने को अब आवश्यक बनाया गया है।

मंगोलियाई रिंग में एशियाई मुक्केबाजी में हरियाणा के 11 खिलाड़ी दिखाएंगे दम

भिवानी. भारतीय मुक्केबाजी संघ ने पटियाला कैंप में चल रहे मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी करते हुए नंबर वन रैंकिंग जारी कर दी है। इसके तहत मंगोलिया में 28 मार्च से 11 अप्रैल तक होने वाली एशियाई एलीट मुक्केबाजी चैंपियनशिप के लिए भारतीय मुक्केबाजों का चयन किया गया है। मंगोलिया जाने वाले दल में 20 में से 11 हरियाणवी हैं। लड़कियों में पांच और लड़कों में छह मुक्केबाज हरियाणा से चयनित हुए हैं। चयनित मुक्केबाज मंगोलियाई रिंग में दो-दो हाथ करने को तैयार हैं। एशियाई एलीट मुक्केबाजी चैंपियनशिप के लिए जो भारतीय टीम चयनित हुई है उसमें हरियाणा की भागीदारी 55 प्रतिशत है। इनमें महिला मुक्केबाजों की भागीदारी 50 प्रतिशत तो पुरुष मुक्केबाजों की भागीदारी 60 प्रतिशत है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां के मुक्केबाज युवा खेलों के प्रति कितने गंभीर हैं। हरियाणा की खेल नीति के तहत खेल ओर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। देश का नाम रोशन करते हैं – हमारे मुक्केबाज हमेशा अपनी बेस्ट परफोरमेंस से प्रदेश और देश का नाम विदेशी धरती पर रोशन करते रहे हैं। मंगोलियाई रिंग में भी हमारे मुक्केबाज खेल प्रेमियों की उम्मीदों पर खरा उतर कर खुद को साबित करेंगे। -एडवोकेट राजनारायण पंघाल, खेल प्रेरक भारतीय मुक्केबाज टीम बेहतर – भारतीय मुक्केबाज टीम बेहतर टीम है। पहले भी बेस्ट परफोरमेंस देती रही है। मंगोलिया में भी बेहतरीन खेल का परिचय देंगे। -धर्मेंद्र यादव, अर्जुन अवार्डी कोच भारतीय टीम।

धनबाद नगर निगम चुनाव में संजीव सिंह ने 8 साल जेल में रहकर किया BJP-JMM का किला ध्वस्त

धनबाद. धनबाद की राजनीति में बीजेपी के बागी उम्मीदवार संजीव सिंह ने दमदार वापसी की है. दमदार इसलिए क्योंकि कि वे डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड में लंबे समय तक जेल में थे, लेकिन अदालत ने उन्हें उस केस से बरी कर दिया. वर्षों तक सलाखों के पीछे रहने के बाद जब वे सियासत के मैदान पर वापस लौटे तो उन्होंने नगर निगम चुनाव में मेयर पद के लिए दावेदारी ठोक दी. उन्होंने बकायदा प्रदेश भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को पत्र लिखकर समर्थन की मांग की. लेकिन उन्हें समर्थन नहीं मिला. इसके बजाय पार्टी ने संजीव कुमार को अपना समर्थन दिया. दूसरी तरफ बीजेपी के कद्दावर नेता रहे चंद्रशेखर अग्रवाल ने भी समर्थन की आस में पार्टी से बगावत कर झामुमो का दामन थाम लिया. झामुमो ने चंद्रशेखर अग्रवाल को अपना समर्थन दिया. जबकि कांग्रेस ने शमशेर आलम को सपोर्ट करने का ऐलान कर दिया. ऐसे में संजीव सिंह ने बैगर किसी के समर्थन के मैदान में उतरने का फैसला किया. बस उनके इस निर्णय से लगने लगा था कि वह बीजेपी के वोट बैंक में बड़ी सेंध लगायेंगे. हुआ भी यही. उन्होंने झामुमो समर्थित पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल को 31,902 मतों के भारी अंतर से हरा दिया. इस जीत को धनबाद की राजनीति में बड़ा उलटफेर माना जा रहा है. मतगणना में साफ दिखी बढ़त चुनाव परिणामों के अनुसार, संजीव सिंह को कुल 1,43,362 मत मिले. वहीं चंद्रशेखर अग्रवाल को 82,460 वोट प्राप्त हुए. भाजपा समर्थित उम्मीदवार संजीव कुमार 57,895 लाकर चौथे स्थान पर रहे. कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी शमशेर आलम को 59,079 वोट लाकर तीसरे स्थान पर रहे. संजीव सिंह शुरुआती राउंड से ही बढ़त बनाए हुए थे. धीरे धीरे यह बढ़त और मजबूत होती गयी और अंत में ये निर्णायक साबित हुई. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी जीत के पीछे का कारण क्या है. आज हम इस लेख में यही चीज को समझने की कोशिश करेंगे. युवाओं और सोशल मीडिया ने बदला माहौल संजीव सिंह की जीत में युवाओं की भूमिका अहम रही. चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर उनके समर्थन में जबरदस्त माहौल बना. बड़ी संख्या में युवाओं ने न सिर्फ ऑनलाइन प्रचार किया, बल्कि बूथ स्तर पर भी सक्रियता दिखाई. इसका सीधा असर मतदान प्रतिशत और नतीजों पर पड़ा. सहानुभूति लहर बनी ताकत करीब आठ साल तक जेल में रहने और नीरज सिंह हत्याकांड में बरी होने के बाद संजीव सिंह के पक्ष में सहानुभूति की लहर बनी. आम लोगों के बीच यह संदेश गया कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया था. इस भावना ने मतदाताओं को उनके पक्ष में एकजुट किया. भाजपा के कोर वोट बैंक में सेंध निर्दलीय उम्मीदवार होने के बावजूद संजीव सिंह ने भाजपा के परंपरागत वोट बैंक में बड़ी सेंधमारी की. खासकर धनबाद और बागमारा क्षेत्र में भाजपा समर्थकों का बड़ा हिस्सा उनके साथ चला गया, जिससे मुकाबला एकतरफा होता चला गया. ‘अकेले योद्धा’ की बनी छवि चुनाव के दौरान सभी बड़े दलों का निशाना सिर्फ संजीव सिंह पर रहा. विरोधियों की इस घेराबंदी ने मतदाताओं की नजर में उनकी छवि एक ‘अकेले योद्धा’ के रूप में बना दी. यही छवि उनके लिए निर्णायक साबित हुई. 2017 में जाना पड़ा था जेल संजीव सिंह को वर्ष 2017 में अपने चचेरे भाई नीरज सिंह की हत्या की साजिश के आरोप में जेल जाना पड़ा था. वे अप्रैल 2017 से अगस्त 2025 तक न्यायिक हिरासत में रहे. 8 अगस्त 2025 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट से स्वास्थ्य आधार पर जमानत मिली, जबकि 27 अगस्त 2025 को धनबाद की विशेष अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में उन्हें पूरी तरह बरी कर दिया. ‘सिंह मेंशन’ परिवार की विरासत संजीव सिंह प्रसिद्ध ‘सिंह मेंशन’ परिवार से आते हैं, जिसकी नींव उनके पिता सूर्यदेव सिंह ने रखी थी. झरिया और धनबाद की राजनीति में इस परिवार की गहरी पकड़ रही है. उनकी मां कुंती देवी विधायक रह चुकी हैं, जबकि वर्तमान में उनकी पत्नी रागिनी सिंह भाजपा से विधायक हैं.

भिवानी में वाहन पेड़ से टकराने से तीन की मौत और 17 घायल

भिवानी. हरियाणा के भिवानी जिले के गांव धीरणा मोड़ पर टाटा एसीई वाहन पेड़ से टकराने से तीन की मौत हो गई और 17 लोग घायल हो गए। मृतकों में महिलाएं शामिल है। वाहन में सवार लोग गांव कलिंगा से रामपुरा रस्म पगड़ी कार्यक्रम में जा रहे थे। जानकारी के मुताबिक लगभग 17 लोगों से भरी हुई टाटा एसीई गाड़ी कलिंगा से रामपुरा जा रही थी। रास्ते में धीरणा मोड़ पर गाड़ी अचानक से अनियंत्रित हो गई और सड़क से नीचे एक पेड़ से जा टकराई। घायलों में दो बच्चे भी शामिल है। घायलों का भिवानी के नागरिक अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलते है अस्पताल में स्वजन का जमावड़ा लग गया। सूचना मिलते हैं डायल 112 गाड़ी मौके पर पहुंच गई थी और पुलिस की मदद से घायलों को चौ. बंसीलाल नागरिक अस्पताल लाया गया।