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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से सोना 10,500 रुपए प्रति दस ग्राम महंगा, चांदी ने भी लगाए नए रिकॉर्ड

ग्वालियर ईरान-इजराइल के बीच शुरू हुए हमले के असर से एक बार सोने और चांदी के भाव में जोरदार तेजी देखी जा रही है। प्योर सोने के भाव में 10,500 रुपए प्रति दस ग्राम की तेजी आई और सराफा बाजार में सोने के भाव फिर 1.71 लाख रुपए प्रति दस ग्राम तक पहुंच गए। वहीं जेवराती सोना 1.59 हजार रुपए प्रति दस ग्राम बिका। इसके साथ ही चांदी में भी तेजी रही, 10 हजार रुपए प्रति किलो की बढ़त के साथ यह 2.82 लाख रुपए प्रति किलो बिकी। सराफा बाजार में एमसीएक्स के आधार पर सोने और चांदी के भाव तय होते हैं। युद्ध का असर सोना-चांदी पर भी ग्वालियर शहर के सराफा व्यापारियों के मुताबिक यदि दोनों देशों के बीच हमले बढ़ते हैं तो भाव में और तेजी आ सकती है। सोना-चांदी व्यवसायी संघ लश्कर के अध्यक्ष पुरुषोत्तम जैन ने कहा, युद्ध का असर सोना-चांदी पर भी है। हालांकि अभी ग्राहकी पर इसका खास असर देखने को नहीं मिल रहा है। 24 कैरेट सोने का दाम 1,59,080 रुपए प्रति ग्राम रहा, जबकि आज 20000 रुपए की बढ़ोतरी के साथ सर्राफा बाजार में चांदी 3,20,000 रुपए प्रति किलो के आसपास बिक रही है। तेजी लेकिन दोनों धातु अभी रिकॉर्ड भाव से सस्ती दोनों धातुओं के भाव में तेजी के बावजूद सोना और चांदी अभी भी अपने रिकॉर्ड भाव से सस्ते बिक रहे हैं। सोना रिकॉर्ड भाव 29 जनवरी को 1 लाख 84 हजार 500 रुपए प्रति दस ग्राम था। वहीं चांदी का रिकॉर्ड भाव उसी दिन 4 लाख 5 हजार रुपए प्रति किलो था, यानी चांदी अभी भी अपने ऑल टाइम हाई से 1.23 लाख रुपए सस्ती बिक रही है। निवेशकों में डर का माहौल बीते दो दिनों से माहैल बदला हुआ है। बाजार के जानकारों का कहना है कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद निवेशकों में डर का माहौल है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत और तेहरान की ओर से जवाबी हमलों की खबरों ने अनिश्चितता बढ़ा दी है। ऐसे समय में लोग जोखिम भरे निवेश से बच रहे हैं और सोने-चांदी को सबसे सुरक्षित (Safe-Haven) मानकर खरीदारी कर रहे हैं।

लाइव परफॉर्मेंस में सपना चौधरी से हुई छेड़छाड़, ‘अचानक मुझे Kiss कर दिया’

 नई दिल्ली हरियाणवी क्वीन सपना चौधरी इन दिनों 'द 50' शो में दिखाई दे रही हैं. सपना का दबंग अंदाज फैंस का दिल जीत रहा है. अब शो में सपना ने एक डांसर के तौर पर अपनी जर्नी पर बात की. सपना ने बताया कि उन्होंने अपने करियर में काफी बुरा दौर देखा है. एक दफा उनकी जान को खतरा भी था.  सपना चौधरी का खुलासा सपना ने बताया कि उनके ऊपर करीब 35 केस रजिस्टर्ड हैं. कई जगहों पर उनके परफॉर्म       करने पर बैन तक लग गया है. अपने करियर के डार्क फेज पर बात करते हुए सपना चौधरी बोलीं- साल 2018 में बिग बॉस करने के बाद से मैंने बेहतर से बेहतर शोज करने शुरू कर दिए थे. उससे पहले इवेंट्स में हालात बहुत खराब थे. वहां कभी भगदड़ मच जाती थी, कभी कुर्सियां फेंकी जाती थीं तो कभी लड़ाइयां हो जाती थीं. मेरे ऊपर 35 केस हैं, क्योंकि मैंने शो किया और वहां भगदड़ मच गई. मैं बड़ौद, मेरठ…उस साइड बैन हूं. मेरे नाम से शो की परमिशन नहीं मिलेगी.  सपना ने अपने शो का एक खौफनाक इंसीडेंट भी याद किया. सपना बोलीं- एक दफा हमारे घर में पैसे नहीं थे. मेरी मां और मैं साथ बैठे थे. हम बस यही उम्मीद कर रहे थे कि कोई शो मिल जाए. फिर अचानक देर रात में मेरा फोन बजा. कॉल पर मुझे एक शो का ऑफर मिला, जो अगली रात को होने वाला था. उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मैं शो करूंगी और मैंने तुरंत हां कह दिया था. मैं शो करने के लिए इतनी एक्साइटेड थी कि मैंने उसके बारे में कोई डिटेल ही नहीं पूछी. मैंने ये भी नहीं पूछा कि किस तरह का शो है. कहां हो रहा है और मुझे क्या करना होगा? 'शाम को हम लोकेशन पर पहुंचे. वो एक फार्महाउस था. हम जैसे ही अंदर गए मैंने देखा वहां करीब 25-26 टेबलें लगी हैं और पीछे की तरफ सिर्फ 2 कुर्सियां थीं. हर टेबल पर ओपनली हथियार रखे थे. वहां मौजूद सभी लोग गैंगस्टर्स लग रहे थे. ऐसा लग रहा था कि कोई जेल से रिहा हुआ है और वो उसका जश्न मना रहे हैं.'  सपना संग हुई थी बदतमीजी पहले मैंने अकेले गाना गाया था और फिर किसी के साथ परफॉर्म किया था. मगर जब मैं अकेले परफॉर्म कर रही थी, तब एक शख्स लगातार मेरे पास आ रहा था और मेरे कान में कुछ बोल रहा था. मेरी मां ने पूछा- ये क्या कह रहा है? मैंने कहा कि ज्यादा शोर-शराबा होने की वजह से मैं ठीक से सुन नहीं पाई. वहां, करीब 50-55 आदमी थे. मेरी मां ने फिर उनसे रिक्वेस्ट की प्लीज अब हमें जानें दो. लेकिन उनमें से एक ने कहा- आप कैसे जा सकती हो? डांस तो अभी बाकी है. पहले डांस करो और फिर जाओ. क्या हमने आपको पेमेंट नहीं की है? सपना ने बताया कि उस वक्त वो काफी घबरा गई थीं. उन्हें लग रहा था कि वो लोग उन्हें शूट भी कर सकते हैं. सपना बोलीं- मैं स्टेज पर जाकर डांस करने लगी थी. अचानक वही, आदमी पीछे से मेरे पास आया और उसने मुझे गाल पर KISS कर लिया.  'मैं तभी तुरंत स्टेज से उतर गई और स्टेज के पीछे जाकर बैठ गई थी. मैंने कहा था- मैं अब और ये सब नहीं करूंगी. मुझे फर्क नहीं पड़ता आगे क्या होता है. मेरी मां ने फिर मेरा हाथ थामकर उन लोगों से बात की. मां ने उनसे कहा था- आप लोग किसी की बेटी-बहन को इनवाइट करते हो और फिर इस तरह बर्ताव करते हो. ये सही नहीं है. मेरी मां फिर मुझे लेकर वहां से जाने लगी थीं.' 'हम जैसे-जैसे बाहर निकलने के लिए दरवाजे की तरफ बढ़ रहे थे, मैं अपनी मां को बोले जा रही थी कि ये लोग गोली मार सकते हैं. मुझे लग रहा था कि बुलेट कभी भी आ सकती है. किसी तरह हम से वहां से बाहर निकलकर कार में बैठे और तब मैंने सुकून भरी सांस ली. वो काफी खतरनाक मोमेंट था.' 

होलिका दहन की पावन राख: वास्तु दोष निवारण और तरक्की का सरल उपाय

होली का त्योहार सिर्फ रंगों की मौज-मस्ती नहीं है, बल्कि यह अपने अंदर की बुराइयों को जलाकर एक नई शुरुआत करने का दिन है। होलिका दहन की आग में जब हमारा अहंकार और जीवन की बाधाएं जलती हैं, तो उसके बाद बची हुई राख बहुत पवित्र और असरदार हो जाती है। यह राख आग से तपकर निकलती है, जो घर के माहौल को सुधारने की ताकत रखती है। इस पवित्र राख का सही तरह से उपयोग आपके जीवन के सही संचालन में बहुत काम आता है। न्यूमरोलॉजी और पुराने जानकारों का मानना है कि इसमें सोई हुई किस्मत को फिर से जगाने की शक्ति होती है। जब आप पूरे मन से इसे अपनाते हैं, तो यह स्वभाव में सहजता लाती है और पुरानी चिंताओं को दूर करने का जरिया बनती है। वास्तु दोष दूर करने का आसान उपाय वास्तु के हिसाब से अगर घर में बेवजह के झगड़े या तनाव बना रहता है, तो समझ लीजिए कि घर की ऊर्जा में कुछ कमी है। होलिका की राख इन खराब तरंगों को शांत करने में बहुत मददगार होती है। दहन के अगले दिन सुबह नहाकर थोड़ी सी राख ले आएं और उसे लाल कपड़े में बांधकर मुख्य दरवाजे पर लटका दें। इससे घर में नकारात्मक बातों के आने की आशंका बहुत कम हो जाती है। घर के कोनों में हल्की सी राख छिड़कने से वहां जमी हुई भारीपन वाली ऊर्जा खत्म होने लगती है। यह छोटा सा काम आपके व्यवसाय की रुकावटों को दूर करने की संभावना को बढ़ाता है। इससे घर का कोना-कोना हल्का महसूस होता है और परिवार में तरक्की का रास्ता खुलता है। किस्मत बदलने और बरकत के तरीके अगर कड़ी मेहनत के बाद भी पैसा हाथ में नहीं टिकता या आर्थिक तंगी बनी रहती है, तो एक चुटकी राख को लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रख दें। यह उपाय फालतू के खर्चों को रोकने और धन को स्थिर रखने में काफी मदद करता है। इसके अलावा, सुबह नहाने के बाद माथे पर इस राख का छोटा सा तिलक लगाने से मन को बहुत मजबूती मिलती है और आत्मविश्वास बढ़ता है। यह उन लोगों के लिए बहुत अच्छा है जो बार-बार काम बिगड़ने से परेशान रहते हैं। ऐसा करने से आपकी बड़ी इच्छाएं पूरी होने की दिशा में अच्छे बदलाव दिखने लगते हैं। इस दौरान मेडिटेशन करने से मन शांत रहता है और जीवन में सफलता के नए दरवाजे खुलते हैं। व्यापार में सफलता और नजर दोष से बचाव काम की जगह या ऑफिस में होलिका की राख की एक छोटी पुड़िया रखना बहुत शुभ होता है। इसे अपने कैश काउंटर या काम करने वाली मेज के पास रखें, इससे काम में आने वाली अड़चनें और बाधाएं कम होती हैं। माना जाता है कि यह करियर में नई और अच्छी संभावना पैदा करता है। अगर घर के बच्चों को जल्दी नजर लग जाती है, तो राख को उनके सिर से सात बार वारकर बहते पानी में डाल देना एक पुराना और भरोसेमंद तरीका है। यह तरीका आपके काम में मजबूती लाता है और आपको बुरी नजर से बचाकर आगे बढ़ने में पूरी मदद करता है। यह उपाय आपके व्यावसायिक जीवन को स्थिर बनाने में विशेष रूप से सहायक सिद्ध होता है। श्रद्धा, सावधानी और मन का सुकून होलिका की राख का इस्तेमाल करते समय बस यह याद रखें कि वह शुद्ध हो और उसे हमेशा आदर के साथ रखें, पैरों में न आने दें। किसी भी उपाय का फल आपकी श्रद्धा और अच्छी सोच पर ही निर्भर करता है। यह राख सिर्फ धूल नहीं है, बल्कि पुराने दुखों को जलाकर नई उम्मीदों के साथ आगे बढ़ने का एक संकेत है। जब आप पूरे भरोसे के साथ इसे अपनाते हैं, तो यह जीवन के रुके हुए कामों को पूरा करने का जरिया बनती है। परंपराओं में छिपे ये छोटे-छोटे तरीके आपके जीवन को नई रोशनी दे सकते हैं, जिससे घर में हमेशा सुख और शांति बनी रहे। आपकी सकारात्मक सोच और मेहनत ही अंत में सफलता का मुख्य आधार बनती है।

खामनेई की मौत के बाद बौखलाए ईरान ने ट्रंप को दिया जवाब, मुसलमान देशों पर हमले की गलती मानी

तेहरान  ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के बाद ईरान ने अपना इरादा बता दिया है। डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से यह दावा किए जाने के बाद कि ईरान का नेतृत्व अब अमेरिका संग बातचीत के लिए तैयार है, ईरान ने साफ किया है कि अब बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं बची है। इसके साथ ही ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप को सीधा संदेश भेज दिया है। ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी ने ट्रंप के बयानों को सिरे से खारिज कर दिया। सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में अली लारीजानी ने कहा कि तेहरान अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं करेगा। यह बयान उन रिपोर्ट्स के जवाब में था जिसमें यह कहा जा रहा था कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत फिर से शुरू करने की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी रविवार को इस तरह का एक बयान दिया था। डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया था कि वह ईरान के नए नेतृत्व से बातचीत के लिए तैयार हैं। उन्होंने 'द अटलांटिक' मैग्जीन के साथ एक इंटरव्यू में कहा था, "वे बात करना चाहते हैं, मैंने बातचीत के लिए सहमति दे दी है, इसलिए मैं उनसे बात करूंगा।" ईरान पर हमले जारी इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद भी अमेरिका-इजरायल ने रविवार को ईरान में कई जगहों पर जोरदार हमले किए हैं। ईरानी नेताओं के मुताबिक, इन हमलों की शुरुआत से अब तक खामेनेई और अन्य वरिष्ठ नेताओं के अलावा 200 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। अमेरिका और इजरायल ने ईरान के महत्वपूर्ण सैन्य, राजनीतिक और खुफिया ठिकानों को भी निशाना बनाया है। इससे प्रतीत होता है कि जंग व्यापक होती जा रही है और यह लंबे समय तक चल सकती है, जो पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता ला सकती है। ईरान ने अमेरिकी सैन्य अड्डों पर बोला हमला वहीं ईरान ने बदले का संकल्प लेते हुए जवाबी कार्रवाई में इजरायल और अरब देशों पर सैंकड़ों मिसाइलें दागी हैं। इजरायल की बचाव सेवाओं के मुताबिक यरुशलम और मध्य शहर बेत शेमेश के एक प्रार्थना स्थल (सिनागॉग) समेत कई जगहों पर हमले हुए। बेत शेमेश में नौ लोगों की मौत हो गई है और 28 लोग घायल हुए। इसके साथ ही इजरायल में मृतकों की कुल संख्या 11 हो गई। वहीं खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ईरान लगातार मिसाइलें दाग रहा है। ईरान ने मुसलमान देशों पर हमला करके गलती इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमला किया तो उसने जवाबी कार्रवाई के तहत उन 6 पड़ोसी देशों पर हमला बोल दिया, जो सीधे तौर पर इस जंग में शामिल नहीं थे। अब इन सभी देशों ने ईरान के खिलाफ बयान जारी किया है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात ने तो ईरान के राजदूत को तलब कर नाराजगी जताई है। ऐसी स्थिति में यह सवाल अब उठ रहा है कि क्या ईरान ने पड़ोस के मुसलमान देशों पर हमला करके गलती की। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि गल्फ कॉपरेशन काउंसिल के वाले इन 6 देशों ने अब ईरान के खिलाफ साझा बयान जारी किया है। यही नहीं इन देशों का कहना है कि हमारे पास अधिकार है कि हम भी ईरान के इन आक्रामक हमलों का जवाब दे सकें। इस संबंध में इन देशों ने एक ऑनलाइन मीटिंग भी की है, जिसमें ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच छिड़ी जंग से उपजे हालातों पर चर्चा की गई। इसके अलावा यह बात भी हुई कि ईरान ने हम पर हमला करके गलती की है। संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, बहरीन, ओमान, कतर और कुवैत को ईरानी हमलों का सामना करना पड़ा है। इन सभी देशों के विदेश मंत्रियों ने चर्चा की और क्षेत्र में स्थिरता कायम करने के उपायों पर भी बात की। खाड़ी देश बोले- संभल जाओ, वरना हम भी कदम उठाएंगे खाड़ी के इन सभी देशों ने कहा कि हम अपनी सुरक्षा और स्थिरता के लिए कदम उठाने को स्वतंत्र हैं। UAE ने तो ईरान के राजदूत रजा अमेरी को तलब किया और उनसे विरोध जताया है। यूएई ने कहा कि ईरान ने हमारे ऊपर हमला करके सही नहीं किया है। UAE ने कहा कि हमारे ऊपर हमला संयुक्त राष्ट्र के नियमों का उल्लंघन है। इसके अलावा हमारी संप्रभुता को चैलेंज किया गया है और राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में डाली गई है। ऐसी स्थिति को हम स्वीकार नहीं कर सकते हैं। हमारे पास भी ईरान के हमलों पर जवाब देने का अधिकार है। डोनाल्ड ट्रंप ने की UAE के नेता से बात, शियाओं में गम और गुस्सा इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात भी की है। उन्होंने UAE के लीडर को फोन किया और ईरान के हमलों को लेकर चर्चा की। दोनों ने इस मसले पर भी बात की कि आखिर आने वाले दिन कैसे हो सकते हैं। बता दें कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई भी इन हमलों में मारे गए हैं। उनके मारे जाने से दुनिया भर के शिया मुसलमानों में गम और गुस्सा है। भारत में भी श्रीनगर, लखनऊ, दिल्ली समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। खाड़ी देशों में धमाके कई खाड़ी देशों में ईरानी हमलों के बाद धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। यूएई की सरकारी मीडिया के मुताबिक राजधानी अबू धाबी पर ईरानी हमलों की चपेट में आने से 2 लोगों की मौत हो गई और हवाई हमलों से निकले मलबे के कारण शहर के मुख्य बंदरगाह और प्रतिष्ठित बुर्ज अल अरब होटल में आग लग गई। ईरानी कार्रवाई का दायरा ओमान तक फैल गया है, जो पश्चिम के साथ ईरान का लंबे समय से वार्ताकार रहा है और इससे पहले इस संघर्ष में शामिल नहीं हुआ था। इसके अलावा सऊदी अरब ने अपनी राजधानी रियाद और पूर्वी क्षेत्र पर ईरान के हमलों की निंदा करते हुए कहा कि उसने इन हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है। सऊदी अरब ने स्पष्ट किया कि उसने अपने हवाई क्षेत्र या भूभाग का इस्तेमाल ईरान को निशाना बनाने के लिए नहीं होने दिया। वहीं जॉर्डन ने कहा कि उसने 49 ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों का सामना किया। कुवैत, बहरीन और कतर … Read more

‘डायरेक्ट ड्राइव’ ऑटो सिग्नल सिस्टम से ट्रेनें दौड़ेंगी तेज, 33.86 किमी. पर बढ़ेगी गति

भोपाल  पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल ने रेलवे सिग्नलिंग में बड़ा तकनीकी कदम उठाया है। कुरवाई केथोरा-मंडी बामोरा-कालहार खंड के कुल 33.86 किमी. डबल लाइन पर ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली को कमीशन किया है। इस सेक्शन में ट्रेन के प्रवेश करते ही सुरक्षित सिग्नल रिसीव और फॉरवर्ड होंगे। इसी के साथ जैसे-जैसे ट्रेन आगे जाएगी, वैसे सिग्नल क्लीयर होते जाएंगे। कुल मिलाकर एआइ सिस्टम जैसी इस तकनीक में मानवीय त्रुटि की आशंका काफी कम होगी। खास बात यह है कि यहां पहली बार डायरेक्ट ड्राइव मॉड्यूल आधारित तकनीक उपयोग की है। इस प्रणाली में ब्लॉक सेक्शन के ऑटो सिग्नलों को सीधे वे साइडकैबिनेट के माध्यम से नियंत्रित किया जाता है। इससे पहले की पारंपरिक व्यवस्था पर निर्भरता कम होगी। इससे सिस्टम तेज, भरोसेमंद और रखरखाव में आसान बनेगा। दो नए ऑटो हट बनेंगे भोपाल मंडल के कुरवाई- कैथोरा मंडी बामोरा के बीच इस सिस्टम के लगने के बाद नए ऑटो हट बनाए जाएंगे। ऑटो हट में मॉनीटरिंग सिस्टम होगा, जो पूरा डेटा ट्रांसमिशन स्पीड और साइबर अटैक से सुरक्षा दिलाएगा। भोपाल-बीना-इटारसी बनेगा फ्रेट कॉरिडोर भोपाल रेल मंडल के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में शामिल इटारसी-भोपाल-बीना सेक्शन पर चौथी रेल लाइन बिछाने की परियोजना को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। 237 किमी लंबी इस परियोजना पर 4,329 करोड़ खर्च होंगे, जिससे यात्री और मालगाडिय़ों के संचालन में सुधार होगा। यह नया रेल कॉरिडोर इटारसी से शुरू होकर भोपाल होते हुए बीना तक जाएगा। यह मार्ग नर्मदापुरम, रायसेन, सीहोर, भोपाल, विदिशा और सागर जिलों से होकर गुजरेगा। वर्तमान में यह सेक्शन अत्यधिक व्यस्त है, जहां यात्री ट्रेनों के साथ बड़ी मात्रा में मालगाडिय़ों का संचालन होता है। चौथी लाइन बनने से ट्रैफिक का दबाव कम होगा और ट्रेनें 220 किमी. की स्पीड से दौड़ सकेंगी। भोपाल मंडल में डायरेक्ट ड्राइव सिस्टम को लागू किया है। बाकी सेक्शनों में भी इस तकनीक को इंस्टाल किया जाएगा। सौरभ कटारिया, सीनियर डीसीएम

हरियाणा के गांव में ग्रेजुएट बहू-बेटियों के नाम से है घर की पहचान

अंबाला. हरियाणा के अंबाला जिले के खेड़ा गनी गांव में अनोखी पहल के तहत घरों पर पुरुषों की बजाय पढ़ी-लिखी बेटियों और बहुओं के नाम व उनकी डिग्रियां लिखी नेम प्लेट लगाई गई हैं। महिला ग्राम सभा से शुरू हुई इस मुहिम में करीब 30 ग्रेजुएट महिलाओं को सम्मान मिला, जिससे लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा और समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेश मिला। कभी-कभी बदलाव न तो शोर मचाता है, न घोषणा करता है वह बस चुपचाप दीवारों पर लिख दिया जाता है। और जब दीवारें बोलने लगती है, तो समाज की खामोशी टूटने लगती है। ऐसी ही एक सधी हुई, लेकिन दूर तक सुनाई देने वाली दस्तक आई है-हरियाणा के अंबाला जिले के छोटे से गांव खेड़ा गनी से, जहां घरों की पहचान अब सिर्फ पुरुष मुखिया के नाम से नहीं, बल्कि पढ़ी-लिखी बेटियों और बहुओं से हो रही है। यह पहल किसी औपचारिक आदेश का परिणाम नहीं, बल्कि एक संवेदनशील सोच का विस्तार है। खेड़ा गनी की सुबहें अब कुछ अलग होती है। जैसे ही सूरज की पहली किरण गांव की गलियों में उतरती है, घरों के दरवाजों पर लगी स्टील की नेम प्लेट चमक उठती है। इन पर किसी खानदान का नाम नहीं, बल्कि बेटियों की मेहनत और पढ़ाई की पहचान दर्ज है। MA, MBA, MSc, BEd, BCom। हर प्लेट मानो कह रही हो कि यह गांव अपनी बेटियों पर गर्व करता है। कैसे पड़ी इस पहल की नींव इस पहल की नींव किसी सरकारी आदेश से नहीं, नवंबर 2025 में आयोजित एक महिला ग्राम सभा बैठक में पड़ी। बैठक में एचआईआरडी के निदेशक डॉ. वीरेंद्र चौहान मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। स्वास्थ्य विभाग, महिला पुलिस थाना, प्रोटेक्शन अधिकारी और महिला एवं बाल विकास विभाग की महिला अधिकारियों ने महिलाओं को स्वास्थ्य, स्वच्छता, कानून, अधिकार, सामाजिक उत्थान और सोलर रूफटॉप सिस्टम जैसे विषयों पर जागरूक किया। गांव के सरपंच परवीन धीमान बताते हैं, चर्चा के दौरान एक विचार ने आकार लिया- गांव में कितनी बहू-बेटियां पढ़ी-लिखी है, क्यों न इसका सर्वे कराया जाए? न्यूनतम योग्यता ग्रैजुएशन तय की गई।

पानीपत में फैक्ट्री मालिक के बेटे के अपहरण का प्रयास

पानीपत. सेक्टर-29 पार्ट-2 स्थित एक टेक्सटाइल मशीनरी फैक्ट्री मालिक के बेटे का अपहरण के प्रयास का मामला सामने आया है। बदमाशों ने न केवल उसकी गाड़ी का पीछा किया, बल्कि फैक्ट्री के गेट पर दंगा करते हुए गार्ड के साथ बदतमीजी की और जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने इस मामले में नामजद आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। सेक्टर-18 निवासी आकांशु ने पुलिस को बताया कि 27 फरवरी की सुबह करीब 11:30 बजे जब वह अपनी फैक्ट्री से काम के सिलसिले में अपनी गाड़ी लेकर निकले। गेट के बाहर पहले से ही कृष्ण व उसका बेटा और 10-15 अन्य अज्ञात लोग 5-6 गाड़ियों के साथ खड़े थे। उन्हें देखते ही कृष्ण ने चिल्लाकर कहा, यह मुकेश का लड़का है, इसका पीछा करो। इसके बाद 2-3 गाड़ियों ने अपहरण की नीयत से आकांशु की गाड़ी का पीछा शुरू कर दिया, लेकिन वह किसी तरह बचकर निकलने में कामयाब रहे। इसी दौरान फैक्ट्री के अकाउंटेंट विशाल ने फोन पर सूचना दी कि कई लोग फैक्ट्री के गेट पर दंगा कर रहे हैं। सुरक्षा गार्ड निशांत मलिक के साथ बदतमीजी की और धमकी दी कि मुकेश और उसके बेटे ने बहुत पैसे कमा लिए हैं।

एमपी के 100 से अधिक लोग दुबई में फंसे, फ्लाइट कैंसिल, ड्रोन हमलों के कारण अलार्म बज रहे हैं

 इंदौर  ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद दुबई में हालात चिंताजनक हैं। इसके चलते दुबई एयरपोर्ट बंद कर दिया गया है। अन्य विमानों के साथ ही शारजाह-इंदौर फ्लाइट भी रद हो गई है। इससे मध्य प्रदेश के 100 से अधिक लोग दुबई में फंस गए हैं। इनमें कई कारोबारी और नौकरीपेशा लोग हैं। इंदौर-1 के पूर्व विधायक संजय शुक्ला भी फंसे हैं। उन्होंने दुबई से इंटरनेट मीडिया पर वीडियो जारी करके भारत सरकार से मदद की अपील की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अनुरोध किया है कि दुबई में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकाला जाए। शुक्ला के अनुसार, हालात तनावपूर्ण हैं और लगातार अलार्म बज रहे हैं। दुबई में फंसे व्यापारी प्रवीण कक्कड ने बताया कि इंदौर के सभी लोग हालांकि सकुशल हैं। जिस होटल में ठहरे थे, वहां से कुछ ही दूरी पर ड्रोन हमला होने के बाद सभी लोग निजी घर में शिफ्ट हो गए हैं। खरगोन और बुरहानपुर जिले के भी कई लोगों के दुबई में फंसे होने की जानकारी मिली है, जो वहां नौकरी के सिलसिले में गए हुए थे। उनके परिजन चिंतित हैं। दो पूर्व विधायकों सहित इंदौर के एक बड़े कारोबारी और उनके साथी दुबई की जिस होटल में ठहरे थे, उसके पास की ही पार्क जुमेरा होटल में मिसाइल गिरी और धमाका हुआ। घटना के बाद इंदौर के सभी लोगों ने उस इलाके को छोड़कर दूसरी होटल में शरण ली। कारोबारी पिंटू छाबड़ा ने बताया कि उनके परिजन और सभी साथी सुरक्षित हैं। इंदौर से गया एक अन्य परिवार अबूधाबी में फंसा है। हालांकि वहां हालात सामान्य हैं, लेकिन फ्लाइटों के बंद होने के कारण वापसी मुश्किल हो रही है। इधर, इंदौरियों के दुबई सहित यूएई के विभिन्न शहरों में फंसने की खबर के बाद मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने ताजा हालातों की जानकारी लेते हुए दिल्ली में विभिन्न मंत्रालयों से संपर्क कर दुबई में फंसे इंदौर के लोगों की वापसी के उपायों के बारे में चर्चा की। उन्होंने दुबई में फंसे पूर्व विधायकों सहित कारोबारी पिंटू छाबड़ा से चर्चा कर कहा कि वे ओमान से लौटने का प्रयास करें, फिलहाल भारत-ओमान के बीच हवाई संपर्क जारी है। मंत्री ने यूएई में फंसे लोगों को भारतीय दूतावास से संपर्क रखने और उनकी हिदायतें मानने की भी सलाह दी। वीडियो भेजकर दी जानकारी उन्होंने वीडियो में पीछे के हालात दिखाते हुए बताया कि यहां पर सब सामान्य है. मैं सभी से कहना चाहूंगा कि पैनिक न हों क्योंकि मीडिया पर कई तरह की खबरें चल रही हैं, लेकिन उन पर बिना पुष्टि के भरोसा न करें. यहां सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं. कुछ कोशिशें जरूर हुई थीं, लेकिन उन्हें डिफेंस द्वारा इंटरसेप्ट कर लिया गया है. आम जनता को किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है. मेरे पीछे मेट्रो स्टेशन और भी दिखाई दे रहा है. मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और प्राइवेट ट्रांसपोर्ट सब कुछ सामान्य रूप से चल रहा है. लोगों से परेशान ना होने की अपील इसके साथ प्रशांत ने कहा कि मेरा सभी से निवेदन है कि फेक न्यूज न फैलाएं और घबराएं नहीं, यहां स्थिति सामान्य है. दुबई सुरक्षित है और उम्मीद है कि जो बातें हैं, वे भी जल्द ठीक हो जाएंगी हमें भगवान पर भरोसा रखना चाहिए. अगर आपके कोई रिश्तेदार या दोस्त यहां हैं, तो उनके लिए बिल्कुल चिंता न करें. अगर आपको पहले से न बताया जाए, तो शायद आपको पता भी न चले कि यहां कुछ हुआ है. मैं यह वीडियो अपने घर से बना रहा हूं ताकि आपको बड़ा व्यू दिखा सकूं. आप पीछे पूरा ओपन स्काई देख सकते हैं. यह जुमेरा एरिया है, और सामने दिखाई दे रही है. ट्रैफिक दोनों तरफ सामान्य रूप से चल रहा है. आज संडे भी है, इसलिए लोग काम पर कम जा रहे हैं, फिर भी सब कुछ सामान्य है. इसलिए आप सभी से अनुरोध है कि बेवजह चिंता न करें यहां सब कुछ सामान्य और सुरक्षित है. होटल बुकिंग के बढ़े रेट जबलपुर निवासी शैलेश जैन ने बताया कि हम चार दोस्त 21 फरवरी को अबू धाबी घूमने आए थे. हमारी वापसी 28 फरवरी को निर्धारित थी. 28 फरवरी को दोपहर करीब 3 बजे हमें अचानक जानकारी मिली कि हमारी फ्लाइट कैंसिल हो गई है. उस समय तक हम सुबह 9 बजे होटल से चेक-आउट कर चुके थे. जब हम दोबारा होटल पहुंचे और रुकने की व्यवस्था करनी चाही, तो पता चला कि होटलों के किराए लगभग तीन गुना बढ़ चुके हैं. ऐसी स्थिति में हमें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. फिलहाल हम यहां अनिश्चित समय के लिए फंसे हुए हैं. यह स्पष्ट नहीं है कि एयरपोर्ट कब खुलेगा और उड़ानें कब शुरू होंगी. इस वजह से हम सभी मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हैं. वापसी की तैयारी के कारण हमारे पास सीमित धनराशि ही बची थी, जो अब लगभग समाप्त होने की स्थिति में है. हम भारत सरकार से विनम्र प्रार्थना करते हैं कि इस परिस्थिति में फंसे भारतीय पर्यटकों की मदद के लिए ठोस कदम उठाए जाएं. विदेश में अचानक ऐसी स्थिति बन जाने पर कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. इसलिए सरकार से अनुरोध है कि हमारी समस्या पर ध्यान देकर हमें सुरक्षित और शीघ्र स्वदेश लौटने में सहायता प्रदान करें. सरकार से मदद की अपील फंसे हुए यात्रियों ने भारत सरकार से जल्द सुरक्षित वापसी की व्यवस्था करने की मांग की है. उनका कहना है कि अनिश्चित माहौल, उड़ानों की अस्थिरता और बढ़ते खर्च के कारण वे मानसिक रूप से परेशान हैं. परिवारों को अपने बच्चों और बुजुर्गों की भी चिंता सता रही है. पर्यटकों ने दूतावास और संबंधित अधिकारियों से संपर्क साधने की कोशिश की है और विशेष राहत उड़ानों की उम्मीद जता रहे हैं. गौरतलब है कि दुबई संयुक्त अरब अमीरात का प्रमुख शहर है और यहां बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक और प्रवासी रहते हैं. वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए भारत सरकार और संबंधित एजेंसियों की भूमिका अहम मानी जा रही है. फिलहाल फंसे हुए पर्यटक त्वरित राहत और सुरक्षित स्वदेश वापसी की आस लगाए हुए हैं, जबकि परिजन भारत में चिंता के बीच सकारात्मक … Read more

माओवादी हिंसकों से मुक्ति की उलटी गिनती शुरू

जगदलपुर. देश को माओवादी हिंसकों से मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया में उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। उम्मीद है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान के तहत 31 मार्च को इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी। 2023 में विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लिए गए संकल्प को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का समर्पित प्रयास इसमें महत्वपूर्ण रहा है। प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा दायित्व निर्वहन के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहे। राजनीतिक इच्छाशक्ति को सुरक्षा बलों ने जिस दृढ़ता और जिजीविषा के साथ संपूर्णता की दिशा में साकार किया है, उसकी सराहना शब्दों में सीमित नहीं की जा सकती। ‘नईदुनिया’ पूरी ईमानदारी के साथ देश और प्रदेश के हित में हिंसकों के विरुद्ध वैचारिक रूप से खड़ा रहा है। यह कड़वी सच्चाई है कि 1980 के दशक के अंत में आंध्र प्रदेश के रास्ते दक्षिण बस्तर में घुसे वामपंथी हिंसकों के संगठनों ने 2004 से कम्युनिष्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) नाम से प्रदेश के आदिवासियों को लोकतांत्रिक सरकार के खिलाफ सशस्त्र युद्ध में झोंक दिया। माओवादियों के विरुद्ध 2005 में सलवा जुडूम आंदोलन ने जोर पकड़ा, परंतु राजनीतिक कारणों से हिंसकों का प्रभाव बढ़ता ही गया। 2007 में बीजापुर में 50 सीआरपीएफ जवान तो 2010 में दंतेवाड़ा के तालमेटला में 76 बलिदान हुए। 25 मई 2013 में झीरम कांड में कांग्रेस ने शीर्ष प्रादेशिक नेतृत्व खो दिया। वैचारिक संघर्ष जारी भविष्य में इस बात की अवश्य समीक्षा होगी कि केंद्र और प्रदेश की सरकार में तालमेल से 2024 के बाद किस तरह 500 से अधिक माओवादी हिंसक मारे गए। अब अगले 31 दिनों की उलटी गिनती में हिंसकों के संपूर्ण अंत में ‘नईदुनिया’ देशवासियों का सहगामी होगा। ध्यान रहे, वैचारिक संघर्ष अभी बाकी है। माओवादी विचारकों और समर्थकों (अर्बन नक्सलियों) में लोकतांत्रिक विचारधारा के प्रस्फुटन ही जनहित में होगा। देवजी के समर्पण से बिखरे माओवादी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के 31 मार्च 2026 तक माओवादी हिंसा के समूल सफाए के लक्ष्य की दिशा में भाकपा (माओवादी) हिंसक दल प्रमुख थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी का समर्पण एक महत्वपूर्ण मोड़ है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह बीते दस महीनों में माओवादी संगठन को लगा तीसरा सबसे बड़ा झटका है। मई 2025 में माओवादी महासचिव बसव राजू की हत्या और अक्टूबर 2025 में केंद्रीय क्षेत्रीय ब्यूरो (सीआरबी) प्रमुख भूपति के समर्पण के बाद देवजी का आत्मसमर्पण संगठन की हिंसक-रणनीतिक रीढ़ को तोड़ने वाला सिद्ध हुआ है। देवजी के साथ अन्य प्रमुख हिंसकों के समर्पण से छत्तीसगढ़-तेलंगाना-ओडिशा में माओवादी संगठन का नेतृत्व और निर्णयकारी संरचना लगभग ध्वस्त हो चुकी है। बस्तर में भी इसका असर दिखा, जहां कांकेर में दो माओवादियों ने एके-47 के साथ समर्पण किया। खुफिया एजेंसियों का आकलन है कि माओवादी हिंसा अब अंतिम चरण में है। लोकतंत्र की मुख्यधारा में स्वेच्छा से जुड़ते हैं – पुनर्वास के बाद यदि पूर्व माओवादी लोकतंत्र की मुख्यधारा में स्वेच्छा से जुड़ते हैं, तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है। लोकतंत्र में सभी को चुनाव लड़ने और जनता के लिए काम करने का अधिकार है-बशर्ते वे हिंसा और बंदूक का रास्ता न अपनाएं। – विजय शर्मा, उपमुख्यमंत्री

जालंधर में बीती रात हुई फायरिंग पर एसीपी और एसएचओ सस्पेंड

पटियाला. सीसीटीवी फुटेज में हमलावर हेलमेट पहने दिखाई दे रहा है। वह पहले अस्पताल के नजदीक रुकता है, फिर घर के बाहर पहुंचकर एक के बाद एक चार गोलियां चलाता है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो जाता है। घटना के बाद इलाके में भय का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्र में भी इस तरह खुलेआम फायरिंग होगी तो कानून-व्यवस्था पर भरोसा कैसे कायम रहेगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही हमलावर को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। डीसीपी मनप्रीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी अकेला था और वारदात को अंजाम देकर तेजी से फरार हो गया। पुलिस विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपित की पहचान कर गिरफ्तारी का दावा किया है। उल्लेखनीय है कि इससे 24 घंटे पहले संतोकपुरा इलाके में भी एक डॉक्टर के घर के बाहर करीब 10 गोलियां चलाई गई थीं। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने शहर की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।