samacharsecretary.com

जब बोन मैरो करना बंद कर दे खून बनाना: एप्लास्टिक एनीमिया क्यों है साधारण एनीमिया से ज़्यादा गंभीर?

जब भी हम एनीमिया शब्द सुनते हैं, तो हमारे दिमाग में सबसे पहले शरीर में आयरन की कमी, थकान और चेहरे का पीलापन जैसे लक्षण आते हैं। पोषण संबंधी एनीमिया या आयरन की कमी एक आम समस्या है जिसे सही खान-पान से ठीक किया जा सकता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एप्लास्टिक एनीमिया इससे पूरी तरह अलग और कहीं ज्यादा खतरनाक स्थिति है? इसे सामान्य एनीमिया समझकर केवल आयरन की गोलियों से इलाज करना एक बड़ी भूल साबित हो सकती है। आइए डॉ. नितिन अग्रवाल (एमडी, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन, एचओडी – डोनर रिक्वेस्ट मैनेजमेंट, DKMS फाउंडेशन इंडिया) से जानते हैं एप्लास्टिक एनीमिया कैसे एनीमिया से अलग है। क्या है एप्लास्टिक एनीमिया? एप्लास्टिक एनीमिया बोन मैरो के फ्लोयोर से जुड़ी एक समस्या है। इस कंडीशन में बोन मैरो नए ब्लड सेल्स बनाना बंद कर देती है। यह स्थिति न केवल हीमोग्लोबिन को प्रभावित करती है, बल्कि पूरे शरीर पर असर डालती है। आम एनीमिया और एप्लास्टिक एनीमिया में अंतर क्या है? जहां सामान्य एनीमिया में अक्सर केवल रेड ब्लड सेल्स या हीमोग्लोबिन की कमी होती है, वहीं एप्लास्टिक एनीमिया में तीन मुख्य समस्याएं एक साथ पैदा होती हैं-     कम हीमोग्लोबिन- जिससे बहुत ज्यादा थकान और कमजोरी महसूस होती है।     व्हाइट ब्लड सेल्स की कमी- इनके घटने से शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।     प्लेटलेट्स की कमी- प्लेटलेट्स कम होने से शरीर में चोट लगने पर खून बहना रुकना मुश्किल हो जाता है और इंटरनल ब्लीडिंग का जोखिम रहता है। क्यों होती है यह बीमारी? एप्लास्टिक एनीमिया के पीछे कई कारण हो सकते हैं। मुख्य रूप से ऑटोइम्यून डिजीज, कुछ दवाएं, टॉक्सिक चीजों से कॉन्टेक्ट और वायरल इन्फेक्शन इसके जिम्मेदार हो सकते हैं। कुछ दुर्लभ मामलों में यह बीमारी जेनेटिक भी हो सकती है। इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज एप्लास्टिक एनीमिया के लक्षण शरीर के हर हिस्से को प्रभावित करते हैं। इसके मुख्य संकेतों में शामिल हैं-     सांस लेने में तकलीफ और थकान।     दिल की धड़कन का तेज या अनियमित होना।     बार-बार या लंबे समय तक चलने वाले इन्फेक्शन और बुखार।     बिना किसी कारण के शरीर पर नीले निशान पड़ना।     नाक और मसूड़ों से खून आना या चोट लगने पर खून का न रुकना।     त्वचा का पीला पड़ना और त्वचा पर रैश होना।  

महासमुंद कलेक्टर ने एनएच-06 का किया निरीक्षण

महासमुंद. कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने सोमवार को एनएच-06 से बेलटुकरी तक जाने वाले मार्ग एवं महासमुंद-तुमगांव रोड का निरीक्षण किया तथा संबंधित निर्माण एजेंसी को आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर लंगेह ने एनएच-06 से बेलटुकरी मार्ग के निरीक्षण के दौरान सड़क की स्थिति, और भारी वाहनों के कारण हो रही क्षति का जायजा लिया। कलेक्टर लंगेह ने इस दौरान जिला खनिज अधिकारी फागुलाल नागेश एवं पीएमजेएसवाई के कार्यपालन अभियंता आशीष कुलदीप एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में संचालित फर्सी पत्थर एवं अन्य खनन उद्योगों की सहायता से सड़क मरम्मत का कार्य शीघ्र कराया जाए। उन्होंने कहा कि खनिज परिवहन में लगे भारी वाहनों के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, जिससे आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि खनन कंपनियां अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए सड़क की मरम्मत, गड्ढों की भराई तथा आवश्यक सुधार कार्य जल्द पूरा करें। साथ ही, निर्धारित मानकों के अनुसार सड़क को सुरक्षित और सुगम बनाया जाए, ताकि ग्रामीणों, स्कूली बच्चों एवं राहगीरों को सुविधा मिल सके। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को समय-सीमा तय कर कार्य पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए। तत्पश्चात कलेक्टर लंगेह ने महासमुंद-तुमगांव निर्माणाधीन सड़क के डामरीकरण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने 9.65 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया और इसे जून 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश संबंधित विभाग एवं ठेकेदार एजेंसी को दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सड़क की गुणवत्ता, बेस लेयर, डामरीकरण की मोटाई, जल निकासी व्यवस्था एवं सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण में उपयोग हो रही सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और मानकों के अनुरूप कार्य करने पर जोर दिया। कलेक्टर ने कहा कि सड़क निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्माण एजेंसी को समय-सीमा का सख्ती से पालन करने तथा कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने, प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा जनता की शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता सी.एस. चंद्राकर एवं अनुविभागीय अधिकारी मौजूद थे।

होली पर शांति बनाए रखने के लिए पुलिस की सख्त तैयारी, ड्रोन से निगरानी और 60 पॉइंट पर बैरियर

  मेरठ   होली पर हुड़दंगियों से निपटने के लिए पुलिस ने विशेष इंतजाम किए हैं। ड्रोन कैमरों और जिग-जैग बैरियर लगाकर निगरानी की जाएगी। स्थानीय खुफिया इकाई एलआईयू को भी अलर्ट कर दिया गया है।   पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने सभी एसीपी और थाना प्रभारियों के साथ ब्रीफिंग की। उन्होंने बताया कि रंग लगाने के बहाने हुड़दंग पर पुलिस शांतिभंग में कार्रवाई करेगी। आरोपियों को एसीपी कोर्ट में पेश किया जाएगा। उन्हें पुलिस की रिपोर्ट पर जेल भी भेजा जाएगा। पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया गया है कि चेकिंग के नाम पर किसी से अभद्रता नहीं होनी चाहिए। माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई करें।   संवेदनशील स्थानों पर पैरामिलिट्री फोर्स डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों का प्रयोग हर चाैराहे पर किया जा रहा है। होली के दो दिन पुलिस विशेष नजर रखेगी। तेज गति से वाहन चलाने पर चालान की कार्रवाई होगी। कंट्रोल रूम से चाैराहों पर तैनात पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया जाएगा। कहीं भी अनावश्यक भीड़ लगने या माहौल गड़बड़ दिखने पर वायरलेस पर अलर्ट किया जाएगा। लोकेशन के आधार पर गश्त कर रही पुलिस टीम को मौके पर भेजा जाएगा। संवेदनशील स्थानों पर पैरामिलिट्री फोर्स, पीएसी के साथ अतिरिक्त पुलिस बल रहेगा। मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में ड्रोन से नजर रखी जाएगी और एसीपी और थानों का फोर्स थोड़ी-थोड़ी देर में गश्त करेगा।   60 पॉइंट पर लगेंगे जिग-जैग बैरियर पुलिस आयुक्त ने बताया कि 112 नंबर पर आईं शिकायतों का डाटा देखकर रणनीति तैयार की गई है। विवादित जगहों पर पहले से लोगों को चेतावनी दी गई है। शहर में 60 स्थानों पर जिग-जैग बैरियर लगाकर चेकिंग की जाएगी। हर थाने में 12 स्थानों पर स्टेटिक टीम तैनात रहेंगी। लगातार भ्रमणशील रहेंगी। बाजारों और संवेदनशील स्थानों पर बॉडी वार्म कैमरों के साथ पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। एलआईयू संवेदनशील क्षेत्रों में घूमकर जानकारी जुटाएगी और थाना पुलिस को सूचना देगी। सोशल मीडिया सेल 24 घंटे भ्रामक पोस्ट और माहौल बिगाड़ने वालों पर नजर रखेगी।  

होली पर मिलावटी रंग और मिठाइयों की बिक्री पर कड़ी नजर

पंचकूला. होली पर्व को सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक वातावरण में मनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त सतपाल शर्मा ने फूड सेफ्टी विभाग, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक तथा संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले की सभी दुकानों, मिठाई की दुकानों और रंगों की बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों का विशेष अभियान चलाकर निरीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बाजारों में किसी भी प्रकार का मिलावटी रंग, नकली या अस्वास्थ्यकर मिठाई और खाद्य सामग्री बिक्री के लिए उपलब्ध न हो। उपायुक्त ने कहा कि होली के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग मिठाइयों और रंगों की खरीदारी करते हैं। यदि इन वस्तुओं में मिलावट पाई जाती है तो यह लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाजारों में नियमित रूप से सैंपलिंग की जाए और संदिग्ध वस्तुओं की तुरंत जांच करवाई जाए। किसी भी दुकानदार द्वारा मिलावटी रंग या मिठाई बेचते पाए जाने पर उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने पंचकूला और कालका के एसडीएम को भी अपने-अपने क्षेत्रों में सघन निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले बाजारों और अस्थायी स्टॉलों पर नजर रखी जाए, ताकि त्योहार की आड़ में कोई भी व्यक्ति नियमों की अनदेखी न कर सके। साथ ही उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे अधिकृत दुकानों से ही खरीदारी करें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु की सूचना प्रशासन को दें। होलिका दहन की दीं शुभकामनाएं उपायुक्त ने जिलावासियों को होलिका दहन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली रंगों, उल्लास और भाईचारे का प्रतीक पर्व है। यह त्योहार समाज में प्रेम, सौहार्द और एकता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन भक्त प्रहलाद की अटूट भक्ति और सत्य की विजय की कथा स्मरण की जाती है। श्रद्धालु पवित्र अग्नि के समक्ष नकारात्मकता का त्याग कर सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि त्योहार को शांति, सद्भाव और आपसी सम्मान के साथ मनाएं तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि सभी के लिए होली का पर्व सुरक्षित और आनंदमय बन सके।

राज्यसभा चुनाव में लक्ष्मी वर्मा बनीं भाजपा उम्मीदवार

रायपुर. भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने राज्यसभा के चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है. छत्तीसगढ़ से पार्टी ने लक्ष्मी वर्मा को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है. भाजपा ने कई राज्यों के उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा के नाम पर मुहर लगाई गई है. पार्टी नेतृत्व ने संगठनात्मक अनुभव, सामाजिक समीकरण और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है. लक्ष्मी वर्मा लंबे समय से पार्टी की सक्रिय कार्यकर्ता रही हैं और विभिन्न दायित्वों का निर्वहन कर चुकी हैं. राज्यसभा की इस सीट के लिए नामांकन प्रक्रिया निर्धारित तिथि पर शुरू होगी. राजनीतिक सफर बलौदाबाजार जिले के सिमगा ब्लॉक के ग्राम मु़ड़पार की निवासी लक्ष्मी वर्मा का राजनीतिक सफर बहुत लंबा है. वर्ष 1990 से भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्य लक्ष्मी वर्मा ने 2000 में रायपुर सांसद रमेश बैस की सांसद प्रतिनिधि नियुक्त की गईं. अगले ही साल 2001 में उन्हें भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा कार्य समिति की सदस्य चुना गया. इस दायित्व को उन्होंने चार साल तक संभाला. पार्टी के भीतर उनकी सक्रियता का फल भी मिला, 2010 में उन्हें भारतीय जनता पार्टी पंचायती राज प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय कार्य समिति (2010 से 2014 तक) के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा कार्य समिति का सदस्य (2010 से 2022 तक ) नियुक्ति किया गया. उनके कार्यों को ध्यान में रखते हुए उन्हें पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश उपाध्यक्ष (2021 से 2025 तक) नियुक्त किया. इसके साथ (2021 से 2024 तक ) उन्हें गरियाबंद संगठन प्रभारी के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी मीडिया प्रवक्ता का भी दायित्व संभाला. संवैधानिक सफर लक्ष्मी वर्मा 1994 में रायपुर नगर पालिका निगम में वार्ड नं. 07 से पार्षद निर्वाचित हुईं. 2010 में रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष निर्वाचित हुईं. 2019 में एफएसएनएल स्टील मिनिस्ट्री गवर्नमेंट ऑफ इंडिया में स्वतंत्र निदेशक के तौर पर काम किया. वहीं 7 अक्टूबर 2024 से छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य संवैधानिक पद संभाल रही हैं. सामाजिक पद लक्ष्मी वर्मा की केवल राजनीति में ही नहीं बल्कि सामाजिक स्तर पर अपनी पहचान है. 1998 में शक्ति महिला मंच रायपुर की अध्यक्ष बनीं. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. 1999 में नेहरू युवा केन्द्र रायपुर से जिला युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया. 2004 में श्रम पुनर्वास समिति जिला रायपुर के सदस्य मनोनीत की गईं. 2009 से मजदूर यूनियन छत्तीसगढ़ एकता मजदूर कल्याण संघ पंजीयन क्र. को 467 की प्रधान संरक्षक हैं. 2011 से कुटुम्ब न्यायालय रायपुर में परामर्शदाता सदस्य हैं. वहीं 2014 वर्तमान में किसान संघर्ष समिति रायपुर छत्तीसगढ़ के विशेष आमंत्रित सदस्य नियुक्त किया गया. 2023 से वर्तमान में अखिल भारतीय पंचायत परिषद राष्ट्रीय महासचिव हैं. इसके अलावा छत्तीसगढ़ स्काउट गाइड की उपाध्यक्ष भी हैं. लक्ष्मी वर्मा की मनवा कुर्मी समाज में अच्छी-खासी पैठ है. 2000 से 2006 तक मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज छत्तीसगढ़ प्रदेश महिला महामंत्री रहीं. 2006 से 2008 तक समाज की प्रदेश संगठन मंत्री , 2008 से 2010 तक छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी प्रदेश महिला अध्यक्ष रहीं. वर्तमान में अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा महिला राष्ट्रीय महासचिव हैं.

नामों से पुकार कर, स्नेहिल थपकी देकर गायों-गोवंश को खूब दुलारा मुख्यमंत्री ने

गोसेवा में रमे सीएम योगी, गोवंश को खिलाया गुड़-रोटी नामों से पुकार कर, स्नेहिल थपकी देकर गायों-गोवंश को खूब दुलारा मुख्यमंत्री ने भोले नामक विशाल नंदी के शरीर की धूल-मिट्टी को अपने हाथों से साफ किया सीएम योगी ने गोरखपुर  गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मंगलवार सुबह जनता दर्शन लगाकर जनसेवा करने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंदिर की गोशाला में जाकर गोसेवा में भी रमे रहे। उन्होंने नामों से पुकार कर, स्नेहिल थपकी देकर गायों-गोवंश को खूब दुलारा, उन्हें गुड़-रोटी खिलाया और गोशाला के कार्यकर्ताओं को गोवंश की समुचित देखभाल के निर्देश दिए। गोरखनाथ मंदिर प्रवास पर मंगलवार प्रातःकाल सीएम योगी की दिनचर्या परंपरागत रही। उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया और अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर जाकर शीश झुकाकर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जब भी गोरखनाथ मंदिर में होते हैं तो गोसेवा उनकी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा रहती है। मंगलवार सुबह भी वह मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए गोशाला में पहुंचे और वहां कुछ समय व्यतीत किया।  गोशाला में सीएम योगी ने चारों तरफ भ्रमण करते हुए श्यामा, गौरी, गंगा, भोला आदि नामों से गोवंश को पुकारा। उनकी आवाज इन गोवंश के लिए जानी पहचानी है। प्यार भरी पुकार सुनते ही कई गोवंश दौड़ते-कूदते उनके पास आ गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी के माथे पर हाथ फेरा, उन्हें खूब दुलारा और अपने हाथों से गुड़-रोटी खिलाया। इसी क्रम में उन्होंने भोले नामक एक विशाल नंदी को स्नेह की थपकी देते हुए गुड़-रोटी खिलाया। उसके शरीर पर लगी धूल-मिट्टी को पहले अपने हाथों से साफ किया और फिर गोशाला कार्यकर्ता को निर्देशित किया कि भोले के शरीर को सूखे कपड़े से साफ कर दिया जाए। मंदिर की गोशाला में सीएम योगी ने मोर पर भी स्नेह बरसाया और उसे अपने हाथों से रोटी खिलाई।

खामेनेई की मौत पर ईरान में जश्न, लेकिन भारत में क्यों छाया मातम?

नई दिल्ली ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मिसाइल हमले में हत्या की खबर सामने आने के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है और पूरे इलाके में हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं. अमेरिका और इजरायल की तरफ से किए गए इस हमले के बाद जहां एक तरफ कई देशों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं और शिया मुस्लिम समुदाय के बीच गहरा शोक छा गया है. वहीं दूसरी तरफ ईरान और दुनिया के कुछ हिस्सों में लोगों ने इसे ‘फ्री ईरान' की दिशा में पहला कदम बताते हुए जश्न भी मनाया है. इसी बीच भारतीय सिनेमा में काम कर रहीं ईरानी एक्ट्रेस एलनाज नोरौजी का सोशल मीडिया रिएक्शन सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रहा है. ईरान से आई दो तस्वीरों ने पहले विरोध की आग दिखाई थी, अब वही तस्वीरें जश्न की कहानी बन गई हैं. कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक तस्वीर में एक युवती देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीर जलाकर उसी आग से सिगरेट सुलगाती नजर आई थी. यह दृश्य ईरान में महिलाओं के गुस्से और सत्ता के खिलाफ खुली चुनौती का प्रतीक बना. अब खामेनेई की मौत की खबर सामने आने के बाद उसी तरह की महिलाएं ‘चीयर्स’ करती और जश्न मनाती दिखाई दे रही हैं. इन तस्वीरों ने दुनिया भर में बहस छेड़ दी है कि क्या यह सिर्फ एक राजनीतिक प्रतिक्रिया है या फिर दशकों से सख्त सामाजिक और धार्मिक पाबंदियों में जी रही ईरानी महिलाओं की आजादी की शुरुआत? ईरान में महिलाओं का संघर्ष क्यों बना वैश्विक मुद्दा?     पिछले कुछ सालों में ईरान में महिलाओं के अधिकार सबसे बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बनकर उभरे हैं. ड्रेस कोड, सार्वजनिक जीवन में पाबंदियां और मोरल पुलिसिंग के खिलाफ लगातार आंदोलन होते रहे हैं. कई बार इन आंदोलनों को सख्ती से दबाया गया, लेकिन विरोध की आवाज पूरी तरह खत्म नहीं हुई. महसा अमिनी की मौत के बाद आंदोलन और तेज हो गया.     खामेनेई की मौत के बाद सत्ता संरचना में संभावित बदलाव महिलाओं के आंदोलन को नई दिशा दे सकता है. हालांकि यह भी सच है कि ईरान की राजनीतिक व्यवस्था सिर्फ एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है, इसलिए तुरंत बड़े बदलाव की उम्मीद करना जल्दबाजी होगी. खामेनेई की मौत पर भारत में मातम क्यों  तेहरान में अमेरिका और इजरायल ने जिस तरह से ताबड़तोड़ हमले किए और इसमें ईरान के सुप्रीम लीडर 86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई ने जान गंवाई, उसे लेकर हंगामा मचा हुआ है। खामेनेई की मौत को लेकर भारत के मुस्लिम समुदाय में कुछ वर्गों के बीच खास प्रतिक्रिया नजर आई। लखनऊ, हैदराबाद, मुंबई और अलीगढ़ में शोक सभाओं, अंतिम संस्कार की प्रार्थना और ऑनलाइन संदेशों से संकेत मिलता है कि यह एक रेयर मूमेंट है। ऐसा पहली बार है जब शिया और सुन्नी, धार्मिक मतभेदों के लंबे इतिहास के बाद भी एक नेता के निधन पर साथ में शोक जताते नजर आए। खामेनेई 1989 से कर रहे थे ईरान का नेतृत्व     खामेनेई, जिन्होंने अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी की मृत्यु के बाद 1989 से ईरान का नेतृत्व किया।     वो एक शिया धर्मगुरु थे और सुन्नियों के लिए कोई धार्मिक प्राधिकारी नहीं थे।     उनकी मृत्यु पर प्रतिक्रियाएं सांप्रदायिक सीमाओं को पार कर गईं।     कई सुन्नियों के लिए, यह भावना ईरान से कम और फिलिस्तीन से अधिक जुड़ी है।     ये एक ऐसा मुद्दा है जो दक्षिण एशिया में सांप्रदायिक विभाजनों को भी पार कर जाता है। खामेनेई पर क्यों आए शिया सुन्नी साथ? जमात-ए-इस्लामी हिंद के प्रमुख सैयद सदातुल्लाह हुसैनी ने कहा कि खामेनेई का जीवन धार्मिक अधिकार के साथ-साथ राजनीतिक दृढ़ विश्वास को भी दर्शाता था। एक बयान में कहा गया कि रमजान के पवित्र महीने में खामेनेई की शहादत ने मुस्लिम जगत के लाखों लोगों को गहरा शोक पहुंचाया है। कुछ सुन्नी मौलवियों में शोक के साथ-साथ उन मुस्लिम सरकारों की आलोचना भी शामिल थी जिन्हें चुप्पी साधे हुए देखा गया।  सुन्नियों की इस प्रतिक्रिया पर क्या कह रहे जानकार विद्वान बशारत अली ने कहा कि शिया राजनीतिक कल्पना में, शहादत एकता और राजनीतिक शक्ति का स्रोत बन जाती है। भारत में कई शियाओं के लिए, ईरान का धार्मिक महत्व है क्योंकि यह दुनिया का सबसे बड़ा शिया-बहुसंख्यक देश है। ये कोम और मशहद जैसे धार्मिक केंद्रों का घर है। सुन्नियों के लिए प्रतिक्रिया काफी हद तक राजनीतिक रही है, जो फिलिस्तीन और इजरायल के विरोध के इर्द-गिर्द केंद्रित है।  

आज शाम 6 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा चंद्र ग्रहण, थोड़े समय के लिए दिखेगा प्रभाव

साल के पहले चंद्र ग्रहण के लगने में अब ज्यादा समय शेष नहीं रह गया है. आज दोपहर को 03 बजकर 20 मिनट पर इस चंद्र ग्रहण की शुरुआत हो जाएगी. इस ग्रहण की समाप्ति शाम को 06 बजकर 46 मिनट पर हो जाएगी. ये ग्रहण 03 घंटे 26 मिनट तक रहेगा. चूंकि ये ग्रहण भारत में नजर आने वाला है, इसलिए इसका महत्व और भी ज्यादा बढ़ गया है. इस ग्रहण का सूतक काल आज सुबह 06 बजकर 20 मिनट पर ही लग गया है. देशभर में ग्रहण के सूतक काल के विशेष नियमों का पालन किया जा रहा है. मंदिरों के कपाट बंद हैं. घरों में पूजा-पाठ समेत तमाम धार्मिक कार्य और खानपान बंद है. भारत में जब चंद्रोदय होगा तो चांद को ग्रहण लगा हुआ होगा. भारत में यह चंद्र ग्रहण ग्रस्तोदित रूप में नजर आने वाला है. भारत में 20 से 25 मिनट ही रहेगा ग्रहण का प्रभाव शाम 4 बजकर 34 मिनट से लेकर शाम 5 बजकर 33 मिनट तक पूर्ण चंद्र ग्रहण रहेगा. भारत में ये ग्रहण करीब 20 से 25 मिनट ही नजर ही नजर आने वाला है. भारत में आज शाम को 06 बजकर 20 मिनट के बाद ग्रहण लगा चांद दिखने लगेगा. चंद्रोदय होते ही भारत के कई हिस्सों में चंद्र ग्रहण दिखाई देगा. इसके बाद 06 बजकर 46 मिनट पर ये चंद्र ग्रहण खत्म हो जाएगा. दिल्ली समेत इन बडे़े शहरों में ग्रहण के दिखने का समय     दिल्ली-एनसीआर: यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 26 मिनट पर दिखेगा.     प्रयागराग: यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 08 मिनट पर दिखेगा.     कानपुर:यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 14 मिनट पर दिखेगा.     वाराणसी: यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बदकर 04 मिनट पर दिखेगा.     पटना: यहां चंद्र ग्रहण शाम को 05 बजकर 55 मिनट पर दिखेगा.     रांची: यहां चंद्र ग्रहण शाम को 05 बजकर 55 मिनट पर दिखेगा.     कोलकाता: यहां चंद्र ग्रहण शाम को 05 बजकर 43 मिनट पर दिखेगा.     भुवनेश्वर:यहां चंद्र ग्रहण 05 बजकर 54 मिनट पर दिखेगा.     गुवाहाटी:यहां चंद्र ग्रहण शाम 05 बजकर 27 मिनट पर दिखेगा.     चेन्नई: यहां चंद्र ग्रहण शाम को 06 बजकर 21 मिनट पर दिखेगा.     बेंगलुरु: यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 32 मिनट पर दिखेगा.     हैदराबाद:यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 26 मिनट पर दिखेगा.     ईटानगर:यहां चंद्र ग्रहण शाम 05 बजकर 07 मिनट पर दिखेगा. इस सभी स्थानों पर ग्रहण शाम को 06 बजकर 46 मिनट पर समाप्त हो जाएगा. ग्रहण के बाद क्या करें? शाम को ग्रहण के समाप्त होने के बाद सबसे पहले पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें. खुद स्नान करें और फिर ताजा भोजन बनाकर ग्रहण करें.

सुरभि चंदना का बोल्ड अवतार, पूल में पति संग रोमांटिक किस और मोनोकनी लुक में छाई

मुंबई  मशहूर टीवी एक्ट्रेस सुरभि चंदना अपनी मैरिड लाइफ खुलकर एन्जॉय कर रही हैं. सुरभि ने साल 2024 में करण शर्मा संग शादी रचाई थी. अब उन्होंने शादी की दूसरी सालगिरह सेलिब्रेट की. इस खास मौके पर सुरभि ने पति संग रोमांटिक पोस्ट शेयर की है, जो सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से वायरल हो रही है |  सुरभि का पति संग रोमांस शादी की दूसरी एनिवर्सरी पर कपल ने रोमांटिक पूल डेट एन्जॉय की. सुरभि पूल में पति संग खूबसूरत क्वालिटी टाइम स्पेंड करती नजर आईं. कपल एक दूसरे संग मस्ती करता दिखा, तो कभी रोमांस करता नजर आया. सुरभि और करण पूल में एक दूसरे संग रोमांस करते नजर आए. दोनों ने एक दूसरे को कई बार KISS करके प्यार भी लुटाया. एक दूजे की बांहों में लिपटे उनकी केमिस्ट्री भी बेहद किलर लगी. फैंस कपल पर दिल हार रहे हैं |  ब्लैक मोनोकनी में सुरभि का लुक देखने लायक है. उन्होंने न्यूड लिपस्टिक लगाई और बालों को ओपन रखा. उनका ग्रेसफुल मोनोकनी लुक फैंस को पसंद आ रहा है |   पति संग रोमांटिक वीडियो शेयर करते हुए एक्ट्रेस ने कैप्शन में लिखा- मुझे ईश्वर का दिया हुआ गिफ्ट. हमें दो साल पूरे होने की बधाई. जिंदगीभर तुम्हारी मंकी बने रहना चाहती हूं. सुरभि की पोस्ट पर फैंस उन्हें एनिवर्सरी की बधाई दे रहे हैं और उन्हें हमेशा साथ में खुश रहने की दुआएं भी दे रहे हैं |   बता दें कि सुरभि और करण ने साल 2024 में शादी रचाई थी. शादी से पहले कपल ने करीब 14 साल तक एक दूसरे को डेट किया था. दोनों की सिजलिंग केमिस्ट्री चर्चा में बनी रहती है. दोनों साथ में मेड फॉर ईच अदर लगते हैं |  सुरभि की बात करें तो वो टीवी की बड़ी एक्ट्रेस हैं. वो नागिन, इश्कबाज, कुबूल है जैसे शोज में नजर आ चुकी हैं. अपनी दमदार एक्टिंग से उन्होंने हमेशा फैंस का दिल जीता है |     

गरियाबंद के कलेक्टर ने होली पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के जारी किए आदेश

गरियाबंद. कलेक्टर बीएस उइके ने होली त्यौहार के दौरान होलिका दहन एवं 04 मार्च को होली का त्यौहार के दौरान जिले में कानून-व्यवस्था बनाये रखने के संबंध में जरूरी निर्देश जारी किये हैं। इस संबंध में तहसील गरियाबंद में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी चितेश कुमार देवांगन, नायब तहसीलदार अवंतिका गुप्ता एवं योगेन्द्र कुमार देवांगन का ड्यूटी लगाया गया है। इसी प्रकार तहसील छुरा के लिए तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी गैंदलाल साहू, नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी डोनेश्वर साहू, तहसील राजिम के लिए तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी मयंक अग्रवाल एवं नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी तारेन्द्र कुमार ठाकुर, तहसील फिंगेश्वर के लिए तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी डिंपल धु्रव, तहसील मैनपुर के लिए तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी रमेश मेहता, तहसील अमलीपदर के लिए प्रभारी तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी सुशील कुुमार भोई तथा तहसील देवभोग के लिए तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी अजय कुमार चंद्रवंशी को शांति व्यवस्था का जिम्मा सौंपा गया है।