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MPCST अवॉर्ड से नवाजे गए सेंट्रल यूनिवर्सिटी के 2 रिसर्चर्स, डायबिटीज और स्तन कैंसर की नई दवा प्रणाली विकसित

सागर  डॉ हरीसिंह गौर यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. मध्य प्रदेश काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी की 41वीं एमपी यंग साइंटिस्ट कांग्रेस में फार्मास्युटिकल साइंसेज श्रेणी में सागर यूनिवर्सिटी के फार्मेसी डिपार्टमेंट के 2 शोध छात्रों को यह अवॉर्ड मिला है. प्रियांशु नेमा और हर्षिता सिंघई को एमपीसीएसटी यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद ने यह सम्मान उनके शोध कार्यों के लिए प्रदान किया है| डायबिटीज के इलाज के लिए मिला अवॉर्ड प्रियांशु नेमा को शोध विषय मधुमेह-रोधी चिकित्सीय विकास के लिए एकीकृत ट्रांसक्रिप्टोमिक्स और कम्प्यूटेशनल ड्रग डिस्कवरी के लिए एमपीसीएसटी यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है. जिसमें डायबिटीज के इलाज के लिए आधुनिक ट्रांसक्रिप्टोमिक्स और कम्प्यूटेशनल तकनीकों के समन्वय से नई औषधीय संभावनाओं का विकास किया जा रहा है |  स्तन कैंसर की दवा प्रणाली विकसित करने पर मिला अवॉर्ड हर्षिता सिंघई को उनकी रिसर्च स्तन कैंसर के उपचार के लिए उत्तेजना-प्रतिक्रियाशील सह-युक्त लिपोसोमल दवा वितरण प्रणाली के लिए अवॉर्ड प्रदान किया गया. शोध में स्तन कैंसर के उपचार के लिए उन्नत लिपोसोमल ड्रग डिलीवरी सिस्टम विकसित करने पर कार्य किया जा रहा है, जो लक्षित (टारगेटेड) और प्रभावी इलाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है |  रिसर्च वर्क के लिए नई दिशा एमपीसीएसटी द्वारा आयोजित सम्मेलन का उद्देश्य नवीन और उपयोगी शोध को प्रोत्साहित करना और युवा वैज्ञानिकों को रिसर्च वर्क के लिए मंच प्रदान करना है. इस उपलब्धि पर शोधार्थियों के मार्गदर्शक डॉ. उमेश के. पाटिल, डॉ. सुशील काशव और डॉ. अश्मिता गजभिये ने विभाग और विश्ववि‌द्यालय के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया|   एमपीसीएसटी द्वारा युवा वैज्ञानिकों को उनकी रिसर्च के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है. इसी के तहत प्रियांशु नेमा फिलहाल आईएलएस, भुवनेश्वर में डॉ. अंशुमान दीक्षित के मार्गदर्शन में रिसर्च को आगे बढ़ा रहे हैं. यह प्रदेश में वैज्ञानिक शोध को नई दिशा देने का कार्य करेगी |   

रायपुर में जलाशय योजना के लिए 7.94 करोड़ स्वीकृत

रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा सरगुजा जिले के विकासखण्ड-मैनपाट की सरईकेरचा व्यपवर्तन योजना के नहर की जीर्णोंद्धार एवं लाईनिंग कार्य के लिए 2 करोड़ 95 लाख 91 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। योजना के प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण हो जाने पर रूपांकित सिंचाई क्षमता 414 हेक्टेयर के विरूद्ध 253 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो जायेगी। इसी तरह से विकासखण्ड-अंबिकापुर की बरकेला जलाशय योजना के बांध एवं नहर के नवीनीकरण कार्य के लिए 4 करोड़ 98 लाख 67 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। योजना के प्रस्तावित कार्य के पूर्ण होने पर रूपांकित सिंचाई क्षमता 251 हेक्टेयर के विरूद्ध 102 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो जायेगी।  गरियाबंद : पीएम सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना अंतर्गत आवेदन आमंत्रित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के अन्तर्गत जिले में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना एवं विस्तार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उद्यमियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र विभाग के महाप्रबंधक श्री दिनबंधु धु्रव ने बताया कि आवेदन के लिए आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक तथा न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। साथ ही आवेदक का आधार कार्ड, पेन कार्ड, जाति-निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक, मशीनरी का कोटेशन एवं प्रोजेक्ट रिपोर्ट अनिवार्य है। योजना में कुल परियोजना लागत का 35 प्रतिशत अनुदान स्वीकृत किया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये प्रति उद्यमी निर्धारित है। लाभार्थी द्वारा 10 प्रतिशत अंशदान अनिवार्य रूप से वहन किया जाएगा तथा शेष राशि बैंक ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना के अन्तर्गत खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योगों को लाभ मिलेगा जिसमें पोहा उद्योग, आचार एवं मसाला निर्माण, बेकरी उत्पाद, सेवईयां निर्माण, नमकीन निर्माण, पशु आहार उत्पादन, टमाटर सॉस निर्माण, मक्का प्रोसेसिंग, बाजरा, कोदो, कुटकी, रागी आधारित उत्पाद, फल, फूल, सब्जी प्रसंस्करण उद्योग, हर्बल उत्पाद तथा लघु वनोपज आधारित इकाइयाँ सम्मिलित हैं। योजनान्तर्गत इच्छुक आवेदक योजना की अधिकृत पोर्टल एचटीटीपीएस पीएमएफएमई डॉट एमओएफपीआई डॉट गवर्नमेंट डॉट इन पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने हेतु इच्छुक आवेदक जिले के व्यापार एवं उद्योग केंद्र, गरियाबंद, संयुक्त जिला कार्यालय, कक्ष क्रमांक 92 में कार्यालयीन समय में संपर्क कर सकते हैं इसके अतिरिक्त दूरभाष क्रमांक 07706-241268 में भी संपर्क कर सकते है।

रश्मिका का विजय देवरकोंडा के गांव में शानदार स्वागत, 3 हजार लोगों को किया खाना परोसा, सरप्राइज था खास

मुंबई  रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा शादी के बाद हैप्पी लाइफ जी रहे हैं. कपल हनीमून पर ना जाकर रस्मों रिवाजों को पूरा कर रहा है. 4 मार्च को उनका वेडिंग रिसेप्शन होना है. इससे पहले कपल ने बची हुई रस्मों को पूरा किया. हैदराबाद में रश्मिका का ग्रैंड वेलकम हुआ. इसके बाद विजय देवरकोंडा के तेलंगाना स्थित गांव Thummanapeta में सोमवार को कपल का भव्य स्वागत किया गया|  रश्मिका-विजय का बड़ा ऐलान गांव के नए घर में गृहप्रवेश और सत्यनारायण पूजा रखी गई थी. विजय और रश्मिका ने पूजा में साथ बैठकर विधियों को पूरा किया. सिल्क साड़ी में नई नवेली दुल्हन रश्मिका की खुशी का ठिकाना नहीं था. अपने लव ऑफ लाइफ विजय संग वो खुश दिखीं. न्यूलीवेड कपल की एक झलक पाने को पूरा गांव वहां पर इकट्ठा हुआ. रश्मिका और विजय ने सभी का हाथ जोड़कर नमन किया. गांववालों ने कपल को सदा सुखी रहने का आशीर्वाद दिया |  विजय ने स्टेज पर आकर गांववालों को उनकी बहू रश्मिका से मिलवाया. एक्ट्रेस ने गांववालों का इतना प्यार देने के लिए शुक्रिया अदा किया. कपल ने गांव के 3000 लोगों को खाना खिलाया. इसके अलावा विजय ने एक बड़ा ऐलान भी किया. एक्टर ने देवरकोंडा चैरिटेबल ट्रस्ट के तहत 9वीं और 10वीं क्लास के बच्चों को स्कॉलरशिप देने का ऐलान किया. ये सौगात तेलंगाना के Nagarkurnool जिले के Achampet डिवीजन के 44 सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलेगी. इस अनाउंसमेट को सुनने के बाद उनकी मां की खुशी का ठिकाना नहीं था. भाई आनंद ने भी इस पहल को सराहा. विजय ने गांववालों से कहा- मेरे होमटाउन में मेरा घर और जमीन है. अब से मैं लगातार गांव आता रहूंगा |  शादी के बाद कपल तिरुमाला तिरुपति मंदिर भगवान का आशीर्वाद लेने गया था. कपल की एक झलक पाने को फैंस बेकरार रहते हैं. रश्मिका-विजय ने 7 साल डेटिंग के बाद अपने रिश्ते को शादी का नाम दिया है. उनका वेडिंग लुक सोशल मीडिया पर अभी तक वायरल हो रहा है. कपल ने कोडावा और आंध्रा रीति रिवाजों से शादी की. अब फैंस को उनके वेडिंग रिसेप्शन लुक का इतंजार है |   

जनता दर्शन में गोरखनाथ मंदिर में 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने

बेफिक्र होकर उपचार कराएं, सरकार देगी भरपूर आर्थिक सहायता: सीएम योगी जनता दर्शन में गोरखनाथ मंदिर में 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीएम योगी ने अधिकारियों को दिए समस्याओं के त्वरित व संतुष्टिपरक निस्तारण के निर्देश जमीन कब्जाने व दबंगई के मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए: सीएम योगी गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग करने आए लोगों को आश्वस्त किया कि वे बेफिक्र होकर अच्छे अस्पताल में उपचार कराएं। सरकार उनको भरपूर आर्थिक सहायता देगी। मुख्यमंत्री ने इसे लेकर अधिकारियों को निर्देशित भी किया कि जिन लोगों को उपचार में आर्थिक सहायता की आवश्यकता है, उनके इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से पूरा कराकर शासन को उपलब्ध कराया जाए। हर जरूरतमंद को इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।  होलिकोत्सव मनाने के लिए सोमवार को गोरखपुर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में करीब 150 लोगों से मुलाकात की। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों के पास जाकर, एक-एक कर सबकी समस्याएं सुनीं। समस्याओं के निस्तारण के लिए लोगों को आश्वस्त करते हुए उनके प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को हस्तगत किए। मुख्यमंत्री ने सभी लोगों को भरोसा दिया कि किसी को भी परेशान होने या घबराने की आवश्यकता नहीं है। हर समस्या का प्रभावी समाधान कराया जाएगा।  जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनता की समस्याओं पर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता से ध्यान देकर उनका त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपरक निस्तारण कराएं, ताकि किसी को भी परेशान न होना पड़े। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील रवैया अपनाया जाए और उसकी समस्या का समाधान कर उसे संतुष्ट किया जाए। इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कहीं कोई जमीन कब्जा या दबंगई कर रहा हो तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।  जनता दर्शन में एक व्यक्ति ने किडनी की बीमारी में धन की कमी आड़े आने की समस्या बताई। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले उससे आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा। कार्ड न होना बताए जाने पर उन्होंने कहा कि चिंता मत करिए। इलाज के लिए पर्याप्त आर्थिक मदद मिलेगी। अन्य कई लोग भी गंभीर बीमारियों में इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने सभी को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार किसी भी जरूरतमंद के इलाज में धन की कमी को बाधक नहीं बनने देगी। विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता दी जाएगी। जनता दर्शन में कुछ परिजनों के साथ उनके बच्चे भी आए थे। मुख्यमंत्री ने सभी को स्नेहिल आशीर्वाद के साथ चॉकलेट दीं और खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया।

हजारों दिव्यांग एवं वृद्धजन हुए ‘सर्विस ऑन व्हील्स’ अभियान से लाभान्वित

मोहला. जिले में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित 18 दिवसीय सर्विस ऑन व्हील्स दिव्यांगजन एवं वृद्धजन सेवा रथ अभियान ने दूरस्थ एवं ग्रामीण अंचलों में शासकीय सेवाओं की प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करते हुए जनसेवा की मिसाल कायम की। अभियान के अंतर्गत जिले के तीनों विकासखंड कृमानपुर, मोहला एवं अंबागढ़ चौकी में क्लस्टर स्तरीय शिविरों और सेवा रथ के माध्यम से ग्राम-ग्राम पहुँचकर दिव्यांगजनों एवं वृद्धजनों को उनके घर के समीप विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। सीमावर्ती एवं अंतिम छोर के गांवों तक प्रशासन की सीधी पहुँच इस अभियान की प्रमुख उपलब्धि रही। अभियान के दौरान सेवा रथ के माध्यम से 337 डीएलसी, भौतिक सत्यापन, 209 मृत्यु प्रविष्टि 39 पलायन प्रविष्टि तथा 245 आधार सीडिंग की कार्यवाही पूर्ण की गई। वहीं वय वंदन योजना अंतर्गत 56 पंजीयन किए गए और 72 आयुष्मान कार्डों का निर्माण एवं वितरण किया गया। सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने हेतु 14 स्थानों पर नशा मुक्ति शपथ कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। पात्र हितग्राहियों को 2 बैटरी ट्राइसाइकिल, 21 ट्राइसाइकिल, 17 व्हीलचेयर, 175 वॉकिंग स्टिक, 35 श्रवण यंत्र, 12 बैसाखी, 8 वॉकर, 8 कमर ध्घुटना बेल्ट, 8 डिजिटल/सेंसर स्टिक, 3 कृत्रिम पैर/कृत्रिम अंग तथा 1 मानसिक दिव्यांगजन हेतु विशेष टीएलएम किट का वितरण किया गया, जिससे उनके दैनिक जीवन को सुगम बनाने में मदद मिली। इसके अतिरिक्त 21 दिव्यांगजनों से कौशल प्रशिक्षण हेतु आवेदन तथा 9 हितग्राहियों से यूडीआईडी कार्ड के लिए आवेदन प्राप्त किए गए। ग्राम स्तर पर सेवाएँ उपलब्ध होने से उन दिव्यांगजनों एवं वृद्धजनों को विशेष राहत मिलीए जिनके लिए शासकीय कार्यालयों तक पहुँचना कठिन था। जिला प्रशासन के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुँचाने की पहल में अधिकारी-कर्मचारी, दिव्यांग मितान जनप्रतिनिधि एवं मैदानी अमले की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

हरियाणा में पानी की बर्बादी पर 6079 रुपये फाइन और कनेक्शन होगा कट

पंचकूला. सेक्टर-26, सेक्टर-28 तथा आशियाना फ्लैट्स, पाकेट-ए और पाकेट-बी के प्लाट धारकों के लिए सार्वजनिक चेतावनी जारी की गई है। संबंधित विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन मकानों की पानी की टंकियां लीकेज हैं या किसी कारणवश पानी ओवरफ्लो होकर छत और सड़कों पर बह रहा है, उन्हें तुरंत ठीक कराया जाए, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जारी सार्वजनिक नोटिस के अनुसार यदि किसी भी प्लॉट से पानी की बर्बादी या लीकेज पाया जाता है तो संबंधित मालिक का चालान काटा जाएगा। विभाग ने बताया कि चालान राशि 6,078 रुपये के साथ 2,000 रुपये अतिरिक्त जुर्माना पानी के बिल में जोड़ दिया जाएगा। सड़कों पर जलभराव से भी दिक्कत निर्धारित समय में जुर्माना जमा न कराने की स्थिति में संबंधित मकान का पानी का कनेक्शन काट दिया जाएगा। अधिकारियों ने कहा है कि लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया है। पानी की बर्बादी से न केवल जल संकट गहराता है, बल्कि सड़कों पर जलभराव और फिसलन से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। दंडात्मक कार्रवाई अनिवार्य कार्यकारी अभियंता, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (मंडल-2), पंचकूला की ओर से जारी इस नोटिस में सभी निवासियों से अपील की गई है कि वे अपनी पानी की टंकियों, पाइपलाइन और वाल्व की समय-समय पर जांच कराएं तथा किसी भी प्रकार की लीकेज तुरंत ठीक करवाएं, ताकि दंडात्मक कार्रवाई से बचा जा सके। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि आगामी निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर बिना किसी पूर्व सूचना के चालान और अन्य कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

राजस्थान BJP ने पंचायत चुनाव में जीत का बनाया फॉर्मूला

जयपुर. राजस्थान में 'गांव की सरकार' चुनने का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। प्रदेश की 14 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में होने वाले चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी बिसात बिछा दी है। बता दें कि सत्ता और संगठन ने मिलकर एक ऐसी 'सीक्रेट रणनीति' तैयार की है, जिसका मकसद न केवल जीत हासिल करना है, बल्कि विपक्ष के किलों को भी ढहाना है। अब बस इंतजार है तो राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनावी तारीखों के औपचारिक एलान का। राठौड़, चतुर्वेदी और तिवाड़ी संभालेंगे मोर्चा बीजेपी ने इस बार पंचायत चुनावों की जिम्मेदारी अपने सबसे अनुभवी और रणनीतिकार नेताओं को सौंपी है। पार्टी ने जिला परिषद और पंचायत चुनाव समितियों के नाम फाइनल कर लिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, इन प्रमुख नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। इन नेताओं ने ही परिसीमन और पुनर्गठन को लेकर पार्टी की सिफारिशें तैयार की हैं। ताकि चुनावों में बीजेपी को अधिकतम भौगोलिक और राजनीतिक लाभ मिल सके। राजेंद्र राठौड़ (पूर्व नेता प्रतिपक्ष): जमीनी राजनीति के माहिर खिलाड़ी। अरुण चतुर्वेदी (अध्यक्ष, राज्य वित्त आयोग): संगठन और सत्ता के बीच समन्वय के विशेषज्ञ। घनश्याम तिवाड़ी (राज्यसभा सांसद): नीतिगत और कानूनी बारीकियों के जानकार। CM भजनलाल शर्मा का 'संभाग प्लान' मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा खुद इन चुनावों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने सभी संभागों के प्रमुख नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इन बैठकों का एकमात्र एजेंडा पंचायत चुनाव 2026 था। मुख्यमंत्री का जोर इस बात पर है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधा मतदान केंद्र तक पहुंचे। विस्तारकों ने टटोली जनता की नब्ज रणनीति बनाने से पहले बीजेपी ने हर विधानसभा स्तर पर 'विस्तारक' तैनात किए थे। इन विस्तारकों का काम केवल पार्टी के कार्यक्रम चलाना नहीं था, बल्कि जमीन पर जनता की नाराजगी और उम्मीदों को समझना था। विस्तारकों की ग्राउंड रिपोर्ट के आधार पर ही प्रत्याशियों के चयन और प्रचार के मुद्दों का खाका खींचा गया है। अगले महीने बज सकता है चुनावी बिगुल राज्य निर्वाचन आयोग ने फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी है। इस बार 4.02 करोड़ से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। प्रदेश की 41 जिला परिषदों, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों में अगले महीने चुनाव होने की पूरी संभावना है। कार्यकाल का गणित: कब-कहां होंगे चुनाव? वर्तमान में 12 जिला परिषदों और 130 पंचायत समितियों का कार्यकाल अभी बाकी है, जो अलग-अलग चरणों में पूरा होगा। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही चुनाव आयोग कार्यक्रम जारी करेगा, वैसे ही प्रभारी और उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी जाएगी। 5 सितंबर तक: 6 जिला परिषद और 78 पंचायत समितियों का समय पूरा होगा। 29 अक्टूबर तक: 2 जिला परिषद और 22 पंचायत समितियों का कार्यकाल खत्म होगा। 22 दिसंबर तक: 4 जिला परिषद और 30 पंचायत समितियों का कार्यकाल पूरा होगा।

पंचकूला के जंगल में हजारों पेड़ काटने वाले तस्करों पर जल्द होगा एक्शन

बरवाला. आसरेवाली क्षेत्र में खैर के पेड़ों की अवैध कटाई के मामले में आज दोपहर 1 बजे चार सदस्यों की टीम मौके पर पहुंची। टीम शाम 4 बजे तक कई घंटों तक जंगल के भीतर सघन छानबीन की और कटे हुए पेड़ों के ठूंठ व अन्य साक्ष्यों को खंगाला। अब पूरी कार्यवाही टीम की इसी जांच रिपोर्ट पर टिकी है। बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यह खैर की कटाई कुछ दिनों में नहीं हुई बल्कि लंबे समय से चल रही थी। ऐसे में सवाल उन अधिकारियों और जिम्मेदार कर्मचारियों पर भी उठ रहा है जिनकी जिम्मेदारी इस वाइल्डलाइफ सेंचुरी की रखवाली करने की थी। उल्लेखनीय है कि यह क्षेत्र पहले वन विभाग के अधीन था, लेकिन वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी का दायरा बढ़ने के बाद इसे वाइल्डलाइफ विभाग के अधीन कर दिया गया था। जब यह क्षेत्र वन विभाग के पास था, तब गांव आसरेवाली के बाहर एक नाका लगाया गया था, जहां नियमित चेकिंग होती थी। बताया जा रहा है कि क्षेत्र वाइल्डलाइफ के अधीन आते ही नाका हटा दिया गया, जिसके बाद खैर की तस्करी तेजी से बढ़ने लगी। यह खेल कुछ दिनों का नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहा है और इसमें हजारों पेड़ों की कटाई की आशंका जताई जा रही है। हैरानी की बात यह भी है कि क्षेत्र में कथित रूप से खनन गतिविधियां भी जारी रहती हैं, जबकि एरिया में प्रवेश से पहले कोई स्थायी नाका या चेकिंग व्यवस्था नहीं है। संबंधित इलाके में तीन से चार खोल बने हुए बताए जा रहे हैं, जहां सबसे अधिक खैर के पेड़ काटे गए हैं। अक्टूबर 2025 में भी वायरल हुई थी फोटो, पर नहीं हुई कार्रवाई अक्टूबर 2025 में भी इंटरनेट मीडिया पर आसरेवाली में खैर के कटे हुए पेड़ों की करीब 30 फोटो वायरल हुई थी, लेकिन तब इन चीजों की जांच नहीं की गई। इसके बाद से लगातार खैर चोरी के मामले बढ़ते गए। अब जाकर जब मामला मंत्री के संज्ञान में पहुंचा है, तो विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। आज टीम की घंटों चली इस छानबीन के बाद अब रिपोर्ट का इंतजार है कि विभाग आगे क्या कार्रवाई करता है। कल 10 टीमों के पहुंचने की संभावना इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग अब बड़े स्तर पर एक्शन की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, कल सुबह क्षेत्र में 10 अलग-अलग टीमों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जो पूरे प्रभावित इलाके का कोना-कोना खंगालेंगी।

खामेनेई की मौत के बाद भारत में बढ़ा हाईअलर्ट, कानून-व्यवस्था के उल्लंघन पर सख्त कदम उठाने की चेतावनी

नई दिल्ली  मध्य पूर्व के हालात को देखते हुए भारत में हाईअलर्ट जारी किया गया है। गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों ने सभी राज्यों को संदिग्ध लोगों पर नजर रखने और प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस फोर्स तैनात करने का निर्देश दिया है, जिससे देश में शांति व्यवस्था बनी रहे। अमेरिका-इजरायल के हमले में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के समर्थन में देश के विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन हो रहे हैं। कुछ लोग सोशल मीडिया के माध्यम से देश में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, राज्यों में पुलिस-प्रशासन ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भी सख्त चेतावनी दी है।  नागरिकों से कहा गया है कि वे किसी भी तरह का आपत्तिजनक, भड़काऊ या अनचाहा कंटेंट पोस्ट, शेयर या फॉरवर्ड करने से बचें। अफवाहें और भ्रामक संदेश माहौल को बिगाड़ सकते हैं और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकते हैं। पुलिस-प्रशासन ने कहा कि शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार का सम्मान किया जाता है लेकिन हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और सुरक्षा बलों के साथ टकराव किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। ऐसी घटनाओं से जान-माल का नुकसान होता है और पूरे समाज को परेशानी होती है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी तरह के उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल तत्वों, भड़काने वालों और असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में कर्नाटक के बांदीपुरा जिले में मौजूदा हालात को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने आम नागरिकों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है। पुलिस-प्रशासन ने कहा है कि क्षेत्र में शांति व सुरक्षा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, इसलिए लोग किसी भी ऐसी गतिविधि से दूर रहें जिससे सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका हो। पुलिस की ओर से जारी अपील में कहा गया है कि लोग तोड़फोड़, दंगा-फसाद, पत्थरबाजी या किसी भी प्रकार की गड़बड़ी में शामिल न हों। ऐसा करना न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि इससे आम जनता, व्यापारियों, विद्यार्थियों और दिहाड़ी मजदूरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हिंसा और अशांति की वजह से शैक्षणिक संस्थानों के बंद होने, आवाजाही में रुकावट और आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ने की संभावना रहती है।

एमपी में होली से पहले पारा चढ़ा, 35 डिग्री के पार, मार्च में 40 डिग्री तक पहुंचने के संकेत

भोपाल मध्यप्रदेश में गर्मी ने मार्च की शुरुआत के साथ ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मौसम आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के कई शहरों में अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। मौसम फिलहाल पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई है। पूर्वी मध्यप्रदेश के नौगांव में 35.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश में सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया। पश्चिमी क्षेत्र के खरगोन में 35.0 डिग्री, धार में 34.9 डिग्री और खंडवा में 34.5 डिग्री तापमान रहा। राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री और न्यूनतम 15.0 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में पारा 33.6 डिग्री, ग्वालियर में 33.8 डिग्री और जबलपुर में 33.3 डिग्री सेल्सियस रहा।  रात में अभी हल्की ठंडक  रात के समय अभी हल्की ठंडक बनी हुई है। पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर में न्यूनतम 13.4 डिग्री और उमरिया में 13.9 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। सुबह के समय कई शहरों में आर्द्रता 70 से 90 प्रतिशत तक रही, जो शाम तक घटकर 20 से 40 प्रतिशत के बीच पहुंच गई। होली पर रहेगा साफ मौसम सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्र ने बताया कि आने वाले सात दिनों तक प्रदेश में मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। होली के दौरान बारिश या बादल की कोई संभावना नहीं है। हालांकि तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने कहा कि मार्च के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है। अप्रैल-मई में लू के आसार डॉ. सुरेंद्र के मुताबिक अप्रैल और मई में लू चलने की पूरी संभावना है। विशेष रूप से पूर्वी मध्यप्रदेश में इस बार ज्यादा तेज और लंबे समय तक लू चलने के संकेत हैं। उन्होंने लोगों को दोपहर के समय धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।कुल मिलाकर प्रदेश में अब सर्दी की विदाई और गर्मी की दस्तक साफ तौर पर महसूस की जा रही है, और आने वाले दिनों में तापमान में और तेजी आने के संकेत हैं।