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सोने-चांदी के दाम में फिर हुआ बदलाव, भोपाल, दिल्ली और जयपुर के ताजे रेट जानें

इंदौर  मार्च के महीने में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। मंगलवार सुबह चांदी के भाव ₹2,95, 000 प्रति किलो और सोने के दाम ₹1,70,170 प्रति 10 ग्राम दर्ज किए गए हैं। इससे पहले सोमवार शाम (2 मार्च 2026) को 24 कैरेट का भाव ₹1,70,660 और चांदी का दाम ₹3,15,000 (प्रति किग्रा) पर बंद हुआ था। आइए जानते हैं भारतीय सराफा बाजार (व्यापारियों द्वारा प्राप्त आंकड़ों के अनुसार) द्वारा जारी 3 मार्च 2026 का अलग-अलग शहरों का 18, 22 और 24 कैरेट का लेटेस्ट रेट… प्रमुख शहरों का चांदी (Silver Rate Today) का भाव     10 ग्राम: ₹2,950     100 ग्राम: ₹29,500     ₹2,95,000 (प्रति किग्रा): दिल्ली, मुंबई, पुणे, नागपुर, जयपुर, लखनऊ, अहमदाबाद, कोलकाता, भोपाल और इंदौर ।     ₹3,15,000 (प्रति किग्रा): चेन्नई, मदुरै, हैदराबाद, विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और केरल। (दक्षिण भारत के राज्यों के भाव में मेकिंग चार्ज, डीलर प्रीमियम/स्थानीय शुल्क, परिवहन लागत और मांग के चलते कीमतों में बढ़त बनी है।) 24 कैरेट (24K) सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम में)     मेरठ, जयपुर, दिल्ली, लखनऊ, चंडीगढ़: ₹1,70,170     ​इंदौर, भोपाल, अहमदाबाद: ₹1,70,070     ​मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु: ₹1,70,020     ​चेन्नई, कोयंबटूर: ₹1,70,730 (दक्षिण भारत के कुछ शहरों में स्थानीय प्रीमियम/मेकिंग/डीलर मार्जिन के कारण अंतर) 22 कैरेट (22K) सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम में)     ​मेरठ, जयपुर, दिल्ली, लखनऊ, चंडीगढ़: ₹1,56,000     ​इंदौर, भोपाल, अहमदाबाद, राजकोट, वडोदरा: ₹1,55,900     ​मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु: ₹1,55,850     चेन्नई, कोयंबटूर, मदुरै: ₹1,56,500 18 कैरेट (18K) सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम में)     मेरठ, जयपुर, दिल्ली, लखनऊ, चंडीगढ़: ₹1,27,670     ​इंदौर, भोपाल, अहमदाबाद: ₹1,27,570     ​मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु: ₹1,27,520     चेन्नई, कोयंबटूर: ₹1,34,000 18K, 20K, 22K से 24K की शुद्धता कैसे जांचे?     ​24 कैरेट (99.9% शुद्ध) पर 999 लिखा होता है। यह सबसे शुद्ध है, लेकिन इससे गहने नहीं बनते क्योंकि यह बहुत मुलायम होता है। ​     22 कैरेट (91.6% शुद्ध) पर 916 लिखा होता है। गहने बनाने के लिए यह सबसे लोकप्रिय है। इसमें 8.4% तांबा या चांदी या अन्य धातु मिलाई जाती है, ताकि गहने मजबूत रहें।     20 कैरेट सोने पर 833 (83.3% शुद्धता) लिखा होता है। इसमें 16.7% अन्य धातुएँ (जैसे तांबा, चांदी, जस्ता) मिलाई जाती है।     18 कैरेट (75.0% शुद्ध) पर 750 लिखा होता है। अक्सर हीरे या कीमती पत्थरों वाले गहनों में इसका उपयोग होता है।     ​ज्यादातर दुकानदार 18, 20 और 22 कैरेट का ही सोना बेचते हैं। खरीदारी करते समय यह सुनिश्चित करें कि आप जितने कैरेट का पैसा दे रहे हैं, गहने पर वही अंक (जैसे 916 या 750) दर्ज हो। सोना खरीदते हैं तो इन बातों का रखें ज्ञान भारत में सोने-चांदी के मानक भाव इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए जाते हैं। शनिवार, रविवार और केंद्र सरकार द्वारा घोषित छुट्टियों के दिन नए रेट जारी नहीं होते हैं। IBJA के रेट में GST और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होते, इसलिए अलग-अलग शहरों और ज्वेलरी शोरूम्स में अंतिम दाम अलग हो सकते हैं। सोना खरीदते समय BIS हॉलमार्क व HUID (Hallmark Unique Identification) कोड जरूर जांचें। हॉलमार्क के निशान में ​BIS लोगो (भारतीय मानक ब्यूरो का आधिकारिक प्रतीक), ​कैरेट/शुद्धता, HUID नंबर (एक यूनिक अल्फा-न्यूमेरिक कोड) और सेंटर मार्क ( लैब टेस्टिंग निशान) होता है। सोना-चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव क्यों?     भू-राजनीतिक तनाव, अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर में उतार-चढ़ाव, वैश्विक मांग।     केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और ब्याज दरें, शेयर बाजार का प्रदर्शन।     भारतीय बाजार, स्थानीय कारक, भारत जैसे देशों में आयात शुल्क और अन्य कर, घरेलू दामों पर USD-INR, आयात शुल्क     जीएसटी/टीसीएस, लोकल मेकिंग चार्ज, देश की महंगाई दर और त्योहार और शादियों का सीजन कीमतों पर बड़ा असर डालते हैं।  

संगठन के शतक वर्ष पर मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’, सीएम बोले- यह फिल्म राष्ट्रसेवा का प्रतीक है

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'शतक' फिल्म को राज्य में टैक्स फ्री कर दिया है। सीएम ने कहा कि 'शतक' फिल्म आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की बात करती है। इस फिल्म में संगठित विचार, चरित्र और सेवा भाव का संदेश छिपा हुआ है। उन्होंने कहा कि शतक फिल्म राष्ट्रसेवा और संस्कार की परंपरा की बात करती है। इस परंपरा को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने वर्षों से जीवित रखा है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि 'हिंदी फिल्म 'शतक' को सम्पूर्ण मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री किया गया है। यह फिल्म राष्ट्रसेवा और संस्कारों की उस परंपरा को सशक्त रूप में प्रस्तुत करती है, जिसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने दशकों से जीवित रखा है। फिल्म 'शतक' संदेश देती है कि संगठित विचार, चरित्र और सेवा भाव से ही एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है।' सीएम डॉ. यादव के इस निर्णय की आम जनता ने जमकर तारीफ की है।   आरएसएस की कहानी कहती है फिल्म बता दें, 'शतक: संघ के 100 साल' फिल्म का निर्माण वीर कपूर ने किया है। इसके निर्देशक आशीष मल्ल हैं। यह फिल्म इस साल 20 फरवरी को रिलीज़ हुई थी। यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्षों के इतिहास और विचारधारा पर आधारित है। इस फिल्म में वर्ष 1925 में संघ की स्थापना के साथ-साथ इसके संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और एमएस गोलवलकर के योगदान को दर्शाया गया है। 

पंजाबी सिंगर R Nait के शो में भगदड़ में कई लोगों की टूटी टांगें

पटियाला. पटियाला के शीश महल में चल रहे हेरिटेज फेस्टिवल के दौरान बड़ा हादसा हो गया। फेस्टिवल के आखिरी दिन पंजाबी गायक R Nait के कार्यक्रम को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के लिए आयोजकों द्वारा महंगी टिकटें भी बेची गई थीं। लेकिन जैसे ही शो शुरू हुआ, पर्याप्त प्रबंध न होने के कारण भीड़ बेकाबू हो गई। हालात ऐसे बन गए कि एंट्री गेट बंद कर दिए गए, जिससे कई लोग अंदर नहीं जा सके। इसी दौरान कुछ लोग कार्यक्रम देखने के लिए शीश महल की ऊंची दीवारें फांदकर अंदर जाने लगे। इसी अफरातफरी में दो युवक दीवार से नीचे गिर गए, जिससे उनकी टांगें टूट गईं। दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि आयोजन में सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। यहां तक कि जिन लोगों ने महंगी टिकटें खरीदी थीं, उन्हें भी अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि जिस जगह से लोग दीवारें फांद रहे थे, वहां पास में बिजली की तारें भी गुजर रही थीं। यदि किसी का हाथ तारों से छू जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल इस घटना को लेकर लोगों में रोष है और आयोजकों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

पंजाब में बुधवार को सरकारी छुट्टी पर स्कूल-कॉलेज और दफ्तर रहेंगे बंद

चंडीगढ़. पंजाब में कल यानी 4 मार्च को सरकारी अवकाश घोषित किया गया है। यह घोषणा होली के त्योहार के अवसर पर की गई है। होली, जो रंगों, खुशियों और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक मानी जाती है, पूरे भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है। यह त्योहार न केवल सर्दियों के अंत और बसंत ऋतु के आगमन का स्वागत करता है, बल्कि आपसी मतभेद भुलाकर एक-दूसरे को रंग लगाकर गले मिलने और भाईचारे को बढ़ावा देने का संदेश भी देता है। इस पावन और रंगों के पर्व के मद्देनज़र 4 मार्च (बुधवार) को पूरे राज्य में सरकारी अवकाश रहेगा। इस दिन पंजाब सरकार के सभी कार्यालय, बोर्ड, निगम और शैक्षणिक संस्थान (सरकारी व निजी स्कूल-कॉलेज) पूर्णतः बंद रहेंगे। यह अवकाश नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत घोषित किया गया है, जिसके चलते बैंकों में भी इस दिन कामकाज नहीं होगा। धार्मिक कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन माह की पूर्णिमा 2 मार्च से शुरू होकर 3 मार्च तक रहेगी। इस वर्ष होलिका दहन 3 मार्च की शाम को किया जाएगा, जबकि रंगों वाली होली 4 मार्च को मनाई जाएगी।

लखनऊ में पुलिस ने बेसहारा बच्चों के साथ मनाई होली, खुशियों से भरे उपहार दिए

लखनऊ  इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह ने एक बार फिर एक बड़ी मिसाल कायम कर गरीब बेसहारा बच्चों के साथ मिलकर होली खेली और और मासूमों के हाथों से माथे पर तिलक लगाकर उनका हौसला अफजाई किया। बच्चों को मिठाई सहित उपहार भी दिए।   सरकारी अस्पतालों में आज हाफ डे ओपीडी, कल बंद रहेंगे  राजधानी के सरकारी अस्पतालों में मंगलवार को ओपीडी दोपहर 12 बजे (हाफ डे) तक , जबकि बुधवार को पूरी तरह से बंद रहेगी। सिर्फ इमरजेंसी में मरीजों को इलाज मिलेगा। वहीं, केजीएमयू में सामान्य दिनों की तरह ओपीडी चलेगी। लोहिया व पीजीआई में नए पंजीकरण नहीं होंगे। पहले से जिन मरीजों के ऑपरेशन व जांच की तारीख मिली है, उन्हें इलाज मुहैया कराया जाएगा। केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए मंगलवार को ओपीडी का संचालन सामान्य दिनों की तरह होगा। ऑपरेशन के साथ पैथोलॉजी व रेडियोलॉजी की जांच भी होगी। मेडिकल की कक्षाएं बंद रहेंगी। बुधवार को अवकाश रहेगा। लोहिया संस्थान व पीजीआई में मंगलवार को पुराने मरीजों को ओपीडी में देखा जाएगा। पहले से तय ऑपरेशन व जांच भी होंगे। नए मरीज का पंजीकरण नहीं होगा। लोहिया के प्रवक्ता डॉ. भुवन चंद्र तिवारी ने बताया कि इमरजेंसी सेवाएं 24 घंटे संचालित होंगी। इसमें किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। बलरामपुर, सिविल, लोकबंधु, राम सागर मिश्र, लोकबंधु, डफरिन, झलकारी बाई समेत दूसरे सरकारी अस्पतालों में मंगलवार को हाफ डे ओपीडी होगी। अस्पतालों में बुधवार को अवकाश रहेगा, लेकिन इमरजेंसी सेवाओं का संचालन होगा।  

श्री आनंदपुर साहिब में मीट बिक्री के लिए सक्षम अधिकारी का प्रतिबंधात्मक आदेश जरूरी: हाईकोर्ट

चंडीगढ़/श्री आनंदपुर साहिब. पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि श्री आनंदपुर साहिब में इस समय मीट और मीट उत्पादों की बिक्री पर कोई प्रतिबंध लागू नहीं है। अदालत ने कहा कि जब तक सक्षम प्राधिकारी की ओर से इस संबंध में औपचारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया जाता, तब तक बिक्री पर रोक नहीं लगाई जा सकती। दरअसल, पंजाब सरकार के 15 दिसंबर 2025 के उस आदेश को छोटे व्यापारियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें श्री आनंदपुर साहिब में मीट बिक्री पर रोक लगाने की बात कही गई थी। इसी बीच खालसा पंथ की जन्मस्थली श्री आनंदपुर साहिब में तीन दिवसीय राष्ट्रीय पर्व ‘होला मोहल्ला’ पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ शुरू हो गया है। मेले के पहले दिन देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं ने Takht Sri Kesgarh Sahib सहित ऐतिहासिक गुरुद्वारों में माथा टेककर गुरु चरणों में हाजिरी लगाई। सुरक्षा और ट्रैफिक के कड़े प्रबंध इस वर्ष सिविल और पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। शहर को जाम मुक्त रखने के लिए ‘ट्रॉली सिटी’ बनाई गई है, जहां श्रद्धालुओं की ट्रॉलियां शहर से बाहर ही रोकी जा रही हैं। पिछली बार लगे भारी जाम से सबक लेते हुए इस बार गलियों में वाहनों के प्रवेश पर सख्ती की गई है। संगतों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भिखारियों के शहर में प्रवेश पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के इन प्रबंधों की सराहना की है। प्रशासन और शिरोमणि कमेटी का तालमेल इस बार सिविल प्रशासन, पुलिस और शिरोमणि कमेटी के बेहतर तालमेल के चलते पहले दिन का आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है, जिसे देखते हुए प्रबंध और मजबूत किए जा रहे हैं। डीएसपी जशनदीप सिंह ने बताया कि मेले क्षेत्र में करीब 5000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

सीएम योगी का बड़ा ऐलान: ‘इलाज के लिए पैसा हमारी सरकार देगी’, जनता दर्शन में दिया भरोसा

गोरखपुर होली के उल्लास के बीच मंगलवार सुबह गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर परिसर में एक अलग ही दृश्य देखने को मिला. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनीं और खासकर गंभीर बीमारियों से जूझ रहे परिवारों को भरोसा दिलाया कि इलाज में पैसों की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने करीब 150 लोगों से मुलाकात की. किसी के हाथ में मेडिकल रिपोर्ट थी, तो किसी के पास जमीन विवाद से जुड़ी कागजात. मुख्यमंत्री ने एक-एक व्यक्ति की शिकायत को ध्यान से सुना और संबंधित अधिकारियों को वहीं निर्देशित किया |  पैसा सरकार देगी जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर पहुंचे थे. एक व्यक्ति ने किडनी की गंभीर बीमारी का हवाला देते हुए कहा कि पैसे के कारण उपचार रुक गया है. मुख्यमंत्री ने सबसे पहले पूछा कि आयुष्मान कार्ड है?  जब जवाब मिला कि नहीं है, तो उन्होंने अधिकारियों की ओर देखते हुए कहा, इनकी मदद सुनिश्चित की जाए. इलाज रुकना नहीं चाहिए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जरूरतमंदों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता दी जाएगी. साथ ही निर्देश दिया कि मेडिकल इस्टीमेट की प्रक्रिया तेजी से पूरी कर शासन को भेजी जाए, ताकि फाइलें लंबित न रहें. मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों से कहा, बेफिक्र होकर अच्छे से अस्पताल में इलाज कराइए. सरकार आपके साथ खड़ी है |  संवेदनशीलता और त्वरित निस्तारण पर जोर जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री का जोर सिर्फ आश्वासन तक सीमित नहीं रहा. उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि हर शिकायत का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण हो. उन्होंने कहा कोई भी पीड़ित दोबारा भटकने को मजबूर न हो. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जमीन कब्जा या दबंगई की शिकायतों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. अगर कहीं किसी ने अवैध कब्जा किया है तो कानून अपना काम करेगा. अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रार्थना पत्रों पर सिर्फ औपचारिक कार्रवाई न हो, बल्कि वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए |  बच्चों को चॉकलेट, पढ़ाई की सीख जनता दर्शन में कुछ परिवार अपने बच्चों के साथ भी पहुंचे थे. मुख्यमंत्री ने बच्चों से बातचीत की, उनका हालचाल पूछा और चॉकलेट देकर पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी. एक महिला ने बताया कि वह अपने बेटे के इलाज के लिए आई थीं. मुख्यमंत्री ने ध्यान से सुना और तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए. अब उम्मीद है कि इलाज शुरू हो सकेगा |  विवेकाधीन कोष से मदद अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष का उद्देश्य जरूरतमंदों को त्वरित आर्थिक सहायता देना है. खासकर गंभीर बीमारियों के मामलों में यह कोष कई परिवारों के लिए सहारा बनता है. जनता दर्शन में आए लोगों को बताया गया कि मेडिकल इस्टीमेट तैयार होते ही सहायता की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. अधिकारियों को यह भी कहा गया कि पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि भविष्य में उपचार के दौरान दिक्कत न हो | 

सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, CM मोहन ने एरियर्स का भुगतान करने का किया ऐलान

भोपाल मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान करते हुए सरकारी कर्मचारियों के एरियर्स के भुगतान पर भी बड़ा फैसला लिया है।  सीएम मोहन यादव ने बताया है कि, जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर्स के भुगतान की शुरुआत मई महीने से शुरू हो जाएगी और कर्मचारियों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। मोहन यादव ने कहा है कि  कर्मचारियों के एरियर्स का भुगतान छह किस्तों में किया जाएगा। वहीं इससे पहले आज ही सीएम मोहन यादव ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को बढ़ाने का भी ऐलान किया है। सीएम मोहन ने कहा है कि आज होली के शुभ अवसर पर राज्य के शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते में 3% की वृद्धि कर 58% करने का निर्णय किया है। सभी शासकीय सेवकों को भारत सरकार के समान अप्रैल (पेड इन मई) 2026 के वेतन में 58% महंगाई भत्ता मिलेगा। जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर की राशि मई 2026 से प्रारंभ होकर 6 समान किस्तों में दी जाएगी। पेंशनर्स को भी जनवरी से फरवरी 2026 की पेंशन में 58% का महंगाई भत्ता दिया जाएगा। हमारी सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है।  मध्य प्रदेश के 12 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों की होली मोहन यादव सरकार ने दोगुनी रंगीन कर दी है। कर्मचारियों को वो  बड़ी सौगात मिली है जिससे उनके चेहरे खिलने तय है। दरअसल  सीएम मोहन यादव ने राज्य के कर्मचारियों का 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा कर दी है। ये प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए किसी राहत से कम नहीं है। होली के शुभ अवसर पर राज्य के शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते में 3% की वृद्धि कर 58% करने का निर्णय किया है। सभी शासकीय सेवकों को भारत सरकार के समान अप्रैल (पेड इन मई) 2026 के वेतन में 58% महंगाई भत्ता मिलेगा। जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर की राशि मई 2026 से प्रारंभ होकर 6 समान किस्तों में दी जाएगी। पेंशनर्स को भी जनवरी से फरवरी 2026 की पेंशन में 58% का महंगाई भत्ता दिया जाएगा। हमारी सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है। आज दिन में किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत बड़वानी में कैबिनेट की, कई महत्वपूर्ण निर्णय किए। शाम को सभी कर्मचारी बंधुओं और पेंशनर्स के कल्याण के लिए निर्णय लिया है। पेंशनर्स को जनवरी से फरवरी की पेंशन का डीए मिलेगा सीएम ने बताया कि पेंशनर्स को भी जनवरी से फरवरी 2026 की पेंशन में 58% का महंगाई भत्ता दिया जाएगा। अभी मिल रहा 55 प्रतिशत डीए मध्य  प्रदेश के 12 लाख से अधिक कर्मचारियों को अभी 55 प्रतिशत डीए मिल रहा था। वहीं, केंद्र सरकार के द्वारा 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। कर्मचारी लगातार केंद्र समान महंगाई भत्ता देने की मांग कर रहे थे लेकिन  आज मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद कर्मचारियों में खुशी की लहर है। जाहिर है कर्मचारियों की होली डबल रंगीन हो गई है। आज दिन में किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत बड़वानी में कैबिनेट की, कई महत्वपूर्ण निर्णय किए। शाम को सभी कर्मचारी बंधुओं और पेंशनर्स के कल्याण के लिए निर्णय लिया है। सभी को होली की बधाई। 3% फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ने के साथ  ही मध्य प्रदेश के 12 लाख से अधिक कर्मचारियों का भत्ता अब केंद्र के बराबर 58 फीसदी हो गया है।  लिहाजा एरियर्स को लेकर सीएम मोहन यादव ने साफ कर दिया है कि कर्मचारियों के एरियर्स का भुगतान छह किस्तों में किया जाएगा। जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर की राशि मई 2026 से प्रारंभ होकर 6 समान किस्तों में दी जाएगी।”

मोबाइल और टीवी पर स्क्रीनिंग टाइम ने बढ़ाया बच्चों में मोटापा

जालंधर. कृषि प्रदान प्रदेश पंजाब में बच्चों में मोटापे का उभार एक स्वास्थ्य संकट बनने लगा है। बच्चों का मोबाइल , टीवी और कंप्यूटर पर बढ़ता स्क्रीन टाइम इसका अहम कारण माना जा रहा है। कोरोना काल के बाद बच्चों में मोटापा दर 2 से 3 गुना तक बढ़ गई है। बच्चों में मोटापे की वजह से परेशान स्वजन इससे होने वाली शुगर और हायपरटेंशन की समस्या को लेकर बाल रोग माहिरों की सलाह लेने लगे है। पिछले करीब पांच साल में खासकर किशोर 10-16 वर्ष और स्कूल-जाने वाले बच्चों में मोटापे और अधिक वजन की समस्या तेजी से बढ़ी है । हाल ही में हुई स्टडी में बाडी मास इंडेक्स (बीएमआई) के आधार लगभग 31 प्रतिशत बच्चे 10-16 वर्ष या तो ओवरवेट 18.6प्रतिशत या ओबेसी 12.4 प्रतिशत श्रेणी में आते हैं। इसके आधार पर करीब 3 में से 1 बच्चा अब वजन की सीमा से ऊपर है। मोटापा केवल शहरी आबादी के बच्चे में ही देहात के बच्चों में बढ़ रहा है। राज्य में नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे 2015-16 व 2019-21 के अनुसार 0-5 वर्ष के बच्चों में ओवरवेट और ओबेसी लगभग 2 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 4 प्रतिशत पहुंचा। एंडोकिड्स के एमडी एवं बच्चों के एंडोक्रोनोलाजिस्ट डा. सौरभ उप्पल कहते है कि पांच साल पहले अगर उनके पास 100 बच्चे मोटापे को लेकर आते थे अब उनकी संख्या 140 के करीब पहुंच चुकी है। स्वजन उनके पास एक साल के बच्चे भी मोटापे को लेकर पहुंच रहे है। छोटे बच्चों को लोग बिस्कुट और चिप्स देना शुरू कर देते है जो मोटापे का कारण बन रहा है। वहीं बड़े बच्चों का मोबाइल फोन, टीवी और कंप्यूटर पर स्क्रीन टाइम बढ़ गया है। बच्चे इस दौरान फास्ट, फूड, चाकलेट, बिस्कुट, चिप्स व अन्य खाद्य पदार्थ खाते रहते है। उन्हें पता नही चलता और ओवर इटिंग कर लेते है जो मोटापे का बढ़ा कारण बन रहे है। आईएमए के पूर्व प्रधान एवं भुटानी चिल्ड्रन अस्पताल के एमडी डॉ. एमएस भुटानी का कहना है कि एक साल से कम आयु के बच्चों को ही लोग दूध पिलाने और उन्हें व्यस्त रखने मोबाइल फोन उनके हाथ में थमा रहे है। उनकी आदत बिगड़ने का साथ स्क्रीन टाइम बढ़ जाता है। बच्चे मोटे होने के साथ जिद्दी भी हो जाते है। ऐसे बच्चों की आदत छुड़वाने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बच्चों की आउट डोर गेम्स की आदत नही रहती है। जब तक खान-पान, खेल और मानसिक स्वास्थ्य के लिए परिवार और समुदाय मिलकर कदम नहीं उठाते, मोटापे की वृद्धि का सिलसिला नहीं रुकेगा। मॉडल टाउन में रहने वाली श्वेता का कहना है कि उनका 12 साल का बेटा मान्य ओवर वेट है। पति पत्नी दोनों सर्विस करते है और देर शाम और छुट्टी के दिन ही बच्चे को पूरा समय दे पाते है। पहले वह मोबाइल और टीवी एक घंटे तक इस्तेमाल करता था, अब पढ़ाई सहित उसका स्क्रीन टाइम चार घंटे तक पहुंच गया है। इस दौरान उसकी डाइट भी बढ़ गई है। उसका भार सामान्य से दस किलोग्राम ज्यादा है। अब उसका भार कम करने के लिए डाक्टर से सलाह ले रहे है, ताकि मोटापे से होने वाली बीमारियों का खतरा खत्म किया जा सके। मकसूदा में रहने वाले चंद्र शेखर का कहना है कि उनकी बेटी सुरभि 16 साल की है। कोरोना काल के दौरान आन लाइन प्रचलन बढ़ने की वजह से स्क्रीन टाइम बढ़ गया। धीरे धीरे स्क्रीन टाइम 5 से 6 घंटे तक पहुंच गया है, हालांकि इसमें ज्यादातर समय उसकी पढ़ाई और कंपीटिशन की तैयारी से संबंधित है। अब मोटापा की वजह से उसे किशोरियों में होने वाली समस्याएं बढ़ने लगी है। अब मोटापा कम करने के लिए उसे जिम भेजना शुरू किया है। मुख्य कारण जो मोटापे को बढ़ा रहे हैं पैकेज्ड स्नैक्स, कोल्ड ड्रिंक जैसे मीठे वाले उत्पाद अधिक सेवन हो रहे हैं। कोचिंग, मोबाइल, टीवी स्क्रीन टाइम, आउटडोर खेलों में कमी मोटापे में योगदान दे रही है। स्कूलों में खेल-कूद की भूमिका कम और एसी-लाइफस्टाइल जैसे आरामदायक व्यवहार ज्यादा। पौष्टिक तत्वों की कमी और अधिक फैट-सोडियम डाइट। समाधान संतुलित पौष्टिक आहार फल, सब्जियां, दलिया, प्रोटीन। मोबाइल और टैब के समय का नियंत्रण। रोज़ाना कम से कम 60 मिनट खेल-कूद या शारीरिक गतिविधि। नियमित नींद और स्क्रीन-डीटाक्स। खेल मुख्य-पाठ्यक्रम का हिस्सा। स्वास्थ्य-स्क्रीनिंग कैंप।

मिडिल ईस्ट में फंसे पंजाबियों के लिए मान की केंद्र से सुरक्षित वापसी की अपील

चंडीगढ. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के मद्देनजऱ वहां फंसे पंजाबियों की सहायता के लिए 24 घंटे कार्यरत हेल्पलाइन जारी करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार फंसे हुए लोगों की सुरक्षित और शीघ्र वापसी सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार के साथ लगातार संपर्क में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है और प्रभावित लोगों की हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। पीड़ित परिवारों को पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, 'अरब देशों में उत्पन्न तनावपूर्ण हालात के कारण अनेक पंजाबी गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। यदि किसी व्यक्ति या उसके परिवार का सदस्य वहां फंसा हुआ है, तो वे तुरंत जारी हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। राज्य सरकार उनकी सहायता के लिए पूरी तरह तत्पर है।' 27×7 हेल्पलाइन जारी उन्होंने बताया कि इस उद्देश्य के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो 24×7 कार्यरत रहेगा। प्राप्त सूचनाओं को तुरंत संबंधित विभागों और भारत सरकार तक पहुंचाया जाएगा, ताकि राहत और निकासी की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, 'हम फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द हर आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए वचनबद्ध हैं। किसी भी परिवार को घबराने की आवश्यकता नहीं है- पंजाब सरकार इस कठिन समय में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।' खाड़ी देशों में फंसे युवाओं, कामगारों और विद्यार्थियों के परिवारों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस संकट की घड़ी में उनके कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और हर स्तर पर सहयोग सुनिश्चित करेगी। 'भारतीय नागरिकों को वापस लाया जाए' मुख्यमंत्री ने भारत सरकार से अपील की कि वह मध्य पूर्व में उत्पन्न हालात को देखते हुए फंसे पंजाबियों तथा अन्य भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि केंद्र सरकार आवश्यक कूटनीतिक और प्रशासनिक प्रयासों के माध्यम से युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में फंसे सभी लोगों की शीघ्र सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करेगी।