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3 मार्च को लगेगा 2026 का पहला चंद्र ग्रहण, कर्क-कन्या-मीन राशि वालों को बरतनी होगी सावधानी

साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगने जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार ग्रहण के समय चंद्रमा सिंह राशि में गोचर करेंगे। यह ग्रहण भारत समेत पूर्वी एशिया, दक्षिण-पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत महासागर के कई हिस्सों में दिखाई देगा। वैदिक ज्योतिष के अनुसार चंद्र ग्रहण का प्रभाव मानसिक स्थिति, आर्थिक निर्णय और स्वास्थ्य पर पड़ता है। खासतौर पर कर्क, कन्या और मीन राशि के जातकों को इस दौरान अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता हो सकती है। आइए जानते हैं इन राशियों पर संभावित प्रभाव और बचाव के उपाय। कर्क राशि: धन और स्वास्थ्य पर ध्यान जरूरी कर्क राशि के स्वामी स्वयं चंद्रमा हैं, इसलिए चंद्र ग्रहण का प्रभाव इस राशि पर अधिक माना जाता है। ग्रहण आपके धन भाव में प्रभाव डाल सकता है, जिससे आर्थिक मामलों में अस्थिरता आ सकती है। बड़े निवेश या महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णय कुछ समय के लिए टालना बेहतर रहेगा। वाणी पर संयम रखें, सामाजिक या पारिवारिक विवाद से बचें। आंख, गला या पेट से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। उपाय: चंद्र मंत्र “ॐ सोमाय नमः” का जप करें और सोमवार को सफेद वस्त्र या चावल का दान करें। कन्या राशि: खर्च बढ़ने की आशंका कन्या राशि के लिए यह ग्रहण द्वादश भाव (हानि भाव) में प्रभाव डालेगा। इस कारण संचित धन खर्च हो सकता है। परिवार के किसी सदस्य की सेहत पर खर्च बढ़ सकता है। कार्यक्षेत्र में सतर्क रहें और ऑफिस राजनीति से दूरी बनाए रखें। नौकरी की तलाश कर रहे जातकों को अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। उपाय: भगवान शिव की पूजा करें और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करें। शिवलिंग पर जल अर्पित करना शुभ रहेगा। मीन राशि: शत्रु पक्ष से सावधान मीन राशि के लिए ग्रहण छठे भाव में प्रभाव डालेगा, जो शत्रु और ऋण का भाव माना जाता है। विरोधी सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए कार्यों में सावधानी रखें। ऑनलाइन लेन-देन में सतर्क रहें, धोखाधड़ी की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। अनावश्यक खर्च और गलत संगति से बचें। उपाय: नियमित रूप से शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और गरीबों को दान करें। ग्रहण काल में क्या करें और क्या न करें? क्या करें: मंत्र जाप, ध्यान और दान-पुण्य करें। ग्रहण के बाद स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें। जरूरतमंदों को अन्न या वस्त्र दान दें। क्या न करें: ग्रहण काल में भोजन पकाने या खाने से बचें (धार्मिक मान्यता अनुसार)। बड़े आर्थिक फैसले टालें। नकारात्मक विचारों से दूर रहें। चंद्र ग्रहण को ज्योतिष में संवेदनशील समय माना जाता है। हालांकि इसका प्रभाव व्यक्तिगत कुंडली पर निर्भर करता है, फिर भी कर्क, कन्या और मीन राशि के जातकों को 3 मार्च 2026 के आसपास विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उचित उपाय अपनाकर संभावित नकारात्मक प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

ईरान छोड़कर भारत में रहने वाली एक्ट्रेस मंदाना खामनेई की मौत से खुश, क्या कह रही हैं?

मुंबई  अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद से ईरान में इस समय तबाही का मंजर है. अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की भी मौत हो गई है. खामेनेई की मौत से ईरानी एक्ट्रेस मंदाना करीमी काफी खुश हैं. वो लगातार सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करके अपनी खुशी जाहिर कर रही हैं |  हालांकि, मंदाना अपने देश के लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंतित भी हैं. सोशल मीडिया पर उनके पोस्ट वायरल हो रहे हैं, जिसपर उन्हें ट्रोलिंग भी झेलनी पड़ रही है. कुछ लोग मंदाना को उनके देश लौटने की सलाह दे रहे हैं, क्योंकि वो बीते कई सालों से इंडिया में रह रही हैं|  लेकिन क्या आप जानते हैं कि मंदाना पहले भी कई दफा सुर्खियों में रह चुकी हैं. उनका नाम कई कंट्रोवर्सी से जुड़ चुका है. तो आइए जानते हैं कि मंदाना करीमी कौन हैं और वो क्यों ईरान छोड़कर भारत में बस गई हैं|  मंदाना करीमी का जन्म ईरान के तेहरान में हुआ था. मगर एक्ट्रेस बनने के सपने को पूरा करने के लिए वो सालों पहले इंडिया आ गई थीं और तब से यहीं बस गई हैं|  मंदाना मॉडलिंग कर चुकी हैं. वो कई बॉलीवुड फिल्मों में भी नजर आ चुकी हैं, जिनमें 'भाग जॉनी', 'क्या कूल हैं हम' जैसी फिल्में शामिल हैं. मंदाना को सलमान खान के शो बिग बॉस में भी देखा गया था. वो साल 2022 में एकता कपूर के रियलिटी शो लॉक अप में भी दिखी थीं|   मंदाना रियल लाइफ में काफी बोल्ड और ग्लैमरस हैं. वो अक्सर बिकिनी में अपनी सिजलिंग तस्वीरें शेयर करती हैं. मंदाना को बिकिनी फोटोज पर भारी ट्रोलिंग झेलनी पड़ चुकी है | मंदाना ने कुछ साल पहले रमजान के महीने में बिकिनी में अपने फोटोज-वीडियोज शेयर किए थे, जिसें देखकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था. रमजान में बिकिनी पहनने पर कई लोगों ने उनपर धामर्कि भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया था |          मंदाना के टॉपलेस फोटोज पर भी बवाल मच चुका है. मंदाना की टॉपलेस तस्वीरों पर लोगों ने उन्हें खूब खरी-खोटी सुनाई थी| मंदाना अपनी मैरिड लाइफ को लेकर भी विवादों में रह चुकी हैं. एक्ट्रेस ने साल 2017 में बिजनेसमैन बॉयफ्रेंड गौरव गुप्ता से शादी रचाई थी. कपल ने पहले कोर्ट मैरिज की थी फिर हिंदू रीति-रिवाजों से शादी रचाई थी. मगर चंद महीनों में ही मंदाना ने पति और सास-ससुर पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था. वो पति पर चीटिंग का आरोप भी लगा चुकी हैं. हालांकि, अब उनका तलाक हो चुका है| 

आपके फोन की स्पीड चुरा रहे हैं ये ऐंड्रॉयड ऐप्स, तुरंत बदलें ये सेटिंग्स

नई दिल्ली रोज लॉन्च हो रहे हाई-परफॉर्मेंस और बेहतर ग्राफिक्स वाले ऐंड्रॉयड गेम्स के चलते स्मार्टफोन्स का लिमिटेड स्टोरेज स्पेस और कम रैम चैलेंज बनता रहता है। ऐसे में स्मार्टफोन्स 6जीबी और 8जीबी रैम तक के साथ लॉन्च हो रहे हैं। ऐसे में ज्यादा रैम वाला मोबाइल खरीदना एक ऑप्शन हो सकता है, वहीं बहुत ये यूजर्स नया फोन खरीदना अफॉर्ड नहीं कर सकते। जरूरी नहीं कि आप नया फोन खरीदें क्योंकि कई ऐप्स की सेटिंग्स को चेंज करके आप फोन की स्पीड बढ़ा सकते हैं। कुछ ऐप्स को किल या अनइंस्टॉल करके फोन की स्पीड और बैटरी लाइफ भी बढ़ाई जा सकती है। जरूरी है कि हैवी गेम्स और ऐप्स को स्लो होते फोन के लिए जिम्मेदार मानने से पहले चेक करें कि कौन सी ऐप्स की वजह से आपका फोन स्लो हो गया है। फेसबुक से लेकर इंस्टाग्राम तक, कौन सी ऐप आपके फोन की कितनी बैटरी और रैम यूज करती है, इसे सेटिंग्स में जाकर आप चेक कर सकते हैं। इस तरह आप जान सकते हैं कि कौन सा ऐप आपका स्मार्टफोन स्लो कर रहा है: स्टेप 1: फोन की सेटिंग्स में जाकर स्टोरेज या मेमोरी पर टैप करें। स्टेप 2: यहां आपको दिखाई देगा कि किस तरह का कंटेंट सबसे ज्यादा मेमोरी यूज कर रहा है। इस लिस्ट में इंटरनल स्टोरेज कंजप्शन ही दिखाई देगा। स्टेप 3: मेमोरी पर टैप करने के बाद मेमोरी यूज्ड बाई ऐप्स में जाएं। स्टेप 4: अब दिखने वाली लिस्ट आपको एप यूसेज ऑफ रेम चार हिस्सों, 3 घंटे, 6 घंटे, 12 घंटे और 1 दिन में दिखाएगी। इसकी मदद से आप जान सकते हैं कि कौन सा ऐप कितना रैम यूज कर रहा है। इस लिस्ट में देखकर आप गैर-जरूरी ऐप को किल कर सकते हैं या अनइंस्टॉल कर सकते हैं। साथ ही कई पॉप्युलर ऐप्स के लाइट वर्जन डाउनलोड करने का ऑप्शन भी आपके पास है, जो कम स्टोरेज स्पेस और रैम यूज करता है। इस तरह आप स्मार्टफोन की प्रोसेसिंग स्पीड बढ़ा सकते हैं।  

होलिका दहन में मुख्यमंत्री निवास पर गौ-काष्ठ का विशेष उपयोग

मुख्यमंत्री निवास पर हुआ भव्य होलिका दहन, गौ-काष्ठ का हुआ उपयोग होलिका दहन में मुख्यमंत्री निवास पर गौ-काष्ठ का विशेष उपयोग मुख्यमंत्री निवास में हुआ होलिका का दहन, गौ-काष्ठ का किया गया उपयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सपत्नीक पूजा-अर्चना कर किया होलिका दहन प्रदेशवासियों को होली की दी मंगलकामनाएं भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होलिका की विधि-विधान से सपत्नीक पूजा-अर्चना कर होलिका का दहन किया। होलिका में गौ-काष्ठ का उपयोग किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की धर्मपत्नी मती सीमा यादव, अन्य परिजन एवं म.प्र. हिंदी ग्रंथ अकादमी के निदेशक  अशोक कड़ेल भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पदस्थ सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों को होली की बधाई देकर प्रसादी के रूप में गुझिया वितरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने होलिका दहन कर प्रदेशवासियों को रंग पर्व की बधाई और मंगलकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि होली हम सबको रंगों से सराबोर कर देने वाला त्यौहार है। होली हमें एकजुट रहने की सीख देती है। हम सभी को अपने आपसी मतभेदों को भुलाकर होली से रंगपंचमी तक प्रेमपूर्वक यह त्यौहार मनाना चाहिए।  

Iran-Israel War के असर से दोहा में फंसी भारतीय बास्केटबॉल टीम, एमपी के तुशाल सिंह भी मुश्किल में

जबलपुर  पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और हवाई सेवाओं के बाधित होने के कारण भारतीय सीनियर पुरुष बास्केटबॉल टीम कतर की राजधानी दोहा में फंस गई है। 18 सदस्यीय दल में 12 खिलाड़ी शामिल हैं, जिनमें मध्य प्रदेश के जबलपुर में पदस्थ रेलवे खिलाड़ी तुशाल सिंह भी शामिल हैं। बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) के महासचिव कुलविंदर सिंह गिल के अनुसार भारतीय टीम एफआईबीए विश्व कप 2027 के एशियाई क्वालीफायर में भाग लेने 25 फरवरी को कतर पहुंची थी। टीम को शनिवार को अगला मुकाबला खेलने के लिए लेबनान रवाना होना था, लेकिन क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति और उड़ानों के रद्द होने के कारण पूरी टीम दोहा में ही रुक गई है। स्वदेश वापसी के प्रयास जारी पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और हवाई सेवाओं के बाधित होने के कारण भारतीय सीनियर पुरुष बास्केटबॉल टीम कतर की राजधानी दोहा में फंस गई है। 18 सदस्यीय दल में 12 खिलाड़ी शामिल हैं, जिनमें मध्य प्रदेश के जबलपुर में पदस्थ रेलवे खिलाड़ी तुशाल सिंह भी शामिल हैं। बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) के महासचिव कुलविंदर सिंह गिल के अनुसार भारतीय टीम एफआईबीए विश्व कप 2027 के एशियाई क्वालीफायर में भाग लेने 25 फरवरी को कतर पहुंची थी। टीम को शनिवार को अगला मुकाबला खेलने के लिए लेबनान रवाना होना था, लेकिन क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति और उड़ानों के रद्द होने के कारण पूरी टीम दोहा में ही रुक गई है। स्वदेश वापसी के प्रयास जारी

9 लोग, 1 बाइक: जान जोखिम में डालकर मौत की ओर बढ़ता सफर, वीडियो देखकर पुलिस के उड़े होश

कटनी एक मोटर साइकिल में कितने लोग सवार हो सकते हैं- दो, तीन या हद से हद चार… लेकिन क्या कभी 9 सवारी बैठे देखा है? यह नजारा देखकर बाइक निर्माता कंपनी भी अपना माथा पीट लेगी  |  कटनी जिले में एक हैरान कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक मोटरसाइकिल पर 9 लोग सवार हैं. बाइक चालक महिलाओं बच्चों सहित नौ सवारी बैठाकर बाइक चला रहा है. बगैर इस बात की चिंता किए कि जरा सी भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है  |  जान जोखिम में डालकर बाइक में नौ लोगों को बैठाने का यह नजारा न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाला है  |  बाइक की नंबर प्लेट में दिए गए नंबर MP 21 ZE 8630 से जाहिर होता है कि यह कटनी जिले के किसी ग्रामीण क्षेत्र का मामला है. बच्चों के हाथ में पिचकारी नजर आ रही है जिससे प्रतीत होता है कि परिवार होली पर्व की खरीददारी कर वापस लौट रहा है  |  एक बाइक पर 9 सवारी देखकर किसी ने इसका वीडियो बना लिया जो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं  |  वहीं, वीडियो वायरल होते ही पुलिस हरकत में आ गई है. यातायात थाना प्रभारी राहुल पांडे ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए वाहन चालक की तलाश शुरू कर दी गई है और संबंधित वाहन चालक की पहचान कर नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी  | 

तेल की कीमतों में उबाल, बाजार में हलचल: क्या भारतीय निवेशकों को चिंता करनी चाहिए? इतिहास से क्या सिखें?

नई दिल्ली  क्या पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव भारत की अर्थव्यवस्था की रफ्तार थाम सकता है? मिसाइल हमलों और जवाबी कार्रवाई की खबरों के बीच वैश्विक बाजारों में घबराहट साफ दिख रही है. 2 मार्च 2026 को निफ्टी 50 और सेंसेक्स करीब 1.8% तक फिसल गए, सरकारी बॉन्ड यील्ड में हल्की तेजी आई, ब्रेंट क्रूड लगभग 6% उछला और सोने की कीमतें 3% बढ़ीं. सवाल यह है कि क्या यह उथल-पुथल भारत की लंबी अवधि की विकास यात्रा को प्रभावित करेगी, या यह केवल एक अस्थायी झटका है? हालिया विश्लेषण में एक्सिस एसेट मैनेजमेंट (Axis Asset Management) ने साफ किया है कि भले ही अमेरिका-इजराइल बनाम ईरान टकराव ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई हो, लेकिन इतिहास बताता है कि ऐसे संघर्ष भारतीय शेयर बाजारों को लंबे समय तक पटरी से नहीं उतार पाए हैं. कच्चा तेल: भारत के लिए सबसे बड़ा जोखिम इस एनालिसिस के मुताबिक, भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है. इसलिए पश्चिम एशिया में अस्थिरता का सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ता है. यदि ईरान होरमुज जलडमरूमध्य को बाधित करता है, तो यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बड़ा खतरा होगा. दुनिया के लगभग 20% कच्चे तेल और 30% एलएनजी का व्यापार इसी रास्ते से गुजरता है, और भारत की करीब आधी ऊर्जा आपूर्ति भी इसी मार्ग पर निर्भर है. तेल की कीमतों में तेज उछाल से भारत का चालू खाता घाटा बढ़ सकता है, महंगाई दबाव में आ सकती है और विमानन, पेंट, सीमेंट तथा केमिकल जैसे सेक्टरों की लागत बढ़ सकती है. हालांकि, पिछले अनुभव बताते हैं कि जब तक तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची नहीं टिकतीं, तब तक शेयर बाजार स्थायी गिरावट का शिकार नहीं होते. रूस–यूक्रेन युद्ध के दौरान भी ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर गया था, लेकिन शुरुआती गिरावट के बाद बाजार संभल गए और साल अंत में सकारात्मक रिटर्न दिया. रुपये और विदेशी निवेश का असर भू-राजनीतिक तनाव के समय अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, जिससे उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव आता है. भारतीय रुपया भी इससे अछूता नहीं रहता. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की बिकवाली से रुपये में अस्थायी कमजोरी देखी जा सकती है. फिर भी भारत की मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार स्थिति, नियंत्रित चालू खाता घाटा और संतुलित राजकोषीय स्थिति सुरक्षा कवच का काम करती है. 2013 के टेपर टैंट्रम, 2020 की महामारी और 2022 के युद्ध जैसे दौर में भी रुपया दबाव में आया, लेकिन शेयर बाजारों में लंबी अवधि की गिरावट नहीं आई. आरबीआई की भूमिका और बाजार की मानसिकता रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) ऐसे समय में स्थिरता का अहम स्तंभ बनता है. केंद्रीय बैंक ने अतीत में अस्थायी महंगाई झटकों को नजरअंदाज करते हुए मूल महंगाई और विकास की स्थिरता पर ध्यान केंद्रित किया है. तरलता प्रबंधन के जरिए बाजार में भरोसा बनाए रखा गया है, ताकि घबराहट स्थायी संकट में न बदले. पिछले 15 वर्षों का इतिहास देखें तो हर बड़े संघर्ष के दौरान शुरुआती गिरावट आई, लेकिन बाजारों ने जल्द ही संतुलन पा लिया.     2014 के क्रीमिया संकट     2016 की सर्जिकल स्ट्राइक     2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक     2022 के रूस–यूक्रेन युद्ध     2023 के इजराइल–हमास संघर्ष इन सबके दौरान यही पैटर्न दिखा कि बाजार जल्द ही पटरी पर लौट आया. यहां तक कि 2025 के ऑपरेशन सिंदूर के समय भी शुरुआती घबराहट के बाद स्थिरता लौट आई. असल में बाजार भावनाओं से ज्यादा इस बात का आकलन करते हैं कि आर्थिक असर कितना लंबा और गहरा होगा. जब यह स्पष्ट हो जाता है कि सप्लाई चेन पर असर सीमित है और घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है, तो जोखिम प्रीमियम घटने लगता है और निवेशक दोबारा सक्रिय हो जाते हैं. लंबी अवधि के निवेशकों के लिए संदेश इतिहास बताता है कि संघर्षों के समय घबराकर बाजार से बाहर निकलना अक्सर नुकसानदेह साबित हुआ है. जिन्होंने गिरावट के दौरान निवेश छोड़ा, वे बाद की तेजी से चूक गए. इसलिए अनुशासन, विविधीकरण और लंबी अवधि की सोच ही ऐसे दौर में सबसे कारगर रणनीति मानी गई है. ईरान वाला तनाव गंभीर जरूर है, लेकिन भारतीय बाजारों के लिए यह कोई अनजाना अनुभव नहीं. शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव के बावजूद देश की विकास की कहानी घरेलू खपत, पूंजीगत व्यय, डिजिटलीकरण और मैन्युफैक्चरिंग विस्तार पर टिकी है. ऐसे में हर भू-राजनीतिक झटका स्थायी मोड़ नहीं, बल्कि अस्थायी विराम साबित हुआ है.  

फरवरी 2026 में कारों की बिक्री में तेजी, Tata की बिक्री 34% और Mahindra की 19% बढ़ी

 मुंबई  फरवरी 2026 के खत्म होते ही पैसेंजर व्हीकल्स निर्माता कंपनियों ने डीलरों को बेहतर बिक्री की जानकारी दी है, जिससे यह पता चलता है कि दुनिया भर में चल रही अनिश्चितताओं के बावजूद सभी सेगमेंट में डिमांड स्थिर है. कंपनियों की बिक्री ग्रोथ को काफी हद तक यूटिलिटी व्हीकल्स के माध्यम से सपोर्ट मिला, जो घरेलू मार्केट में छोटी कार सेगमेंट से बेहतर परफॉर्म कर रही हैं. ज़्यादातर बड़े मैन्युफैक्चरर्स ने साल-दर-साल बढ़त दर्ज की है, जिससे यह पता चलता है कि कस्टमर डिमांड मज़बूत बनी हुई है. इंडस्ट्री एग्जीक्यूटिव्स ने महीने के दौरान हेल्दी रिटेल मोमेंटम और कंट्रोल्ड डीलर इन्वेंट्री लेवल की ओर भी इशारा किया. Maruti Suzuki की बिक्री देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki से मिली जानकारी के अनुसार कंपनी ने फरवरी में घरेलू पैसेंजर व्हीकल्स की 1,61,000 यूनिट्स की होलसेल बिक्री की, जो एक साल पहले की 1,60,791 यूनिट से थोड़ी ज़्यादा है. जहां कॉम्पैक्ट कार सेगमेंट में बिक्री कम दर्ज हुई, वहीं यूटिलिटी गाड़ियों की बिक्री पिछले साल के 65,033 यूनिट से बढ़कर 72,756 यूनिट हो गई. इससे कंपनी का ओवरऑल परफॉर्मेंस बेहतर रहा. बिक्री के बारे में कंपनी ने कहा कि इस महीने कुल बिक्री 2.14 लाख यूनिट रही, जिसमें घरेलू होलसेल बिक्री 1.64 लाख यूनिट और रिटेल बिक्री साल-दर-साल 12 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि डीलर इन्वेंट्री 12 दिन की रही. कंपनी ने बताया कि मिडिल ईस्ट से इसके एक्सपोर्ट का लगभग 12.5 प्रतिशत हिस्सा आता है, और शिपमेंट लगभग 100 देशों में अलग-अलग तरह के होते हैं. Tata Motors की बिक्री इसके अलावा, Tata Motors Passenger Vehicles की बिक्री पर नजर डालें तो कंपनी ने फरवरी 2026 में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 34 प्रतिशत की ज्यादा बिक्री दर्ज की है, जोकि 62,329 यूनिट्स की रही, जो इसके पोर्टफोलियो में निरंतर मांग को दर्शाता है. Mahindra & Mahindra की बिक्री स्वदेशी एसयूवी निर्माता कंपनी Mahindra & Mahindra की बिक्री की बात करें तो कंपनी ने बताया कि घरेलू यूटिलिटी व्हीकल्स की बिक्री में 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और कंपनी ने 60,018 यूनिट्स की बिक्री की, जो SUV सेगमेंट में लगातार बढ़ोतरी को दिखाता है. Hyundai, Toyota और Kia की बिक्री Hyundai Motor India ने घरेलू बिक्री में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज करते हुए 52,407 यूनिट्स की बिक्री की. वहीं, Toyota Kirloskar Motor की घरेलू बिक्री 16 प्रतिशत बढ़कर 30,737 यूनिट्स हो गई. इसके अलावा, Kia India की बात करें तो कंपनी ने फरवरी 2026 में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हासिल करते हुए, 27,610 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की है, जबकि बीते साल इस समयावधि में यह बिक्री 25,026 यूनिट्स की थी.

Amazon ने कम की फीस, अब सस्ती होगी ऑनलाइन शॉपिंग, लाखों ग्राहकों को होगा लाभ

नई दिल्ली Amazon India ने एक बड़ा ऐलान किया है, जिसके बाद कस्टमर और सेलर को दोनों को फायदा होगा. नए फैसले के बाद 300 रुपये से कम कीमत वाले प्रोडक्ट पर 20 परसेंट शिंपिंग चार्ज में कटौती होने जा रही है. ऐमेजॉन के इस फैसले के फायदा सेलर और कस्टमर दोनों को होगा | 16 मार्च से 300-1000 रुपये की कीमत वाले प्रोडक्ट के लिए अपनी जीरो रेफरल फीस स्ट्रक्चर को एक्सपेंड किया गया है. इसमें 1,800 कैटेगरी के प्रोडक्ट्स शामिल हैं | रेफरल फीस क्या होती है? रेफरल फीस, असल में वह कमीशन होता है जिसको अमेरिका बेस्ड कंपनी अपने प्लेटफॉर्म पर सेल होने वाले हर एक आइटम के लिए वसूली करती है. यह प्रोडक्ट की कीमत के 2% से 16.5%  होती है| बीते साल अप्रैल ऐमेजॉन इंडिया ने 300 रुपये से कम कीमत वाले प्रोडक्ट पर लगने वाले सेलर रेफरल फीस को खत्म किया जा चुका है. अब कंपनी इसका दायरा बढ़ाने जा रही है | फीस रिवाइज में 300 रुपये से कम कीमत वाले प्रोडक्ट्स पर ईजी शिप फीस में 20 परसेंट की कटौती शामिल की गई है. ईजी शिप के तहत, सेलर्स अपने परिसर में प्रोडक्ट्स स्टोर करते हैं. वहीं, ऐमेजॉन पिकअप और डिलीवरी को संभालता है. ये सर्विस नए सेलर को काफी पसंद भी आ रही है | बीते साल फ्लिपकार्ट ने भी लिया था फैसला ऐमेजॉन से पहले फ्लिपकार्ट ने पिछले नवंबर 1,000 से कम कीमत वाले प्रोडक्ट्स के लिए जीरो कमीशन मॉडल शुरू किया था. इसके बाद फ्लिपकार्ट ने इसे अपने हाइपर-वैल्यू प्लेटफॉर्म शॉप्सी पर सभी प्रोडक्ट तक एक्सपेंड कर दिया है, फिर चाहें उनकी कीमत कुछ भी हो| मीशो ने 2022 में सबसे पहले जीरो-कमीशन मॉडल लॉन्च किया था वहीं, वैल्यू कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो ने 2022 में सबसे पहले जीरो-कमीशन मॉडल लॉन्च किया था. मीशू के इस मॉडल का उद्देश्य छोटे, मीडिया और बड़े बिजनेस को जोड़ना था. मीशो टियर-2 शहरों और उससे आगे के ग्राहकों पर फोकस करता है|

चंद्रग्रहण के कारण 3 मार्च को माँ शारदा के पट बंद, मैहर जाने वाले श्रद्धालु जानें कब खोले जाएंगे गर्भगृह के द्वार

सतना मैहर जिला में मौजूद त्रिकूट वासिनी माँ शारदा मंदिर में चंद्रग्रहण के अवसर पर मंदिर परंपरा अनुसार दर्शन व्यवस्था में परिवर्तन किया गया है। मंदिर प्रशासन एवं प्रधान पुजारी पवन महाराज द्वारा जारी सूचना के अनुसार 3 मार्च को सायं 5:00 बजे माता शारदा की आरती एवं पूजन संपन्न होने के पश्चात गर्भगृह के पट सायं 5:30 बजे बंद कर दिए जाएंगे। 4 मार्च को अभिषेक के बाद खुलेंगे पट बताया गया है कि 4 मार्च को माता का अभिषेक एवं विधिवत पूजा-अर्चना पूर्ण होने के बाद गर्भगृह के पट पुनः दर्शनार्थियों के लिए खोल दिए जाएंगे। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे दर्शन के लिए निर्धारित समय से पूर्व मंदिर परिसर पहुंचें तथा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। 3 मार्च को कितने बजे लग रहा चंद्रग्रहण 3 मार्च को दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शाम को 6 बजकर 47 मिनट तक चंद्रग्रहण रहेगा. सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर सूतक काल लग जाएगा. इस दौरान कोई भी शुभ काम, पूजा-पाठ नहीं होंगे. गर्भवती महिलाएं घर से बाहर नहीं निकल सकतीं. सूतक काल लगने के बाद से चंद्रग्रहण तक मंदिरों के पट बंद रहेंगे. एमपी के मैहर में त्रिकूट पर्वत पर विराजमान मां शारदा के दर्शन करने आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी कर दी गई है. ग्रहण के चलते मंदिरों के पट हो जाएंगे बंद 3 मार्च को लगने वाले चंद्रग्रहण के चलते मां शारदा मंदिर की दर्शन व्यवस्था में अस्थायी बदलाव किया गया है. मंदिर की प्राचीन धार्मिक परंपराओं और ग्रहण काल के नियमों का पालन करते हुए 3 मार्च की शाम को गर्भगृह के पट निर्धारित समय से पहले बंद कर दिए जाएंगे. मंदिर के प्रधान पुजारी पवन महाराज द्वारा जारी सूचना के अनुसार, श्रद्धालुओं से दर्शन के लिए निर्धारित समय का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो. 3 मार्च को शाम 5:30 बजे बंद होंगे गर्भगृह के पट मंदिर प्रशासन द्वारा जारी समय-सारणी के अनुसार 3 मार्च को चंद्रग्रहण के दिन शाम 5:00 बजे मां शारदा की सांध्यकालीन आरती व विशेष पूजन किया जाएगा. आरती के बाद ठीक शाम 5:30 बजे गर्भगृह के पट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ बंद कर दिए जाएंगे. पट बंद होने के बाद मंदिर के गर्भगृह में किसी भी श्रद्धालु को प्रवेश या दर्शन की अनुमति नहीं होगी. इसलिए मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे समय रहते मंदिर पहुंचकर दर्शन कर लें. ग्रहण समाप्ति के बाद 4 मार्च को होगा शुद्धिकरण चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद 4 मार्च को मंदिर के गर्भगृह का विधि-विधान से शुद्धिकरण किया जाएगा. इसके बाद मां शारदा का पवित्र जल से अभिषेक एवं विशेष पूजा-अर्चना संपन्न की जाएगी. पूजन और अभिषेक की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही गर्भगृह के पट दोबारा श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले जाएंगे. इसके बाद नियमित दर्शन व्यवस्था शुरू हो जाएगी. प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं मैहर मां शारदा मंदिर देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माना जाता है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. विशेष अवसरों और त्योहारों पर श्रद्धालुओं की संख्या लाखों तक पहुंच जाती है. चंद्रग्रहण के कारण दर्शन व्यवस्था में बदलाव होने से दूर-दराज से आने वाले भक्तों को पहले से जानकारी देना आवश्यक माना गया है. श्रद्धालुओं से समय का ध्यान रखने की अपील मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि जो भक्त 3 मार्च को दर्शन के लिए आने वाले हैं, वे शाम 5:30 बजे से पहले मंदिर परिसर पहुंच जाएं. निर्धारित समय के बाद दर्शन संभव नहीं होगा. प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से मंदिर परिसर में अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने व प्रशासन का सहयोग करने का भी अनुरोध किया है, ताकि सभी भक्तों को सुगमता से दर्शन का लाभ मिल सके. परंपराओं के पालन हेतु मंदिर प्रबंधन की अपील मंदिर प्रबंधन ने कहा है कि ग्रहण काल की परंपराओं के पालन हेतु यह व्यवस्था की गई है और सभी भक्तों से समय का विशेष ध्यान रखने का अनुरोध किया गया है।