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साय ने महिला पत्रकारों से साझा किया: पिता की मौत के बाद मां ने की दोनों की जिम्मेदारी पूरी

रायपुर  अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिला पत्रकारों से बातचीत में अपने निजी जीवन और महिलाओं के सशक्तिकरण पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि 10 साल की उम्र में पिता के निधन के बाद उनकी मां ने परिवार को संभाला और वही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा बनी। सीएम ने कहा कि 26 साल की उम्र में विधायक बनने के बाद पत्नी ने घर और बच्चों की जिम्मेदारी संभाली, जिससे उन्हें राजनीति में ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिला। घर में सभी फैसले सामूहिक रूप से लिए जाते हैं और परिवार की महिलाएं उन्हें हमेशा प्रोत्साहित करती हैं। महिला सशक्तिकरण पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पहले महिलाएं अधिकतर घर तक सीमित रहती थीं, लेकिन अब स्व-सहायता समूहों और सरकार की योजनाओं से महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। छत्तीसगढ़ में लगभग 8 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और सरकार का लक्ष्य इसे 10 लाख तक पहुंचाना है। बस्तर में नक्सलवाद के बाद महिलाओं के लिए विशेष योजनाओं का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। महिलाओं का योगदान प्रदेश की सामाजिक और आर्थिक प्रगति में निर्णायक है। घर की महिलाएं हमेशा प्रोत्साहित करती हैं सीएम साय ने कहा घर में कोई भी बड़ा फैसला हम सब मिलकर लेते हैं। मां हैं, पत्नि हैं सभी की राय ली जाती है। मेरे घर की महिलाएं हमेशा मुझे प्रोत्साहित करती है। मेरे ज्यादातर कपड़े श्रीमती जी खरीदतीं हैं सीएम ने कहा कि एक समय घर में सबके कपड़े मैं ही खरीदता था लेकिन 10 साल से बढ़ी व्यस्तता के कारण मेरे ज्यादातर कपड़े श्रीमति जी ही खरीदतीं हैं।

मिडिल ईस्ट संकट के कारण कीमती धातुओं में बढ़त, सोना 1.70 लाख के करीब, चांदी 3 लाख तक पहुंची

मुंबई  मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) के रूप में कीमती धातुओं (सोना-चांदी) में खरीदारी का रुख किया, जिससे इस सप्ताह भी सोने-चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली, साथ ही व्यापक कमोडिटी बाजार में अस्थिरता भी बढ़ी। हालांकि दिन के दौरान कुछ समय कीमतों में हल्की गिरावट और मुनाफावसूली देखने को मिली, लेकिन कुल मिलाकर सोने और चांदी की कीमतों का रुझान अभी भी मजबूत और तेजी वाला बना हुआ है। एमसीएक्स पर 2 अप्रैल की डिलीवरी वाले गोल्ड फ्यूचर्स में तेजी जारी रही और कीमतें 1,65,000 रुपए के रेजिस्टेंस स्तर को पार कर 1,69,880 रुपए तक पहुंच गईं। हालांकि शुक्रवार को कारोबार के अंत में सोना लगभग स्थिर रहा और 1,61,675 रुपए पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से थोड़ा कम था। वहीं, एमसीएक्स पर 5 मई की डिलीवरी वाले सिल्वर फ्यूचर्स में भी तेजी का रुख जारी रहा। चांदी की कीमत 2,85,000 रुपए के स्तर को पार कर लगभग 3,00,000 रुपए के करीब पहुंच गई। बाजार में इस दौरान काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, सोना और चांदी दोनों रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंचने के बाद इनमें हल्की गिरावट देखने को मिली, जबकि आपूर्ति बाधित होने की आशंका के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण ब्रेकआउट स्तरों के आसपास ट्रेडरों की भागीदारी बढ़ी है, लेकिन बाजार में अधिक अस्थिरता को देखते हुए जोखिम प्रबंधन पर ध्यान देना जरूरी है। एक्सपर्ट के अनुसार, तकनीकी संकेतक बताते हैं कि सोने की कीमतों में तेजी का रुझान बना हुआ है। अगर सपोर्ट स्तर मजबूत रहता है तो सोना 1,70,000 रुपए तक पहुंच सकता है। हालांकि यदि कीमत 1,57,000 रुपए से नीचे जाती है, तो गिरावट बढ़कर 1,50,000 रुपए तक जा सकती है। एक्सपर्ट का कहना है कि 2,55,000 से 2,65,000 रुपए का दायरा चांदी के लिए मजबूत मांग क्षेत्र बन चुका है। यदि तेजी जारी रहती है तो कीमत 3,00,000 से 3,05,000 रुपए तक जा सकती है। लेकिन यदि कीमत 2,60,000 रुपए से नीचे आती है, तो कुछ समय के लिए बाजार में स्थिरता या हल्की गिरावट देखी जा सकती है। इस सप्ताह अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कॉमेक्स गोल्ड फ्यूचर्स मजबूत रहे और 5,158 से 5,181 डॉलर के दायरे में कारोबार करते दिखे, जो पिछले बंद स्तर 5,078 से 5,099 डॉलर से अधिक है। वहीं, कॉमेक्स सिल्वर फ्यूचर्स में भी अच्छी तेजी देखी गई और यह लगभग 84.31 डॉलर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान इसका उच्चतम स्तर 85.34 डॉलर और न्यूनतम स्तर 81.79 डॉलर रहा।

Punjab Budget 2026: लुधियाना में मेडिकल कॉलेज, ₹250 करोड़ वाटर प्रोजेक्ट, हलवारा एयरपोर्ट से जल्द उड़ानें

चंडीगढ़  पंजाब सरकार के आज पेश किए गए बजट में औद्योगिक राजधानी लुधियाना को बड़ी सौगातें मिली हैं। सरकार ने स्वास्थ्य,कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं।  सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि लुधियाना को अब सिर्फ उद्योगों के शहर के रूप में नहीं बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। शहर में सरकारी मेडिकल कॉलेज बनने से स्थानीय छात्रों को मेडिकल की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के विद्यार्थियों को भी बड़ा फायदा मिलेगा। साथ ही शहर में डॉक्टरों और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता भी बढ़ेगी। बजट में लुधियाना के लिए ₹250 करोड़ की लागत से वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट की घोषणा की गई है। इस प्रोजेक्ट के तहत शहर के पुराने और जर्जर जल सप्लाई नेटवर्क को अपग्रेड किया जाएगा। इसके पूरा होने के बाद उन इलाकों में भी 24 घंटे स्वच्छ पानी की आपूर्ति संभव हो सकेगी जहां लोग लंबे समय से पानी की कमी से जूझ रहे हैं। हलवारा एयरपोर्ट से जल्द शुरू होंगी उड़ानें हलवारा एयरपोर्ट टर्मिनल का काम पूरा हो चुका है और बजट में इसके लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य जल्द से जल्द यहां से कमर्शियल फ्लाइट्स शुरू करना है। हलवारा एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यात्रियों को छोटे विमानों वाले साहनेवाल एयरपोर्ट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यहां से बड़े विमानों की उड़ानें संभव होंगी जिससे दिल्ली और अन्य बड़े शहरों की यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। बजट से लुधियाना को क्या होगा फायदा जानकारी देते हुआ पंकज शर्मा ने कहा व्यापार होजरी और साइकिल उद्योग के कारोबारियों को देश-विदेश से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। रोजगार, मेडिकल कॉलेज और एयरपोर्ट के आसपास होटल, मार्केट और लॉजिस्टिक्स में हजारों रोजगार बनेंगे। हलवारा और शहर के बाहरी इलाकों में जमीन की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना, स्वास्थ्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए शहर में ही उन्नत मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध होंगी।  विशेषज्ञों का मानना है कि ₹250 करोड़ का वाटर प्रोजेक्ट शहर के गिरते भूजल स्तर को नियंत्रित करने में मदद करेगा। वहीं हलवारा एयरपोर्ट शुरू होने से लुधियाना का एक्सपोर्ट बिजनेस करीब 30% तक बढ़ सकता है, क्योंकि सैंपल और जरूरी माल भेजने में समय की काफी बचत होगी। कुल मिलाकर यह बजट लुधियाना के विकास के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मेडिकल कॉलेज और एयरपोर्ट जैसे प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में शहर की अर्थव्यवस्था और जीवनशैली दोनों को नई दिशा दे सकते हैं।

निशांत कुमार की जदयू में एंट्री, सदस्यता लेते ही बिहारवासियों से कही ये अहम बात

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार जनता दल यूनाईटेड में शामिल हो चुके हैं। वीर चंद्र पटेल रोड स्थित जदयू प्रदेश कार्यालय में हजारों कार्यकर्ताओं के बीच कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने निशांत को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस दौरान सीएम नीतीश कुमार वहां मौजूद नहीं थे। जदयू में शामिल होने के बाद निशांत ने कहा कि मैं जदयू के कार्यकर्ता, नेता और बिहार की जनता को नमन करता हूं। मैं आज से पार्टी का सदस्य बन चुका हूं। एक कार्यकर्ता के रूप में मैं सेवा करता रहूंगा। मेरे पिता ने राज्यसभा जाने की घोषणा की है। यह उनका निजी फैसला है। मैं इस फैसले का आदर करता हूं और इसे स्वीकार करता हूं। उन्होंने कहा कि बिहार और देश की जनता से अपील करता हूं कि पिताजी पर विश्वास बनाए रखें। जनता को क्या मैसेज दिया निशांत ने? निशांत कुमार ने कहा कि मेरे पिता ने बिहार की जनता के लिए जो काम किया है, उसे मैं आगे बढ़ाने का काम करूंगा। आप सब ने जो विश्वास किया, उस पर खड़ा उतरने की कोशिश करूंगा। जनता के हृदय में खड़ा उतरने की कोशिश करूंगा। मेरे पिता ने जनता के लिए जो किया, वह सबको याद रहेगा। जनता को मेरे पिता पर गर्व है। वह अपना जीवन बिहार के लिए समर्पित कर दिया। आज से मैं राजनीतिक जीवन की शुरुआत कर रहा हूं। अभी मुझे बहुत कुछ सीखना है। इसके लिए मुझे जनता का आशीर्वाद चाहिए। मैं आप सभी को नमन करता हूं। पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद निशांत कुमार ने जदयू के वरिष्ठ नेताओं के पैर छूकर उनसे आशीर्वाद लिया। इसके बाद कार्यकर्तओं का धन्यवाद किया। इधर, जदयू दफ्तर में सुबह से राज्य के सभी जिलों से वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता पहुंचे। कई कार्यकर्ता घोड़ा और हाथी लेकर पहुंचे। सीएम नीतीश कुमार और निशांत के समर्थन में नारेबाजी करते रहे। जदयू कार्यकर्ताओं ने कहा कि आज हमलोगों के बहुत बड़ा दिन है। निशांत पार्टी में शामिल हुए इससे हमलोगों में काफी खुशी है। वह भी इंजीनियर हैं। नीतीश कुमार की तरह ही वह भी बिहार के विकास का काम करेंगे। इधर, जदयू कार्यकर्ताओं की भीड़ को देखते हुए जदयू कार्यालय में पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है। समर्थकों में उत्साह है। निशांत ने पूरे बिहार का दौरा करने का फैसला किया जदयू के वरिष्ठ नेता और एमएलसी नीरज कुमार ने बताया कि आज पार्टी के लिए बड़ा दिन है। निशांत कुमार पार्टी में शामिल हो चुके हैं। सदस्यता ग्रहण करने के बाद उन्होंने पूरे बिहार का दौरा करने का फैसला किया है और वह जल्द ही संगठन से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। निशांत कुमार की जदयू में एंट्री का सभी विधायकों, सांसदों और विधान परिषद् सदस्यों ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह निशांत का राजनीति में शामिल होना, मास्टर स्ट्रोक है। इससे कितने लोग परेशान हो जाएंगे? यह आने वाला समय बताएगा। पार्टी सूत्रों की मानें तो निशांत कुमार को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि हमलोग चाहते हैं निशांत ही बिहार के मुख्यमंत्री बनें। नीतीश कुमार के बाद वह अच्छे तरीके से राज्य संभाल सकते हैं। एक दिन पहले निशांत ने पार्टी नेताओं के साथ बैठक की थी एक दिन पहले यानी शनिवार को निशांत कुमार ने जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा के आवास पर पार्टी के विधायकों के साथ बैठक की थी। इसमें मंत्री श्रवण कुमार समेत पार्टी के अन्य नेता भी शामिल हुए थे। निशांत ने कई बातों पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से अपनी राय भी ली थी।  

दुबई की सड़क पर खुशी मुखर्जी को शख्स ने मारा थप्पड़, रोते हुए सुनाई आपबीती—डरी हुई हूं, कोई मदद नहीं कर रहा

दुबई अपने बोल्ड कपड़ों के कारण हमेशा ही विवादों में रहने वालीं खुशी मुखर्जी ने अब रोते हुए एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें बता रही हैं कि दुबई की सड़कों पर कोई उन्हें थप्पड़ मारकर निकल गया। हाल ही रैपर सैंटी शर्मा ने खुशी मुखर्जी का एक वीडियो देख कह दिया था कि ऐसी लड़कियों की वजह से ही भारत में रेप ज्यादा होते हैं। उन्होंने खुशी मुखर्जी के बेहद रिवीलिंग और अतरंगी कपड़े पब्लिक के बीच पहनने पर सवाल उठाए थे। और अब कोई खुशी मुखर्जी को थप्पड़ मार गया, जिससे एक्ट्रेस बुरी तरह रोने लगीं। खुशी मुखर्जी को दुबई में सड़क पर पड़ा थप्पड़, सुनाई आपबीती खुशी मुखर्जी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह सड़क पर रोते हुए नजर आ रही हैं। वह बोल रही हैं, ‘रात के 9 बज रहे हैं और एक आदमी बाइक पर जा रहा था और मुझे थप्पड़ मारकर चला गया। मैं सड़क पर थी। पुलिस स्टेशन में जाकर भी क्या होगा। सड़कों पर कैमरे तो लगे नहीं हैं।’ वीडियो में खुशी मुखर्जी बता रही हैं कि सड़क पर कोई लगातार उनका पीछा भी कर रहा है। वीडियो में खुशी बार-बार पीछे मुड़कर देखती हैं और फिर तेजी से चलने लगती हैं। खुशी मुखर्जी ने लिखा- कुछ लोग मुझसे पुराना बदला ले रहे हैं इस वीडियो को शेयर कर खुशी मुखर्जी ने इंस्टाग्राम पर लिखा है, ‘कुछ लोग बेवजह ही मुझसे पुराना बदला ले रहे हैं। इस बार तो ऐसा लग रहा है जैसे मैं अकेली ही पूरी दुनिया से लड़ रही हूं। पुलिस भी कोई मदद नहीं कर रही। पुलिस स्टेशन खाली पड़ा है। यहां तक कि महिला अधिकारी भी इस मामले में कोई कार्रवाई करने से कतरा रही हैं। खैर, दुबई भी कोई अलग नहीं है। लगता है पूरी दुनिया ने हमें शरिया कानून फॉलो करने के लिए दबाना शुरू कर दिया है।’ खुशी मुखर्जी के वीडियो पर यूजर्स ने किया रिएक्ट खुशी मुखर्जी के इस वीडियो पर यूजर्स के काफी रिएक्शन आ रहे हैं। वो खुशी से पूछने लगे कि क्या वह ठीक हैं। उनके साथ क्या हुआ है। हालांकि, कुछ ऐसे भी थे, जिन्होंने यह कहकर खुशी का मजाक उड़ाना शुरू कर दिया कि वह सब पब्लिसिटी के लिए कर रही हैं। कौन हैं खुशी मुखर्जी ? खुशी मुखर्जी पेशे से एक टीवी एक्ट्रेस हैं और उन्होंने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी। वह ‘स्प्लिट्सविला’ जैसा रियलिटी शो भी कर चुकी हैं। उन्होंने कुछ टीवी शोज और सीरीज भी की हैं, जिनमें ‘बालवीर’, ‘रीति रिवाज’, ‘नादान’ और ‘देविका’ जैसे नाम शामिल हैं। खुशी मुखर्जी ने साउथ की फिल्मों में भी काम किया है। वह साल 2013 में तमिल फिल्म ‘अंजल थुरई’ में नजर आईं। इसके अलावा वह तेलुगु और हिंदी फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं। उनकी हिंदी फिल्म का नाम ‘श्रृंगार’ था, जो 2013 में आई।

पंजाब सरकार का बड़ा कदम: हेल्थ सेक्टर को बढ़ावा, आम जनता के लिए 143 क्लीनिक तैयार

चंडीगढ़ पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया है। राज्य के बजट में हेल्थ सेक्टर के लिए ₹6,879 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय बढ़ोतरी मानी जा रही है। सरकार का लक्ष्य सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और राज्य के नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। 143 नए आम आदमी क्लीनिक खुलेंगे बजट में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए 143 नए आम आदमी क्लीनिक खोलने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही कई स्वास्थ्य केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं के साथ अपग्रेड किया जाएगा। इन क्लीनिकों के जरिए लोगों को मुफ्त दवाइयां, जांच और प्राथमिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे आम नागरिकों को अस्पतालों पर निर्भरता कम करनी पड़ती है। मौजूदा क्लीनिकों से लाखों लोगों को लाभ राज्य में पहले से चल रहे आम आदमी क्लीनिकों का नेटवर्क तेजी से बढ़ा है। वर्तमान में सैकड़ों क्लीनिक संचालित हो रहे हैं, जहां अब तक करोड़ों मरीज उपचार प्राप्त कर चुके हैं। इन केंद्रों पर कई प्रकार की जांच और आवश्यक दवाइयां मुफ्त उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हुई हैं। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना से कैशलेस इलाज सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना को भी विस्तार दिया है। इस योजना के तहत राज्य के लाखों परिवारों को हर साल ₹10 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। यह सुविधा सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में लागू है, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज का आर्थिक बोझ कम करने का प्रयास किया गया है। अस्पतालों के आधुनिकीकरण और भर्ती पर फोकस बजट में जिला और उप-जिला अस्पतालों के आधुनिकीकरण के लिए भी धनराशि तय की गई है। नई मेडिकल मशीनें, उपकरण और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ डॉक्टरों और नर्सों की भर्ती पर भी जोर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना और लोगों तक गुणवत्तापूर्ण इलाज पहुंचाना है। पंजाब बजट 2026 में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, क्लीनिक नेटवर्क बढ़ाने और कैशलेस इलाज जैसी योजनाओं पर विशेष फोकस दिखाई देता है। सरकार का मानना है कि इन पहलों से राज्य में स्वास्थ्य सुविधाएं अधिक सुलभ और प्रभावी बनेंगी।

राजनांदगांव में मार्च की शुरुआत में 38° पारा, अगले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी, मौसम रहेगा ड्राई

रायपुर  छत्तीसगढ़ में मार्च के पहले सप्ताह से ही गर्मी का असर तेज होने लगा है। दिन में तेज धूप और साफ मौसम के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब दो डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। बढ़ती गर्मी के कारण अब कई घरों में एसी और कूलर भी चालू होने लगे हैं।  मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहा और कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई। इस दौरान सबसे अधिक अधिकतम तापमान राजनांदगांव में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में लगभग 15 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। मौसम एक्सपर्ट के अनुसार उड़ीसा और उसके आसपास के क्षेत्र में लगभग 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसी क्षेत्र से एक द्रोणिका उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश तक उत्तर छत्तीसगढ़ से होते हुए लगभग 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैली हुई है। हालांकि इन मौसमी परिस्थितियों का प्रदेश के मौसम पर फिलहाल कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा और अधिकतम तथा न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि मार्च के दूसरे सप्ताह में गर्मी का असर धीरे-धीरे और बढ़ सकता है। राजधानी रायपुर में रविवार सुबह हल्की धुंध देखने को मिल सकती है। इसके बाद दिन में आसमान साफ रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार आज अधिकतम तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। रायपुर में आज हल्की धुंध के आसार राजधानी के लिए जारी स्थानीय पूर्वानुमान के मुताबिक आज (8 मार्च) को शहर में हल्की धुंध (हेज) रहने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। अगले दो दिन भी मौसम रहेगा शुष्क मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल कोई सिनोप्टिक सिस्टम सक्रिय नहीं है। इसी कारण अगले दो दिनों तक पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है। साथ ही कहीं भी बारिश या मौसम से जुड़ी कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।. फरवरी में ठंड कम रही रायपुर की बात करें तो जनवरी की तरह फरवरी महीने में भी आसमान आमतौर पर साफ बना रहता है और सतही हवाएं हल्की रहती हैं। हालांकि उत्तर भारत से गुजरने वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से कभी-कभार मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। फरवरी के आखिरी में मौसम में बदलाव देखने को मिला, दो-तीन दिन कहीं-कहीं बारिश की स्थिति बनी रही। इस दौरान बादल छाने के साथ गरज-चमक और बारिश की स्थिति बनती हैं। कुछ मौकों पर आंधी, ओलावृष्टि और तेज हवाएं भी चलती हैं। सर्दियों का असर कम होते ही न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगता है। कुछ स्थितियों में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस से नीचे भी चला जाता है। इसके साथ ही कुछ वर्षों में फरवरी महीने में अच्छी बारिश भी रिकॉर्ड की गई है। रायपुर में 1893 को पड़ी थी सबसे ज्यादा ठंड रायपुर में फरवरी महीने में अब तक की सबसे ज्यादा ठंड 9 फरवरी 1893 को पड़ी थी। उस दिन तापमान सिर्फ 5 डिग्री तक गिर गया था। वहीं सबसे ज्यादा गर्म दिन 28 फरवरी 2009 रहा, जब तापमान 38 डिग्री तक पहुंच गया था। यानी फरवरी में भी कभी-कभी मई जैसी गर्मी पड़ सकती है। 4 फरवरी 1917 को सिर्फ 24 घंटे में 57.4 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। यह फरवरी के लिहाज से बहुत ज्यादा बारिश मानी जाती है। इसके अलावा 1901 में फरवरी महीने के दौरान कुल 118.9 मिमी बारिश हुई थी। दिन में तेज धूप से बढ़ रही गर्मी मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय दिन में धूप तेज हो रही है, जबकि रात का तापमान अपेक्षाकृत कम है। यही कारण है कि सुबह और रात में हल्की ठंडक महसूस हो रही है, लेकिन दोपहर के समय गर्मी बढ़ने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार मार्च के मध्य तक प्रदेश में तापमान और बढ़ सकता है, जिससे गर्मी का असर और स्पष्ट होने की संभावना है। 

बिलासपुर में खामेनेई की मौत पर जश्न, मिठाइयां बांटी, हिंदू संगठन के नेता ने की आपत्तिजनक टिप्पणी

बिलासपुर  बीते 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयत उल्लाह अली खामेनेई शहीद हो गए. खामेनेई की मौत के बाद दुनियाभर के कई देशों इसकी खूब आलोचना की. वहीं, भारत में दक्षिणपंथी संगठन लगातार उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद जश्न मना रहे हैं. इसी तरह का एक मामला छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से सामने आया है और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हड़कंप मच गया। मामला बिलासपुर जिले का है, जहां हिंदू संगठन से जुड़े ठाकुर राम सिंह के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में पुलिस के जरिये एफआईआर दर्ज किया गया है. बताया जा रहा है कि आरोपी ठाकुर राम सिंह ने मुस्लिम धर्मगुरु और ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयत उल्लाह अली खामेनेई को लेकर सोशल मीडिया पर एक विवादित टिप्पणी पोस्ट की थी. इतना ही नहीं, उसने आयत उल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर सुनकर जश्न मनाते हुए मिठाई बांटी। आरोपी राम सिंह ने एक वीडियो भी अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट की है, जिसमें वह आयत उल्लाह अली खामेनेई की मौत पर मातम मनाने वालों को अपशब्द कहता हुआ दिखाई पड़ रहा है. राम सिंह इस वीडियो में बहुसंख्यक समुदाय को मुसलमानों के खिलाफ उकसाते हुए कहा कि "हिंदूओं जागों और इन लोगों को पहचानों जो भारत में रहकर, भारत को खोखला करने की कोशिश कर रहे हैं." आरोपी ने वीडियो में भारतीय मुसलमानों को देशद्रोही बताते हुए गालियां दी और उन्हें पीएम मोदी से मुस्लिम बहुल देश में भेजने की मांग की है। इस घटना की जानकारी सामने आने के बाद मुस्लिम समुदाय के साथ इंसाफ पसंद लोगों में भारी आक्रोश फैल गया. समुदाय के लोगों ने इस पूरे मामले को लेकर आपत्ति जताई और इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया. ईरान को उन्होंने भारत का मित्र देश बताया है. बता दें, हालिया दिनों ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर भारत ने दुख जताया है. भारत सरकार की ओर से ईरान के प्रति संवेदना व्यक्त की गई है. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने गुरुवार (5 मार्च) को नई दिल्ली में ईरान के राजदूत से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने ईरानी दूतावास पहुंचकर खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त किया और शोक-पुस्तिका (कंडोलेंस बुक) में अपनी संवेदना दर्ज की।  भारत सरकार के जरिये ईरान को मित्र देश बताते हुए शोक व्यक्त करने और दूसरी तरफ हिंदूवादी संगठनों के जरिये खामेनेई की मौत पर जश्न मनाने की घटना के बाद समुदाय के प्रतिनिधियों ने पुलिस के पास पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की संवेदनशीलत और गंभीरता को देखते हुए पुलिस हरकत में आ गई। बिलासपुर जिले की सरकंडा थाना पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद आरोपी ठाकुर राम सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 और धारा 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है. सोशल मीडिया पोस्ट और उससे जुड़े अन्य पहलुओं को भी जांच के दायरे में लिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और पूरे प्रकरण की सूक्ष्मता से जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि इस मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी, ताकि क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखा जा सके।

पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति मुर्मू के प्रोटोकॉल उल्लंघन पर मायावती भड़कीं, उठाए सवाल

लखनऊ  पश्चिम बंगाल दौरे पर गईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम से जुड़े प्रोटोकॉल विवाद पर बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने रविवार को कहा कि संवैधानिक पदों का सम्मान होना चाहिए व उनका राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। मायावती ने 8 मार्च को अपने ट्वीट में लिखा, "भारतीय संविधान के आदर्श व मान-मर्यादा के मुताबिक सभी को राष्ट्रपति पद का सम्मान करना एवं इनके प्रोटोकाल का भी ध्यान रखना जरूरी तथा इस पद का किसी भी रूप में राजनीतिकरण करना ठीक नहीं है। वर्तमान में देश की राष्ट्रपति एक महिला होने के साथ-साथ वे आदिवासी समाज से भी हैं। लेकिन अभी हाल ही में पश्चिम बंगाल में उनके दौरे के लेकर जो कुछ भी हुआ वह नहीं होना चाहिए था। यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण।" बसपा अध्यक्ष ने अपने ट्वीट में आगे लिखा, "इसी प्रकार, पिछले कुछ समय से संसद में भी खासकर लोकसभा अध्यक्ष के पद का भी जो राजनीतिकरण कर दिया गया है, यह भी उचित नहीं है। सभी को संवैधानिक पदों का दलगत राजनीति से ऊपर उठकर आदर-सम्मान व उनकी गरिमा का भी ध्यान रखना चाहिये तो यह बेहतर होगा। इसी क्रम में संसद का कल से शुरू हो रहा सत्र देश व जनहित में पूरी तरह से सही से चले, यही लोगों की अपेक्षा व समय की भी माँग।"

CM नायब सैनी ने होला मोहल्ला में की शिरकत, कहा- वीरता और आध्यात्मिकता से मिलती है जीवन की दिशा

सिरसा सीएम नायब सैनी ने नामधारी समाज के इतिहास की सराहना करते हुए कहा, "नामधारी समाज का इतिहास त्याग और बलिदान की ऐसी गाथा है, जिस पर न सिर्फ हरियाणा बल्कि पूरे देश को गर्व है। उन नामधारी वीर शहीदों को नमन, जिन्होंने तोप के गोलों के सामने हंसते-हंसते कुर्बानी दी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज सिरसा जिले में आयोजित होला मोहल्ला के समापन समारोह में शिरकत की। मुख्य रूप से मस्तानगढ़ या जीवन नगर क्षेत्र में नामधारी समाज द्वारा आयोजित इस गौरवशाली पर्व में पहुंचकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां आकर उन्हें गर्व की अनुभूति हो रही है।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "यह कार्यक्रम हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति, वीरता और परंपरा का जीवंत प्रतीक है। होला मोहल्ला केवल रंगों का त्यौहार नहीं, बल्कि अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का संकल्प और पुरुषार्थ का प्रतीक है। जीवन में आध्यात्मिकता और वीरता का संतुलन आवश्यक है, और ऐसा होला मोहल्ला हमें सीख देता है।"  उन्होंने नामधारी समाज के इतिहास की सराहना करते हुए कहा, "नामधारी समाज का इतिहास त्याग और बलिदान की ऐसी गाथा है, जिस पर न सिर्फ हरियाणा बल्कि पूरे देश को गर्व है। उन नामधारी वीर शहीदों को नमन, जिन्होंने तोप के गोलों के सामने हंसते-हंसते कुर्बानी दी।"मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "हरियाणा सरकार हर सामाजिक और धार्मिक प्रयास में आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।" इस अवसर पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की भी प्रदेशवासियों को बधाई दी और महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया।होला मोहल्ला सिख परंपरा में गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा शुरू किया गया पर्व है, जिसमें निशानेबाजी, घुड़सवारी, मार्शल आर्ट्स और धार्मिक उत्साह दिखाया जाता है। नामधारी समुदाय द्वारा मस्तानगढ़ जैसे स्थानों पर बड़े स्तर पर मनाया जाता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।