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लवकुश पूजन के साथ संस्कार सेवा समिति का आयोजन, समाजजनों की उमड़ी भीड़

सम्मान समारोह, हनुमान चालीसा पाठ और संस्कारमयी गीतों से गूंजा कार्यक्रम बड़वानी क्षत्रिय कुशवाह समाज द्वारा संस्कार सेवा समिति के तत्वावधान में भगवान लवकुश की पूजा-अर्चना कर भव्य धार्मिक एवं संस्कारमय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के धर्म, संस्कृति और संस्कारों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर क्षत्रिय कुशवाह समाज बड़वानी-खरगोन-धार के जिला अध्यक्ष रमेशचंद्र कुशवाह (मानवर) तथा संस्कार सेवा समिति के प्रमुख ओमप्रकाश कुशवाह (धामनोद) का तिलक कर सम्मान एवं स्वागत किया गया। कार्यक्रम में जिला महासचिव एवं ग्राम इकाई बड़वानी के अध्यक्ष नंदराम कुशवाह, भगीरथ कुशवाह एवं रामू कुशवाह ने मधुर स्वर में हनुमान चालीसा का पाठ किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और उपस्थित समाजजनों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया। संस्कार सेवा समिति के प्रमुख ओमप्रकाश कुशवाह ने अपने मधुर गीतों के माध्यम से समाज के बच्चों को शिक्षा, अच्छे संस्कार तथा माता-पिता की सेवा का संदेश दिया। वहीं जिला अध्यक्ष रमेशचंद्र कुशवाह ने गो माता की सेवा, संरक्षण और पालन-पोषण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गाय हमारी माता के समान है और उसकी सेवा करना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन, महिला मंडल, बच्चे एवं युवा साथी उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में धार्मिक एवं संस्कारमय वातावरण बना रहा।

हाईकोर्ट की महिला जज का बड़ा खुलासा: मेरे चैंबर में घुस आया था शख्स, फिर हुई जमकर पिटाई

ओडिशा ओडिशा हाईकोर्ट की जज सावित्री राठो ने रविवार को खुलकर अपनी कानूनी पेशे की यात्रा पर बात की। उन्होंने बताया कि शुरुआत में एक शख्स उनके पीछे पड़ गया था और वह जहां भी जातीं, वहां पहुंच जाता। उन्होंने बताया कि बाद में उस शख्स की जमकर कुटाई भी हुई थी। जस्टिस राठो ने बताया कि कैसे पारिवारिक परेशानी के कारण कॉलेजियम की सिफारिश के बाद भी उनके नाम पर विचार नहीं किया गया। पीछे पड़ गया था एक शख्स बार एंड बेंच के अनुसार, जस्टिस राठो ने बताया कि जब उन्होंने कानूनी पेशे की शुरुआत की, तब एक शख्स उनके पीछे पड़ गया था। उन्होंने कहा कि वह कोर्ट में जहां भी जातीं, वह उनके पीछे आ जाता। उन्होंने बताया कि बात तब बढ़ गई थी, जब वह उनके चैंबर में तक घुस आया था। जस्टिस राठो ने कहा, 'जब मैंने प्रेक्टिस शुरू की, तो एक शख्स मेरा पीछा करने लगा था। मुझे लगा कि वह हमेशा कोर्ट में है। मेरे पुरुष सहकर्मियों ने मेरी मदद की। एक बार वह मेरे चैंबर में भी आ गया था, लेकिन मैंने ऐसे दिखाया कि मैंने उसे देखा ही नहीं। हालांकि, बाद में उसकी जमकर कुटाई हुई थी।' जज बनने में हुई दिक्कत जस्टिस राठो ने कहा कि कॉलेजियम की तरफ से जज बनने के लिए दो बार उनके नाम की सिफारिश भी की गई थी। उन्होंने कहा, 'मेरे नाम की दो बार सिफारिश की गई थी, लेकिन जो इंचार्ज थे, उन्होंने इसे नहीं माना। उन्हें मेरे परिवार से कुछ परेशानी थी।' पुरुष सहकर्मियों की तारीफ की उन्होंने कहा कि ये आम धारणा है कि इस पेशे में हमेशा एक महिला दूसरी महिला की मदद करती है। उन्होंने कहा कि उनका अनुभव अलग रहा है। जज ने बताया कि करियर की शुरुआत में पुरुष सहकर्मियों ने उनकी काफी मदद की है। उन्होंने कहा कि कई वकील जज लेनदेन के कारण जज बनने में संकोच करते हैं, लेकिन वो उनके लिए कभी चिंता की बात नहीं रही। जस्टिस राठो अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर सुप्रीम कोर्ट में आयोजित Half the Nation – Half the Bench थीम पर पहली नेशनल कॉन्फ्रेंस में बोल रहीं थीं। यह आयोजन सीनियर एडवोकेट शोभा गुप्ता और महालक्ष्मी पवानी की तरफ से आयोजित किया गया था।  

कंपनियों ने रोकी कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति, हालात बिगड़ने की आशंका

लुधियाना अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान सहित दर्जनों खाड़ी देशों पर किए जा रहे मिसाइल हमलों के बाद अब देश भर में पेट्रोल डीजल और एलपीजी गैस का संकट मंडराने लगा है मौजूदा हालात कुछ यूं बन चुके हैं कि देश की तीनों प्रमुख गैस कंपनियों द्वारा कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद कर दी गई है जिसके कारण आने वाले दिनों में हालत बिगड़ने की संभावना बढ़ने लगी है l केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय सहित गैस कंपनियो के द्वारा जहां घरेलू उपभोक्ताओं को रसोई गैस सिलेंडर की सप्लाई देने के लिए कई तरह के नियम और शर्तें लागू की गई है वहीं 5,19 और 425 किलो ग्राम वाले जंबो कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद होने के कारण व्यापारिक संस्थानों सहित औद्योगिक घरानों में भी संकट गहराने के आसार बन गए हैं l बताया जा रहा है कि गैस कंपनियों के प्लांट्स पर कमर्शियल गैस सिलेंडर का कोटा भरने के लिए गाड़ियों की बड़ी लाइन लगी हुई है  जबकि कंपनियों द्वारा डीलरों को कोर जवाब देकर सप्लाई देने से हाथ खड़े कर दिए गए हैं जिसके चलते सिस्टम पूरी तरह से तहस-नहस  पड़ने का संकट तेजी के साथ बढ़ाने की संभावनाएं बनती जा रही है जो कि आने वाले दिनों में आम लोगों के साथ ही बड़े औद्योगिक घरानों की आर्थिक और व्यापारिक दशा पर बड़ी मार मरेगा और वही बेरोजगारी बढ़ने से देशभर में एक बार फिर से कोरोना महामारी जैसे गंभीर हालत पैदा कर सकता है l  

Samsung ला रहा है पावरफुल स्मार्टफोन: 6000mAh बैटरी और 50MP कैमरा, 17 मार्च को लॉन्च

नई दिल्ली स्मार्टफोन बाजार में एक और दमदार एंट्री होने वाली है. सैमसंग ने अपने नए स्मार्टफोन Samsung Galaxy M17e 5G की लॉन्च डेट का ऐलान कर दिया है. यह फोन 17 मार्च को भारत में लॉन्च होगा और इसमें बड़ी बैटरी, हाई रिफ्रेश रेट डिस्प्ले और लेटेस्ट सॉफ्टवेयर जैसे कई फीचर्स मिलेंगे. कंपनी के मुताबिक यह फोन खास तौर पर रोजमर्रा के काम, एंटरटेनमेंट और बेहतर परफॉर्मेंस के लिए डिजाइन किया गया है. इसमें 50MP कैमरा, 120Hz डिस्प्ले और MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर जैसे फीचर्स दिए गए हैं. 17 मार्च को भारत में लॉन्च होगा नया Galaxy M17e 5G सैमसंग ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि Samsung Galaxy M17e 5G को भारत में 17 मार्च को लॉन्च किया जाएगा. हालांकि कंपनी ने अभी इसकी कीमत का खुलासा नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह मिड-रेंज सेगमेंट में पेश किया जाएगा. फोन दो आकर्षक रंगों Vibe Violet और Blitz Blue में उपलब्ध होगा. सैमसंग का कहना है कि यह डिवाइस उन यूजर्स के लिए तैयार किया गया है जो लंबे समय तक बैटरी, स्मूथ डिस्प्ले और भरोसेमंद परफॉर्मेंस चाहते हैं. लॉन्च के बाद यह ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्लेटफॉर्म पर बिक्री के लिए उपलब्ध हो सकता है. 6.7-इंच 120Hz डिस्प्ले और मजबूत डिजाइन Samsung Galaxy M17e 5G में 6.7-इंच का HD+ डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है. इसका मतलब है कि स्क्रॉलिंग, वीडियो देखने और गेमिंग का अनुभव ज्यादा स्मूथ होगा. डिस्प्ले में एडेप्टिव ब्राइटनेस और हाई ब्राइटनेस मोड भी मिलेगा. डिजाइन की बात करें तो फोन की मोटाई करीब 8.2mm बताई गई है और इसमें Glass Fibre Reinforced Polymer बैक पैनल दिया गया है. इसके साथ ही इसे IP54 रेटिंग मिली है, जो इसे धूल और हल्की पानी की छींटों से सुरक्षित रखती है. Dimensity 6300 प्रोसेसर और Android 16 का सपोर्ट परफॉर्मेंस के लिए Samsung Galaxy M17e 5G में MediaTek Dimensity 6300 5G चिपसेट मिलेगा. इस प्रोसेसर में दो Cortex-A76 परफॉर्मेंस कोर 2.4GHz की स्पीड पर चलते हैं, जबकि छह Cortex-A55 एफिशिएंसी कोर 2.0GHz पर काम करते हैं. ग्राफिक्स के लिए इसमें ARM Mali-G57 GPU मिलेगा, जो मल्टीमीडिया और कैजुअल गेमिंग को बेहतर बनाता है. यह फोन Android 16 आधारित One UI 8 पर चलेगा. सैमसंग का दावा है कि इस डिवाइस को छह पीढ़ियों तक एंड्रॉयड अपडेट और छह साल तक सिक्योरिटी अपडेट मिलेंगे. साथ ही इसमें सैमसंग नॉक्स वॉल्ट सिक्योरिटी सिस्टम दिया गया है, जिसे EAL5+ सुरक्षा सर्टिफिकेशन भी मिला है. 50MP कैमरा और 6000mAh की बड़ी बैटरी फोटोग्राफी के लिए सैमसंग गैलेक्सी M17e 5G में 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा दिया गया है, जिसके साथ 2 मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर मिलेगा. वहीं सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए फ्रंट में 8 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है. बैटरी की बात करें तो फोन में 6000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है. कंपनी का कहना है कि यह बैटरी लंबे समय तक वीडियो स्ट्रीमिंग, सोशल मीडिया ब्राउजिंग और अन्य रोजमर्रा के कामों के लिए पर्याप्त बैकअप देगी. इसके अलावा फोन में Google Gemini AI, Circle to Search और Now Bar जैसे स्मार्ट फीचर्स भी मिलेंगे.

हैदराबाद से लौट रहे मजदूर से लूट का खुलासा: कोतवाली अनूपपुर पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

अनूपपुर पुलिस अधीक्षक अनूपपुर मोती उर रहमान के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ मरकाम एवं एसडीओपी नवीन तिवारी के मार्गदर्शन में कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा हैदराबाद से मजदूरी कर लौट रहे राहगीर से स्मार्ट फोन एवं नगदी रूपये के लूट के मामले में चार आरोपियों धर्मेन्द्र वंशकार निवासी पटौराटोला अनूपपुर, राज वंशकार निवासी पटौराटोला अनूपपुर, भीमसेन उर्फ भिम्मा वंशकार निवासी बुढार और राहुल वंशकार निवासी केशवाही जिला शहडोल को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त किया गया है। रविवार दिनांक 08.03.2026 को राकेश कुमार केवट पिता रामगरीब केवट उम्र करीब 34 साल निवासी ग्राम बैहाटोला थाना बिजुरी जिला अनूपपुर का थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराया गया कि हैदराबाद से मजदूरी करके अपने साथी चमनलाल केवट के साथ ट्रेन से अनूपपुर लौटा था जो घर बिजुरी जाने के लिए ट्रेन विलम्ब होने से पुरानी सब्जी मण्डी में स्थित सार्वजनिक सुलभ शौचालय काम्पलेक्स फ्रेश होने गये थे जहां धर्मेन्द्र वंशकार निवासी पटौराटोला अनूपपुर, राज बंशकार निवासी पटौराटोला अनूपपुर, भीमसेन उर्फ भिम्मा वंशकार निवासी बुढार और राहुल वंशकार निवासी केशवाही शहडोल ने मिलकर बियर की बोतल तोड़कर पेट में अड़ाकर धमकी देते हुए राकेश कुमार केवट का वीवो कंपनी का 19000 रूपये का मोबाईल व 1400 रूपये लूट कर मोटर सायकल से फरार हो गये है । उक्त रिपोर्ट पर थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 142/26 धारा 309(4), 3(5) बी.एन.एस. पंजीबद्ध किया जाकर टी. आई. कोतवाली निरीक्षक अरविन्द जैन के नेतृत्व में सहायक उपनिरीक्षक पवन प्रजापति, सहायक उपनिरीक्षक संतोष वर्मा, प्रधान आरक्षक शेख रसीद, प्रधान आरक्षक विनय बैस, आरक्षक अमित यादव, आरक्षक अब्दुल कलीम की पुलिस टीम का गठन कर आरोपियो की पता तलाश कर आरोपी धर्मेन्द्र वंशकार पिता स्व. कंधीलाल वंशकार उम्र 31 वर्ष निवासी वार्ड न. 02 चंदासटोला अनूपपुर, राज वंशकार पिता बृजेश वंशकार उम्र 21 वर्ष निवासी वार्ड न. 02 पटौराटोला अनूपपुर, भीमसेन उर्फ भिम्मा बंशकार पिता स्व. मुन्ना वंशकार उम्र 31 वर्ष निवासी वार्ड न. 15 बुहार थाना बुढार जिला शहडोल और राहुल वंशकार पिता सुरेश वंशकार उम्र 28 वर्ष निवासी वार्ड न. 15 केशवाही थाना जैतपुर जिला शहडोल से लूट में प्रयुक्त मोटर सायकल व लूट की गई वीबो कंपनी का 19000 रूपये कीमती का मोबाईल तथा लूट की राशि 1400 रूपये जप्त कर आरोपियो को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों के विरूद्ध पूर्व से चोरी, अवैध उगाही, लड़ाई झगड़ा एवं मारपीट, धमकी के अनेक आपराधिक प्रकरण दर्ज है। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर मोती उर रहमान द्वारा उक्त आदतन आरोपियों का जिला बदर कराए जाने का आदेश दिया गया है।  

कर्नाटक में नेतृत्व बदलने की चर्चा! दिल्ली रवाना हुए डी के शिवकुमार, मलिकार्जुन खरगे भी साथ

बेंगलुरु मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवकुमार के साथ जारी खींचतान के बीच, सिद्धरमैया ने शनिवार को कहा था कि अगर कांग्रेस आलाकमान उन्हें अवसर देता है तो वह दो और बजट पेश कर सकते हैं। सिद्धरमैया ने शुक्रवार को राज्य के वित्त मंत्री के रूप में अपना रिकॉर्ड 17वां बजट पेश किया। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के नई दिल्ली दौरे ने विधानसभा के बजट सत्र के बाद राज्य में संभावित नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को फिर से हवा दे दी है। सरकारी और पार्टी सूत्रों के अनुसार, शिवकुमार रविवार शाम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ कलबुर्गी से राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना हुए। इससे पहले दिन में, दोनों नेताओं ने जिले के चित्तपुर में 1,069 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत की थी। मीडिया के साथ साझा किए गए शिवकुमार के यात्रा कार्यक्रम के अनुसार, वह एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए नयी दिल्ली गये हैं और सोमवार सुबह बेंगलुरु लौटेंगे। सिद्धारमैया क्या बोले मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवकुमार के साथ जारी खींचतान के बीच, सिद्धरमैया ने शनिवार को कहा था कि अगर कांग्रेस आलाकमान उन्हें अवसर देता है तो वह दो और बजट पेश कर सकते हैं। सिद्धरमैया ने शुक्रवार को राज्य के वित्त मंत्री के रूप में अपना रिकॉर्ड 17वां बजट पेश किया। कहा जा रहा है कि शिवकुमार के समर्थक कुछ विधायक दिल्ली जाकर पार्टी आलाकमान के सामने अपने नेता को विधानसभा के बजट सत्र के बाद मुख्यमंत्री बनाए जाने की इच्छा व्यक्त चुके हैं। यह बजट सत्र 27 मार्च को समाप्त होगा। इस बीच, शिवकुमार 10 मार्च को सभी मंत्रियों, कांग्रेस विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के लिए रात्रिभोज का आयोजन करेंगे, जो कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष के रूप में उनके छह साल पूरे होने का जश्न होगा। पहले भी दे चुके संकेत शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि वह 'अत्यंत धैर्य' रखे हुए हैं और उन्हें किसी भी प्रकार की क्रांति में शामिल होने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उन्हें खुद पर विश्वास है और उम्मीद है। कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के प्रमुख शिवकुमार ने कहा कि उन्हें न तो स्वार्थ के लिए किसी भी तरह की 'ब्लैकमेलिंग' में दिलचस्पी है और न ही कांग्रेस के लिए किसी तरह की परेशानी पैदा करने में। उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि वह मैदान में उतरकर लड़ने वाले व्यक्ति हैं, लेकिन उनकी लड़ाई कभी भी पार्टी के भीतर नहीं होती। शिवकुमार ने एक सवाल के जवाब में कहा था, 'आज तक मैंने मुख्यमंत्री पद के मुद्दे पर कभी कुछ नहीं कहा है। हमारे बीच के मुद्दे, मेरे, मुख्यमंत्री और पार्टी आलाकमान तक ही सीमित हैं। मैंने सिर्फ इतना कहा है कि जो फैसला हुआ है उसमें हम शामिल हैं, इसके अलावा मैंने कभी कुछ नहीं कहा।' उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, 'कुछ लोग कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री का पद खाली हो जाएगा, दलितों को यह पद मिलना चाहिए, दूसरों को मिलना चाहिए। ये वही लोग हैं जो मुख्यमंत्री का पद खाली करवाना चाहते हैं, चाहते हैं कि यह पद दलितों और अन्य लोगों को दिया जाए। मैंने इस बारे में कभी कुछ नहीं कहा।'  

हरियाणा के थप्पड़ कांड में 6 और पुलिसकर्मी सस्पेंड

हिसार/पानीपत. घरौंडा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में तैनात डॉक्टर को एसएचओ के थप्पड़ मारने के मामले में रविवार को छह और पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। घटना वाले दिन चार मार्च को इन सभी की ड्यूटी सीएचसी में थी। थाना प्रभारी दीपक को पांच मार्च को सस्पेंड किया जा चुका है। उधर, पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के बाद सरकारी डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा कर दी है। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के राज्य प्रधान डा. अनिल, वरिष्ठ उप प्रधान डॉ. नितिन व स्टेट को-आर्डिनेटर डा. दीपक गोयल ने बताया कि सोमवार से प्रदेश में डॉक्टर अपनी ड्यूटी देंगे और ओपीडी शुरू करेंगे। उनका पुलिस प्रशासन से विश्वास उठ चुका है। इसलिए पीड़ित डॉ. प्रशांत अदालत जाएंगे। शनिवार को ओपीडी सेवाएं बंद रहने और रविवार को अवकाश के कारण उपचार लगभग ठप रहा। राज्यभर में प्रतिदिन औसतन 80 से 85 हजार मरीज प्रभावित रहे और दो दिन में यह संख्या करीब 1.6 लाख तक पहुंच गई। क्या कहते हैं आंकडे? प्रभावित सेवा     प्रभाव का प्रतिशत     विवरण सरकारी चिकित्सक भागीदारी     93%     औसतन इतने डॉक्टर हड़ताल में शामिल रहे, जिससे केवल सीमित सेवाएं ही मिल पाईं। नियोजित सर्जरी (Planned Surgeries)     95%     दो दिनों के भीतर अधिकांश सर्जरी स्थगित करनी पड़ीं और पोस्टमार्टम के मामले भी लंबित रहे। एमएलसी (MLC) सेवाएं     98%     यह सेवा सबसे अधिक प्रभावित हुई क्योंकि इसके लिए सरकारी डॉक्टर के हस्ताक्षर अनिवार्य हैं। जिलों में घटती ओपीडी से बढ़ी परेशानी प्रदेश के कई जिलों में ओपीडी लगभग ठप रही। भिवानी में 130 में से करीब 100 चिकित्सक कार्य बहिष्कार में शामिल रहे। और पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कालेज में सामान्य दिनों की ढाई हजार ओपीडी के मुकाबले शनिवार को लगभग 1700 मरीज ही पहुंचे। हिसार में करीब 900 मरीज बिना उपचार लौट गए। यमुना नगर, जींद और झज्जर सहित कई जिलों में एनएचएम व जूनियर रेजिडेंट के सहारे सीमित सेवाएं चलती रहीं। राज्य स्तर के आंकड़ों के अनुसार 20 जिलों में प्रतिदिन 80-85 हजार मरीजों की ओपीडी प्रभावित रही। करनाल में लगभग 5200, हिसार में 6100, गुरुग्राम में 6800 और फरीदाबाद में 6300 मरीज प्रभावित हुए। क्या हुआ हड़ताल का असर? कुल प्रभावित ओपीडी: इन 20 जिलों में लगभग 80,000 से 85,000 मरीज प्रतिदिन प्रभावित हुए, जिसका कुल योग शनिवार और रविवार को लगभग 1.6 लाख के पार रहा। भागीदारी: राज्य के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की हड़ताल में भागीदारी का औसत 93% के आसपास रहा। शेष 7% में कुछ आयुष चिकित्सक और एनएचएम के कर्मी शामिल थे जो सीमित स्तर पर सेवाएं दे रहे थे। सेवा का नाम     प्रभाव का स्तर     मुख्य कारण/विवरण पोस्टमार्टम     90% से अधिक लंबित     प्रदेश के सभी जिलों में पोस्टमार्टम के मामले बड़ी संख्या में रुक गए। सर्जरी     95% रद्द     पूरे प्रदेश में नियोजित (Planned) सर्जरी को स्थगित करना पड़ा। एमएलसी (MLC)     98% बाधित     सरकारी डॉक्टर के हस्ताक्षर अनिवार्य होने के कारण यह सेवा लगभग पूरी तरह ठप रही। मेडिकल प्रमाण पत्र भी रुके प्रदेशभर में चिकित्सकों की दो दिन की हड़ताल का असर मेडिकल प्रमाण पत्र जारी होने पर भी पड़ा। भिवानी के पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कालेज और जिला नागरिक अस्पताल में जूनियर रेजिडेंट व एनएचएम चिकित्सकों ने केवल सीमित ओपीडी सेवाएं संभालीं, जबकि मेडिकल प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए। जिले में प्रतिदिन औसतन 30 से अधिक लोग मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने आते हैं, जबकि राज्य स्तर पर यह संख्या 500 से 600 तक है। प्रमाण पत्र न बनने से कई सरकारी नौकरियों के अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन में अड़चन आई। इन दिनों आईटीआई, पालिटेक्निक प्रशिक्षुओं के अलावा पुलिस, होमगार्ड व अन्य सुरक्षा इकाइयों में भर्ती प्रक्रिया में इसकी जरूरत पड़ रही है।

अंतिम मतदाता सूची से नाम हटाने पर बवाल: पश्चिम बंगाल SIR मामले में सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों के खिलाफ एक नई याचिका पर मंगलवार को विचार करने को सहमत हुआ। यह याचिका उन लोगों ने दायर की है जिनके नाम चुनाव आयोग ने हटा दिए हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी ने बताया कि यह याचिका पहले के मतदाताओं के नाम हटाने से संबंधित है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने अधिवक्ता की दलीलें सुनीं। अधिवक्ता ने कहा कि ये वे मतदाता हैं जिन्होंने पहले मतदान किया था, लेकिन अब उनके दस्तावेज नहीं लिए गए हैं। मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि वे न्यायिक अधिकारियों के निर्णयों पर अपील में नहीं बैठ सकते। हालांकि, वरिष्ठ अधिवक्ता ने अपील को सुनवाई योग्य बताया, जिसके बाद पीठ ने मंगलवार को सुनवाई करने का फैसला किया। 24 फरवरी को शीर्ष अदालत ने एसआईआर अभ्यास के लिए पश्चिम बंगाल के सिविल जजों की तैनाती की अनुमति दी थी। इसके अतिरिक्त 250 जिला जज और झारखंड व ओडिशा के न्यायिक अधिकारी भी तैनात किए गए थे। इनका काम मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का सामना कर रहे 80 लाख दावों और आपत्तियों को निपटाना था। कोलकाता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल ने 22 फरवरी को एक पत्र में बताया था कि 250 जिला जजों को भी इन दावों को निपटाने में करीब 80 दिन लगेंगे। 2002 की मतदाता सूची से वंशानुक्रम को जोड़ने में तार्किक विसंगतियां पाई गई हैं। इनमें माता-पिता के नाम का बेमेल होना शामिल है। साथ ही, मतदाता और उसके माता-पिता की उम्र का अंतर 15 साल से कम या 50 साल से अधिक होना भी एक विसंगति है। मुख्य न्यायाधीश कांत ने कहा कि अगर प्रत्येक न्यायिक अधिकारी प्रतिदिन 250 दावों को निपटाता है, तो भी इस प्रक्रिया में लगभग 80 दिन लगेंगे। पश्चिम बंगाल एसआईआर की समय सीमा 28 फरवरी थी। नौ फरवरी को शीर्ष अदालत ने राज्यों को स्पष्ट किया था कि वह एसआईआर को पूरा करने में किसी को भी बाधा डालने की अनुमति नहीं देगा। अदालत ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया था। यह निर्देश चुनाव आयोग के नोटिस जलाने के आरोपों पर एक हलफनामा दाखिल करने के लिए था। कुछ व्यक्तियों पर चुनाव आयोग के नोटिस जलाने का आरोप लगा था।

संसद में कांग्रेस के विरोध पर किरेन रिजिजू का पलटवार, कहा— देश में कोई एक महाराजा नहीं

नई दिल्ली लोकसभा में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के वक्तव्य के दौरान कांग्रेस और अन्य विपक्षी सदस्यों के हंगामे पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष बेमतलब हंगामा करने में लगा है। सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। किरेन रिजिजू ने लोकसभा में कहा, "विपक्ष पूरी तरह कंफ्यूजन में है। उसके लोगों को यह नहीं पता है कि उन्हें क्या करना है। पहले ये लोग लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए, जो अभी तक पेंडिंग है, लेकिन उसी बीच दूसरा अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे रहे हैं, जिसका कोई मतलब नहीं है।" उन्होंने कहा कि विपक्ष जिस मुद्दे को उठा रहा है, उस पर विदेश मंत्री ने सदन में ही विस्तार से जवाब दिया है। लेकिन विपक्ष को जवाब सुनना ही नहीं है। रिजिजू ने कहा, "मैंने कभी इतनी गैर-जिम्मेदार पार्टी नहीं देखी। आपका एक परिवार या एक आदमी क्या पूरे देश का महाराजा है? इस देश में संविधान है और सदन में नियम हैं, लेकिन विपक्ष के लोग इन नियमों को ही नहीं मानते हैं।" रिजिजू ने कहा, "मैं कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से कहना चाहता हूं कि आप अपनी अंतरआत्मा में झांककर देखें कि आपकी हरकत से देश का क्या भला हो रहा है और संसद की गरिमा को कितना गिराया है।" केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा, "आप जो भी अनैतिक प्रस्ताव लेकर आए हैं, उस पर चर्चा के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है। अगर विपक्ष में हिम्मत है तो अभी चर्चा शुरू करे।" इससे बावजूद विपक्ष का हंगामा नहीं रुका। कांग्रेस और अन्य विपक्षी सांसदों ने वेल में आकर नारेबाजी की और तख्तियां लहराईं। इस हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। इससे पहले, जब राज्यसभा में पश्चिमी एशिया के मुद्दे पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर वक्तव्य दे रहे थे, कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने हंगामा करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।

पोलो की शान: जयपुर टीम ने जीता नौवां सीजन टाइटल

जयपुर जयपुर पोलो टीम ने महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह की लीडरशिप में मशहूर एसएमएस गोल्ड वेस में जीत हासिल करते हुए इस सीजन में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा है। इस टीम ने एक करीबी मुकाबले वाले फाइनल में कृष्णा पोलो को 6-5.5 से हराकर सीजन का अपना नौवां टाइटल जीता। फाइनल एक कड़ा मुकाबला था, जिसमें दोनों टीमों ने चकर्स पर एक-दूसरे के साथ मोमेंटम बदला। जयपुर ने अच्छी शुरुआत की, पहले चकर के आखिर में शुरुआती अटैकिंग प्रेशर के जरिए 2-1.5 की लीड हासिल की। कृष्णा पोलो ने दूसरे चकर में जवाब दिया, जिसमें विशाल सिंह राठौर ने लीड करते हुए अपनी टीम को हाफटाइम तक 3.5-3 की मामूली बढ़त दिलाई। जयपुर ने तीसरे चकर में गियर बदलते हुए पजेशन वापस पा लिया और स्कोरिंग के मौकों का फायदा उठाया। एचएच महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह ने क्लिनिकल फिनिशिंग के साथ अटैक को लीड किया, जिससे टीम 5-3.5 से आगे हो गई। कृष्णा पोलो ने आखिरी चकर में विशाल सिंह राठौर और सिद्धांत सिंह के गोल की मदद से कड़ी चुनौती दी। हालांकि, जयपुर ने आखिरी स्टेज में भी अपना डिफेंस बनाए रखा और गेम को अच्छे से मैनेज करते हुए 6-5.5 से जीत हासिल की और एसएमएस गोल्ड वेस जीता। आरपीसीबी के खिलाफ सेमीफाइनल में, जयपुर ने शुरुआती कमी को पूरा किया, जब आरपीसी ने पहले चकर के आखिर में 3.5-1 की बढ़त ले ली थी। जयपुर ने दूसरे चक्कर में हर्षोद सिंह और योगेंद्र सिंह के गोल की मदद से लगातार जवाब दिया, जिससे हाफटाइम तक स्कोर 4.5-4 हो गया। तीसरे चकर में मोमेंटम काफी बदल गया। जयपुर ने अपना डिफेंस मजबूत किया और पजेशन कंट्रोल किया। दिव्यमान सिंह दुजोद और एचएच महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह के गोल की मदद से टीम 5-4.5 से आगे हो गई। जयपुर ने इस मोमेंटम को आखिरी चकर में भी बनाए रखा, अपनी बढ़त को 8-5.5 तक बढ़ाया और फाइनल में अपनी जगह पक्की की। जयपुर के लिए, हर्षोद्या सिंह और योगेंद्र सिंह ने दो-दो गोल किए, जबकि दिव्यमान सिंह दुजोद ने एक और एचएच महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह ने तीन गोल किए। आरएपीसी की तरफ से तरुण बिलवाल और एलन शॉन माइकल ने दो-दो गोल किए।