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दतिया में बच्ची की छोटे भाई-बहनों के साथ खेलते समय साइलेंट अटैक से मौत

दतिया. भांडेर अनुभाग के ग्राम तालगांव निवासी 15 वर्षीय दसवीं की छात्रा उर्वांगी दुबे उर्फ गुनगुन पुत्री विनय दुबे की हाल निवास आलमपुर जिला भिंड स्थित अपने घर पर साइलेंट अटैक की वजह से शनिवार को अचानक मौत हो गई। कम उम्र में अचानक हुई इस मौत ने परिजन को विचलित और हैरान कर दिया। भांडेर क्षेत्र में इतनी कम उम्र में साइलेंट अटैक से मौत का यह पहला और इकलौता मामला बताया जा रहा है। इस घटना के बारे में उर्वांगी के पिता विनय ने बताया कि वे भिंड जिले के आरुषि में बतौर शिक्षक पदस्थ होकर आलमपुर में किराए के मकान में अपने परिवार के साथ रहते हैं। शनिवार को सामान्य दिन की तरह सुबह करीब दस बजे अपने दो अन्य बच्चों सहित उर्वांगी को हंसता खेलते छोड़ गए थे। करीब पौने तीन बजे उन्हें घर से मोबाइल पर सूचना मिली कि उर्वांगी की तबियत अचानक से बिगड़ गई है। घर पहुंचकर डॉक्टर को बुलाया, लेकिन डॉक्टर के आने से पहले ही उसने दमतोड़ दिया। परीक्षण करने वाले डॉक्टर भी इसे साइलेंट अटैक का केस मान रहे हैं। शनिवार शाम को ही भांडेर के तालगांव में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। उर्वांगी कक्षा 10 की छात्रा थीं और शुक्रवार को ही उसकी वार्षिक परीक्षा संपन्न हुई थी। वह तीन भाई बहिनों में सबसे बड़ी थी। क्या कोरोना वैक्सीन साइलेंट अटैक की वजह – इस मामले में सीएचसी भांडेर पर पदस्थ एवं पूर्व बीएमओ डा.आरएस परिहार ने बताया कि साइलेंट हार्ट अटैक को साइलेंट मायोकार्डियल इंफार्क्शन (एसएमआई) के नाम से जाना जाता है। यह तब होता है जब हृदय को रक्त की आपूर्ति बंद हो जाती है, लेकिन लक्षण इतने हल्के या असामान्य होते हैं कि अधिकांश व्यक्तियों को यह अहसास ही नहीं होता कि कोई जानलेवा घटना घट रही है। हाल के समय में साइलेंट अटैक के चलते कम उम्र एवं युवाओं में मौत के कई मामले सामने आ रहे हैं, जिसे लेकर कोरोना और उसकी वैक्सीन को लेकर भी कथित तौर पर आशंका जताई जाती है। इस घटना को लेकर भी परिजन ने आशंका जताई कि कोरोना काल में उर्वांगी को भी वैक्सीन लगी थी, कहीं उसका कोई प्रभाव तो नहीं पड़ा। इस मामले में विशेषज्ञ राय ली गई तो डा.आरएस परिहार ने बताया कि साइलेंट अटैक की वजह कोरोना या कोरोना वैक्सीन की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन खानपान और दैनिक दिनचर्या भी ऐसी मौतों की एक वजह हो सकती है।  

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए नई सौगात: योगी सरकार देगी साड़ी-यूनिफॉर्म और बीमा लाभ

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को साड़ी-यूनिफॉर्म, बीमा और आयुष्मान कार्ड की सौगात दी। डीबीटी के जरिये कुल 38.49 करोड़ रुपये की धनराशि सीधे उनके खातों में भेजी गई। सीएम ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने का वादा भी किया। सीएम ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को साड़ी-यूनिफॉर्म के लिए डीबीटी के माध्यम से 29.59 करोड़ रुपये की धनराशि स्थानांतरित की। उन्होंने मंच पर नेहा दुबे, मानसी साहू, पूनम तिवारी, मनोरमा मिश्रा को साड़ी भेंट की तो सेवा मित्र आकांक्षा (ब्यूटीशियन) और रत्ना भारती को यूनिफॉर्म सौंपी। इसके अलावा बीमा प्रीमियम की 8.90 करोड़ रुपये की धनराशि भी स्थानांतरित की। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए उन्हें प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से जोड़ा। इसके तहत 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की पात्र कार्यकर्ताओं की मृत्यु होने पर परिजनों को 2 लाख रुपये मिला है, जिसका वार्षिक प्रीमियम 436 रुपये है। वहीं 18 से 59 वर्ष आयु वर्ग की पात्र कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण स्थायी विकलांगता होने पर 2 लाख रुपये तथा आंशिक स्थायी विकलांगता पर 1 लाख रुपये का बीमा कवर मिलता है, जिसका वार्षिक प्रीमियम 20 रुपये है। इसके अलावा सीएम ने पांच आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं गुड़िया सिंह, प्रियंका सिंह, सुधा अवस्थी, उमा सिंह और लालावती को मंच पर बुलाकर आयुष्मान कार्ड प्रदान किए। सफल महिला उद्यमियों से किया संवाद सीएम ने कार्यक्रम के दौरान वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर की 600 से अधिक महिलाओं के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संवाद भी किया। वाराणसी की सीता देवी ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से उन्होंने ई-रिक्शा चलाकर और क्षेत्र की 250 महिलाओं को ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया। गाजीपुर की प्रमिला देवी ने बताया कि वे प्राथमिक विद्यालय में रसोइया हैं। चंदौली जिले की सोनी कुमारी ने बताया कि वे फूलों की खेती करती हैं और महिला समूहों के माध्यम से क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी इस कार्य से जोड़कर स्वावलंबन की ओर प्रेरित करती हैं। जौनपुर की दुर्गा मौर्य ने बताया कि उन्होंने वह ड्रोन दीदी के रूप में भी कार्य करती हैं। उद्योग विभाग से ऋण लेकर नमकीन बनाने की फैक्ट्री स्थापित की है, जिससे अन्य महिलाओं को भी रोजगार मिल रहा है।  

Ferrari 849 Testarossa हाइपरकार 14 मार्च को भारत में होगी लॉन्च, कीमत ₹10 करोड़ से ज्यादा

मुंबई  भारत में महंगी और उच्च प्रदर्शन वाली कारों के शौकीनों के लिए जल्द ही एक बड़ी पेशकश आने वाली है। इटली की प्रसिद्ध कार निर्माता कंपनी फेरारी अपनी नई कार Ferrari 849 Testarossa को भारतीय बाजार में 14 मार्च को लॉन्च करने जा रही है। यह कार कंपनी की अत्याधुनिक तकनीक और शानदार रफ्तार का बेहतरीन उदाहरण मानी जा रही है। भारत में इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत करीब 10.37 करोड़ रुपये बताई जा रही है। दमदार क्षमता और आकर्षक बनावट के कारण यह कार लग्जरी स्पोर्ट्स कार सेगमेंट में खास पहचान बना सकती है और अन्य प्रीमियम कारों को कड़ी टक्कर देने वाली है। शक्तिशाली इंजन और जबरदस्त रफ्तार Ferrari 849 Testarossa में उन्नत हाइब्रिड तकनीक का उपयोग किया गया है। इसमें 4 लीटर क्षमता वाला ट्विन-टर्बो V8 पेट्रोल इंजन दिया गया है, जिसके साथ तीन इलेक्ट्रिक मोटर भी जोड़ी गई हैं। इनमें से दो मोटर आगे के पहियों के पास और एक इंजन तथा गियरबॉक्स के बीच लगाई गई है। यह पेट्रोल इंजन अकेले लगभग 830 हॉर्सपावर की ताकत पैदा करता है, जबकि तीनों इलेक्ट्रिक मोटरों के साथ मिलकर इस कार की कुल क्षमता लगभग 1050 हॉर्सपावर तक पहुंच जाती है। इसमें 8-स्पीड ड्यूल-क्लच ऑटोमैटिक गियरबॉक्स दिया गया है, जो चारों पहियों तक ताकत पहुंचाता है। कंपनी के अनुसार यह कार केवल 2.3 सेकेंड में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है। इसकी अधिकतम रफ्तार लगभग 330 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जा रही है। सीमित दूरी तक केवल इलेक्ट्रिक शक्ति पर चलने की क्षमता इस कार में 7.45 kWh क्षमता की बैटरी भी दी गई है। इसकी मदद से Ferrari 849 Testarossa कुछ दूरी तक केवल इलेक्ट्रिक शक्ति पर भी चल सकती है। कंपनी के अनुसार यह कार केवल इलेक्ट्रिक मोड में लगभग 16 से 25 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकती है। इससे कार के प्रदर्शन के साथ-साथ ईंधन की खपत को भी संतुलित करने में मदद मिलती है। आकर्षक और दमदार बाहरी बनावट नई Ferrari 849 Testarossa को बेहद आकर्षक और आधुनिक रूप में तैयार किया गया है। कार के सामने की ओर एल-आकार की एलईडी हेडलाइट्स दी गई हैं, जो बोनट पर मौजूद चमकदार काली पट्टी से जुड़ी हुई दिखाई देती हैं। यह बनावट फेरारी के पुराने लोकप्रिय मॉडलों से प्रेरित मानी जा रही है। इसके आगे के हिस्से में बड़ा हवा प्रवेश मार्ग और उभरा हुआ फ्रंट लिप दिया गया है, जो कार को अधिक आक्रामक रूप देता है। साइड प्रोफाइल में बड़े अलॉय व्हील्स, काले रंग की छत और पीछे की ओर बड़े हवा प्रवेश मार्ग इसे बेहद स्पोर्टी रूप देते हैं। कार के पिछले हिस्से में दो भागों वाला टेल सेक्शन, पतली एलईडी टेललाइट्स, ऊपर की ओर लगाया गया दोहरी एग्जॉस्ट पाइप और बड़ा डिफ्यूजर देखने को मिलता है। चालक पर केंद्रित आधुनिक केबिन Ferrari 849 Testarossa का केबिन पूरी तरह चालक को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें ऊंचा सेंटर कंसोल और पुल जैसी बनावट वाला डिवाइडर दिया गया है, जो दोनों स्पोर्ट्स सीटों को अलग करता है और अंदर बैठने पर एक खास स्पोर्टी अनुभव देता है। डैशबोर्ड में पारंपरिक टचस्क्रीन सिस्टम नहीं दिया गया है। इसके स्थान पर चालक के सामने लगभग 16 इंच का बड़ा डिजिटल डिस्प्ले मौजूद है, जिसमें वाहन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दिखाई देती है। साथ ही सामने बैठने वाले यात्री के लिए करीब 9 इंच की पतली स्क्रीन भी दी गई है। इसके अलावा इसमें वायरलेस Apple CarPlay और Android Auto जैसी कनेक्टिविटी सुविधाएं तथा 7-स्पीकर वाला ऑडियो सिस्टम भी दिया गया है। Ferrari की यह नई कार अपनी तेज रफ्तार, दमदार क्षमता और आधुनिक तकनीक के कारण भारत के प्रीमियम स्पोर्ट्स कार बाजार में खास आकर्षण का केंद्र बन सकती है।

छोटा निवेश, बड़ा फायदा! पोस्ट ऑफिस स्कीम से मिलेगा ₹90 हजार तक ब्याज

नई दिल्ली बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव और निवेश से जुड़ी अनिश्चितताओं के बीच अधिकांश लोग ऐसे विकल्प की तलाश करते हैं, जहां उनका पैसा सुरक्षित भी रहे और अच्छा रिटर्न भी मिल सके। ऐसे निवेशकों के लिए डाकघर की बचत योजनाएं एक भरोसेमंद विकल्प मानी जाती हैं। नेशनल डेस्क: बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव और निवेश से जुड़ी अनिश्चितताओं के बीच अधिकांश लोग ऐसे विकल्प की तलाश करते हैं, जहां उनका पैसा सुरक्षित भी रहे और अच्छा रिटर्न भी मिल सके। ऐसे निवेशकों के लिए डाकघर की बचत योजनाएं एक भरोसेमंद विकल्प मानी जाती हैं। इन्हीं योजनाओं में पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट स्कीम (POTD) इन दिनों काफी चर्चा में है। यह योजना भारत सरकार की संप्रभु गारंटी के साथ आती है, इसलिए इसमें निवेश को बेहद सुरक्षित माना जाता है। खास बात यह है कि इस योजना में निवेश करके बिना किसी बाजार जोखिम के अच्छा रिटर्न प्राप्त किया जा सकता है। बैंक एफडी जैसी योजना पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट स्कीम का ढांचा काफी हद तक बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) योजना जैसा है। इसमें निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार एक, दो, तीन या पांच साल की अवधि के लिए पैसा जमा कर सकते हैं। मौजूदा ब्याज दरों के अनुसार:     एक साल के लिए जमा राशि पर 6.9 प्रतिशत ब्याज मिलता है     दो और तीन साल की अवधि पर 7 प्रतिशत ब्याज मिलता है     पांच साल के निवेश पर 7.5 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जाता है 2 लाख के निवेश पर संभावित कमाई यदि कोई निवेशक इस योजना में पांच साल के लिए 2 लाख रुपये का निवेश करता है, तो मौजूदा 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर के हिसाब से पांच साल बाद उसका कुल फंड लगभग 2,89,990 रुपये हो सकता है। इसमें 2 लाख रुपये मूल निवेश होगा, जबकि करीब 89,990 रुपये ब्याज के रूप में मिल सकते हैं। यानी केवल ब्याज से ही लगभग 90 हजार रुपये की कमाई संभव है। ज्यादा निवेश पर ज्यादा फायदा अगर कोई व्यक्ति अधिक रकम निवेश करता है, तो उसे उसी अनुपात में अधिक रिटर्न भी मिल सकता है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई निवेशक पांच साल के लिए 5 लाख रुपये जमा करता है, तो अवधि पूरी होने पर उसे लगभग 2,24,974 रुपये ब्याज के रूप में मिल सकते हैं। इस तरह कुल राशि करीब 7,24,974 रुपये तक पहुंच सकती है। टैक्स में भी मिलती है राहत इस योजना का एक और बड़ा फायदा यह है कि पांच साल की अवधि वाली टाइम डिपॉजिट पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है। निवेशक 1.5 लाख रुपये तक की राशि पर टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। खाता खोलना आसान पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट स्कीम में खाता खोलना भी काफी आसान है। इसमें न्यूनतम 1,000 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है और अधिकतम निवेश की कोई सीमा तय नहीं है। निवेशक अपनी जरूरत के अनुसार सिंगल या जॉइंट अकाउंट भी खुलवा सकते हैं। हर साल मिलने वाला ब्याज निवेशक के खाते में जुड़ता रहता है, जिससे समय के साथ निवेश की कुल राशि बढ़ती जाती है। सुरक्षित निवेश और स्थिर रिटर्न की वजह से यह योजना उन लोगों के लिए खास तौर पर उपयोगी मानी जाती है जो बिना जोखिम के अपनी बचत बढ़ाना चाहते हैं।  

इस घाट पर 19 मार्च से शुरू होगी भव्य गंगा आरती, श्रद्धालुओं को मिलेंगी नई सुविधाएं

वाराणसी श्री काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के बाद काशी देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र बन गई है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु और पर्यटक वाराणसी पहुंच रहे हैं, जिसके चलते दशाश्वमेध, अस्सी और नमो घाट पर होने वाली गंगा आरती में भारी भीड़ उमड़ रही है। इसी को देखते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 19 मार्च से ललिता घाट पर भव्य गंगा आरती शुरू करने का निर्णय लिया है। 45 मिनट तक होगी गंगा आरती हिंदू नववर्ष के प्रथम दिन इसका शुभारंभ किया जाएगा। मंदिर न्यास के अनुसार, ललिता घाट पर सात अर्चकों द्वारा प्रतिदिन शाम 6:45 बजे से लगभग 45 मिनट तक गंगा आरती की जाएगी। इस आरती के माध्यम से विश्वनाथ धाम आने वाले श्रद्धालु गंगा द्वार से ही गंगा आरती के दर्शन कर सकेंगे। इससे पहले सितंबर 2025 में नमो घाट पर भी सात अर्चकों द्वारा गंगा आरती की शुरुआत की गई थी। उसी तर्ज पर अब ललिता घाट पर भी भव्य आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं को मिलेगी बेहतर सुविधा   काशी विश्वनाथ मंदिर के कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि यह पहल बाबा विश्वनाथ के भक्तों को बेहतर सुविधा देने के उद्देश्य से की जा रही है। श्रद्धालु गंगा द्वार की सीढि़यों पर बैठकर आराम से गंगा आरती का दर्शन कर सकेंगे। बाबा विश्वनाथ के दरबार और सामने मां गंगा की आरती का द्दश्य भक्तों को दिव्य आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि काशी में दशाश्वमेध, अस्सी, शीतला और नमो घाट पर होने वाली गंगा आरती में अक्सर भारी भीड़ और ट्रैफिक के कारण कई श्रद्धालु समय पर आरती स्थल तक नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसे में 19 मार्च से ललिता घाट पर शुरू होने वाली गंगा आरती श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के दबाव को कम करने में सहायक साबित होगी। 

पाकिस्तान की टी20 वर्ल्ड कप में शर्मनाक प्रदर्शन के बाद चयनकर्ताओं ने 6 नए चेहरों को दिया मौका

इस्लामाबाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने बांग्लादेश के खिलाफ 11 मार्च से शुरू होने वाली वनडे सीरीज के लिए टीम का ऐलान कर दिया है, जिसमें कई चौंकाने वाले फैसले लिए गए हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 से बाहर होने के बाद बोर्ड ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूर्व कप्तान बाबर आजम को टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। बाबर ने वर्ल्ड कप के चार मैचों में केवल 91 रन बनाए थे। उनके साथ ही सलामी बल्लेबाज फखर जमान, युवा बल्लेबाज साइम अयूब और स्टार तेज गेंदबाज नसीम शाह को भी टीम में जगह नहीं मिली है। चयनकर्ताओं के इस फैसले को पाकिस्तान के व्हाइट-बॉल क्रिकेट में एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। शाहीन शाह अफरीदी टीम की कप्तानी जारी रखेंगे, लेकिन टीम का कलेवर पूरी तरह बदल गया है। इस 15 सदस्यीय टीम में छह अनकैप्ड खिलाड़ियों—शमील हुसैन, मुहम्मद गाजी गोरी, अब्दुल समद, फैसल अकरम, माज सदाकत और साद मसूद को शामिल किया गया है। वहीं, अनुभवी विकेटकीपर मोहम्मद रिजवान और तेज गेंदबाज हारिस रऊफ की टीम में वापसी हुई है। टी20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करने वाले साहिबजादा फरहान को उनके बेहतरीन फॉर्म का इनाम मिला है। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य भविष्य की चुनौतियों के लिए बेंच स्ट्रेंथ तैयार करना और टीम में गहराई लाना है। पाकिस्तान टीम में यह बड़ा फेरबदल कई पूर्व क्रिकेटरों की आलोचना और टीम के लगातार गिरते स्तर को देखते हुए किया गया है। मुख्य चयनकर्ता का मानना है कि केवल प्रदर्शन के आधार पर ही खिलाड़ियों को जगह दी जाएगी। शाहीन अफरीदी के नेतृत्व में यह नई ब्रिगेड बांग्लादेश के खिलाफ अपनी छाप छोड़ने के इरादे से उतरेगी। फिलहाल, बाबर आजम जैसे दिग्गज खिलाड़ी को बाहर रखने के फैसले ने सोशल मीडिया और क्रिकेट गलियारों में बहस छेड़ दी है। यह सीरीज तय करेगी कि क्या पाकिस्तान की यह नई प्रयोगवादी टीम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर से अपना खोया हुआ सम्मान वापस पा सकेगी।  

रसोई गैस सप्लाई नियम बदला: अब 21 दिन बाद ही कर सकेंगे अगली बुकिंग

नई दिल्ली   ईरान-इजराइल युद्ध और दुनियाभर में ईंधन की अनिश्चितता को देखते हुए घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति में बदलाव किया गया है। अब कोई भी घरेलू उपभोक्ता पिछली डिलीवरी के 21 दिन बाद ही अगला सिलेंडर बुक कर सकेगा। 15 नहीं अब 21 दिन के अंदर ही मिलेगा सिलेंडर पहले यह अंतराल 15 दिन का था, लेकिन अस्थिर वैश्विक हालात को ध्यान में रखते हुए इसे बढ़ाकर 21 दिन कर दिया गया है। इसका उद्देश्य यह है कि सभी घरेलू उपभोक्ताओं को समान रूप से गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने गैस एजेंसियों के सिस्टम (सॉफ्टवेयर) में बदलाव कर नई व्यवस्था लागू कर दी है। उपभोक्ताओं को गैस डिलीवरी में कोई परेशानी नहीं होगी महावीर गैस एजेंसी के संचालक देव नारायण महतो ने बताया कि अब 21 दिन के अंतराल के बाद ही दूसरा सिलेंडर बुक किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को गैस डिलीवरी में कोई परेशानी नहीं होगी। यह अस्थायी व्यवस्था तब तक लागू रहेगी जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते।  

मरीजों की बढ़ी परेशानी: एमपी में आज से डॉक्टरों की हड़ताल, ऑपरेशन सेवाएं रहेंगी बंद

भोपाल OPD- मध्यप्रदेश में मरीजों और उनके परिजनों की ​मुसीबतें बढ़ गई हैं। लंबित स्टाइपेंड संशोधन लागू नहीं किए जाने पर प्रदेशभर के जूनियर डॉक्टर्स विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जूनियर डॉक्टरों ने रविवार को ‘जस्टिस मार्च’ निकाला। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) के तत्वावधान में प्रदेशभर के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के जूनियर डॉक्टर्स ने सोमवार को हड़ताल करने की चेतावनी दी है। इससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल के कारण जहां ओपीडी बंद रहेगी वहीं ऑपरेशन भी नहीं हो सकेंगे। सिर्फ आपातकालीन सेवाएं ही जारी रहेंगी। हालांकि वरिष्ठ अधिकारी, प्रस्तावित हड़ताल को हर हाल में रोकने की कोशिश में जुटे हुए हैं। आज से OPD सेवाएं नहीं मध्यप्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में करीब 8 हजार रेजिडेंट डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न हैं जोकि पिछले तीन दिनों से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। रविवार को प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ‘जस्टिस मार्च’ निकाला गया। इसके बाद सभी डॉक्टर्स ने स्पष्ट चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानने पर सोमवार से वे OPD सेवाएं नहीं देंगे। ऑपरेशन भी केवल ऐसे मरीजों का किया जाएगा जोकि बेहद गंभीर हैं।   जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) के पदाधिकारियों का कहना है कि स्पष्ट आदेश के बावजूद राज्य सरकार ने स्टाइपेंड संशोधन लागू नहीं किया जोकि 1 अप्रैल 2025 से लागू होना था। अप्रैल 2025 से देय एरियर का भुगतान भी नहीं किया गया है। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन का साफ कहना है कि जारी आदेश का क्रियान्वयन और लंबित एरियर का भुगतान का तुरंत निर्णय लिया जाए। केवल आपातकालीन सेवाएं जूनियर डॉक्टर्स ने चेताया कि समाधान नहीं निकलने पर सोमवार से प्रदेशभर में इलेक्टिव सेवाओं का बहिष्कार किया जाएगा। केवल आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी।

फिर सजे शादी के मंडप: 14 तक शुभ मुहूर्त, 15 मार्च से खरमास के कारण थमेंगे विवाह

ग्वालियर आठ दिनों तक चले होलाष्टक के समापन के बाद सहालग सीजन की शुरुआत के साथ ही शहनाइयों की गूंज सुनाई देने लगी है। हालांकि यह शुभ समय अधिक दिनों तक नहीं रहेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 6 से 14 मार्च तक ही लगातार विवाह के मुहूर्त हैं। इसके बाद 15 मार्च से खरमास शुरू हो जाएगा। यह 14 अप्रेल तक चलेगा। इस कारण मार्च में अब पांच दिन ही विवाह समारोह होंगे। इस छोटे से सहालग सीजन में करीब 200 शादियां होने का अनुमान है। विवाह मुहूर्त शुरू होते ही शहर के सराफा, कपड़ा और किराना बाजार फिर से गुलजार हो चले हैं। शहर के महाराज बाड़ा और उससे सटे बाजारों में खरीदारों की भीड़ दिखने लगी है। कैटङ्क्षरग कारोबारी खुशी जैन ने बताया कि कम मुहूर्त होने के बाद भी शादियों के लिए बुङ्क्षकग है। मार्च में 5 और अप्रेल माह में विवाह के 8 मुहूर्त मार्च माह में 8, 9, 10, 11 और 12 मार्च को विवाह के मुहूर्त हैं। वहीं, अप्रेल में आठ दिन (15, 20, 21, 25, 26, 27, 27 और 29 अप्रेल) को विवाह के शुभ मुहूर्त रहेंगे। सराफा बाजार में शादियों के लिए हल्के जेवरों की पूछ-परख सराफा बाजार में सोना-चांदी के भाव ऊंचाई पर होने के बावजूद विवाह से जुड़ी खरीदारी पर खास असर नहीं पड़ा है। सोना-चांदी व्यवसायी संघ लश्कर के अध्यक्ष पुरुषोत्तम जैन के अनुसार सहालग सीजन शुरू होते ही सोने के हार, मंगलसूत्र, चांदी की पायल और बिछिया की मांग बढ़ गई है। हालांकि भारी जेवरों की जगह अब हल्के डिजाइन वाले आकर्षक आइटम खरीदे जा रहे हैं। ग्राहक उपयोगी और फैशनेबल ज्वेलरी को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं।

कैंसर से संघर्ष और तीन नौकरियों का त्याग, दृष्टिबाधित संजय दहरिया ने UPSC को किया क्रैक

महासमुंद जुनून, लगन और हार न मानने की जिद। इन सबका जीता जागता उदाहरण हैं संजय दहरिया। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के संजय दहरिया ने छह साल तक कैंसर से जूझने और तीन नौकरियां छोड़ने के बाद अपने तीसरे प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 946वीं रैंक हासिल की है। बेलटुकरी के एक किसान के 38 साल के इस पुत्र ने अपने परिवार और गांव के लोगों को अपार गर्व और खुशी दी है। दहरिया की शैक्षणिक यात्रा एक स्थानीय सरकारी स्कूल से शुरू हुई। कक्षा 5 में जवाहर नवोदय विद्यालय, माना (रायपुर) में चयन होने के बाद इसमें एक महत्वपूर्ण मोड़ आया। दहरिया के लिए सिविल सेवाओं तक का सफर पेशेवर और व्यक्तिगत दोनों ही दृष्टि से चुनौतियों से भरा था। पश्चिम बंगाल में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 2009 से 2011 तक काम करने के बाद उन्होंने उच्च लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए इस्तीफा दे दिया। हालांकि, 2012 में उन्हें लार ग्रंथियों के कैंसर का पता चला, जिसके कारण छह साल तक उनका कठिन इलाज चला। दृष्टिबाधित होने के बावजूद दहरिया ने हार नहीं मानी और सिविल सेवाओं में अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार प्रयास जारी रखा। उन्होंने रायपुर के एक बैंक और महासमुंद डाकघर में काम करते हुए अपने करियर को आगे बढ़ाया। उन्होंने 2022 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में भाग लेना शुरू किया और अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित होकर 2025 में तीसरे प्रयास में सफलता प्राप्त की। दहरिया ने अपनी सफलता का श्रेय बीमारी के दौरान अपने परिवार और मार्गदर्शकों के अटूट समर्थन को दिया। उन्होंने कहा कि मैं सिविल सेवाओं के माध्यम से देश की सेवा करने की आशा रखता हूं। चाहे मुझे आईएएस कैडर मिले या कोई अन्य सेवा, लोक सेवा के प्रति मेरी प्रतिबद्धता दृढ़ रहेगी। महासमुंद के कलेक्टर विनय कुमार लांगेह और जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे ने दहरिया को बधाई देते हुए उनकी उपलब्धि की सराहना की, जो साहस और दृढ़ता का एक उदाहरण है।