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उत्तर प्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा नियमावली में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा नियमावली, 1975 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। माननीय उच्च न्यायालय की संस्तुति के आधार पर उत्तर प्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा (अठारहवां संशोधन) नियमावली, 2026 लागू की जाएगी। इसके तहत भर्ती, कोटा और चयन प्रक्रिया से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव किया गया है। संशोधन के अनुसार भर्ती के स्रोत से जुड़े नियम-5, कोटा से संबंधित नियम-6, चयन प्रक्रिया से जुड़े नियम-18, पदोन्नति से संबंधित नियम-20, नियुक्ति से जुड़े नियम-22 और परिशिष्ट-1 में बदलाव किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत सिविल जज (सीनियर डिवीजन) से पदोन्नति का कोटा 65 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। यह पदोन्नति श्रेष्ठता और वरिष्ठता के आधार पर तथा उपयुक्तता परीक्षा पास करने वाले अधिकारियों को दी जाएगी। वहीं सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा के जरिए पदोन्नति का कोटा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। इसमें वही सिविल जज शामिल हो सकेंगे, जिन्होंने उस पद पर कम से कम तीन साल की सेवा और उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा में कम से कम सात साल की सेवा पूरी की हो। इसके अलावा अधिवक्ताओं (बार) से सीधी भर्ती का कोटा पहले की तरह 25 प्रतिशत ही रहेगा।

चुनाव में डर का माहौल नहीं बनने देंगे, जिम्मेदारों पर सख्त एक्शन होगा: ज्ञानेश कुमार

कोलकाता मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर कोलकाता में आगामी पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के लिए तैयारियों की विस्तृत और व्यापक समीक्षा की। इसके बाद मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस कर एसआईआर सहित चुनाव से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, "भारत निर्वाचन आयोग पश्चिम बंगाल के सभी मतदाताओं को आश्वासन दिलाता है कि आगामी चुनाव हिंसा और भय से मुक्त वातावरण में संपन्न होंगे। सभी मतदाता निश्चित रूप से मतदान करने के लिए बाहर आएं।" ज्ञानेश कुमार ने कहा, "मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि वोटर लिस्ट लोकतंत्र की आधारशिला है। कोई भी पात्र मतदाता छूटना नहीं चाहिए, लेकिन किसी भी अपात्र व्यक्ति को मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। हाल ही में 28 फरवरी को पश्चिम बंगाल की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई, जिसमें कुल 7 करोड़ 8 लाख नाम हैं।" मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया, "गणना प्रपत्र प्राप्त होने के बाद यह पाया गया कि जब पिछली बार विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) किया गया था तो लगभग 4-5 फीसदी मतदाताओं का मिलान 2002 की मतदाता सूचियों से नहीं हो पाया था। इन्हें 'अमान्य मामले' के रूप में वर्गीकृत किया गया। इसके अतिरिक्त लगभग 7-8 फीसदी मतदाताओं ने अपना मिलान स्वयं किया था, लेकिन या तो गलत तरीके से या संदिग्ध त्रुटियों के साथ, जो जानबूझकर या अनजाने में हो सकती हैं।" ज्ञानेश कुमार ने कहा, "चुनाव कर्मचारियों की सख्ती के संबंध में चुनाव आयोग मीडिया के माध्यम से प्रत्येक मतदाता, विशेष रूप से पश्चिम बंगाल के मतदाताओं को आश्वस्त करना चाहता है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान सभी स्तरों पर प्रत्येक अधिकारी चुनाव आयोग के कानूनों, नियमों और निर्देशों के अनुसार कार्य करेगा। यदि कोई लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।" मुख्य चुनाव ने कहा "विचाराधीन नामों के संबंध माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार और पश्चिम बंगाल के मुख्य न्यायाधीश की देखरेख में चल रही है। न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति पहले ही हो चुकी है और वे अनुच्छेद 326 के अनुसार मतदाताओं की पात्रता पर निर्णय ले रहे हैं। जहां तक ​​मतदाता सूची का संबंध है, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम और विशेष गहन पुनरीक्षण के आदेशों के अनुसार अंतिम सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की गई थी।" मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, "पिछले दो दिनों में हमने राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की है। राष्ट्रीय और राज्य स्तर की सभी राजनीतिक पार्टियों, मुख्य सचिव के नेतृत्व वाली राज्य सरकार, सभी जिला कलेक्टरों, पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिदेशक और सभी एसपी ने चुनाव आयोग को आश्वासन दिया है कि पश्चिम बंगाल में आगामी चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से, हिंसा और धमकी से मुक्त होकर संपन्न किए जाएंगे।"

फुले-नकुल-अम्बेडकर जयंती मेला महोत्सव के लिए मुख्यमंत्री को मिला आमंत्रण

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में सर्व अनुसूचित जाति-जनजाति एवं अन्य पिछड़ा समाज छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री  साय को 14 अप्रैल को महासमुंद जिले के बसना में आयोजित होने वाले फुले-नकुल-अम्बेडकर जयंती मेला महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री  साय ने आमंत्रण के लिए प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि महापुरुषों की जयंती के अवसर पर आयोजित ऐसे आयोजन समाज में जागरूकता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देते हैं। इस अवसर पर बसना विधायक  सम्पत अग्रवाल भी उपस्थित थे।

मध्य प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और LPG सप्लाई पर सरकार की पैनी नजर, तीन मंत्रियों को बनाया प्रभारी

भोपाल मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिए कि वे अपने प्रभार के जिलों में स्थिति की समीक्षा करें। कहीं पर भी पैनिक नहीं होना चाहिए। पेट्रोल डीजल रसोई गैस की स्थिति पर नजर रखने और केंद्र सरकार व आयल कंपनियों से समन्वय के लिए तीन मंत्रियों की समिति बनाई। उच्च स्तरीय समिति का गठन उप मुख्यमंत्री वित्त जगदीश देवड़ा, खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप को समिति में रखा। कैबिनेट बैठक के बाद खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने बताया कि पेट्रोल डीजल की उपलब्धता में निरंतरता बनी हुई है।   ईंधन और गैस आपूर्ति की वर्तमान स्थिति रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर भी फिलहाल कोई दिक्कत नहीं है। कमर्शियल गैस का स्टॉक रिटेलर के पास दो दिन और तेल कंपनियों के पास सात दिन का है। विभाग ने कलेक्टर कमिश्नर को निर्देश दिए हैं कि वह कमर्शियल गैस के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए उपभोक्ताओं से संवाद करें।

शाहजहांपुर और बाराबंकी ने बराबर अंक प्राप्त कर दूसरा, जालौन ने तीसरा स्थान प्राप्त किया

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पिछले नौ वर्षों से समग्र विकास की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इस दौरान प्रदेश में न केवल बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, बल्कि समाज के हर वर्ग का उत्थान भी सुनिश्चित किया जा रहा है। सीएम योगी के सपनों को साकार करने में एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। आईजीआरएस से जनसुनवाई, जन कल्याणकारी योजनाओं और राजस्व कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे जिलों को बेहतर प्रशासनिक मानक स्थापित करने में मदद मिल रही है। इसी कड़ी में आईजीआरएस की फरवरी की रिपोर्ट में प्रदेशभर में रामपुर ने शत-प्रतिशत अंक प्राप्त कर पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि शाहजहांपुर और बाराबंकी ने बराबर अंक प्राप्त कर दूसरा तो जालौन ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।  49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की हर माह की जाती है समीक्षा आईजीआरएस हर माह जिलों के राजस्व कार्यों, विकास कार्यों और जन शिकायत की सुनवाई की रिपोर्ट जारी करता है। आईजीआरएस प्रदेशभर के जिलों में 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की विभिन्न मानकों के आधार पर समीक्षा करता है। इसके बाद जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है। आईजीआरएस की फरवरी की रिपोर्ट के अनुसार रामपुर ने मानक पूर्णांक 140 में पूरे 140 अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है।  रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि आईजीआरएस की रिपोर्ट उन जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है, जिन्होंने प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों और राजस्व प्रबंधन में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप रामपुर में विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। यही वजह है कि रामपुर ने आईजीआरएस और सीएम डैशबोर्ड की रिपोर्ट में पहला स्थान प्राप्त किया है।   टॉप टेन जिलों में जालौन, बरेली, श्रावस्ती और हाथरस ने बनाई जगह शाहजहांपुर जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिले में विकास परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण और तय समय सीमा में पूरा करने के लिए हर हफ्ते अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की जाती है। साथ ही आम जनमानस की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। उनकी समस्या के निस्तारण के संतुष्टिपूर्ण फीडबैक पर ही आईजीआरएस की रिपोर्ट जारी की जाती है। ऐसे में आईजीआरएस की फरवरी की रिपोर्ट में शाहजहांपुर पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने बताया कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप आगे भी लगातार प्रयास रहेगा कि आम जनमानस की शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।  इसी तरह शाहजहांपुर ने 137 अंक और बाराबंकी ने भी 137 अंक हासिल कर दूसरा, जालौन ने 136 अंक प्राप्त कर तीसरा और बरेली के साथ श्रावस्ती और हाथरस ने बराबर-बराबर 135 अंक हासिल कर चौथा स्थान प्राप्त किया है। वहीं बलिया, आजमगढ़ और भदोही बराबर-बराबर 134 अंक हासिल कर पांचवें पायदान पर हैं। वहीं टॉप टेन जिलों में अंबेडकरनगर, प्रयागराज, कन्नौज, पीलीभीत और हमीरपुर ने जगह बनाई है।

ईरान का बड़ा बयान: होर्मुज स्ट्रेट से तेल सप्लाई रोकने की धमकी, IRGC ने दी चेतावनी

तेहरान ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के जनरल ने कहा है कि जब तक युद्ध जारी रहेगा, ईरानी सेना होर्मुज स्ट्रेट से अमेरिका और इजरायल के सहयोगी देशों को एक लीटर तेल भी निर्यात नहीं करने देगी। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जनरल अली मोहम्मद नैनी ने कहा, “ईरानी सेना… अगली सूचना तक इस इलाके से दुश्मन देश और उसके सहयोगियों को एक लीटर तेल भी निर्यात नहीं करने देगी। तेल और गैस की कीमतों को कम करने और कंट्रोल करने की उनकी कोशिश सफल नहीं होगी।" जनरल ने कहा कि दुनिया में तेल की कीमतों पर कंट्रोल अब ईरान के हाथ में है और अमेरिका को इंतजार करना पड़ेगा कि ईरान आगे क्या कदम उठाता है। अधिकारी के मुताबिक एनर्जी मार्केट पहले से ही अस्थिर हो चुका है और ईरान तब तक लड़ाई जारी रखेगा जब तक अमेरिका की ओर से हार का ऐलान नहीं हो जाता। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का बहुत अहम समुद्री रास्ता है। हर साल दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है। जनरल के मुताबिक, “अमेरिका का दावा है कि कमर्शियल और मिलिट्री जहाज इस इलाके में मौजूद हैं और होर्मुज स्ट्रेट से आसानी से गुजर रहे हैं, जबकि अमेरिकी नौसेना के जहाज, विमान और सभी फाइटर जेट ईरान की ताकतवर मिसाइलों और ड्रोन से सुरक्षित रहने के लिए 1,000 किलोमीटर से ज्यादा पीछे हट गए हैं।” ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने ये भी दावा किया है कि उसने इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को भी निशाने पर लिया है। आईआरजीसी के जनसंपर्क कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इरबिल में हरिर एयर बेस पर अमेरिकी सेना के मुख्यालय को लक्ष्य बनाकर मिसाइलें दागी गईं। इस सैन्य ठिकाने पर कुल पांच मिसाइलें दागी गईं। हालांकि इस हमले से हुए नुकसान या हताहतों के बारे में अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

जिला सूरजपुर न्यायालय में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का भव्य आयोजन – नारी शक्ति का हुआ सम्मान नारी शक्ति का हुआ सम्मान

सूरजपुर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला न्यायालय सूरजपुर में नारी शक्ति के सम्मान में एक भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन उन महिलाओं को समर्पित रहा जिन्होंने न्याय और समाज की बेहतरी में अपना अमूल्य योगदान दिया है। कार्यक्रम की मुख्य झलकियाँ:- अध्यक्षता: कार्यक्रम का सफल संचालन  प्रज्ञा पचौरी एवं  विनीता वार्नर के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। प्रमुख उपस्थिति: कार्यक्रम में  पायल टोपनो,  रूचि मिश्रा एवं कुमारी हिमांशी सराफ सहित बड़ी संख्या में महिला अधिवक्तागण, न्यायालयीन कर्मचारी और पैरा लीगल वॉलेंटियर्स उपस्थित रहे। प्रेरक संबोधन:- न्यायाधीशों ने अपने संबोधन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश और समाज को सही दिशा दिखाने में नारी शक्ति की भूमिका सदैव अग्रणी रही है। हमें उन सभी वीरांगनाओं और व्यक्तित्वों को याद रखना चाहिए जिन्होंने महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की राह प्रशस्त की। उन्होंने उपस्थित महिलाओं का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें न्याय के क्षेत्र में और अधिक सशक्त होने के लिए प्रेरित किया। सम्मान समारोह:-                  इस अवसर पर एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें महिला न्यायाधीशों, वरिष्ठ महिला अधिवक्ताओं एवं वरिष्ठ पैरा लीगल वॉलेंटियर्स को न्यायाधीशों के कर-कमलों द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके समर्पण और समाज के प्रति अटूट सेवा भाव का प्रतीक है।

संयुक्त टीम की बड़ी कार्रवाई: 10 हजार रुपये से अधिक की देशी मदिरा जब्त

बलौदाबाजार संयुक्त टीम ने 10 हजार रुपए से अधिक की देशी मदिरा किया जब्तआबकारी विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा दो प्रकरणों में 10900 रुपए मूल्य के 19.62 बल्क लीटर देशी मदिरा जब्त किया गया। प्राप्त जानकारी के. अनुसार ग्राम सुंदरी (स) में आरोपी चेतन पिता राजकुमार मनहरे उम्र 25 वर्ष सा. सुंदरी के कब्जे से देशी मदिरा के 84 पाव कुल 15.12 बल्क लीटर जब्त की गई। देशी मदिरा का बाजार मूल्य 8,400/- रूपये होना पाया गया। इसी प्रकार आरोपी सतवंतीन बाई पति जोहार लाल मनहरे उम्र 54 वर्ष सा. सुंदरी (स) के कब्जे से 25 पाव देशी मदिरा मसाला कुल 4.5 बल्क लीटर जब्त की गई। देशी मदिरा का बाजार मूल्य 2,500 रूपये होना पाया गया। कुल दोनो प्रकरणों की जप्ती 19.62 बल्क लीटर है एवं बाजार मूल्य 10,900/- रूपये है। आरोपी चेतन पिता राजकुमार मनहरे उम्र 25 वर्ष सा. सुंदरी के विरूद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34 (2) 59 (क) एवं आरोपिया सतवंतीन बाई पति जोहार लाल मनहरे उम्र 54 वर्ष सा. सुंदरी (स) के विरूद्ध 34 (1) ख का प्रकरण कायम कर विवेचना में लिया गया।  कार्यवाही में सहायक जिला आबकारी अधिकारी जलेश कुमार सिंह, आबकारी उपनिरीक्षक दिनेश कुमार साहू, पी. माधव राव, पुलिस बल में विष्णु खटकर, भानु एवं नगर सैनिक कमल वर्मा, दुर्गेश्वरी कुर्रे, राजकुमारी पैकरा शामिल रहे।

NCERT ने न्याय पालिका में Corruption वाले चैप्टर पर मांगी माफी

पटना. न्याय पालिका में भ्रष्टाचार वाले चैप्टर पर सुप्रीम कोर्ट से लगी फटकार के बाद NCERT ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है. संस्था ने कहा कि पूरी किताब वापस ले ली गई है और अब यह आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं है. NCERT ने इस संबंध में ट्वीट के माध्यम से जानकारी दी. संस्था ने कहा, “हाल ही में क्लास 8 की सोशल साइंस की पुस्तक में Exploring Society: India and Beyond (भाग-2) प्रकाशित की थी, जिसमें चैप्टर-4 का शीर्षक था, हमारे समाज में न्याय पालिका की भूमिका. एनसीईआरटी के निदेशक और सदस्यों ने इस अध्याय को लेकर बिना किसी शर्त के सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगी है. साथ ही बताया गया है कि पूरी किताब को वापस ले लिया गया है और अब यह उपलब्ध नहीं है.” 𝐏𝐫𝐞𝐬𝐬 𝐑𝐞𝐥𝐞𝐚𝐬𝐞: 𝐏𝐮𝐛𝐥𝐢𝐜 𝐀𝐩𝐨𝐥𝐨𝐠𝐲 The National Council of Educational Research and Training [NCERT] has recently published a social science textbook, “Exploring Society: India and Beyond," Grade 8 (Part II), which contained Chapter IV titled “The Role of… — NCERT (@ncert) March 10, 2026 इसी के साथ NCERT ने आगे कहा कि हम इस कारण हुई असुविधा के लिए ईमानदारी से खेद व्यक्त करते हैं और सभी संबंधित पक्षों की समझदारी की सराहना करते हैं. NCERT शैक्षणिक सामग्री में सटीकता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. कहां से शुरू हुआ पूरा मामला? सुप्रीम कोर्ट NCERT की किताब में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ वाले टॉपिक के उल्लेख को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया था. ये नोटिस 26 फरवरी को NCERT के निदेशक और शिक्षा मंत्रारलय के सचिव के लिए जारी किया गया. कोर्ट ने किताब की सभी कॉपियों को तुरंत बैन कर दिया. साथ ही पूछा कि इस मामले में आपराधिक अवमानना कार्रवाई क्यों न की जाए. यहीं से ये पूरा विवाद शुरू हुआ. क्या था सुप्रीम कोर्ट का कहना? सुप्रीम कोर्ट का मानना था कि इसमें न्यायपालिका की गलत या एकतरफा तस्वीर पेश की गई है. सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी.आर. गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि इस उम्र में बच्चे जीवन की बारीकियों को समझना शुरू ही करते हैं, ऐसे में उन्हें गलत जानकारी देना उचित नहीं है. कोर्ट का साफ कहना था कि किताब के माध्यम से ये जानकारी स्टूडेंट्स, शिक्षक और माता पिता तक पहुंचेगी. इससे समाज पर प्रभाव पड़ेगा.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ममलेश्वर में जलाभिषेक एवं पूजन किया

नर्मदा जल लेकर पहुँचे मंदिर भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दादा गुरु जी की चौथी "नर्मदा सेवा परिक्रमा" के समापन अवसर पर मंगलवार को खंडवा जिले के ओंकारेश्वर स्थित ममलेश्वर मंदिर में विधिवत पूजा अर्चना कर मां नर्मदा के जल से अभिषेक किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान ममलेश्वर से प्रदेशवासियों के लिए सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, दादा गुरुजी के साथ ओंकारेश्वर के गजानन आश्रम से नर्मदा जल का कलश लेकर पदयात्रा करते हुए ममलेश्वर मंदिर पहुंचे। इस अवसर पर मांधाता क्षेत्र के विधायक श्री नारायण पटेल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और श्रद्धालु मौजूद रहे।