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आगरा के दंपती कान्हा की भक्ति में रोजाना लोटपोट होकर नाप रहे ब्रज

आगरा. ब्रज चौरासी कोस में कान्हा का माधुर्य और दिव्यता का आकर्षण भक्तों को ब्रज रज में लोटपोट के लिए मजबूर कर रहा है। कान्हा की भक्ति में वशीभूत आगरा के दंपती ब्रज चौरासी कोस की लोटपोट होकर परिक्रमा कर रहे हैं। आगरा जिले में गांव नगला परमाल (अकोला) में रहने वाले पूर्व शिक्षक अमरसिंह और उनकी पत्नी रामवती इन दिनों कान्हा की भक्ति में लीन हैं। जिसमें वह बृज चौरासी कोस की परिक्रमा लोटपोट होकर कर रहे हैं। इन्हें देख रास्ता में लोग नतमस्तक हो रहे हैं। पत्नी आगे झाड़ू लगाते हुए साथ चल रही हैं। पति के थकने पर वह भी लोटपोट होकर परिक्रमा करती है। दंपती ने कहा, जीवन कान्हा को समर्पित सोमवार को सुरीर होकर लोटपोट परिक्रमा देते जा रहे दंपती ने बताया कि उन्होंने अपना जीवन कान्हा को समर्पित कर रखा है। परिवार में तीन बहू और बेटा है, वो सभी सरकारी नौकरी में है। परिक्रमा मार्ग पर तमाम झंझावतों को झेलते जा रहे दंपती के चेहरे पर थकावट अथवा परेशानी नाम की कोई शिकन नहीं है। एक दिन में 5 किलोमीटर का सफर तय उन्होंने बताया कि लोटपोट होकर परिक्रमा में वह एक दिन में पांच किलोमीटर का सफर तय कर रहे हैं। उन्होंने छह फरवरी को गोवर्धन के समीप से बृज चौरासी कोस परिक्रमा शुरू की है। अब तक वह सुरीर तक पहुंचे हैं।

टीएल बैठक में योजनाओं की समीक्षा, पीएम सूर्य घर योजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी

  बिलासपुर, कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मंगलवार को आयोजित टाइम लिमिट (टीएल) बैठक में विभिन्न शासकीय योजनाओं, लंबित प्रकरणों और जनहित से जुड़े मामलों की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से सड़क दुर्घटनाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति और लंबित आवेदनों के त्वरित निराकरण पर जोर दिया।     कलेक्टर श्री अग्रवाल ने अज्ञात वाहन से हुई सड़क दुर्घटनाओं से हुई mout के मामलों में हिट एंड रन केस के अंतर्गत मृतकों के परिजनों को दी जाने वाली 2 लाख रुपये की सहायता राशि के प्रकरण तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि यह योजना 1अप्रैल 2022 से लागू है और इस तिथि के बाद के पुराने प्रकरण भी स्वीकार किए जाएंगे। जिले में अब तक ऐसे चार मामले चिन्हित किए गए हैं। बैठक में सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस उपचार सुविधा की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में 37 अस्पतालों को चिन्हांकित किया गया है। कलेक्टर ने सड़क दुर्घटनाओं का ऑडिट करने के निर्देश देते हुए कहा कि भविष्य में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सुधार कार्य किए जाएं।        कलेक्टर ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत बंद हो चुकी खदानों को शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी खदानों को महिला स्व-सहायता समूहों को मत्स्य पालन के लिए दिया जाए, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। पीएम सूर्य घर योजना की समीक्षा में बताया गया कि जिले में अब तक 2,500 प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि लगभग 7,000 लोगों ने पंजीयन कराया है। कलेक्टर ने प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक लोगों को योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। बैठक में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रगति की भी जानकारी ली गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अब तक 75 प्रतिशत घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि किसी भी खाताधारक की मृत्यु की सूचना ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय द्वारा संबंधित  बैंक को तत्काल दी जाए, ताकि परिजनों को 2 लाख रुपये का बीमा क्लेम समय पर मिल सके। आगामी बरसात के मौसम में वृक्षारोपण की तैयारी को लेकर कलेक्टर ने पौधों की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने उद्यानिकी विभाग को 4 लाख और वन विभाग को 2 लाख पौधे तैयार रखने के निर्देश दिए।           बैठक में स्कूलों में बालिकाओं के लिए शौचालय निर्माण की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि जहां आवश्यकता है वहां डीएमएफ अथवा अन्य योजनाओं से राशि उपलब्ध कराकर शौचालय निर्माण कराया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी इसकी लिस्ट देंगे।साथ ही उन्होंने स्कूली बच्चों के लगभग 50 हजार लंबित अपार आईडी शीघ्र बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जनगणना कार्य को समय-सीमा वाला अभियान बताते हुए कहा कि जिस भी अधिकारी-कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाए वह तुरंत जॉइन कर अपना दायित्व निभाए। बैठक में मुख्यमंत्री जनदर्शन, मुख्यमंत्री घोषणाएं, हाईकोर्ट प्रकरण, पीएमओ पोर्टल तथा विभिन्न आयोगों और वरिष्ठ कार्यालयों से प्राप्त आवेदनों की भी समीक्षा की गई और उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए। बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

वैक्सीन साइड इफेक्ट्स पर पीड़ितों को मिले मुआवजा, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को दिया निर्देश

नई दिल्ली मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच सुनवाई कर रही थी। याचिका में कहा गया था कि कोविड 19 वैक्सीन के बाद हुए कथित दुष्प्रभावों के चलते मृतकों के परिवार को मुआवजा दिया जाए। Covid 19 वैक्सीन के दुष्परिणामों के कारण कथित मौतों के मामले में याचिका सुनवाई हुई। याचिका के जरिए मृतकों के लिए मुआवजे की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने टीकाकरण के बाद दुष्प्रभावों की जांच के लिए एक्सपर्ट पैनल के गठन से इनकार कर दिया है। साथ ही शीर्ष न्यायालय ने सरकार को मुआवजा नीति बनाने और टीकाकरण के दुष्प्रभावों से जुड़े आंकड़े समय-समय पर सार्वजनिक करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच सुनवाई कर रही थी। याचिका में कहा गया था कि कोविड 19 वैक्सीन के बाद हुए कथित दुष्प्रभावों के चलते मृतकों के परिवार को मुआवजा दिया जाए। अब अदालत ने इन याचिकाओं का निपटारा किया और कहा है कि टीकाकरण के बाद होने वाले दुष्प्रभावों की निगरानी के लिए मौजूद व्यवस्था जारी रहेगी। कोर्ट का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था को देखते हुए टीकाकरण के बाद दुष्प्रभावों की जांच के लिए कोर्ट की तरफ से अलग समिति बनाने की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि कोई व्यक्ति कानून का सहारा नहीं ले सकता है। कोर्ट ने कहा कि मुआवजा नीति बनाने का मतलब यह नहीं माना जाएगा कि भारत सरकार या किसी अन्य अथॉरिटी ने अपनी गलती या कानूनी जिम्मेदारी स्वीकार कर ली है। सरकार को दिए निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि कोविड 19 वैक्सीन लगवाने के बाद गंभीर दुष्परिणामों के लिए मुआवजा नीति बनाई जाए। साथ ही कहा कि दुष्परिणामों के मामलों को देखने के लिए मौजूदा व्यवस्था ही जारी रहेगी। साथ ही समय समय पर इससे जुड़ा जरूरी डेटा सार्वजनिक किया जा सकता है। याचिका दरअसल, यह याचिका कोविड वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स के चलते जान गंवाने वाली दो लड़कियों के पैरेंट्स की तरफ से दाखिल की थी। याचिका में कहा गया था कि मौतों के मामलों की स्वतंत्र जांच के लिए एक स्वतंत्र समिति का गठन किया जाए। साथ ही ऑटोप्सी और जांच की रिपोर्ट्स को जारी किया जाए। याचिका में कहा गया था कि बच्चियों के माता-पिता को आर्थिक मुआवजा दिया जाए।  

पंजाब बॉर्डर पर BSF ने सीमा पार कर रहे घुसपैठिये को किया ढेर

तरन तारन. देर रात को सीमा पर तैनात बीएसएफ की टुकड़ी ने भारत पाक सीमापार करके भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुए एक पाकिस्तानी घुसपैठिये को गोलियां मारकर ढेर कर दिया। शव को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। खेमकरण क्षेत्र में तैनात बीएसएफ की 142 वी बटालियन के जवानों ने रात को पाक की तरफ से हरकत महसूस की, जिसके बाद चौकसी बढ़ा दी गई। जवानों ने माइट विजन कैमरों की मदद से देखा कि पाकिस्तान की तरफ से एक संदिग्ध भारतीय क्षेत्र में दाखिल हो रहा है। कार्रवाई से पहले उसे चेतावनी दी गई, लेकिन इसके बाद भी वह घुसपैठ करता रहा तो उक्त संदिग्ध को जवानों ने गोलियों से ढेर कर दिया। संदिग्ध सामान बरामद बीएसएफ की पोस्ट नूरवाल के पास की उक्त घटना के बाद जवानों ने गोलियां लगने से मरने वाले की तलाशी ली। सूत्रों के मुताबिक, उसके कब्जे से कुछ संदिग्ध सामान मिला है। हालांकि, इस बाबत अभी किसी भी अधिकारी ने सामान की बरामदगी बाबत अधिकारित तौर पर पुष्टि नहीं की। मरने वाले पाक घुसपैठिये के शव को थाना वल्टोहा की पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है ।बाद में शव पट्टी अस्पताल।के शव गृह में रखवा दिया गया। लगातार हो रही है घुसपैठ भारत-पाकिस्तान सीमा पर बीएसएफ की और से लगातार चौकसी बढ़ाई गई है। आए दिन ड्रोन के जरिए हथियार,गोला बारूद और मादक पदार्थों की खेप भेजी जा रही है। एसएसपी सुरेंद्र लांबा कहते है कि सीमा पर तैनात बीएसएफ और पंजाब पुलिस की और से मिलकर अभियान चलाया जा रहा है।जिसके माध्यम से पाक के नापाक इरादों को विफल।किया जा रहा है।

पंजाब सदन में कांग्रेस विधायक की आपत्तिजनक टिप्पणी पर जमकर हंगामा

चंडीगढ़. पंजाब विधानसभा के शून्य काल के दौरान एक बार फिर से हंगामा हो गया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस के विधायक सुखपाल सिंह खैरा का एक इंटरनेट मीडिया पर दिया गया बयान पढ़कर सुनाया जिसमें उन्होंने कहा कि 1000 रुपये लेकर औरतें कौन से सूरमाओं को पैदा कर देंगी। हरपाल चीमा ने इस अनुसूचित जाति समुदाय की बहू, बेटियों का अपमान बताते हुए कहा कि कांग्रेस की नेताओं की हर समय यही बयानबाजी रहती है। कभी यह किसी को काला कह देते हैं तो कभी किसी को बैंड बाजे बजाने वाला, इन्हें मानसिक तौर पर स्वास्थ्य लाभ लेने की जरूरत है। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि उन्होंने सुखपाल सिंह खैहरा का यह बयान नहीं देखा है लेकिन अगर उन्होंने ऐसा कहा है तो वह इसके लिए क्षमा मांगते हैं और इस बात को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। 'ये शब्दावली नहीं करेंगे बर्दाश्त' उन्होंने हरपाल चीमा की ओर से कांग्रेसी नेताओं की ओर से अनुसूचित जाति के प्रति बरती गई शब्दावली को लेकर भी कहा कि जिन लोगों की वित्त मंत्री ने बात की है वह इस सदन का हिस्सा नहीं है और वह अपनी बात कई बार स्पष्ट भी कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ही बूटा सिंह जैसे नेताओं को केंद्र सरकार में गृहमंत्री बनाया है इसलिए उनके प्रति सम्मान में कोई कमी नहीं है। इसलिए बार-बार उसे तरफ जाना ठीक नहीं है। माफी योग्य नहीं है बयान: सरबजीत कौर प्रताप सिंह बाजवा के माफी मांगने के बाद ऐसा लग रहा था की बात यहीं खत्म हो जाएगी। लेकिन आम आदमी पार्टी की विधायक इंद्रजीत मान और सरबजीत कौर अपनी सीटों पर खड़े होकर सुखपाल सिंह खैहरा के बयान का विरोध करने लगी और उन्होंने कहा कि बेशक प्रताप सिंह बाजवा ने इसकी माफी मांग ली हो लेकिन उनका यह बयान माफी योग्य नहीं है इसे लोगों में लेकर जाया जाएगा साथ ही उन्होंने खेहरा के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। मसला बढ़ते देखकर स्पीकर ने सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए मुल्तवी कर दी।

कटनी में कार की टक्कर से बाइक सवार चार युवकों की मौत

कटनी. जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र में कटनी शहडोल राष्ट्रीय राजमार्ग पर रेलवे पुल के पास सोमवार मंगलवार की रात्रि कार और बाइक की सीधी भिड़ंत में बाइक सवार चार युवकों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। कार सवार पांच लोग घायल हो गए। सभी घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार मानपुर जिला उमरिया निवासी एक युवक महाराष्ट्र से मजदूरी करके लौट रहे अपने तीन मित्रों को लेने बाइक से कटनी स्टेशन आया था। रात को वह अपने मित्रों को साथ लेकर वापस घर जा रहा था। इसी दौरान बड़वारा रेलवे पुल के पास सामने से आ रही कार ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। मौके पर ही मानपुर निवासी बाइक सवार रामकिशोर सिंह, रामदास सिंह, जितेंद्र सिंह और इंद्रभान सिंह की मौत हो गई। राजगढ़ निवासी कार सवार अंबिकापुर से घर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान बड़वारा के समीप हादसा हो गया। कार सवार एक महिला सहित पांच लोगों को गंभीर चोट आई। घटना की जानकारी लगते ही बड़वारा पुलिस पहुंची। घायलों को बड़वारा अस्पताल पहुंचाया, जहां से प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। मृतकों के शव बड़वारा अस्पताल में रखवाए गए हैं और उनका पीएम कराया जा रहा है।

बड़वारा के समीप एनएच पर भीषण सड़क हादसा, कार और बाइक की सीधी भिड़ंत, बाइक सवार चार की मौत, कार सवार पांच घायल

कटनी कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र में कटनी शहडोल राष्ट्रीय राजमार्ग पर रेलवे पुल के समीप गत मध्य रात्रि एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई। यहां पर कार और बाइक की सीधी भिड़ंत में बाइक सवार चार युवकों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई, जबकि कार सवार पांचो लोग घायल हो गए। घायलों में से चार की हालत नाजुक बताई जा रही है। सभी घायलों को रेफर कर दिया गया है। कार चालक को अधिक चोटें नहीं आई हैं। इस तरह हुई घटना बड़वारा थाना क्षेत्र के रेलवे पुलिया के पास गत 9, 10 मार्च की मध्य रात्रि लगभग 12 बजे हुई घटना में कार और बाइक की आमने-सामने जोरदार टक्कर हुई। बताया जाता है की मानपुर निवासी एक युवक महाराष्ट्र से मजदूरी करके लौट रहे अपने तीन मित्रों को लेने कटनी स्टेशन आया था। वह अपने मित्रों को साथ लेकर अपनी बाइक से वापस घर जा रहा था, इसी दौरान बड़वारा रेलवे पुल के पास सामने से आ रही कार ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि घटनास्थल पर ही मानपुर निवासी बाइक सवार रामकिशोर सिंह, रामदास सिंह, जितेंद्र सिंह और इंद्रभान सिंह की मौत हो गई। राजगढ़ जा रहे थे कार सवार बताया जाता है कि राजगढ़ निवासी कार सवार किसी काम से अंबिकापुर गए हुए थे, वे लोग भी घर वापस लौट रहे थे। इसी बीच बड़वारा के समीप यह भीषण हादसा हो गया। कार सवार एक महिला सहित पांच लोगों में से चार की हालत नाजुक बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रेफर कर दिया गया है, जबकि कार चालक को मामूली चोटें आई है। तत्काल पहुंची पुलिस घटना की सूचना मिलते ही बड़वारा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्राथमिक जानकारी के अनुसार बाइक पर चार लोगों का सवार होना और तेज रफ्तार हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है। राहगीरों के मुताबिक बाइक सवार युवकों ने हेलमेट नहीं पहन रखी थी। हादसे के बाद सभी बाइक सवार सड़क पर गिरे और उनके सर में गंभीर चोटें आई, जिसके कारण उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। यदि हेलमेट होता तो शायद जान बच सकती थी।

बिलासपुर प्रेस क्लब चुनाव अजीत के टीम की हुई जीत.. शासन ने अपील खारिज की, नई कार्यकारिणी बरकरार… विरोधियों को लगा तगड़ा झटका…

बिलासपुर  बिलासपुर प्रेस क्लब के चुनाव को लेकर चले विवाद में अंततः राज्य शासन ने दिलीप यादव की अपील खारिज कर दी है। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के उप सचिव द्वारा पारित आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अपीलकर्ता दिलीप यादव ने चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई थी, और स्वयं चुनाव में भाग लिया था, इसलिए बाद में चुनाव प्रक्रिया को चुनौती देना विधिसम्मत नहीं है। प्रकरण के अनुसार, संस्था के तत्कालीन सचिव दिलीप यादव द्वारा 7 सितंबर 2025 को चुनाव कराने के लिए निर्वाचन अधिकारी अपने खासमखास महेश तिवारी को नियुक्त किया गया, और 9 सितंबर को आनन-फानन में चुनाव कार्यक्रम घोषित किया गया। इसी दौरान सहायक पंजीयक फर्म्स एवं संस्थाएं बिलासपुर ने संस्था के पदाधिकारियों को अधिनियम की धारा 27 व 28 के उल्लंघन के संबंध में नोटिस जारी किया था। 19 सितंबर 2025 को 563 सदस्यों की मतदाता सूची के आधार पर चुनाव संपन्न कराया गया, लेकिन मतदाता सूची पंजीयक कार्यालय से प्रमाणित नहीं होने के कारण विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई। इसके बाद सहायक पंजीयक की अनुशंसा पर रजिस्ट्रार फर्म्स एवं संस्थाएं छत्तीसगढ़ ने 19 सितंबर को हुए चुनाव को अमान्य घोषित करते हुए 18 नवंबर 2025 को नए सिरे से चुनाव कराने का आदेश दिया। रजिस्ट्रार के आदेश के पालन में जिला कलेक्टर ने सहायक पंजीयक बिलासपुर को निर्वाचन अधिकारी नामित किया। इसके बाद वर्ष 2023 की मतदाता सूची के आधार पर 447 वैध सदस्यों के बीच 28 दिसंबर 2025 को पुनः चुनाव कराया गया, जिसमें अपीलकर्ता दिलीप यादव सहित अन्य प्रत्याशियों ने भाग लिया। इस बीच दिलीप यादव ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रजिस्ट्रार के आदेश को निरस्त करने और उस पर रोक लगाने की मांग की थी। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद शासन के समक्ष अपील प्रस्तुत की गई। 29 दिसंबर 2025 को हुई सुनवाई में अपीलकर्ता दिलीप यादव उपस्थित नहीं हुआ, जबकि अन्य पक्षों ने बताया कि 28 दिसंबर को चुनाव संपन्न हो चुका है। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि यदि अपीलकर्ता दिलीप यादव को चुनाव प्रक्रिया पर आपत्ति थी तो उसे चुनाव प्रक्रिया प्रारंभ होने से पहले अपील करनी चाहिए थी। चूंकि अपीलकर्ता दिलीप यादव स्वयं चुनाव में शामिल हुआ और बाद में परिणाम को चुनौती दी, इसलिए यह विधि के स्थापित सिद्धांतों के विपरीत है। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा गया कि कोई भी व्यक्ति किसी प्रक्रिया में स्वेच्छा से भाग लेने के बाद उसके परिणाम के विरुद्ध उसी प्रक्रिया की वैधता को चुनौती नहीं दे सकता। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए शासन ने अपील को अस्वीकार कर दिया है और सहायक पंजीयक बिलासपुर को निर्देश दिया है कि अधिनियम की धारा 27 व 28 के अंतर्गत संस्था से नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस आदेश के साथ ही बिलासपुर प्रेस क्लब के 28 दिसंबर 2025 को संपन्न हुए चुनाव और नई कार्यकारिणी के गठन पर शासन की मुहर लग गई है।

नगर निगम के इंजीनियर उदित गर्ग से पीएम आवास की जिम्मेदारी छीनी

भोपाल. नगर निगम में प्रशासनिक कार्य सुविधा के नाम पर कार्यपालन यंत्रियों के दायित्वों में बड़ा फेरबदल किया गया है। अपर आयुक्त वरुण अवस्थी द्वारा जारी इस आदेश ने निगम की आंतरिक सियासत और रसूख के समीकरण बदल दिए हैं। इस बदलाव में जहां कुछ अधिकारियों के पर कतरे गए हैं, वहीं लूप लाइन में माने जाने वाले कुछ चेहरों की दमदार वापसी हुई है। निगम के सबसे रसूखदार अधिकारियों में शुमार अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग को बड़ा झटका लगा है। उन्हें स्वच्छ भारत मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है। दूसरी ओर, अब तक मुख्य धारा से दूर रहे कार्यपालन यंत्री एके साहनी को नरेला विधानसभा की कमान सौंपकर ''''पावर'''' में लाया गया है। उन्हें नरेला का प्रभारी नगर निवेशक बनाने के साथ ही पीएमआइएस और अतिक्रमण स्टोर जैसी शाखाओं का प्रभार भी दिया गया है। आरआर जारोलिया को अब यांत्रिकी योजना प्रकोष्ठ के साथ जोन एक से 21 तक की विद्युत शाखा का प्रभार दिया गया है। वहीं अभी तक स्मार्ट सिटी और नगर निगम की विद्युत शाखा देख रहे आशीष श्रीवास्तव से नगर निगम की विद्युत शाखा का प्रभार वापस लेकर प्रभारी अधीक्षण यंत्री आरआर जारोलिया को दे दिया गया है। साथ ही आरआर जारोलिया के पास यांत्रिकी योजना प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी भी रहेगी। इसी तरह आरके गोयल को एचएफए का विभागाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि प्रमोद मालवीय को प्रोजेक्ट, झील संरक्षण और उद्यान शाखा जैसे महत्वपूर्ण विभागों की कमान दी गई है। निगम ने भवन अनुमति की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए अब विधानसभा वार प्रभारी नगर निवेशक नियुक्त किए हैं। आदेश के अनुसार, अब सभी संबंधित अधिकारियों को अपनी शाखाओं की नस्तियां संबंधित अपर आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत करनी होंगी । इन्हें दी विधानसभाओं की जिम्मेदारी – अनिल टटवाडे – उत्तर एवं मध्य विधानसभा के सिविल, अतिक्रमण और भवन अनुज्ञा शाखा में प्रभारी नगर निवेशक की जिम्मेदारी दी गई है। – एनके डेहरिया – दक्षिण-पश्चिम और गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी नगर निवेशक के साथ ही सिविल और अतिक्रमण शाखा की जिम्मेदारी संभालेंगे। – एके साहनी – नरेला विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी नगर निवेशक के साथ ही सिविल और अतिक्रमण शाखा का प्रभार दिया गया है। – एसके राजेश – हुजूर विधानसभा के प्रभारी नगर निवेशक और सिविल कार्य और अतिक्रमण शाखा के प्रभारी होंगे।

धार भोजशाला विवाद में 2189 पेज की रिपोर्ट MP हाईकोर्ट में दाखिल

धार. धार की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने 98 दिनों तक चले वैज्ञानिक सर्वे के बाद 2189 पेज की विस्तृत रिपोर्ट मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ में प्रस्तुत कर दी है। रिपोर्ट सामने आने के बाद दोनों पक्षों में हलचल तेज हो गई है और अब 16 मार्च को होने वाली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। भोजशाला परिसर में एएसआई की ओर से लगभग तीन महीने तक वैज्ञानिक पद्धति से सर्वेक्षण किया गया। इस दौरान परिसर के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद संरचनात्मक अवशेषों, पत्थरों पर उकेरी गई आकृतियों, स्तंभों और स्थापत्य शैली का विस्तृत अध्ययन किया गया। सर्वे के दौरान मिले अवशेषों का वैज्ञानिक परीक्षण कर उन्हें दस्तावेजी रूप से रिपोर्ट में शामिल किया गया। अदालत ने अध्ययन के लिए दिया समय मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने दोनों पक्षों को रिपोर्ट का अध्ययन करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था। अब निर्धारित तिथि 16 मार्च को होने वाली सुनवाई में दोनों पक्ष अदालत के सामने अपने-अपने तर्क और आपत्तियां पेश करेंगे। इस कारण भोजशाला विवाद से जुड़े इस मामले की अगली सुनवाई को लेकर धार सहित पूरे प्रदेश में विशेष रुचि बनी हुई है। रिपोर्ट में स्थापत्य अवशेषों का उल्लेख सूत्रों के अनुसार एएसआई की रिपोर्ट में परिसर के भीतर मंदिर से जुड़े स्थापत्य अवशेषों और संरचनात्मक साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है। सर्वे के दौरान पत्थरों पर उत्कीर्ण आकृतियां, प्राचीन स्तंभ, नक्काशीदार हिस्से और अन्य अवशेषों का वैज्ञानिक परीक्षण किया गया। इन सभी तथ्यों को एएसआई ने विस्तृत रूप से दस्तावेजी रूप में अदालत के सामने प्रस्तुत किया है। दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया रिपोर्ट सामने आने के बाद मंदिर पक्ष में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। मंदिर पक्ष के याचिकाकर्ता आशीष गोयल का कहना है कि सर्वे रिपोर्ट में मिले साक्ष्य स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि भोजशाला परिसर में पहले मंदिर था और बाद में उसे तोड़कर मस्जिद का निर्माण किया गया। उनके अनुसार एएसआई की रिपोर्ट से मंदिर पक्ष के दावों को मजबूती मिली है। वहीं दूसरी ओर कमाल मौलाना वेलफेयर सोसायटी के सदर अब्दुल समद ने कहा कि वे एएसआई की रिपोर्ट का अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 16 मार्च को होने वाली सुनवाई में रिपोर्ट के विभिन्न पहलुओं पर अपनी आपत्तियां और तर्क अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे।