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CBSE 12वीं मैथ्स पेपर में गड़बड़ी? QR कोड स्कैन करने पर निकला इंग्लिश गाना, छात्र हैरान

नई दिल्ली सीबीएसई बोर्ड परीक्षा का प्रश्न पत्र एक बार फिर विवादों में आ गया है। लेकिन इस बार मामला कठिनता के स्तर का नहीं, बल्कि कुछ अलग है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सोमवार को 12वीं कक्षा की गणित विषय की परीक्षा आयोजित की थी। पेपर के फौरन बाद छात्रों ने दावा किया कि उनकी गणित की परीक्षा के प्रश्न पत्र के पहले पेज पर छपे क्यूआर (QR) कोड को स्कैन करने पर यह इंग्लिश गाना खुल रहा था। छात्रों ने कहा कि क्यूआर कोर्ड स्कैन करने पर ब्रिटिश गायक रिक एस्टली (Rick Astley) के 1987 के प्रसिद्ध गीत “Never Gonna Give You Up” के यूट्यूब वीडियो पर ले जा रहा है। आमतौर पर ये क्यूआर कोड ऑथेंटिकेशन और सिक्योरिटी वेरिफिकेशन के लिए होते हैं इसलिए आधिकारिक दस्तावेज पर ऐसी त्रुटि ने बोर्ड की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आपको बता दें कि इस बार सीबीएसई 10वीं का गणित का पेपर अपनी अत्यधिक कठिनता के स्तर को लेकर विवादों में आया था। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि यह गड़बड़ी सभी प्रश्नपत्रों में थी या नहीं, लेकिन इस घटना के वीडियो और स्क्रीनशॉट इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। एक के बाद एक छात्रों ने अपने अनुभव साझा करना शुरू कर दिया है, कुछ ने तो अधिकारियों से सुरक्षा में संभावित चूक को लेकर सवाल भी पूछे। सीबीएसई पेपर में इस कथित चूक को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मीम्स की बाढ़ आ गई है। सीबीएसई पर तंज कसते हुए एक यूजर ने लिखा, "सीबीएसई ने सच में क्लास 12 के मैथ के पेपर में सिर्फ हमें 'रिकरोल' करने के लिए क्यूआर कोड डाल दिया… मैं वहां बैठकर इंटीग्रल्स हल करने की कोशिश कर रहा हूं, और बोर्ड 'Never Gonna Give You Up' बजा रहा है। 2026 में सच में एग्जामिनर्स ने हमें ट्रोल कर दिया। कुछ लोगों ने तो अधिकारियों से यह वेरिफाई करने के लिए सवाल पूछना भी शुरू कर दिया है कि क्या यह खबर सच है। "@cbseindia29, कई वायरल वीडियो और रिपोर्ट दावा कर रही हैं कि आपने 12वीं क्लास के स्टूडेंट्स को उनके मैथ्स के पेपर में "rickrolled" किया है। क्या आप कन्फर्म कर सकते हैं कि क्या सच में ऐसा हुआ है? इतने सारे वीडियो फेक नहीं हो सकते, क्या आप समझा सकते हैं?'यूजर अपने ट्वीट में शिक्षा मंत्रालय, सीबीएसई, और शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को टैग कर रहे हैं। अभी तक CBSE ने इस मामले पर कोई जवाब नहीं दिया है। पेपर सेट्स पर QR कोड क्यों लगाए जाते हैं? पेपर सेट्स पर QR कोड लगाना एक ऑथेंटिकेशन और लीक प्रूफ उपाय है। चूंकि हर QR कोड पेपर सेट के लिए यूनिक होता है, जो यह वेरिफाई करने में मदद करता है कि पेपर ऑफिशियल है या नहीं, इसलिए कई स्टूडेंट्स और पेरेंट्स को संभावित लीक का डर सता रहा है, क्योंकि कोड स्टूडेंट्स को ऑफिशियल निर्देशों या संबंधित जानकारी के बजाय एक म्यूजिक वीडियो पर रीडायरेक्ट कर रहा है। इसके अलावा क्यूआर ट्रैकिंग, रिकॉर्ड रखने और जालसाजी को रोकने में मदद करता है। स्टूडेंट्स लगातार अधिकारियों को टैग कर रहे हैं और जांच की मांग कर रहे हैं, क्योंकि उनका मानना ​​है कि पेपर के साथ छेड़छाड़ की गई थी और इस पर कार्रवाई की जानी चाहिए।

नेशनल हेराल्ड को विज्ञापन का 4.24 करोड़ रुपए का भुगतान: मुख्यमंत्री साय

रायपुर. विधानसभा बजट सत्र के दौरान मंगलवार को नेशनल हेराल्ड, संडे नवजीवन और नवसृजन मैगज़ीन को प्रदेश में बीते सालों में दिए गए विज्ञापनों की जानकारी मांगी गई. मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नेशनल हेराल्ड को पांच सालों में 4.24 करोड़ रुपए का विज्ञापन दिया गया. वहीं नवसृजन को इस अवधि में कोई भुगतान नहीं किया गया. सदन की कार्यवाही के दौरान भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने पूछा कि 2019-20 से 2025-26 तक जनसंपर्क विभाग ने नेशनल हेराल्ड, संडे नवजीवन और नवसृजन मैगज़ीन को विज्ञापन मद में कितनी राशि दी है, इनका कार्यालय कहां है और यह कहां से संचालित से होते हैं? मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि नेशनल हेराल्ड को वर्ष 2019-20 को 34 लाख, 2020-21 में 58 लाख, 2021-22 में 68 लाख, 2022-23 में 1.28 करोड़ और 2023-24 में 1.36 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया. 2024-26 में कोई राशि नहीं दी गई है. इस दौरान नवसृजन मैगज़ीन को कोई भुगतान नहीं किया गया, संडे नवजीवन को 3 करोड़ 6 लाख का विज्ञापन मिला है. उन्होंने बताया कि नेशनल हेराल्ड के प्रबंधकर्ता पवन बंसल है, और इसके मुखिया कौन है पूरा देश जानता है. पूरक प्रश्न में पूछा कि क्या सरकार राजनीतिक दलों के विचारों के मुख पत्र को पैसा दे सकती है क्या? क्या जिन्होंने दिया है उनपर कार्यवाही होगी? भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने पूछा कि विज्ञापन किस नीति के तहत् ये दिया गया, क्या इसकी जाँच होगी क्या? इस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि 8 लाख प्रति पृष्ठ के आधार पर दिया गया. विज्ञापन नियमावली 2019 के आधार पर विज्ञापन दिए गए.

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिला कर्मचारियों का सम्मान

बिलासपुर, राष्ट्रीय डाक कर्मचारी संघ का द्विवार्षिक अधिवेशन एक निजी होटल में संपन्न हुआ। अधिवेशन में संगठन की मजबूती, कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा और डाक विभाग की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में डाक कर्मचारी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।       अधिवेशन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि संघ का पिछला द्विवार्षिक अधिवेशन 17 दिसंबर 2023 को बिलासपुर में आयोजित किया गया था, जबकि राष्ट्रीय स्तर का अधिवेशन 9 से 10 जून 2024 को उज्जैन में संपन्न हुआ था। इन अधिवेशनों में कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों, संगठन की गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं पर व्यापक चर्चा की गई थी। कार्यक्रम में उपस्थित कर्मचारियों ने कहा कि डाक विभाग के कर्मचारी सीमित संसाधनों और कई प्रकार की चुनौतियों के बावजूद पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। तकनीकी समस्याएं, कार्यभार की अधिकता, कर्मचारियों की कमी और बदलते कार्य स्वरूप के बावजूद भी डाक कर्मचारी प्रशासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि डाक विभाग आज भी देश के दूर-दराज़ क्षेत्रों तक सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।      इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम को विशेष रूप से महिलाओं को समर्पित किया गया। महिला कर्मचारियों ने केक काटकर महिला दिवस का उत्सव मनाया और उत्कृष्ट योगदान के लिए महिला कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया। इस दौरान महिला कर्मचारियों की भूमिका, उनके कार्य के प्रति समर्पण और संगठन में उनकी सक्रिय भागीदारी की सराहना की गई।    कार्यक्रम में बी. एस. राव, सुषमा वर्मा और एन. डी. लाल सहित अन्य पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल संगठन का संचालन करना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक कर्मचारी के अधिकारों, सम्मान और हितों की रक्षा करना भी है। उन्होंने कहा कि संगठन कर्मचारियों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने के साथ-साथ उनके समाधान के लिए भी निरंतर प्रयास करता है। साथ ही डाक विभाग की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना भी संगठन का प्रमुख लक्ष्य है।

पंजाब विधानसभा में हंगामा: सुखपाल खैरा की विवादित पोस्ट पर निंदा प्रस्ताव पारित

चंडीगढ़ विधानसभा में कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा के बयान को लेकर विवाद हो गया। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि खैरा ने एक विवादित पोस्ट डाला है जिसमें एक हजार रुपये देने पर महिला विधायकों को निशाना बनाया गया है। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि खैरा ने एक विवादित पोस्ट डाला है जिसमें एक हजार रुपये देने पर महिला विधायकों को निशाना बनाया गया है। यह दलित महिलाओं का अपमान है। चीमा ने कहा कि हर बार कांग्रेसी महिलाओं का अपमान करते हैं। इससे पहले बैंड बाजा वाला बयान दिया गया हैं। चीमा ने कहा कि इन लोगों ने सीमा पार कर लीं। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष बाजवा ने कहा कि मुझे इस तरह के पोस्ट की जानकारी नहीं है। अगर पोस्ट किया है तो हम उसकी निंदा करते हैं। आप विधायक इंदरजीत ने कहा कि यह महिलाओं का अपमान है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगें। इसके बाद आप महिला विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी जिसके बाद सदन को आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया। सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही चीमा ने फिर कांग्रेस पर निशाना साधा। इसके बाद प्रताप बाजवा ने कहा कि खैरा कल सदन में अपना पक्ष रखेंगे। खैरा अपने बयान पर कायम वहीं हंगामे के बीच सुखपाल खैरा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपने बयान पर कायम रहने की बात कही है। खैरा ने लिखा-मैंने जो कहा या सोशल मीडिया पर शेयर किया, मैं उस पर कायम हूं क्योंकि यह हजार रुपये की स्कीम वोट पाने का एक स्टंट है क्योंकि अगर आम आदमी पार्टी सच में अपना वादा पूरा करने के लिए सीरियस होती तो उन्हें यह पहले बजट में करना चाहिए था, आखिरी में नहीं।

आगरा के दंपती कान्हा की भक्ति में रोजाना लोटपोट होकर नाप रहे ब्रज

आगरा. ब्रज चौरासी कोस में कान्हा का माधुर्य और दिव्यता का आकर्षण भक्तों को ब्रज रज में लोटपोट के लिए मजबूर कर रहा है। कान्हा की भक्ति में वशीभूत आगरा के दंपती ब्रज चौरासी कोस की लोटपोट होकर परिक्रमा कर रहे हैं। आगरा जिले में गांव नगला परमाल (अकोला) में रहने वाले पूर्व शिक्षक अमरसिंह और उनकी पत्नी रामवती इन दिनों कान्हा की भक्ति में लीन हैं। जिसमें वह बृज चौरासी कोस की परिक्रमा लोटपोट होकर कर रहे हैं। इन्हें देख रास्ता में लोग नतमस्तक हो रहे हैं। पत्नी आगे झाड़ू लगाते हुए साथ चल रही हैं। पति के थकने पर वह भी लोटपोट होकर परिक्रमा करती है। दंपती ने कहा, जीवन कान्हा को समर्पित सोमवार को सुरीर होकर लोटपोट परिक्रमा देते जा रहे दंपती ने बताया कि उन्होंने अपना जीवन कान्हा को समर्पित कर रखा है। परिवार में तीन बहू और बेटा है, वो सभी सरकारी नौकरी में है। परिक्रमा मार्ग पर तमाम झंझावतों को झेलते जा रहे दंपती के चेहरे पर थकावट अथवा परेशानी नाम की कोई शिकन नहीं है। एक दिन में 5 किलोमीटर का सफर तय उन्होंने बताया कि लोटपोट होकर परिक्रमा में वह एक दिन में पांच किलोमीटर का सफर तय कर रहे हैं। उन्होंने छह फरवरी को गोवर्धन के समीप से बृज चौरासी कोस परिक्रमा शुरू की है। अब तक वह सुरीर तक पहुंचे हैं।

टीएल बैठक में योजनाओं की समीक्षा, पीएम सूर्य घर योजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी

  बिलासपुर, कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मंगलवार को आयोजित टाइम लिमिट (टीएल) बैठक में विभिन्न शासकीय योजनाओं, लंबित प्रकरणों और जनहित से जुड़े मामलों की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से सड़क दुर्घटनाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति और लंबित आवेदनों के त्वरित निराकरण पर जोर दिया।     कलेक्टर श्री अग्रवाल ने अज्ञात वाहन से हुई सड़क दुर्घटनाओं से हुई mout के मामलों में हिट एंड रन केस के अंतर्गत मृतकों के परिजनों को दी जाने वाली 2 लाख रुपये की सहायता राशि के प्रकरण तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि यह योजना 1अप्रैल 2022 से लागू है और इस तिथि के बाद के पुराने प्रकरण भी स्वीकार किए जाएंगे। जिले में अब तक ऐसे चार मामले चिन्हित किए गए हैं। बैठक में सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस उपचार सुविधा की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में 37 अस्पतालों को चिन्हांकित किया गया है। कलेक्टर ने सड़क दुर्घटनाओं का ऑडिट करने के निर्देश देते हुए कहा कि भविष्य में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सुधार कार्य किए जाएं।        कलेक्टर ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत बंद हो चुकी खदानों को शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी खदानों को महिला स्व-सहायता समूहों को मत्स्य पालन के लिए दिया जाए, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। पीएम सूर्य घर योजना की समीक्षा में बताया गया कि जिले में अब तक 2,500 प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि लगभग 7,000 लोगों ने पंजीयन कराया है। कलेक्टर ने प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक लोगों को योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। बैठक में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रगति की भी जानकारी ली गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अब तक 75 प्रतिशत घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि किसी भी खाताधारक की मृत्यु की सूचना ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय द्वारा संबंधित  बैंक को तत्काल दी जाए, ताकि परिजनों को 2 लाख रुपये का बीमा क्लेम समय पर मिल सके। आगामी बरसात के मौसम में वृक्षारोपण की तैयारी को लेकर कलेक्टर ने पौधों की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने उद्यानिकी विभाग को 4 लाख और वन विभाग को 2 लाख पौधे तैयार रखने के निर्देश दिए।           बैठक में स्कूलों में बालिकाओं के लिए शौचालय निर्माण की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि जहां आवश्यकता है वहां डीएमएफ अथवा अन्य योजनाओं से राशि उपलब्ध कराकर शौचालय निर्माण कराया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी इसकी लिस्ट देंगे।साथ ही उन्होंने स्कूली बच्चों के लगभग 50 हजार लंबित अपार आईडी शीघ्र बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जनगणना कार्य को समय-सीमा वाला अभियान बताते हुए कहा कि जिस भी अधिकारी-कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाए वह तुरंत जॉइन कर अपना दायित्व निभाए। बैठक में मुख्यमंत्री जनदर्शन, मुख्यमंत्री घोषणाएं, हाईकोर्ट प्रकरण, पीएमओ पोर्टल तथा विभिन्न आयोगों और वरिष्ठ कार्यालयों से प्राप्त आवेदनों की भी समीक्षा की गई और उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए। बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

वैक्सीन साइड इफेक्ट्स पर पीड़ितों को मिले मुआवजा, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को दिया निर्देश

नई दिल्ली मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच सुनवाई कर रही थी। याचिका में कहा गया था कि कोविड 19 वैक्सीन के बाद हुए कथित दुष्प्रभावों के चलते मृतकों के परिवार को मुआवजा दिया जाए। Covid 19 वैक्सीन के दुष्परिणामों के कारण कथित मौतों के मामले में याचिका सुनवाई हुई। याचिका के जरिए मृतकों के लिए मुआवजे की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने टीकाकरण के बाद दुष्प्रभावों की जांच के लिए एक्सपर्ट पैनल के गठन से इनकार कर दिया है। साथ ही शीर्ष न्यायालय ने सरकार को मुआवजा नीति बनाने और टीकाकरण के दुष्प्रभावों से जुड़े आंकड़े समय-समय पर सार्वजनिक करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच सुनवाई कर रही थी। याचिका में कहा गया था कि कोविड 19 वैक्सीन के बाद हुए कथित दुष्प्रभावों के चलते मृतकों के परिवार को मुआवजा दिया जाए। अब अदालत ने इन याचिकाओं का निपटारा किया और कहा है कि टीकाकरण के बाद होने वाले दुष्प्रभावों की निगरानी के लिए मौजूद व्यवस्था जारी रहेगी। कोर्ट का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था को देखते हुए टीकाकरण के बाद दुष्प्रभावों की जांच के लिए कोर्ट की तरफ से अलग समिति बनाने की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि कोई व्यक्ति कानून का सहारा नहीं ले सकता है। कोर्ट ने कहा कि मुआवजा नीति बनाने का मतलब यह नहीं माना जाएगा कि भारत सरकार या किसी अन्य अथॉरिटी ने अपनी गलती या कानूनी जिम्मेदारी स्वीकार कर ली है। सरकार को दिए निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि कोविड 19 वैक्सीन लगवाने के बाद गंभीर दुष्परिणामों के लिए मुआवजा नीति बनाई जाए। साथ ही कहा कि दुष्परिणामों के मामलों को देखने के लिए मौजूदा व्यवस्था ही जारी रहेगी। साथ ही समय समय पर इससे जुड़ा जरूरी डेटा सार्वजनिक किया जा सकता है। याचिका दरअसल, यह याचिका कोविड वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स के चलते जान गंवाने वाली दो लड़कियों के पैरेंट्स की तरफ से दाखिल की थी। याचिका में कहा गया था कि मौतों के मामलों की स्वतंत्र जांच के लिए एक स्वतंत्र समिति का गठन किया जाए। साथ ही ऑटोप्सी और जांच की रिपोर्ट्स को जारी किया जाए। याचिका में कहा गया था कि बच्चियों के माता-पिता को आर्थिक मुआवजा दिया जाए।  

पंजाब बॉर्डर पर BSF ने सीमा पार कर रहे घुसपैठिये को किया ढेर

तरन तारन. देर रात को सीमा पर तैनात बीएसएफ की टुकड़ी ने भारत पाक सीमापार करके भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुए एक पाकिस्तानी घुसपैठिये को गोलियां मारकर ढेर कर दिया। शव को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। खेमकरण क्षेत्र में तैनात बीएसएफ की 142 वी बटालियन के जवानों ने रात को पाक की तरफ से हरकत महसूस की, जिसके बाद चौकसी बढ़ा दी गई। जवानों ने माइट विजन कैमरों की मदद से देखा कि पाकिस्तान की तरफ से एक संदिग्ध भारतीय क्षेत्र में दाखिल हो रहा है। कार्रवाई से पहले उसे चेतावनी दी गई, लेकिन इसके बाद भी वह घुसपैठ करता रहा तो उक्त संदिग्ध को जवानों ने गोलियों से ढेर कर दिया। संदिग्ध सामान बरामद बीएसएफ की पोस्ट नूरवाल के पास की उक्त घटना के बाद जवानों ने गोलियां लगने से मरने वाले की तलाशी ली। सूत्रों के मुताबिक, उसके कब्जे से कुछ संदिग्ध सामान मिला है। हालांकि, इस बाबत अभी किसी भी अधिकारी ने सामान की बरामदगी बाबत अधिकारित तौर पर पुष्टि नहीं की। मरने वाले पाक घुसपैठिये के शव को थाना वल्टोहा की पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है ।बाद में शव पट्टी अस्पताल।के शव गृह में रखवा दिया गया। लगातार हो रही है घुसपैठ भारत-पाकिस्तान सीमा पर बीएसएफ की और से लगातार चौकसी बढ़ाई गई है। आए दिन ड्रोन के जरिए हथियार,गोला बारूद और मादक पदार्थों की खेप भेजी जा रही है। एसएसपी सुरेंद्र लांबा कहते है कि सीमा पर तैनात बीएसएफ और पंजाब पुलिस की और से मिलकर अभियान चलाया जा रहा है।जिसके माध्यम से पाक के नापाक इरादों को विफल।किया जा रहा है।

पंजाब सदन में कांग्रेस विधायक की आपत्तिजनक टिप्पणी पर जमकर हंगामा

चंडीगढ़. पंजाब विधानसभा के शून्य काल के दौरान एक बार फिर से हंगामा हो गया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस के विधायक सुखपाल सिंह खैरा का एक इंटरनेट मीडिया पर दिया गया बयान पढ़कर सुनाया जिसमें उन्होंने कहा कि 1000 रुपये लेकर औरतें कौन से सूरमाओं को पैदा कर देंगी। हरपाल चीमा ने इस अनुसूचित जाति समुदाय की बहू, बेटियों का अपमान बताते हुए कहा कि कांग्रेस की नेताओं की हर समय यही बयानबाजी रहती है। कभी यह किसी को काला कह देते हैं तो कभी किसी को बैंड बाजे बजाने वाला, इन्हें मानसिक तौर पर स्वास्थ्य लाभ लेने की जरूरत है। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि उन्होंने सुखपाल सिंह खैहरा का यह बयान नहीं देखा है लेकिन अगर उन्होंने ऐसा कहा है तो वह इसके लिए क्षमा मांगते हैं और इस बात को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। 'ये शब्दावली नहीं करेंगे बर्दाश्त' उन्होंने हरपाल चीमा की ओर से कांग्रेसी नेताओं की ओर से अनुसूचित जाति के प्रति बरती गई शब्दावली को लेकर भी कहा कि जिन लोगों की वित्त मंत्री ने बात की है वह इस सदन का हिस्सा नहीं है और वह अपनी बात कई बार स्पष्ट भी कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ही बूटा सिंह जैसे नेताओं को केंद्र सरकार में गृहमंत्री बनाया है इसलिए उनके प्रति सम्मान में कोई कमी नहीं है। इसलिए बार-बार उसे तरफ जाना ठीक नहीं है। माफी योग्य नहीं है बयान: सरबजीत कौर प्रताप सिंह बाजवा के माफी मांगने के बाद ऐसा लग रहा था की बात यहीं खत्म हो जाएगी। लेकिन आम आदमी पार्टी की विधायक इंद्रजीत मान और सरबजीत कौर अपनी सीटों पर खड़े होकर सुखपाल सिंह खैहरा के बयान का विरोध करने लगी और उन्होंने कहा कि बेशक प्रताप सिंह बाजवा ने इसकी माफी मांग ली हो लेकिन उनका यह बयान माफी योग्य नहीं है इसे लोगों में लेकर जाया जाएगा साथ ही उन्होंने खेहरा के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। मसला बढ़ते देखकर स्पीकर ने सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए मुल्तवी कर दी।

कटनी में कार की टक्कर से बाइक सवार चार युवकों की मौत

कटनी. जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र में कटनी शहडोल राष्ट्रीय राजमार्ग पर रेलवे पुल के पास सोमवार मंगलवार की रात्रि कार और बाइक की सीधी भिड़ंत में बाइक सवार चार युवकों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। कार सवार पांच लोग घायल हो गए। सभी घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार मानपुर जिला उमरिया निवासी एक युवक महाराष्ट्र से मजदूरी करके लौट रहे अपने तीन मित्रों को लेने बाइक से कटनी स्टेशन आया था। रात को वह अपने मित्रों को साथ लेकर वापस घर जा रहा था। इसी दौरान बड़वारा रेलवे पुल के पास सामने से आ रही कार ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। मौके पर ही मानपुर निवासी बाइक सवार रामकिशोर सिंह, रामदास सिंह, जितेंद्र सिंह और इंद्रभान सिंह की मौत हो गई। राजगढ़ निवासी कार सवार अंबिकापुर से घर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान बड़वारा के समीप हादसा हो गया। कार सवार एक महिला सहित पांच लोगों को गंभीर चोट आई। घटना की जानकारी लगते ही बड़वारा पुलिस पहुंची। घायलों को बड़वारा अस्पताल पहुंचाया, जहां से प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। मृतकों के शव बड़वारा अस्पताल में रखवाए गए हैं और उनका पीएम कराया जा रहा है।