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14 करोड़ के सोना-चांदी के साथ तस्करी गैंग पकड़ा गया, दिल्ली से कोलकाता तक फैला नेटवर्क

नई दिल्ली राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने दिल्ली और कोलकाता के बीच सक्रिय एक संगठित सोना तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने 14.13 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का सोना, चांदी और भारतीय मुद्रा बरामद कर छह लोगों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बरामदगी में 8,286.81 ग्राम सोना शामिल है जिसकी कीमत लगभग 13.41 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा 7,350.4 ग्राम चांदी जिसकी कीमत करीब 19.67 लाख रुपये है और 51.74 लाख रुपये की भारतीय नकदी भी जब्त की गई है। यह कार्रवाई सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत की गई है। ‎डीआरआई को मिली विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर यह ऑपरेशन शुरू किया गया था। अधिकारियों को सूचना मिली थी कि तस्करी का सोना ट्रेन के जरिए राष्ट्रीय राजधानी लाया जा रहा है। सूचना के आधार पर अधिकारियों ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर कोलकाता से ट्रेन द्वारा पहुंचे एक यात्री को रोका। जांच में उसके पास विदेशी मार्किंग वाला सोना मिला, जिसे स्टेशन के बाहर मौजूद एक व्यक्ति को सौंपा जाना था। मौके पर ही सोना लेकर आए व्यक्ति और रिसीवर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों से पूछताछ के बाद जांच दिल्ली के अन्य ठिकानों तक पहुंची। डीआरआई की आगे की कार्रवाई में शहर में चल रही एक अवैध सोना गलाने की इकाई का पता चला, जहां विदेशी मूल के सोने को पिघलाकर उसकी पहचान मिटाई जाती थी और बाद में उसे घरेलू सर्राफा बाजार में बेचा जाता था। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने वहां से अतिरिक्त सोना-चांदी और बड़ी मात्रा में भारतीय नकदी बरामद की। इस अवैध यूनिट का संचालन करने वाले प्रबंधक को भी गिरफ्तार कर लिया गया। जांच आगे बढ़ने पर डीआरआई की टीम कोलकाता पहुंची, जहां तस्करी नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड का पता चला। वह एक अन्य अवैध मेल्टिंग यूनिट में मिला, जहां से और पिघलाया हुआ सोना बरामद हुआ। उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, दो अन्य कैरियरों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्हें विदेश से तस्करी कर लाया गया सोना मिलता था, जिसे पहचान मिटाने के लिए पिघलाया जाता था और फिर ट्रेन के जरिए दिल्ली भेजा जाता था। तस्करी, परिवहन, सोना गलाने और बाजार में खपाने की साजिश में शामिल सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर सक्षम अदालत में पेश किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है। भारत में सोने पर ऊंचे आयात शुल्क और घरेलू बाजार में इसकी मजबूत मांग के कारण सोना तस्करी लंबे समय से प्रवर्तन एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। तस्कर अक्सर सोने को अलग-अलग शहरों के रास्ते भेजकर और उसकी पहचान बदलकर बाजार में उतारने की कोशिश करते हैं।

5 वर्षीय कार्ययोजना के वर्ष 2026-27 के लिए 60 करोड़ का प्रावधान

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर और जबलपुर की तर्ज पर प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनाएँ जा रहे हैं। गीता भवन के माध्यम से दार्शनिक वातावरण निर्मित करने का प्रयास है। इन केन्द्रों में युवा पीढ़ी को गीता के निष्काम कर्म और भारतीय मूल्यों से जोड़ने और शोधार्थियों के लिए विशेष संसाधन उपलब्ध कराना गीता भवन का मुख्य उद्देश्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना को विस्तार देने के लिए 'गीता भवन' परियोजना को अब वृहद स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश के सभी 413 शहरों में गीता भवन निर्माण की योजना के लिए 5 वर्षीय कार्ययोजना के वर्ष 2026-27 के लिए 60 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में भारतीय दर्शन, कला और साहित्यिक विमर्श के लिए एक आधुनिक अवसंरचना तैयार करना है। इंदौर और जबलपुर में निर्मित गीता भवन की सफलता को आधार मानते हुए अब इस मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है। 4 शहरों में प्रोजेक्ट्स स्वीकृत, 100 निकायों में भूमि चिन्हांकित योजना के क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति करते हुए विभाग ने चार प्रमुख शहरों में ब्राउनफील्ड (Brownfield) प्रोजेक्ट्स को तकनीकी स्वीकृति प्रदान कर दी है। इनमें रीवा (5 करोड़ रुपये), छिंदवाड़ा (2.5 करोड़ रुपये), कटनी (2.4 करोड़ रुपये) तथा खंडवा (2 करोड़ रुपये) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 6 नगर निगमों सहित 100 नगर पालिकाओं में 'ग्रीनफील्ड' प्रोजेक्ट्स के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित हो चुकी है, जिनकी डीपीआर (DPR) को अंतिम रूप दिया जा रहा है। शेष 313 नगरीय निकायों में भी भूमि का चिन्हांकन कर लिया गया है और जिला कलेक्टरों के माध्यम से आवंटन की प्रक्रिया प्रचलन में है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होंगे सांस्कृतिक केंद्र प्रत्येक 'गीता भवन' को एक बहुउद्देश्यीय केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके प्रमुख घटकों में अत्याधुनिक ऑडिटोरियम: वृहद स्तर पर सांस्कृतिक एवं वैचारिक आयोजनों के लिये ज्ञान का केंद्र: ज्ञानार्जन के लिए समृद्ध लाइब्रेरी एवं हाई-टेक ई-लाइब्रेरी। व्यावसायिक एवं जन-सुविधाएं: कैफेटेरिया और विशेष रूप से पुस्तकों एवं आध्यात्मिक सामग्री के लिए समर्पित विक्रय केंद्र शामिल हैं। 

भारत के लिए सबसे ज्यादा ICC ट्रॉफी जीतने वाले खिलाड़ी: अर्शदीप ने धोनी की बराबरी की, रोहित और कोहली टॉप पर

नई दिल्ली भारत के लिए सीनियर पुरुष क्रिकेट में सबसे अधिक आईसीसी ट्रॉफी किन खिलाड़ियों ने जीती है, आइए आज हम आपको इसके बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं। इस सूची में रोहित कोहली टॉप पर हैं, जबकि धोनी के रिकॉर्ड की कई खिलाड़ियों ने बराबरी कर ली है। हाल ही में समाप्त हुए टी-20 विश्व कप में जीत के साथ अर्शदीप सिंह, अक्षर पटेल और हार्दिक पांड्या ने भारत के लिए सबसे अधिक आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाले प्लेयर्स की सूची में रवींद्र जडेजा और महेंद्र सिंह धोनी की बराबरी कर ली है। भारत ने 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर विश्व क्रिकेट में नया कीर्तिमान स्थापित किया। टीम इंडिया इस विश्व कप जीत के साथ टी-20 विश्व कप के इतिहास में सबसे अधिक ट्रॉफी जीतने वाली टीम बन गई है। भारत ने टी-20 विश्व कप का खिताब तीन बार अपने नाम कर लिया है। इतना ही नहीं, पिछले कुछ सालों से भारतीय टीम का व्हाइट बॉल क्रिकेट में दबदबा देखने को मिल रहा है। मेन इन ब्लू ने पिछले 3 सालों के अंदर तीन आईसीसी खिताब जीते हैं। टीम इंडिया ने पहले तो साल 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में टी-20 विश्व कप का खिताब जीता, उसके 9 महीने बाद मेन इन ब्लू ने हिटमैन की ही कप्तानी में चैंपियंस ट्रॉफी का भी खिताब अपने नाम कर लिया और अब सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टी-20 विश्व कप का खिताब जीता है। इन तीनों जीत में अर्शदीप सिंह, अक्षर पटेल और हार्दिक पांड्या भारतीय टीम का हिस्सा रहे और इसी के साथ इन तीनों खिलाडियों ने रवींद्र जडेजा और धोनी के बराबर आईसीसी ट्रॉफी जीत ली हैं। भारत की ओर से सबसे अधिक आईसीसी ट्रॉफी का खिताब जीतने वाले खिलाड़ियों में रोहित शर्मा और विराट कोहली टॉप पर हैं। इन दोनों खिलाड़ियों ने सीनियर क्रिकेट में चार आईसीसी ट्रॉफी जीती हैं। एक तरफ जहां रोहित शर्मा ने साल 2007 का टी-20 विश्व कप, 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी, 2024 का टी-20 विश्व कप और 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता है, वहीं, विराट कोहली ने 2011 का वनडे वर्ल्ड कप, 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी, 2024 का टी-20 वर्ल्ड कप और 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं और ट्रॉफी जीती है। इस सूची में दूसरे नंबर पर तीन आईसीसी ट्रॉफी के साथ अर्शदीप सिंह, रवींद्र जडेजा, हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल और महेंद्र सिंह धोनी हैं। एक तरफ जहां अर्शदीप, हार्दिक, अक्षर ने 2024 टी-20 वर्ल्ड कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 के टी-20 विश्व कप का खिताब जीता है, वहीं रवींद्र जडेजा ने 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी, 2024 का टी-20 विश्व कप और 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी जीती है और धोनी के नाम 2007 का टी-20 वर्ल्ड कप, 2011 का वनडे वर्ल्ड कप और 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की है। युवराज के नाम दो आईसीसी ट्रॉफी है। उन्होंने 2007 का टी-20 वर्ल्ड कप और 2011 का वनडे वर्ल्ड कप खिताब जीता है। बुमराह और संजू ने भी 2024 और 2026 के टी-20 विश्व कप में अपनी भूमिका निभाई है और टाइटल जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं। भारत के लिए सबसे अधिक आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाले प्लेयर विराट कोहली, 4 ट्रॉफी- 2011 वनडे वर्ल्ड कप, 2013 चैंपियंस ट्रॉफी, 2024 टी-20 विश्व कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी रोहित शर्मा, 4 ट्रॉफी- 2007 टी-20 विश्व कप, 2013 चैंपियंस ट्रॉफी, 2024 टी-20 वर्ल्ड कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी महेंद्र सिंह धोनी, 3 ट्रॉफी- 2007 टी-20 विश्व कप, 2011 वनडे विश्व कप, 2013 चैंपियंस ट्रॉफी रवींद्र जडेजा, 3 ट्रॉफी- 2013 चैंपियंस ट्रॉफी, 2024 टी-20 विश्व कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी अर्शदीप सिंह, 3 ट्रॉफी- 2024 टी-20 विश्व कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी, 2026 टी-20 वर्ल्ड कप हार्दिक पांड्या, 3 ट्रॉफी- 2024 टी-20 विश्व कप, 2025 चैंपियंस ट्ऱॉफी, 2026 टी-20 विश्व कप अक्षर पटेल, 3 ट्रॉफी- 2024 टी-20 विश्व कप, 2025 चैंपियंस ट्ऱॉफी, 2026 टी-20 विश्व कप युवराज सिंह, 2 ट्रॉफी- 2007 टी-20 विश्व कप, 2011 वनडे वर्ल्ड कप जसप्रीत बुमराह, 2 ट्रॉफी- 2024 टी-20 विश्व कप और 2026 टी-20 विश्व कप संजू सैसमन, 2 ट्रॉफी- 2024 टी-20 वर्ल्ड कप और 2026 टी-20 वर्ल्ड कप बता दें कि सीनियर क्रिकेट में आईसीसी ट्रॉफी जीतने के साथ-साथ इनमें से कुछ खिलाड़ियों ने जूनियर क्रिकेट में अपना परचम लहराया है। विराट कोहली और रवींद्र जडेजा 2008 की अंडर 19 वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा रहे हैं, जबकि अर्शदीप सिंह 2018 की अंडर-19 वर्ल्ड कप विनिंग टीम का हिस्सा रहे थे। जसप्रीत बुमराह चोट के कारण 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी नहीं खेल पाए थे उनकी जगह मोहम्मद शमी को शामिल किया गया था।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 16 मार्च को अभिमुखीकरण कार्यक्रम में होंगे शामिल

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा 16 मार्च को सुबह 11 बजे से कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में जनप्रतिनिधियों एवं प्रबुद्धजनों का अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगण सहित जनप्रतिनिधि एवं प्रबुद्धजनों को आमंत्रित किया गया है। यह कार्यक्रम कृषि वर्ष में सक्रिय सहभागिता के लिए आयोजित किया जा रहा है। किसानों की समृद्धि और खुशहाली राज्य सरकार का उद्देश्य है। कार्यक्रम में किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग सहित उद्यानिकी, मत्स्य पालन, सहकारिता एवं पशुपालन विभाग अंतर्गत क्रियान्वित योजनाओं एवं गतिविधियों की जानकारी से अवगत कराया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान सुबह 11 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक कृषि, उद्यानिकी एवं मत्स्य विभाग का विशेष सत्र का आयोजन होगा। इसके बाद दोपहर 2 बजे मुख्यमंत्री डॉ. यादव शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अपने उद्बोधन के माध्यम से किसान कल्याण की विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी जनप्रतिनिधियों एवं प्रबुद्धजनों से साझा करेंगे। संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा विभागीय प्रस्तुतिकरण और प्रश्नों का समाधान भी किया जाएगा।  

जान्हवी कपूर ने ‘हैमनेट’ में जैकोबी जुप की परफॉर्मेंस को कहा साल की सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस

मुंबई,  बॉलीवुड अभिनेत्री जान्हवी कपूर ने हाल ही में सोशल मीडिया पर युवा अभिनेता जैकोबी जुप की परफॉर्मेंस की खुलकर सराहना की, जिसने उन पर गहरा प्रभाव छोड़ा। जान्हवी कपूर ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर जैकोबी जुप की फिल्म 'हैमनेट' में की गई अदाकारी की प्रशंसा करते हुए बताया है कि इस परफॉर्मेंस ने उन्हें काफी प्रभावित किया है। जान्हवी कपूर ने इंस्टाग्राम पर अपनी स्टोरी में जान्हवी ने लिखा है, " 'हैमनेट' इस लड़के की परफॉर्मेंस ज़बरदस्त है। दिल जीत लिया। बिना किसी शक के यह इस साल की सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस है, जो दिमाग से निकल ही नहीं रही।” जैकोबी की तारीफ़ में लिखी जान्हवी की यह स्टोरी देखते ही देखते जल्द ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई, खासकर इसलिए क्योंकि इसमें युवा अभिनेता जैकोबी जुप के काम को सराहा गया था, जिन्हें 'हैमनेट' में अपने किरदार के लिए काफी प्रशंसा मिल रही है। जान्हवी की यह सहज प्रतिक्रिया दर्शाती है कि बतौर दर्शक वे इस परफॉर्मेंस से कितनी गहराई से जुड़ चुकी हैं। गौरतलब है कि जान्हवी कपूर अक्सर उन फिल्मों और परफॉर्मेंस के बारे में बात करती हैं, जो उन्हें प्रेरित करती हैं। फिलहाल जैकोबी जुप के लिए उनकी यह प्रशंसा भी इसी बात का उदाहरण है कि वह सिनेमा में अच्छे काम की खुले दिल से सराहना करती हैं।  

बसपा संस्थापक कांशीराम को भारत रत्न देने की अपील, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को भेजा लेटर

लखनऊ लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सामाजिक न्याय आंदोलन के महान नेता कांशीराम को मरणोपरांत 'भारत रत्न' देने की मांग की है। गांधी ने रविवार को अपने पत्र में कहा कि मान्यवर कांशीराम ने भारतीय राजनीति की दिशा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और बहुजन समाज तथा गरीब वर्गों में राजनीतिक चेतना जगाई थी। उनका कहना था कि उनके इन प्रयासों से भारतीय लोकतंत्र की नींव मजबूत हुई और राजनीतिक व्यवस्था अधिक प्रतिनिधिक तथा न्यायपूर्ण बनी। कांग्रेस नेता ने कहा, “आज जब हम कांशीराम जी की जयंती मना रहे हैं और उनके जीवन तथा योगदान को याद कर रहे हैं। मैं आपसे अनुरोध करने के लिए यह पत्र लिख रहा हूं कि उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया जाए। उन्होंने लोगों को बताया था कि उनका वोट,उनकी आवाज और उनका प्रतिनिधित्व है और यह देश सभी का समान रूप से है। उनके प्रयासों के कारण कई ऐसे लोग, जिन्होंने कभी सार्वजनिक जीवन में आने के बारे में नहीं सोचा था, उन्होंने राजनीति को न्याय और समानता प्राप्त करने का माध्यम मानना शुरू किया।” गांधी ने लिखा कि हमारा संविधान प्रत्येक भारतीय को समानता, गरिमा और भागीदारी का वादा करता है और कांशीराम जी ने अपना जीवन समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों के लिए इन वादों को सार्थक बनाने में समर्पित किया। कांग्रेस नेता ने कहा, "कई वर्षों से दलित बुद्धिजीवी, नेता और सामाजिक कार्यकर्ता कांशीराम जी को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग करते रहे हैं। उनकी यह मांग लगातार और गहरी भावना के साथ उठती रही है। हाल ही में मैं लखनऊ में एक कार्यक्रम में शामिल हुआ था, जहां नेताओं और प्रतिभागियों ने इस मांग को जोरदार तरीके से दोहराया, जो व्यापक जनभावना को दर्शाता है। उन्हें भारत रत्न प्रदान करना हमारे राष्ट्र के प्रति उनके महान योगदान को मान्यता देगा। यह उन लाखों लोगों की आकांक्षाओं का सम्मान भी होगा, जो आज भी उन्हें सशक्तीकरण और उम्मीद के प्रतीक के रूप में देखते हैं।"

प्रगति के आयामों में लोकतांत्रिक मूल्यों की महत्ता का अनुभव करें: राज्यपाल

भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि अध्ययन भ्रमण आपदा प्रबंधन, प्रशासनिक समन्वय और संसाधन प्रबंधन के विभिन्न दृष्टिकोणों को समझने का अवसर होता है। अधिकारियों से अपेक्षा की है कि वे भ्रमण के दौरान समझने और सीखने का प्रयास करें। प्रतिदिन भ्रमण के अंत में दिनभर की गतिविधियों और अनुभवों का चिंतन करें। भ्रमण टीप का अभिलेखन करें। राज्यपाल  पटेल रविवार को लोकभवन में आयोजित राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय, नई दिल्ली में अध्ययनरत वरिष्ठ सैन्य एवं सिविल अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। दल 15 से 21 मार्च तक मध्यप्रदेश के अध्ययन भ्रमण आया है। कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि भ्रमण नये अनुभवों, सामाजिक विशिष्टताओं, आध्यात्मिक आस्था और विकास के विभिन्न आयामों को देखने और उनसे प्रेरणा प्राप्त करने का सुअवसर होता है। विगत दिनों बौद्ध अवशेषों को कोलंबो, लंका से वापस भारत लाने की उनकी यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि लंका में 7 दिवस की अवधि के लिए प्रदर्शित पवित्र अवशेषों का 14 लाख लोगों ने दर्शन किया। प्रदर्शन के आखिरी दिन सारी रात लाखोंश्रद्धालुओं ने लाइन लगाकर दर्शन किए। आस्था के प्रति समर्पण और आध्यात्मिकता का उनके लिए यह अद्भुत अनुभव रहा है।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि भारत में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और सामरिक क्षेत्रों में आई क्रांतिकारी प्रगति, वास्तव में 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के विराट स्वरूप को समझने का सुअवसर है।जरूरी है कि आप प्रशासनिक ढांचे, विकास योजनाओं तथा सामाजिक-आर्थिक प्रगति के विभिन्न आयामों को नजदीक से देखे उनमें लोकतांत्रिक मूल्यों, की महत्ता का अनुभव करें।उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश राज्य की धरती आदिम सभ्यता, प्राचीन भारत की ऐतिहासिक, आध्यात्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत स्वरूप है।यहां कि विश्व धरोहर सांची स्तूप, भीमबेटका और खजुराहों, उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग जैसे पवित्र स्थल हमारे गौरवशाली इतिहास के साक्षी है। भ्रमण अवसर पर ग्रामीण विकास, शहरी प्रबंधन, पर्यटन संवर्धन तथा औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के मॉडल में जन सहभागिता की भूमिका और महत्व को भी जानने का प्रयास करें। उज्जैन और इंदौर जैसे शहरों में बड़े आयोजनों में प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और औद्योगिक विकास के मॉडल का गहन अध्ययन जरूर करें।कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल को प्रशासन अकादमी और राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। राज्यपाल ने भ्रमण दल के प्रमुख मेजर जनरल पवन पाल सिंह को गोंड कला की पेटिंग भेंट की। आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के संचालक  मुजीबुर्रहमान खान ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय में 47 सप्ताह के पाठ्यक्रम में भाग लेने वाले अधिकारियों में से 16 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल प्रदेश प्रवास पर आया है।उन्होंने बताया कि अध्ययन दल प्रदेश के विभिन्न स्थानों का भ्रमण करेगा। उनको राज्य के आध्यात्मिक, ऐतिहासिक, स्थलों औद्योगिक प्रगति, विभिन्न नवाचारों और प्रबंधकीय व्यवस्थाओं से रू-ब-रू कराया जाएगा। कोमोडोर सुमीत शिदौरे ने महाविद्यालय द्वारा संचालित प्रशिक्षण की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में प्रशिक्षण में 122 अधिकारी भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण को 6 मॉड्यूल में संयोजित किया गया है। अध्ययन भ्रमण के लिए प्रशिक्षणाधीन अधिकारियों के 8 बैच बनाकर देश के अलग-अलग राज्यों में भेजे गए हैं। आभार प्रदर्शन प्रशिक्षण संचालक डॉ. अनुपमा रावत ने किया। इस अवसर पर उप सचिव  सुनील दुबे एवं लोक भवन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सनातन की मर्यादा अमर है और रहेगी, बाबर-औरंगजेब और अकबर के खानदान का पता नहीं, महाराणा प्रताप के वंशज मंच पर बैठे हैं: सीएम योगी

चित्तौड़गढ़/लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जातिवाद फैलाने वालों को चित्तौड़गढ़ की धरती से दो टूक संदेश दिया। उन्होंने रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियां सुनाईं – “मूल जानना बड़ा कठिन है नदियों का-वीरों का  धनुष छोड़कर और गोत्र क्या होता रणधीरों का  पाते हैं सम्मान तपोबल से भूतल पर शूर  जाति-जाति का शेर मचाते केवल कायर, क्रूर”  मुख्यमंत्री ने कहा, जिन्हें कुछ नहीं करना है, वे जातिवाद के आधार पर सामाजिक एकता को छिन्न-भिन्न करने का पाप कर रहे हैं। जातिवाद ने समाज की नींव को दरका दिया था, इसलिए देश कमजोर हुआ। जातिवाद की राजनीति भारत की नींव को कमजोर कर रही है। बांटने की राजनीति फिर से हम सबको गुलामी की तरफ धकेल रही है। इससे बचने के लिए हमें एकजुटता के भाव से बढ़ना होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को ईनाणी सिटी सेंटर, चित्तौड़गढ़ में जौहर श्रद्धांजलि समारोह में जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने सराहनीय कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया। उन्होंने पंजाब के पूर्व राज्यपाल वीपी सिंह की पुस्तक का विमोचन भी किया।  रामसेतु तोड़ने को उतावले लोग राम मंदिर निर्माण का विरोध करते रहे सीएम योगी ने जनसमूह से पूछा कि वे कौन लोग हैं, जो जातिवाद के आधार पर समाज को बांट रहे हैं। अफवाह के आधार पर विश्वास का संकट खड़ा कर रहे हैं। भारत-भारत न बना रहे, इसके लिए दुष्चक्र कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये वही लोग हैं, जिन्होंने कहा था कि राम-कृष्ण हुए ही नहीं। राम मंदिर आंदोलन में विरोधी पक्ष के साथ मिले और फैसला न होने देने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाया था। ये लोग रामसेतु तोड़ने के लिए उतावले दिखाई देते हैं, राम मंदिर निर्माण का विरोध करते हैं। ये लोग देश में अविश्वास का वातावरण पैदा कर रहे हैं और संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। इनका मकसद भारत को कठघरे में खड़ा करके अविश्वसनीय बना देना है। इन्हें देश की चिंता नहीं है। इनके अपने अस्तित्व पर संकट है, इसलिए भारत की अस्मिता से खिलवाड़ करने पर उतारू हैं।  वीरभूमि ने दी भारत को पहचान सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में परिवर्तन के पीछे प्रधानमंत्री मोदी जी का मार्गदर्शन है तो तेज राजस्थान, चित्तौड़गढ़ का है। इसके पीछे राजस्थान की वीरभूमि का भी योगदान है, क्योंकि मेरे पूज्य दादा गुरु इसी भूमि से गोरखपुर गए थे। राजस्थान, चित्तौड़गढ़, मेवाड़ के वीरों के शौर्य-पराक्रम, वीरांगनाओं के जौहर और मीराबाई की भक्ति की धुन से भारत अभिभूत होता है। नारी अस्मिता, सम्मान, स्वावलंबन की अमर गाथा हमें प्रेरणा प्रदान कर रही है। वीरभूमि ने भारत को पहचान दी है। चित्तौड़गढ़ का किला केवल पत्थरों से बना दुर्ग नहीं, बल्कि भारत की अस्मिता का प्रहरी है। हर सच्चे भारतीय के मन में इस वीरभूमि और यहां के राणाओं के शौर्य व राष्ट्र के लिए उनके बलिदान के प्रति श्रद्धा का भाव है।  देश-धर्म के लिए था महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी व गुरु गोबिंद सिंह का संघर्ष सीएम योगी ने महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज व गुरु गोविंद सिंह जैसे राष्ट्रनायकों को याद किया। उन्होंने कहा, इन लोगों ने अपने, परिवार या सत्ता के लिए बलिदान नहीं दिया था, बल्कि इनका संघर्ष देश-धर्म और भारत की स्वाधीनता के लिए था। हर संघर्ष में चट्टान की तरह सामने खड़े हुए और उसे नेस्तनाबूद भी किया। गुरु गोविंद सिंह के चार पुत्र बलिदान हुए, लेकिन उन्होंने उफ नहीं किया। महाराणा प्रताप, महाराणा सांगा, महारानी पद्मिनी, महाराणा कुंभा, बप्पा रावल के लिए मन में श्रद्धा का भाव है, क्योंकि जो भी राष्ट्र के प्रति योगदान देगा, उसका स्मरण सदैव होता है।  माता सीता का जो संकल्प था, वही संकल्प महारानी पद्मिनी ने दिखाया  सीएम योगी ने कहा कि यह श्रद्धांजलि समारोह प्रेरित कर रहा है कि आने वाले समय में किसी बेटी-बहन को उस दौर से न गुजरना पड़े। 1303, 1535 और 1568 में तीन बड़े जौहर यहां देखने को मिले। भारत का इतिहास वीरांगनाओं के जौहर से भरा पड़ा है। शत्रु हमेशा धोखे से ही वीरों का मुकाबला कर पाए। आमने-सामने की लड़ाई में वे कहीं नहीं टिके। अलाउद्दीन खिलजी के धोखे से महाराणा रत्न सिंह वीरगति को प्राप्त हुए। उनके सेनापति गोरा-बादल भी लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए तो महारानी पद्मिनी के नेतृत्व में हजारों वीरांगनाओं ने नारी अस्मिता की रक्षा के लिए जौहर व्रत लिया था, क्योंकि वह उस समय की परिस्थिति थी। माता सीता ने धरती मां से कहा था कि अगर मेरा सतीत्व अखंड है तो मुझे अपनी गोद में समाहित करो। माता सीता का जो संकल्प था, वही संकल्प धर्म जौहर के नाम पर महारानी पद्मिनी ने यहां दिखाया था। यह संकल्प नारी गरिमा का प्रतीक था। यह भारत माता को विधर्मियों से मुक्त करने का संकल्प था। 25 करोड़ के उत्तर प्रदेश में बेटियां अब नाइट शिफ्ट में भी काम करके सकुशल घर वापस आती हैं मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में जब हमारी सरकार बनी तो प्रदेशवासियों से कहा कि अपराध-अपराधियों, नारी गरिमा-सुरक्षा के मामले में सरकार जीरो टॉलरेंस के तहत काम करेगी। किसी ने बहन-बेटी की सुरक्षा पर हाथ डाला तो अगले चौराहे पर यमराज उसका इंतजार कर रहे होंगे। 25 करोड़ वाले उत्तर प्रदेश में बेटियां अब स्कूल भी जाती हैं, नाइट शिफ्ट में काम भी करती हैं और सकुशल घर आती हैं। हर नारी को सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन की गारंटी हर भारतीय नारी का अधिकार होना चाहिए। महाराणा सांगा ने घाव पर घाव सहे, लेकिन विधर्मियों को घुसने नहीं दिया  सीएम योगी ने भारत की अस्मिता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए महाराणा सांगा के शौर्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, महाराणा सांगा के शरीर पर 80 घाव थे। लेकिन, उन्हें स्वयं की नहीं, बल्कि राष्ट्र की अस्मिता की चिंता थी। घाव पर घाव सहते गए पर विधर्मियों को घुसने नहीं दिया। महाराणा प्रताप ने महज 27 वर्ष की आयु में ही अकबर के खिलाफ युद्ध लड़ा था। उन्होंने अकबर को नाकों चने चबाने पर मजबूर कर दिया था। भारत के इतिहास ने हमेशा उनके शौर्य का स्मरण किया है।  अयोध्या में राम मंदिर भी बना और गुलामी का कोई चिह्न भी नहीं बचा  सीएम योगी ने कहा कि श्रीराम परमपिता परमेश्वर हैं, … Read more

खर्ग द्वीप हमले का बदला! ईरान के हमलों से दुबई-कुवैत एयरपोर्ट दहले, कई धमाकों से हड़कंप

कुवैत कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी ड्रोन से हमले किए गए। हालांकि इन हमलों में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। इसके अलावा फुजैराह में धुआं उठते देखाय गया। यहां एक जॉर्डन के नागरिक के घायल होने की खबर है। दुबई में ईरान मिसाइल अटैक भी कर रहा है। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्ध भयानक रूप लेता जा रहा है। इस युद्ध के चलते पूरी दुनिया में फ्यूल का संकट खड़ा हो गया है। वहीं ईरान लगातार अपने पड़ोसी देशों में भी हमला कर रहा है। यूएई के दुबई में ईरान ने हमले बंद ही नहीं किए। रविवार को भी दुबई के मरीना और अल सुफूह इलाके में जोरदार धमाके हुए और काला धुआं उठताा हुआ दिखाई दिया। बतादें कि इस युद्ध को भी 16 दिन बीत रहे हैं।   कुवैत एयरपोर्ट पर हमला इसके अलावा कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी ड्रोन से हमले किए गए। हालांकि इन हमलों में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। इसके अलावा फुजैराह में धुआं उठते देखाय गया। यहां एक जॉर्डन के नागरिक के घायल होने की खबर है। दुबई में ईरान मिसाइल अटैक भी कर रहा है। हालांकि यहां एयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात है। अमेरिका के खर्ग द्वीप पर हमले के बाद तनाव और बढ़ गया है। इसे ईरान की रीढ़ की हड्डी कहा जा सकता है क्योंकि यहीं से ईरान 90 फीसदी तेल का आयात करता है। ईरान ने करीब 1800 मिसाइल और ड्रोन अटैक यूएई पर किए हैं। इसके अलावा अन्य देशों में भी जमकर ड्रोन और मिसाइल अटैक हुए हैं। यूएई में ईरान ने 1600 ड्रोन, 294 मिसाइल और 15 क्रूज मिसाइल अटैक किए। इनमें कम से कम 294 लोग मारे गए हैं और 141 घायल हुए हैं। शनिवार को ही ईरान ने 33 ड्रोन हमले कर दिए। वहीं ड्रोन और मिसाइल अटैक की फुटेज सोशल मीडिया पर डालने वाले 10 विदेशियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। भारत के लिए भी खड़ी हो रही परेशानी पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास की स्थिति, भारत के निर्यात के लिए अनिश्चितता पैदा कर रही है। निर्यातक बदलते हालात पर नजर रखे हुए हैं, क्योंकि अतिरिक्त शुल्क और लंबा परिवहन समय माल की आवाजाही को प्रभावित कर रहे हैं। परिधान उद्योग के एक विशेषज्ञ ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण अगले कुछ महीनों में पश्चिम एशिया क्षेत्र में जाने वाले निर्यात ऑर्डर में कमी आ सकती है और वहां खपत भी घट सकती है। भारत के कुल परिधान निर्यात का लगभग 11.8 प्रतिशत हिस्सा उन पश्चिम एशियाई देशों में जाता है, जो इस समय युद्ध के प्रभाव में हैं। भारत का तैयार वस्त्र निर्यात संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, इजराइल, कुवैत, ओमान, कतर, इराक, बहरीन और ईरान जैसे देशों को वित्त वर्ष 2024-25 में 1.9 अरब डॉलर का रहा, जो 2023-24 में 1.82 अरब डॉलर था। कुल मिलाकर भारत का परिधान निर्यात वित्त वर्ष 2024-25 में 15.97 अरब डॉलर रहा, जबकि 2023-24 में यह 14.51 अरब डॉलर था। चमड़ा निर्यातक परिषद के चेयरमैन रमेश कुमार जुनेजा ने कहा कि फारस की खाड़ी में जाने वाले माल की ढुलाई फिलहाल पूरी तरह रुक गई है। उन्होंने कहा, "बीमा शुल्क बढ़ गया है। 20 फुट के कंटेनर पर यह 1,200 अमेरिकी डॉलर और 40 फुट पर 2,400 अमेरिकी डॉलर बढ़ गया है।"  

गढ़फुलझर नानकसागर बनेगा आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक एवं पवित्र स्थल गढ़फुलझर के नानकसागर में आयोजित होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने यहां पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेका तथा विशेष कीर्तन समागम और अरदास में भाग लेकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर सिख समाज की ओर से मुख्यमंत्री को सरोफा भेंट कर आत्मीय सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि गढ़फुलझर की पावन धरती स्थित नानकसागर अत्यंत श्रद्धा और आस्था का केंद्र है, जहां पूज्य गुरु नानक देव जी के चरण पड़े हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ संतों की तपोभूमि रही है, जहां अनेक महान संतों ने मानवता, सेवा और सद्भाव का संदेश दिया है। इस पवित्र स्थल पर आकर उन्हें अत्यंत गर्व और आत्मिक आनंद की अनुभूति हो रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी प्रमुख तीर्थस्थलों के संरक्षण और समुचित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में गढ़फुलझर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। इसके विकास कार्यों के लिए लगभग 2 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है और निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा नानकसागर क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाए, जिससे यह स्थल प्रदेश और देश के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके। बसना विधायक  संपत अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि सिख समाज सदैव संगठन, सेवा और सामाजिक समरसता की भावना के साथ आगे बढ़ने वाला समाज रहा है।  उन्होंने कहा कि गढ़फुलझर न केवल सिख समाज की आस्था का केंद्र है, बल्कि यह सर्वधर्म समभाव और सद्भावना की जीवंत मिसाल भी है।  कार्यक्रम में कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, बसना विधायक  संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष  चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण के अध्यक्ष  भूपेंद्र सिंह सवन्नी, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष  अमरजीत छाबड़ा सहित सिख समाज के अनेक गणमान्यजन और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।