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Chaitra Navratri 2026: अमावस्या के असर में होगा चैत्र नवरात्र, जानें कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त

 इस साल चैत्र नवरात्र की शुरुआत 19 मार्च, गुरुवार के दिन से हो रही है. शक्ति की उपासना के यह दिन बहुत ही शुभ माने जाते हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार, नवरात्र की शुरुआत चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है और यह पर्व लगातार नौ दिनों तक मां दुर्गा की भक्ति और साधना के लिए समर्पित रहता है. इस साल का चैत्र नवरात्र कई मायनों में खास माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय बाद एक अनोखा संयोग बन रहा है. दरअसल, इस दिन चैत्र नवरात्र के घटस्थापना वाले दिन पर अमावस्या का संयोग भी बन रहा है। चैत्र नवरात्र पर अमावस्या का संयोग चैत्र नवरात्र पर चैत्र अमावस्या का संयोग करीब 72 साल बाद बन रहा है. इसलिए इस बार का पर्व धार्मिक दृष्टि से अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है. हालांकि प्रतिपदा तिथि थोड़ी देर से शुरू होगी, फिर भी नवरात्र पूरे नौ दिनों तक ही मनाए जाएंगे। द्रिक पंचांग के मुताबिक, इस बार चैत्र अमावस्या की तिथि 18 मार्च की सुबह 8 बजकर 25 मिनट से शुरू होकर 19 मार्च की सुबह 6 बजकर 52 मिनट तक रहेगी. इसके बाद प्रतिपदा तिथि का आरंभ होगा, जिससे नवरात्र की शुरुआत मानी जाएगी. खास बात यह है कि अमावस्या और प्रतिपदा दोनों तिथियां सूर्योदय से मान्य होती हैं. इसी कारण इस बार अमावस्या के स्नान-दान और नवरात्र की घटस्थापना एक ही दिन यानी 19 मार्च को की जाएगी। चैत्र अमावस्या पर स्नान-दान का मुहूर्त  धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चैत्र अमावस्या के दिन स्नान और दान का विशेष महत्व होता है. 19 मार्च को स्नान-दान के लिए सुबह 4 बजकर 51 मिनट से 5 बजकर 39 मिनट तक रहेगा. परंपरा के अनुसार, इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में पवित्र नदी या घर पर स्नान कर दान-पुण्य करने की परंपरा है। चैत्र नवरात्र 2026 घटस्थापना का मुहूर्त नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना का भी विशेष महत्व होता है. 19 मार्च को सुबह 6 बजकर 52 मिनट से 7 बजकर 43 मिनट तक कलश स्थापना का शुभ समय रहेगा. यदि इस समय में स्थापना न हो पाए तो दोपहर में अभिजीत मुहूर्त 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक भी कलश स्थापना की जा सकती है। इन दुर्लभ संयोगों में मनाई जाएगी नवरात्र इस साल नवरात्र की शुरुआत 19 मार्च (गुरुवार) से होगी और इसका समापन 27 मार्च को होगा. पहले दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति भी काफी शुभ मानी जा रही है. द्रिक पंचांग के अनुसार, इस दिन शुक्ल योग, ब्रह्म योग और सर्वार्थ सिद्धि योग एक साथ बन रहे हैं. इन तीनों योगों को अत्यंत शुभ माना जाता है और ऐसी मान्यता है कि इस समय मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।  

Oscars 2026: ‘वन बैटल आफ्टर एनदर’ ने मारी बड़ी जीत,ईशा ने डायमंड नेकलेस में किया रॉयल स्टाइल

लॉस एंजिल्स 98वें ऑस्कर अवॉर्ड्स का मेन इवेंट यूएस के लॉस एंजेलिस में, डॉल्बी थिएटर में पूरा हो चुका है. दुनिया भर के सिनेमा को सेलिब्रेट करने वाले इस इवेंट में सबकी नजरें दो फिल्मों पर लगी थी- सिनर्स और वन बैटल आफ्टर एनदर। रायन कूगलर की 'सिनर्स' 16 नॉमिनेशंस के साथ, ऑस्कर में सबसे ज्यादा नॉमिनेटेड फिल्म बनकर इस इवेंट में पहुंची थी. इस फिल्म को शुरू से ही ऑस्कर्स के लिए फेवरेट माना जा रहा था. मेन कैटेगरीज से लेकर, टेक्निकल कैटेगरीज तक 'सिनर्स' का जलवा देखने लायक था. मगर इस फिल्म के हाथ 4 ही ऑस्कर आए। नॉमिनेशंस में दूसरे नंबर पर 13 नॉमिनेशन के साथ पॉल थॉमस एंडरसन की 'वन बैटल आफ्टर एनदर' थी. ये फिल्म अवार्ड सीजन में अचानक से सभी की फेवरेट बनकर उभरी थी. फिल्म की एंडरसन की सबसे एनर्जेटिक फिल्म कही जा रही 'वन बैटल आफ्टर एनदर' 6 ऑस्कर्स के साथ इस साल की सबसे बड़ी विनर साबित हुई।  फ्लोरल विंटेज गाउन-डायमंड नेकलेस में दिखा ईशा का रॉयल अंदाज एकेडमी अवॉर्ड्स 2026 यानी ऑस्कर 2026 के रेड कार्पेट पर कई बड़े सितारे नजर आए, लेकिन अंबानी फैमिली की लाडली ईशा अंबानी ने अपने फैशनेबल अंदाज से सारी लाइमलाइट चुरा ली. अपने स्टाइल और फैशनेबल चॉइसेज से अक्सर लोगों का दिल जीतने वाली ईशा अंबानी ने जैसे ही पति आनंद पीरामल के साथ ऑस्कर्स 2026 के रेड कार्पेट पर एंट्री ली सब देखते ही रह गए। ईशा ने अपने सादगी भरे लेकिन बेहद एलिगेंट लुक से खास ध्यान खींच लिया. फ्लोरल डिजाइन वाली खूबसूरत ड्रेस में ईशा का लुक बहुत ही फ्रेश और स्टाइलिश लग रहा था. उन्होंने इस बेहद खास इवनिंग के लिए विंटेज ड्रेस पहनना चुना, जिसने उनके स्टाइल में चार चांद लगा दिए। विंटेज Valentino गाउन में दिखीं बेहद ग्रेसफुल रेड कार्पेट के लिए ईशा अंबानी ने मशहूर फैशन हाउस Valentino का एक विंटेज स्ट्रैपलेस कॉलम गाउन चुना. ये ड्रेस Valentino के फॉल 2006 कूचर कलेक्शन का हिस्सा है। इस गाउन की खासियत इसकी खूबसूरत फ्लोरल एम्ब्रॉयडरी है, जो ईशा के लुक को अलग ही लेवल पर पहुंचा रही है. लाइट आइवरी कलर के बेस पर लाइलैक, गुलाबी, नीले और हरे रंग के फूलों की कढ़ाई की गई है, जो पूरे आउटफिट को बहुत ही फ्रेश और सॉफ्ट लुक दे रही है। डायमंड जूलरी ने बढ़ाई लुक की खूबसूरती अंबानी फैमिली अपने शानदार जूलरी कलेक्शन के लिए जाना जाता है. हर इवेंट में उनकी जूलरी की चर्चा होना आम बात है. इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ. ईशा ने अपने पूरे लुक को बेहद एलिगेंट और बैलेंस्ड रखा. उन्होंने भारी-भरकम जूलरी की जगह मिनिमल एक्सेसरीज को चुना, जिससे उनका स्टाइल और भी क्लासी नजर आया. इस लुक को खास बनाने के लिए उन्होंने फेमस ज्वेलरी डिजाइनर Lorraine Schwartz की शानदार डायमंड जूलरी पहनी थी, जिसने उनके आउटफिट में एक रॉयल टच जोड़ दिया। 'सिनर्स' के लिए माइकल बी जॉर्डन को उनका पहला बेस्ट एक्टर ऑस्कर मिला, जिन्हें कई सालों से क्रिटिक्स इस अवॉर्ड के लिए मजबूत दावेदार मान रहे थे. उन्हीं की तरह इस अवॉर्ड के मजबूत दावेदार माने जा रहे यंग स्टार टिमाथी शैलमे को इस बार भी निराशा हाथ लगी। पेश है ऑस्कर्स 2026 के विनर्स की पूरी लिस्ट: बेस्ट पिक्चर- वन बैटल आफ्टर एनदर बेस्ट एक्ट्रेस- जेसिका बकली बेस्ट एक्टर- माइकल बी जॉर्डन (सिनर्स) बेस्ट डायरेक्टर- पॉल थॉमस एंडरसन (वन बैटल आफ्टर एनदर) बेस्ट ऑरिजिनल सॉन्ग- गोल्डन (के-पॉप डेमन हंटर्स) बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म- सेंटिमेंटल वैल्यू बेस्ट ऑरिजिनल स्क्रीनप्ले- रायन कूगलर (सिनर्स) बेस्ट सिनेमैटोग्राफी- ऑटम डुरल्ड आर्कापॉ (सिनर्स) बेस्ट फिल्म एडिटिंग- एंडी जर्गेनसन (वन बैटल आफ्टर एनदर) बेस्ट साउंड- F1 बेस्ट ऑरिजिनल स्कोर- लडविग गोरानसन (सिनर्स) बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर- शॉन पेन (वन बैटल आफ्टर एनदर) बेस्ट अडाप्टेड स्क्रीनप्ले- पॉल थॉमस एंडरसन (वन बैटल आफ्टर एनदर)  बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन- फ्रैंकेंस्टीन बेस्ट मेकअप एंड हेयरस्टाइलिंग- फ्रैंकेंस्टीन बेस्ट कास्टिंग- कसांद्रा कुलुकुंडिस (वन बैटल आफ्टर एनदर) बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस- एमी मैडिगन (वेपन्स) बेस्ट एनिमेटेड फीचर- के-पॉप डेमन हंटर्स बेस्ट एनिमेटेड शॉर्ट फिल्म- The Girl Who Cried Pearls बेस्ट लाइव एक्शन शॉर्ट फिल्म- The Singers और Two People Exchanging Saliva बेस्ट विजुअल इफ़ेक्ट्स- अवतार: फायर एंड ऐश  बेस्ट डाक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म- ऑल द एम्पटी रूम्स  बेस्ट डाक्यूमेंट्री फीचर- मिस्टर नोबडी अगेन्सट पुतिन 

ओडिशा के हॉस्पिटल में भयानक आग, ICU में भर्ती 10 मरीजों ने गंवाई जान

 भुवनेश्वर ओडिशा के कटक स्थित SCB मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में सोमवार तड़के एक दर्दनाक हादसा हो गया. अस्पताल के मेडिसिन विभाग की इमारत में स्थित ट्रॉमा केयर ICU में भीषण आग लग गई. इस हादसे में अब तक कम से कम 10 मरीजों की मौत की खबर है। सोमवार सुबह करीब 3 बजे ट्रॉमा केयर यूनिट की पहली मंजिल पर आग लगी. कुछ ही मिनटों में पूरी ICU वार्ड में धुआं भर गया. उस समय वार्ड में कई गंभीर मरीज लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे। अस्पताल के कर्मचारी और अग्निशमन कर्मियों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया. हालांकि, कई नाजुक हालत वाले मरीज धुएं और आग की तेज लपटों की चपेट में आ गए। अस्पताल प्रशासन और दमकल विभाग की मुस्तैदी से दर्जनों मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. जो मरीज बच गए और जिनकी हालत गंभीर थी, उन्हें तुरंत 'न्यू मेडिसिन ICU' में शिफ्ट किया गया ताकि उनका इलाज जारी रह सके. आग पर काबू पाने के लिए दमकल की तीन गाड़ियों को लगाया गया, जिन्होंने घंटों की मशक्कत के बाद आग बुझाई। मुख्यमंत्री ने लिया जायजा हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री मोहन माझी घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं.  मौके पर स्वास्थ्य सचिव, कटक जिला कलेक्टर और डीसीपी भी राहत और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए मौजूद रहे। हादसे में 10 लोगों की मौत मुख्यमंत्री मांझी ने कहा, 'उस वार्ड में 23 मरीज भर्ती थे. बचाव अभियान से पहले ही वार्ड के अंदर 7 लोगों की मौत हो गई. बचाए जाने के बाद 3 लोगों की मौत चोटों और धुएं के कारण हुई. कुल मिलाकर 10 लोगों की मौत हुई. कम से कम पांच मरीज गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज करा रहे अस्पताल के दो कर्मचारी भी गंभीर रूप से घायल हो गए। सीएम ने मृतकों के परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा भी की. कैसे लगी आग? शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि ICU के एयर कंडीशनिंग सिस्टम या किसी मेडिकल उपकरण में इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट की वजह से ये आग लगी होगी. सरकार ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. जांच में ये भी पता लगाया जाएगा कि क्या अस्पताल में फायर सेफ्टी प्रोटोकॉल के पालन में कोई लापरवाही बरती गई थी।

चुनाव की तारीखों के कारण IPL 2026 का शेड्यूल हो सकता है प्रभावित, BCCI को करना पड़ सकता है बदलाव

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2026) का शुरुआती शेड्यूल बीसीसीआई ने हाल ही में जारी किया था. 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीसीसीआई ने केवल 12 अप्रैल तक का ही शेड्यूल जारी किया था जिसमें कुल 20 मैचों की घोषणा की गई थी. लेकिन रविवार को जब चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है तो एक बार फिर इस आईपीएल शेड्यूल पर बहस छिड़ गई है. चर्चा है कि अब बीसीसीआई को फिर से इन जारी शेड्यूल में बदलाव करना पड़ सकता है. आखिर इसकी क्या वजह है. आइए आपको बताते हैं। चुनाव आयोग ने असम में 9 अप्रैल को मतदान की तारीख तय की है. यानी असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल यानी की गुरुवार को एक ही चरण में वोटिंग होगी. लेकिन अब अगर आईपीएल के कार्यक्रमों को देखें तो गुवाहाटी में 7 अप्रैल को मैच होना तय किया गया है। गुवाहाटी में राजस्थान रॉयल्स के तीन मैच असम के गुवाहाटी स्थित बारासपारा क्रिकेट स्टेडियम को इस बार आईपीएल के 10 मेजबान मैदानों में शामिल किया गया है. यह मैदान राजस्थान का दूसरा घरेलू मैदान भी है. गुवाहाटी में राजस्थान रॉयल्स के तीन मुकाबले तय किए गए हैं। * पहला मैच 30 मार्च को होगा, जिसमें राजस्थान रॉयल्स का सामना चेन्नई सुपरकिंग्स से होगा. * दूसरा मुकाबला 7 अप्रैल को मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेला जाना है. * तीसरा मैच 10 अप्रैल को आरसीबी के खिलाफ होगा. तीनों मुकाबले शाम 7:30 बजे शुरू होंगे. क्या बदलना पड़ेगा शेड्यूल? अब सवाल यह है कि 9 अप्रैल को होने वाले चुनाव के कारण क्या आईपीएल का कार्यक्रम बदलेगा. फिलहाल इस बारे में कुछ भी साफ नहीं है. संभावना है कि बीसीसीआई ने शेड्यूल जारी करने से पहले सरकार और प्रशासन से बातचीत की होगी. इसलिए माना जा रहा है कि जरूरी मंजूरी पहले ही ले ली गई होगी। 7 और 10 अप्रैल के मैच पर संकट! दरअसल, असम में 9 अप्रैल को वोटिंग है. ऐसे में 7 तारीख से ही चुनाव प्रचार बंद हो जाएंगे और सख्तियां बढ़ जाएंगी. पुलिस प्रशासन को भी बूथों पर तैनात किया जाएगा. 7 अप्रैल को ही शाम को मैच है. वहीं, 9 को वोटिंग के बाद 10 अप्रैल को भी पुलिस महकमे के सामने कई चुनौतियां होंगी। सुरक्षा व्यवस्था बन सकती है चुनौती हालांकि चुनाव के समय सुरक्षा व्यवस्था एक बड़ी चुनौती बन सकती है. आमतौर पर चुनाव की तैयारियां मतदान से 1–2 हफ्ते पहले शुरू हो जाती हैं. उस दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों को कई जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं, जैसे: * संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना * चुनाव में पैसे के इस्तेमाल को रोकना * इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को सुरक्षित तरीके से मतदान केंद्रों तक पहुंचाना इसके अलावा असम की सीमा बांग्लादेश से लगती है, इसलिए तमाम चुनौतियां अपने आप बढ़ जाती हैं.  ऐसे में खिलाड़ियों, टीम स्टाफ और स्टेडियम की 24 घंटे सुरक्षा सुनिश्चित करना आसान नहीं होगा। जल्द आएगा पूरा आईपीएल शेड्यूल बीसीसीआई जल्द ही आईपीएल 2026 का पूरा कार्यक्रम जारी कर सकता है. तब यह साफ हो जाएगा कि गुवाहाटी में होने वाले मैचों की तारीखें बदलती हैं या नहीं।  

मिलिट्री पाइप बैंड प्रतियोगिता में तीसरे स्थान पर आने पर CM साय ने छात्रों को दी शुभकामनाएं

मिलिट्री पाइप बैंड प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान: मुख्यमंत्री  साय ने द ग्रेट इंडिया सैनिक स्कूल के छात्रों को दी बधाई और शुभकामनाएं रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से  शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में द ग्रेट इंडिया सैनिक स्कूल रायपुर के छात्रों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  साय ने छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की मिलिट्री पाइप बैंड प्रतियोगिता में तृतीय पुरस्कार प्राप्त करने पर बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि आपकी इस उपलब्धि से न केवल आपके विद्यालय, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। यह राज्य के लिए गर्व का विषय और एक बड़ी उपलब्धि है। इस अवसर पर स्कूल के संचालक  सिद्धार्थ सिंह, कमांडेंट (सेवानिवृत्त) कर्नल  आर.के. वर्मा सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक एवं छात्र उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष शिक्षा मंत्रालय एवं रक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर मिलिट्री पाइप बैंड प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है, जिसमें देशभर के सैनिक स्कूल भाग लेते हैं। छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार द ग्रेट इंडिया सैनिक स्कूल, रायपुर ने इस प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त किया है। यह प्रतियोगिता जिला स्तर से प्रारंभ होकर राज्य स्तरीय, जोन स्तरीय और राष्ट्रीय स्तर तक आयोजित की जाती है।छत्तीसगढ़ दक्षिण जोन का हिस्सा है, जिसमें केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के सैनिक स्कूल शामिल होते हैं।

CM साय ने कहा, कान्यकुब्ज समाज छत्तीसगढ़ के विकास में निभा रहा है अहम भूमिका

कान्यकुब्ज समाज छत्तीसगढ़ के विकास में निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय रायपुर  छत्तीसगढ़ में कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है और यह समाज प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के आशीर्वाद भवन में आयोजित कान्यकुब्ज शिक्षा मंडल के होली मिलन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को एक सूत्र में जोड़ने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं से जोड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी कड़ी में राज्य में गौधाम योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत प्रदेश के सभी जिलों में चरणबद्ध रूप से गौधाम स्थापित किए जाएंगे, जहां बेसहारा और घुमंतू गौवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शासकीय भूमि पर स्थापित सभी गौधाम अब “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे।  इन गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी उत्पाद तैयार करने से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे, जिससे स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रभु राम से विशेष संबंध है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और प्रभु राम का ननिहाल है। उन्होंने कहा कि  रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 42 हजार से अधिक रामभक्तों को अयोध्या में प्रभु राम के दर्शन कराए जा चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत बुजुर्गों को विभिन्न तीर्थस्थलों का दर्शन कराया गया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा “बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026” की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत 28 लाख 42 हजार उपभोक्ताओं को 757 करोड़ रुपये से अधिक की राहत मिलेगी। योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता मोर बिजली ऐप के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं। इसके लिए राज्यभर में समाधान शिविरों का आयोजन भी किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष  अंजय शुक्ला तथा कान्यकुब्ज सभा शिक्षा मंडल के पदाधिकारियों सहित सभी आयोजकों को आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।  इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन के अध्यक्ष  संजय वास्तव, कान्यकुब्ज सभा-शिक्षा मंडल के अध्यक्ष  सुरेश मिश्रा, पत्रकार शिरीष मिश्रा, राजेश मिश्रा अरविन्द अवस्थी, मोहन तिवारी, गौरव शर्मा सहित बड़ी संख्या में कान्यकुब्ज समाज के गणमान्यजन उपस्थित थे।

काटजू अस्पताल में मेनोपॉज से इन्फर्टिलिटी तक का इलाज, में तैयार हुआ हाईटेक गायनेकोलॉजी सेंटर

भोपाल भोपाल के शासकीय कैलाश नाथ काटजू अस्पताल में महिलाओं के लिए एक बड़ी और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधा शुरू होने जा रही है। यहां “स्टेट ऑफ द आर्ट सेंटर फॉर प्रिवेंटिव गायनेकोलॉजी एंड इन्फर्टिलिटी” स्थापित किया जा रहा है।  करीब तीन करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक और हाईटेक मशीनें अस्पताल में पहुंच चुकी हैं और उनके इंस्टालेशन का काम लगभग पूरा हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस सेंटर को नवरात्र के दौरान शुरू किए जाने की तैयारी है। इस सेंटर के शुरू होने से मेनोपॉज, निसंतानता, पीसीओएस, मोटापा, अनियमित मासिक धर्म और सर्वाइकल कैंसर जैसी महिलाओं से जुड़ी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा। अभी तक इन बीमारियों के इलाज के लिए महिलाओं को अलग-अलग अस्पतालों और विशेषज्ञों के पास जाना पड़ता था, लेकिन अब जांच से लेकर उपचार तक की सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी। किशोरियों से महिलाओं तक 100 से अधिक रोगों का इलाज इस नए सेंटर में किशोरियों से लेकर वयस्क महिलाओं तक की स्वास्थ्य समस्याओं के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। यहां महिलाओं से जुड़े 100 से अधिक रोगों की जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, सेंटर के लिए ग्राउंड फ्लोर और ऊपरी मंजिलों में स्थान तय कर दिया गया है। यहां प्रजनन स्वास्थ्य से लेकर गर्भाशय कैंसर तक की बीमारियों के इलाज की व्यवस्था होगी। मेनोपॉज और हार्मोनल समस्याओं के लिए विशेष सुविधा काटजू अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ और सेंटर की स्टेट नोडल अधिकारी डॉ. रचना दुबे के अनुसार महिलाओं में आमतौर पर 45 से 50 वर्ष की उम्र के बीच मेनोपॉज की स्थिति शुरू होती है। इस दौरान शरीर में एस्ट्रोजेन हार्मोन का स्तर कम होने लगता है, जिससे हड्डियों से जुड़ी समस्याएं, हार्मोनल असंतुलन और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं सामने आती हैं। नए सेंटर में इन सभी समस्याओं के लिए विशेष परामर्श, जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इन्फर्टिलिटी और गर्भधारण से जुड़ी समस्याओं का इलाज इस सेंटर में बांझपन यानी इन्फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याओं के इलाज पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। यहां पीसीओएस, फाइब्रॉइड, हार्मोनल असंतुलन और अन्य स्त्री रोगों की जांच आधुनिक तकनीकों के माध्यम से की जाएगी। गर्भधारण में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए आईयूआई जैसी आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जाएगा। सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती पहचान महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की समय पर पहचान बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस सेंटर में वीआईए तकनीक के माध्यम से कैंसर की शुरुआती जांच की जाएगी। इस तकनीक की मदद से गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का प्रारंभिक चरण में ही पता लगाया जा सकेगा, जिससे समय रहते इलाज संभव हो सकेगा और महिलाओं की जान बचाई जा सकेगी। आधुनिक मशीनों से होगा इलाज केगेल चेयर- पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों को मजबूत करने वाली मशीन है। जिन महिलाओं को बच्चेदानी या पेल्विक मांसपेशियों के ढीले होने की समस्या होती है, उनमें बिना सर्जरी के उपचार संभव हो सकेगा। कोलपोस्कोप- मशीन के जरिए गर्भाशय ग्रीवा, योनि और संबंधित अंगों की गहन जांच की जाएगी। लेजर मशीन- इसके माध्यम से सिस्ट, मेनोपॉज से जुड़ी समस्याएं और यूरीन लीक जैसी बीमारियों का इलाज आसान हो जाएगा। रोगों की रोकथाम पर रहेगा विशेष फोकस विशेषज्ञों के अनुसार, यह सेंटर केवल इलाज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महिलाओं में रोगों की रोकथाम और शुरुआती पहचान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। खराब जीवनशैली और बदलती जीवनशैली के कारण महिलाओं में कई स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसकी शुरुआत अक्सर पीसीओएस जैसी बीमारी से होती है। किशोरियों में बढ़ रही पीसीओएस की समस्या विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान समय में हर चार में से एक किशोरी में पीसीओएस के लक्षण देखने को मिल रहे हैं। वहीं अस्पतालों में आने वाली महिलाओं में भी लगभग आधी महिलाएं इसी समस्या से प्रभावित होती हैं। ऐसे में इस सेंटर के माध्यम से समय पर जांच और उपचार की सुविधा मिलने से महिलाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। शिक्षा कार्यक्रम भी चलेंगे सेंटर की इंचार्ज डॉ. रचना दुबे के अनुसार इस सेंटर की तैयारी पिछले कई महीनों से की जा रही है और उम्मीद है कि यह क्लीनिक जल्द ही शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि यहां केवल जांच और इलाज ही नहीं होगा, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और शिक्षा कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।  

सदी के दूसरे सबसे लंबे सूर्य ग्रहण का समय आया, सूतक टाइम नोट करें

इंदौर साल 2026 में होने वाले खगोलीय घटनाक्रमों में सूर्य ग्रहण भी खास माना जा रहा है. हिंदू धर्म में सूर्य ग्रहण का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व बताया गया है, इसलिए इस दौरान कई नियमों का पालन करने की परंपरा भी है. ग्रहण के समय पूजा-पाठ, खानपान और दैनिक कार्यों को लेकर विशेष सावधानियां बरती जाती हैं. ऐसे में लोग यह जानने के लिए उत्सुक रहते हैं कि साल का अगला सूर्य ग्रहण कब लगेगा,  उसका प्रभाव भारत में दिखाई देगा या नहीं. दरअसल, साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगा था, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं दिया. अब लोगों की नजर साल के दूसरे सूर्य ग्रहण पर है. आइए जानते हैं यह सूर्य ग्रहण कब लगेगा, इसका समय क्या रहेगा और क्या इसका सूतक काल भारत में मान्य होगा।  सूर्य ग्रहण 2026: तारीख और समय साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगेगा. इसी दिन हरियाली अमावस्या भी पड़ रही है, जिससे इस दिन का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है. यह ग्रहण रात 09 बजकर 04 मिनट पर शुरू होगा. यह 13 अगस्त की सुबह 04 बजकर 25 मिनट पर समाप्त होगा. यह सदी का दूसरा लंबी अवधि तक दिखने वाला सूर्य ग्रहण है. हालांकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा।  सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करें     सूतक काल के दौरान कोई भी नया और शुभ कार्य शुरू न करें, जैसे शादी, मुंडन या गृह प्रवेश.      ग्रहण के समय देवी-देवताओं की मूर्तियों को स्पर्श न करें और बाहरी पूजा-पाठ से बचें.     इस दौरान मन ही मन गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र और सूर्य मंत्र का जप करें.      ग्रहण समाप्त होने के बाद पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें.     इसके बाद घर और मंदिर की सफाई करें.     देसी घी का दीपक जलाकर भगवान की पूजा-अर्चना करें.     मंदिर या जरूरतमंद लोगों को अन्न, धन या अन्य वस्तुओं का दान करें.     सूतक काल शुरू होने से पहले खाने-पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते डालकर रखें. सूर्य ग्रहण में क्या न करें     ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ न करें.      भगवान की मूर्तियों को स्पर्श न करें.     भोजन का सेवन न करें.     चाकू, सुई जैसी धारदार वस्तुओं का उपयोग न करें.     सगाई, विवाह जैसे शुभ कार्य न करें.     तुलसी के पत्ते न तोड़ें.     किसी से वाद-विवाद न करें.     किसी के बारे में नकारात्मक विचार न रखें. सूर्य ग्रहण के समय करें इन मंत्रों का जप ॐ घृ‍णिं सूर्य्य: आदित्य: ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा।। ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:। ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ । ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः । सूर्य ग्रहण के दौरान करें ये उपाय ग्रहण के समय भगवान सूर्य का ध्यान करते हुए सूर्य मंत्र या गायत्री मंत्र का जप करना शुभ माना जाता है. ग्रहण समाप्त होने के बाद गंगाजल मिलाकर स्नान करें. पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें. ग्रहण के बाद देसी घी का दीपक जलाकर भगवान सूर्य की पूजा करें.जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करना पुण्यदायी माना जाता है.ग्रहण के समय तांबे के पात्र में जल भरकर उसमें लाल फूल डालें .ग्रहण समाप्त होने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें.घर के मंदिर की साफ-सफाई करें .भगवान को ताजे फूल अर्पित करें. ग्रहण के बाद मीठा भोजन बनाकर प्रसाद के रूप में बांटना भी शुभ माना जाता है.नकारात्मक ऊर्जा से बचने के लिए ग्रहण के दौरान महामृत्युंजय मंत्र का जप करना भी लाभकारी माना जाता है.

जरीन खान ने बताया इंडस्ट्री में कैसे हर सीन में उन्हें किस या ब्रा दिखाने का दबाव डाला गया

मुंबई एक्ट्रेस जरीन खान ने हाल ही में हेट स्टोरी 3 और अक्सर 2 को लेकर बात की थी. उन्होंने कहा कि हेट स्टोरी 3 के बाद उन्होंने इंडस्ट्री में आलोचना झेली. साथ ही उन्हें बहुत जज किया गया था।   बता दें कि जरीन खान ने 2010 में सलमान खान के अपोजिट फिल्म वीर में 2010 में डेब्यू किया था. इसके बाद वो हाउसफुल 2, हेट स्टोरी 3 जैसी फिल्मों में दिखीं. दोनों ही फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा परफॉर्म किया।  'बॉलीवुड ने दिखाया नीचा' हालांकि, हेट स्टोरी 3 में बोल्ड सीन्स की वजह से उन्होंने निगेटिविटी झेली. पूजा भट्ट के साथ पॉडकास्ट में जरीन ने इसके बारे में बात की. उन्होंने कहा, 'जब मैंने हेट स्टोरी की तो लोगों ने मुझे बहुत नीचा दिखाया. खासतौर पर इंडस्ट्री से. वो कहते थे क्योंकि ये एक्ट नहीं कर सकती थी तो इसीलिए इसने कपड़े उतारे।  सेट पर हो गई थी टेंशन हेट स्टोरी 3 के बाद जरीन को अक्सर 2 के लिए अप्रोच किया. ये 2006 की अक्सर की सीक्वल फिल्म थी. फिल्म को अनंत महादेवन ने डायरेक्ट किया है।  इसके बारे में जरीन ने कहा, 'उन्होंने बहुत पॉलिश इंग्लिश में स्क्रिप्ट सुनाई. हम हेट स्टोरी नहीं बना रहे हैं. हम क्राइम जॉनर की फिल्म बना रहे हैं और उसी से रिलेटेड लाइन्स पर. तो मैंने बोला ओके. लेकिन जब मैं सेट पर पहुंची तो र दूसरा सीन किस पर खत्म हो रहा था. अचानक से मुझे सीन के लिए ब्रा या उसके जैसे कपड़ों में चाहते थे. मैंने कहा कि मुझे ऐसे सीन से दिक्कत नहीं है, लेकिन आपने मुझे बिल्कुल अलग स्क्रिप्ट दी थी. अब क्योंकि आपने वो फिल्म देखी है तो आप ये सब एड करना चाहते हैं. मुझे एहसास हुआ कि डायरेक्टर के रीढ़ की हड्डी नहीं थी. उन्होंने स्टोरी को लेकर एक विजन प्रोडूसर्स को सुनाया. दूसरा मुझे और मेरे कॉस्ट्यूम डिजाइनर को. उस वक्त सेट पर टेंशन पैदा हो गई थी। 

मैहर पालिका में मांस, मछली और अंडे की बिक्री पर प्रतिबंध, प्रशासन ने लिया सख्त कदम

मैहर  चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व और मां शारदा के दरबार में उमड़ने वाली भारी श्रद्धालु भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। मैहर की धार्मिक गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए संपूर्ण नगर पालिका क्षेत्र में 9 दिनों तक मांस, मछली और अंडे के क्रय-विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया।  एसडीएम दिव्या पटेल द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह प्रतिबंध 19 मार्च 2026 से 27 मार्च 2026 की मध्य रात्रि तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान मैहर नगर पालिका क्षेत्र में किसी भी दुकान, होटल, ढाबे, रेहड़ी या अन्य स्थान पर मांसाहार की बिक्री, भंडारण या सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने साफ किया है कि आदेश का कड़ाई से पालन कराया जाएगा और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए निर्णय मैहर मां शारदा मंदिर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां चैत्र नवरात्रि के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मेले के दौरान शहर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। ऐसे में शहर की धार्मिक शुचिता, स्वच्छता और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से प्रशासन ने यह कदम उठाया है। प्रशासन का मानना है कि नवरात्रि के दौरान शहर में धार्मिक माहौल बना रहे और किसी भी प्रकार की असुविधा या विवाद की स्थिति न उत्पन्न हो, इसके लिए यह प्रतिबंध आवश्यक है। कानून के तहत होगी कार्रवाई प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया है। यदि कोई भी व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई की जाएगी प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार नगर पालिका क्षेत्र में संबंधित विभागों और पुलिस की टीमें लगातार निगरानी रखेंगी, ताकि प्रतिबंध का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जा सके। मैहर धार्मिक नगरी घोषित आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि मैहर को मध्यप्रदेश शासन के पर्यटन विभाग द्वारा धार्मिक नगरी घोषित किया गया है। नवरात्रि के दौरान यहां विशाल मेला लगता है और लाखों की संख्या में श्रद्धालु मां शारदा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में शहर की धार्मिक गरिमा बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। प्रशासन ने नगर के सभी व्यापारियों और नागरिकों से अपील की है कि वे आदेश का पालन करें और नवरात्रि पर्व के दौरान शहर में धार्मिक वातावरण बनाए रखने में सहयोग करें।