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दो बहनों ने प्यार में किया बड़ा कदम, धर्म बदलकर शादी की और नया नाम लेकर थाने पहुंचीं

नौगांव जिले के नौगांव में प्रेम प्रसंग से जुड़ा एक मामला इन दिनों इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां मुस्लिम समाज की दो चचेरी बहनें और हिंदू समाज के दो चचेरे भाइयों की प्रेम कहानी अब शादी में बदल गई है। करीब एक माह पहले दोनों युवतियां अपने घरों से चली गई थीं, जिसके बाद परिजनों और समाज के लोगों में हड़कंप मच गया था। परिजनों ने युवतियों के अपहरण की आशंका जताते हुए नौगांव थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी।  उस समय मुस्लिम समाज के लोगों ने नौगांव थाने पहुंचकर घेराव किया था और युवतियों की जल्द तलाश की मांग की थी। घटना के कुछ दिनों बाद 13 और 14 फरवरी के आसपास दोनों युवतियों ने अपने साथियों के साथ सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया। वीडियो में उन्होंने बताया कि वे अपनी मर्जी से घर से गई हैं और दोनों ने अपने-अपने साथियों से शादी कर ली है। युवतियों ने यह भी कहा कि वे बालिग हैं और किसी दबाव में नहीं हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से वायरल हो गया। अब करीब एक महीने बाद सोमवार 16 मार्च को दोनों जोड़े नौगांव थाने पहुंचे और यहां थाना प्रभारी वाल्मीकि चौबे की मौजूदगी में अपने बयान दर्ज कराए। इस दौरान दोनों पक्षों के परिजन और समाज के लोग भी थाने पहुंचे। युवाओं ने पुलिस को बताया कि उन्होंने नागपुर में आर्य समाज मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया है और अब वे पति-पत्नी के रूप में साथ रहना चाहते हैं। उनका कहना है कि यह विवाह दोनों की सहमति से हुआ है और इस पर किसी तरह का दबाव नहीं है। विवाह के बाद दोनों युवतियों ने हिंदू धर्म अपनाने की बात कही और अपने नए नाम भी रख लिए। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे पिछले 7-8 साल से एक-दूसरे को जानते थे और एक-दूसरे से प्रेम करते थे। दोनों ने बालिग होने का इंतजार किया और इसके बाद अपनी मर्जी से शादी करने का फैसला लिया। दोनों जोड़ों ने पुलिस से सुरक्षा की मांग भी की है। उनका कहना है कि शादी के बाद उन्हें किसी तरह के खतरे की आशंका है, इसलिए प्रशासन उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराए। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए हैं और पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यदि सुरक्षा की आवश्यकता पाई जाती है तो नियमानुसार सुरक्षा दी जाएगी। जब दोनों युवतियां थाने पहुंचीं तो मुस्लिम समाज के कई लोग भी वहां पहुंचे और उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन युवतियों ने स्पष्ट कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से विवाह किया है और अब वे अपने पति के साथ ही रहेंगी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद नौगांव क्षेत्र में यह मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। 

कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी आमजनों की समस्याएं, अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए

कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी आमजनों की समस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित कार्यवाही के निर्देश बिलासपुर कलेक्टर  संजय अग्रवाल ने आज जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में आम नागरिकों सहित ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसानों एवं ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनका त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। जनदर्शन में राजस्व एवं प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित आवेदन अधिक मिले। जनदर्शन में नगर निगम कमिश्नर  प्रकाश कुमार सर्वे एवं जिला पंचायत सीईओ  संदीप अग्रवाल ने भी लोगों की समस्याएं सुनकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।         जनदर्शन में आज धुरीपारा मंगला निवासी पुरूषोत्तम पटेल ने कलेक्टर से मुलाकात कर बताया कि कृषि भूमि में उनके पिताजी के नाम की जगह अन्य व्यक्ति का नाम ऑनलाईन दिख रहा है। जिससे उन्हें भविष्य में जमीन से जुड़े कार्याें में परेशानी आ सकती है। कलेक्टर ने एसडीओ बिलासपुर को जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने कहा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलगहना के सेवानिवृत्त पुरूष पर्यवेक्षक ने कलेक्टर से सेवानिवृत्ति के पश्चात जीपीएफ राशि का अंतिम भुगतान दिलाने की गुहार लगाई। कलेक्टर ने मामले को सीएमएचओ को सौंपा है। सीपत तहसील के उच्चभट्ठी निवासी किसान संतराम एवं गिरधारी लाल सूर्यवंशी ने किसान सम्मान निधि की राशि नहीं मिलने की शिकायत की है। उन्होंने बताया कि उन्हें केवल दो किस्त की राशि प्राप्त हुई है उसके बाद की राशि आज दिनांक तक ई-केवायसी कराने के बाद भी नहीं मिल रही है। कलेक्टर ने उप संचालक कृषि को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत दगोरी के सरपंच  मथुरा प्रसाद ने शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला दगोरी में मूलभूत सुविधाओं जैसे की पेयजल की आपूर्ति, अहाता, शौचालय सहित शिक्षक व्यवस्थाओं के लिए आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि शाला में 237 बच्चे वर्तमान में स्कूल में अध्ययनरत है। शौचालय में पानी नहीं है। इस संबंध में शिक्षा विभाग को अवगत कराया जा चुका है लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।           तिफरा निवासी मती अमरिका बाई ने कलेक्टर से मुलाकात कर आवेदन दिया कि महतारी वंदन योजना की भुगतान राशि मिलना बंद हो गया है। उन्होंने बताया कि किसी त्रुटिवश मेरे आवेदन में मुझे मृत दर्शा दिया गया है जिससे उन्हें योजना की राशि नहीं मिल पा रही है। अब तक केवल 5 किस्तों की राशि ही मिली है। कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी को मामले का निराकरण करने का निर्देश दिया। बिटकुली तहसील के पत्थरखान निवासी  मनोज पाण्डेय ने उनके गांव में गौधाम योजना शुरू करने की मांग की। रामा लाईफ सिटी सकरी निवासी  अशोक कुमार धुरी ने कलेक्टर से शिकायत करते हुए आवेदन दिया कि उनके नाम से किसी ने फर्जी लोन निकाल लिया है। उन्होंने एसबीआई मस्तुरी के ब्रांच मैनेजर, स्टॉफ एवं अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध उचित कार्रवाई करते हुए केसीसी फर्जी लोन को समाप्त करने निवेदन किया। कलेक्टर ने मामले की जांच लीड बैंक मैनेजर को करने के निर्देश दिए है। तखतपुर के ग्राम विजयपुर निवासी  घनाराम सहित अन्य लोगों ने प्राथमिक शाला के शिक्षक  अभिमन्यु मरकाम एवं भरत धु्रव के विरूद्ध शिकायत करते हुए बताया कि प्रायः स्कूल में शराब पीकर आते है। हुल्लड़ करते है और अध्यापन कार्य नहीं करते है। इनके ऐसे कृत्य से छात्र-छात्राएं एवं ग्रामीण काफी परेशान हो चुके है। कलेक्टर ने डीईओ को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए है।   राम केयर अस्पताल के विरूद्ध शिकायत – आजाद नगर निवासी  शैलेन्द्र सिंह ठाकुर ने नेहरू नगर स्थित  राम केयर अस्पताल के विरूद्ध शिकायत करते हुए कलेक्टर को बताया कि अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत इलाज करा रहे मरीजों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। वार्ड एवं परिसर मे गंदगी एवं अव्यवस्था तथा साफ-सफाई की कमी के कारण मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। निगम से पास नक्शे के विपरीत निर्माण किया गया है एवं अस्पताल की बिल्डिंग के उपर अवैध रूप से छत पर टीन का शेड बनाकर अतिरिक्त निर्माण किया गया है। कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त एवं सीएमएचओ को मामले की जांच के निर्देश दिए।   

एलपीजी कालाबाजारी पर सरकार का सख्त एक्शन, छापों में 70 एफआईआर और 10 गिरफ्तार

एलपीजी कालाबाजारी पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, अब तक 4,816 छापे, 70 एफआईआर और 10 गिरफ्तार कालाबाजारी पर प्रदेशभर में योगी सरकार की सख्ती, वितरकों पर रखी जा रही नजर सीएम योगी के निर्देश के बाद प्रदेशभर में प्रवर्तन तेज, 67 पर अभियोजन, अवैध बिक्री पर कड़ी कार्रवाई 4,108 वितरकों पर डिलीवरी की निगरानी बढ़ाई गई, वाणिज्यिक सिलेंडरों के 20% आवंटन पर भी सख्ती खाद्य आयुक्त कार्यालय में 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय, जिलों में भी बने कंट्रोल रूम, अधिकारी लगातार फील्ड में सक्रिय लखनऊ प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता को लेकर योगी सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। सीएम योगी के निर्देश के बाद पूरे प्रदेश में प्रवर्तन एजेंसियां सक्रिय हो गईं हैं और कालाबाजारी व अवैध बिक्री के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत, 12 मार्च से अब तक प्रदेशभर में 4,816 निरीक्षण और छापेमारी की गई है। इस दौरान एलपीजी वितरकों के खिलाफ 10 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि गैस की कालाबाजारी में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध 60 एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की गई। मौके से 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 67 व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई है।  स्टॉक की नियमित समीक्षा योगी सरकार द्वारा 4,108 एलपीजी वितरकों के यहां उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुरूप गैस सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित कराने के लिए सख्त निगरानी की जा रही है। स्टॉक की नियमित समीक्षा की जा रही है और आवश्यकतानुसार रिफिल की उपलब्धता पर नजर रखी जा रही है। यही नहीं, केंद्र सरकार द्वारा वाणिज्यिक सिलेंडरों की कुल खपत के 20 प्रतिशत आवंटन की अनुमति दिए जाने के बाद इसके क्रियान्वयन पर भी सतर्कता बरती जा रही है। स्थानीय अधिकारी फील्ड में सक्रिय खाद्य आयुक्त कार्यालय में पेट्रोलियम पदार्थों के वितरण से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा होम कंट्रोल में भी अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। जिलों में भी कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं, जो लगातार निगरानी कर रहे हैं। साथ ही, जिला पूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी फील्ड में लगातार भ्रमण कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और उपभोक्ताओं तक एलपीजी की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई कर रहे हैं।

MP में LPG संकट: घरेलू सिलेंडर की सप्लाई में सुधार, कमर्शियल गैस की कमी पर ऑयल कंपनियों का ध्यान

भोपाल  मध्य प्रदेश में एलपीजी सिलेंडर की कमी का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। हालांकि घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन कमर्शियल सिलेंडरों की कमी से होटल और रेस्टोरेंट उद्योग अभी भी प्रभावित है। प्रदेश के विभिन्न शहरों में कमर्शियल गैस की सप्लाई रोक दिए जाने से लगभग 50 हजार से अधिक होटल और रेस्टोरेंट सोमवार को गैस के बिना काम करने को मजबूर रहे। भोपाल के भौंरी स्थित ऑयल कंपनी डिपो से कमर्शियल सिलेंडर ट्रकों में लोड किए जा रहे हैं, लेकिन इन्हें होटल और रेस्टोरेंट तक पहुंचाने के आदेश अभी जारी नहीं हुए हैं। जिला फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार फिलहाल प्राथमिकता के आधार पर अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, पुलिस, सेना और रेलवे कैंटीन जैसे आवश्यक सेवाओं को ही गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया, भौंरी स्थित डिपो से कमर्शियल सिलेंडर के ट्रक लोड हो रहे हैं, लेकिन फिलहाल होटल और रेस्टोरेंट को सिलेंडर देने के आदेश नहीं है। इसलिए सोमवार को अस्पताल, शैक्षणिक संस्थाएं, पुलिस, सेना-रेलवे कैंटिंग को ही सिलेंडर की सप्लाई की गई है। महाराष्ट्र में 70% सप्लाई, एमपी में भी हो एमपी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया, एसोसिएशन को महाराष्ट्र के उपहार गृहों में 70 प्रतिशत रिलीफ यानी, सिलेंडर दिए जाने के आदेश मिले हैं। एमपी में भी ये आदेश आ सकते हैं। फिलहाल सोमवार को कमर्शियल सिलेंडर नहीं दिया गया। इस कारण प्रदेश के 50 हजार से अधिक होटल और रेस्टोरेंट में समस्या बनी रही। यदि इन्हें भी सिलेंडर मिलेंगे तो यह होटल इंडस्ट्री के लिए 'ऑक्सीजन' मिलने जैसा रहेगा। पिछले 7 दिन से सप्लाई नहीं होने से भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में होटल-रेस्टोरेंट में गैस का स्टॉक खत्म हो रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में इंडक्शन, डीजल भट्‌ठी के इंतजाम जरूर किए हैं, लेकिन यह बहुत ही खर्चिला है। इसलिए मेन्यू में बदलाव करने की गाइडलाइन जारी की। सिलेंडर की कमी और ग्राहकों की संख्या कम होने के बावजूद प्रदेश के किसी भी होटल या रेस्टोरेंट से कर्मचारियों को नहीं निकाला गया। प्रदेश के होटल कारोबारियों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से कमर्शियल गैस की आपूर्ति बाधित है। इसके कारण भोपाल, इंदौर सहित कई बड़े शहरों में होटल और रेस्टोरेंट का गैस स्टॉक खत्म होने लगा है। मध्य प्रदेश होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी के मुताबिक महाराष्ट्र में होटल उद्योग को लगभग 70 प्रतिशत गैस सप्लाई देने के निर्देश जारी किए गए हैं और उम्मीद है कि इसी तरह का निर्णय मध्य प्रदेश में भी जल्द लिया जाएगा। गैस की कमी के कारण कई होटल और रेस्टोरेंट वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में इंडक्शन चूल्हे और डीजल भट्टियों का उपयोग कर रहे हैं। हालांकि यह विकल्प काफी महंगा साबित हो रहा है। इसी वजह से कई स्थानों पर होटल संचालकों ने अस्थायी रूप से मेन्यू में बदलाव करने के निर्देश भी जारी किए हैं। बावजूद इसके, होटल उद्योग से जुड़े संगठनों का कहना है कि अब तक किसी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला गया है। उधर घरेलू गैस सिलेंडरों की स्थिति में कुछ सुधार देखा गया है। गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार प्रदेश में घरेलू सिलेंडर बुकिंग से जुड़ी लगभग 50 प्रतिशत समस्याएं कम हो गई हैं। भोपाल में ही सोमवार को करीब 12 हजार से अधिक बुकिंग दर्ज की गईं। हालांकि कई उपभोक्ता भविष्य की संभावित कमी को देखते हुए अतिरिक्त सिलेंडर जमा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे बाजार में घबराहट की स्थिति बनी हुई है। घरेलू गैस बुकिंग की 50% समस्या हुई कम गैस एजेंसी संचालकों की माने तो प्रदेश में घरेलू सिलेंडर की बुकिंग की 50% समस्या खत्म हो गई है। भोपाल में सोमवार को 12 हजार से अधिक बुकिंग आई। हालांकि, पैनिक स्थिति ज्यादा है। यानी, लोग भविष्य में सिलेंडर न मिलने की समस्या आने पर अतिरिक्त सिलेंडर जमा कर रहे हैं। इधर, सिलेंडर की कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। राजधानी में ही सोमवार को करीब 50 सिलेंडर जब्त किए गए। गैस किल्लत को लेकर प्रदेश में प्रदर्शन का दौर गैस की किल्लत के चलते पूरे प्रदेश में प्रदर्शन का दौर भी जारी है। सोमवार को भोपाल में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा समेत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चाय की दुकान लगाई। नाले में पाइप लगाकर उससे निकलने वाली गैस से चाय बनाने की कोशिश की। प्रदर्शन स्थल पर लगाए गए पोस्टर में लिखा था- कृपया मोदी जी की सलाह मानें। रसोई गैस के पीछे न भागें, गंदे नाले की गैस का उपयोग करें। मंदसौर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ठेले पर गैस सिलेंडर रखकर रैली निकाली। प्रधानमंत्री के खिलाफ नरेंदर-सरेंडर के नारे लगाए। गैस संकट को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने प्रदेश के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन किया। राजधानी भोपाल में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और पार्टी कार्यकर्ताओं ने अनोखा प्रदर्शन करते हुए नाले की गैस से चाय बनाने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान लगाए गए पोस्टरों में केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए गए। मंदसौर सहित अन्य जिलों में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गैस सिलेंडर के साथ रैली निकालकर विरोध दर्ज कराया। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच आम लोगों और कारोबारियों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद बनी हुई है।

स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश: CM साय ने विधानसभा परिसर में तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया

स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश: CM साय ने विधानसभा परिसर में तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का किया शुभारंभ रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में आयोजित तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने शिविर में स्वयं स्वास्थ्य जांच कराकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान जीवनशैली में शारीरिक गतिविधियों में कमी आने के कारण विभिन्न प्रकार की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच अत्यंत आवश्यक हो गई है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने से व्यक्ति समय रहते जागरूक रहकर आवश्यक सावधानी अपनाते हुए गंभीर बीमारियों से बचाव कर सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त समाज और समृद्ध राज्य की नींव होते हैं। मुख्यमंत्री  साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह द्वारा की गई इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे स्वास्थ्य शिविर न केवल लोगों को जागरूक करते हैं, बल्कि उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित भी करते हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव  अमित कटारिया, संचालक स्वास्थ्य  संजीव कुमार झा, सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक  रितेश अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

नोरा के गाने ‘सरके चुनर तेरी’ पर हुआ एक्शन, यूट्यूब ने हटाया सॉन्ग

मुंबई 'सरके चुनर तेरी सरके…'  इंटरनेट पर इन दिनों नोरा फतेही के इस आइटम सॉन्ग ने बवाल मचा रखा है. संजय दत्त की पैन इंडिया फिल्म केडी- द डेविल के गाने ने फिल्मी से लेकर राजनीतिक गलियारों में भूचाल मचा है. तमाम विरोध और आलोचनाओं के बाद मेकर्स ने इसके हिंदी वर्जन को ऑफिशियली यूट्यूब से हटा दिया है।  लेकिन हैरानी इस बात की है कि ये गाना दूसरी भाषाओं में अभी भी यूट्यूब पर देखा जा सकता है. इसका तमिल, तेलुगू, कन्नड़ और मलयालम वर्जन बिना किसी बदलाव के यूट्यूब पर देखा जा रहा है. गाने के खिलाफ लिया गया ये आधा-अधूरा एक्शन लोगों की समझ से परे हैं. दूसरी तरफ, गाने के अश्लील और फूहड़ कंटेंट को देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इस संदर्भ में नोटिस भेजा है।  नोरा के गाने के खिलाफ हुआ एक्शन रिपोर्ट के मुताबिक, सोशल एक्टिविस्ट और एडवोकेट ने सॉन्ग 'सरके चुनर' के खिलाफ दिल्ली पुलिस की साइबर सेल में शिकायच दर्ज कराई थी. उन्होंने गाने से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की मांग की थी. शिकायत में आरोप था कि ये गाना सेक्सुअली को प्रमोट करता है. इसके फूहड़ लिरिक्स समाज पर गलत छवि छोड़ती है. गाने को तुरंत सभी प्लेटफॉर्म से हटाने की अपील की गई थी।  यूट्यब से हटा नोरा का गाना कहा गया कि नोरा के फूहड़ गाने का यूथ पर निगेटिव इंफ्लुएंस पड़ेगा. इस गाने के लिरिसिस्ट रकीब आलम, डायरेक्टर प्रेम, कंपोजर अर्जुन जान्या और सिंगर मंगली पर भी एक्शन लेने की मांग की गई. जिंदल ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पास भी शिकायत दर्ज कराई।  मनी कंट्रोल रिपोर्ट के मुताबिक, मूवी के मेकर्स ने यूट्यूब से इस गाने को हटा लिया है. 16 मार्च 2026 तक ये गाना यूट्यूब पर नजर आ रहा था. लेकिन अब ऑफिशियल गाने को सर्च करने पर 'कंटेंट उपलब्ध नहीं है' लिखा हुआ आता है. इस पूरे विवाद पर अभी तक फिल्म के मेकर्स, संजय दत्त और नोरा फतेही ने रिएक्ट नहीं किया है. नोरा ने इंस्टा अकाउंट से भी इस गाने के वीडियो को हटा लिया है।  सेलेब्स ने भी किया ट्रोल नोरा के गाने को इंटरनेट पर बुरी तरह बैश किया गया. लोगों का कहना है जितने फूहड़ इसके लिरिक्स हैं, उतने ही वल्गर नोरा के डांस स्टेप्स. हुक स्टेप में वो अपना पल्लू सरका कर डांस कर रही हैं. उनके एक्सप्रेशंस को भी अश्लील और चीप बताया गया. यूजर्स ने नोरा से कहा, अगर कमबैक करना ही था तो अच्छे गाने से करतीं, उन्होंने ऐसे वल्गर गाने को क्यों चुना? संजय दत्त को भी यूजर्स ने नहीं बख्शा. सेलेब्स ने भी इस गाने को क्रिटिसाइज किया है. सिंगर अरमान मलिक का कहना है इस गाने ने सॉन्ग राइटिंग का स्टैंडर्ड ही गिरा दिया है. पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने भी गाने को ट्रोल किया है।   

कैथल में विवाहिता लाखों के जेवर और कैश लेकर फरार, साथ में बेटी भी ले गई, पति फसल कटाई पर था

कैथल कैथल जिले में सीवन थाना के तहत आने वाले गांव से करीब 25 वर्षीय विवाहिता लाखों रुपए के सोने चांदी के गहने व नकदी लेकर फरार हो गई। इस दौरान महिला का पति कंबाइन पर फसल कटाई के लिए मध्य प्रदेश गया हुआ था। विवाहिता की सास भी अपने काम से बाहर गई हुई थी।  इस संबंध में विवाहिता की सास ने पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर विवाहिता और उसकी बेटी की तलाश शुरू कर दी है। बेटा कंबाइन चलाने MP गया है सास ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका बेटा मध्य प्रदेश में कंबाइन चलाने के लिए गया हुआ है। वह भी सुबह के समय अपने काम से घर के बाहर चली गई। इस दौरान उसकी पुत्रवधू तीन-चार साल की बेटी को लेकर घर से फरार हो गई। अपने साथ वह करीब तीन तोले सोने के जेवर, 500 ग्राम चांदी के जेवर, दो जोड़ी चांदी की पाजेब और करीब 50 हजार रुपए लेकर चली गई। बाइक पर लेकर गया युवक सास ने बताया कि उन्होंने अपने स्तर पर पुत्रवधू व अपनी पोती का पता लगाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं मिली। अब उन्हें पता चला है कि उसे गांव मरदेड़ी का संजय बाइक पर बैठाकर लेकर गया है। शिकायतकर्ता ने उसकी पुत्रवधू व पोती को तलाश करने की मांग की है। केस दर्ज कर तलाश में जुटी पुलिस सीवन थाना के जांच अधिकारी जगबीर सिंह ने बताया कि इस संबंध में पुलिस के पास शिकायत आई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। विवाहिता की तलाश की जा रही है। पुलिस मामले की आगामी जांच कर रही है।  

कलेक्टर जयति सिंह की अनोखी अपील:रोटी-पराठे से तौबा करें, ईंधन बचाने के लिए बदलें खाने का मेन्यू

बड़वानी मध्य प्रदेश की बड़वानी कलेक्टर ने जिले के लोगों से ईंधन की खपत कम करने की अपील की है. कहा कि यह एक अच्छा मौका है, जब हम अपनी ईंधन जरूरतों की समीक्षा कर सकते हैं. उन्होंने सुझाव दिया कि ज्यादा ईंधन में बनने वाले व्यंजनों की जगह अन्य विकल्प अपनाए जा सकते हैं ताकि कम ईंधन में भी भोजन व्यवस्था चल सके और गैस की बचत हो सके। कलेक्टर ने जिले के नागरिकों से ईंधन की बचत करने का अनुरोध किया है. उन्होंने कहा कि सभी लोग अपनी ईंधन की आवश्यकता पर एक बार विचार करें. किस तरह हम अपनी ईंधन खपत को कम कर सकते हैं, इस पर सोचने की जरूरत है। आईएएस अफसर ने सुझाव दिया कि लोग अपने खाने के मेन्यू में भी बदलाव कर सकते हैं. खासकर ऐसे व्यंजन जिनमें ज्यादा ईंधन लगता है, उन्हें कुछ समय के लिए कम किया जा सकता है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि रोटी और पराठे जैसे व्यंजनों की जगह ऐसे विकल्प अपनाए जा सकते हैं, जिनमें कम ईंधन लगे। कलेक्टर का मानना है कि अगर सभी लोग थोड़ा सहयोग करें तो ईंधन की बचत संभव है. साथ ही इससे गैस की उपलब्धता भी बेहतर तरीके से बनी रह सकती है। IAS जयति सिंह ने कहा, ''मेरा सभी से अनुरोध रहेगा कि यह एक अच्छा मौका है कि आप अपनी ईंधन की आवश्यकता को एक बार देखें. हम अपने मेन्यू में भी परिवर्तन कर सकते हैं. जैसे रोटी और पराठे बनाने में अधिक ईंधन लगता है, उससे शिफ्ट होकर हम अन्य ऐसे विकल्पों पर जा सकते हैं जिनमें कम ईंधन लगे।

पंजाब में 4 जिलों में बारिश का अलर्ट, 2 दिनों में तापमान में 7.6 डिग्री की गिरावट, 21 तक रहेगा खराब मौसम

चंडीगढ़  पंजाब के मौसम को लेकर ताजा अपडेट सामने आई है। राज्य के कई जिलों में आज मौसम बदला-बदला रहने की संभावना है। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर और पटियाला में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। विभाग के मुताबिक 18, 19 और 21 मार्च को भी प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं लुधियाना, जालंधर और पठानकोट में सुबह से ही बादल छाए हुए हैं, जबकि चंडीगढ़ में फिलहाल मौसम साफ है। मौसम विभाग के अनुसार एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय हो रहा है, जिसके चलते आने वाले दिनों में मौसम में और बदलाव देखने को मिलेगा। पिछले दो दिनों में हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण ठंड ने एक बार फिर वापसी कर ली है। बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 1.4°C की गिरावट दर्ज की गई है, जो सामान्य से 3.7°C कम है। वहीं पिछले दो दिनों में अधिकतम तापमान कुल 7.6°C तक गिर चुका है। मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान 3 से 5°C तक बढ़ सकता है, जबकि इसके बाद फिर 4 से 6°C तक गिरावट आने की संभावना है।  उधर, हिमाचल प्रदेश की पर्यटन नगरी मनाली में बीती रात बर्फबारी हुई। मनाली शहर में 2 इंच, ऊंचे पहाड़ों पर 5, अटल टनल रोहतांग में 8, रोहतांग दर्रा और शिंकुला में डेढ़ फीट से ज्यादा स्नोफॉल हुआ। पंजाब और चंडीगढ़ में 2 दिन हुई बारिश व ओले गिरने से ठंड एक बार फिर लौट आई है। 24 घंटे में अधिकतम तापमान में 1.4°C की गिरावट दर्ज की गई है। अब यह सामान्य तापमान से 3.7°C कम बना हुआ है। दो दिनों में 7.6 डिग्री अधिकतम तापमान गिरा है। फरीदकोट में सबसे ज्यादा 26.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है, जबकि चंडीगढ़ में 26.4 डिग्री तापमान रहा है। पंजाब के बड़े शहरों में कैसा है मौसम…     अमृतसर में धूप निकली है। हवाएं चल रही हैं। अधिकतम तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 13 से 15 डिग्री के आसपास है।     लुधियाना में बादल छाए हुए हैं। सुबह हल्की सी धूप निकली थी। लेकिन कुछ देर बाद ही बादल छा गए। 16 मार्च को न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस था, आज 10 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है।     जालंधर में बादल छाए हुए हैं। यहां अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रहने के आसार हैं।     मोहाली में धूप निकली है। यहां का अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस है।     पठानकोट में रात को हल्की बूंदाबांदी हुई। लेकिन अभी बादल छाए हुए हैं। अधिकतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11.9 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है। 3.6MM बारिश हुई, फिर भी कमी पिछले 24 घंटों के दौरान पंजाब में औसतन 3.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक बारिश माधोपुर (पठानकोट) में 20 मिमी (2 सेमी) दर्ज की गई। जिलों के अनुसार पठानकोट में 11.5 मिमी और गुरदासपुर में 10 मिमी बारिश हुई। मोगा में बिल्कुल बारिश नहीं हुई (0 मिमी)। इसके अलावा बठिंडा में 0.1 मिमी और मुक्तसर में 0.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। 1 मार्च से 16 मार्च तक पंजाब में अब तक कुल 4 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य तौर पर 14 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। इस तरह राज्य में बारिश 72% कम रही, जिसे मौसम विभाग ने ‘लार्ज डेफिसिएंट’ (भारी कमी) की श्रेणी में रखा है। होशियारपुर का तापमान 17.7 डिग्री दर्ज पंजाब में दो दिनों में अधिकतम तापमान में 7.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। कई जिलों का तापमान 20 डिग्री से नीचे पहुंच गया। होशियारपुर में दिन का अधिकतम तापमान 17.7 डिग्री दर्ज किया गया है। पठानकोट में 18.8 डिग्री और एसबीएस नगर में 20.7 डिग्री दर्ज किया गया है। तामपान तीन से 5 डिग्री बढ़ेगा चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक 18, 19 और 21 मार्च को कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। अगले 3 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसके बाद अगले 2 दिनों में तापमान 4 से 6°C तक गिर सकता है और फिर उसके बाद के 2 दिनों में दोबारा 3 से 5°C की बढ़ोतरी होने के आसार हैं।

सीएम योगी की बड़ी पहल, कैलाश मानसरोवर यात्रियों को वित्तीय सहायता प्रदान करेंगे

कैलाश मानसरोवर यात्रियों के लिए बड़ी सौगात, सीएम योगी प्रदान करेंगे श्रद्धालुओं को वित्तीय सहायता लोकभवन में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 555 श्रद्धालुओं को वितरित करेंगे एक-एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता लखनऊ कैलाश मानसरोवर तीर्थ के दर्शनार्थियों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार मंगलवार को एक बड़ी पहल करने जा रही है। 17 मार्च को लोकभवन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 555 श्रद्धालुओं को एक-एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता राशि वितरित करेंगे। इस कार्यक्रम का आयोजन पर्यटन विभाग द्वारा किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश सरकार तीर्थ यात्रियों को प्रोत्साहित करने और उनकी यात्रा को सुगम बनाने के उद्देश्य से यह सहायता प्रदान कर रही है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहेंगे। यात्रियों के लिए बड़ी राहत सरकार की यह पहल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशीलता को भी दर्शाती है। कैलाश मानसरोवर यात्रा को सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है और यह यात्रा कठिन एवं खर्चीली होती है। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा दी जा रही आर्थिक सहायता यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। प्रदेश सरकार लगातार धार्मिक स्थलों के विकास, तीर्थ यात्राओं को सुविधाजनक बनाने और श्रद्धालुओं को प्रोत्साहन देने की दिशा में कार्य कर रही है। यह कार्यक्रम उसी कड़ी में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के साथ ही अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।  आस्था का सम्मान कैलाश मानसरोवर जैसी कठिन तीर्थ यात्रा को उत्तर प्रदेश सरकार ने आर्थिक सहायता के माध्यम से श्रद्धालुओं के लिए आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश के स्थायी निवासियों के लिए ₹1 लाख तक की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है, जो यात्रा पूर्ण करने के बाद आवेदन और दस्तावेजों के सत्यापन के उपरांत सीधे लाभार्थियों के खाते में अंतरित की जाती है। इसके साथ ही, देशभर से आने वाले तीर्थ यात्रियों के ट्रांजिट स्टे की सुविधा के लिए गाजियाबाद में कैलाश मानसरोवर भवन का निर्माण भी कराया गया है, जिससे यात्रियों को बेहतर ठहराव और सुविधाएं मिल सकें। यह पहल न केवल आस्था का सम्मान है, बल्कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में उत्तर प्रदेश को और प्रगतिमान बनाने का प्रयास भी है।