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नए मुख्यमंत्री पर फैसला एनडीए के हाथ में, रामकृपाल यादव का बड़ा बयान

  पटना, बिहार की सियासत एक बार फिर गर्म होती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर चल रही अटकलों के बीच बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ कहा कि एनडीए नेतृत्व ही तय करेगा कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ दिनों में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। जनता दल (यूनाइटेड) में नेतृत्व को लेकर भी उन्होंने टिप्पणी की। राम कृपाल यादव ने कहा कि नीतीश कुमार ही जदयू के संस्थापक हैं। उन्होंने याद दिलाया कि समता पार्टी से विकसित होकर जदयू बना और इस पूरी यात्रा में नीतीश कुमार ने संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया। उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार ने खुद फैसला लिया है कि अब वे मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहेंगे, लेकिन नई सरकार को मार्गदर्शन देते रहेंगे। साथ ही, उन्होंने यह भी तय किया है कि वे पार्टी संगठन की जिम्मेदारी आगे भी संभालते रहेंगे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का सपना है कि साल 2030 तक बिहार एक विकसित राज्य बने। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए वे लगातार काम करते रहे हैं और आगे भी उनका मार्गदर्शन मिलता रहेगा। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए राम कृपाल यादव ने कहा कि आने वाले समय में कांग्रेस पूरी तरह खत्म हो जाएगी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर भी उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी शासन में बंगाल बर्बाद हो चुका है और वहां के लोगों के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने कहा कि अत्याचार के कारण जनता डरी हुई है, लेकिन चुनाव में लोग अपने मत का सही इस्तेमाल करेंगे और टीएमसी को हटाकर भाजपा नेतृत्व वाली सरकार बनाएंगे। वहीं, वाराणसी में गंगा नदी के बीच नॉन-वेज इफ्तार पार्टी के आयोजन पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में गंगा मां के रूप में पूजी जाती हैं और यह एक बेहद पवित्र स्थल है। खासकर बनारस के घाटों पर दुनियाभर से लोग आते हैं। ऐसे स्थान पर इस तरह का आयोजन करना पूरी तरह गलत है। उन्होंने इसे सनातन और हिंदू धर्म का गंभीर अपमान बताया और कहा कि इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।  

नए संवत का आगमन 2026 में: जानिए इसका महत्व और आपके लिए क्या संकेत हैं

अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार भले ही नया साल 1 जनवरी को आता है, लेकिन भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के अनुसार असली नववर्ष चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होता है. वर्ष 2026 में यह शुभ दिन 19 मार्च, गुरुवार को पड़ रहा है. इसी दिन से विक्रम संवत 2083 का आगाज़ होगा. इस बार का नववर्ष न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि ज्योतिषीय गणना के अनुसार भी बेहद खास होने वाला है. आइए जानते हैं क्या है संवत 2083 का नाम, इसके राजा-मंत्री और इसके महत्व के बारे में. संवत 2083 का नाम क्या है? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हर साल का एक विशिष्ट नाम होता है. विक्रम संवत 2083 को रौद्र संवत्सर के नाम से जाना जाएगा. रौद्र भगवान शिव का एक रूप है, जो अनुशासन, शक्ति और परिवर्तन का प्रतीक है. माना जा रहा है कि यह साल वैश्विक स्तर पर बड़े नीतिगत बदलावों और साहसिक निर्णयों का गवाह बनेगा. इस बार राजा गुरु और मंत्री मंगल इस बार नववर्ष गुरुवार से शुरू हो रहा है, इसलिए इस साल के राजा देवगुरु बृहस्पति होंगे. गुरु के राजा होने से शिक्षा, धर्म और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में प्रगति होगी. समाज में नैतिकता बढ़ेगी और ज्ञान का प्रसार होगा. वहीं इस साल के मंत्री मंगल देव होंगे. राजा गुरु और मंत्री मंगल का यह मेल बताता है कि इस साल दुनिया भर में कड़े और अनुशासन प्रिय फैसले लिए जाएंगे. सैन्य शक्ति और तकनीक के क्षेत्र में भारत का दबदबा बढ़ सकता है. 12 नहीं, इस बार होंगे 13 महीने संवत 2083 की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह 13 महीनों का साल होगा. गणना के अनुसार, इस वर्ष ज्येष्ठ का अधिक मास (मलमास) जुड़ रहा है. अधिक मास के कारण यह साल 354 दिनों के बजाय लगभग 384 दिनों का होगा. यह समय आध्यात्मिक शुद्धि और दान-पुण्य के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है. नववर्ष का पौराणिक और वैज्ञानिक महत्व क्या है? मान्यता है कि इसी दिन ब्रह्मा जी ने ब्रह्मांड की रचना शुरू की थी. यह वह समय है जब पेड़ों पर नई पत्तियां आती हैं और फसलें पककर तैयार होती हैं. वैज्ञानिक रूप से भी यह ऋतु परिवर्तन का काल है जो नई ऊर्जा का संचार करता है. इसी दिन महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा, दक्षिण भारत में उगादी और उत्तर भारत में चैत्र नवरात्रि का महापर्व शुरू होता है. राशियों पर क्या प्रभाव होगा? ज्योतिषियों के अनुसार, राजा गुरु और मंत्री मंगल की यह जुगलबंदी मिथुन, तुला, धनु और मीन राशि के जातकों के लिए विशेष रूप से फलदायी रहने वाली है. इन राशियों को करियर में तरक्की और आर्थिक लाभ के प्रबल योग बनेंगे. कुल मिलाकर नया हिंदू नववर्ष नई उम्मीदों और बदलावों के साथ आ रहा है.

अंबेडकरनगर में ड्रग फैक्ट्री का पर्दाफाश, 20 करोड़ की मेफेड्रोन जब्त

अंबेडकरनगर/अहमदाबाद  गुजरात एटीएस ने ड्रग्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर (Ambedkar Nagar) जिले में चल रही अवैध मेफेड्रोन (MD) फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है. इस ऑपरेशन में करीब 20 करोड़ रुपये की ड्रग्स और केमिकल जब्त किए गए हैं. कार्रवाई के दौरान खेत में छिपाकर बनाई गई फैक्ट्री से 6 किलो मेफेड्रोन, 50 किलो लिक्विड मेफेड्रोन और भारी मात्रा में कच्चा माल बरामद हुआ है. इस मामले में दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया है. इससे पहले गुजरात में तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी थी. इस तरह अब तक कुल पांच आरोपी पुलिस के शिकंजे में आ चुके हैं. एटीएस इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है. इस पूरे मामले की शुरुआत 1 मार्च को मिली एक खुफिया सूचना से हुई थी. गुजरात एटीएस के डिप्टी एसपी एसएल चौधरी को सूचना मिली थी कि अहमदाबाद में ड्रग्स की सप्लाई हो रही है. इसके आधार पर गोमतीपुर इलाके से शफात अहमद फारूकी को गिरफ्तार किया गया. उसके पास से 4.6 ग्राम एमडी बरामद की गई थी. शुरुआती पूछताछ में उसने ड्रग्स सप्लाई करने वाले दो अन्य लोगों के नाम बताए. इसके बाद जांच का दायरा तेजी से बढ़ाया गया. पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नेटवर्क को ट्रेस करना शुरू किया. यहीं से यूपी कनेक्शन सामने आया. शफात की निशानदेही पर एटीएस ने अहमदाबाद के दाणीलीमड़ा इलाके में रहने वाले सोहेल मिर्जा और फरहान पठान को गिरफ्तार किया. सोहेल के पास से 300 ग्राम एमडी बरामद हुई. तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया. पूछताछ के दौरान सामने आया कि यह ड्रग्स उन्हें उत्तर प्रदेश से मिल रही थी. इससे जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई. एटीएस को यह भी पता चला कि असली सप्लायर यूपी में बैठे हैं. इसके बाद टीम ने पूरे नेटवर्क को खंगालना शुरू किया. पूछताछ में खुलासा हुआ कि सोहेल को 300 ग्राम एमडी यूपी के पंकज और कपिल ने सप्लाई की थी. ये दोनों आरोपी खुद ड्रग्स बनाते थे और फिर देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजते थे. गुजरात एटीएस ने ह्यूमन इंटेलिजेंस के जरिए दोनों का लोकेशन ट्रेस किया. लोकेशन उत्तर प्रदेश के आंबेडकरनगर जिले में मिली. इसके बाद अहमदाबाद से एटीएस की टीम यूपी के लिए रवाना हुई. स्थानीय पुलिस से भी संपर्क किया गया. संयुक्त ऑपरेशन की योजना बनाकर रेड की तैयारी की गई. ड्रग्स फैक्ट्री का खुलासा एटीएस की टीम ने आंबेडकरनगर पुलिस के साथ मिलकर रामपुर करई इलाके में एक खेत में छापा मारा. यहां एक टीन शेड बनाया गया था, जो बाहर से देखने पर पोल्ट्री फार्म जैसा लगता था. लेकिन अंदर मेफेड्रोन बनाने की फैक्ट्री चल रही थी. इसी जगह से पंकज और कपिल को गिरफ्तार किया गया. दोनों पिछले करीब चार महीने से यहां ड्रग्स बना रहे थे. फैक्ट्री को बेहद गुप्त तरीके से तैयार किया गया था ताकि किसी को शक न हो. यह पूरा ऑपरेशन बेहद योजनाबद्ध तरीके से चल रहा था. रेड के दौरान एटीएस को बड़ी सफलता मिली. मौके से 6 किलो मेफेड्रोन, 50 किलो लिक्विड मेफेड्रोन, 88 किलो 2-ब्रोमो-4 मिथाइल प्रोपियोफेनोन और 200 किलो केमिकल बरामद किया गया. इन सभी की बाजार कीमत करीब 20 करोड़ रुपये आंकी गई है. जांच में यह भी सामने आया कि बरामद 88 किलो केमिकल से करीब 25 किलो और एमडी बनाई जा सकती थी. यानी यह फैक्ट्री बड़े स्तर पर ड्रग्स उत्पादन कर रही थी. एटीएस ने पूरे सामान को जब्त कर लिया है. गिरफ्तार आरोपियों में कपिल (31) और पंकज (30) शामिल हैं. कपिल 12वीं पास है जबकि पंकज 10वीं तक पढ़ा है. दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं और पिछले चार महीने से ड्रग्स का कारोबार कर रहे थे. गुजरात एटीएस उन्हें यूपी से अहमदाबाद लेकर गई है. कोर्ट में पेश करने के बाद 12 दिन का रिमांड हासिल किया गया है. रिमांड के दौरान उनसे नेटवर्क, सप्लाई चेन और अन्य साथियों के बारे में पूछताछ की जाएगी. पुलिस को उम्मीद है कि इससे बड़े नेटवर्क का खुलासा होगा. अब तक कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के मोबाइल फोन का डेटा खंगाला जा रहा है. इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ड्रग्स की सप्लाई देश के किन-किन हिस्सों में की गई. साथ ही यह भी जांच हो रही है कि इन्हें ड्रग्स बनाने की तकनीक और कच्चा माल कहां से मिला. एटीएस का कहना है कि जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा.

Weather Alert Haryana: छह जिलों में ऑरेंज अलर्ट, कटी फसल को लेकर किसानों के लिए चेतावनी

हिसार. हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में मौसम ने करवट ले ली है। हाल ही में हुई वर्षा, ओलावृष्टि के असर से तापमान में गिरावट आई है। सुबह-शाम ठंडी हवाएं चलने से मौसम सुहावना बना है। आगामी दिनों में मौसम में बड़े बदलाव के संकेत हैं। भारतीय मौसम विभाग ने प्रदेश के अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, करनाल व पानीपत में आरेंज अलर्ट जारी किया है। अन्य 16 जिलों में येलो अलर्ट है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि ऊपरी सतह पर चलने वाली जेट धाराओं में बदलाव के कारण पश्चिमी विक्षोभ अब दक्षिण की ओर सक्रिय हो रहा है। 18 मार्च की रात से एक नया मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से 19 से 21 मार्च के बीच हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इस दौरान हल्की से मध्यम वर्षा होगी। साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना भी है। दक्षिणी पंजाब व उत्तरी राजस्थान में चक्रवातीय परिसंचरण बनने से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी पहुंचेगी। मौसमी गतिविधियां तेज होंगी। इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से प्रदेश में दिन और रात के तापमान में और गिरावट आएगी। लोगों को मार्च में ही हल्की सर्दी का अहसास हो सकता है। हाल ही में हुई ओलावृष्टि व वर्षा के चलते सभी जिलों में तापमान 33 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना है। मंगलवार को हिसार का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान 28.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सिरसा का न्यूनतम तापमान 10.0 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे कम रहा। सबसे अधिक तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस मेवात का रहा। मेवात का न्यूनतम तापमान 15.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को कितना रहा तापमान? जिला     न्यूनतम तापमान (°C)     अधिकतम तापमान (°C) अंबाला     14.0     29.7 हिसार     11.0     28.7 करनाल     11.7     27.5 महेंद्रगढ़     13.1     28.0 रोहतक     14.8     28.7 भिवानी     14.1     29.5 चरखी दादरी     14.2     29.9 गुरुग्राम     14.4     31.5 जींद     11.4     27.8 करनाल     12.5     29.6 मेवात     15.3     31.6 किसानों को बरतनी होगी विशेष सावधानी मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि खेतों में जल-जमाव न होने दें। निकासी की उचित व्यवस्था करें कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें या तिरपाल से ढकें। ओलावृष्टि के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों या कमजोर ढांचों के नीचे शरण न लें। सब्जियों व कतार वाली फसलों में मिट्टी चढ़ाएं। वर्षा के पूर्वानुमान के दौरान उर्वरक व कीटनाशकों का छिड़काव न करें। तेज हवाओं के दौरान सिंचाई से बचें।  

गलती से भी शेयर न करें परिवार की ये 4 बातें, नहीं तो उठानी पड़ सकती है बड़ी मुसीबत!

हर फैमिली की कुछ प्राइवेट बातें होती हैं, जो घर की चारदीवारी तक ही रहें तो बेहतर होता है। लेकिन कई बार हम अपने पड़ोसी, रिश्तेदारों या दोस्तों के साथ इन्हें शेयर कर बैठते हैं। उस समय तो सिर्फ यही लगता है कि मन हल्का हो रहा है और शायद बात इतनी सीरियस भी नहीं है। लेकिन फिर बाद में यही बातें जब आपके खिलाफ काम करने लगती हैं, तब पछतावे के सिवा कुछ और बचता ही नहीं है। अगर जीवन में सफलता और सम्मान चाहिए तो एक बात गांठ बांध लें कि परिवार से जुड़ी कुछ बातें खुद तक ही रखें ताकि लोगों को आपके खिलाफ ताकत ना मिले। ऐसी ही कुछ 4 जरूरी बातें हैं जो अपने तक रखना बहुत जरूरी है, भले ही ये आपको नॉर्मल लगें लेकिन जरा सी चूक और लोग आपको जज करने में समय नहीं लगाते। आइए जानते हैं कौन सी वो बातें हैं। अपने परिवार की आर्थिक स्थिति कभी किसी को ना बताएं पहली और सबसे जरूरी बात है कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति किसी और के साथ साझा ना करें। चाहे घर की आर्थिक स्थिति मजबूत चल रही हो या कमजोर, दोनों ही बातें सिर्फ खुद तक रखनी चाहिए। इससे लोग आपके सामर्थ्य का गलत अनुमान लगा सकते हैं, जो आगे चलकर नुकसान का कारण बन सकता है। घर के अंदर होने वाले कलेश या विवाद अपना मन हल्का करने के लिए अगर आप भी बाहर वालों के साथ घर में चल रहे कलेश या विवाद शेयर कर देते हैं, तो ये आदत भारी पड़ सकती है। यही वो बातें हैं जो समय आने पर आपके खिलाफ काम कर सकती हैं और परिवार में फूट डालने का कारण भी बन सकती हैं। लोग आपके कलेश सुन तो लेते हैं और सामने से सहानुभूति भी दिखाते हैं, लेकिन पीठ पीछे अक्सर मजाक बनाते हैं और आपके लड़ाई-झगड़े उनके लिए सिर्फ एंटरटेनमेंट का एक सोर्स होते हैं। अपने परिवार की फ्यूचर प्लानिंग अगले कुछ सालों में घर खरीदना हो, बच्चों के करियर से जुड़ी कोई प्लानिंग हो या नया बिजनेस शुरू करना हो; परिवार से जुड़ी फ्यूचर प्लानिंग लोगों के साथ कभी शेयर नहीं करनी चाहिए। नजर लगने जैसी चीज भले ही अंधविश्वास हो लेकिन ये भी सच है कि हर कोई आपकी सफलता से खुश नहीं होता है। ज्यादा चर्चा से दबाव भी बढ़ता है और फिर असफल होने पर अक्सर लोगों के ताने और मजाक भी झेलने पड़ते हैं। इसलिए बेहतर रहेगा कि जब तक काम पूरा ना हो जाए, योजनाओं को अपने तक ही सीमित रखें। हर परिवार में कुछ ना कुछ कमजोरियां होती हैं, भले ही वह आर्थिक हों, भावनात्मक हों या फिर आपस के मतभेद हों। लेकिन इन कमजोरियों को कभी भी बाहर वालों के साथ शेयर नहीं करना चाहिए, भले भी वो आपके कितनी भी करीबी हों। ये बातें सामने आने से लोगों को आपके खिलाफ पावर मिलती है, जिसका लोग कभी भी फायदा उठा सकते हैं।

Punjab vs Rajasthan Water Dispute: भगवंत मान का बड़ा बयान, 1.44 लाख करोड़ के दावे से बढ़ी हलचल

चंडीगढ़. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को सिंचाई और जल प्रबंधन से जुड़े आंकड़े पेश करते हुए राजस्थान को दिए जा रहे पानी पर बड़ा मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1920 में बीकानेर रियासत और बहावलपुर के बीच हुए समझौते के तहत पानी की आपूर्ति शुरू हुई थी, जो बाद में राजस्थान तक पहुंची। उस समय पानी के बदले प्रति एकड़ शुल्क तय किया गया था और 1960 तक इसका भुगतान भी होता रहा। मुख्यमंत्री ने बताया कि 1960 के बाद नई व्यवस्था लागू होने पर यह भुगतान व्यवस्था जारी नहीं रही। न तो राजस्थान ने भुगतान किया और न ही पंजाब ने इसकी मांग उठाई। अब सरकार ने पुराने रिकॉर्ड के आधार पर आकलन किया है कि 1960 से 2026 तक का हिसाब जोड़ने पर यह राशि करीब 1.44 लाख करोड़ रुपये बनती है। उन्होंने कहा कि यदि राजस्थान 1920 के समझौते के तहत पानी ले रहा है तो उसे उसी आधार पर भुगतान भी करना चाहिए। अन्यथा या तो समझौते को समाप्त किया जाए या फिर पानी की आपूर्ति पर पुनर्विचार किया जाए। मुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि यह मुद्दा अब उच्च स्तर पर उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वर्तमान में लगभग 18 हजार क्यूसेक पानी राजस्थान फीडर के माध्यम से जा रहा है, जबकि इसके बदले कोई आर्थिक प्रतिफल नहीं मिल रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पहले भुगतान होता था तो अब क्यों नहीं हो रहा। सिंचाई में बड़े बदलाव का दावा प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने राज्य में सिंचाई के क्षेत्र में हुए कार्यों का भी विस्तृत ब्यौरा दिया। उन्होंने कहा कि 2022 में सरकार बनने के समय केवल 26.5 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग हो रहा था, जो अब बढ़कर लगभग 58 लाख एकड़ क्षेत्र तक पहुंच गया है। यह करीब 78 प्रतिशत की वृद्धि है। उन्होंने बताया कि चार वर्षों में सिंचाई बजट को तीन गुना बढ़ाते हुए लगभग 6700 करोड़ रुपये खर्च किए गए। 13,938 किलोमीटर नए वाटर कोर्स (खाल) बनाए गए और 18,000 किलोमीटर से अधिक पुराने ढांचों को बहाल किया गया। ‘गुम’ नहरें खोजकर फिर से चलाईं मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य के 1454 गांव ऐसे थे जहां आजादी के बाद भी नहरी पानी नहीं पहुंचा था। अब पहली बार इन गांवों तक पानी पहुंचाया गया है। कंडी क्षेत्र में 1500 किलोमीटर अंडरग्राउंड पाइपलाइन बहाल कर 24 हजार एकड़ क्षेत्र को सिंचाई से जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि कई नहरें कागजों में मौजूद थीं लेकिन जमीन पर उनका अस्तित्व खत्म हो चुका था। सरकार ने ऐसी नहरों को खोजकर दोबारा चालू किया। तरनतारन की सरहाली नहर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि खुदाई के दौरान नीचे दबे हुए ढांचे मिले और करीब 22 किलोमीटर लंबी नहर को पुनर्जीवित किया गया। शाहपुर कंडी परियोजना पूरी मुख्यमंत्री ने दावा किया कि नहरी पानी बढ़ने से भूजल दोहन में कमी आई है। गुरदासपुर के कई ब्लॉकों में एक्सट्रैक्शन रेट आधे से भी कम हो गया है और 57 प्रतिशत से अधिक कुओं में जलस्तर 0 से 4 मीटर तक ऊपर आया है। उन्होंने बताया कि 25 साल से लंबित शाहपुर कंडी डैम परियोजना को 3394.49 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया है। इससे सिंचाई के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और 26 नए पर्यटन स्थल विकसित किए गए हैं। आपदा प्रबंधन और ड्रेनेज पर काम राज्य सरकार ने स्टेट डिजास्टर मिटिगेशन फंड के तहत 470 करोड़ रुपये खर्च कर 195 कार्य पूरे किए हैं। 3700 किलोमीटर ड्रेनों की सफाई की गई और नई मशीनरी लगाई गई ताकि बाढ़ और जलभराव की समस्या कम हो सके। मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस बयान से साफ है कि आने वाले समय में राजस्थान-पंजाब के बीच पानी और भुगतान का मुद्दा फिर से गर्मा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य अपने अधिकारों को लेकर अब पीछे नहीं हटेगा और जरूरत पड़ी तो यह मामला केंद्र स्तर तक उठाया जाएगा।

Illegal Clinics Crackdown: जांच टीम का एक्शन, दो क्लीनिक सील और दवाइयों की जब्ती

सक्ती/रायपुर. बगैर दस्तावेजों के चल रहे 2 क्लीनिक को सील किया गया है। साथ ही बडी संख्या में दवाईयां भी जब्त की गई है। मामला सक्ती एवं टेमर गांव का है। उक्त कार्रवाई नर्सिंग होम एक्ट के तहत की गई है। जिसके चलते अवैध क्लीनिक संचालकों में हडकंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर क्लीनिक एवं पैथॉलाजी लैब में जाकर जांच पडताल की। इस दौरान स्टेशन रोड सक्ती स्थित एक मकान में बिना वैध डिग्री और पंजीयन के मरीजों का इलाज करते हुए पाया गया। वहीं ग्राम टेमर क्षेत्र में भी बिना आवश्यक शैक्षणिक योग्यता और पंजीयन के चिकित्सा कार्य किए जाने की पुष्टि हुई। जांच के दौरान संबंधित व्यक्तियों द्वारा कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिससे अवैध रूप से चिकित्सा कार्य करना स्पष्ट हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम ने तत्काल प्रभाव से दोनों क्लीनिकों को बंद करा दिया। साथ ही आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि बिना वैध डिग्री, पंजीयन और अनुमति के किसी भी प्रकार का चिकित्सा कार्य पूर्णतः प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नर्सिंग होम एक्ट सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को मजबूती, जल जीवन मिशन 2.0 के साथ शुरू हुआ नया चरण

हर घर नल से जल को नई रफ्तार, यूपी और केंद्र के बीच जल जीवन मिशन 2.0 पर समझौता ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को मजबूती, जल जीवन मिशन 2.0 के साथ शुरू हुआ नया चरण अब योजना से आगे स्थायित्व पर फोकस, जल जीवन मिशन 2.0 से बदलेगा ग्रामीण जल प्रबंधन बुंदेलखंड-विंध्य से लेकर पूरे यूपी तक, जल जीवन मिशन 2.0 से बढ़ेगी पहुंच और भरोसा पेयजल योजनाओं में अब ज्यादा गति, पारदर्शिता और परिणाम दिखेंगे: मुख्यमंत्री लखनऊ  प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की पहुंच को मजबूत करने की दिशा में बुधवार को एक अहम पहल हुई। जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 के तहत केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता मिशन के अगले चरण की औपचारिक शुरुआत है, जिसे हाल ही में केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिली है। यह एमओयू केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में वर्चुअल माध्यम से संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘हर घर नल से जल’ के लक्ष्य को जमीन पर उतारने की दिशा में यह समझौता एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे जलापूर्ति योजनाओं को और बेहतर योजना, समयबद्धता और परिणामों के साथ लागू किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इसका सीधा लाभ ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल के रूप में मिलेगा। उन्होंने इसे केंद्र और राज्य के बेहतर समन्वय का उदाहरण बताते हुए कहा कि इससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों मजबूत होंगी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अंतिम व्यक्ति तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का संकल्प अब तेजी से साकार हो रहा है। प्रदेश में पेयजल व्यवस्था में आए बदलाव का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले जहां सीमित गांवों तक ही पाइप पेयजल की सुविधा थी, वहीं आज हजारों गांवों में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। जिन क्षेत्रों में कभी दूषित पानी के कारण गंभीर बीमारियां आम थीं, वहां अब हालात तेजी से सुधरे हैं। विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस जैसी समस्या पर नियंत्रण में स्वच्छता और पेयजल योजनाओं की अहम भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस केवल कनेक्शन देने तक सीमित नहीं है, बल्कि योजनाओं के दीर्घकालिक संचालन और रखरखाव पर भी बराबर ध्यान दिया जा रहा है। वर्तमान में बड़ी संख्या में गांवों में जलापूर्ति के साथ-साथ अनुरक्षण व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि जो योजना शुरुआत में सीमित क्षेत्रों तक थी, उसे अब उन सभी गांवों तक विस्तारित किया गया है जहां पाइप पेयजल की सुविधा नहीं थी। बुंदेलखंड और विंध्य जैसे क्षेत्रों में, जहां कभी पानी की गंभीर किल्लत थी, आज घर-घर नल से जल पहुंच रहा है। केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने इस मौके पर कहा कि जल जीवन मिशन के तहत किए जा रहे कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि सभी परियोजनाएं टिकाऊ और दीर्घकालिक उपयोग को ध्यान में रखकर लागू की जाएं। यह समझौता न केवल पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ करेगा, बल्कि ग्रामीण जीवन स्तर, स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी सकारात्मक असर डालेगा। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री वी. सोमन्ना, उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता भी रही।

मध्यप्रदेश में मौसम में बदलाव, 4 दिन बारिश का अनुमान; 13 जिलों में अलर्ट, गर्मी के बाद होगी राहत

भोपाल  मध्य प्रदेश में गर्मी के बीच मौसम अचानक करवट लेने जा रहा है। बुधवार से प्रदेश में सक्रिय हो रहा नया सिस्टम अगले चार दिनों तक बारिश, आंधी और बादलों का दौर लेकर आएगा।  ग्वालियर सहित करीब 13 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में भी 21 मार्च तक असर देखने को मिलेगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गया है। इसके कारण 19 से 21 मार्च के बीच कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बन रही है।  सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, उत्तर-पश्चिम भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय हो गया है। जिसका असर प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। इसलिए 19 से 21 मार्च तक प्रदेश में बारिश होगी। 5 साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को एमपी के ऊपर पश्चिम-उत्तरी हिस्से में पांच साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव रहे। वहीं, दक्षिण-पूर्वी हिस्से में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस का भी असर रहा। इस वजह से ग्वालियर-चंबल के कुछ जिलों में बादल छाए रहे और दिन के तापमान में गिरावट देखी गई। तापमान की बात करें तो खरगोन में ही पारा सबसे ज्यादा 38.6 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो में 38.4 डिग्री, नरसिंहपुर में 38 डिग्री, रायसेन में 37.6 डिग्री, मंडला में 37.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 37.2 डिग्री और खंडवा में तापमान 37.1 डिग्री रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में जबलपुर में सबसे ज्यादा 36.1 डिग्री रहा। वहीं, भोपाल में 35.2 डिग्री, इंदौर में 34.9 डिग्री, उज्जैन-ग्वालियर में 35.5 डिग्री दर्ज किया गया। क्यों बदल रहा मौसम? मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के ऊपर एक साथ कई सिस्टम सक्रिय हैं। पांच साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक पश्चिमी विक्षोभ मिलकर मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। इसी वजह से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में  बादल छाने और तापमान में गिरावट के संकेत मिल हैं। तापमान का हाल मंगलवार को कई शहरों में गर्मी का असर बना रहा। खरगोन में अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि खजुराहो, नरसिंहपुर और रायसेन जैसे जिलों में भी पारा 37 डिग्री से ऊपर रहा। बड़े शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा, वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी तापमान 35 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। फरवरी में ओले, अब मार्च में नया सिस्टम इस साल फरवरी में चार बार मौसम बिगड़ा और कई जगह ओले-बारिश से फसलों को नुकसान हुआ। मार्च के पहले हिस्से में जहां तेज गर्मी रही, वहीं अब पहली बार इस महीने मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय हुई है, जो पूरे प्रदेश में असर दिखाएगी। आगे क्या रहेगा असर? यह सिस्टम 4 से 5 दिन तक सक्रिय रह सकता है, जिससे कहीं हल्की बारिश तो कहीं तेज हवाएं और गरज-चमक देखने को मिलेंगी। हालांकि, इसके बाद 22 मार्च से एक बार फिर गर्मी तेज होने के संकेत हैं। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अप्रैल और मई में लू का असर तेज रहेगा। मार्च के अंत से ही गर्म हवाओं की शुरुआत हो सकती है, जो आने वाले महीनों में 15 से 20 दिन तक प्रभावी रह सकती है। 

सेंसर बोर्ड ने ‘धुरंधर 2’ के खूनखराबे वाले सीन पर लगाई रोक

मुंबई बस 1 दिन का इंतजार और… फिर आदित्य धर की मचेअवेटेड फिल्म धुरंधर 2 पर्दे पर होगी. रणवीर सिंह की मूवी को सेंसर बोर्ड ने A सर्टिफिकेट दिया है. मूवी पहले पार्ट से लंबी होगी. इसका रनटाइम 229.6 मिनट यानी 3 घंटे और 50 मिनट के करीब है. CBFC ने कई सारे कट्स मेकर्स को सुझाए थे. इनमें गालियां म्यूट करना और ड्रग्स के सीन्स को लेकर चेतावनी देना, हिंसा को कम करना शामिल हैं।  धुरंधर 2 में सेंसर बोर्ड ने लगाए कट सीबीएफसी ने खूनखराबे वाले सीन्स को कुछ सेकंड कम करने को कहा. इसके अलावा गालियां म्यूट करना, सबटाइटल्स में डिमोनेटाइजेशन की डेट में बदलाव, फिल्म में पीएम मोदी का रेफरेंस यूज करने के लिए ऑफिशियल सर्टिफिकेट सबमिट करने जैसे आदेश थे।  फिल्म में किए गए अहम बदलाव: -कंटेंट को लेकर चेतावनी और ड्रग डिस्क्लेमर स्लाइड्स को जोड़ना. -गालियों और कुछ खास शब्दों/नामों को म्यूट करना या बदलना. -वॉइलेंस के सीन्स को कम करना (जिसमें सिर की चोट, सिर काटना और आंख फोड़ने वाले सीन भी शामिल हैं) -सबटाइटल्स में एडिटिंग, जैसे गलत टेक्स्ट हटाना और उसमें सुधार करना (जैसे लाहौर को दिल्ली करना) -न्यूज रेफरेंस और पीएम के जिक्र को लेकर परमिशन मांगना. -सॉन्ग सबटाइटल्स को जोड़ना. साथ ही हिंदी चैप्टर टेक्स्ट और ऑफिशियल टाइटल फॉर्मेटिंग शामिल करना. -एनिमल वेलफेयर क्लियरेंस या दूसरे जरूरी सर्टिफिकेट को जमा करना. CBFC ने 'धुरंधर 2' में 1 मिनट 34 सेकंड की फुटेज पर कैंची चलाई है. इसका फाइनल रनटाइम 229 मिनट है. सेंसर बोर्ड ने कुल 21 कट लगाए हैं. कुछ दिनों पहले मूवी का ट्रेलर रिलीज हुआ था. इसे देखने से साफ मालूम पड़ा कि सेकंड पार्ट में पहले से ज्यादा वॉयलेंस दिखने वाला है. रणवीर सिंह फुलऑन एग्रेशन में नजर आए. मूवी में उनके किरदार हमजा अली मजारी के जसकीरत सिंह रंगी बनने की जर्नी को दिखाया जाएगा.  धुरंधर 2 पैन इंडिया मूवी है. इसकी एडवांस बुकिंग के तगड़े आंकड़े सामने आ रहे हैं. फिल्म पहले ही दिन बॉक्स ऑफिस पर तूफान ला सकती है. मूवी पहले दिन 200 करोड़ से ज्यादा के आंकड़े के साथ वर्ल्डवाइड कलेक्शन कर सकती है. फिल्म को ईद रिलीज का तगड़ा फायदा मिलता दिख रहा है.