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ग्रामीणों की मेहनत रंग लाई: कारकाबेड़ा गांव में पहली बार खुला स्कूल, बच्चों में उत्साह

नारायणपुर. अबूझमाड़ के अति दूरस्थ क्षेत्र कारकाबेड़ा में पहली बार स्कूल की शुरुआत हुई। यह पहल कलेक्टर नम्रता जैन और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकांक्षा शिक्षा खलको के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई। बच्चों और ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग को सुनते हुए प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गांव में शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई। इस सफलता की शुरुआत जनसमस्या निवारण शिविर से हुई, जिसमें ग्रामीणों ने आवेदन देकर कारकाबेड़ा में स्कूल खोलने की मांग रखी थी। कलेक्टर नम्रता जैन ने तत्काल निर्देश जारी किए और जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेल को स्कूल खोलने की जिम्मेदारी सौंपी। इसके बाद संकुल समन्वयक और शिक्षकों की टीम ने सर्वेक्षण कर बच्चों की संख्या और शैक्षणिक आवश्यकता का आंकलन किया। सर्वे में पाया गया कि गांव में लगभग 20 बच्चे पढ़ाई के योग्य हैं। स्कूल खोलने के लिए जिला प्रशासन की टीम ने कई नदी-नालों और पहाड़ियों को पार करते हुए करीब 5 घंटे की पैदल यात्रा कर कारकाबेड़ा पहुंचकर नवीन प्राथमिक शाला का उद्घाटन किया। इस मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी संतुराम नूरेटी, खंड स्रोत समन्वयक लक्ष्मीकांत सिंह, संकुल समन्वयक कारूराम नूरेटी और सरपंच रामूराम वड्डे भी मौजूद रहे। स्कूल खुलने के साथ ही बच्चों को निःशुल्क गणवेश, पाठ्यपुस्तकें, स्लेट, पेंसिल और श्यामपट्ट जैसी शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई गई। इस पहल से बच्चों और ग्रामीणों में खुशी और उत्साह देखने को मिला। वर्तमान में इस स्कूल में 20 बच्चों को पढ़ाई की सुविधा दी जा रही है, और इसके लिए जिला प्रशासन ने एक अतिथि शिक्षक की व्यवस्था भी की है। भविष्य में आसपास के अन्य दूरस्थ गांवों जैसे मरकूड़ के बच्चे भी इस स्कूल का लाभ ले सकेंगे। स्वतंत्रता के बाद पहली बार कारकाबेड़ा में स्कूल की स्थापना होने के कारण यह कदम क्षेत्र में शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। जिला प्रशासन की इस पहल से अबूझमाड़ के बच्चों को स्थानीय स्तर पर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें स्कूल आने के लिए लंबी दूरी तय करने की जरूरत नहीं रहेगी। इस कदम से न केवल शिक्षा का स्तर बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीण समुदाय में जागरूकता और विकास की भावना भी मजबूत होगी। कारकाबेड़ा में स्कूल खोलने की यह पहल यह संदेश देती है कि दूरदराज के क्षेत्र में भी सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक कार्यवाही के जरिए शिक्षा को सुलभ बनाना संभव है। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि भविष्य में इस क्षेत्र में शिक्षा और विकास के कार्यक्रम नियमित रूप से चलेंगे और बच्चों की पढ़ाई के लिए समुचित संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।

भोपाल में फिर आई धमकी, जेके यूनिवर्सिटी में 21 बम रखने का किया गया दावा

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज (बुधवार) एक बार फिर उस समय हड़कंप मच गया, जब कोलार रोड स्थित जेके अस्पताल और जेके यूनिवर्सिटी को बम से उड़ाने की धमकी मिली. धमकी मेल से दी गई. भोपाल में लगातार तीसरे दिन संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी का मेल आया है. मेल में जेके अस्पताल और जेके यूनिवर्सिटी को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है. इसमें लिखा है कि कॉलेज कैंपस, बाथरूम और प्रिंसिपल के रूम में 21 बम रखे गए हैं. दोपहर 1:30 बजे इन संस्थानों को बम से उड़ा दिया जाएगा. दो दिन पहले नापतोल विभाग को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी. इससे पहले एम्स और पीपल्स यूनिवर्सिटी को भी बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है. भोपाल में पिछले एक महीने में 5वीं बार धमकी भरा मेल आया है. अब तक जितने भी धमकी भरे मेल आए हैं, सब फर्जी साबित हुए हैं। बुधवार सुबह धमकी भरा मेल मिलते ही जेके हॉस्पिटल और यूनिवर्सिटी में जांच की गई. दोनों जगह बम स्क्वॉड और पुलिस की टीम पहुंची. जांच में अब तक कोई भी खतरनाक पदार्थ नहीं मिला है. इससे पहले आए मेल भी सिर्फ कोरी धमकी साबित हुए थे। आईपी एड्रेस और वीपीएन बदलकर भेज रहे मेल भोपाल के पुलिस कमिश्नर संजय कुमार सिंह ने इस बारे में कहा कि अलग-अलग जगह से धमकी भरे मेल आ रहे हैं. शरारती तत्व इस तरह से धमका रहे हैं लेकिन हम एहतियात के तौर पर अपना काम कर रहे हैं. आईपी एड्रेस और वीपीएन बदलकर मेल भेजे जा रहे हैं. पुलिस लगातार इस मामले में जांच कर रही है। कानून व्यवस्था और इंटेलिजेंस पर सवाल भोपाल के अलग-अलग संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी के मामले में कांग्रेस ने प्रदेश की कानून व्यवस्था और इंटेलिजेंस पर सवाल उठाए. पूर्व कानून मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि शहर बारूद के ढेर पर बैठा है. अब तक तो धमकियां मिल रही हैं, सच में कोई हादसा हो गया, तो क्या होगा. पुलिस का अमला पर्याप्त नहीं है. इंटेलिजेंस को मजबूत किया जाए. एडीजी अधिकारी को धमकियां मिल रही हैं. एमपी में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। अज्ञात युवकों ने एडीजी से की बदसलूकी बताते चलें कि भोपाल में मध्य प्रदेश पुलिस के एडीजी (ट्रेनिंग) राजाबाबू सिंह के साथ अज्ञात युवकों ने गाली-गलौज की और उन्हें धमकाया. ADG के त्रिलंगा स्थित घर के बाहर कार से आए कुछ अज्ञात युवकों ने गाली-गलौज की. एक युवक के हाथ में डंडा भी था. पूरी घटना सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई. एडीजी ने शाहपुरा थाने को सूचना देने के साथ ही सीसीटीवी फुटेज भी दिए हैं. उन्होंने अपनी जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है. हाल ही में ADG राजाबाबू सिंह ने पुलिस ट्रेनिंग के दौरान ट्रेनी के धार्मिक नवाचार के साथ ही रामचरितमानस के पाठ की शुरुआत की थी. एडीजी की शिकायत पर पुलिस कमिश्नर संजय कुमार सिंह ने कहा कि उन्हें ट्रेनिंग में किए जा रहे नवाचार को लेकर धमकी मिल रही है. शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री से मांगा इस्तीफा कांग्रेस नेता अभिनव बरोलिया ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर कहा कि राजधानी भोपाल में कभी आईजी इंटेलिजेंस के हाथ से चोर मोबाइल छीनकर ले जाते हैं, कभी पुलिसवालों के घरों में चोरियां होती हैं, अभी रिटायर्ड जज के घर से चोर चार सिलेंडर चुराकर ले गए और अब एडीजी पर हमला हुआ है. यह बताता है कि मध्य प्रदेश में किस तरह का अराजकता का माहौल बना हुआ है. जनता डर के माहौल में रह रही है. जब एडीजी स्तर के अधिकारी के साथ ऐसी घटना घट रही है, तो सोचिए जनता किस दहशत में रह रही होगी. उनका मुख्यमंत्री मोहन यादव से निवेदन है कि अगर उनसे कानून व्यवस्था नहीं संभल रही है, तो इस्तीफा दे दीजिए।

Chaitra Navratri 2026 Vastu Tips: मां दुर्गा की चौकी रखने की सही दिशा और जरूरी नियम

हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्र की शुरुआत होती है। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार नवरात्र की शुरुआत 19 मार्च से हो रही है। इस दौरान मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही जीवन में खुशियों के आगमन के लिए व्रत भी किया जाता है। चैत्र नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा की चौकी लगाई जाती है। इस दौरान वास्तु के नियम का पालन जरूर करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि गलत दिशा में मां दुर्गा की चौकी लगाने से साधक पूजा के पूर्ण फल की प्राप्ति से वंचित रहता है। आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि किस दिशा में लगाएं मां दुर्गा की चौकी। चौकी के लिए कौन-सी दिशा है शुभ? वास्तु शास्त्र के अनुसार, चैत्र नवरात्र में मां दुर्गा की चौकी के लिए उत्तर-पूर्व दिशा को बेहद शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिशा में मां दुर्गा की चौकी लगाने से पूजा सफल होती है और साधक पर मां दुर्गा की कृपा बरसती है। इसके अलावा उत्तर-पूर्व दिशा में भी मां दुर्गा की चौकी लगा सकते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस दिशा में चौकी लगाने से घर में सुख-शांति का वास होता है। साथ ही मां दुर्गा की कृपा से साधक की सभी मुरादें पूरी होती हैं। इस दिशा में न लगाएं चौकी वास्तु शास्त्र की मानें तो दक्षिण दिशा को यमराज की मानी जाती है। इसलिए इस दिशा में मां दुर्गा की चौकी न लगाएं। इस दिशा में चौकी लगाने से साधक को सुख-शांति और समृद्धि में बाधा का सामना करना पड़ सकता है। इन बातों का रखें ध्यान     चौकी लगाते समय ध्यान रखें कि साधक का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रहे।     पूजा की सामग्री को चौकी पर रखें। नीचे न रखें।     चौकी पर लाल रंग का साफ कपड़ा बिछाएं, क्योंकि मां दुर्गा को लाल कपड़ा बेहद प्रिय है और लाल रंग को शक्ति का प्रतीक माना जाता है।     इसके अलावा कलश को मां दुर्गा की मूर्ति की प्रतिमा के दाईं तरफ स्थापित करना चाहिए।     मां दुर्गा की चौकी के आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।     मां दुर्गा को विराजमान करने से पहले उस स्थान को गंगाजल का छिड़काव कर शुद्ध करें।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय का लिया जायजा

नवरात्र के पहले दिन बागपत में बेटियों का होगा सम्मान, ‘नन्ही कली’ को मिलेगी पहचान 19 मार्च को होगा कार्यक्रम, छह बार की बॉक्सिंग विश्व चैंपियन मैरी कॉम करेंगी बेटियों को सम्मानित गांव की महिलाओं की बनाई रिसाइकिल प्लास्टिक की गुड़िया, योगी सरकार के अभियान को मिलेगी रफ्तार महिला कारीगरों की गुड़िया से लड़कियों को सशक्तीकरण व प्रेरणा देना पहल का उद्देश्य लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की मंशा के अनुरूप नवरात्र के पहले दिन बागपत में बेटियों के सम्मान और सशक्तीकरण का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिलेगा। छह बार की बॉक्सिंग विश्व चैंपियन मैरीकॉम ‘नन्ही कली’ कार्यक्रम में शामिल होकर बेटियों को सम्मानित करेंगी। गांव की महिलाओं द्वारा रिसाइकिल प्लास्टिक से तैयार की गई गुड़िया ‘नन्ही कली’ इस पहल का केंद्र है। इसके जरिए पर्यावरण संरक्षण, महिला आत्मनिर्भरता और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे योगी सरकार के अभियानों को नई मजबूती मिलेगी। नवरात्र में नारी शक्ति का सम्मान, योगी सरकार के विजन को बल नवरात्र को नारी शक्ति के प्रतीक के रूप में मनाने की तैयारी है। ऐसे में ‘नन्ही कली’ पहल सीधे तौर पर बेटियों के सम्मान और सशक्तीकरण से जुड़ रही है। यह कार्यक्रम सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रहे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और मिशन शक्ति अभियान को और मजबूती देगा। प्लास्टिक से बनी गुड़िया, पर्यावरण को भी राहत बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि इस गुड़िया की खासियत है कि इसमें रुई या स्पंज की जगह बेकार प्लास्टिक बोतलों से बने बारीक फाइबर का उपयोग किया गया है। यह न सिर्फ प्लास्टिक कचरे की समस्या का समाधान है, बल्कि ‘कचरे से कंचन’ की सोच को भी साकार करता है। गांव की महिलाओं की आत्मनिर्भरता की कहानी ‘नन्ही कली’ गुड़िया ग्रामीण महिलाओं द्वारा कपड़ों के टुकड़ों और पुनर्चक्रित सामग्री से तैयार की जा रही है। यह पहल महिलाओं को रोजगार देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बना रही है। साथ ही, यह ‘वोकल फॉर लोकल’ को भी मजबूत करती है। मैरी कॉम देंगी बेटियों को नई प्रेरणा कार्यक्रम में मैरी कॉम की मौजूदगी युवाओं और खासकर बेटियों के लिए बड़ी प्रेरणा बनेंगी। वह बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेंगी। जीरो वेस्ट विजन से बन रही बागपत की नई पहचान जिलाधिकारी अस्मिता लाल के ‘जीरो वेस्ट’ विजन के तहत शुरू हुई यह पहल अब बागपत को नई पहचान दिलाने की ओर बढ़ रही है। ‘नन्ही कली’ केवल एक खिलौना नहीं, बल्कि पर्यावरण, संस्कृति और महिला सशक्तीकरण का प्रतीक बन चुकी है।

गोरखपुर में BJP नेता हत्याकांड में प्रमुख आरोपी की गिरफ्तारी, गोली मारने के बाद चाकुओं से हमला

गोरखपुर गोरखपुर में पूर्व पार्षद और भाजपा नेता राजकुमार चौहान के हत्यारों को पुलिस ने महज़ कुछ ही घंटों में ढूंढ लिया है. पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने भतीजे से हुई लड़ाई का बदला लेने के लिए उनकी हत्या की थी. मॉर्निंग वॉक पर निकले राजकुमार चौहान को आरोपियों ने पहले गोली मारी और फिर चाकू से गोद डाला. यह घटना मंगलवार सुबह 5 बजे के आसपास हुई. जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी। राजकुमार के भतीजे से हुई लड़ाई से क्षुब्ध होकर 18 वर्षीय राज चौहान ने अपने दोस्त विपिन यादव के साथ मिलकर चाचा राजकुमार चौहान की बेरहमी से हत्या कर दी. पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में राजकुमार के शरीर पर कुल 11 जगह घाव मिले हैं. हत्याकांड को लेकर राजकुमार के परिवार ने 8 लोगों को नामजद किया था. लेकिन पुलिस का कहना है कि घटना के पीछे गिरफ्तार दो आरोपियों की ही संलिप्तता पाई गई है। प्रशासन करेगा बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने सच उगल दिया. वहीं भाजपा नेता की मौत के बाद गोरखपुर जिला प्रशासन ने उदारता दिखाते हुए परिवार की मदद को आगे हाथ बढ़ाया है. जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि मृतक के परिवार ने सुरक्षा की मांग थी. जिसे तत्काल मुहैया कराया गया है. कुछ आर्थिक मदद की बात की गई थी, जिसे प्रशासन को अवगत करा दिया गया है। मृतक की दो छोटी बेटी और एक बेटे की पढ़ाई की व्यवस्था भी कराई जाएगी. साथ ही कोई योग्य परिवार का सदस्य जो नौकरी करना चाहता हो उसकी भी व्यवस्था की जाएगी।

ईरान की जिद पर अड़ा रुख, FIFA में भी टी20 वर्ल्ड कप जैसी राजनीति और धमकियों का सिलसिला

  नई दिल्ली FIFA World Cup 2026 को लेकर ठीक वैसा ही विवाद सामने आया है, जैसा करीब एक महीने पहले आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप में सामने आया था. टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए भारत आकर मैच खेलने से इनकार कर दिया था. और अब इसी तरह ईरान की फुटबॉल टीम ने सुरक्षा कारणों से अमेरिका में मैच खेलने पर चिंता जताई है. बता दें कि फीफा वर्ल्ड कप 11 जून से शुरू होगा और 19 जुलाई तक चलेगा। क्रिकेट वर्ल्ड कप में बांग्लादेश ने भी भारत की बजाय न्यूट्रल ग्राउंड की मांग करते हुए अपने मैच श्रीलंका या पाकिस्तान शिफ्ट करने की मांग उठाई थी. और अब फीफा वर्ल्ड कप में भी उसी तरह ईरान ने अपने मैच मैक्सिको शिफ्ट कराने की मांग की है. इसके बाद Mexico ने बड़ा ऑफर देते हुए कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो वह ईरान के मैच अपने यहां आयोजित कर सकता है। क्या बोले मैक्सिको के राष्ट्रपति मैक्सिको की राष्ट्रपति Claudia Sheinbaum ने कहा कि अगर फुटबॉल की विश्व संस्था FIFA चाहे तो मैक्सिको ईरान के मैच होस्ट करने के लिए तैयार है और इसमें देश को कोई दिक्कत नहीं होगी. ईरान फुटबॉल फेडरेशन ने पहले ही फीफा से अनुरोध किया है कि उनके मैचों को अमेरिका से बाहर किसी दूसरे देश में शिफ्ट किया जाए. हाल ही में क्षेत्र में बढ़े सैन्य तनाव और अमेरिका से जुड़े हमलों के बाद ईरान की टीम को खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता है। वर्ल्ड कप तीन देशों में होगा FIFA वर्ल्ड कप 2026 पहली बार तीन देशों की मेजबानी में खेला जाएगा। यह टूर्नामेंट अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में आयोजित होना है. अभी ईरान के ग्रुप स्टेज के कुछ मैच अमेरिका के अलग-अलग शहरों में खेले जाने तय हैं। वीजा और राजनीतिक माहौल की भी चिंता सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि ईरान को वीजा नियम, यात्रा प्रतिबंध और राजनीतिक माहौल को लेकर भी चिंता है। अधिकारियों का मानना है कि इन कारणों से टीम की तैयारी और टूर्नामेंट में हिस्सा लेने पर असर पड़ सकता है। मैच शिफ्ट करना आसान नहीं हालांकि इस समय मैचों का शेड्यूल, स्टेडियम और टिकटिंग पहले ही तय हो चुकी है। ऐसे में किसी मैच को दूसरे देश में शिफ्ट करना आसान नहीं होगा. फिलहाल फीफा ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। क्या वर्ल्ड कप से हट सकता है ईरान? अगर ईरान की चिंताओं का समाधान नहीं होता है, तो ऐसी संभावना भी जताई जा रही है कि टीम टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के फैसले पर फिर से विचार कर सकती है. यह मामला दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति का असर खेलों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल मैक्सिको ने अपने दरवाजे खोल दिए हैं, लेकिन अंतिम फैसला फीफा को ही लेना होगा. बता दें कि टी20 वर्ल्ड कप में भी आखिरी में बांग्लादेश को बाहर होना पड़ा था और उसकी जगह स्कॉटलैंड को वर्ल्ड कप के लिए चुना गया था।

साध्वी निरंजन ज्योति बनीं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की नई अध्यक्ष

 फतेहपुर  उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के पत्योरा गांव में निषाद बिरादरी में जन्मी साध्वी निरंजन ज्योति ने एक कथा वाचक के रूप में अपनी यात्रा प्रारंभ की। एक बार विधायक, दो बार सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री, निरंजनी अखाड़े में महामंडलेश्वर का सफर तय करने के बाद बुधवार को वह राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग की अध्यक्ष बन गयीं। उनकी इस सफलता पर समर्थकों में खुशी और जश्न का माहौल है। हालांकि वह इस समय दिल्ली में हैं लेकिन जैसे ही लोगों को इस कामयाबी की जानकारी हुई लोग से उछल पड़े। तांबेश्वर नगर स्थिति आवास पर समर्थकों का आना-आना प्रारंभ हो गया, यहां से लोग उनके मूसानगर आश्रम भी जा रहे हैं। बता दें कि 1 मार्च 1967 में उनका जन्म निषाद परिवार में हुआ था। यूं तो उनका जीवन कठिन संघर्षों से गुजरा है। लेकिन 1990 के दशक में वह राममंदिर आंदोलन में जुड़ी और एक प्रखर वक्ता के रूप में पहचान बनीं। वह संतश्री परमानंद जी महराज के आश्रम में उनकी शिष्या के रूप में रहीं और 2012 में पहली बार हमीरपुर सदर सीट से विधायक बनीं। सोशल मीडिया पर जताया आभार नवनियुक्त अध्यक्ष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर तस्वीरें साझा करते हुए एक श्लोक के साथ अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने लिखा कि पिछड़े समाज के सम्मान, अधिकारों की रक्षा और उनके विकास के लिए वह पूरी प्रतिबद्धता से काम करेंगी। पिछड़े वर्ग के उत्थान पर जोर उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य पिछड़े वर्ग को न्याय, सुरक्षा, सम्मान और समान अवसर दिलाना है। इसी दिशा में कार्य करने का संकल्प दोहराया। केंद्र सरकार में निभा चुकी हैं अहम भूमिकाएं     साध्वी निरंजन ज्योति नरेंद्र मोदी सरकार के पहले और दूसरे कार्यकाल में मंत्री रह चुकी हैं।     2014 में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री बनीं     2019 में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाली     2021 में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय में राज्य मंत्री रहीं राजनीतिक सफर और पृष्ठभूमि उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में जन्मीं साध्वी निरंजन ज्योति निषाद मल्लाह समाज से आती हैं। वे फतेहपुर से सांसद रह चुकी हैं और 2012 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर राजनीति में अपनी पहचान बनाई। वर्ष 2014 व 2019 में फतेहपुर लोकसभा से सांसद बनीं और केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में देशभर में काम किया। अब उन्हें राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग अध्यक्ष के पद की जिम्मेदारी मिली है। दैनिक जागरण से बाचचीत में राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि उनका जीवन समाज के अंतिम पायदान में खड़े व्यक्ति के उत्थान के लिए समर्पित रहा है। हमारे नेतृत्व ने जो अहम जिम्मेदारी दी है उसका निर्वहन पूरी निष्ठा व समर्पण भाव से किया जाएगा।

CM फेस पर सस्पेंस: नीतीश कुमार ने सम्राट की पीठ थपथपाई, ‘जिंदाबाद’ के नारों से गरमाई सियासत

भागलपुर. राज्यसभा चुनाव में जीत के बाद की पहली समृद्धि यात्रा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने उत्तराधिकारी के बारे में संकेत दे दिया। उनकी सभा बैजानी में थी। नीतीश ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाई। केंद्र सरकार के सहयोग का बखान किया।लोगों को भरोसा दिया कि राज्य में आगे भी सबकुछ अच्छा रहेगा। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने भीड़ से हाथ उठाने का आग्रह किया। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और संसदीय कार्य मंत्री मंच पर अगल-बगल में खड़े थे। अन्य नेता भी खड़े थे। पीठ पर रखा हाथ, दूसरा हाथ हवा में लहराया मुख्यमंत्री मंच पर तेज कदम बढ़ाते हुए बढ़े। कई नेताओं को किनारे करते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास पहुंचे। उनकी पीठ पर एक हाथ रखा। दूसरा हाथ हवा में लहरा दिया। सम्राट के दोनों हाथ जुड़ गए। भीड़ ने भीड़ से सम्राट चौधरी जिंदाबाद का नारा बुलंद किया। सम्राट के बगल में विजय चौधरी खड़े थे। इस सभा में एक तरह से नीतीश ने अपने उत्तराधिकारी का साफ संकेत दिया। भीड़ से उस पर मुहर भी लगवा दी। संयोग यह कि मंच का संचालन कर रही महिला ने भी सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री कह कर संबोधित किया। प्राय: सभी समृद्धि यात्रा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ सम्राट चौधरी चोधरी जाते रहे हैं, लेकिन राज्यसभा के लिए नामांकन के बाद की समृद्धि यात्रा के हरेक मंच पर सम्राट को पहले की तुलना में अधिक तरजीह मिल रही है। सीमांचल की यात्रा में भी दिखी थी ऐसी तस्वीर इससे पहले, सीमांचल की समृद्धि यात्रा में भी नीतीश ने सम्राट की पीठ पर हाथ रखकर भीड़ का अभिवादन करवाया था। जदयू के मंत्रियों में संसदीय कार्य एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी को तरजीह मिल रही है। शपथ ग्रहण के क्रम के अनुसार नीतीश मंत्रिमंडल में सम्राट चौधरी को दूसरा स्थान प्राप्त है। वे नीतीश मंत्रिमंडल के पहले गृह मंत्री हैं।

Sports Scholarship Update: आवेदन की डेडलाइन बढ़ी, चंडीगढ़ खिलाड़ियों को पुराने नियमों का फायदा

चंडीगढ़. खेल विभाग से स्काल्रशिप पाने वाले शहर के सैंकड़ों खिलाड़ियों के लिए अच्छी खबर है। स्कूल,कालेज और यूनिवर्सिटी स्तर पर स्टेट लेवल पर मेडल विजेताओं को इस बार पुराने नियमों के तहत ही स्कालरशिप देने को लेकर खेल विभाग तैयार हो गया है। इस संबंध में जल्द ही खेल विभाग की ओर से नोटिफिकेशन जारी होने की उम्मीद है। विभाग ने स्कालरशिप के लिए आवेदन की तिथि भी मंगलवार को 31 मार्च तक बढ़ा दी है। इस फैसले से इंटर स्कूल और कालेज स्तर पर खेलने वाली महिला खिलाड़ियों को सबसे अधिक फायदा होगा। फरवरी में चंडीगढ़ खेल विभाग की ओर से 2023-24 सत्र में विभिन्न राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पहले तीन स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ियों से स्पोर्ट्स टैलेंट स्कॉलरशिप (कैश अवार्ड) के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। लेकिन खेल विभाग के एक फैसले ने सैंकड़ो खिलाड़ियों की स्कालरशिप के रास्ते को बंद कर दिया । खेल विभाग ने नोटिस जारी किया कि केवल उन्हीं खिलाड़ियों को कैश अवार्ड मिलेगा, जिन्होंने कम से कम सात टीमों के हिस्सा लेने वाले टूर्नामेंट में मेडल हासिल किया है। इस फैसले से अधिकतर महिला खिलाड़ी स्कालरशिप स्कीम से बाहर हो गई। मामले में बहुत से खिलाड़ियों और अभिभावकों ने खेल विभाग के अधिकारियों से लेकर चीफ सेक्रेटरी और यहां तक प्रशासक के पास फैसले के खिलाफ गुहार लगाई। मामले में खेल सचिव प्रेरणा पुरी ,डायरेक्टर स्पोर्ट्स सौरभ अरोड़ा और ज्वाइंट जायरेक्टर डा.महेंद्र सिंह ने खिलाड़ियों की अर्जी को स्वीकार करते हुए पुराने नियमों के तहत ही इस बार स्कालरशिप देने के लिए फाइल मंजूरी को प्रशासक के पास भेज दी है। मामले में खिलाड़ियों को राहत मिलने की पूरी उम्मीद है। खेल विभाग करीब 40 खेलों में कैश अवार्ड की स्कालरशिप देता है। मार्च -अप्रैल में खेल विभाग की ओर से स्कालरशिप जारी करने को लेकर बड़े आयोजन की तैयारी है। यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि हो सकते हैं। चंडीगढ़ खेल विभाग ने खिलाड़ियों के साथ ही कोच को भी नई स्पोर्ट्स पॉलिसी में कैश अवार्ड देने का फैसला लिया है। खेल विभाग के ज्वाइंट सेक्रेटरी की ओर से 2020 से 31 मार्च 2025 तक जिन कोच की देखरेख में नेशनल और इंटनरेशनल स्तर पर खिलाड़ियों ने मेडल हासिल किए हैं उन्हें कैश अवार्ड से नवाजा जाएगा। जानकारी अनुसार 2020 से 29 अगस्त 2023 तक पुरानी खेल नीति और 28 अगस्त 2023 से 31 मार्च 2025 तक नई स्पोर्ट्स पालिसी के तहत कैश अवार्ड दिए जाएंगे। कैश अवार्ड के योग्य कोच 16 अप्रैल तक खेल विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। चंडीगढ़ स्पोर्ट्स काउंसिल की बैठक में स्कालरशिप के लिए नए नियमों से महिला खिलाड़ियों को सबसे अधिक नुकसान होगा। बहुत से खेलों में इंटर स्कूल स्टेट लेवल पर महिला इवेंट में सात टीमें नहीं होती। जबकि लड़कों की टीमें कई गुणा अधिक होती हैं। अभिभावकों के आवेदन पर अब खेल विभाग स्काल्रसिप नियमों को लेकर रिव्यू करेगा। जल्द ही इस संबध में खेल सचिव की ओर से कमेटी गठित की जाएगी जोकि अपनी रिपोर्ट देगी। कमेटी में पिछले सालों में विभिन्न खेलों में हिस्सा लेने वाली टीमों की संख्या और शिक्षा विभाग के कोच और अन्य एक्सपर्ट को भी शामिल किया जाएगा। चंडीगढ़ प्रशासन की खेल सचिव प्रेरणा पुरी ने कहा कि खेल विभाग ने खिलाड़ियों की मांग को देखते हुए स्पोर्ट्स टैलेंट स्कालरशिप के आवेदन की तिथि 31 मार्च तक बढ़ा दी है। नवंबर में चंडीगढ़ स्पोर्ट्स काउंसिल की बैठक में स्कालरशिप नियमों में बदलाव का फैसला लिया गया था। जिसके कारण बहुत से मेडल विजेता खिलाड़ी स्कालरशिप से वंचित रह जाते। खिलाड़ियों की रिप्रेजेंटेशन को देखते हुए 2023-24 सत्र में खिलाड़ियों को पुरान नियमों के तहत ही स्कालरशिप देने का प्रपोजल मंजूरी के लिए भेजा गया है, जल्द ही इसकी नोटिफिकेशन जारी कर दी जाएगी।

MP को मिली बड़ी सौगात: रीवा से रायपुर फ्लाइट सेवा का शुभारंभ, सफर हुआ सुपरफास्ट

रायपुर. मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचे. उन्होंने रायपुर और रीवा के बीच शुरू हुई पहली फ्लाइट से रायपुर एयरपोर्ट पर लैंड किया. इसके बाद वह विंध्यनाचल कल्याण सर्व समाज द्वारा आयोजित समारोह में शामिल हुए. इस दौरान हवाई सेवा की सौगात के लिए उनका अभिनंदन किया गया. उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने कहा कि हमारे हाथ में हवाई सेवा शुरुआत करना था, अब यह आपके हाथ में है कि हवाई सेवा चलते रहे. उन्होंने कहा कि अब रायपुर से रीवा के बीच एक दिन में पूरा होने वाला सफर, महज एक घंटे, दस मिनट में होगा. जितना सोचा उससे ज्यादा सफलता देखने को मिली है. रास्ता आसान होने से सभी क्षेत्र में प्रभाव पड़ता है. व्यापार, पर्यटन समेत अन्य क्षेत्र में अब रीवा विकास करेगा.