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पंजाब में बारिश से बदला मौसम, विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

चंडीगढ़. शहर में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। वीरवार सुबह से लगातार हुई बारिश के चलते ट्राईसिटी में ठंडक बढ़ गई और लोगों को मार्च के महीने में एक बार फिर हल्की सर्दी का अहसास हुआ। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहावना बना दिया। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश और ठंडी हवाओं के कारण शहर के अधिकतम तापमान में करीब 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। वीरवार को अधिकतम तापमान 20.8 डिग्री और न्यूनतम 14.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। खास बात यह रही कि दिन और रात के तापमान में केवल 6 डिग्री का अंतर रहा, जो सामान्य से कम है। पिछले 24 घंटों में शहर में 4.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। लोगों को सतर्क रहने की सलाह मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए चंडीगढ़ में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि आज भी शहर में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और जरूरी होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद हल्की गिरावट के बाद फिर बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। मौसम में अचानक आए बदलाव के चलते सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में लोगों को गर्म कपड़े पहनने और ठंडी चीजों से परहेज करने की सलाह दी गई है। अगले तीन दिन: धीरे-धीरे साफ होगा मौसम – शुक्रवार : बारिश और तेज हवाएं, तापमान 21 °डिग्री /14°डिग्री शनिवार : मौसम साफ रहने की संभावना, तापमान 23°डिग्री/13°डिग्री रविवार : आंशिक बादल, तापमान 25°डिग्री/14°डिग्री

फ्लाइट से पहले चेक करें अपडेट! रनवे रिपेयर के चलते पंजाब के चार एयरपोर्ट रहेंगे बंद

चंडीगढ़. हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अहम जानकारी सामने आई है। अगर आप आने वाले महीनों में हवाई यात्रा करने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। देश के 4 बड़े एयरपोर्ट-  पंजाब के आदमपुर एयर बेस, जोधपुर, श्रीनगर और पुणे पर रनवे की मरम्मत के कारण उड़ानें कुछ समय के लिए प्रभावित रहेंगी। इंडियन एयर फ़ोर्स (IAF) ने इन एयरपोर्ट पर चरणबद्ध तरीके से रनवे रीकार्पेटिंग की योजना बनाई है। सबसे लंबे समय तक बंद रहेगा आदमपुर एयरपोर्ट पंजाब के यात्रियों के लिए चिंता की बात यह है कि जालंधर के पास आदमपुर एयर बेस पर उड़ानें साल के आखिर तक करीब 8 महीने तक बंद रहने की संभावना है। इन 4 एयरपोर्ट में यह सबसे लंबे समय तक बंद रहने वाला एयरपोर्ट होगा। अन्य एयरपोर्ट का शेड्यूल जोधपुर एयरपोर्ट में 29 मार्च से 27 अप्रैल तक फ्लाइट पूरी तरह बंद रहेंगी। वहीं इंडिगो और एयर इंडिया जैसी एयरलाइंस ने 28 मार्च के बाद की बुकिंग पहले ही बंद कर दी हैं। इसके साथ ही श्रीनगर एयरपोर्ट परअगस्त से अक्टूबर के बीच तक हर वीकेंड पर फ्लाइट्स प्रभावित रहेंगी। इसके बाद 16 अक्टूबर से 5 नवंबर तक एयरपोर्ट पूरी तरह बंद रहेगा। पुणे एयरपोर्ट पर भी रनवे रेनोवेशन का प्लान है, लेकिन तारीखों का ऑफिशियल अनाउंसमेंट होना बाकी है। क्यों लिया गया यह फैसला? ये एयरपोर्ट सिर्फ सिविल फ्लाइट्स के लिए ही इस्तेमाल नहीं होते, बल्कि मिलिट्री के नजरिए से भी बहुत जरूरी हैं। डिफेंस फ्लाइट्स और फाइटर जेट्स की सेफ्टी पक्का करने के लिए रनवे को हाई टेक्निकल स्टैंडर्ड्स के हिसाब से मेंटेन करना जरूरी है। सरकार ने फ्लाइट्स में कटौती और रीरूटिंग को देखते हुए पहले ही 'NOTAMs' जारी कर दिए हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि वे किसी भी परेशानी से बचने के लिए एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट्स का स्टेटस चेक कर लें।

दुर्ग में RTE सीटें घटीं, 1425 छात्रों तक सिमटा दायरा

दुर्ग. आरटीई के तहत प्रवेश के लिए निर्धारित सीटों की संख्या में भारी कटौती की गई है. पिछले वर्ष की तुलना में इस बार करीब एक तिहाई सीटों की कटौती हुई है. इस वर्ष केजी – 1, केजी -2 तथा नर्सरी का कांक्सेप्ट खत्म कर दिया गया है. इस वजह से निजी स्कूलों में आरटीई के तहत केवल पहली कक्षा में प्रवेश दिया जा रहा है, जिसके लिए प्रथम चरण में ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च से निर्धारित है. विभाग को अब तक 2533 आवेदन मिल चुके हैं. इस बार मात्र मात्र 1425 सीट निर्धारित है. पिछले वर्ष आरटीई की 4267 सीट थी. यानी इस बार 2842 सीटों की कटौती की गई है. इससे चलते जिले के कई बड़े नामी स्कूलों में आरटीई की सीटों में भारी कमी आई है. वैसे पिछले वर्ष आरटीई में प्रवेश के लिए 540 निजी स्कूल चिन्हाकित थे. इस बार यह संख्या घटकर 528 हो गई है. निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम अन्तर्गत वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश में संचालित निजी विद्यालयों में आरटीई पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन/भर्ती की कार्यवाही की जानी है. गरीब तथा मध्यम तबके परिवार के बच्चों को आरटीई के तहत दिए जाने वाले प्रवेश प्रक्रिया में इस वर्ष से एक बड़ा बदलाव किया गया है. केजी- 1, केजी -2 तथा नर्सरी का कांक्सेप्ट खत्म कर आरटीई में अब पहली कक्षा में प्रवेश दिए जाने का प्रावधान किया गया है. इसके पहले तक जिले के बड़े निजी विद्यालयों में केजी-1, केजी 2 तथा नर्सरी कक्षा में बच्चों को प्रवेश दिया जाता था. बहरहाल, आगामी शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए आरटीई के तहत प्रवेश दिए जाने राज्य से शेड्यूल जारी कर दिया गया है. प्रथम चरण में प्रवेश का शेड्यूल इस प्रकार ऑनलाइन आवेदन 31 मार्च तक . नोडल वेरीफिकेशन 16 फरवरी से 31 मार्च तक | लॉटरी एवं आबंटन 13 अप्रैल से 17 अप्रैल तक . स्कूल दाखिला 1 मई से 30 मई तक. 2025-26 की शुल्क प्रतिपूर्ति का सत्यापन कार्य 25 मई से 25 जून तक. द्वितीय चरण में प्रवेश की समय सारणी इस तरह न्यू स्कूल रजिस्ट्रेशन 8 से 20 जून तक . नोडल प्राचार्य, डीईओ द्वारा सत्यापन, ( सीट प्रकटीकरण) 8 जून से 25 जून तक छात्र पंजीयन 1 जुलाई से 11 जुलाई तक. नोडल वेरीफिकेशन 1 जुलाई से 15 जुलाई तक लॉटरी एवं आबंटन 27 से 31 जुलाई तक स्कूल दाखिला 3 अगस्त से 17 अगस्त तक .

जजों के तबादले की लिस्ट जारी: शक्ति सिंह राजपूत संभालेंगे सरगुजा जिला न्यायालय की कमान

बिलासपुर. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की अनुशंसा पर रजिस्टार जनरल ने प्रदेश के न्यायिक अधिकारियों का तबादला आदेश जारी किया है। जारी सूची के मुताबिक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जांजगीर -चाम्पा शक्ति सिंह राजपूत का अम्बिकापुर सरगुजा, रजिस्टार न्यायिक हाई कोर्ट खिलावन राम रिगरी का प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोंडागाँव, प्रधान जिला एवं सत्र परिवार न्यायालय जांजगीर संघरत्ना भटपहरी का कबीरधाम कवर्धा तबादला किया गया है। जयदीप गर्ग विशेष न्यायाधीश एससी, एसटी कोरबा से जांजगीर चाम्पा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सुमित कपूर एडिशनल रजिस्टार न्यायिक हाई कोर्ट को रजिस्टार न्यायिक स्थापना, द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित कुमार कोहली जगदलपुर से एडिशनल डारेक्टर छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी बिलासपुर, सप्तम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिग्विजय सिंह रायपुर से एडिशनल डारेक्टर न्यायिक अकादमी बिलासपुर, अष्टम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश उमेश कुमार उपाध्याय रायपुर से एडिशनल रजिस्टार न्यायिक हाई कोर्ट, परिवार न्यायाधीश लीलाधर सारथी कवर्धा से विशेष न्यायाधीश एससी, एसटी कोरबा तबादला किया गया है। सिविल जज जूनियर अंकिता अग्रवाल भाटापारा से महासमुंद, दिव्या गोयल सक्ती से जशपुर, शैलेश कुमार वशिष्ठ बलरामपुर से दुर्ग, हरषी अग्रवाल राजनांदगांव से जगदलपुर, मीनू नंद धमतरी से दंतेवाड़ा, काम्या घरघोड़ा से बलौदाबाजार, सिद्धार्थ आनन्द सोनी कटघोरा से नावगढ़ जांजगीर, तन्मय ब्रहम्म महासमुंद से बिलासपुर, श्वेता ठाकुर बचेली से रायपुर, विनय कुमार साहू सरायपाली से धमतरी, प्रेरणा वर्मा बिलाईगढ़ से कटघोरा, पारुल साय अम्बिकापुर से महासमुंद, मिनी ठाकुर रायपुर से घरघोड़ा, रिद्धि बुरड़ रायपुर से भाठापारा, ओम चौहान रायपुर से बैकुंठपुर, सिद्धार्थ देवांगन रायपुर से बिलाईगढ़, अंकिता देवदास रायपुर से सक्ती, माला यादव बलौदाबाजार से बेमेतरा, प्रगति गुर्दे रायपुर से महासमुंद एवं सीमा लकड़ा का कोंडागांव से रायपुर तबादला किया गया है।

CM साय ने कहा, ‘धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 से सामाजिक समरसता को मिलेगा नया बल

धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 से अवैध धर्मांतरण पर सख्त नियंत्रण के साथ ही आस्था और सामाजिक समरसता को मिलेगा बल: CM साय रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 पारित किए जाने को राज्य की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक संतुलन की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को हिंदू नववर्ष एवं चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए माँ दुर्गा से प्रदेश की समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले कुछ समय से समाज के कमजोर वर्गों को निशाना बनाकर प्रलोभन, दबाव अथवा भ्रम फैलाकर धर्मांतरण कराने की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे सामाजिक ताने-बाने पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि नए विधेयक के लागू होने से ऐसी प्रवृत्तियों पर प्रभावी अंकुश लगेगा और समाज में संतुलन तथा विश्वास कायम रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब धर्म परिवर्तन से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया को विधिसम्मत और पारदर्शी बनाना अनिवार्य होगा। इसके तहत संबंधित पक्षों को पूर्व में ही प्राधिकृत अधिकारी को सूचित करना होगा, जिसके बाद आवेदन की सार्वजनिक सूचना जारी कर निर्धारित समयसीमा में उसका परीक्षण किया जाएगा। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि धर्मांतरण किसी भी प्रकार के प्रलोभन, दबाव या अनुचित प्रभाव के बिना ही किया जाए। मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व में लागू कानून अपेक्षाकृत कम प्रभावी था, जिसके कारण अवैध गतिविधियों को रोकने में अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई। नए प्रावधानों में कठोर दंडात्मक व्यवस्थाएं जोड़ी गई हैं, जिससे ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई संभव होगी। उन्होंने कहा कि अनियंत्रित धर्मांतरण से कई बार सामाजिक असंतुलन और अशांति की स्थिति उत्पन्न होती है। इस विधेयक के माध्यम से राज्य में शांति, सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा को और सुदृढ़ किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने धर्मांतरण के विरुद्ध जनजागरण का जो अभियान चलाया, वह आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि समाज की जागरूकता और सहभागिता से ही इस दिशा में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन संभव है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह विधेयक प्रदेश में पारदर्शिता, न्याय और सामाजिक एकता को मजबूती देगा तथा छत्तीसगढ़ को एक सशक्त, संतुलित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्य के रूप में स्थापित करेगा।

वृंदावन आश्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की प्रेमानंद महाराज से मुलाकात, राधे-राधे के साथ स्वागत

मथुरा ब्रज प्रवास के दूसरे दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मथुरा के वृंदावन में संत प्रेमानंद जी महाराज से मुलाकात की. राधा केली कुंज आश्रम में  दोनों के बीच करीब 27 मिनट तक बातचीत हुई. आश्रम पहुंचने पर प्रेमानंद महाराज ने राधे-राधे कहकर राष्ट्रपति का स्वागत किया. इसके बाद दोनों के बीच आध्यात्म, समाज और ब्रज की परंपरा को लेकर चर्चा हुई. बताया जा रहा है कि इस दौरान प्रेमानंद महाराज ने नाम जप की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि यही मनुष्य के जीवन के उद्धार का सरल मार्ग है। मुलाकात के दौरान आश्रम की ओर से राष्ट्रपति को प्रसाद स्वरूप दुपट्टा, माला और प्रसाद भेंट किया गया. इस दौरान राष्ट्रपति अपने परिवार के साथ मौजूद रहीं. इससे पहले दौरे के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रेम मंदिर पहुंचकर भगवान राधा-कृष्ण के दर्शन किए थे. मंदिर में उनका प्रवेश भोग घर द्वार से हुआ, जहां मंदिर प्रबंधन की ओर से उनका स्वागत किया गया. गर्भगृह में पहुंचकर उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और आरती में शामिल हुईं. उस समय संकीर्तन मंडली द्वारा भजन गाए जा रहे थे, जिससे पूरा वातावरण भक्ति में डूबा हुआ था. राष्ट्रपति ने मंदिर में आयोजित लेजर शो भी देखा और दर्शन के बाद प्रसाद ग्रहण किया. इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर की परिक्रमा की। प्रथम तल पर भी किया पूजन प्रेम मंदिर के प्रथम तल पर पहुंचकर राष्ट्रपति और राज्यपाल ने श्री सीता-राम सहित अन्य विग्रहों के दर्शन किए. वहां भी उन्होंने विधिपूर्वक पूजा की और परिक्रमा की. मंदिर प्रबंधन की ओर से उन्हें स्मृति चिन्ह और धार्मिक साहित्य भेंट किया गया. अपने कार्यक्रम के अगले चरण में राष्ट्रपति ने इस्कॉन मंदिर (श्री श्री कृष्ण बलराम मंदिर) का दौरा किया. यहां मंदिर के संतों और पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया. राष्ट्रपति ने मुख्य मंदिर में जाकर भगवान कृष्ण-बलराम के दर्शन किए और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना की. उन्होंने पूजा सामग्री अर्पित की और कुछ समय मंदिर में ध्यान भी लगाया. मंदिर परिसर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत नृत्य को उन्होंने देखा और सराहा. इसके साथ ही उन्होंने कीर्तन भी सुना, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। सुरक्षा और व्यवस्थाएं रहीं सुदृढ़ राष्ट्रपति के दौरे को लेकर पूरे वृंदावन में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क रही. मंदिर परिसरों में भी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रखी गईं. ब्रज प्रवास के दूसरे दिन की शुरुआत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात के साथ हुई, जिसने इस दौरे को खास बना दिया. यह मुलाकात आस्था और संवाद का संतुलित उदाहरण रही, जहां देश की सर्वोच्च संवैधानिक पद और संत परंपरा के बीच सहज बातचीत देखने को मिली।

धुरंधर 2 की 200 करोड़ की कमाई पर खुशी से झूमे रणवीर सिंह, आदित्य धर ने किया जश्न

मुंबई आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर 2' का फैन्स बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. दर्शकों का इंतजार खत्म हुआ और 19 मार्च को फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. 'धुरंधर' की तरह 'धुरंधर 2' को भी फैन्स का बेहतरीन रिसपॉन्स मिल रहा है. लोग अपने बिजी शेड्यूल से वक्त निकालकर थिएटर फिल्म देखने पहुंच रहे हैं. मेकर्स और स्टारकास्ट फिल्म की सक्सेस से बेहद खुश हैं. खुशी में रणवीर सिंह तो डांस किए बिना नहीं रह पाए।  रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म का ओपनिंग डे वर्ल्डवाइड कलेक्शन 200 करोड़ से ऊपर जा रहा है. फिल्म रिलीज के बाद मुंबई में इसकी स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई. स्क्रीनिंग में फिल्म की स्टारकास्ट को जश्न में डूबा देखा गया।  रणवीर का डांस वायरल  आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर 2' साल की सबसे बड़ी हिट मानी जा रही है. फिल्म में हमजा के किरदार में रणवीर सिंह ने बेहतरीन एक्टिंग की है. उन्होंने सिर्फ हमजा का रोल निभाया नहीं, बल्कि उसे जिया है. इसलिए फिल्म की सक्सेस के बाद रणवीर Fa9la सॉन्ग पर डांस करते दिखे. रणवीर का बेफिक्र होकर डांस करना बताता है कि वो 'धुरंधर 2' की सक्सेस काफी खुश हैं।  रणवीर सिंह का एक और वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो आदित्य धर से कुछ बात करते दिख रहे हैं. रणवीर ने फिल्म को प्यार देने के लिए फैन्स का शुक्रिया भी अदा किया. आदित्य धर के चेहरे पर भी फिल्म के सक्सेस की खुशी है।  एक वीडियो में आदित्य धर, उनकी पत्नी यामी गौतम और 'धुरंधर 2' की लीड एक्ट्रेस सारा अर्जुन तीनों साथ में चहकते दिख रहे हैं. 'धुरंधर 2' स्टार्स के ये वीडियो बताते हैं कि इन्हें पहले से ही अंदाजा था कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुनामी लाएगी. आदित्य धर 'धुरंधर 2' की जो आंधी लाए हैं. देखकर लगता है कि ये जल्दी थमने वाली नहीं है।  ये भी कहना गलत नहीं होगा कि आदित्य धर ने जितनी इंटेलीजेंस के साथ फिल्म बनाई है, उतनी ही इंटेलीजेंस के साथ इसे रिलीज भी किया है. फिल्म को ईद के मौके पर रिलीज किया गया, जिसका इसकी कमाई में बड़ा फायदा होता दिख रहा है। 

Eid-ul-Fitr 2026: ईद की तारीख भारत में कंफर्म, जानिए ईद-उल-फितर के आयोजन का तरीका

 नई दिल्ली Eid-ul-Fitr 2026: ईद उल फितर इस्लाम धर्म का बहुत ही पवित्र और खुशियों वाला त्योहार है, जो रमजान के पूरे महीने रोजे रखने के बाद मनाया जाता है. यह त्योहार नए चांद (शव्वाल महीने की शुरुआत) के दिखने पर मनाया जाता है. ईद का मतलब होता है 'खुशी' और 'उल-फितर' का मतलब है 'रोजा खोलना'. यानी यह त्योहार रोजों के पूरा होने की खुशी में मनाया जाता है. इस दिन लोग अल्लाह का शुक्र अदा करते हैं कि उन्होंने उन्हें रोजे रखने की ताकत दी। इस्लामी (हिजरी) कैलेंडर में दो बड़ी ईद मनाई जाती हैं. पहली ईद-उल-फितर, जो रमजान के अंत में आती है. दूसरी ईद-उल-अजहा होती है, जो इस्लामी साल के आखिरी महीने जिलहिज्जा की 10, 11 और 12 तारीख को मनाई जाती है. तो आइए अब जानते हैं कि ईद-उल-फितर भारत में कब मनाई जाएगी और कैसे मनाई जाएगी। भारत में कब मनाई जाएगी ईद-उल-फितर? इस्लाम जानकारों के मुताबिक, वैसे तो ईद 20 मार्च को मनाई जानी चाहिए थी. लेकिन, 19 मार्च को शव्वाल का चांद ना दिखने के कारण अब 21 मार्च, शनिवार को भारत में ईद का त्योहार मनाया जाएगा. वहीं, सऊदी अरब में 20 मार्च को ईद मनाई जा रही है.  कितने दिनों तक मनाई जाती है ईद-उल-फितर? ईद-उल-फितर आमतौर पर एक दिन का त्योहार होता है. इस्लामी कैलेंडर हिजरी के अनुसार, ईद-उल-फितर शव्वाल महीने के पहले दिन मनाई जाती है. इस दिन ईद की नमाज अदा की जाती है. हालांकि, कई मुस्लिम देशों में ईद का जश्न 2 से 3 दिनों तक चलता है. इन दिनों में छुट्टी रहती है, लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर खुशियां मनाते हैं और रोजे खत्म होने का जश्न मनाते हैं. ईद-उल-फितर, ईद-उल-अजहा से अलग होती है, क्योंकि ईद-उल-अजहा तीन दिन तक मनाई जाती है. ईद-उल-फितर पर क्या करें? ईद की नमाज पढ़ें- हर मुसलमान को चाहिए कि वह मस्जिद या ईदगाह में जाकर मिलकर ईद की नमाज अदा करें और अल्लाह का शुक्रिया करें. आने-जाने का रास्ता बदलें– सुन्नत के अनुसार, ईद की नमाज के लिए जाते समय और वापस आते समय अलग-अलग रास्ता अपनाना अच्छा माना जाता है. साफ सुथरे और नए कपड़े पहनें- इस दिन साफ-सुथरे होकर, अच्छे कपड़े पहनकर ही नमाज के लिए जाना चाहिए. तोहफे और मुबारकबाद दें– ईद उल फितर के दिन अपने परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों को ईद मुबारक' कहें और गले लगाकर एक दूसरे के साथ खुशियां बांटें. दुआ और इबादत करें– इस दिन अल्लाह से दुआ करें और ज्यादा से ज्यादा इबादत करें, क्योंकि यह दिन खास बरकत वाला होता है. ईद-उल-फितर के पीछे की कहानी ईद-उल-फितर की शुरुआत पैगंबर हजरत मुहम्मद ने 624 ईस्वी में मदीना में की थी. यह हिजरत के बाद दूसरा साल था, जब मुसलमानों ने पहला रमजान पूरा किया था. जब वे मदीना पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि लोग दो खास दिनों पर जश्न मनाते हैं. इसके बाद उन्होंने बताया कि मुसलमानों के लिए दो ईद होंगी- ईद-उल-फितर और ईद-उल-अजहा. 

22 मार्च को बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026 का आयोजन, जगदलपुर में

बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026” का आयोजन  22 मार्च को जगदलपुर में ‘रन फॉर नेचर-रन फॉर कल्चर‘ की थीम होगी आयोजन अलग-अलग श्रेणियों में कुल 25 लाख रूपए तक का पुरस्कार  रायपुर  छत्तीसगढ़ में खेलों को बढ़ावा देने और बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर लाने के उद्देश्य से “बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026” का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह आयोजन राज्य के लिए एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है। 22 मार्च को आयोजित होने वाली यह मैराथन जगदलपुर के लालबाग मैदान से प्रारंभ होकर चित्रकोट जलप्रपात तक पहुंचेगी। यह रूट प्रतिभागियों को बस्तर के प्राकृतिक और ऐतिहासिक सौंदर्य से रूबरू कराएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह आयोजन ‘रन फॉर नेचर-रन फॉर कल्चर‘ की थीम के साथ राज्य की पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करेगा। मैराथन में 42 किलोमीटर, 21 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर जैसी अलग-अलग श्रेणियां रखी गई हैं, जिसमें देशभर से धावकों के शामिल होने की उम्मीद है। विजेता प्रतिभागियों के लिए कुल 25 लाख रूपए तक का आकर्षक पुरस्कार रखा गया है। साथ ही प्रतिभागियों को फिनिशर मेडल, ई-सर्टिफिकेट और रनिंग फोटोज़ दिए जाएंगे। कार्यक्रम में ज़ुम्बा सेशन और लाइव डीजे जैसी गतिविधियां भी होंगी। प्रतिभागी इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए वेबसाईट https://www.bastarheritage.run/registration एवं https://www.bastarheritage.run/registration  का अवलोकन कर सकते हैं।

प्रदेशवासियों को चेट्रीचण्ड्र (चैतीचांद) की बधाई, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया संदेश

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को चेट्रीचण्ड्र (चैतीचांद) की दी शुभकामनाएं भगवान झूलेलाल की जयंती पर सिंधी समुदाय को नववर्ष की बधाई रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान झूलेलाल जी की जयंती के पावन अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए प्रदेशवासियों, विशेषकर सिंधी समाज को चेट्रीचण्ड्र (चैतीचांद) पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान झूलेलाल जी समरसता, सहिष्णुता और जल संरक्षण के प्रतीक हैं। उनकी शिक्षाएँ आज भी मानवता को जोड़ने का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि चेट्रीचण्ड्र (चैतीचांद) सिंधी समाज का प्रमुख सांस्कृतिक पर्व है, जो न केवल झूलेलाल जी की जयंती के रूप में, बल्कि नववर्ष के रूप में भी पूरे उल्लास और आस्था के साथ मनाया जाता है। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर सभी नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और शांति की कामना की और कहा कि ऐसे पर्व सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव को सुदृढ़ करते हैं।