भोपाल मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। 24 घंटों के दौरान प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। आज सुबह से भी भोपाल सहित कई जिलों में बादलों का डेरा है और रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा। वहीं राजधानी भोपाल में देर रात 1:30 बजे भी तेज आंधी के साथ बारिश हुई। इधर, उज्जैन, पांढुर्णा, बैतूल, झाबुआ और बड़वानी में ओले गिरे हैं। तेज आंधी और बेमौसम बारिश की वजह से खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। बैतूल और दमोह में करीब आधा इंच पानी गिरा है, जबकि इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन समेत दो दर्जन से अधिक जिलों में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ीं। मऊगंज में सुबह गरज-चमक के साथ हलकी बारिश शुरू हो गई, जिससे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। अचानक हुई इस बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी फसलों पर इसके असर की आशंका जताई जा रही है। वहीं मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होगी। आज यहां ओले गिरने का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, आज प्रदेश के 34 जिलों में बारिश की संभावना है। इनमें बालाघाट, मंडला, सिवनी, दतिया, टीकमगढ़ और निवाड़ी में ओले भी गिर सकते हैं। वहीं, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, विदिशा, शिवपुरी, रायसेन, अशोकनगर, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, दमोह, सागर, छतरपुर, सतना, पन्ना, रीवा, सीधी, मऊगंज, सिंगरौली, कटनी, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और डिंडोरी में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में बारिश और आंधी भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, छतरपुर, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी, दतिया, धार, नर्मदापुरम, इंदौर, पचमढ़ी, रायसेन, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, मऊगंज, सतना, मुरैना, उमरिया, झाबुआ, बड़वानी और पांढुर्णा में मौसम विभाग ने तेज आंधी के साथ बारिश दर्ज की है। सतना में भी सुबह-सुबह बूंदाबांदी सतना में शुक्रवार सुबह मौसम ने अचानक करवट बदली है। सुबह से आसमान में बादलों का डेरा और तेज हवाओं का दौर जारी है। तापमान में 7 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई है और जिले में कहीं-कहीं रुक-रुक कर बूंदाबांदी भी हो रही है। वहीं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। तेज हवाओं के साथ बारिश होने से खेतों में खड़ी और कटी फसलों के नुकसान की संभावना है। इन जिलों में दर्ज हुई बारिश और आंधी भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, छतरपुर, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी, दतिया, धार, नर्मदापुरम, इंदौर, पचमढ़ी, रायसेन, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, मऊगंज, सतना, मुरैना, उमरिया, झाबुआ, बड़वानी और पांढुर्णा में मौसम विभाग ने तेज आंधी के साथ बारिश दर्ज की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान सिस्टम के सक्रिय रहने से अगले 24 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हलकी बारिश की स्थिति बनी रह सकती है। मंडला में 3.8 मिमी बारिश मंडला जिले में शुक्रवार तड़के 4 से 5 बजे के बीच जोरदार बारिश हुई। तेज हवाओं के साथ हुई इस वर्षा ने भीषण गर्मी से राहत दिलाते हुए पूरे वातावरण में ठंडक घोल दी है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 24 घंटों के दौरान जिले में 3.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। बेमौसम हुई इस बारिश ने जहां आम जनमानस को सुहावने मौसम का तोहफा दिया है। वहीं किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। जबलपुर में सुबह 4 बजे से बारिश जबलपुर में आज सुबह 4 बजे से शुरू हुई रुक-रुक कर बारिश ने सुबह 9 बजे के बाद तेजी पकड़ ली। इस बेमौसम बरसात और ठंडी हवाओं से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन सड़कों पर जलभराव से आवाजाही प्रभावित हुई। छतरपुर में किसानों की बढ़ी चिंता इधर, बुंदेलखंड के छतरपुर के मौसम में अचानक बदलाव आया है। आज सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और बूंदाबांदी से वातावरण में ठंडक घुल गई। इस बेमौसम बदलाव से खेतों में कटी रखी फसलों को लेकर किसान चिंतित हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि शनिवार तक मौसम साफ होने पर फसलें सूख जाएंगी और बड़ा नुकसान टल सकता है। शुजालपुर में रुक-रुक बारिश शुजालपुर में बीती रात से मौसम अचानक बदल गया। यहां रुक-रुक कर दो बार बारिश हुई। इससे खेतों में कटाई के लिए खड़ी फसल को निकालने के लिए अचानक हार्वेस्टर मशीन की मांग बढ़ गई है। वहीं मौसम में ठंडक घुली हुई है। अन्नदाता पर दोहरी मार, उज्जैन में गरज-चमक के साथ बारिश और ओले गिरे मालवा अंचल में एक बार फिर मौसम की बेरुखी ने किसानों की कमर तोड़ दी। ओलावृष्टि, तेज हवा और बारिश ने तैयार और कटी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। शहर में शाम 7 बजे तेज हवा के साथ आकाश में बिजली चमकने लगी। कुछ बौछारे आईं। रुनीजा, पासलोद, खेड़ाखजुरिया, महिदपुर रोड और जगोटी समेत आसपास के गांवों में अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। तेज हवा, बारिश और कई जगह ओलावृष्टि ने गेहूं, सरसों, लहसुन व अन्य रबी फसलों को प्रभावित किया। खेतों में खड़ी फसल जहां आड़ी पड़ गई, वहीं कटी फसल पानी में भीगकर खराब होने लगी। खुले में पड़ी उपज बनी सबसे बड़ी चिंता खरीदी की तारीख 15 मार्च से बढ़ाकर 1 अप्रैल किए जाने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। कई किसानों की उपज अभी भी खेतों और खलिहानों में खुले में पड़ी है। ऐसे में बारिश से फसल की गुणवत्ता खराब होने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे खरीदी में रिजेक्शन की आशंका भी बढ़ गई है। 50% फसल अभी खेतों में, कटाई पर असर क्षेत्र में करीब आधी गेहूं की फसल अभी भी खेतों में खड़ी है। बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन रही है, जिससे कटाई कार्य प्रभावित हो रहा है। यदि मौसम ऐसा ही रहा तो उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर गंभीर असर पड़ेगा। इंदौर में गरज-चमक के साथ बारिश, 52 कि.मी की रफ्तार से चली हवा वहीं, बात करें इंदौर जिले की तो यहां चक्रवाती सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के असर देखने को मिला, जिसके बाद गुरुवार रात को तेज हवा चलने लगी और गरज-चमक के … Read more