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एसपी ने तरावली माता मंदिर में किया औचक निरीक्षण, नवरात्रि पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को दी प्राथमिकता

बैरसिया  नवरात्रि पर्व के मद्देनज़र जिला भोपाल (देहात) पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रही है। थाना बैरसिया क्षेत्र के प्रसिद्ध तरावली माता मंदिर में 19 मार्च से 27 मार्च तक आयोजित होने वाले नवरात्रि महोत्सव के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री रामशरण प्रजापति ने मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान एसपी ने मंदिर परिसर, प्रवेश एवं निकास मार्ग, पार्किंग व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, बैरिकेडिंग और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन उपलब्ध कराना पुलिस की पहली जिम्मेदारी है। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. नीरज चौरसिया, एसडीओपी बैरसिया सुश्री वैशाली एवं थाना प्रभारी वीरेंद्र सेन सहित पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। एसपी के सख्त निर्देश— नवरात्रि के दौरान सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक न हो, इसके लिए पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निम्न निर्देश दिए— मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में लगातार पुलिस पेट्रोलिंग की जाए। भीड़ नियंत्रण हेतु पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर प्रभावी बैरिकेडिंग सुनिश्चित की जाए। यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए डायवर्जन प्लान का सख्ती से पालन कराया जाए। वाहन पार्किंग केवल निर्धारित स्थलों पर ही कराई जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जूते-चप्पल रखने हेतु पृथक स्टैंड बनाए जाएं। महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था सुनिश्चित हो। संदिग्ध व्यक्तियों एवं गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। महिला सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस बल एवं हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएं। ड्यूटी में तैनात सभी अधिकारी-कर्मचारी पूरी मुस्तैदी और जिम्मेदारी से कार्य करें। एसपी श्री प्रजापति ने दो टूक कहा कि नवरात्रि पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जिला भोपाल (देहात) पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे प्रशासन का सहयोग करें और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए इस पावन पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफल .

तेल बाजार में हलचल, ईरान संकट से पावर पेट्रोल के दाम उछले

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बाद बनी ईंधन संकट की स्थिति का पहली बार पेट्रोल की कीमतों पर असर पड़ा है। देश में प्रीमियम यानी पावर पेट्रोल की कीमतें बढ़ा दी गई हैं। जानकारी के मुताबिक, प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2.30 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोल डीलरों ने इस बात की पुष्टि की है। रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल यह कीमतें सिर्फ पावर पेट्रोल की कीमतों पर लागू होंगी और रेगुलर पेट्रोल की कीमत नहीं बढ़ाई गई है। इस बढ़ोतरी का असर मुख्य रूप से उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो हाई-ऑक्टेन या प्रीमियम पेट्रोल का इस्तेमाल करते हैं। बता दें कि प्रीमियम पेट्रोल का इस्तेमाल आमतौर पर बेहतर इंजन परफॉर्मेंस और ज़्यादा माइलेज के लिए किया जाता है। फिलहाल तेल कंपनियों की ओर से कीमतों में बढ़ोतरी का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। हालांकि जानकारों का मानना ​​है कि ईरान युद्ध के चलते ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और लॉजिस्टिक्स खर्च में बदलाव कीमत में बढ़ोतरी की मुख्य वजह हो सकती हैं।  

खनिज-पुलिस की संयुक्त रेड: भारी मशीनरी के साथ 11 हाइवा पकड़े, मचा हड़कंप

आरंग/रायपुर. महानदी से रेत के अवैध दोहन का काला कारोबार करने वालों पर प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद रायपुर खनिज विभाग, राजस्व और आरंग पुलिस की संयुक्त टीम ने देर रात एक बड़ा ‘स्ट्राइक’ करते हुए करोड़ों की मशीनरी और वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया है. प्रशासन को सूचना मिली थी कि आरंग के कुम्हारी, कुरूद और मोहमेला घाटों पर रात के अंधेरे में अवैध उत्खनन का खेल धड़ल्ले से चल रहा है. योजनाबद्ध तरीके से की गई इस छापेमारी में प्रशासन ने रेत के अवैध परिवहन में लगे 11 हाइवा वाहन, नदी के बीच से रेत निकालने के लिए इस्तेमाल में लाया जा रहा एक चैन माउंटेन मशीन और घाटों पर लोडिंग के लिए तैनात दो जेसीबी मशीन को जब्त किया है. इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए जिले के आला अधिकारियों ने मोर्चा संभाला. इसमें मुख्य रूप से एएसपी, रायपुर ग्रामीण अभिषेक झा, खनिज अधिकारी उमेश भार्गव, नायब तहसीलदार गजानंद सिदार, आरंग थाना प्रभारी हरीश साहू शामिल रहे. पकड़े गए सभी वाहनों और मशीनों को जब्त कर गिधपुरी, उपरवारा और आसपास के स्थानीय थानों की सुपुर्दगी में दे दिया गया है. इन सभी पर खनिज अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है. इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है और कई लोग घाट छोड़कर भाग खड़े हुए. ग्रामीणों ने ली राहत की सांस आरंग महानदी से बेतहाशा रेत चोरी के कारण न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा था, बल्कि भारी वाहनों की आवाजाही से ग्रामीण सड़कें भी जर्जर हो रही थीं. प्रशासन की इस सख्ती के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि अब अवैध उत्खनन पर पूरी तरह से लगाम लगेगी.

सीएम मोहन यादव शनिवार को जयपुर में उद्योगपतियों से संवाद करेंगे, मध्यप्रदेश में निवेश के अवसर बताएंगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्य प्रदेश को देश का भरोसेमंद और तेजी से उभरता निवेश गंतव्य बनाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय हैं। इसी कड़ी में वे विभिन्न राज्यों में रोड-शो और उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन संवाद कर राज्य की औद्योगिक संभावनाओं को साझा कर रहे हैं। 21 मार्च को जयपुर के आईटीसी राजपूताना में आयोजित इंटरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्यूनिटीज इन मध्य प्रदेश में वे उद्योग जगत से सीधे संवाद करेंगे और राज्य में निवेश के अवसरों, नई औद्योगिक नीतियों और बेहतर अधोसंरचना के बारे में जानकारी देंगे।  मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश अब संभावनाओं तक सीमित राज्य नहीं रहा। नीतिगत स्पष्टता, त्वरित निर्णय क्षमता और मजबूत औद्योगिक आधार के साथ राज्य निवेश को धरातल पर उतारने में अग्रणी बन गया है। उनका मानना है कि निवेश केवल पूंजी नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, कौशल विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और क्षेत्रीय विकास का माध्यम है। जयपुर सत्र में कृषि, फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, टेक्सटाइल, गारमेंट्स, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, नवीकरणीय ऊर्जा, माइनिंग और पर्यटन क्षेत्रों के उद्योगपति और संगठन शामिल होंगे। वन-टू-वन बैठक और प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से सेक्टर-विशेष अवसर, परियोजना स्तर के सहयोग और समयबद्ध निवेश क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। डॉ. यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश ने हाल ही में 18 नई औद्योगिक नीतियों को लागू किया और दो ‘जन विश्वास अधिनियमों’ के माध्यम से प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया। राज्य में औद्योगिक विकास को पूरे प्रदेश में संतुलित रूप से फैलाने की योजना भी है। इसके तहत उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क, नर्मदापुरम में पावर और रिन्यूएबल एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन, ग्वालियर में फुटवियर पार्क, जबलपुर में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब, रतलाम में मेगा इंडस्ट्रियल पार्क और धार में पीएम मित्रा पार्क जैसी पहलें शामिल हैं। इसके साथ ही भोपाल में संत रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क और इंदौर, भोपाल, उज्जैन, रीवा में विकसित हो रहे आईटी पार्क राज्य के नवाचार, कौशल और प्रतिभा विकास को गति दे रहे हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जयपुर और आसपास के उद्योगपतियों को मध्य प्रदेश के औद्योगिक अवसरों, निवेश प्रोत्साहनों और मजबूत अधोसंरचना से परिचित कर उन्हें निवेश के लिए प्रेरित करना है। 

मोनालिसा की शादी पर बड़वानी सांसद का बड़ा बयान, लव जिहाद के आरोप और उच्चस्तरीय जांच की मांग

बड़वानी   मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की रहने वाली मोनालिसा द्वारा फरमान खान से विवाह करने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. इस विवाह को लेकर 'लव जिहाद' के आरोप लगाए जा रहे हैं, जिसके बाद क्षेत्र की राजनीति भी गरमा गई है. बड़वानी में आयोजित विक्रमोत्सव 2026 के एक कार्यक्रम के दौरान सांसद गजेंद्र पटेल ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए इस पर गंभीर सवाल उठाए हैं. सांसद बोले- मोनालिसा की शादी सुनियोजित साजिश बड़वानी सांसद ने कहा, '' प्रथम दृष्टया यह सामान्य विवाह नहीं प्रतीत होता, बल्कि इसके पीछे सुनियोजित साजिश की आशंका है.'' उन्होंने दावा किया कि युवती को कथित रूप से फिल्म शूटिंग के नाम पर केरल ले जाया गया, जहां उससे विवाह कराया गया. सांसद ने यह भी कहा कि इस मामले में अलग-अलग राज्यों की कड़ियां जुड़ी हुई हैं. लड़का उत्तर प्रदेश का, लड़की मध्य प्रदेश की और विवाह केरल में हुआ. ऐसे में पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और गहन जांच आवश्यक है. उन्होंने आशंका जताई कि इस प्रकरण में संगठित स्तर पर कार्य किया गया हो सकता है, जिसकी सच्चाई सामने आना जरूरी है. माता-पिता भी पहुंचे थाने, प्रताड़ना के आरोप इधर, मोनालिसा के परिजनों ने भी इस विवाह को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं. परिवार का कहना है कि यह संबंध सामान्य परिस्थितियों में नहीं हुआ, बल्कि युवती को बहला-फुसलाकर या दबाव में निर्णय लेने के लिए मजबूर किया गया. परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें भी प्रताड़ित किया गया और मामले को दबाने का प्रयास हुआ है. बीते मंगलवार को मोनालिसा के माता-पिता फिल्ममेकर सनोज मिश्रा के साथ मंडलेश्वर पहुंचे, जहां उन्होंने डीएसपी श्वेता शुक्ला को लिखित शिकायत की है.शिकायत में उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. सांसद ने सीएम मोहन यादव से की मुलाकात सांसद गजेंद्र पटेल ने इस संबंध में मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. उन्होंने कहा, '' यदि समय रहते सच्चाई सामने नहीं आई तो यह मामला और गंभीर रूप ले सकता है.'' वहीं, सांसद ने मीडिया के माध्यम से मोनालिसा से अपने परिवार के बारे में सोचने की अपील करते हुए कहा कि इस मामले में सच्चाई सामने आने पर कई बड़े खुलासे हो सकते हैं. फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की नजरें शासन-प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं.

यात्री सुविधा: अहमदाबाद-कोलकाता और सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस में थर्ड एसी कोच की बढ़ोतरी

भोपाल  गर्मियों में बढ़ती यात्रियों की भीड़ को देखते हुए पश्चिम मध्य रेलवे ने दो प्रमुख ट्रेनों में थर्ड एसी कोच बढ़ाने का निर्णय लिया है। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। रेलवे प्रशासन के अनुसार गाड़ी संख्या 19413/14 अहमदाबाद-कोलकाता-अहमदाबाद एक्सप्रेस में 27 मई से अहमदाबाद से चलने वाली तथा 30 मई से कोलकाता से चलने वाली ट्रेनों में थर्ड एसी कोच की संख्या 5 से बढ़ाकर 6 कर दी जाएगी। थर्ड एसी कोच 6 से बढ़ाकर 7 किए जाएंगे इसी तरह गाड़ी संख्या 22947/48 सूरत-भागलपुर-सूरत एक्सप्रेस में 23 मई से सूरत से तथा 25 मई से भागलपुर से चलने वाली ट्रेनों में थर्ड एसी कोच 6 से बढ़ाकर 7 किए जाएंगे। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहेगी। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले ट्रेनों के कोच संयोजन, समय और ठहराव की जानकारी रेलवे की अधिकृत सूचना प्रणाली से जरूर प्राप्त कर लें। अहमदाबाद-कोलकाता और सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस के लिए नए नियम रेलवे के अनुसार, गाड़ी संख्या 19413/14 अहमदाबाद-कोलकाता-अहमदाबाद एक्सप्रेस में 27 मई को अहमदाबाद से और 30 मई को कोलकाता से चलने वाली ट्रेन में अब 5 की जगह 6 थर्ड एसी कोच लगाए जाएंगे। इसी तरह, गाड़ी संख्या 22947/48 सूरत-भागलपुर-सूरत एक्सप्रेस में 23 मई को सूरत से और 25 मई को भागलपुर से चलने वाली ट्रेन में 6 के स्थान पर 7 थर्ड एसी कोच जोड़े जाएंगे। रेलवे की यात्रियों से अपील रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रेनों के कोच संयोजन, समय और ठहराव की जानकारी रेलवे की आधिकारिक सूचना प्रणाली से अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।

हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र समाप्त, 54 घंटे से ज्यादा चली विचारपूर्ण चर्चा

चंडीगढ़  15वीं हरियाणा विधान सभा का दूसरा बजट सत्र सार्थक चर्चा के साथ संपन्न हो गया। 20 फरवरी को शुरू हुए इस सत्र में 18 मार्च तक कुल 13 बैठकें हुईं, जिनमें लगभग 54 घंटे 24 मिनट सकारात्मक और सार्थक चर्चा हुई। इस दौरान अनेक विषयों पर सदन का माहौल गर्म भी हुआ, जिसे विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने अपनी कुशलता से संभाला और कार्य उत्पादकता की मिसाल पेश की। सत्र संपन्न होने के अगले दिन वीरवार को मीडिया में जारी एक बयान में विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने बताया कि बजट सत्र 20 फरवरी को राज्यपाल प्रो. असीम घोष द्वारा प्रस्तुत किए गए अभिभाषण से शुरू हुआ था। इस अभिभाषण पर सदन में 23, 24, 25, 26 और 27 फरवरी को कुल 7 घंटे 58 मिनट व्यापक चर्चा करवाई गई।  इस चर्चा में मुख्यमंत्री समेत भाजपा के 19 सदस्य 217 मिनट, कांग्रेस के 14 सदस्य 229 मिनट, इनेलो के 2 सदस्य 24 मिनट तथा 2 निर्दलीय विधायकों ने 8 मिनट अपनी बात रखी। 2 मार्च को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट प्रस्तुत किया। सदन में 5, 6, 9 और 17 मार्च को 10 घंटे 3 मिनट इस पर चर्चा हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री सहित भाजपा के 15, कांग्रेस के 7 तथा 3 निर्दलीय विधायकों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री के जवाब सहित भाजपा को 407 मिनट, कांग्रेस को 167 मिनट तथा निर्दलीय विधायकों को 29 मिनट का समय मिला। सत्र के दौरान 6 दिन शून्यकाल रहे। इस दौरान 5 घंटे 3 मिनट चली कार्यवाही में भाजपा के 23 विधायक 129 मिनट बोले, कांग्रेस के 24 विधायक 139 मिनट बोले, इनेलो के 2 विधायक 23 मिनट तथा निर्दलीय 3 विधायकों को 12 मिनट का समय मिला। इनेलो के एक विधायक को दो बार बोलने का मौका मिला। इस प्रकार कुल 52 विधायकों ने शून्यकाल में हिस्सा लिया। बजट सत्र के दौरान 11 दिन प्रश्नकाल हुए। इसके लिए 220 तारांकित प्रश्न शामिल किए गए थे, इनमें से 168 के जवाब हाउस में दिए गए। विधान सभा सचिवालय को 57 सदस्यों से 390 तारांकित प्रश्नों के लिए नोटिस प्राप्त हुए थे, इनमें से 258 एडमिट हुए। इनमें भाजपा के 23, कांग्रेस के 29, इनेलो के 2 तथा 3 निर्दलीय विधायकों ने प्रश्नों के लिए नोटिस भेजे। इस दौरान एक रिकॉर्ड यह बना कि लगातार 3 दिन और कुल 4 दिन निर्धारित सभी सवालों के जवाब सदन में दिए गए। इसी प्रकार 28 विधायकों की ओर से 183 अतारांकित प्रश्नों के नोटिस प्राप्त हुए। अतारांकित प्रश्न लगाने वालों में भाजपा के 10, कांग्रेस के 15 इनेलो के 2 तथा एक निर्दलीय विधायक शामिल रहा। इनमें से 145 अतारांकित प्रश्न स्वीकृत हुए। सभी 145 प्रश्नों के जवाब विधायकों को भेजे गए। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के लिए 32 नोटिस प्राप्त हुए थे, इनमें से 5 स्वीकृत हुए। इसी प्रकार कार्य स्थगन प्रस्ताव के लिए 4 नोटिस प्राप्त हुए, जिनमें से एक स्वीकृत किया गया। सत्र के लिए 8 विधेयकों के प्रारूप मिले थे। ये सभी चर्चा उपरांत पारित कर दिए गए। सत्र के दौरान 2 सरकारी संकल्प भी पारित किए गए। इनमें आवासन बोर्ड को भंग कर इसका एचएसवीपी में विलय करने तथा सफाई कर्मचारी नियोजन एवं शुष्क शौचालय निर्माण अधिनियम, 1993 के निरसन शामिल हैं। इसके अलावा नियम 84 के अधीन ‘विकसित भारत जी-राम’ योजना के प्रावधानों पर भी चर्चा हुई। नियम 66 व 67 के तहत स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा भी चर्चा हुई। यह स्थगन प्रस्ताव हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग और हरियाणा लोक सेवा आयोग की हाल ही में आयोजित भर्ती के बारे में था। नियम 171 के तहत एक गैर सरकारी प्रस्ताव पर भी पारित किया गया। इसके तहत सदन ने राज्य सरकार से केन्द्र सरकार को यह सूचित करने के लिए सिफारिश की कि जी.एस.टी. के अतंर्गत टैक्स स्लैब में संशोधन सराहनीय तथा प्रशंसनीय है। इस बीच अध्यक्ष ने कुछ मुख्य रूलिंग्स भी दी, जिनमें राज्य सभा चुनाव संबंधी भी प्रमुख रही। सत्र के दौरान बजट का अध्ययन करने के लिए गठित 8 स्थायी समितियों समेत अनेक कमेटियों की वार्षिक रिपोर्ट्स भी पेश हुईं। इनमें एक प्रिविलेज कमेटी की फाइनल रिपोर्ट भी शामिल है। सत्र के बीच होली पर्व आया। इस अवसर विधान परिसर में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। सत्र के अंतिम दिन गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत द्वारा प्राकृतिक खेती पर विशेष व्याख्यान दिया गया। उनके मार्गदर्शन से सदन को विशेष जानकारी मिली। इस सत्र के दौरान अलग-अलग दीर्घाओं में 2139 दर्शकों ने सदन की कार्यवाही देखी। 

स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती: किशनगंज में मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन का प्रस्ताव भेजा गया

किशनगंज. किशनगंज में स्वीकृत मेडिकल कॉलेज का निर्माण ठाकुरगंज के कृषि मैदान के समीप हो सकता है। जमीन का चयन कर जिला से इसका प्रस्ताव भेजा गया है। हालांकि, फिलहाल इसकी स्वीकृति की सूचना जिला प्रशासन को नहीं मिली है। जानकारी के अनुसार बिहार सरकार के मंत्रीपरिषद में किशनगंज में मेडिकल कॉलेज बनाने की स्वीकृति प्रदान की थी। जिस आलोक में बीएसएएसआईसीएस के प्रबंध निदेशक ने डीएम को पत्र भेजकर राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय व अस्पताल के निर्माण के लिए जमीन का चयन कर प्रस्ताव मांगा था। इसमें कहा गया था कि वर्तमान में 13 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। सरकार से 20 जिलो में नये मेडिकल कॉलेज के निर्माण की स्वीकृति प्राप्त है। इसको लेकर जमीन उपलब्ध कराने के दिशा में पहल हो रही है। 11 मार्च को पहुंचे थे सीएम नीतीश कुमार उल्लेखनीय है कि 11 मार्च को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ठाकुरगंज पहुंचे थे। मुख्यमंत्री के पहुंचने पर ठाकुरगंज के लोगों में मेडिकल कॉलेज के नींव डालने की उम्मीद थी। लेकिन वह पूरी नहीं हो सकी। सभा के दौरान मेडिकल कॉलेज ठाकुरगंज में बनने को लेकर नारेबाजी भी की गई। स्थानीय विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल ने अपने संबोधन में कई मांगों के साथ मेडिकल कॉलेज ठाकुरगंज में खोलने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि मेडिकल कॉलेज खुलने से कई प्रखंडों के लोगों को फायदा होगा। हालांकि अपने संबोधन के क्रम में गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने ठाकुरगंज में मेडिकल कॉलेज खोलने की बात कही थी। बावजूद, लोग शिलान्यास नहीं होने से निराश थे। लोगों को मिलेगा फायदा भाजपा के जिला प्रवक्ता कौशल किशोर यादव ने बताया कि ठाकुरगंज में मेडिकल कॉलेज की स्थापना से कई प्रखंड के साथ ही पड़ोसी राज्य बंगाल के लोगों को भी काफी लाभ होगा। जिस जमीन का चयन किया गया है वह एनएच के समीप स्थित है। जिससे आपातकालीन स्थिति में लोगों को काफी फायदा मिल सकता है। उन्होंने कहा कि यहां जल्द मेडिकल कॉलेज निर्माण कराने की जरूरत है। उल्लेखनीय है कि मेडिकल कॉलेज अपने इलाके में खोलने के लिए विधायक सरवर आलम, तौसीफ आलम ने भी पत्राचार किया था। जमीन का चयन कर प्रस्ताव भेजा – मेडिकल कालेज के लिए ठाकुरगंज में जमीन का चयन कर प्रस्ताव भेजा गया है। अन्य दूसरी जगह उपयुक्त जमीन उपलब्ध नहीं हो रही है। हालांकि चयनित जमीन की स्वीकृति विभाग द्वारा दी गई है या नहीं इसकी सूचना अबतक नहीं आई है। – विशाल राज, डीएम

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी सौगात: ईद के मौके पर पंजाब में खुलेगा नया मेडिकल कॉलेज

चंडीगढ़. मलेरकोटला में मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए जमीन खरीद ली गई है। आज उसकी सारी कागजी कार्रवाई शुरू हो जाएगी।कल ईद के मुबारक मौके पर मलेरकोटला को नया मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए जमीन के कागजात सौंप दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्वास्थ्य से संबंधित सरकार की करगुजारियों को मीडिया के सामने रखते हुए ये जानकारी सांझा की है। सीएम ने बताया कि लहरागागा में जैन मेडिकल समुदाय की ओर से मेडिकल कॉलेज बनाया जा रहा है जबकि संगरूर में बनने वाले मेडिकल कॉलेज की भी सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी गई हैं इन पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि पंजाब का पहला पंजाब इंस्टिट्यूट ऑफ लिवर भी शुरू किया जा चुका है जो मोहाली में सफलतापूर्वक चल रहा है। कैंसर की रोकथाम के लिए उठाए जा रहे कदम सीएम मान कहा कि सरकार ने पहले से ही आठ केंद्रों पर सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध करवाई हुई थी और अब पेट स्कैन की सुविधा भी उपलब्ध करवा दी गई है । यही नहीं 200 ऐसे लैब के साथ भी समझौता किया हुआ है जो सीटी स्कैन करवाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंसर पर नकेल कसने के लिए पहले से ही स्क्रीनिंग करने का काम स्वास्थ्य विभाग की ओर से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 1 सितंबर से लेकर 9 मार्च तक 9294 ब्रेस्ट से संबंधित स्क्रीनिंग की गई जिसमें से आठ मामले संभावित कैंसर की नजर आए हैं जिनका इलाज शुरू किया जा चुका है। मेडिकल कॉलेजों में दिल के रोगों का इलाज इसी तरह दिल के रोगों के लिए भी 29000 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है और पंजाब के पटियाला ,अमृतसर और फरीदकोट स्थित मेडिकल कॉलेज में दिल के रोगों संबंधी इलाज और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा चुकी है। जबकि पहले यह सिर्फ सीएमसी और सेक्टर 32 के मेडिकल कॉलेज में ही सुविधा उपलब्ध थी। हार्ट अटैक होने पर मरीजों को गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंच कर उसे बचाना ही सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

बोर्ड मूल्यांकन जारी: अवकाश में भी कॉपियां जांचेंगे शिक्षक, स्कूलों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

राजनांदगांव. संस्कारधानी राजनांदगांव जिला मुख्यालय स्थित स्टेट हायर सेकेंडरी स्कूल में पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 10वीं और 12वीं बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन कराया जा रहा है. बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन अवकाश के दिनों में भी कराया जाएगा जिसके लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं. चार दिनों से बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन सुनिश्चित कराया जा रहा है. स्कूल समन्वयक की माने तो अब तक 24000 से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूर्ण कर लिया गया है आज भी 300 शिक्षकों 8000 से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूर्ण किया है. जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल सहित मूल्यांकन प्रभारी के देखरेख में मूल्यांकन कार्य का नियमित रूप से कराया जा रहा है. समन्वयक केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रत्येक शिक्षक प्रतिदिन 40 कॉपियां जांच रहे है. प्रथम चरण में मूल्यांकन के लिए 61,000 से अधिक उत्तर पुस्तिकाएं पहुंची हैं. स्टेट हायर सेकेंडरी स्कूल में मूल्यांकन कार्य कराए जाने के कारण आसपास के क्षेत्र में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है. 100 मीटर के दायरे में लोगों का प्रवेश भी पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है. प्रवेश द्वार से लेकर भीतरी क्षेत्र में मूल्यांकन कार्य में जुटे लोगों को ही की अनुमति दी जा रही है. प्रतिदिन एक से डेढ़ हजार कॉपियों का मूल्यांकन सुनिश्चित कराया जा रहा है. चार दिन के भीतर शिक्षकों ने अब तक 24000 से अधिक कॉपियों का मूल्यांकन पूर्ण कर लिया है.