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बड़ी कार्रवाई: गैस एजेंसी में अनियमितता मिली, 961 सिलेंडर किए गए जब्त

दुर्ग. जिले के एक और गैस एजेंसी में जांच के दौरान गड़बड़ी सामने आई है. खाद्य महकमा की टीम ने गोल्डन गैस एजेंसी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. जहां गड़बड़ी सामने आने पर कुल 961 नग खाली एवं भरा हुआ रसोई गैस सिलेंडर जप्त किए गए हैं. गौरतलब है कई गैस एजेंसियों में बुकिंग के बाद भी समय पर सिलेंडर नहीं मिलने की शिकायतें आ रही है. जिसके मद्देनजर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय, नवा रायपुर से प्राप्त निर्देशों के परिपालन में जिले में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों तथा पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता एवं आपूर्ति व्यवस्था की सतत निगरानी की जा रही है. इसी कड़ी में पद्मनाभपुर स्थित गोल्डन भारत गैस की भी निरंतर शिकायतें खाद्य महकमा को मिल रही थी . प्राप्त शिकायत पर खाद्य विभाग के जांच दल द्वारा जांच की गई. खाद्य नियंत्रक अनुराग सिंह भदौरिया से मिली जानकारी के मुताबिक गोल्डन गैस एजेंसी एक भागीदार फर्म है जिसके 2 भागीदार मोहन लाल धुव्र एवं अंशुमन मढरिया है. जांच में भौतिक सत्यापन में स्टाक में अंतर पाया गया इसके आधार पर घरेलू गैस सिलेंडर (14.2 किग्रा) खाली 838 एवं भरे 48 नग, व्यावसायिक सिलेंडर (19 किग्रा) खाली 63 नग तथा 5 किग्रा सिलेंडर 22 नग (खाली) भागीदार अंशुमन मढरिया से जप्त किया गया. भदौरिया का कहना है कि प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जिले में एलपीजी गैस तथा पेट्रोल- डीजल की आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहे ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. इसके लिए विभाग द्वारा लगातार जांच की कार्रवाई जारी है आगे भी निरंतर जांच जारी रहेगा.

भोपाल में ईद के बाद नारे – अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद, सुन्नी और शिया मस्जिदों में अलग-अलग आयोजन

 भोपाल  ईद की नमाज के बाद भोपाल में शिया समुदाय ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। नमाज अदा करने के बाद सड़कों और इमामबाड़ा परिसर में “अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद” के नारे गूंज उठे। शिया समुदाय के लोग काली पट्टी बांधकर सादे और पुराने कपड़ों में इमामबाड़ा पहुंचे और इस बार ईद को शोक के साथ मनाने का फैसला किया। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर शिया समुदाय पूरे देश में गम में डूबा हुआ है। भोपाल में भी राष्ट्रीय मुस्लिम त्यौहार कमेटी और स्थानीय शिया संगठनों ने ‘काली ईद’ का ऐलान कर दिया। लोगों ने ईद की रौनक छोड़कर सादगी अपनाई नए कपड़े नहीं पहने, घरों में पारंपरिक स्वीट्स नहीं बनाईं और नमाज के दौरान काली पट्टी बांधकर शोक जताया। भोपाल में शिया समुदाय ने फतेहगढ़ इमामबाड़ा में काली ईद मनाई। नमाज के बाद में अमेरिका और इजराइल के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। लोग काली पट्टी बांधकर सादे और पुराने कपड़ों में पहुंचे, जिससे गम का माहौल दिखा। इमामबाड़ा में आयतुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीर रखकर श्रद्धांजलि दी गई। तकरीर में मौलाना राजी उल हसन ने जुल्म के खिलाफ खड़े होने की बात कही। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के रुख का जिक्र करते हुए उनके विचारों की सराहना भी की। इसके अलावा फतेहगढ़ इमामबाड़ा में भी काली पट्टी बांधकर ईद मनाई गई। करौंद स्थित शिया जामा मस्जिद और अन्य इमामबाड़ों में ईद की नमाज के बाद श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित हुईं। इमाम मौलाना अजहर हुसैन रिजवी ने कहा, “खामेनेई साहब जालिम के खिलाफ और मजलूम के साथ खड़े रहने वाले निडर रहबर थे। उनकी शहादत से उम्मत-ए-मुसलमान खुद को यतीम महसूस कर रही है, लेकिन शहादत विचारधारा को कमजोर नहीं करती, बल्कि मजबूत बनाती है।” इमाम बाकर हुसैन ने भी संबोधित करते हुए कहा, “पूरी दुनिया जानती है कि उन्होंने जुल्म के खिलाफ आवाज उठाई और इस्लामी इंकलाब के सिद्धांतों को आगे बढ़ाया। इतिहास गवाह है कि एक व्यक्ति की शहादत से आंदोलन नहीं रुकता।” सभा में खामेनेई जिंदाबाद, अमेरिका मुर्दाबाद और इजराइल मुर्दाबाद के नारे लगे। शिया समुदाय के नेताओं ने तीन दिवसीय शोक की घोषणा की है। उन्होंने अपील की कि ईद की नमाज सादगी से अदा की जाए और फिलिस्तीन-ईरान के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ एकजुट रहा जाए। भोपाल के अलावा इंदौर, दिल्ली, लखनऊ और अन्य शहरों में भी इसी तरह का मातम देखा जा रहा है।  

सीएम योगी के निर्देश पर यूपीएसआईएफएस में जल्द स्थापित की जाएंगी पांच लैब्स

योगी सरकार अपराध के बदलते तरीकों पर पांच नई लैब्स से लगाएगी ब्रेक  सीएम योगी के निर्देश पर यूपीएसआईएफएस में जल्द स्थापित की जाएंगी पांच लैब्स – क्वांटम कंप्यूटिंग लैब, चैलेंज्ड ऑडियो-वीडियो लैब, 3-डी प्रिंटिंग लैब, एससीएडीए लैब और डिजिटल फॉरेंसिक लैब की जाएंगी स्थापित नई लैब्स से केसों के निस्तारण में आएगी तेजी और दोषियों को जल्द सजा दिलाने में मिलेगी मदद :सीएम योगी लखनऊ योगी सरकार ने अपराध के बदलते तरीकों पर रोक लगाने के लिए यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज में पांच नई लैब स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन लैब के जरिये इंस्टीट्यूट के छात्र अपराध के विभिन्न स्वरूपों की जांच करने के तरीके सीख सकेंगे। इसके साथ ही यूपी पुलिस के जांबाज भी इन लैब्स से विभिन्न तरीकों से होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने के गुण सीख सकेंगे। योगी सरकार इंस्टीट्यूट में क्वांटम कंप्यूटिंग लैब, चैलेंज्ड ऑडियो-वीडियो लैब, 3-डी प्रिंटिंग लैब, आईटी/ओटी सिक्योरिटी के लिए एससीएडीए लैब और डिजिटल फॉरेंसिक लैब शुरू करेगी। इन लैब्स के शुरू होने से प्रदेश में अपराधों की जांच और साक्ष्य विश्लेषण की क्षमता में बड़ा सुधार होगा। गौरतलब है कि वर्तमान में इंस्टीट्यूट में पांच लैब्स संचालित हैं। इनमें एडवांस्ड साइबर फॉरेंसिक, एडवांस्ड डीएनए प्रोफाइलिंग, एआई-ड्रोन एंड रोबोटिक्स, डॉक्यूमेंटेशन एग्जामिनेशन और इंस्ट्रूमेंटेशन लैब्स शामिल हैं।  क्वांटम कंप्यूटिंग लैब से जटिल डाटा एनालिसिस को तेजी से सुलझाया जा सकेगा यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज के निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमेशा मॉर्डन टेक्नोलॉजी अपनाने पर जोर देते हैं। इसी कड़ी में सीएम योगी की मंशा के अनुरूप इंस्टीट्यूट में पांच नई लैब की स्थापना की तैयारी की जा रही है। इसमें क्वांटम कंप्यूटिंग लैब के माध्यम से जटिल डाटा एनालिसिस और एन्क्रिप्शन से जुड़े मामलों को तेजी और सटीकता से सुलझाया जा सकेगा। यह लैब साइबर अपराधों की जांच में विशेष रूप से उपयोगी साबित होगी। वहीं, चैलेंज्ड ऑडियो-वीडियो लैब उन मामलों में अहम भूमिका निभाएगी, जहां खराब गुणवत्ता वाले ऑडियो या वीडियो को स्पष्ट कर साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल करना होता है। डिजिटल फॉरेंसिक लैब से डिजिटल उपकरणों की डाटा रिकवरी की बढ़ेगी क्षमता 3-डी प्रिंटिंग लैब अपराध स्थलों के मॉडल तैयार करने, हथियारों के प्रतिरूप बनाने और घटनाओं के रीक्रिएशन में मदद करेगी। इससे जांच एजेंसियों को केस को बेहतर तरीके से समझने और अदालत में प्रभावी प्रस्तुति देने में सहायता मिलेगी। वहीं, एससीएडीए लैब आईटी और ओटी (ऑपरेशनल टेक्नोलॉजी) सुरक्षा से जुड़े मामलों की जांच के लिए महत्वपूर्ण होगी, खासकर औद्योगिक संस्थानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर होने वाले साइबर हमलों की पड़ताल में अहम भूमिका निभाएगी। इसके अलावा डिजिटल फॉरेंसिक लैब से मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल उपकरणों से डाटा रिकवरी और विश्लेषण की क्षमता बढ़ेगी। इससे साइबर क्राइम, वित्तीय धोखाधड़ी और अन्य तकनीकी अपराधों की जांच और भी प्रभावी हो सकेगी। नई लैब्स के शुरू होने से केसों के निस्तारण में आएगी तेजी  योगी सरकार द्वारा प्रदेश में फॉरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। योगी सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में न केवल नए फॉरेंसिक संस्थानों की स्थापना पर जोर दिया है, बल्कि मौजूदा लैब्स को आधुनिक तकनीकों से लैस करने का भी काम किया है। पुलिस और जांच एजेंसियों को वैज्ञानिक साक्ष्य आधारित जांच के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे अपराधियों के खिलाफ मजबूत केस तैयार किए जा सकें। योगी सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश में न्याय प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाया जाए। नई लैब्स के शुरू होने से केसों के निस्तारण में तेजी आएगी और दोषियों को जल्द सजा दिलाने में मदद मिलेगी। साथ ही, इससे प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने में भी योगदान मिलेगा।

जरही में कुदरत का कहर, आंधी तूफान वा बारिश के साथ गिरे ओले

जरही में कुदरत का कहर, आंधी तूफान वा बारिश के साथ गिरे ओले राजेंद्रग्राम  मुख्यालय परिसर से लगभग 8 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत जरही में करीब 7:00 बजे अचानक बदला मौसम ने किसानो की चिंता बढ़ा दी और हवा तूफान के साथ गरज चमक शुरू हो गई बारिश कुछ ही देर में तेज वर्षा में बदल गई इस दौरान बड़े आकार के ओले गिरने से हजारों एकड़ में लगी फसल प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है तेज हवा और बिजली की चमक के साथ करीब 20 मिनट तक बारिश हुई बे मौसम वर्षा के साथ गिरे ओलों ने खेतों में खड़ी कटी हुई गेहूं दलहन फसल जैसे चना,मसूर,तुअर एवम तिलहन फसल अलसी को भारी नुक्सान पहुंचाया है। इस समय क्षेत्र में फसल कटाई का दौरा चल रहा है ऐसे में अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि ने किसने की मेहनत पर पानी फेरने का खतरा बढ़ा दिया है खेतों में रखी फसल के भीगने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होना की आशंका है। बारिश के कारण खेतों में पड़ी फसल भींगने से गेहूं की फसल भींगने से चलिए गेहूं की फसल में चमक और गुणवत्ता में प्रभावित होने की आशंका बताई जा रही है। जिससे किसानों को उचित दाम मिलने मे परेशानी हो सकती है।

मुख्यमंत्री योगी की दूरदृष्टि व सुनियोजित कार्ययोजना से यूपी बना निवेशकों की पहली पसंद

₹7.5 लाख करोड़ की नई परियोजनाओं के साथ पांचवीं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी की तैयारी मुख्यमंत्री योगी की दूरदृष्टि व सुनियोजित कार्ययोजना से यूपी बना निवेशकों की पहली पसंद रिफॉर्म, परफॉर्म व ट्रांसफॉर्म के मंत्र से बदली प्रदेश की तस्वीर सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, हर मोर्चे पर तैयार की गई निवेश के लिए आदर्श जमीन लखनऊ उत्तर प्रदेश ने पिछले 9 वर्षों में जो परिवर्तन देखा है, वह केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक आर्थिक और औद्योगिक बदलाव की कहानी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदृष्टि व सुनियोजित कार्ययोजना के तहत “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” के मंत्र ने प्रदेश को निवेश के नक्शे पर नई पहचान दिलाई है। यह योगी सरकार की नियोजित कार्यशैली का नतीजा है कि अब तक चार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) के जरिये लगभग ₹15 लाख करोड़ की परियोजनाएं धरातल पर उतारी जा चुकी हैं, जबकि ₹7.5 लाख करोड़ की नई परियोजनाओं के साथ पांचवीं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी की तैयारी है। निवेश व उद्यमिता के मोर्चे पर बुरी तरह पिछड़ रहे उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 में योगी सरकार आने पर स्थिति में सुधार के लिए बिंदुवार योजना तैयार की गई। सबसे पहले योजनाबद्ध तरीके से सिस्टम में सुधार (रिफॉर्म) किया गया, फिर परफॉर्मेंस के जरिए नीतियों को जमीन पर उतारा गया और अंततः ट्रांसफॉर्म के माध्यम से प्रदेश की छवि बदल गई। हर क्षेत्र के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया, निवेश प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाया गया। निवेश व उद्योग के रास्ते में आने वाली बाधाओं को पहचान कर ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत 13 अधिनियमों में 99% छोटे आपराधिक प्रावधान समाप्त कर कारोबार को आसान किया गया। प्रदेश में निवेश के अनुकूल माहौल तैयार करना केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार कर निवेश के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार किया गया। उद्योगों के लिए प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं और डि-रेगुलेशन सुधार लागू किए गए। इसी का परिणाम है कि योगी सरकार के अस्तित्व में आने के बाद यूपी को ₹50 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।  योगी सरकार की नीति प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए सेक्टरवार विशेष औद्योगिक क्षेत्रों का विकास करना भी रही। इसके तहत राज्य में उद्योग विशेष के लिए क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। फिल्म सिटी, टॉय पार्क, लॉजिस्टिक हब (यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र), फार्मा पार्क (झांसी-ललितपुर) मेगा टेक्सटाइल पार्क (लखनऊ-हरदोई), परफ्यूम पार्क (कन्नौज), प्लास्टिक, गारमेंट और लेदर क्लस्टर (गोरखपुर, कानपुर, हरदोई) क्षेत्र विशेष के निवेश को आकर्षित करने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं।  निवेश का ड्रीम डेस्टिनेशन बनकर उत्तर प्रदेश 1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनने के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार का स्पष्ट फोकस हाईटेक सेक्टर जैसे एआई, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स और उन्नत विनिर्माण पर है, जहां निवेश के साथ-साथ युवाओं के लिए नए अवसर भी तैयार हो रहे हैं। साथ ही, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क जैसे मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए निवेश को गति दी जा रही है। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश की कहानी अब महज सुधार तक सीमित नहीं, बल्कि एक व्यापक परिवर्तन की मिसाल बन चुकी है, जहां “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” का मंत्र प्रदेश को सुरक्षित, सक्षम और निवेश के लिए सबसे उपयुक्त गंतव्य में बदल चुका है।

लखीमपुर की सरिता बनीं सफल उद्यमी, पीएमईजीपी योजना से मिली नई राह

पीएमईजीपी योजना से बदली किस्मत, लखीमपुर की सरिता बनीं सफल उद्यमी सीमित संसाधनों से बनीं लाखों कमाने वाली उद्यमी,  आत्मनिर्भर बनकर पेश की मिसाल गांव की बेटी ने खड़ा किया 25 लाख का उद्योग, ऑयल मिल से 27 लोगों को मिला रोजगार गांव-गांव तक पहुंच रहीं सरकार की महत्वकांक्षी योजनाएं, रोजगार मांगने वाले नहीं रोजगार देने वाले बन रहे प्रदेश के युवा लखनऊ योगी सरकार ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का जो संकल्प लिया है, वह केवल एक नारा नहीं बल्कि लाखों युवाओं के जीवन में बदलाव की कहानी बन चुका है। सरकार की योजनाएं आज गांव-गांव तक पहुंच रहीं हैं और युवाओं को रोजगार देने के साथ-साथ उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रहीं हैं। इसी संकल्प की एक प्रेरणादायक मिसाल लखीमपुर खीरी की सरिता सिंह हैं। लखीमपुर खीरी के ग्राम बुझारी की रहने वाली सरिता सिंह ने सीमित संसाधनों और साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद कुछ अलग करने का सपना देखा। सरकार की ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम’ (PMEGP) योजना ने उनके इस सपने को साकार करने का रास्ता दिखाया। 25 लाख रुपये का ऋण लेकर उन्होंने तेल कोल्हू (ऑयल मिल) उद्योग की शुरुआत की। उन्होंने सरसों के तेल का उत्पादन शुरू किया और आधुनिक तकनीक से उसे फिल्टर कर व्यापारियों तक पहुंचाने लगीं। आज उनकी इकाई प्रतिदिन 12 क्विंटल सरसों तेल का उत्पादन करती है। सरिता सिंह की सफलता सिर्फ उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि ही नहीं है, बल्कि पूरे गांव के लिए प्रेरणा बन गई है। उनके उद्योग में आज 27 लोगों को रोजगार मिला हुआ है। इससे गांव के कई परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधरी है और लोगों में आत्मनिर्भर बनने का विश्वास बढ़ा है। आज सरिता सिंह हर महीने लगभग 1 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहीं हैं। उन्होंने सरकारी सहयोग और दृढ़ संकल्प से अपने सपनों को साकार कर दिखाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के विजन के तहत ऐसे ही हजारों युवा आज अपने पैरों पर खड़े हो रहे हैं और राज्य को आर्थिक रूप से मजबूत बना रहे हैं। ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम’ (PMEGP) सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा संचालित एक प्रमुख क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है, जो नए स्वरोजगार उपक्रम स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पारंपरिक कारीगरों और बेरोजगार युवाओं को सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण के साथ मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान करना है।

सरकारी स्कूलों में Mega PTM का नया शेड्यूल जारी, 28 को अभिभावकों को मिलेगा रिपोर्ट कार्ड

लुधियाना. पंजाब राज्य के सभी सरकारी प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूलों में 28 मार्च, शनिवार को एक विशाल 'मैगा पी.टी.एम.' (अभिभावक अध्यापक मीटिंग) और अभिभावकों की वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है। बता दें कि पहले विभाग द्वारा 30 मार्च को पी. टी. एम. आयोजित करने के निर्देश दिए गए थे। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित इस मिलनी का समय सबह 8.30 से दोपहर 12.30 बजे तक निर्धारित किया गया है। इस विशेष आयोजन का मुख्य उद्देश्य पहली से 11 वीं (नॉन-बोर्ड) कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाओं के परिणामों की घोषणा करना और विद्यार्थियों को उनके 'होलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड' वितरित करना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 1 अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत की जानी है, इसलिए अभिभावकों को बच्चों के नियमित स्कूल आने और अगली कक्षा में दाखिला लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। अभिभावकों के लिए विशेष जागरुकता और नई योजनाएं इस मैगा पी.टी.एम. के दौरान अभिभावकों को विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जागरूक किया जाएगा। स्कूल प्रमुख और अध्यापकों द्वारा अभिभावकों को विद्यार्थियों की हाजिरी से संबंधित "एस.एम.एस. अलर्ट" प्रणाली की जानकारी दी जाएगी, जिसके तहत यदि कोई विद्यार्थी लगातार तीन दिन गैर-हाजिर रहता है, तो एम.आई.एस,- 2.0 क माध्यम से अभिभावकों को ऑटोमैटिक मैसेज भेजा जाएगा। इसके साथ ही, स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से 14 वर्ष की आयु की लड़‌कियों के लिए चलाए जा रहे 'एच. पी. वी.' टीकाकरण अभियान और 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए 'कौशल शिक्षा' योजना पर भी विशेष चर्चा की जाएगी।अभिभावकों को शिक्षा विभाग की नई पहल 'मिशन समर्थ' और 'कॉम्पिटेंसी एनहांसमैंट प्लान' के बारे में भी बताया जाएगा। स्कूलों में प्रबंध और उच्चाधिकारियों द्वारा निरीक्षण : पी.टी. एम. को सफल बनाने के लिए स्कूलों में विशेष 'क्लीनलीनैस ड्राइव' चलाई जाएगी और स्थानीय गुरुद्वारों या मंदिरों से घोषणाएं करवाकर अभिभावकों को आमंत्रित किया जाएगा। मिलनी के दिन अभिभावकों, एस.एम.सी. सदस्यों और अन्य कम्युनिटी मैकर्स के बैठने और चाय पानी का उचित प्रबंध किया जाएगा। विद्यार्थियों की उपलब्धियों को मान्यता देने के लिए विभिन्न विषयों की प्रदर्शनिया भी लगाई जाएंगी। इस कार्यक्रम की निगरानी के लिए डी.ई.पी.ई.ओ. और अन्य जिला व ब्लॉक अधिकारी स्कूलों का दौरा करेंगे और अभिभावकों से फीडबैक लेंगे। विभाग द्वारा सभों स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मिलनी के बाद दोपहर 1 बजे तक अपनी रिपोर्ट और फोटो गूगल फॉर्म के माध्यम से मुख्य दफ्तर को भेजें।

जमीन रजिस्ट्री में गिरावट के बावजूद बढ़ा राजस्व, सरकार ने छुट्टियों में भी काम का लिया फैसला

राजनांदगांव. पिछले साल से इस बार जमीन के कारोबार में कमी आई है. हालांकि, राजस्व में जरूरत बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है . इस कम रजिस्ट्री के आंकड़ों को पूरा करने शासन ने शनिवार और रविवार सहित अन्य अवकाश के दिनों में भी रजिस्ट्री किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं. छत्तीसगढ़ शासन के महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम माह में राजस्व संग्रहण और नागरिकों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए अवकाश के दिनों में भी पंजीयन कार्यालयों को खुला रखने का निर्देश दिया गया है. शासन की मंशा के अनुरूप आगामी छुट्टियों के दौरान पंजीयन कार्य की प्रक्रिया जारी रहेगी. जारी अधिसूचना के अनुसार, मार्च माह में पक्षकारों द्वारा कराए जाने वाले पंजीयन की अधिक संख्या को देखते हुए मार्च माह के चतुर्थ रविवार 22 मार्च 2026, अंतिम शनिवार 28 मार्च 2026, अंतिम रविवार अवसर पर 31 मार्च 2026 को भी सभी पंजीयन कार्यालयों में कामकाज सामान्य रूप से संचालित होगा. विभागीय अवकाश के दिनों में भी उप पंजीयक कार्यालयों में दस्तावेजों के पंजीयन की प्रक्रिया सुनिश्चित की गई है. साथ ही जिला पंजीयक, कोषालय अधिकारी और भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों को 31 मार्च तक बैंकों में शासकीय लेनदेन सुचारू रखने हेतु यथोचित निर्देशित किया गया है. आम जनता की सुविधा के लिए स्टॉक होल्डिंग कार्पोरेशन को ई-स्टाम्पों की निरंतर आपूर्ति और एनआईसी को सुचारू तकनीकी व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं. राजनांदगांव मुख्यालय में ही गिरा बाजार राजनांदगांव तहसील मुख्यालय में ही पिछले साल से 6 करोड़ 81 लाख की कम रजिस्ट्री हुई है. पिछले साल यहां 78 करोड़ 14 लाख रूपए था, जो इस बार घटकर 71 करोड़ 32 लाख रूपए हो गया. इसी तरह डोंगरगढ़ तहसील में 6 करोड़ 75 लाख से गिरकर इस बार 6 करोड़ 68 लाख रूपए रह गया. गंडई में 3 करोड़ 45 लाख से गिरकर इस बार 3 करोड़ 5 लाख रह गया. हांलाकि बाकी के छह तहसील में राजस्व अधिक मिले है. इसमें खैरागढ़ में पिछले साल 10 करोड़ 66 लाख था, जो बढ़कर इस बार 13 करोड़ 96 लाख हो गया. छुईखदान 53 लाख 27 हजार से बढ़कर इस बार 61 लाख 70 हजार हो गया. डोंगरगांव 4 करोड़ 15 लाख से बढ़कर 6 करोड़ 87 लाख और छुरिया में 1 करोड़ नौ लाख की बढ़ोत्तरी, मोहला में भी 93 लाख का राजस्व में पिछले साल से इजाफा दर्ज किया गया है. मिली जानकारी अनुसार पिछले साल फरवरी माह तक जहां 22270 रजिस्ट्री दर्ज की गई थी, वही इस बार यह आंकड़ा 21412 तक सिमट गया. हांलाकि कलेक्टर दर में रेट बढ़ाए जाने के चलते राजस्व में कम हुआ जमीन का कारोबार बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. पिछले साल फरवरी माह तक 109 करोड़ 29 लाख रूपए राजस्व प्राप्त किया गया था. जबकि इस बार 111 करोड़ 78 लाख रूपए का राजस्व मिला है. जो पिछले साल से 2 करोड़ 49 लाख रूपए ज्यादा हैं. उल्लेखनीय है कि, विगत बीस नवंबर को राज्य सरकार द्वारा डेढ़ सौ प्रतिशत तक जमीन के रेट बढाए गए थे.

सहयोग से संपन्न हुआ बजट सत्र, CM साय बोले- सभी का आभार

रायपुर. विधानसभा के बजट सत्र के सफल समापन पर मंत्रीगण एवं विधायकगण ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विधानसभा स्थित उनके कार्यालय में भेंट कर उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया और सफल सत्र के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सभी के समन्वय और सहयोग से ही यह सत्र सार्थक और सफल बन पाया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का पावन मंदिर है और लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाना ही इसका मूल दायित्व है।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस बजट सत्र के दौरान लगभग 585 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने विधानसभा की कार्यवाही का अवलोकन किया जो एक अत्यंत प्रेरणादायक पहल है। इससे यह संदेश गया है कि राज्य सरकार भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है, जिसका सीधा संबंध राज्य की आंतरिक सुरक्षा, शांति और समृद्धि से है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट सत्र में कुल 15 बैठकें आयोजित हुईं और यह सत्र अत्यंत महत्वपूर्ण एवं परिणामकारी रहा। सत्र के दौरान माननीय राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन द्वारा कृतज्ञता व्यक्त की गई तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पारित किया गया। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य भी सम्पन्न हुए। उन्होंने कहा कि इस सत्र में छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2026, छत्तीसगढ़ नगर एवं ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक-2026 तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (संशोधन) विधेयक-2026 जैसे महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। साथ ही भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने संबंधी विधेयक तथा छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक भी सर्वसम्मति से पारित हुए, जो युवाओं के भविष्य और पारदर्शी भर्ती प्रणाली के लिए मील का पत्थर साबित होंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सत्र के दौरान सदन के सदस्यों ने अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की, प्रश्न पूछे और अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया, जो लोकतंत्र की मजबूती का प्रमाण है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वे भले ही अस्वस्थता के कारण सदन में उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने लगातार डिजिटल माध्यम से सदन की कार्यवाही पर नजर रखी।मुख्यमंत्री ने उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने सत्र के सफल संचालन के लिए नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, मंत्रिपरिषद के सदस्यों, सभी विधायकगण, विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा, सुरक्षा कर्मियों एवं समस्त अधिकारियों-कर्मचारियों को विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि आप सभी ने सदन की महत्वपूर्ण कार्यवाही और जनहित के मुद्दों को जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अंत में मुख्यमंत्री साय ने चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

अमेरिकी अधिकारी ने किया बड़ा ऐलान, ‘3-4 दिन में बंदरगाहों तक पहुंचेगा तेल-गैस

नई दिल्‍ली अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग ने पूरी दुनिया के लिए संकट पैदा कर दिया है. इस बीच, अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने शुक्रवार को कहा कि समुद्र में फंसे ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंध हटाने से तीन-चार दिनों के भीतर एशिया तक आपूर्ति पहुंच जाएगी।  यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका ने समुंद्र में फंसे ईरानी तेल से प्रतिबंध हटा दिया है और 30 दिनों के लिए इन प्रतिबंधों से ढील दी है. इससे पहले वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को कहा था कि अमेरिका जल्द ही समुद्र में टैंकरों में फंसे ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंध हटा सकता है. इस कदम का उद्देश्य ईरान द्वारा स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने के कारण बढ़ती कीमतों को कम करना है।  फॉक्स बिजनेस नेटवर्क के साथ एक इंटरव्‍यू में क्रिस राइट ने कहा कि कुछ ही दिनों में, तीन या चार दिनों के भीतर, वह तेल बंदरगाहों पर पहुंचना शुरू हो जाएगा, जिसके बाद तेल की बढ़ती कीमतों को कम किया जा सकेगा. उन्‍होंने कहा कि मौजूदा प्रतिबंधों के कारण ईरान की कच्चे तेल के निर्यात की क्षमता सीमित हो गई है, जिससे तेल का भंडार बाजारों तक पहुंच नहीं पा रहा है।  ईरान से प्रतिबंध हटाया  अमेरिका ने समुद्र में फंसे ईरानी तेल टैंकरों को छूट दी है. अब ये तेल टैंकर एशिया के बंदरगाहों पर आसानी से पहुंच सकते हैं. अमेरिका ने 1 महीने यानी 19 अप्रैल तक इसमें छूट दी है।  गौरलब है कि वैश्विक तेल व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण जलमार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास ईरान की कार्रवाइयों के बाद कीमतों में भारी उछाल आया है. प्रतिबंध हटाने से आपूर्ति की समस्‍या खत्‍म हो सकती है।  गंभीर संकट का समाना कर सकती है दुनिया ऊर्जा अधिकारियों ने बाजार के दबाव को कम करने और इन आपूर्तियों पर निर्भर अन्य क्षेत्रों के लिए ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखने के लिए तेल की सप्‍लाई बनाए रखने पर जोर दिया है. इस बीच, अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के प्रमुख फातिह बिरोल ने कहा है कि खाड़ी देशों से तेल और गैस की आपूर्ति बहाल करने में 6 महीने तक का समय लग सकता है. फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक इंटरव्‍यू में बिरोल ने चेतावनी दी कि दुनिया इतिहास के सबसे गंभीर ऊर्जा संकट का सामना कर सकती है।  इसके अलावा, सऊदी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान से संबंधित आपूर्ति में रुकावटें अप्रैल के अंत तक जारी रहती हैं, तो तेल की कीमत 180 डॉलर प्रति बैरल या उससे भी अधिक हो सकती है. अनुमानों के अनुसार, 180 डॉलर प्रति बैरल की दर पर अमेरिकियों को 7 डॉलर प्रति गैलन से अधिक भुगतान करना होगा।