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मध्य प्रदेश में नौकरी का मौका: MPESB ने 1679 पदों पर भर्ती की डेडलाइन बढ़ाई

भोपाल मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने वनरक्षक, क्षेत्र रक्षक और जेल प्रहरी के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। जो अभ्यर्थी तकनीकी कारणों या किसी अन्य वजह से अब तक फॉर्म नहीं भर पाए थे, उनके पास अब एक और मौका है। इच्छुक उम्मीदवार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट esb.mp.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कुल 1679 पदों पर होगी नियुक्ति इस भर्ती अभियान के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न विभागों में कुल 1679 रिक्त पदों को भरा जाएगा। पदों का वर्गीकरण इस प्रकार है। वनरक्षक (Forest Guard): 728 पद क्षेत्र रक्षक (Field Guard): 169 पद जेल प्रहरी (Jail Prahari): 757 पद जेल सुपरिटेंडेंट (Jail Superintendent): 25 पद पात्रता और शैक्षणिक योग्यता (Eligibility Criteria) वनरक्षक, क्षेत्र रक्षक एवं जेल प्रहरी: इन पदों के लिए अभ्यर्थी का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं (High School) उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। जेल सुपरिटेंडेंट: इस पद के लिए अभ्यर्थी के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduate) की डिग्री होनी चाहिए। आयु सीमा: न्यूनतम आयु 18/21 वर्ष (पदानुसार) और अधिकतम आयु 33 वर्ष निर्धारित है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को शासन के नियमानुसार आयु सीमा में विशेष छूट दी जाएगी। शारीरिक मानक: शैक्षणिक योग्यता के साथ-साथ अभ्यर्थियों को निर्धारित शारीरिक लंबाई और मापदंडों को भी पूरा करना होगा। विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जरूर देखें। आवेदन शुल्क (Application Fee) सामान्य/OBC/EWS: ₹500 SC/ST: ₹250 कैसे करें आवेदन? (Step-by-Step Guide) सबसे पहले esb.mp.gov.in पर लॉग इन करें। होमपेज पर मौजूद 'Recruitment/Application' लिंक पर क्लिक करें। अपनी बुनियादी जानकारी दर्ज कर पहले पंजीकरण (Registration) करें। पंजीकरण के बाद लॉगिन करें और अपनी शैक्षणिक व व्यक्तिगत जानकारी भरें। अपनी कैटेगरी के अनुसार ऑनलाइन मोड में फीस जमा करें। फॉर्म सबमिट करने के बाद भविष्य के संदर्भ के लिए इसका एक प्रिंटआउट निकालकर सुरक्षित रख लें।  

चोरी के रुपये और राशन नहीं कर पाए खर्च, 45 दिन बाद नाबालिग के साथ आरोपी गिरफ्तार

 बुरहानपुर/नेपानगर सीवल गांव की एक किराना दुकान में हुई चोरी का शनिवार को नेपानगर थाना पुलिस ने खुलासा किया है, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आए हैं। पुलिस द्वारा बताई गई कहानी के अनुसार चोरी के आरोपित किराना दुकान से चोरी किए गए रुपये और तेल-घी व काजू डेढ़ माह में भी खर्च नहीं कर पाए। इनमें से करीब आधा सामान और रुपये पुलिस ने आरोपितों के घर से तलाशी के दौरान बरामद कर लिए हैं। 28 जनवरी को दर्ज हुई थी चोरी की शिकायत दरअसल, 28 जनवरी को सीवल निवासी अरविंद जैन ने शिकायत दर्ज कराई थी कि बीती रात अज्ञात चोर उनकी किराना दुकान में घुसे और घी के आधा किलो वाले चार पैकेट, तेल के एक किलो वाले सात पैकेट, दो किलो काजू और गल्ले में रखे आठ हजार रुपये ले गए। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दबोचे आरोपित थाना प्रभारी ज्ञानू जायसवाल ने बताया कि मुखबिर की सूचना के आधार पर डालमऊ गांव निवासी पप्पू चौहान (18 वर्ष) और उसके एक नाबालिग साथी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने चोरी करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उनके पास से चोरी किए गए चार हजार रुपये, तेल के चार पैकेट, घी के दो पैकेट और 750 ग्राम काजू बरामद किया है। यह भी पढ़ें- सिवनी में एनएच 44 पर टोलकर्मियों को निहंग सिखों ने तलवार की मूठ और बेसबाल डंडों से पीटा, गाड़ी रोकने पर हुआ था विवाद वारदात का तरीका और पुलिस टीम की कार्रवाई पुलिस का दावा है कि कथित आरोपित बाइक क्रमांक एमपी 68 जेडसी 9172 से रात करीब बारह बजे बस स्टैंड स्थित दिव्यानी किराना दुकान पहुंचे थे और सरिए से ताला तोड़कर चोरी की वारदात की थी। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी के अलावा उप निरीक्षक हेमेंद्र सिंह चौहान, एएसआई सूरज सिंह मौर्य, प्रधान आरक्षक संदीप पटेल और आरक्षक गजेंद्र शामिल थे।  

साईं बाबा की यात्रा बड़े धूमधाम से निकल गई

साईं बाबा की यात्रा बड़े धूमधाम से निकल गई बिजुरी जिले के बिजुरी नगर में इन दिनों धार्मिक आस्था और सामाजिक सेवा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मानव सेवा और माधव सेवा समिति द्वारा साईं बाबा की भव्य झांकी का आयोजन किया गया, जिसमें झांकी बिजुरी नगर से निकलकर कोठी, बहेरा बांध सहित विभिन्न स्थानों पर भ्रमण किया झांकी यात्रा के दौरान नगरवासियों में भारी उत्साह देखने को मिला। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने स्वागत किया और साईं बाबा के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इस आयोजन की खास बात यह रही कि नगर पालिका बिजरी के स्थानीय लोग बढ़-चढ़कर इसमें भाग ले रहे हैं। नगर पालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित कई जनप्रतिनिधि और समाजसेवी इस कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं। नगर पालिका अध्यक्ष सहबीन लखन पनिका ने बताया कि "इस तरह के आयोजन समाज में एकता और सेवा भाव को बढ़ाते हैं और लोगों को एक साथ जोड़ते हैं।"मानव सेवा और माधव सेवा समिति का यह प्रयास न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत कर रहा है, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी दे रहा है।

प्रॉपर्टी खरीदारों को राहत: 0.60% सेस हटाया, सरकार को 460 करोड़ का नुकसान

रायपुर. छत्तीसगढ़ में अपना घर बनाने या जमीन खरीदने का सपना देख रहे मध्यमवर्गीय परिवारों और किसानों के लिए साथ सरकार ने बड़ी राहत दी है. शुक्रवार को विधानसभा ने ‘छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026’ को ध्वनिमत से पारित कर दिया. अब अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर लगने वाला 0.60% सेस को खत्म कर दिया गया है. वाणिज्यिक कर मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि इस फैसले से जनता पर पड़ने वाला सालाना 460 करोड़ का बोझ कम होगा. 2023 में पूर्व कांग्रेस सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन’ और ‘राजीव गांधी मितान क्लब’ के संचालन के लिए स्टाम्प शुल्क पर 0.60% सेस लगाया था. चूंकि अब ‘मितान क्लब’ अस्तित्व में नहीं है और रोजगार योजनाओं का खर्च सामान्य बजट से दिया जा रहा है, इसलिए जनता पर यह “अनावश्यक बोझ लादे रखने का कोई औचित्य नहीं था. राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में वर्गमीटर आधारित मूल्यांकन को खत्म कर फिर से हेक्टेयर दर लागू कर दी है. इससे छोटे जमीन मालिकों को 300 से 400 करोड़ रुपए का लाभ होगा. साथ ही, कृषि भूमि पर ढाई गुना मूल्यांकन और पेड़ों के अलग से मूल्यांकन जैसे जटिल नियमों को भी विदा कर दिया गया है. जमीन-मकान की रजिस्ट्री अधिक किफायती होगी. आम जनता को मिलेगी राहत-चौधरी ओपी चौधरी ने बताया कि आम जनता को इससे बड़ी राहत मिलेगी. पंजीयन विभाग को अब ‘वीजा ऑफिस’ की तर्ज पर स्मार्ट बनाया जा रहा है. अब रजिस्ट्री होते ही बिना भटकते अपने आप नामांतरण हो जाएगा. अब तक 1.5 लाख लोगों को लाभ मिला. सुगम एप के जरिए लोकेशन और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए आधार आधारित सत्यापन अनिवार्य हो गया है. इसी तरह 10 कार्यालयों को पीपीपी मोड पर वातानुकूलित और वाई-फाई युक्त बनाया जा रहा है. विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई ऊर्जा – साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आम नागरिक, किसान और मध्यमवर्गीय परिवारों पर किसी भी प्रकार का अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े. यह निर्णय केवल कर में राहत नहीं, बल्कि उन लाखों परिवारों के सपनों को सम्मान देने की दिशा में एक सार्थक पहल है, जो अपनी मेहनत की कमाई से घर और जमीन खरीदते हैं. इस कदम से संपत्ति के पंजीयन में वृद्धि होगी, आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई ऊर्जा प्राप्त होगी.

महंगी गैस का असर: स्कूलों में LPG की जगह चूल्हों पर पक रहा Mid Day Meal

अमृतसर. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब पंजाब के सरकारी स्कूलों तक पहुंच गया है। LPG गैस की कमी के चलते राज्य के कई स्कूलों में मिड-डे मील अब पारंपरिक चूल्हों पर तैयार किया जा रहा है। हालांकि, सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि किसी भी हाल में बच्चों के भोजन में बाधा नहीं आनी चाहिए। अमृतसर के सरकारी हाई स्कूल इब्बण कलां में पिछले चार दिनों से गैस की बजाय लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाया जा रहा है। स्कूल की प्रिंसिपल सिम्मी बेरी के अनुसार, रोजाना करीब 10 से 15 किलो लकड़ी का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद बच्चों को समय पर मिड-डे मील दिया जा रहा है। दरअसल, मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण LPG गैस की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिसका असर भारत के कई हिस्सों के साथ-साथ पंजाब में भी देखने को मिल रहा है। स्थिति को भांपते हुए शिक्षा विभाग ने पहले ही स्कूलों को वैकल्पिक इंतजाम करने के निर्देश जारी कर दिए थे। नए निर्देशों के अनुसार, यदि किसी स्कूल में गैस उपलब्ध नहीं है तो लकड़ी, इलेक्ट्रिक या अन्य माध्यमों से मिड-डे मील तैयार किया जाए। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि बच्चों के भोजन के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। मिड-डे मील वर्कर हरजिंदर कौर ने बताया कि वे पूरी जिम्मेदारी के साथ काम कर रहे हैं और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। सरकार और प्रशासन की ओर से किए जा रहे ये प्रयास दिखाते हैं कि संकट के समय में भी बच्चों की भलाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

नवरात्रि पर मुख्यमंत्री ने मां महामाया की धरा से सरगुजा ओलंपिक का किया उद्घाटन

मुख्यमंत्री ने नवरात्रि की पावन बेला पर मां महामाया की धरा से सरगुजा ओलंपिक का किया शुभारंभ 3 लाख 49 हजार खिलाड़ियों की स्वस्फूर्त सहभागिता खेल के प्रति उनके प्रेम और समर्पण को दिखाता है : मुख्यमंत्री साय बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक के वार्षिक आयोजन हेतु बजट में 10 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान सरगुजा ओलंपिक में बेटियों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखना सुखद, बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करें युवा : श्रीमती गीता फोगाट सरगुजा के पंडरापाठ में 20 करोड़ रुपए की लागत से बनेगी आर्चरी अकादमी खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने शासन की अनूठी पहल से जुड़ रहे है लोग रायपुर  नवरात्रि के पावन बेला में मां महामाया की धरा से यह शुभ शुरुआत हुई है। मां महामाया के आशीर्वाद पिछले दो वर्षों से बस्तर ओलंपिक का आयोजन हो रहा है और आज सरगुजा अंचल के साथियों को ओलंपिक के जरिए अपनी हुनर दिखाने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित पी जी कॉलेज ग्राउंड में सरगुजा ओलंपिक का शुभारंभ किया और कार्यक्रम का शुभारंभ कर अंचल वासियों को शुभकामनाएं दी। साय को इस दौरान संभाग के सभी जिलों से पहुँचे खिलाड़ियों ने मार्च पास्ट का सलामी दी। मुख्यमंत्री ने मुख्य मंच से सभी खिलाड़ियों का अभिवादन स्वीकारा और खिलाड़ियों की हौसला अफजाई की।  मुख्यमंत्री साय ने मां महामाया का स्मरण करते हुए प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक की सफलता के बाद अब सरगुजा में भी इस आयोजन की शुरुआत की गई है, जिससे यहां के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि बस्तर ओलंपिक में पहले वर्ष 1.65 लाख और इस वर्ष 3.91 लाख प्रतिभागियों ने भाग लिया, जबकि सरगुजा ओलंपिक में इस बार लगभग 3.49 लाख खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। इनमें से 2000 से अधिक खिलाड़ी संभाग स्तरीय तीन दिवसीय प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 लाख 49 हजार खिलाड़ियों की स्वस्फूर्त सहभागिता खेल के प्रति उनके प्रेम और समर्पण को दिखाता है।             मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए बजट में बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक के वार्षिक आयोजन हेतु 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को 21 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जबकि स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक विजेताओं को क्रमशः 3 करोड़, 2 करोड़ और 1 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।           इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद उन्मूलन के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र अब तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। नक्सल मुक्ति का संकल्प हमारे जवानों के अदम्य साहस से पूरा होने की कगार पर है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर ओलंपिक में आत्म समर्पित नक्सलियों की टीम ने जोआ बाट के नाम से हिस्सा लिया, जिसमें लगभग 700 आत्म समर्पित नक्सली शामिल हुए।         मुख्यमंत्री ने बताया कि खेलों के माध्यम से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है और बस्तर व सरगुजा अंचल खेल अधोसंरचनाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरगुजा के पंडरापाठ में 20 करोड़ रुपए की लागत से आर्चरी अकादमी स्थापित की जा रही है, जिससे क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा।          मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवा एथलीट अनिमेष कुजूर का उल्लेख करते हुए उनकी उपलब्धियों की सराहना की और कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि पहली बार खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स का आयोजन छत्तीसगढ़ में होगा, जिसका शुभारंभ 25 मार्च को केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने हाल ही में छत्तीसगढ़ विधानसभा में पारित हुए धर्म स्वातंत्र्य विधेयक तथा कर्मचारी चयन मंडल के स्थापना के संबंध में भी जानकारी दी। शुभारंभ सत्र के अंत में मुख्यमंत्री सह अतिथियों ने सरगुजा ओलंपिक का मशाल प्रज्ज्वलित किया और सफल आयोजन के लिए बधाई दी।               कार्यक्रम में राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता गीता फोगाट ने भी खिलाड़ियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरगुजा ओलंपिक में बड़ी संख्या में बेटियों की भागीदारी देखना सुखद है। उन्होंने युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करने का संदेश दिया, साथ ही नशे और गलत आदतों से दूर रहने की अपील की।             पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि सरगुजा ओलंपिक में 6 जिलों से कुल 3.49 लाख प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है, जिनमें 1.59 लाख पुरुष और 1.89 लाख महिलाएं शामिल हैं। तीन दिवसीय इस आयोजन में 11 से अधिक खेल विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं।            कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने इसे सरगुजा वासियों के लिए बड़ी सौगात बताते हुए कहा कि इस मंच से स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।           इस अवसर पर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद चिंतामणि महाराज, विधायक प्रबोध मिंज, विधायक रामकुमार टोप्पो, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष राम किशुन सिंह, सभापति हरविंदर सिंह, राम लखन पैंकरा खेल विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संभाग आयुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

63,383 किमी सड़कों और 35,433 किमी ग्रामीण मार्गों से मजबूत हुआ नेटवर्क

9 वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति, उत्तर प्रदेश बना देश की कनेक्टिविटी का ग्रोथ इंजन 63,383 किमी सड़कों और 35,433 किमी ग्रामीण मार्गों से मजबूत हुआ नेटवर्क देश के 55 प्रतिशत एक्सप्रेस-वे के साथ यूपी बना एक्सप्रेस-वे हब 16 एयरपोर्ट और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ एविएशन कनेक्टिविटी को मिलेगी नई उड़ान रेल, राष्ट्रीय जलमार्ग और फ्रेट कॉरिडोर से लॉजिस्टिक्स को मिला बूस्ट सर्वोत्तम बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है- संजीव सिंह गौड़, राज्य मंत्री समाज कल्याण निवेश और विकास के लिए एक भरोसेमंद गंतव्य बन चुका है उत्तर प्रदेश – दानिश आजाद अंसारी, मंत्री उत्तर प्रदेश प्रदेश के हर हिस्से को जोड़ते हुए विकास की नई धारा प्रवाहित-अवनीश कुमार अवस्थी, मुख्यमंत्री के सलाहकार लखनऊ उत्तर प्रदेश ने बीते 9 वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव दर्ज करते हुए खुद को देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे राज्यों में शामिल कर लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में सड़क, एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट, रेल, जलमार्ग, ऊर्जा और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर काम हुआ है, जिसने विकास को नई गति दी है। प्रदेश में सड़क नेटवर्क के विस्तार ने विकास की दिशा तय की है। वर्ष 2017 के बाद से 63,383 किलोमीटर सड़कों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया गया है, जबकि 35,433 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण कर गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ा गया है। प्रतिदिन औसतन 19 किलोमीटर सड़क निर्माण की रफ्तार प्रदेश की तेज प्रगति को दर्शाती है। इसके साथ ही 1,740 पुलों का निर्माण कर आवागमन को और सुगम बनाया गया है। तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों को बेहतर सड़कों से जोड़ने का व्यापक कार्य भी पूरा किया गया है। उत्तर प्रदेश आज देश के एक्सप्रेस-वे नेटवर्क का प्रमुख केंद्र बन चुका है। देश के कुल एक्सप्रेसवे का लगभग 55 प्रतिशत हिस्सा प्रदेश में स्थित है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे जैसे प्रोजेक्ट्स ने क्षेत्रीय असमानताओं को कम करते हुए कनेक्टिविटी को नई दिशा दी है। गंगा एक्सप्रेस-वे, जिसका लगभग 99 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ने वाला एक ऐतिहासिक प्रोजेक्ट साबित होने जा रहा है। इसके अलावा विन्ध्य एक्सप्रेस-वे जैसी नई परियोजनाएं भी विकास के दायरे को और विस्तारित करेंगी। हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्तमान में प्रदेश में 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, जिनमें 4 अंतर्राष्ट्रीय हैं। जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का एक प्रमुख एविएशन हब बनने की दिशा में अग्रसर है। इसके शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट वाला राज्य बन जाएगा, जिससे पर्यटन, व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। रेल और जलमार्ग के क्षेत्र में भी प्रदेश ने अपनी स्थिति मजबूत की है। करीब 16,000 किलोमीटर लंबे रेल नेटवर्क के साथ उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े रेल नेटवर्क वाले राज्यों में शामिल है। वहीं, 11 राष्ट्रीय जलमार्गों का जुड़ाव इसे लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में नई पहचान दे रहा है। वाराणसी में देश का पहला मल्टी मॉडल टर्मिनल और 100 एकड़ में विकसित फ्रेट विलेज प्रदेश को निर्यात और माल ढुलाई का प्रमुख केंद्र बना रहे हैं। जल क्षेत्र में भी बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार किया गया है।  इन सभी प्रयासों के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश आज मजबूत, आधुनिक और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ एक नए विकास मॉडल के रूप में उभर रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार ने न केवल आम नागरिकों के जीवन को सुगम बनाया है, बल्कि उद्योग, निवेश और रोजगार के लिए भी नए द्वार खोले हैं। प्रदेश अब इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आम नागरिकों के जीवन को आसान बना “डबल इंजन सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी का व्यापक विस्तार हुआ है। शानदार सड़क नेटवर्क और तेजी से हो रहा निर्माण आम नागरिकों के जीवन को आसान बना रहा है। यही कारण है कि प्रदेश आज सर्वोत्तम बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।” संजीव सिंह गौड़, राज्य मंत्री समाज कल्याण उत्तर प्रदेश ने नई पहचान बनाई  “योगी सरकार के 9 वर्ष विकास, विश्वास और सुशासन के प्रतीक हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने नई पहचान बनाई है। आज प्रदेश निवेश और विकास के लिए एक भरोसेमंद गंतव्य बन चुका है।” दानिश आजाद अंसारी, मंत्री उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास ने अभूतपूर्व गति पकड़ी  “मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ के नेतृत्व में 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास ने अभूतपूर्व गति पकड़ी है। आज प्रदेश देश के 55 प्रतिशत एक्सप्रेस-वे नेटवर्क के साथ विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी का उदाहरण बन चुका है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेस-वे जैसे प्रोजेक्ट्स ने प्रदेश के हर हिस्से को जोड़ते हुए विकास की नई धारा प्रवाहित की है।” अवनीश कुमार अवस्थी, मुख्यमंत्री के सलाहकार

होर्मुज स्ट्रेट से गुजरेंगे भारतीय झंडे वाले 2 गैस टैंकर, LPG पर मिली गुड न्यूज

 नई दिल्ली दुनिया में जितना भी तेल और गैस समुद्र के रास्ते जाता है, उसका करीब 20 फीसदी सिर्फ एक रास्ते से गुजरता है होर्मुज की खाड़ी. यह एक बहुत ही पतली सी जलधारा है जो ईरान और ओमान के बीच में है. एक तरफ खाड़ी के देश हैं – UAE, कुवैत, सऊदी अरब, इराक. और इन सबका तेल बाहर जाने का एकमात्र समुद्री रास्ता यही है।  अब सोचिए – अगर यह रास्ता बंद हो जाए तो क्या होगा? दुनिया के पांचवें हिस्से का तेल और गैस रुक जाएगा. कीमतें आसमान छू लेंगी. और भारत जैसे देश, जो अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से मंगाते हैं, उन्हें सबसे ज्यादा तकलीफ होगी।  हुआ क्या है अभी? ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जंग छिड़ी हुई है. ईरान ने धमकी दे दी कि जो भी जहाज होर्मुज से निकलने की कोशिश करेगा, उस पर हमला होगा।  बस इतना सुनते ही सैकड़ों जहाज वहीं लंगर डालकर रुक गए. कोई आगे जाने को तैयार नहीं. पिछले 24 घंटों में एक भी तेल का बड़ा जहाज होर्मुज से नहीं गुजरा. यह बहुत बड़ी बात है. मतलब रास्ता व्यावहारिक रूप से बंद पड़ा है।  भारत का क्या हाल है? भारत के 22 जहाज इस वक्त खाड़ी के अंदर फंसे हुए हैं. न आगे जा पा रहे हैं, न वापस आ पा रहे हैं. इनमें दो जहाज खास तौर पर चर्चा में हैं. पाइन गैस जिसे आईओसी यानी इंडियन ऑयल ने किराए पर लिया है. जग वसंत – जिसे बीपीसीएल ने किराए पर लिया है।  ये दोनों LPG टैंकर हैं. मतलब इनमें रसोई गैस जैसा ईंधन भरा है जो भारत के घरों तक पहुंचना है. ये दोनों जहाज UAE के शारजाह के पास लंगर डाले खड़े हैं. शनिवार को निकलने की तैयारी में बताए जा रहे हैं।  मोदी सरकार क्या कर रही है? भारत सरकार हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठी है. विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि भारत चाहता है कि उसके जहाज सुरक्षित और बिना रोक-टोक के निकल सकें।  और सबसे अहम बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद दूसरे देशों के नेताओं से बात कर रहे हैं ताकि इन जहाजों का सुरक्षित रास्ता निकाला जा सके. यह कूटनीति का खेल है. प्रधानमंत्री की कोशिश है कि ईरान तक यह बात पहुंचे कि भारत के जहाजों को जाने दिया जाए।  खबर के मुताबिक पिछले हफ्ते ईरान ने दो भारतीय LPG जहाजों को होरमुज से गुजरने दिया था. यानी ईरान ने भारत को थोड़ी रियायत दी. यह इसलिए भी समझ में आता है क्योंकि भारत और ईरान के रिश्ते पहले से ही ठीक-ठाक रहे हैं, और भारत ने हमेशा इस जंग में किसी एक तरफ खड़े होने से परहेज किया है।  पाकिस्तान वाला दिलचस्प किस्सा इस पूरी खबर में एक बहुत दिलचस्प बात और है. डेटा से पता चला है कि पाकिस्तान जाने वाला एक तेल का जहाज हाल ही में होर्मुज से गुजर गया. इसका मतलब यह है कि ईरान ने पूरी तरह रास्ता बंद नहीं किया है. वो चुन-चुनकर कुछ देशों को जाने दे रहा है. जिनसे उसके संबंध ठीक हैं, या जो उसके लिए काम के हैं – उन्हें रास्ता मिल रहा है।  यह एक तरह का दबाव का हथियार है. ईरान कह रहा है, "देखो, मैं सबको रोक सकता हूं, लेकिन जिसे चाहूं उसे जाने भी दे सकता हूं।  असली मुद्दा क्या है? यह सिर्फ कुछ जहाजों की कहानी नहीं है. यह उस रास्ते की कहानी है जिससे भारत का रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल आता है. अगर यह रास्ता लंबे समय तक बंद रहा तो भारत में गैस और तेल की कमी हो सकती है. कीमतें बढ़ सकती हैं और आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। 

पंजाब में CM मान ने मंत्री लालजीत सिंह को कैबिनेट से हटाया

चंडीगढ़ पंजाब के कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने शनिवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर अपना इस्तीफा दे दिया. तरन तारन के पट्टी से विधायक भुल्लर को अमृतसर में वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के एक ज़िला प्रबंधक की कथित आत्महत्या के मामले में इस्तीफा देने को कहा गया था. फिलहाल उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है।  भुल्लर के इस्तीफे पर CMO का भी बयान आया है. पंजाब CMO का कहना है कि एक विवादित वीडियो के सामने आने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को इस मामले की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए हैं. इस मामले में मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था. जिसमें प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा को यह कहते हुए सुना गया कि उन्होंने कोई ज़हरीला पदार्थ खा लिया है. साथ ही रंधावा ने परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर का भी नाम लिया था. इससे पहले शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने आरोप लगाया था कि रंधावा ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली।  मजीठिया ने यह भी आरोप लगाया कि रंधावा ने अपनी मौत से पहले भुल्लर का नाम लिया था. ऐसे में पूरे मामले की जांच होनी चाहिए और जो भी तथ्य हैं, वो सामने आने चाहिए. इस वीडियो के सामने आने बाद से ही पंजाब में मान सरकार की किरकिरी हो रही थी. साथ ही राज्य की विपक्षी पार्टियों ने सरकार को घेरना भी शुरू कर दिया था। 

टोल प्लाजा पर हिंसा: सिवनी में निहंग सिखों का हमला, रोकने पर कर्मचारियों की बेरहमी से पिटाई

सिवनी नेशनल हाईवे 44 (जबलपुर-नागपुर एनएच) में जिले के लखनादौन थाना अंतर्गत मड़ई टोल में निहंग सिखों के तीन वाहनों को रोकना टोल कर्मियों को भारी पड़ गया। टोल भरने की बात को लेकर निहंग सिखों व कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया। इस दौरान कार से उतरकर जत्थे में शामिल कुछ निहंग सिखों ने टोल कर्मियों से मारपीट कर दी। इसके तत्काल बाद तीनों कार वाहन में सवार होकर निहंग सिखों का जत्था मौके से रवाना हो गया। घटना शुक्रवार सुबह की बताई जा रही है, जिसका सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा हैं। जानकारी के अनुसार निहंग सिखों का जत्था पंजाब से महाराष्ट्र के नांदेड़ जा रहा था, जो 20 मार्च की सुबह 9.40 मड़ई टोल में तीन वाहनों (पीबी 01 एफ 8387 टेम्पो ट्रैवलर, पीबी 09 एआर 4181 तथा पीबी 09 एपी 5266) में सवार होकर पहुंचा था। बगैर टोल दिए वाहन निकालने व बूम बैरियर तोड़ने का प्रयास टोल कर्मियों का आरोप है कि निहंग सिखों ने बगैर टोल का भुगतान किए वाहनों को निकालने का प्रयास किया, इस दौरान बूम बैरियर तोड़कर का प्रयास किया गया। रोकने पर कार सवार निहंग सिखों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। जिसके बाद विवाद बढ़ गया। कार से उतरकर पांच-छह निहंग सिखों लोगों ने टोल प्रभारी मुनेश सिंह बघेल से मारपीट शुरू कर दी। तलवार की मूठ, बेसबाल डंडों, लात, घूंसों से मारपीट की गई, जिससे मुनेश चोटिल हो गया। टोल प्लाजा पर अन्य कर्मियों के एकत्रित होने के बाद निहंग सिख अपने वाहनों में सवार होकर महाराष्ट्र की ओर भाग निकले। पूरा घटनाक्रम टोल में लगे सीसीटीवी कैमरों में दर्ज हुई है, इसके आधार पर पुलिस आरोपितों की पहचान करने में जुटी है। टोल मैनेजर की शिकायत पर जांच कर रही पुलिस मड़ई टोल प्लाजा के मैनेजर अमित कुमार गुप्ता ने पुलिस थाना लखनादौन थाने में लिखित शिकायत देकर आरोपितों पर मारपीट का प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। पुलिस ने टोल प्रबंधन की शिकायत को जांच में लिया है। मारपीट कर मड़ई से खवासा की ओर निहंग सिखों के संबंध में टोल प्रबंधन ने कुरई पुलिस को तत्काल सूचना दी गई। जानकारी के अनुसार कुरई पुलिस ने महाराष्ट्र की ओर जा रहे वाहनों में सवार निहंग सिखों को रोककर पूछताछ की गई, जिसमें मड़ई टोल कर्मियों पर अभद्रता करने का आरोप लगाया गया है। बाद में निहंग सिखों का वाहन खवासा टोल पार कर महाराष्ट्र नांदेड़ रवाना हो गया। थाना प्रभारी केपी धुर्वे ने बताया कि टोल कर्मियों से मारपीट मामले की जांच सीसीटीवी फुटेज से की जा रही हैं। फुटेज में निहंग सिख नजर आ रहे हैं। टोल कर्मियों पर शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मारपीट सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया जा रहा है। इधर टोल मैनेजर का कहना है कि ऐसी घटनाओं से कर्मचारियों में असुरक्षा का माहौल बनता है, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए। ट्रेनों में करते हैं मुफ्त यात्रा जानकारी के अनुसार निहंग सिख देश की ट्रेनों में मुफ्त यात्रा करते हैं। निहंग रोज गुरबानी का पाठ करते हैं। बाणे में रहते हैं। अपना चोला और उसके साथ धारण किए जाने वाले सभी अस्त्र-शस्त्र धारण करना। सभी निहंग शस्त्र विधा में पारंगत होते हैं। इस विधा में हमले करने और रोकने की जरूरी तकनीक शामिल है। निहंग सिख गुरु ग्रंथ साहिब को मानने के साथ श्री दशम ग्रंथ साहिब व सरबलोह ग्रंथ को भी मानते हैं। निहंगों में भी अलग-अलग समूह होते हैं, जिनमें ब्रह्मचर्य तथा गृहस्थ जीवन का पालन करने वालों का भी अपना-अलग समूह है। निहंग सिख आमतौर पर अमृत धारण किए होते हैं। आए दिन होते मड़ई टोल में विवाद जानकारी के अनुसार नेशनल हाईवे 44 में स्थित मड़ई तथा खवासा टोल प्लाजा में आए दिन वाहन चालकों से टोल कर्मियों की कहासुनी व विवाद की घटना होती रहती हैं। प्रदेश व जिले के बाहर से आए कर्मचारी बड़ी संख्या में टोल प्लाजा में तैनात रहते हैं, जिन पर वाहन चालकों से अभद्रता करने का आरोप अक्सर लगता रहता हैं।