samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ादेव की पूजा कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ादेव की पूजा कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की शहीद वीर नारायण सिंह एवं वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमाओं का किया अनावरण रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम ओड़ान में गोंड समाज के पवित्र पूजा स्थल पर आयोजित बड़ादेव स्थापना कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विधि-विधान से बड़ादेव की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसे पारंपरिक और आध्यात्मिक आयोजन हमारी संस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता को और अधिक सुदृढ़ करते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह एवं वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमाओं का अनावरण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व किया। 10 दिसंबर 1857 को रायपुर के जयस्तंभ चौक पर उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अमिट प्रेरणा का स्रोत है। इसी प्रकार रानी दुर्गावती ने अपने अदम्य साहस और स्वाभिमान से गोंडवाना की गरिमा को अक्षुण्ण रखा। मुगल सेना के सामने आत्मसमर्पण करने के बजाय उन्होंने रणभूमि में वीरगति प्राप्त कर मातृभूमि के प्रति अपने समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर जांजगीर-चांपा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, विधायक संदीप साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आकांक्षा जायसवाल, उपाध्यक्ष पवन साहू, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

योगी सरकार का द शैडो एप: बेटियों की सुरक्षा में परछाईं की तरह होगा साथी

योगी सरकार का द शैडो एप परछाईं की तरह करेगा बेटियों की सुरक्षा  सीएम योगी की मंशा के अनुरुप यूपीएसआईएफएस ने लांच किया ‘द शैडो’ एप, बेटियों की सुरक्षा की दिशा में बड़ी पहल लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बेटियों की सुरक्षा के प्रति गंभीरता को देखते यूपी सरकार ने आधी आबादी को सम्मानजनक व सुरक्षित वातावरण देने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसी क्रम में सीएम योगी की मंशा के अनुरूप यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज (यूपीएसआईएफएस) ने एक अनूठी पहल की है। संस्थान के बीटेक स्टूडेंट्स द्वारा विकसित “द शैडो” (यूपीएसआईएफएस एप) एप स्टूडेंट्स, विशेषकर बेटियों की सुरक्षा व शैक्षणिक प्रबंधन को एक साथ मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। यह एप एक समग्र सुरक्षा-आधारित डिजिटल इकोसिस्टम के रूप में तैयार किया गया है, जो हर स्टूडेंट के साथ उसकी “परछाईं” की तरह जुड़ा रहेगा। यह तकनीक बेटियों को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास है। ‘पैरेंट-फर्स्ट अप्रूवल’ से बेटियों की सुरक्षा को नई मजबूती यूपीएसआईएफएस के डिप्टी डायरेक्टर चिरंजीव मुखर्जी ने बताया कि “द शैडो” इंस्टीट्यूट के स्टूडेंट्स द्वारा ही विकसित किया गया है। इस एप की खासियत केवल शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह स्टूडेंट्स की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उनके हर मूवमेंट को अधिकृत तरीके से ट्रैक करता है। कैंपस में प्रवेश, निकास, अवकाश अनुरोध और अन्य गतिविधियों को डिजिटल रूप से रिकॉर्ड किया जाता है, जिससे संस्थान प्रशासन को रियल-टाइम जानकारी मिलती रहती है। इसमें अटेंडेंस, असाइनमेंट, परीक्षा प्रदर्शन और अकादमिक प्रगति का पूरा डेटा भी उपलब्ध रहता है, जिससे स्टूडेंट्स, पैरेंट्स व टीचर तीनों एक ही प्लेटफॉर्म पर जुड़े रहते हैं। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि स्ट्डेंट्स की जिम्मेदारी भी तय होगी। एप में दिया गया ‘पैरेंट-फर्स्ट अप्रूवल सिस्टम’ इसे और खास बनाता है। इसके तहत किसी भी छात्रा के कैंपस से बाहर जाने या विशेष अनुमति से जुड़े अनुरोध पर सबसे पहले अभिभावकों की मंजूरी अनिवार्य है। इससे बेटियों की सुरक्षा को एक अतिरिक्त परत मिलती है और अभिभावकों का विश्वास भी मजबूत होता है। इससे छात्राओं की स्वतंत्रता और सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित होगा।  एसओएस इमरजेंसी सिस्टम से मिलेगी तुरंत मदद, रहेगी हर खतरे पर नजर “द शैडो” एप का एक और महत्वपूर्ण पहलू इसका इंटीग्रेटेड एसओएस इमरजेंसी कॉल सिस्टम है। यदि कोई छात्रा किसी भी प्रकार की असुरक्षित स्थिति में आती है, तो एक बटन दबाते ही संस्थान प्रशासन और अभिभावकों को तुरंत अलर्ट मिल जाता है। यह सुविधा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करती है, जिससे किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सकता है। इसके साथ ही क्यूआर-कोड आधारित डिजिटल गेट पास सिस्टम भी लागू किया गया है, जिससे कैंपस में अनधिकृत प्रवेश और अवांछनीय गतिविधियों पर पूरी तरह नियंत्रण रखा जा सके। इंस्टीट्यूट की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नेहा सिंह के मार्गदर्शन में इस एप को बीटेक छात्र हर्ष व आदित्य मिश्रा ने विकसित किया है। डिप्टी डायरेक्टर ने बताया कि “द शैडो” एप बेटियों की सुरक्षा को लेकर तकनीकी नवाचार का एक सशक्त उदाहरण है, जो सरकारी प्रयासों को संस्थागत स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाता है। यह ऐप दिखाता है कि कैसे डिजिटल तकनीक के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को और सशक्त किया जा सकता है। यह स्टूडेंट्स के लिए एक “डिजिटल साथी” की तरह है, जो हर पल उनकी सुरक्षा, निगरानी और शैक्षणिक प्रगति का ध्यान रखेगा।

मां कन्हाई परमेश्वरी मंदिर में 126 ज्योत प्रज्वलित

मां कन्हाई परमेश्वरी मंदिर में 126 ज्योत प्रज्वलित रायपुर  प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ कहार भोई समाज के द्वारा रायपुरा स्थित मां कन्हाई परमेश्वरी मंदिर में ज्योत जलाई गई। इस वर्ष लगभग 126 ज्योत समाज के द्वारा जलाई गई । इस आशय की जानकारी मां कन्हाई परमेश्वरी सेवा समिति के उपाध्यक्ष  प्रशांत नायक द्वारा दी गई।

योगी सरकार की अभ्युदय योजना से यूपीएससी में प्रदेश की तीन बेटियों ने किया परचम लहराना

नारी तू नारायणी योगी सरकार की अभ्युदय योजना का मिला लाभ, यूपीएससी में प्रदेश की तीन बेटियों ने लहराया परचम मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से यूपी की बेटियों को लगे ‘पंख’, अब तक ढाई सौ से अधिक ने पाई सफलता एक लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने अब तक कराया रजिस्ट्रेशन 2025 में योजना का लाभ लेकर प्रदेश की तीन बेटियों ने हासिल की उल्लेखनीय सफलता महंगे कोचिंग संस्थानों के बिना भी बड़ी सफलता हासिल कर रहीं यूपी की बेटियां ‘नारी तू नारायणी’ की भावना को साकार करती ये बेटियां आज समाज के लिए बन रहीं हैं प्रेरणा लखनऊ उत्तर प्रदेश की बेटियां अब सिर्फ सपने नहीं देख रहीं, बल्कि उन्हें साकार भी कर रहीं हैं। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना इनके लिए ऐसे ‘पंख’ बनकर उभरी है, जिसके सहारे वे देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा में सफलता का परचम लहरा रही हैं। संघ लोकसेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में इस योजना का लाभ लेकर प्रदेश की तीन बेटियों ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। खास बात ये है कि इस योजना के जरिए अब तक ढाई सौ से अधिक बेटियां सफलता हासिल कर चुकीं हैं और अधिकारी बनकर यूपी को दिशा दिखा रहीं हैं। यह उपलब्धि न केवल उनकी मेहनत का परिणाम है, बल्कि योगी सरकार की शिक्षा केंद्रित योजनाओं की प्रभावशीलता का भी प्रमाण है।  महंगी कोचिंग के बिना भी बड़ी सफलता 2021 में शुरू हुई मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना ने अब तक एक लाख से अधिक अभ्यर्थियों को जोड़कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का मजबूत मंच दिया है। खास बात यह है कि बेटियां इस योजना के जरिए महंगे कोचिंग संस्थानों के बिना भी बड़ी सफलता हासिल कर रहीं हैं। ‘नारी तू नारायणी’ की भावना को साकार करती ये बेटियां आज समाज के लिए प्रेरणा बन रहीं हैं। मानसी : सेल्फ स्टडी से 444वीं रैंक तक का सफर गाजियाबाद के प्रताप विहार की रहने वाली मानसी ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 444वीं रैंक हासिल की। प्राइवेट जॉब करने वाले पिता समेत परिवार में पांच सदस्य हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद मानसी ने घर पर ही तैयारी की और अभ्युदय योजना के मार्गदर्शन से सफलता हासिल की। अदिति सिंह: पढ़ाई के साथ दूसरों का भी किया मार्गदर्शन झांसी की अदिति सिंह ने 859वीं रैंक प्राप्त की। इंजीनियर पिता और शिक्षिका मां की बेटी अदिति ने सेल्फ स्टडी और ऑनलाइन माध्यम से तैयारी की। खास बात यह रही कि वह स्वयं भी अभ्युदय योजना के तहत अन्य छात्रों को पढ़ाकर उनकी मदद करती रहीं। तनीषा सिंह : घर से पढ़ाई, बड़ा मुकाम आगरा की तनीषा सिंह ने 930वीं रैंक हासिल की। रेवेन्यू इंस्पेक्टर पिता और गृहिणी मां के परिवार से आने वाली तनीषा ने घर पर रहकर ऑनलाइन पढ़ाई की और अभ्युदय योजना की सहायता से सफलता प्राप्त की। कीर्तिका सिंह : डिप्टी एसपी बन मिसाल बनीं लखनऊ की रहने वाली कीर्तिका सिंह 2022 में उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की परीक्षा में 58वीं रैंक हासिल कर डिप्टी एसपी बनीं। एटा में तैनात कीर्तिका किसान परिवार से हैं। उन्होंने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से तैयारी की और अभ्युदय योजना का लाभ उठाया। बदलती तस्वीर : गांव-शहर हर जगह जल रही शिक्षा की लौ मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना ने न केवल शिक्षा को सुलभ बनाया है, बल्कि बेटियों में आत्मविश्वास भी जगाया है। अब वे बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस जुटा रहीं हैं। योगी सरकार की यह पहल साबित कर रही है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर यूपी की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। संदेश है साफ : अवसर मिला तो बेटियां उड़ान भरेंगी इन सफलताओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर सही दिशा और संसाधन मिलें, तो प्रदेश की बेटियां देश की प्रशासनिक व्यवस्था में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना आज उन लाखों सपनों को आकार दे रही है, जो कभी संसाधनों के अभाव में अधूरे रह जाते थे।

मुख्यमंत्री यादव का कड़ा कदम, कलेक्टर और गुना एसपी को तत्काल प्रभाव से हटाया

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार 22 मार्च को अचानक सीधी जिले का दौरा कर प्रशासनिक व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखी। दौरे के दौरान उन्होंने एक ओर आम जनता और जनप्रतिनिधियों की शिकायतें सुनीं, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराज़गी जताते हुए साफ संकेत दिए कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनके दौरे से अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने  सीधी जिले के सहकारी बैंक के महाप्रबंधक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीधी कलेक्टर को भी पद से हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने गुना जिले में तलाशी के दौरान मिली नकद राशि के हेरफेर के मामले में पुलिस अधीक्षक की भूमिका को यथोचित नहीं मानते हुए एसपी को भी तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए। विभिन्न विभागों की समीक्षा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिला मुख्यालय पहुंचकर विभिन्न विभागों की समीक्षा की और कहा कि दौरे के दौरान उन्हें कई प्रकार की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अधिकारियों की जवाबदेही उनकी नियुक्ति के साथ ही तय हो जाती है और यदि मैदानी स्तर पर शिकायतें मिलती हैं तो ऐसे अधिकारियों को मैदान में रखने के बजाय वल्लभ भवन बैठाना ज्यादा उचित है। उन्होंने कहा कि आज के दौरे का परिणाम देर रात तक सामने आ जाएगा और प्रशासनिक व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। सहकारी बैंक महाप्रबंधक भी निलंबित  औचक निरीक्षण के दौरान सीधी जिला सहकारी बैंक के कामकाज पर भी सवाल उठे. विभागीय समीक्षा में कई अनियमितताएं सामने आने के बाद सीएम यादव ने बैंक के महाप्रबंधक पी.एस. धनवाल को निलंबित करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी कहीं भी पदस्थ हों, उन्हें जनता के हित को प्राथमिकता देते हुए ईमानदारी से कार्य करना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि जिम्मेदारी, पदभार संभालते ही शुरू हो जाती है, और प्रशासन में लापरवाही किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है. IAS स्वरोचिष सोमवंशी का जीवन परिचय स्वरोचिष सोमवंशी भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की 2012 बैच की अधिकारी हैं. 24 दिसंबर 1984 को जन्मी सोमवंशी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से आती हैं और उन्होंने B.Tech (Computer Science and Engineering) किया है. 3 सितंबर 2012 को IAS के रूप में नियुक्ति के बाद वे मध्य प्रदेश कैडर में विभिन्न जिम्मेदार पदों पर कार्य कर चुकी हैं. मूल रूप से उत्तर प्रदेश निवासी सोमवंशी अपनी कार्यकुशलता के लिए जानी जाती हैं. वर्तमान कार्रवाई से पहले वे 11 मार्च 2024 से सीधी जिले की कलेक्टर के पद पर पदस्थ थीं. अधिकारियों पर गिरी गाज सीधी जिले के आकस्मिक भ्रमण के दौरान आम जनता एवं जनप्रतिनिधियों से प्राप्त शिकायतों तथा जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों की गतिविधियों की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक पीएस धनवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए, वहीं सीधी कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी को भी पद से हटाने के निर्देश दिए हैं। संतोषजनक नहीं मिली अधिकारी की भूमिका इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुना जिले में तलाशी के दौरान मिली नकद राशि के हेरफेर के मामले में पुलिस अधीक्षक की भूमिका को संतोषजनक नहीं मानते हुए गुना एसपी अंकित सोनी को भी तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए। गुना एसपी को भी हटाया वहीं गुना जिले में तलाशी के दौरान मिली नकद राशि के हेर-फेर के प्रकरण में गुना एसपी अंकित सोनी को भी तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश सीएम मोहन यादव ने दिए हैं। अंकित सोनी की जगह हितिका वसल को गुना एसपी बनाया गया है। बता दें कि गुना में नेशनल हाईवे-46 पर चेकिंग के दौरान एक करोड़ रुपए की नकदी पकड़ने और फिर 20 लाख रुपए की रिश्वत लेकर मामला रफा-दफा करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। डीजीपी के संज्ञान में मामला आने के बाद ग्वालियर रेंज के डीआइजी अमित सांघी ने गुना पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली। ग्वालियर रेंज के आइजी अरविंद सक्सेना ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की पुष्टि की है। ये है पूरा मामला गुना जिले के धरनावदा थाने की रूठियाई चौकी के पास नेशनल हाईवे पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने गुजरात पासिंग कार (जीजे-05- आरके-9351) को रोका, जिसमें लगभग एक करोड़ रुपए कैश बरामद हुआ। इतनी बड़ी रकम देख थाने के तीन रसूखदार पुलिसकर्मी (एक थाना प्रभारी, एक एएसआइ और एक हेड कांस्टेबल) सक्रिय हो गए। आरोप है कि व्यापारी के साथ थाने में ही डील हुई और 20 लाख रुपए लेकर बाकी के 80 लाख रुपए के साथ उसे रवाना कर दिया गया। मामला तब बिगड़ा जब पीड़ित व्यापारी ने गुजरात के एक आइपीएस अधिकारी को अपनी पीड़ा सुनाई। उक्त अधिकारी ने सीधे मध्य प्रदेश डीजीपी को वस्तुस्थिति से अवगत कराया। मुख्यालय की सख्ती देखते ही धरनावदा पुलिस के हाथ-पांव फूल गए और आनन-फानन में वसूली गई 20 लाख की रकम व्यापारी को वापस लौटा दी गई। इस मामले में टीआई सहित 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है।  

तबाही के बाद नहीं थमा संकट, मौसम विभाग ने जारी किया 48 घंटे का अलर्ट

पटना बिहार में शुक्रवार को आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने कई जिलों में भारी असर डाला। अचानक बदले मौसम ने जहां गर्मी से राहत दी, वहीं तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। शनिवार को मौसम कुछ हद तक सामान्य जरूर हुआ, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है। फिर एक्टिव होगा वेस्टर्न डिस्टरबेंस India Meteorological Department (IMD) के अनुसार 26 मार्च से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर बिहार में भी देखने को मिलेगा। 26 और 27 मार्च के लिए येलो अलर्ट जारी तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। हवाओं की रफ्तार 50 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। इन इलाकों में ज्यादा असर की संभावना। मौसम विभाग के अनुसार 26 मार्च को उत्तर बिहार, कोसी-सीमांचल और पूर्वी हिस्सों में असर 27 मार्च को लगभग पूरे राज्य में आंधी-बारिश की संभावना है। सीमांचल में सबसे ज्यादा नुकसान हालिया तूफान का सबसे ज्यादा असर सीमांचल क्षेत्र में देखा गया। कई जगहों पर हवाएं 70 किमी/घंटा तक चलीं। Araria में घरों और दुकानों को नुकसान। पेड़ उखड़े, दीवार गिरने से जानमाल की हानि। इसके अलावा Kishanganj, Purnia, Supaul और Katihar में भी तेज हवाओं और बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा है। तीन दिन राहत, फिर बढ़ेगी गर्मी मौसम विभाग का अनुमान है कि 23 से 25 मार्च को मौसम साफ रहेगा। तापमान में 3-4°C तक बढ़ोतरी हो सकती है।इसके बाद फिर मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। बीते 24 घंटे में बारिश का हाल पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। Samastipur, Begusarai और Katihar में भारी बारिश। कल कैसा रहेगा मौसम? रविवार को नेपाल सीमा से सटे इलाकों में हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना है, जबकि राज्य के बाकी हिस्सों में मौसम सामान्य रह सकता है।

नवरात्रि में मुख्यमंत्री की ओर से बेटियों को नियुक्ति पत्र मिलने को लेकर सकारात्मक संदेश

नवरात्र में बेटियों को बड़ी संख्या में नियुक्ति पत्र मिलना सकारात्मक संकेत: मुख्यमंत्री  -लोकभवन में नव चयनित 1,228 नर्सिंग अधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किया संबोधित  1097 महिला और 131 पुरूष नर्सिंग अधिकारियों को मिला नियुक्ति पत्र – सीएम ने नव चयनित नर्सिंग अधिकारियों को वितरित किए नियुक्ति पत्र, बोले- नए मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग व पैरामेडिकल सीटों में हुआ भारी इजाफा – सुपर स्पेशलिटी संस्थानों ने बढ़ाई प्रदेश की पहचान, नर्सिंग के साथ भाषा कौशल से मिलेगा वैश्विक अवसर लखनऊ आज नर्सिंग प्रोफेशनल्स की मांग केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में है। जापान और जर्मनी यात्रा के दौरान भी नर्सिंग प्रोफेशनल्स की डिमांड की गई। वहां भारत के नर्सिंग प्रोफेशनल्स के बारे में लोगों के मन में आदर का भाव है। यह सौभाग्य हमारे नर्सिंग प्रोफेशनल्स को प्राप्त है। ऐसे में नर्सिंग कोर्स के साथ एक लैंग्वेज में डिप्लोमा कर अपना भविष्य को और बेहतर बना सकते हैं। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लोकभवन के सभागार में आयोजित निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया से चयनित 1,228 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में कही। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नव चयनित नर्सिंग ऑफिसर्स को नियुक्ति पत्र वितरित किया। इससे पहले नव चयनित नर्सिंग ऑफिसर्स ने मुख्यमंत्री के सामने अपने विचार साझा किए और उन्हें धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में 1097 महिलाओं और 131 पुरूष नर्सिंग अधिकारियों को मिला नियुक्ति पत्र पहले की सरकारों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल थीं कोई सुध लेने वाला नहीं था मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कभी पूर्वी उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति के लिए जाना जाता था। हालात इतने खराब थे कि हजारों लोगों की मौतें होती थीं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं था। इंसेफेलाइटिस और डेंगू जैसी बीमारियां हर साल बड़ी संख्या में लोगों की जान ले लेतीं थीं। इसके अलावा अन्य कई संक्रामक रोगों से भी लगातार मौतें होती रहतीं थीं, जिससे यह क्षेत्र स्वास्थ्य संकट का केंद्र बना हुआ था। इन चुनौतियों के बीच प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर सुधारात्मक कदम उठाए गए। वर्षों से बंद पड़े एएनएम और जेएनएम प्रशिक्षण संस्थानों को फिर से शुरू किया गया। प्रदेश में 35 ऐसे एएनएम प्रशिक्षण केंद्र, जो पूर्व में बंद हो चुके थे, उन्हें पुनः संचालित किया गया है। इसके साथ ही 31 नए नर्सिंग कॉलेजों का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में केवल मेडिकल कॉलेज ही नहीं, बल्कि नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थानों की भी समान रूप से अहम भूमिका होती है। यदि डॉक्टर स्वास्थ्य प्रणाली का नेतृत्व करता है, तो नर्सिंग स्टाफ उसकी रीढ़ की हड्डी के रूप में कार्य करता है। इसी सोच के साथ प्रदेश में नर्सिंग और पैरामेडिकल शिक्षा को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दिए जाने का परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। जहां पहले प्रदेश राष्ट्रीय औसत से काफी पीछे था, वहीं अब उत्तर प्रदेश इन मानकों पर राष्ट्रीय औसत के करीब पहुंच रहा है। 976 सीएचसी पर टेलीमेडिसिन और टेली-कंसल्टेशन की सुविधा शुरू  मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में भी प्रदेश ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के तहत प्रदेश में लगभग 9.25 करोड़ लोग जुड़ चुके हैं। इसके अलावा डिजिटल हेल्थ आईडी (आभा आईडी) के रूप में 14 करोड़ 28 लाख से अधिक कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जो नागरिकों को एकीकृत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद कर रहे हैं। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए 976 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर टेलीमेडिसिन और टेली-कंसल्टेशन की सुविधा शुरू की गई है। इसके साथ ही प्रदेश में रियल टाइम डिजीज ट्रैकिंग की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे बीमारियों की निगरानी और नियंत्रण में मदद मिल रही है। प्रदेश में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पहले जहां स्वास्थ्य क्षेत्र में अव्यवस्था और बाहरी हस्तक्षेप की शिकायतें रहती थीं, वहीं अब “वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज” की अवधारणा को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके तहत हर जिले में मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। मेडिकल शिक्षा को एकरूपता देने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय के माध्यम से सभी मेडिकल कॉलेजों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया है। अब सहारनपुर, आजमगढ़, चंदौली और बिजनौर जैसे विभिन्न जिलों के मेडिकल कॉलेज एक समान पाठ्यक्रम और परीक्षा प्रणाली के तहत संचालित हो रहे हैं। 22 नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण के साथ नर्सिंग शिक्षा को आगे बढ़ाया जा रहा मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के अंदर मेडिकल कॉलेजेस की संख्या बढ़ी है। गोरखपुर और रायबरेली में एम्स अच्छे ढंग से संचालित हो चुका है। पीपीपी मोड पर भी हमने कुछ मेडिकल कॉलेज संचालित किए हैं, जो सफलतापूर्वक आगे बढ़े हैं। महाराजगंज, संभल और शामली जैसे जिलों में यह मॉडल अब “पब्लिक ट्रस्ट पार्टनरशिप” के रूप में विकसित हो रहा है, जहां सरकार के प्रति बढ़े विश्वास के चलते आम जनता भी स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश के लिए आगे आ रही है। चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में सीटों की संख्या में भी बड़ा इजाफा हुआ है। नर्सिंग में 7000 सीटें और पैरामेडिकल में 2000 सीटों की वृद्धि की गई है। एमबीबीएस (यूजी) सीटें, जो पहले 5390 थीं, अब बढ़कर 12700 हो गई हैं। वहीं, पीजी सीटों की संख्या 1221 से बढ़कर 5056 तक पहुंच गई है। यह वृद्धि प्रदेश में डॉक्टरों और विशेषज्ञों की उपलब्धता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी। प्रदेश के 18 मेडिकल कॉलेजों में बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई संचालित हो रही है, जबकि 22 नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण के साथ इन संस्थानों में भी नर्सिंग शिक्षा को आगे बढ़ाया जा रहा है। उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं के विकास में संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। संस्थान में डायबिटीज और किडनी रोगियों के लिए एडवांस्ड डायबिटीज सेंटर स्थापित किया गया है, जहां एक ही छत के नीचे दोनों बीमारियों का … Read more

यूजर्स की हुई मौज! WhatsApp में जल्द दिखेगा नया फीचर, जानिए पूरी डिटेल

नई दिल्ली व्हाट्सप्प अपने प्लेटफॉर्म में एक बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रहा है, जिससे चैटिंग का तरीका पूरी तरह बदल सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी एक ऐसे नए सिस्टम पर काम कर रही है, जिसमें यूजर्स को एक-दूसरे से जुड़ने के लिए अपना मोबाइल नंबर साझा करने की जरूरत नहीं होगी। यह फीचर 2026 तक वैश्विक स्तर पर लॉन्च किया जा सकता है। नए अपडेट के तहत हर यूजर को एक यूनिक यूजरनेम दिया जाएगा, ठीक उसी तरह जैसे Instagram या X (Twitter) पर होता है। इसके बाद किसी से बात करने के लिए फोन नंबर सेव करने की आवश्यकता नहीं होगी। यूजर्स केवल यूजरनेम के जरिए किसी को खोजकर सीधे मैसेज भेज सकेंगे। यह बदलाव आम यूजर्स के साथ-साथ बिजनेस अकाउंट्स के लिए भी काफी उपयोगी साबित हो सकता है। फोन नंबर की भूमिका अभी भी बनी रहेगी हालांकि इस नए सिस्टम के आने के बाद भी फोन नंबर पूरी तरह खत्म नहीं होंगे। उन्हें अकाउंट की सुरक्षा और वेरिफिकेशन के लिए बैकएंड में इस्तेमाल किया जाता रहेगा। यानी नंबर जरूरी तो रहेंगे, लेकिन उन्हें सार्वजनिक रूप से शेयर करना अनिवार्य नहीं होगा। नया फीचर कैसे करेगा काम जब यह फीचर लागू होगा, तब यूजर्स अपने WhatsApp अकाउंट के लिए एक यूनिक यूजरनेम सेट कर सकेंगे। इसके बाद कोई भी व्यक्ति उस यूजरनेम को सर्च करके उनसे संपर्क कर पाएगा, बिना उनका मोबाइल नंबर देखे। यूजर्स को यह विकल्प भी मिलेगा कि वे इस नए फीचर का उपयोग करें या पुराने तरीके से चैटिंग जारी रखें। प्राइवेसी और सुविधा में सुधार इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यूजर्स की प्राइवेसी को होगा। कई लोग अपना फोन नंबर शेयर करने में असहज महसूस करते हैं, ऐसे में यह फीचर उनके लिए काफी मददगार होगा। इससे अनजान लोगों के साथ नंबर साझा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और बातचीत ज्यादा सुरक्षित हो जाएगी। बिजनेस यूजर्स के लिए फायदेमंद यह फीचर खासतौर पर कंपनियों और बिजनेस अकाउंट्स के लिए भी उपयोगी होगा। वे अपने यूजरनेम के जरिए ग्राहकों से आसानी से जुड़ सकेंगे। इससे कस्टमर सपोर्ट और कम्युनिकेशन पहले से ज्यादा सरल और प्रभावी हो जाएगा। चैटिंग करने का बदल जाएगा तरीका अगर यह फीचर लागू होता है, तो WhatsApp का उपयोग करने का तरीका काफी बदल जाएगा। यूजर्स को ज्यादा नियंत्रण, बेहतर प्राइवेसी और आसान कनेक्टिविटी मिलेगी। यह बदलाव मैसेजिंग के अनुभव को और भी आधुनिक और सुरक्षित बना सकता है।

भारतीय टीम का आयरलैंड दौरा तय, जून में होगी IND vs IRE सीरीज – BCCI का ऐलान

नई दिल्ली भारतीय टीम इस साल जून में आयरलैंड दौरे पर जाएगी। बीसीसीआई  ने शनिवार को इस दौरे का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। इस दौरे पर भारत और आयरलैंड के बीच टी20 इंटरनेशनल सीरीज खेली जाएगी, जिसकी शुरुआत 26 जून से होगी। बेलफास्ट में खेले जाएंगे दोनों मैच भारत और आयरलैंड टीम के बीच दो मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज खेली जाएगी। सीरीज के दोनों मुकाबले बेलफास्ट में खेले जाएंगे। भारतीय टीम 2007 के बाद पहली बार बेलफास्ट में मैच खेलेगी। इससे पहले भारतीय टीम 2018, 2022 और 2023 में आयरलैंड का दौरा कर चुकी है। टी20 सीरीज का शेड्यूल पहला टी20: 26 जून, बेलफास्ट दूसरा टी20: 28 जून, बेलफास्ट हेड टू हेड में भारत का दबदबा भारत और आयरलैंड के बीच टी20 इंटरनेशनल में हेड टू हेड रिकॉर्ड में टीम इंडिया का दबदबा रहा है। दोनों टीमों के बीच 2009 से 2024 के बीच 8 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं और सभी मैच भारत ने जीते हैं। आयरलैंड टीम अभी तक भारत को टी20 इंटरनेशनल में हरा नहीं पाई है। आयरलैंड के बाद इंग्लैंड दौरा आयरलैंड दौरे के बाद भारतीय टीम इंग्लैंड दौरे पर जाएगी। इस दौरान भारत और इंग्लैंड के बीच 5 टी20 और 3 वनडे मैचों की सीरीज खेली जाएगी। यानी भारतीय टीम 16 दिनों के अंदर 7 टी20 इंटरनेशनल मैच खेलेगी। इंग्लैंड दौरे का टी20 शेड्यूल पहला टी20: 1 जुलाई दूसरा टी20: 4 जुलाई तीसरा टी20: 7 जुलाई चौथा टी20: 9 जुलाई पांचवां टी20: 11 जुलाई वनडे सीरीज का शेड्यूल पहला वनडे: 14 जुलाई दूसरा वनडे: 16 जुलाई तीसरा वनडे: 19 जुलाई व्यस्त रहेगा भारतीय टीम का शेड्यूल आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे को मिलाकर भारतीय टीम का शेड्यूल काफी व्यस्त रहने वाला है। टीम को कम समय में लगातार मैच खेलने होंगे, जो खिलाड़ियों के लिए बड़ी चुनौती भी होगी।  

FD vs KVP vs Mutual Fund: ₹1 लाख निवेश पर कौन देगा बेस्ट रिटर्न?

नई  दिल्ली  बचत बढ़ने के साथ ही निवेश को लेकर लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो जाता है कि आखिर पैसा कहां लगाया जाए, जिससे सुरक्षा भी बनी रहे और अच्छा रिटर्न भी मिल सके। मौजूदा समय में बैंक FD, पोस्ट ऑफिस की स्कीम्स और इक्विटी म्यूचुअल फंड निवेश के सबसे लोकप्रिय विकल्प बने हुए हैं। मार्च 2026 के मौजूदा रेट्स के आधार पर अगर कोई व्यक्ति ₹1 लाख का निवेश 10 साल के लिए करता है, तो इन तीनों विकल्पों में रिटर्न का अंतर काफी बड़ा हो सकता है। बैंक FD: सुरक्षित निवेश, लेकिन सीमित कमाई State Bank of India जैसे बड़े बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट को सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।     ब्याज दर: करीब 6.05% सालाना     10 साल में ₹1 लाख — करीब ₹1.8 लाख     फायदा: गारंटीड रिटर्न, कोई मार्केट रिस्क नहीं हालांकि, इसमें रिटर्न सीमित होता है, इसलिए यह कम जोखिम लेने वाले निवेशकों के लिए उपयुक्त है। पोस्ट ऑफिस KVP: पैसा दोगुना करने का भरोसेमंद तरीका Kisan Vikas Patra एक सरकारी योजना है, जिसमें निवेश तय समय में दोगुना हो जाता है।     ब्याज दर: करीब 7.5%     मैच्योरिटी: 115 महीने (करीब 9 साल 7 महीने)     10 साल में ₹1 लाख — ₹2 लाख या उससे अधिक यह विकल्प उन लोगों के लिए बेहतर माना जाता है, जो गारंटीड रिटर्न चाहते हैं और पैसा लंबे समय तक लॉक कर सकते हैं। म्यूचुअल फंड: सबसे ज्यादा रिटर्न, लेकिन जोखिम के साथ Equity Mutual Fund में निवेश करने पर लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न की संभावना रहती है।     औसत अनुमानित रिटर्न: करीब 12% सालाना     10 साल में ₹1 लाख — लगभग ₹3 लाख या उससे अधिक हालांकि, यह बाजार पर निर्भर करता है और इसमें उतार-चढ़ाव का जोखिम भी बना रहता है। वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार अगर सुरक्षा प्राथमिकता है तो FD बेहतर विकल्प है। अगर गारंटीड रिटर्न चाहिए तो KVP सही है। अगर ज्यादा मुनाफा चाहते हैं और जोखिम ले सकते हैं तो म्यूचुअल फंड चुनना फायदेमंद हो सकता है।     निवेश से पहले रखें इन बातों का ध्यान     अपने वित्तीय लक्ष्य स्पष्ट रखें     जोखिम सहने की क्षमता का आकलन करें     लंबी अवधि के लिए ही बाजार आधारित निवेश करें। ₹1 लाख का निवेश कहां करना है, यह पूरी तरह निवेशक की जरूरत और सोच पर निर्भर करता है। जहां FD सुरक्षा देती है, वहीं KVP स्थिर रिटर्न देता है और म्यूचुअल फंड लंबी अवधि में अधिक कमाई का मौका प्रदान करता है।