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तंत्र की नाकामी: उपचार के अभाव में दम तोड़ गया लकड़बग्घा

सूरजपुर छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से वन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। गुरु घासीदास नेशनल पार्क के जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते एक लकड़बग्घे की इलाज के अभाव में मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, यह मामला जिले के बिहारपुर क्षेत्र के मकराद्वारी का है, जहां बीमार और घायल अवस्था में लकड़बग्घा जंगल में भटकता हुआ मिला था। बताया जा रहा है कि जंगल में लगी आग के कारण वह अपने प्राकृतिक आवास से बाहर भटक रहा था और बीमार होने से उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। स्थानीय स्तर पर मौजूद वन अमले ने स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया। बताया जा रहा है कि वन्यजीव चिकित्सक छुट्टी पर था, लेकिन इसके बावजूद पार्क प्रबंधन द्वारा किसी वैकल्पिक डॉक्टर या इलाज की व्यवस्था नहीं की गई। समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण लकड़बग्घा तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना यह कोई पहली घटना नहीं है। ठीक एक महीने पहले इसी नेशनल पार्क में एक तेंदुआ कुएं में गिर गया था, जिसकी समय पर रेस्क्यू और इलाज नहीं होने से मौत हो गई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं पार्क प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। लगातार वन्यजीवों की मौत के मामलों के बाद अब स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उचित इलाज और बचाव कार्य किया जाता तो इन बेजुबान जानवरों की जान बचाई जा सकती थी। मामले के सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

राबड़ी देवी को राहत की उम्मीद? लैंड फॉर जॉब मामले में Delhi High Court का CBI को नोटिस

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को एक नोटिस जारी किया। यह नोटिस बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा दायर एक याचिका पर जारी किया गया है। इस याचिका में उन्होंने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें कथित तौर पर 'रेलवे में जमीन के बदले नौकरी' भ्रष्टाचार मामले में अभियोजन पक्ष द्वारा जिन दस्तावेजों पर भरोसा नहीं किया गया था, उन्हें उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया गया था। मामले की संक्षिप्त सुनवाई के बाद जस्टिस मनोज जैन की एकल-न्यायाधीश पीठ ने सीबीआई से जवाब मांगा और मामले को 1 अप्रैल को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। अपनी याचिका में राबड़ी देवी ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसने उन दस्तावेजों तक पहुंच देने से इनकार कर दिया था जिन पर भरोसा नहीं किया गया था और दिल्ली हाई कोर्ट से उचित राहत मांगी है। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब दिल्ली की एक अदालत ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और अन्य आरोपियों द्वारा सीबीआई द्वारा दर्ज मामले में उन दस्तावेजों की आपूर्ति की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिन्हें अभी तक जारी नहीं किया गया था। राऊज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट) विशाल गोगने ने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी, साथ ही अन्य आरोपियों द्वारा दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 91 के तहत दायर अलग-अलग याचिकाओं को खारिज कर दिया। उन्होंने यह माना कि उन दस्तावेजों की मांग अस्थिर थी और आपराधिक मुकदमे की योजना के विपरीत थी। ट्रायल कोर्ट ने यह टिप्पणी की कि जिन दस्तावेजों पर भरोसा नहीं किया गया है, उनकी मांग अधिकार के तौर पर नहीं की जा सकती और उन्हें केवल मुकदमे के उचित चरण पर ही मांगा जा सकता है, आमतौर पर तब, जब बचाव पक्ष के सबूत पेश किए जा रहे हों। कोर्ट ने आगे यह भी कहा कि हालांकि आरोपियों को उन दस्तावेजों की सूची पाने का अधिकार है जिन पर भरोसा नहीं किया गया है, लेकिन वे अभियोजन पक्ष के सबूतों की शुरुआत में ही उन सभी दस्तावेज़ों की मांग तब तक नहीं कर सकते, जब तक कि वे उनकी आवश्यकता और प्रासंगिकता को साबित न कर दें। सभी 1,675 ऐसे दस्तावेजों की मांग वाली याचिका को खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट ने यह टिप्पणी की कि इस तरह के अनुरोध से मुकदमा बाधित होगा और वैधानिक योजना उलट जाएगी। कोर्ट ने कहा कि यह प्रार्थना शुरू में ही मुकदमे को एक उलझन भरे जाल में फंसाने के इरादे से की गई प्रतीत होती है और चेतावनी दी कि ऐसे अनुरोधों को स्वीकार करने से 'कभी न खत्म होने वाली जिरह' शुरू हो सकती है। यह मामला उन आरोपों से संबंधित है कि 2004 और 2009 के बीच रेल मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान लालू प्रसाद यादव ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए रेलवे में नियुक्तियां की, जिसके बदले में उनके परिवार के सदस्यों या उनसे जुड़ी संस्थाओं को जमीन के टुकड़े हस्तांतरित किए गए। सीबीआई के अनुसार, उम्मीदवारों या उनके रिश्तेदारों ने कथित तौर पर बाजार दर से कम कीमतों पर जमीन हस्तांतरित की, जो विभिन्न रेलवे जोन में नौकरियों के बदले में दी गई थी। हालांकि, लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों ने इन आरोपों से इनकार किया है और खुद को निर्दोष बताया है। उन्होंने कहा है कि वे इस मामले को इसके गुण-दोष के आधार पर लड़ेंगे। इस बीच, दिल्ली हाई कोर्ट ने इस महीने की शुरुआत में सीबीआई को एक नोटिस जारी किया। यह नोटिस लालू प्रसाद यादव की ओर से दायर एक याचिका पर दिया गया था, जिसमें उन्होंने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें इस मामले में आरोप तय करने का निर्देश दिया गया था। जनवरी में ट्रायल कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ आरोप तय किए थे। कोर्ट ने यह टिप्पणी की थी कि ऐसा प्रतीत होता है कि वे एक आपराधिक गिरोह के हिस्से के तौर पर काम कर रहे थे और कथित तौर पर सरकारी नौकरी को अचल संपत्तियां हासिल करने का एक जरिया बना रहे थे।

डेडलाइन आज पूरी: क्या ट्रंप के अल्टीमेटम के बाद ईरान पर एक्शन लेगा अमेरिका?

ईरान ईरान-इजरायल युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के मेसेज से पूरी दुनिया सकते में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को युद्ध रोकने और होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने के लिए 48 घंटे का वक्त दिया था। और इसकी समय सीमा आज खत्म हो रही है। ये डेडलाइन खत्म होने से पहले ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया ट्रुथ सोशल पर एक लाइन लिखा है जिससे इस बात का अंदेशा बढ़ गया है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ कड़े कदम उठा सकता है। ट्रंप के सोशल मीडिया 'ट्रुथ' पर लिखा है PEACE THROUGH STRENGTH, TO PUT IT MILDLY!!! इन शब्दों के मायने हैं कि ‘अगर आसान शब्दों में कहें तो शक्ति से शांति आती है।’ट्रंप ने ये फ्रेज रोनाल्ड रीगन के निरोध सिद्धांत (Doctrine of deterrence) से लिया है। रीगन का मानना था कि अगर आपके पास सैन्य और आर्थिक शक्ति पर्याप्त है तो दुश्मनों को संघर्ष करने से रोका जा सकता है। कोल्ड वॉर के दौरान इसे ही अहम रणनीति माना गया था। ईरान ने भी दे डाली जवाबी हमले की धमकी डोनाल्ड ट्रंप के अल्टिमेटम के जवाब में ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिका अपने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बिजली संयंत्रों पर हमले की धमकी पर अमल करता है, तो तेल और अन्य निर्यात के लिए महत्वपूर्ण जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को तत्काल ''पूरी तरह से बंद'' कर दिया जाएगा। ईरान ने इजराइल के एक गुप्त परमाणु अनुसंधान स्थल पर मिसाइल हमला किया और इस हमले में आस पास के स्थानों पर रहने वाले लोग बड़ी संख्या में घायल हुए, जिसके बाद इजराइल के नेताओं ने वहां जा कर लोगों से मुलाकात की और उनका हाल चाल जाना। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हमले में किसी की जान नहीं गई और यह एक "चमत्कार" है। नेतन्याहू ने दावा किया कि इजराइल और अमेरिका अपने युद्ध लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इन लक्ष्यों में ईरान के परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल कार्यक्रम और सशस्त्र समर्थन को कमजोर करना तथा ईरान की जनता को धार्मिक शासन व्यवस्था को उखाड़ फेंकने में सक्षम बनाना शामिल है। ईरान में 2000 से ज्यादा की मौत इजराइल की मंशा के विपरीत ईरान में न तो किसी विद्रोह का कोई संकेत मिला है और न ही उस लड़ाई के अंत का जिसने वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है, तेल की कीमतों में भारी उछाल ला दिया है और दुनिया के कुछ सबसे व्यस्त हवाई मार्गों को खतरे में डाल दिया है। अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को शुरू किए गए इस युद्ध में 2,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इस बीच, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात ने सोमवार तड़के कहा कि उनकी हवाई रक्षा प्रणाली मिसाइल और ड्रोन हमलों से निपट रही है, वहीं बहरीन में हवाई हमले के संकेत देने वाले सायरन बज रहे हैं। ईरान ने फारस की खाड़ी को शेष विश्व से जोड़ने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है और कहा है कि शत्रु देशों को छोड़कर अन्य देशों के जहाजों को वहां से गुजरने की अनुमति है, लेकिन जहाजों पर हमलों ने लगभग सभी टैंकर यातायात को रोक दिया है। वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा इसी जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान जलडमरूमध्य नहीं खोलता है तो अमेरिका उसके ''ऊर्जा संयंत्रों को नष्ट कर देगा, शुरुआत सबसे बड़े संयंत्र से होगी।'' अमेरिका का तर्क है कि ईरान का रिवोल्यूशनरी गार्ड देश के अधिकांश बुनियादी ढांचे को नियंत्रित करता है और इसका उपयोग युद्ध अभियानों को शक्ति प्रदान करने के लिए करता है। वहीं ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर कलीबाफ ने 'एक्स' पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि ईरान के बिजली संयंत्रों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाता है, तो पूरे क्षेत्र के अहम बुनियादी ढांचे को वैध लक्ष्य माना जाएगा और उन्हें नष्ट कर दिया जाएगा, जिसमें खाड़ी देशों में पीने के पानी के लिए महत्वपूर्ण ऊर्जा और जल शोधन प्रतिष्ठान शामिल हैं।  

बड़ा खुलासा: टीएसपीसी के 8 नक्सली दबोचे, पर्दे के पीछे से चला रहा था जोनल कमांडर

हजारीबाग झारखंड के हजारीबाग जिले में प्रतिबंधित तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (TSPC) से जुड़े आठ नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से हथियार व गोला-बारूद जब्त किए गए हैं। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि एक सूचना के आधार पर, सुरक्षा बलों ने शनिवार को उरिमारी चौकी क्षेत्र में नक्सलियों को पकड़ा। सदर अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (SDPO) अमित आनंद ने कहा, ''हमने टीएसपीसी के आठ नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से दो इंसास राइफल, एक देसी पिस्तौल, 130 कारतूस, चार पहिया वाहन और सात मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।'' आनंद ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये नक्सली 12 फरवरी को रामगढ़ जिले के पतरातू में जबरन वसूली के प्रयास के दौरान हुई गोलीबारी की घटना में संलिप्त थे। एसडीपीओ के अनुसार, पूछताछ में नक्सलियों ने बताया कि वे टीएसपीसी के स्वयंभू जोनल कमांडर भीखन गजु और स्वयंभू सब-जोनल कमांडर दिनेश उर्फ ​​रवि राम के निर्देशों पर काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि उरिमारी चौकी में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई और सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।  

भोपाल नगर निगम बजट: ग्रीन-स्मार्ट सिटी विजन, 3938 करोड़ का प्लान, पानी-सीवेज-आवास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस

3938 करोड़ का प्रस्तावित बजट, आय-व्यय समान इतनी ही राशि खर्च सुरक्षा निधि: 108.89 करोड़ कुल घाटा108.89 करोड़ भोपाल शहर सरकार ने नए वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया गया जिसे महापौर मालती राय ने पटल पर रखा। इस बजट में शहर की मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ तालाबों के संरक्षण और वंचित वर्गो के लिए आवास सहित अन्य मदों के लिए राशि का प्रावधान किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रस्तावित बजट 3938 करोड़ 45 लाख 28 हजार रुपए का रखा गया है, जिसमें आय और व्यय दोनों बराबर हैं। हालांकि, राजस्व आय का 5' सुरक्षा निधि के रूप में 138 करोड़ 89 लाख 29 हजार रुपए अलग रखने के कारण बजट में संभावित घाटा सामने आ रहा है। महापौर के मुताबिक 108 करोड़ 89 लाख का घाटा दर्शाया गया है। बजट पेश करते हुए महापौर ने कहा कि  यह बजट बिना किसी भेदभाव के हर वार्ड के विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। वार्ड नियोजन निधि के तहत प्रत्येक वार्ड को 50 लाख रुपए दिए जाएंगे, ताकि स्थानीय स्तर पर विकास कार्य तेजी से हो सकें। हालांकि राहत की बात यह है कि जनप्रतिनिधियों के दबाव के चलते इस बार संपत्तिकर, जलदर में कोई बदलाव नहीं किया है वहीं शहर के एक बड़े हिस्से मेंं बल्क की बजाए व्यक्तिगत कनेक्शन देने की बात कही गई है। पानी और सीवेज पर बड़ा निवेश शहर की बढ़ती आबादी को देखते हुए जलप्रदाय और सीवेज व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। अमृत-2 योजना के तहत 582 करोड़ से जल परियोजनाएं जारी 36 ओवरहेड टंकियां, 4 वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और 600 किमी पाइपलाइन बिछाई जाएगी सीवेज नेटवर्क विस्तार के लिए 1050 करोड़ रुपए के काम 70' शहर सीवेज नेटवर्क से कवर करने का लक्ष्य साथ ही 829 कॉलोनियों में बल्क कनेक्शन की जगह व्यक्तिगत नल कनेक्शन देने की योजना को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। तालाबों के संरक्षण पर फोकस बड़े तालाब, छोटा तालाब, शाहपुरा और कलियासोत सहित शहर के प्रमुख जल स्रोतों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए करोड़ों का प्रावधान किया गया है। बड़े तालाब पर 14 करोड़ छोटे तालाब पर 7 करोड़ शाहपुरा तालाब पर 9 करोड़ कलियासोत पर 34 करोड़ खर्च होंगे इसके अलावा प्रदूषण रोकने के लिए विसर्जन कुंड बनाए जाएंगे। आवास और झुग्गी मुक्त शहर का लक्ष्य 1052 मकान तैयार, 750 हितग्राहियों को आवंटन 1856 नए मकानों का प्रस्ताव बजट में 400 करोड़ रुपए का प्रावधान रेलवे कुलियों के लिए स्टेशन के पास आवास योजना पर भी काम प्रस्तावित है।  स्वच्छता में नंबर-2, अब नंबर-1 का लक्ष्य महापौर ने बताया कि भोपाल देश का दूसरा सबसे स्वच्छ शहर और सबसे स्वच्छ राजधानी बना है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 84 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। कचरा प्रबंधन में नवाचार जैसे कचरा कैफे, कम्पोस्ट, अगरबत्ती निर्माण और रीसाइक्लिंग पर जोर जारी रहेगा। यातायात और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार ब्लैक स्पॉट खत्म करने और लेफ्ट टर्न सुधार के लिए 6.9 करोड़ सडक़ों के रखरखाव के लिए 30 करोड़ मुख्य मार्गों पर लाइटिंग के लिए 30 करोड़ कोकता ट्रांसपोर्ट नगर को व्यवस्थित करने और शहर से ट्रांसपोर्ट शिफ्ट करने की योजना भी शामिल है। नए मार्केट, मीट मार्केट शिफ्ट और व्यापारिक प्लान इतवारा मीट मार्केट को दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी ञ्जञ्ज नगर में नए मार्केट कॉम्प्लेक्स विकसित होंगे सर्राफा, दवा और किराना बाजार के लिए अलग हब बनाने की योजना हरियाली, पार्क और ओपन जिम नए पार्कों के लिए 5 करोड़ महापुरुषों की प्रतिमाओं के लिए 3 करोड़ ओपन जिम और स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार सोलर एनर्जी और बचत नगर निगम सोलर एनर्जी पर भी तेजी से काम कर रहा है। फिल्टर प्लांट्स पर सोलर लगाने से हर महीने करीब 6 लाख रुपए की बचत हो रही है। नीमच में 10 मेगावाट प्लांट चालू है, एक और प्लांट जल्द शुरू होगा। संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा रानी कमलापति की स्मृति में ‘सांस्कृतिक झील महोत्सव’ आयोजित किया जाएगा, जिसके लिए 3 करोड़ रुपए का प्रावधान है।म्यूजियम, ऑडिटोरियम और सामुदायिक भवनों के लिए भी बजट में राशि रखी गई है। कर्मचारियों और छात्रों के लिए प्रावधान मेधावी छात्रों को 15 हजार रुपए प्रोत्साहन कर्मचारियों के लिए दुर्घटना सहायता निधि सफाई मित्रों के लिए 2.7 करोड़ की वर्दी और रेनकोट व्यवस्था

‘धुरंधर 2’ पर चुनावी बैन का मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा, जज के सामने वकील ने रखी दलील

मुंबई बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्म Dhurandhar 2 पर विधानसभा चुनाव होने तक बैन करने की मांग की जा रही है। सोमवार को मद्रास हाईकोर्ट में एक महिला वकील ने मौखिक तौर पर अपील की है। हालांकि, अदालत ने वकील को याचिका दाखिल करने के लिए कहा है। फिल्मकार आदित्य धार की Dhurandhar: The Revenge गुरुवार को रिलीज हुई है। लाइव लॉ के अनुसार, मंगलवार को वकील शीला ने मद्रास हाईकोर्ट के सामने फिल्म पर बैन लगाने के लिए तत्काल सूचीबद्ध करने की मांग की है। वकील ने मुख्य नयायाधीश एस ए धर्माधिकारी और जस्टिस जी अरुल मुरुगन तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यह मांग की है। दक्षिण भारतीय राज्य में 23 अप्रैल को मतदान होना है। इस पर जस्टिस धर्माधिकारी और जस्टिस मुरुगन ने वकील को उचित याचिका दाखिल करने के लिए कहा है। वकील के आरोप हैं कि फिल्म में राजनीतिक रंग हैं। थियेटर में रिकॉर्ड तोड़ रही धुरंधर 2 sacnilk के अनुसार, धुरंधर अब तक भारत में नेट 465.35 करोड़ रुपये की कमाई कर चुकी है। खबर लिखे जाने तक सोमवार को फिल्म ने 11.23 करोड़ रुपये कमाए। फिलहाल, फिल्म के देशभर में 8 हजार 972 शो चल रहे हैं। इसमें मुख्य भूमिका में रणवीर सिंह हैं। इसके अलावा अर्जुन रामपाल, संजय दत्त समेत कई नेता अहम भूमिकाओं में हैं। इस फिल्म में आर माधवन, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, सारा अर्जुन और राकेश बेदी भी मुख्य भूमिका में हैं। यह धर की 2025 में रिलीज हुई फिल्म 'धुरंधर' का सीक्वल है। 'धुरंधर' की कहानी कंधार विमान अपहरण, 2001 के संसद हमले और 26/11 मुंबई हमलों जैसी घटनाओं पर गुप्त खुफिया अभियानों के इर्द-गिर्द घूमती है। ज्योति देशपांडे और लोकेश धर द्वारा निर्मित यह फिल्म हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में रिलीज हुई।  

Kolkata Metro प्रोजेक्ट में देरी पर Supreme Court of India नाराज, बंगाल सरकार से मांगा जवाब

नई दिल्ली कोलकाता मेट्रो के निर्माण में देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को फटकार लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह सिर्फ अधिकारियों के अड़ियल रवैये को दिखाता है, जिसके तहत वे कोलकाता शहर में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में देरी करना और उसे रोकना चाहते हैं। सीजेआई ने कहा कि हर चीज का राजनीतिकरण न करें। यह विकास से जुड़ा मुद्दा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेश में कोई कमी नहीं थी। हमें पूरा भरोसा है कि यह प्रोजेक्ट तय समय सीमा के भीतर ही पूरा किया जाएगा। जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने राज्य सरकार से कहा कि क्या आपके लिए विकास से ज़्यादा त्योहार जरूरी हैं? ऐसा नहीं है कि आप अपनी मर्ज़ी से कर रहे हैं, आप अपने कर्तव्य से बंधे हैं। आपने हाई कोर्ट से कहा था कि आपको त्योहारों का इंतजाम करना है। परिवहन के लिए एक अहम सड़क बनाने से ज्यादा जरूरी त्योहार हैं। हमें लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार से यह उम्मीद नहीं है कि सरकार यह कहे कि इस काम को फिलहाल नजरअंदाज़ कर दिया जाए। कोर्ट ने कहा अगर चुनाव आयोग को चुनाव कराने में कोई दिक्कत नहीं है तो यह प्रोजेक्ट तो आचार संहिता लागू होने से पहले का है। ऐसे में हम राज्य सरकार को यह बहाना बनाकर विकास के काम को फिर से रोकने की इजाज़त नहीं देंगे। सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कोलकाता मेट्रो में देरी को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट के ट्रैफिक ब्लॉक किए जाने के आदेश के खिलाफ सरकार की अपील पर सुनवाई से इनकार कर दिया। आज सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा कि हमें मई तक का समय दें। अभी चुनाव चल रहे हैं, इसलिए देरी हो रही है। राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि उस रास्ते से एम्बुलेंस आती-जाती हैं। यहां तक कि अंग प्रत्यारोपण वाले वाहन भी उसी रास्ते से गुजरते हैं। सीजेआई ने कहा कि हाई कोर्ट ने बहुत नरमी बरती है। यह एक ऐसा मामला था जहां आपके मुख्य सचिव और डीजीपी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए थी। यह अपने कर्तव्य के प्रति पूरी तरह से लापरवाही दिखाता है। यह सिर्फ एक ऐसे मुद्दे का राजनीतिकरण करने की कोशिश है, जहां असल में कोई मुद्दा ही नहीं है। वहीं कोलकाता मेट्रो के वकील ने याचिका वापस लेने की अनुमति दिए जाने का आग्रह किया। इस पर जस्टिस बागची ने कहा, "आपको वह मौका दिया गया था, लेकिन आपने उसका फायदा नहीं उठाया। हम आपको याचिका वापस लेने की अनुमति नहीं देंगे।" दरअसल, कोलकाता मेट्रो की ऑरेंज लाइन के एक अहम हिस्से को पूरा करने में हो रही अनिश्चित देरी को लेकर याचिका दाखिल की गई थी। इस याचिका में देरी का कारण पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा जरूरी मंजूरी नहीं दिए जाने को बताया गया था।

एशियाई चुनौती के लिए तैयार भारत U-17, तीन देशों से भिड़ंत में दिखेगा दम

नई दिल्ली भारत अंडर-17 पुरुष टीम 25 से 31 मार्च, 2026 के बीच थाईलैंड के लोपबुरी में थाईलैंड, इंडोनेशिया और कोरिया रिपब्लिक के खिलाफ मैत्री मैच खेलेगी। ये फ्रेंडली मैच, ब्लू कोल्ट्स की एएफसी अंडर17 एशियन कप सऊदी अरब 2026 की तैयारियों का हिस्सा हैं, और ये मैच बिना दर्शकों के खेले जाएंगे। इंडिया 25 मार्च को 17:30 बजे थाईलैंड से, 28 मार्च को 17:30 बजे इंडोनेशिया से और 31 मार्च को बजे कोरिया रिपब्लिक से खेलेगा। बिबियानो फर्नांडीस की टीम इस साल पहले ही छह इंटरनेशनल फ्रेंडली मैच खेल चुकी है – दो-दो ताजिकिस्तान (गोवा में), तुर्किये (एंटाल्या में) और म्यांमार (यांगून में) के खिलाफ। ब्लू कोल्ट्स रविवार, 22 मार्च को लोपबुरी पहुंचे। एएफसी अंडर17 एशियन कप में, इंडिया ग्रुप डी में ऑस्ट्रेलिया (6 मई), उज़्बेकिस्तान (10 मई) और डीपीआर कोरिया (13 मई) से भिड़ेगा।  

खिलाड़ियों के PSL छोड़ने पर भड़की PCB, नकवी बोले- नहीं बख्शेंगे नियम तोड़ने वाले

इस्लामाबाद पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नक़वी ने उन खिलाड़ियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने का वादा किया है, जिन्होंने आख़िरी समय पर पीएसएल छोड़कर आईपीएल का रुख किया। लगातार दूसरे साल दोनों लीग एक ही समय पर हो रही हैं। श्रीलंका के दासुन शनाका ऐसा करने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने लाहौर कलंदर्स की टीम से नाम वापस ले लिया है और चोटिल सैम करन की जगह आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलने का फ़ैसला किया है। ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर डेनियल सैम्स अब कलंदर्स की टीम में शनाकाकी जगह लेंगे। वहीं ब्लेसिंग मुज़राबानी पहले ही पीएसएल से हट चुके हैं। वह कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम में शामिल हुए हैं। नक़वी ने रविवार को कहा, “हम नियमों के तहत उन खिलाड़ियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करेंगे। पिछले साल भी ऐसा मामला सामने आया था, जब कार्बिन बॉश को एक साल के लिए पीएसएल से बैन किया गया था, और इस बार भी वही होगा।” बॉश पिछले सीज़न में पेशावर ज़ल्मी के लिए डायमंड पिक थे, लेकिन उन्होंने आख़िरी समय पर आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए खेलने का फ़ैसला कर लिया था। नक़वी ने आगे कहा, “आईपीएल के साथ टकराव कोई बड़ी समस्या नहीं है। अगर हमारे खिलाड़ी वहां जा रहे हैं, तो हमें भी यहां बेहतरीन खिलाड़ी मिल रहे हैं। पीएसएल को टालना हमारे लिए संभव नहीं था क्योंकि पूरे साल में हमारे पास कोई और विंडो नहीं है।” इस पीएसएल में और भी कई खिलाड़ियों ने नाम वापस लिया है। इनमें गुडाकेश मोती, जैक फ़्रेजर मक्गर्क, ऑटनिल बार्टमैन और स्पेंशर जॉनसन शामिल हैं। हालांकि ज़्यादातर खिलाड़ियों ने निजी कारणों का हवाला दिया है। पीएसएल का आगाज़ 26 मार्च से होगा, जो आईपीएल शुरू होने से दो दिन पहले है। हालांकि, मौजूदा पश्चिम एशिया संकट के चलते तेल आपूर्ति की समस्या को देखते हुए यह टूर्नामेंट बिना दर्शकों के खेला जाएगा। साथ ही, वेन्यू भी घटाकर छह से दो कर दिए गए हैं, अब सभी मैच लाहौर और कराची में होंगे।  

लालजीत सिंह भुल्लर की गिरफ्तारी, पंजाब के CM भगवंत मान के आदेश पर हुआ एक्शन

चंडीगढ़ पंजाब के पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया. मुख्यमंत्री भगवंत मान के आदेश पर फतेहगढ़ पुलिस ने यह कार्रवाई की. भंडारण निगम के एक अधिकारी की कथित आत्महत्या के सिलसिले में पुलिस ने लालजीत सिंह भुल्लर के खिलाफ मामला दर्ज किया था।  अमृतसर में पंजाब राज्य भंडारण निगम के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा ने 21 मार्च को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. पुलिस ने भुल्लर के पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और उनके निजी सहायक दिलबाग सिंह के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।  इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 351 (3) (आपराधिक धमकी) और 3 (5) (साझा इरादा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. यह मामला अमृतसर के रणजीत एवेन्यू पुलिस थाने में रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर की शिकायत पर शनिवार रात दर्ज किया गया।  लालजीत सिंह भुल्लर ने 21 मार्च को राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था. अधिकारी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों के बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भुल्लर से पद छोड़ने को कहा था. रंधावा को वीडियो में यह कहते सुना गया, ‘खा लयी सल्फास तुहाडे यार ने. मिनिस्टर लालजीत भुल्लर दे डर तों. हुण नहीं मैं बचना (तुम्हारे यार ने सल्फास खा लिया है, मंत्री लालजीत भुल्लर के डर से. अब मैं नहीं बचूंगा) . तरनतारन जिले के पट्टी से विधायक भुल्लर ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को निराधार बताया. इससे पहले मान ने कहा था कि उन्होंने मुख्य सचिव को इस मामले में जांच करने का निर्देश दिया है और भुल्लर से पद छोड़ने को कहा है ताकि निष्पक्ष तरीके से जांच की जा सके।  मान ने कहा था कि इस मामले में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भुल्लर के परिवहन एवं जेल विभाग किसी अन्य मंत्री को सौंपे जाएंगे. वीडियो के ऑनलाइन सामने आने के बाद विपक्षी दलों के नेताओं ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की आलोचना की और भुल्लर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि भुल्लर अपने पिता को एक गोदाम का ठेका आवंटित करने के लिए रंधावा पर दबाव डाल रहे थे।  भुल्लर पर रंधावा का एक वीडियो बनाने और उन्हें किसी दूसरे पक्ष से 10 लाख रुपये की रिश्वत लेने की बात स्वीकार करने के लिए मजबूर करने का भी आरोप लगाया गया है. एक आरोप में कहा गया कि 13 मार्च को रंधावा को भुल्लर के स्थान पर बुलाया गया जहां उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें अपमानित किया गया।