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CM मोहन यादव के जन्मदिन पर पीएम मोदी और अमित शाह की बधाई, वन्यजीवों के लिए महत्वपूर्ण उपहार

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav आज अपने जीवन के 62वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। इस खास मौके पर देश के शीर्ष नेताओं Narendra Modi और Amit Shah ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके नेतृत्व की सराहना की। राजनीतिक बधाइयों के बीच सीएम यादव ने अपने जन्मदिन को खास अंदाज में मनाने का फैसला लिया है। वे Veerangana Durgavati Tiger Reserve में बामनेर नदी किनारे एक दर्जन कछुओं को जल में छोड़ेंगे, जिससे वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही चीतों के पुनर्वास के लिए सॉफ्ट रिलीज बोमा का भूमिपूजन कर प्रदेश को एक नई पहचान देने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की कामना की, वहीं अमित शाह ने प्रदेश में चल रहे जनहितैषी कार्यों की सराहना की। इन शुभकामनाओं ने इस दिन को और भी खास बना दिया। सीएम यादव ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे अपने इस विशेष दिन को प्रकृति और वन्यजीवों की सेवा को समर्पित कर रहे हैं — जो विकास और पर्यावरण के संतुलन का सशक्त संदेश है।

रेप केस में AAP विधायक पर शिकंजा: हरमीत को पटियाला पुलिस ने किया गिरफ्तार

पटियाला. लंबे समय से फरार चल रहे सनौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा आखिरकार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर के पास से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इस गिरफ्तारी की पुष्टि पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा ने की है। विधायक पठानमाजरा के खिलाफ पटियाला के सिविल लाइन थाने में एक महिला की शिकायत के आधार पर शारीरिक शोषण के गंभीर आरोपों के तहत मामला दर्ज किया था। मामला दर्ज होने के बाद से ही पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। पुलिस ने पहले हरियाणा के एक गांव में छापेमारी की थी, लेकिन वे वहां से बच निकलने में कामयाब रहे। फरारी के दौरान पठानमाजरा ने इंटरनेट मीडिया पर लगातार वीडियो पोस्ट किए ताकि ऐसा लगे कि वे विदेश में हैं। हालांकि, पुलिस की तकनीकी जांच और गुप्त सूचनाओं ने उनकी लोकेशन मध्य प्रदेश में ट्रेस कर ली। एसएसपी वरुण शर्मा के अनुसार, पटियाला पुलिस की विशेष टीम ने पीछा करते हुए ग्वालियर इलाके से उन्हें काबू किया। अब उन्हें पटियाला लाया जा रहा है, जहाँ उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा और आगे की पूछताछ की जाएगी।

औचक निरीक्षण में खुलासा: दुर्ग की पानी-जूस फैक्ट्रियों में गड़बड़ी, खाद्य विभाग ने की कार्रवाई

दुर्ग. भीषण गर्मी के आगमन को देखते हुए जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जिले की पानी फैक्ट्रियों में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है. कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार खाद्य नियंत्रक एवं औषधि प्रशासन के मार्गदर्शन में विभाग ने विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया. इस कार्यवाही के दौरान आर. एस. इंटरप्राइसेस जामुल और पाल एक्वा छावनी भिलाई से पानी की बोतलों के नमूने लिए गए. वहीं कुम्हारी स्थित आई. बी. सॉल्यूशन में नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर 180 बोरी पानी पाऊच जब्त किए गए. इसके अतिरिक्त अमर बेवरेजेस कैलाश नगर भिलाई से पानी की बोतल और ज्योति इंडस्ट्रीज जेवरा सिरसा से लीची जूस के नमूने संकलित कर जांच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए हैं. जांच के दौरान वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रिचा शर्मा और खाद्य सुरक्षा अधिकारी नारद राम कोमरे ने फर्मों के संचालकों को कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाणपत्र और पानी की शुद्धता की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए. साथ ही स्वच्छता बनाए रखने और कार्य के दौरान कर्मचारियों को हैंड ग्लव्स व हेड कैप अनिवार्य रूप से पहनने की हिदायत दी गई है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 (विनियम (2011) के तहत कड़ी कार्यवाही की जाएगी. निरीक्षण निरंतर जारी रहेगा.

आगर मालवा, इंदौर और मंदसौर में तेल शॉर्टेज की अफवाहें, पेट्रोल पंपों पर लोगों की भारी भीड़

 इंदौर /मंदसौर  मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाधित होने के बाद से सोशल मीडिया पर पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर अफवाहें फैल रही है. इन्हीं अफवाहों के बीच मध्य प्रदेश और गुजरात के कई जिलों में अफरा-तफरी मच गई. इंदौर, आगर मालवा, मंदसौर, नीमच समेत गुजरात के अहमदाबाद, वडोदरा, गांधीनगर, सूरत और राजकोट में मंगलवार से पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें लग गईं. लोग ड्रम, केन, बोतल और कुप्पियों में ईंधन भरकर ले जाने लगे. जिससे कुछ पंपों पर पेट्रोल-डीजल खत्म हो गया, जिसके बाद पंप बंद कर दिए गए. प्रशासन का साफ कहना है कि किसी भी तरह की कमी नहीं है, फिर भी लोग घबराकर पेट्रोल-डीजल के लिए घंटों लाइन में लगे हुए हैं।  इंदौर में मंगलवार को करीब तीन दर्जन से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही भीड़ जुट गई. वाहन चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ा. कई जगह पंप कर्मचारी और ग्राहकों के बीच बहस भी हुई. कुछ पंपों पर पेट्रोल खत्म होने के बाद बोर्ड लगा दिया गया और बाहर हुजूम जमा हो गया. पंप संचालकों ने बताया कि रात में टैंकर आने के बाद सुबह से सप्लाई फिर सुचारू हो जाएगी   । जिला आपूर्ति नियंत्रक एम.एल. मारू ने स्पष्ट जानकारी देते हुए कहा,'इंदौर जिले में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कोई कमी नहीं है. सभी पंपों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और डिपो से लगातार सप्लाई हो रही है. अफवाहों पर ध्यान न दें, अनावश्यक घबराहट में ईंधन का संग्रह न करें. अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।  इंदौर कलेक्टर ने भी नागरिकों से अपील की कि पैनिक खरीदारी न करें. उन्होंने कहा कि बेवजह की भीड़ से सिर्फ अव्यवस्था बढ़ रही है और आम लोगों को परेशानी हो रही है।  मालवा में भी हालात बेकाबू इसी तरह आगर मालवा जिले में दोपहर बाद से पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखी गई. ट्रैक्टरों पर बड़े-बड़े ड्रम और केन लेकर किसान पहुंचे, तो कुछ लोग मोटरसाइकिल, कार और यहां तक कि एम्बुलेंस लेकर कतार में लग गए. सोशल मीडिया पर 'पंप बंद होने वाले हैं, पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा' वाली अफवाह ने पूरे जिले में घबराहट फैला दी।  आगर मालवा की कलेक्टर प्रीति यादव ने खुद वीडियो जारी कर लोगों को आश्वस्त किया, 'जिले में ईंधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. कोई दिक्कत नहीं है, घबराएं नहीं।  मंदसौर में पंपों पर स्टॉक खत्म? वहीं, मंदसौर और नीमच में भी सैकड़ों लोग गाड़ियां लेकर पंपों पर पहुंच गए. जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवाने की वजह से कुछ पंपों पर स्टॉक खत्म हो गया. स्कूल छोड़ने वाले ऑटो, दूध बांटने वाले वाहन और किसान डीजल स्टॉक करने लगे हैं. पेट्रोल खत्म होने के बाद कुछ पंपों के डिस्प्ले को काले कपड़े से ढक दिया गया, ताकि और लोग न आएं।  गुजरात के बड़े शहरों में अफरा-तफरी गुजरात में अहमदाबाद से शुरू हुई अफवाह शाम तक देखते ही देखते वडोदरा, गांधीनगर, सूरत और राजकोट तक फैल गई. ऑफिस टाइम के बाद लोग सीधे पेट्रोल पंपों पर पहुंच गए, जिससे देर रात तक अफरातफरी मची रही. सरकार और तेल कंपनियों द्वारा लिखित आश्वासन दिए जाने के बावजूद सोशल मीडिया के मैसेज ने लोगों में डर पैदा कर दिया।  कई लोगों ने बताया, 'सोशल मीडिया पर मैसेज देखा तो एहतियातन आ गए.' कुछ की गाड़ी में डीजल खत्म हो गया था, लेकिन लंबी लाइन का सामना करना पड़ा।  पेट्रोल डीलर एसोसिएशन ने दर्ज कराई शिकायत इसी बीच राजकोट में तो पेट्रोल डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपाल चुडासमा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के सेल्स हेड अमित जायसवाल ने शिकायत में कहा कि चुडासमा ने सार्वजनिक रूप से झूठा बयान दिया कि पंपों पर स्टॉक खत्म हो गया है. इससे जनता में दहशत फैली और कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया।  इस घटना के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है, ताकि भविष्य में कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति अफवाहें फैलाकर अराजकता न फैलाए. सरकारने पहले ही साफ कर दिया था कि अगर किसी भी व्यक्ति ने अफवाह फैलाई या फिर काला बाजारी की तो उनके खिलाफ कानूनी कारवाई की जाएगी. राज्य सरकार की ओर से उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री ने भी अफवाहों से दूर रहने की अपील की थी। 

सीएम योगी ने प्रदेश के औद्योगिक विकास को नया मोड़ दिया

सीएम योगी ने दी प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा निवेश मित्र 3.0’ के साथ ही मुख्यमंत्री ने ‘यूपी प्राइवेट बिजनेस पार्क डेवलपमेंट स्कीम-2025’ और ‘प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल शेड्स योजना’ का भी किया शुभारंभ मुख्यमंत्री ने 85 से अधिक लेटर्स ऑफ कम्फर्ट, पात्रता प्रमाण पत्र और ₹2781 करोड़ की सब्सिडी का किया वितरण इन्वेस्ट यूपी ने एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेल व कौशल कनेक्ट सेल की स्थापना के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए लखनऊ  उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में मंगलवार को ‘नेक्स्ट-जेन’ सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म ‘निवेश मित्र 3.0’ का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने ‘यूपी प्राइवेट बिजनेस पार्क डेवलपमेंट स्कीम-2025’ और ‘प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल शेड्स योजना’ का भी अनावरण कर औद्योगिक विकास को नई दिशा दी। डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट और ट्रांसफर मॉडल पर आधारित ये दोनों पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) योजनाएं निवेशकों को विश्वस्तरीय ‘रेडी-टू-ऑपरेट’ इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराएंगी, जिससे उद्योग स्थापना की प्रक्रिया तेज और सरल होगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 85 से अधिक लेटर्स ऑफ कम्फर्ट (LoCs), पात्रता प्रमाण पत्र (ECS) और ₹2781 करोड़ की सब्सिडी वितरित करते हुए इसे निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम उठाया। औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022, फूड प्रोसेसिंग नीति 2023, इलेक्ट्रॉनिक्स नीति 2020 और एफडीआई नीति 2023 के तहत इन निवेश प्रस्तावों से कुल मिलाकर लगभग ₹50,000 करोड़ निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की संभावनाएं बनी हैं। निवेश प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत स्टील, सीमेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमोबाइल और बेवरेज जैसे क्षेत्रों की प्रमुख कंपनियों को इंसेंटिव और LoCs प्रदान किए गए। गैलेंट इस्पात, जे.के. सीमेंट, वरुण बेवरेजेज, वंडर सीमेंट, यूनिलीवर इंडिया और हल्दीराम जैसी कंपनियों के साथ-साथ बलरामपुर चीनी मिल्स, ड्रीमटेक इलेक्ट्रॉनिक्स, अल्ट्राटेक सीमेंट और एस्कॉर्ट्स कुबोटा को भी बड़े निवेश प्रस्तावों के साथ प्रोत्साहित किया गया। इसके अलावा हैवेल्स, मिंडा कॉर्पोरेशन, इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स (सोनालिका) और फिजिक्स वाला जैसी कंपनियों की परियोजनाएं भी इस औद्योगिक विस्तार का हिस्सा बनीं हैं। इन निवेश प्रस्तावों से बायोप्लास्टिक, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, कृषि उपकरण, एडटेक और खाद्य प्रसंस्करण जैसे विविध क्षेत्रों में विकास को गति मिलेगी, जिससे उत्तर प्रदेश एक बहुआयामी औद्योगिक हब के रूप में तेजी से उभर रहा है। इसके साथ ही उद्यमिता और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए इन्वेस्ट यूपी द्वारा एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेल व कौशल कनेक्ट सेल की स्थापना हेतु समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। इन पहलों से उद्योग और कौशल के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे।

सीएम योगी के निर्देश पर गो सेवा और संरक्षण के लिए अभूतपूर्व प्रयास

जर्मन टेक्नोलॉजी से लैस होंगी प्रदेश की गोशालाएं उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग और जर्मनी की प्रतिष्ठित संस्था के बीच समझौता ज्ञापन पर किए गए हस्ताक्षर सीएम योगी के निर्देश पर गो सेवा और संरक्षण के लिए अभूतपूर्व प्रयास गोशालाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की तैयारी प्रदेश की चयनित गोशालाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए दिया जाएगा तकनीकी प्रशिक्षण लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश की गोशालाओं को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इसके तहत अब गोशालाओं को जर्मन टेक्नोलॉजी से लैस करने की तैयारी है। गोशालाओं को नई तकनीक के जरिए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और सशक्त किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश की चयनित गोशालाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए नई टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके तहत उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग और जर्मनी की प्रतिष्ठित संस्था GIZ GmbH के बीच मंगलवार को महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। आयोग कार्यालय में हुए औपचारिक कार्यक्रम में गो सेवा आयोग के अध्यक्ष और संस्था के प्रतिनिधि मंडल ने संयुक्त रूप से इस पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी के तहत प्रदेश की चयनित गोशालाओं के लिए तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उनके संचालन को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाया जा सकेगा। समझौते के अनुसार गोशालाओं के लिए क्षमता निर्माण और मानव संसाधन कौशल विकास पर विशेष जोर रहेगा।  गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि प्रशिक्षण के माध्यम से प्रबंधन, संसाधनों के बेहतर उपयोग और आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर काम किया जाएगा। इसके लिए गोशालाओं का चयन गो सेवा आयोग द्वारा किया जाएगा। कौशल के आदान-प्रदान पर फोकस खास बात यह है कि यह समझौता पूरी तरह तकनीकी सहयोग पर आधारित है। इसमें किसी प्रकार की वित्तीय सहायता का प्रावधान नहीं रखा गया है, बल्कि ज्ञान और कौशल के आदान-प्रदान पर फोकस किया गया है। बढ़ेगी कार्यक्षमता गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता का मानना है कि इस पहल से प्रदेश की गोशालाएं अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनेंगी। साथ ही, गो सेवा से जुड़े लोगों को नई तकनीकों की जानकारी मिलने से उनकी कार्यक्षमता भी बढ़ेगी। योगी सरकार की मंशा है कि गोशालाओं को केवल आश्रय स्थल तक सीमित न रखकर उन्हें संगठित और उत्पादक इकाई के रूप में विकसित किया जाए। गो आधारित उत्पादों के वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक उपयोग को बढ़ावा प्रशिक्षण के माध्यम से गोबर, गोमूत्र एवं अन्य गो आधारित उत्पादों के वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक उपयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा। यह सहयोग सतत विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों के अनुरूप है।

शहीदों की मूर्तियों को क्षतिग्रस्त करने वाली कंपनी पर एफआईआर, शुरू हुई जांच

शहीदों की मूर्तियां खंडित करने वाली कंपनी के खिलाफ एफआईआर  मुख्यमंत्री ने शाहजहांपुर की घटना का लिया संज्ञान कंपनी को तत्काल प्रभाव से किया गया ब्लैक लिस्ट सीएम योगी ने शहीदों की मूर्तियों को पुनर्स्थापित करने का दिया आदेश लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शाहजहांपुर में सड़क चौड़ीकरण के दौरान शहीदों की मूर्तियां खंडित होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने मामले का संज्ञान लेते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई व मूर्तियों को ससम्मान पुनर्स्थापित करने का आदेश दिया है। ब्लैक लिस्ट की गई कंपनी सड़क चौड़ीकरण में शहीदों की मूर्तियां खंडित करने वाली कंपनी के खिलाफ मुख्यमंत्री के आदेश पर तत्काल एफआईआर दर्ज कराई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन अफसरों की जवाबदेही में काम हो रहा था, उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। सीएम योगी के आदेश पर कंपनी को तत्काल प्रभाव से ब्लैक लिस्ट करते हुए उससे काम भी वापस ले लिया गया है।  सीएम योगी ने शहीदों की मूर्तियों को पुनर्स्थापित करने का दिया आदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों का अपमान कतई स्वीकार्य नहीं है। ऐसी लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। सीएम योगी ने शहीदों की मूर्तियों को तत्काल सम्मानजनक तरीके से सही जगह पुनर्स्थापित करने का भी आदेश दिया है।

योगी सरकार की सख्ती: पेट्रोल, डीजल और एलपीजी आपूर्ति पर प्रदेश भर में तेज़ कार्रवाई

पेट्रोल-डीजल और एलपीजी आपूर्ति पर योगी सरकार सख्त, पूरे प्रदेश में ताबड़तोड़ कार्रवाई कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई, अब तक प्रदेश भर में 12,732 छापे एलपीजी वितरकों के खिलाफ 25 एफआईआर दर्ज, कालाबाजारी में शामिल अन्य 152 व्यक्तियों पर भी मुकदमे दर्ज अब तक 16 लोगों की हुई गिरफ्तारी और 185 व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई, 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय एफआईआर, गिरफ्तारी से लेकर अतिरिक्त सिलेंडर आवंटन तक उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था लागू लखनऊ  प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए योगी सरकार ने व्यापक स्तर पर सख्त कदम उठाए हैं। सरकार की सख्ती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कालाबाजारी और अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए प्रदेशभर में 12 मार्च से अब तक 12,732 निरीक्षण और छापेमारी की गई है। इस दौरान एलपीजी वितरकों के खिलाफ 25 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि कालाबाजारी में शामिल अन्य 152 व्यक्तियों पर भी मुकदमे दर्ज हुए। कार्रवाई के दौरान 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 185 व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई है। उल्लेखनीय है कि शासन स्तर से 12 मार्च 2026 को जारी निर्देशों के तहत मुख्य सचिव द्वारा सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक आपूर्ति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की बाधा को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकतानुसार घरेलू एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रदेश के 4,108 एलपीजी वितरकों के यहां बुकिंग के अनुरूप उपभोक्ताओं को गैस रिफिल की डिलीवरी सुनिश्चित कराई जा रही है। वर्तमान में सभी वितरकों के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आवश्यकतानुसार घरेलू एलपीजी सिलेंडर उपभोक्ताओं को लगातार उपलब्ध कराए जा रहे हैं।इस बीच भारत सरकार द्वारा भी सहयोग करते हुए 23 मार्च 2026 से वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों के लिए 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन की अनुमति प्रदान की गई है, जिससे बाजार में आपूर्ति और अधिक सुदृढ़ हुई है। जिला पूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी फील्ड में स्थिति की सतत निगरानी के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति से संबंधित सूचनाओं का आदान-प्रदान और समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। इसके साथ ही होम कंट्रोल रूम में भी खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों की तैनाती की गई है। प्रदेश के सभी जनपदों में भी कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं, जो लगातार सक्रिय हैं। साथ ही जिला पूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी फील्ड में लगातार भ्रमण कर उपभोक्ताओं को एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित कर रहे हैं।

प्रॉपर्टी खरीदना होगा महंगा: 22% तक बढ़े रेजिडेंशियल रेट, 1 अप्रैल से नए कलेक्टर रेट लागू

चंडीगढ़. प्रशासन ने एक अप्रैल से लागू होने वाले नए कलेक्टर की अधिसूचना जारी कर दी है। ऐसे में अब प्रॉपर्टी की रजिस्ट्ररी करवाना महंगा हो जाएगा। नए रेट में रिहायशी, कॉमर्शियल, इंडस्ट्रियल और कृषि भूमि के कलेक्टर रेट में 10 से 22 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। इससे संपत्ति की रजिस्ट्री, स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्क भी बढ़ेंगे। जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, शहर के प्रमुख सेक्टरों में जमीन की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सेक्टर-1 से 12 में रिहायशी जमीन का कलेक्टर रेट बढ़ाकर 2,37,900 रुपये प्रति वर्ग गज कर दिया गया है, जो पहले 1,78,600 रुपये था। वहीं, सेक्टर-14 से 37 के लिए नया रेट 1,81,300 रुपये प्रति वर्ग गज और सेक्टर-38 व उससे आगे के क्षेत्रों के लिए 1,33,200 रुपये प्रति वर्ग गज तय किया गया है। कलेक्टर रेट में वृद्धि से प्रापर्टी के बाजार भाव में भी बढ़ोतरी हो जाएगी। जबकि प्रशासन को रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी से अधिक राजस्व प्राप्त होगा। प्रशासन ने ज्यादा रेट कृषि योग्य भूमि पर बढ़ाया है। मालूम हो कि 20 मार्च तक प्रशासन ने शहरवासियों के प्रस्तावित रेट पर सुझाव लिए थे। व्यापार मंडल के चेयरमैन चरणजीव सिंह का कहना है कि प्रशासन को अब अगले पांच साल तक नए रेट रिवाइज नहीं करने चाहिए, क्योंकि पहले से रेट काफी ज्यादा है। हाउसिंग बोर्ड फ्लैट और मकान भी महंगे हाउसिंग बोर्ड के फ्लैट्स और इंडिपेंडेंट मकानों के कलेक्टर रेट में भी इजाफा किया गया है। फ्लैट्स के लिए ग्राउंड फ्लोर पर 11,000 रुपये प्रति वर्ग फुट, पहली मंजिल पर 9,000 रुपये, दूसरी मंजिल पर 8,000 रुपये और तीसरी मंजिल व उससे ऊपर के लिए 7,200 रुपये प्रति वर्ग फुट दर तय की गई है। इंडस्ट्रियल हाउस के लिए ग्राउंड फ्लोर 9,300 रुपये, पहली मंजिल 7, 400 रुपये और दूसरी मंजिल 5,700 रुपये प्रति वर्ग फुट तय किए गए हैं। वहीं, सोसाइटी फ्लैट्स के लिए भी मंजिल के हिसाब से अलग-अलग दरें लागू होंगी। नए कलेक्टर रेट के तहत कार्नर प्लाट या मकान के लिए 5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना होगा। वहीं, रिहायशी प्लाट को नर्सिंग होम या अस्पताल में बदलने पर 25 से 31.25 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क देना पड़ेगा। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और 2 में रेट बढ़ाकर 86,000 रुपये प्रति वर्ग गज कर दिया गया है, जबकि फेज-3 का कलेक्टर रेट 62,600 रुपये प्रति वर्ग गज ही रखा गया है, इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया। कॉमर्शियल एरिया में भी रेट बढ़ाए गए हैं। कोल डिपो, टिंबर मार्केट, ट्रांसपोर्ट एरिया आदि के लिए 97,300 रुपये प्रति वर्ग गज तय किया गया है। मनीमाजरा मोटर मार्केट में 2,33,500 रुपये प्रति वर्ग गज और शिवालिक एन्क्लेव में 4,10,200 रुपये प्रति वर्ग गज रेट निर्धारित किए गए हैं। सेक्टर-17, 8, 15, 19, 22, 34 और 35 जैसे प्रमुख बाजारों में बूथ के कलेक्टर रेट 5,92,200 रुपये प्रति वर्ग गज तक पहुंच गए हैं। सेक्टरों में बूथ के कलेक्टर रेट क्षेत्र (सेक्टर)     नई दर (प्रति वर्ग गज) सेक्टर 8, 15, 19, 22, 34, 35 और 17 (17-ए व 17-बी को छोड़कर)     5,92,200 सेक्टर 7, 9, 10, 11, 16, 17-ए, 17-बी, 18, 20, 21, 26 और 32     4,47,100 अन्य सेक्टरों में     3,27,400 शोरूम और बूथों के यह रेट होंगे लागू क्षेत्र     यह रेट होंगे लागू (प्रति वर्ग गज) सेक्टर-17 के एससीओ     5,92,200 मध्य मार्ग, सब सिटी सेंटर सेक्टर-34, सेक्टर-22 व सेक्टर-35 के बाजार     4,47,500 अन्य सेक्टरों की कमर्शियल प्रापर्टी     4,42,800 मोटर मार्केट, मनीमाजरा     3,12,200

दुर्ग ने मारी बाजी: पीएम आवास क्रियान्वयन में 93.3% स्वीकृति के साथ देश में अव्वल

दुर्ग. प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में जिला दुर्ग ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है. राज्य कार्यालय द्वारा 19 मार्च को जारी रैंकिंग में दुर्ग में 93.3 प्रतिशत की स्वीकृति इनमें किस्त जारी 91.7 एवं आवास पूर्णता 80.9 है. वहीं मनरेगा मजदूरी के भुगतान में औसत 88.5% के साथ पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है. कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बजरंग कुमार दुबे के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के बेहतर क्रियान्वयन हेतु प्रयास किए जा रहे हैं. दुबे ने बताया कि योजना अंतर्गत हितग्राहियों को लगातार आवास निर्माण हेतु राशि हस्तांतरित की जा रही है, जिससे हितग्राहियों द्वारा भी अधिक रुचि लेकर लगातार आवास पूर्ण किया जा रहा है. विगत 15 दिवसों में वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में जनपद पंचायत धमधा में 77, दुर्ग में 39 एवं पाटन में 11 हितग्राहियों को द्वितीय किश्त की राशि हस्तांतरित की गई है. इसी प्रकार जनपद पंचायत धमधा 95, दुर्ग में 65 एवं पाटन में 31 हितग्राहियों को तृतीय किस्त की राशि आवास निर्माण पूर्ण करने के उपरांत हस्तांतरित की गई है. जारी किए गए किस्त की कुल राशि 116 लाख रुपए से अधिक है. इसके अतिरिक्त निर्माणाधीन या पूर्ण हो चुके हितग्राहियों 586 हितग्राहियों का एफटीओ हस्तांतरण हेतु तैयार किया कर लिया गया है जिसकी कुल राशि 259 लाख रुपए से अधिक है जो आने वाले कुछ दिवसों में हितग्राहियों के खाते में पहुंच जाएगी. जिले में आवास निर्माण का कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है. प्रत्येक सप्ताह जिले में लगभग 80 से अधिक आवास प्रारंभ एवं 200 से अधिक आवास पूर्ण कराया जा रहे हैं. पूर्व में राज्य कार्यालय द्वारा दिए गए माह फरवरी में 831 आवास पूर्णता के लक्ष्य में से जिला द्वारा 852 आवास पूर्ण किया गया है. लगातार राशि हस्तांतरण से हितग्राहियों द्वारा स्वयं के आवास को शीघ्रता से पूर्ण किया जा रहा है.