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रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी: बिहार के स्टेशनों पर फ्री पानी और स्वास्थ्य सुविधाएं शुरू

जमुई. गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए दानापुर मंडल ने यात्रियों की सुविधा के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मंडल प्रशासन ने प्रमुख स्टेशनों पर शीतल पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने का निर्णय लिया है। जनसंपर्क पदाधिकारी अभिषेक कुमार ने बताया कि मंडल के वाणिज्य विभाग द्वारा पटना जंक्शन, राजेंद्रनगर टर्मिनल, दानापुर, पाटलिपुत्र जंक्शन और आरा सहित अन्य प्रमुख स्टेशनों पर सामान्य कोच यात्रियों के लिए पहले से मौजूद नलों के अलावा मुफ्त शीतल जल की व्यवस्था की जाएगी। जरूरत के अनुसार ठंडे शरबत और अन्य पेय पदार्थ भी नि:शुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे, जिसमें एनजीओ, रेलवे कर्मियों और स्वयं सहायता समूहों का सहयोग लिया जाएगा। स्टाल और मशीनों का नियमित निरीक्षण यात्रियों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वाटर वेंडिंग मशीन और खानपान स्टालों का नियमित निरीक्षण किया जाएगा। सभी स्टाल संचालकों को अधिकृत बोतलबंद पानी का पर्याप्त भंडारण रखने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, अन्य ब्रांडों को भी गर्मी के मौसम की मांग के अनुसार स्टॉक बनाए रखने की सलाह दी गई है। नई व्यवस्थाएं और सुझाव मंडल प्रशासन ने प्रमुख स्टेशनों पर भुगतान के आधार पर जनता मील और पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। नए वाटर कूलर लगाने का प्रस्ताव स्वीकृति के अंतिम चरण में है। आरआरसीटीसी द्वारा रेल नीर सेवा पूरी तरह से तैयार रखी गई है। यात्रियों से गर्मी में पर्याप्त पानी, ओआरएस और छाछ का सेवन करने, धूप से बचने के लिए छाता या टोपी का उपयोग करने की अपील की गई है। डिजिटल सुविधा और स्वास्थ्य सुरक्षा लंबी कतारों से बचने के लिए रेल आनलाइन ऐप के माध्यम से डिजिटल टिकट बुकिंग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। दोपहर की भीषण गर्मी से राहत के लिए प्रमुख स्टेशनों पर वातानुकूलित प्रतीक्षालय उपलब्ध हैं। पटना जंक्शन, दानापुर, बक्सर, बख्तियारपुर, मोकामा, किऊल, झाझा सहित कई स्टेशनों पर रेलवे स्वास्थ्य इकाइयां सक्रिय हैं। प्राथमिक उपचार के लिए फर्स्ट एड किट की व्यवस्था की गई है। आपात स्थिति में यात्री रेलमदद (139) या स्टेशन पर मौजूद कर्मचारियों से सहायता ले सकते हैं। श्रमिकों और ट्रेनिंग वाटरिंग पॉइंट माल गोदामों में कार्यरत श्रमिकों को भी पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। वर्तमान में पटना, पाटलिपुत्र, दानापुर और राजगीर स्टेशनों पर ट्रेन वाटरिंग प्वाइंट कार्यरत हैं, जबकि किऊल, आरा, बक्सर और बख्तियारपुर में इन्हें जल्द ही शुरू किया जाएगा।

बारिश का दौर शुरू: पंजाब में दो दिन तक मौसम रहेगा खराब, चेतावनी जारी

जालंधर. पिछले दो दिनों से धूप निकलने के बावजूद तापमान में पांच डिग्री सेल्सियस की कमी आई है। मौसम विभाग के मुताबिक, 29 व 30 मार्च को वर्षा होने की संभावना है। फिलहाल अभी आने वाले चार दिनों तक आसमान साफ रहेगा। रात के समय में हल्की ठंड रहने की उम्मीद है। मंगलवार की बात करें तो 16 डिग्री न्यूनतम व 19 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिन धूप खिलेगी। इससे तापमान में वृद्धि दर्ज की जा सकती है, जबकि 29 मार्च से लगातार दो दिन मौसम बिगड़ने के आसार हैं। इसके अनुसार थंडर शावर, तेज हवाएं और वर्षा हो सकती हैं। अगर पूर्वानुमान सही साबित होता है तो फिर से तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान तारीख     न्यूनतम तापमान (°C)     अधिकतम तापमान (°C) 25 मार्च     17     29 26 मार्च     19     27 27 मार्च     18     28 28 मार्च     19     28 29 मार्च     20     26 30 मार्च     20     27 अगले कुछ दिनों में मौसम में मामूली बदलाव मौसम को प्रभावित करने वाला एक पश्चिमी गड़बड़ इस समय ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय है, जिससे राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में हल्की हवा की गति आ रही है, जबकि तेज जेट स्ट्रीम हवाएं ऊपर की ओर बह रही हैं. इन सभी कारकों के कारण, अगले कुछ दिनों में मौसम में मामूली बदलाव आ सकते हैं. 26 मार्च के आसपास एक नई, कमजोर पश्चिमी गड़बड़ी के कारण उत्तर-पश्चिमी भारत, खासकर पंजाब क्षेत्र में हल्की बारिश या बादलवाई बढ़ने की उम्मीद है. तापमान 4 से 6 डिग्री बढ़ने का अनुमान मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल ने कहा कि 23, 25, 26 और 28 मार्च को राज्य में विभिन्न स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. अगले चार दिनों में दिन के तापमान में 4 से 7 डिग्री का इजाफा होगा, और उसके बाद तापमान अपेक्षाकृत स्थिर रहेगा.

MP में 5वीं और 8वीं का रिजल्ट: 5वीं में 95.14% और 8वीं में 93.83% बच्चे पास, बेटियों ने दिखाया दम

भोपाल  मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने आज कक्षा 5वीं और 8वीं का परीक्षा परिणाम आधिकारिक रूप से घोषित कर दिया है. इस वर्ष का परिणाम पिछले साल की तुलना में 3 प्रतिशत बेहतर रहा है. कक्षा 5वीं में 95.14% और 8वीं में 93.83% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं. छात्र अब पोर्टल पर जाकर अपनी मार्कशीट देख सकते हैं.  आंकड़ों के अनुसार, कक्षा 5वीं का पास प्रतिशत 95.14% रहा, जबकि कक्षा 8वीं में 93.83% छात्र पास हुए. पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार परिणाम में लगभग 3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. परीक्षा में शामिल हुए लाखों छात्र अब आधिकारिक वेबसाइट rskmp.in पर अपना रोल नंबर और समग्र आईडी दर्ज कर स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं. शिक्षा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जो छात्र किसी कारणवश सफल नहीं हो पाए हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है. उनके लिए विभाग जल्द ही विशेष कक्षाओं और पुन: परीक्षा (सप्लीमेंट्री) का आयोजन करेगा, ताकि उनका साल खराब न हो. अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों का मनोबल बढ़ाएं. आधिकारिक लिंक अब पूरी तरह सक्रिय है, हालांकि भारी ट्रैफिक के कारण छात्रों को थोड़ा धैर्य रखने की सलाह दी गई है. इस साल 5वीं के 95.14% और 8वीं के 93.83% पास हुए हैं। दोनों कक्षाओं में छात्रों की तुलना में छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन किया है।     कक्षा 5वीं: छात्राएं 96.19% और छात्र 94.15% उत्तीर्ण हुए।     कक्षा 8वीं: छात्राएं 94.98% और छात्र 92.74% सफल रहे। QR कोड से देखें रिजल्ट परिणाम देखने की प्रक्रिया को इस बार बेहद आधुनिक और आसान बनाया गया है। छात्र और अभिभावक राज्य शिक्षा केंद्र के पोर्टल पर जाने के अलावा, विभाग द्वारा जारी QR कोड को स्कैन करके भी सीधे अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके अतिरिक्त, स्कूल के प्राचार्य भी पोर्टल के माध्यम से अपने पूरे संस्थान का विद्यार्थीवार प्रदर्शन चेक कर सकेंगे। शहरी की तुलना में ग्रामीण स्टूडेंट ज्यादा इस साल 5वीं और 8वीं की परीक्षा में 23,68,984 छात्र शामिल हुए थे। 5वीं और 8वीं को मिलाकर कुल 16,78,567 छात्र ग्रामीण क्षेत्रों से थे। वहीं, शहरी छात्रों की संख्या मात्र 6,90,417 रही। 5वीं में शामिल: ग्रामीण स्टूडेंट 9,24,783 (72.45%) और शहरी 3,51,621 (27.55%) थे। छात्र 51.58% और छात्राएं 48.42% थीं। 8वीं में शामिल: ग्रामीण स्टूडेंट 7,53,784 (68.99%) और शहरी 3,38,796 (31.01%) थे। छात्र 51.27% और छात्राएं 48.73% थीं। बोर्ड पैटर्न पर हुई थी परीक्षा इस बार प्रदेश के सरकारी, निजी स्कूलों और मदरसों के करीब 23.68 लाख विद्यार्थियों ने बोर्ड पैटर्न पर परीक्षा दी थी। फरवरी में आयोजित इन परीक्षाओं के लिए प्रदेश भर में मूल्यांकन का विशाल कार्य किया गया। 322 केंद्रों पर 1.10 लाख से अधिक शिक्षकों ने कॉपियों की जांच की, जिसके बाद अंकों की ऑनलाइन प्रविष्टि की गई। क्यों खास है इस बार का परिणाम? शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल का पेपर बीते वर्षों की तुलना में कठिन था, फिर भी छात्रों का प्रदर्शन सराहनीय रहा है। बोर्ड पैटर्न लागू होने के कारण अभिभावकों और शिक्षकों के बीच रिजल्ट को लेकर सुबह से ही काफी उत्सुकता देखी गई। 2025 की तुलना में अच्छा रहा रिजल्ट 2025 में करीब 22.85 लाख स्टूडेंट्स ने 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं दी थी। इस बार करीब 23.68 लाख (12.76 लाख + 10.92 लाख) स्टूडेंट इन परीक्षाओं में बैठे। साल 2025 में 5वीं के 92.70% स्टूडेंट पास हुए थे। साल 2026 में 95.14% बच्चे पास हुए हैं। इसी तरह 2025 में 8वीं के 90.02% बच्चे पास हुए थे। इस साल 93.83% बच्चे पास हुए हैं।

सांस्कृतिक प्रकोष्ठ भाजपा की प्रथम वर्चुवल बैठक संपन्न

सांस्कृतिक प्रकोष्ठ भाजपा की प्रथम वर्चुवल बैठक संपन्न रायपुर  छत्तीसगढ़ भाजपा की इकाई सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के नवनियुक्त पदाधिकारियों की आज प्रथम बैठक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक अनुपम पाल के नेतृत्व में संपन्न हुई जिसका संचालन सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक शरद श्रीवास्तव ने किया l बैठक के प्रथम सत्र में सभी 14 पदाधिकारियों ने अपना परिचय दिया और सभी ने पूरी निष्ठा से अपने दायित्व के निर्वहन की बात कही l सहसंयोजक शरद श्रीवास्तव ने अपने अनुभव और शीर्ष नेतृत्व के आदेश को साझा करते हुये कहा कि हमें एक हजार से अधिक कलाकारों की एक भव्य टीम बनाना है ताकि समय पड़ने पर हम अपने अपने कला के माध्यम से पूरे प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के लिये सकारात्मक कार्य कर सके l वही प्रदेश संयोजक अनुपम पाल ने प्रकोष्ठ के सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि कला एक ऐसा माध्यम है जिसके सहयोग से हम सरकारी योजनाओं आम जनमानस तक अल्प समय में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकते है साथ ही भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ में कोई ईमानदारी और निष्ठा से संयमित होकर कार्य करने हेतु प्रोत्साहित किया। अंत में शरद अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापित कर आज के महत्वपूर्ण वर्चुवल बैठक के  समाप्ति की घोषणा की l  आज के इस बैठक में सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के संयोजक अनुपम पाल,सहसंयोजक शरद श्रीवास्तव,शरद अग्रवाल, उर्वशी साहू,रवि शर्मा, कोषाध्यक्ष मुकेश जोशी,कार्यालय प्रभारी तरल सोलंकी,सहकार्यालय प्रभारी जीवनमिश्रा, कार्यक्रम प्रभारी  तेजराम साहू, कार्यक्रम सह प्रभारी सुतापा पाल, मिडिया प्रभारी निशु पाण्डेय,सह मिडिया प्रभारी सतेंद्र सोनी,सोशल मिडिया प्रभारी रवि जग्गी,सोशल मिडिया सह प्रभारी रामानंद त्रिपाठी उपस्थित थे l

स्कॉलरशिप के लिए मिला मौका: पोस्ट-मैट्रिक आवेदन अब 27 तक, छात्रों को बड़ी राहत

रायपुर. पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 27 मार्च 2026 कर दी गई है। पहले यह तिथि 23 मार्च थी। इससे छात्रों को आवेदन करने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है। रायपुर जिले के सभी शासकीय और निजी कॉलेज, यूनिवर्सिटी, इंजीनियरिंग, मेडिकल, नर्सिंग, पॉलिटेक्निक और आईटीआई में पढ़ने वाले विद्यार्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। संस्थाओं के लिए प्रस्ताव लॉक करने की अंतिम तिथि 29 मार्च और सैंक्शन ऑर्डर लॉक करने की अंतिम तिथि 30 मार्च तय की गई है। छात्रवृत्ति के लिए एससी-एसटी वर्ग के अभिभावकों की आय सीमा 2.50 लाख रुपये और ओबीसी के लिए 1 लाख रुपये रखी गई है। आवेदन के साथ जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और पिछले साल का रिजल्ट देना जरूरी होगा। प्रशासन ने बताया कि तय तारीख के बाद पोर्टल बंद हो जाएगा। साथ ही अब जियो-टैगिंग, NSP पर वन टाइम रजिस्ट्रेशन और नई संस्थाओं के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है।

CM मोहन यादव’ के राज में MP ने नीति और नवाचार में हासिल किया नया मुकाम, घोषणाएं नहीं, वास्तविक बदलाव

भोपाल  CM मोहन यादव ने अपने जन्मदिन के मौके पर प्रदेश की समृद्धि और विकास के लिए अपना विजन स्पष्ट किया है। मोहन सरकार राज में  वैश्विक अर्थव्यवस्था के पुनर्संतुलन के इस दौर में भारत की विकास यात्रा अब केवल राष्ट्रीय नीतियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि राज्यों की क्षमता, नेतृत्व की स्पष्टता और प्रशासनिक प्रतिबद्धता उसकी गति निर्धारित कर रही है। ऐसे समय में मध्यप्रदेश ने स्वयं को एक संसाधन आधारित राज्य से आगे बढ़ाकर एक रणनीतिक आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेश को केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्पादन, रोजगार और क्षेत्रीय संतुलन से जुड़े व्यापक परिवर्तन के रूप में देखा है। उनके स्पष्ट मार्गदर्शन में नीति सुधार, प्रशासनिक सरलीकरण, औद्योगिक आधार विस्तार और निवेश प्रस्तावों को धरातल तक पहुंचाने की प्रक्रिया को एकीकृत ढंग से आगे बढ़ाया गया है। यह स्पष्ट रूप से दिखाई देता है कि नीति की स्पष्टता, नवाचार की स्वीकृति और निवेश के प्रति सक्रिय प्रतिबद्धता के समन्वय से मध्यप्रदेश आर्थिक समृद्धि के ऐसे नए कीर्तिमान रच रहा है जो राष्ट्रीय स्तर पर एक उदाहरण के रूप में उभर रहे हैं। नीति आधारित पारदर्शिता और निवेश का विश्वास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगों के लिए भरोसे का वातावरण निर्मित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उद्योग संवर्धन नीति 2025 सहित विभिन्न सेक्टर आधारित नीतियों के माध्यम से निवेशकों को स्पष्ट प्रोत्साहन ढांचा उपलब्ध कराया गया है। श्रम प्रधान क्षेत्रों जैसे गारमेंट, फुटवियर और खिलौना निर्माण में बड़े निवेश को मेगा उद्योग का दर्जा देकर अनुकूलित प्रोत्साहन पैकेज प्रदान किए जा रहे हैं। मोहन सरकार ने प्रक्रियाओं की जटिलता को कम करने के लिए मध्यप्रदेश जन विश्वास संशोधन अधिनियम के माध्यम से अनेक प्रावधानों का अपराधमुक्तिकरण किया गया। इससे उद्योगों में अनावश्यक भय और दंडात्मक संस्कृति की जगह विश्वास आधारित प्रशासन को बढ़ावा मिला है। सिंगल विंडो व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त करते हुए इन्वेस्ट एमपी 3 पोर्टल प्रारंभ किया गया है, जो निवेशकों को नीति, अनुमतियां, प्रोत्साहन और व्यवहार्यता से जुड़ी जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराता है। यह पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उस सोच को दर्शाती है जिसमें सरकार स्वयं को नियंत्रक नहीं, बल्कि सहयोगी के रूप में स्थापित करती है। निवेश प्रस्तावों से उद्योग स्थापना तक राज्य में आयोजित वैश्विक निवेश मंचों और औद्योगिक संवादों के माध्यम से बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि इन प्रस्तावों को केवल समझौता पत्र तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उन्हें उद्योग स्थापना में बदलने के लिए निरंतर निगरानी और सीधी समीक्षा की व्यवस्था बनाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वयं निवेश परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करते हैं। विभागीय समन्वय को मजबूत किया गया है ताकि भूमि आवंटन, स्वीकृतियां, आधारभूत सुविधाएं और प्रोत्साहन समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराए जा सकें। परिणामस्वरूप अनेक परियोजनाएं उन्नत अवस्था में पहुंच चुकी हैं और कई इकाइयां उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। यह दृष्टिकोण स्पष्ट करता है कि मध्यप्रदेश में निवेश केवल घोषणा नहीं, बल्कि क्रियान्वयन की प्रक्रिया है। औद्योगिक आधार और मजबूत अधोसंरचना राज्य में विशाल औद्योगिक भूमि बैंक उपलब्ध है और नए औद्योगिक पार्कों का विकास तीव्र गति से किया जा रहा है। मौजूदा औद्योगिक क्षेत्रों के उन्नयन के साथ आधुनिक आधारभूत संरचना सुनिश्चित की जा रही है। धार जिले में विकसित हो रहा पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क योजना के अंतर्गत देश के सबसे बड़े एकीकृत टेक्सटाइल पार्क के रूप में उभर रहा है। यह परियोजना फाइबर से फैशन तक पूरी मूल्य श्रृंखला को एक स्थान पर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। रतलाम में विकसित हो रहा मेगा औद्योगिक पार्क, सागर क्षेत्र में पेट्रोकेमिकल आधारित संभावनाएं, ग्वालियर में फुटवियर पार्क, नर्मदापुरम में रिन्यूएबल एनर्जी उपकरण निर्माण क्षेत्र और मेडिकल डिवाइस पार्क जैसी पहलें औद्योगिक विविधीकरण को सुदृढ़ कर रही हैं। एशिया का प्रमुख ऑटो परीक्षण केंद्र NATRAX राज्य में स्थित है। रीवा सौर परियोजना और ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्लांट ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश की पहचान को मजबूत किया है। निर्यात और उत्पादन क्षमता का विस्तार मध्यप्रदेश का वार्षिक निर्यात निरंतर वृद्धि दर्ज कर रहा है। कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, फार्मा, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल और खनिज आधारित उद्योग निर्यात संरचना के प्रमुख आधार हैं। राज्य भारत के ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन में अग्रणी है, जिससे टेक्सटाइल उद्योग को वैश्विक सस्टेनेबल सप्लाई चेन में विशेष स्थान मिला है। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में गेहूं, सोयाबीन, दालें और मिलेट आधारित उत्पादों की बढ़ती मांग प्रदेश के लिए नए बाजार खोल रही है। स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अधिशेष विद्युत उत्पादन वाले राज्यों में शामिल है और ऊर्जा भंडारण तथा बैटरी निर्माण जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं विकसित की जा रही हैं। समृद्ध मध्यप्रदेश 2047 की दिशा समृद्ध मध्यप्रदेश 2047 का विजन दस्तावेज प्रदेश की दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति को स्पष्ट करता है। इसमें एमएसएमई, स्टार्टअप, महिला उद्यमिता और तकनीक आधारित नवाचार को विकास का प्रमुख आधार माना गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट किया है कि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। इसलिए कौशल विकास, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह विजन केवल आर्थिक वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रतिस्पर्धात्मकता, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समावेशन के संतुलित मॉडल की ओर संकेत करता है। राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान भारत आज वैश्विक आर्थिक संरचना में नई भूमिका निभाने की दिशा में अग्रसर है। इस यात्रा में राज्यों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश अपनी नीतिगत स्पष्टता, औद्योगिक विस्तार और निवेश अनुकूल वातावरण के माध्यम से राष्ट्रीय विकास में सशक्त योगदान देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश ने यह संदेश स्पष्ट किया है कि विकास घोषणाओं से नहीं, बल्कि धरातल पर स्थापित उद्योगों, सृजित रोजगार और मजबूत आर्थिक आधार से मापा जाता है। नीति, नवाचार और निवेश के सुविचारित समन्वय के साथ मध्यप्रदेश आज आर्थिक समृद्धि के नए कीर्तिमान गढ़ रहा है और राष्ट्रीय औद्योगिक मानचित्र पर अपनी भूमिका को निरंतर सुदृढ़ कर रहा है।

हरीश राणा का निधन: पिता का वो दिल छूने वाला आखिरी मैसेज, जिसने आंखों में आंसू ला दिए

  गाजियाबाद कभी जिंदगी से भरे सपनों के साथ इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने निकले हरीश राणा की सांसें मंगलवार को गहरे सन्नाटे में बदल गई. 13 साल तक कोमा में रहने के बाद हरीश ने आखिरकार दुनिया को अलविदा कह दिया. आज सुबह उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया. उनके जाने की खबर पिता अशोक राणा ने जैसे सोसाइटी के व्हाट्सऐप ग्रुप में जैसे ही दी लोगों की आंखें भर आईं. उन्होंने लिखा- सुबह 9 बजे पार्थिव शरीर (हरीश राणा जी) का अंतिम संस्कार ग्रीन पार्क, साउथ दिल्ली में किया जाएगा… ॐ शांति ॐ…  उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के राजनगर एक्शटेंशन निवासी हरीश राणा का 13 सालों का इंतजार आखिरकार खत्म हुआ। जीवन-मृत्यु के बीच झूल रहे 32 वर्षीय युवक ने मंगलवार शाम दिल्ली एम्स में आखिरी सांस ली। सुप्रीम कोर्ट की ओर से 11 मार्च को इच्छामृत्यु की अनुमति दिए जाने के बाद हरीश को एम्स में भर्ती कराया गया था। वहां पर दर्दरहित मृत्यु की प्रक्रिया को पूरा कराया गया। जीवनरक्षक उपकरणों को हटाए जाने के बाद उन्होंने आखिरी सांस ली। बुधवार सुबह दिल्ली के ग्रीन पार्क स्थित श्मशान घाट में हरीश राणा का पार्थिव शरीर पहुंचा। हिंदू रीति रिवाज और ब्रह्माकुमारी के रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई है। राज एम्पायर सोसायटी में रहते थे हरीश हरीश राणा गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन स्थित राज एम्पायर सोसाइटी में रहने थे। हरीश राणा की मंगलवार को एम्स में इच्छामृत्यु के बाद सोसायटी में गमगीन माहौल रहा। सोसायटी में रहने वाले लोगों को जैसे ही हरीश की मृत्यु की सूचना मिली, सभी भावुक हो गए। सोसायटी के लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना जताई। सोसायटी के वॉट्सऐप ग्रुप में सुबह 9 बजे अंतिम संस्कार की सूचना में बाद मंगलवार की शाम ही लोगों ने तैयारियां कीं। हरीश के अंतिम संस्कार में सोसायटी से बड़ी संख्या में महिलाएं भी पहुंचीं। हिमाचल के रहने वाले थे हरीश हरीश राणा का परिवार मूल रूप से हिमाचल प्रदेश का रहने वाला है। हरीश राणा के पिता अशोक राणा मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के प्लेटा गांव के रहने वाले हैं। अशोक राणा वर्ष 1989 में दिल्ली आए। वह मुंबई के एक नामी होटल में शेफ का काम किया। 2013 में बेटे हरीश के साथ चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में दुर्घटना के बाद उन्होंने दिल्ली आकर परिवार की जिम्मेदारी संभाली। चंडीगढ़ में हादसे के बाद से हरीश कोमा में चले गए। वेजिटेटिव स्टेट में गए हरीश के इलाज की काफी कोशिश की गई, लेकिन वे ठीक नहीं हुए। हरीश के इलाज में अशोक राणा ने दिल्ली वाला घर बेच दिया। राज एम्पायर सोसायटी में आकर रहने लगे। घर चलाने के लिए अशोक राणा ने आसपास के इलाकों में सैंडविच बनाकर बेचना शुरू किया। 11 को आया फैसला 13 सालों के अथक इंतजार के बाद भी हरीश के ठीक नहीं होने पर अशोक राणा ने सुप्रीम कोर्ट में बेटे के लिए इच्छामृत्यु की मांग वाली याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च को हरीश को इच्छा मृत्यु की अनुमति दी। 14 मार्च को एम्स में इच्छा मृत्यु की आगे की प्रक्रिया के लिए भर्ती कराया गया था। वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इच्छा मृत्यु की प्रक्रिया हुई। मंगलवार दोपहर को कोमा में चल रहे हरीश राणा ने अंतिम सांस ली।

Durga Ashtami 2026: कन्या पूजन मुहूर्त की टाइमिंग, चैत्र नवरात्र की महाअष्टमी पर होगा आयोजन

 इंदौर  चैत्र नवरात्र का पावन पर्व अब अपने समापन की ओर है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 26 मार्च यानी कल चैत्र नवरात्र की महाअष्टमी यानी दुर्गाष्टमी मनाई जाएगी. महाअष्टमी का दिन नवरात्र के सबसे खास दिनों में से एक है. यह हर वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को ही मनाई जाती है. इस विशेष दिन पर भक्त मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की उपासना करते हैं. पूरे देश में यह दिन बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है. इसके अलावा, इस दिन कई लोग अपने घरों में कन्या पूजन करके नवरात्र का पारण भी करते हैं. तो आइए जानते हैं कि चैत्र नवरात्र की महाअष्टमी पर कल कितने बजे से कन्या पूजन शुरू होगा और किन नियमों के साथ होगा कन्या पूजन।  दुर्गाष्टमी 2026 तिथि  द्रिक पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 25 मार्च यानी आज दोपहर 1 बजकर 50 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 26 मार्च यानी कल सुबह 11 बजकर 48 मिनट पर होगा।  दुर्गा अष्टमी 2026 कन्या पूजन का ये रहेगा मुहूर्त  पहला मुहूर्त- सुबह 6 बजकर 16 मिनट से लेकर सुबह 7 बजकर 48 मिनट तक रहेगा।  दूसरा मुहूर्त- सुबह 10 बजकर 56 मिनट से लेकर दोपहर 2 बजकर 01 मिनट तक रहेगा।  अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 2 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगा।  इन तीनों मुहूर्त में कन्या पूजन किया जा सकता है.  दुर्गा अष्टमी 2026 शुभ योग  दुर्गा अष्टमी पर कल सर्वार्थसिद्धि योग और रवि योग का संयोग भी बन रहा है. सर्वार्थसिद्धि योग शाम 4 बजकर 19 मिनट से लेकर 27 मार्च की सुबह 6 बजकर 17 मिनट तक रहेगा. रवि योग का मुहूर्त भी यही रहेगा।  दुर्गा अष्टमी के दिन ऐसे करें कन्या पूजन चैत्र नवरात्र की दुर्गा अष्टमी के इस पावन दिन पर लोग नौ छोटी-छोटी कन्याओं को घर बुलाते हैं, जिन्हें मां दुर्गा के नौ रूपों का स्वरूप माना जाता है. उनकी पूजा की जाती है, माथे पर तिलक लगाया जाता है, उनके पैर धोए जाते हैं और उन्हें सात्विक भोजन जैसे हलवा, पूरी और चने खिलाए जाते हैं. उन्हें इच्छानुसार उपहार और दक्षिणा भी दी जाती है।  भोजन के बाद लोग उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेते हैं. कई लोग इस दिन जरूरतमंद और गरीब कन्याओं को भोजन, फल और कपड़े भी दान करते हैं. चैत्र दुर्गा अष्टमी बुराई पर अच्छाई की जीत और नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक है. यह दिन श्रद्धा, भक्ति और खुशी के साथ मनाया जाता है। 

RCB बिकी 16,706 करोड़ में, IPL की डिफेंडिंग चैम्पियन को किसने खरीदा?

बेंगलुरु आईपीएल की सबसे चर्चित टीमों में से एक और मौजूदा डिफेंडिंग चैम्पियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) अब नए मालिकों के हाथों में चली गई है. आदित्य बिड़ला ग्रुप, टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप, बोल्ट वेंचर्स और ब्लैकस्टोन ने मिलकर टीम को करीब 1.78 बिलियन डॉलर (लगभग 16,706 करोड़ रुपये) में खरीद लिया है. ये डील मंगलवार को हुई।  खास बात ये है कि आरसीबी की इस डील से पहले राजस्थान रॉयल्स को भी अमेरिकी बिजनेसमैन काल सोमानी ने करीब 15 हजार करोड़ की रकम में खरीदा है. यानी एक ही दिन में आईपीएल की दो टीमों का मालिकाना हक बदल गया है।  क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार आरसीबी की ये डील United Spirits Limited (जो Diageo की सब्सिडियरी है) के साथ हुई है, जिसमें RCB की 100% हिस्सेदारी ट्रांसफर की जाएगी. इस डील में आईपीएल के साथ-साथ WPL (महिला टीम) भी शामिल है. यानी आरसीबी की मेन्स और वुमेंस टीम का मालिकाना हक अब इन्हीं 4 हिस्सेदारों को मिल गया है।  RCB और RR दोनों ब‍िके, फिर कीमत में फर्क इतना क्यों? आईपीएल इतिहास में पहली बार फ्रेंचाइज़ियों की बिक्री ने $3.4 बिलियन (करीब ₹30,306 करोड़) का आंकड़ा पार कर लिया है. द‍िग्गज कमेंटेटर और क्रिकेट व‍िश्लेषक हर्षा भोगले ने इस मेगा डील पर अपनी राय रखते हुए बताया कि क्यों रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स की कीमतें लगभग बराबर रहीं।  RCB को आद‍ित्य बिरला ग्रुप के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम (कंपन‍ियों के समूह) ने खरीदा, जिसमें टाइम्स ऑफ इंड‍िया, डेव‍िड ब‍िल्टजर , ब्लैक स्टोन और बोल्ट वेंचर्स भी शामिल हैं. यह डील $1.78 बिलियन (करीब ₹16,706 करोड़) में हुई, जो IPL इतिहास की सबसे बड़ी डील बन गई।  वहीं, राजस्थान रॉयल्स को को काल सोमानी के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने खरीदा, जिसे वॉलमार्ट और फोर्ड परिवार का सपोर्ट हासिल है.  यह सौदा $1.63 बिलियन (करीब ₹13,600 करोड़) में पूरा हुआ।  भोगले ने हैरानी जताई कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का ब्रांड वैल्यू ज्यादा होने के बावजूद उसकी कीमत राजस्थान रॉयल्स से बहुत ज्यादा नहीं रही. उन्होंने बताया कि IPL का इकोसिस्टम ही ऐसा है, जहां टीमों की कमाई और खर्च लगभग बराबर होते हैं. इसी वजह से फ्रेंचाइज‍ियों की वैल्यू एक-दूसरे के करीब रहती है।  कौन संभालेगा टीम? नई ओनरशिप के तहत- * आर्यमान विक्रम बिड़ला (आदित्य बिड़ला ग्रुप) चेयरमैन होंगे. * सत्यान गजवानी (टाइम्स ग्रुप) वाइस चेयरमैन होंगे. इसके अलावा कंसोर्टियम में David Blitzer (बोल्ट वेंचर्स) और Viral Patel (ब्लैकस्टोन) भी शामिल हैं।  अभी बाकी हैं कुछ मंजूरियां यह डील फिलहाल कुछ शर्तों पर निर्भर है. इसे BCCI, कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया और बाकी रेगुलेटरी अथॉरिटीज से मंजूरी मिलनी बाकी है।  इस डील को लेकर आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा, आईपीएल ने पिछले 20 साल में क्रिकेट की तस्वीर बदल दी है और RCB जैसी टीम के साथ जुड़ना उनके लिए बड़ी बात है. उन्होंने कहा कि वे इस टीम की विरासत को और आगे बढ़ाएंगे।  वहीं, टाइम्स ग्रुप के Satyan Gajwani ने कहा, RCB सिर्फ एक टीम नहीं, बल्कि आईपीएल की सबसे पॉपुलर ब्रांड्स में से एक है. उनका लक्ष्य इसे एक ग्लोबल स्पोर्ट्स ब्रांड बनाना है।  बोल्ट वेंचर्स के David Blitzer ने कहा, RCB के पास शानदार फैन बेस है और IPL दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती लीग्स में से एक है. वहीं ब्लैकस्टोन के Viral Patel ने कहा, RCB एक मजबूत ब्रांड है और इसमें आगे बढ़ने के कई मौके हैं।  नए चेयरमैन आर्यमान बिड़ला ने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है और वह टीम को अगले लेवल पर ले जाने के लिए काम करेंगे. उन्होंने कहा कि टीम मैदान पर ही नहीं, बल्कि फैंस और कम्युनिटी के साथ भी “Play Bold” अप्रोच जारी रखेगी।  डिफेंडिंग चैम्पियन है आरसीबी बता दें कि आरसीबी की टीम डिफेंडिंग चैम्पियन है. पिछले सीजन का खिताब आरसीबी ने पंजाब किंग्स को हराकर जीता था. ये पहला मौका था जब आरसीबी की टीम ने खिताब अपने नाम किया था. आरसीबी टीम का हिस्सा विराट कोहली हैं जिसके चलते इस टीम की फैन फॉलोइंग एक अलग ही लेवल की है. आईपीएल फैन्स में आरसीबी के लिए एक अलग ही जुनून है. इस टीम के फैन्स को सबसे लॉयल फैन्स कहा जाता है. अब खिताब जीतने के बाद इस टीम की लोकप्रियता और बढ़ गई है। 

हरियाणा में नीति बदलाव: मिक्स्ड लैंड यूज को हरी झंडी, कर्मचारियों को भी मिला बड़ा लाभ

पंचकूला. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में विभागीय विकास योजनाओं में मिश्रित भूमि उपयोग (मिक्सड लैंड यूज) के लिए नई नीति को मंजूरी दी है। यह नीति उन क्षेत्रों में लागू होगी, जहां आवासीय, वाणिज्यिक, सार्वजनिक/अर्द्ध-सार्वजनिक और औद्योगिक उपयोगों को एक साथ शामिल किया गया है, लेकिन पहले अनुमत उपयोग का प्रतिशत स्पष्ट नहीं था। मंत्रिमंडल ने इस नीति के माध्यम से लंबित परियोजनाओं और विभिन्न अनुमत उपयोगों के बीच स्पष्टता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। मिश्रित भूमि उपयोग क्षेत्रों में अब आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत उपयोगों की अनुमति होगी, भले ही संबंधित सेक्टर/जोन में कोई प्रतिशत सीमा निर्धारित न हो। इसके अलावा, जहां पहले से औद्योगिक उपयोग अनुमत है, वहां इसका विस्तार भविष्य में केवल मौजूदा सीमा तक होगा। मौजूदा परिसर के भीतर छोटे विस्तार पर विचार किया जा सकता है। यदि कोई मालिक औद्योगिक उपयोग को अन्य संगत उपयोगों (आवासीय, वाणिज्यिक या संस्थागत) में बदलना चाहता है तो केवल लागू नीति और मानकों के अनुसार अनुमति दी जाएगी। मिश्रित भूमि परियोजनाओं में मुख्य उपयोग का न्यूनतम 70 प्रतिशत और सहायक उपयोग का अधिकतम 30 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। सहायक उपयोग को आवश्यकतानुसार 7.5 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। अनुदान के लिए अब एक जैसा उपयोगिता प्रमाण पत्र मंत्रिमंडल की बैठक में वित्तीय दस्तावेजों और प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए यूजिंग आफ फंड्स के लिए मानक उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) का नया प्रारूप लागू करने को मंजूरी दी गई। अब सरकारी अनुदान प्राप्त करने वाले सभी संस्थान, स्थानीय निकाय, बोर्ड, निगम और सहकारी समितियां यह सुनिश्चित करेंगी कि निधि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए ही हुआ है। पहले अलग-अलग संस्थाओं में प्रमाण पत्र के प्रारूप में भिन्नता होती थी, जिससे रिपोर्टिंग और जवाबदेही में चुनौती आती थी। नए मानकीकृत प्रारूप के तहत यह एकरूपता सुनिश्चित होगी। संशोधित नियमों के तहत अनुदान स्वीकृत या जारी करने वाले अधिकारी को यह प्रमाणित करना होगा कि सभी शर्तें पूरी हुई हैं। कर्मचारियों के लिए लास्ट पे सर्टिफिकेट में सुधार मंत्रिमंडल ने हरियाणा ट्रेजरी नियम, वाल्यूम-।। के नियम 4.176 के तहत लास्ट पे सर्टिफिकेट (एलपीसी) के नए प्रारूप को भी मंजूरी दी। एलपीसी का उपयोग मुख्य रूप से सरकारी कर्मचारियों के स्थानांतरण या सेवा समाप्ति के समय होता है और यह उनके वेतन, भत्ते, कटौती और ऋण की पूरी जानकारी देता है। नए प्रारूप में हाल के प्रशासनिक और वित्तीय सुधारों के अनुरूप कई सुधार किए गए हैं। यूनिक कोड पेयी और प्राण नंबर शामिल किया गया है। सेवा की पूरी अवधि का सत्यापन अब एलपीसी में दर्ज होगा। इसमें कर्मचारी का पैन, मोबाइल नंबर, पे लेवल, बेसिक पे, अलाउंस विवरण दर्ज किया जाएगा।