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बड़ी सौगात! लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से 30.41 करोड़ की सड़क योजना को हरी झंडी

रायपुर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्रीलक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से भटगांव विधानसभा क्षेत्र में सड़क विकास को बड़ी सौगात मिली है। राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा सूरजपुर जिले के बीरपुर (एनएच-43) से केवरा तक लगभग 18 किलोमीटर लंबाई की सड़क चौड़ीकरण एवं पुलिया निर्माण कार्य के लिए 3041.18 लाख रुपए (लगभग 30.41 करोड़ रुपए) की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। लोक निर्माण विभाग मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर से जारी आदेश के अनुसार उक्त सड़क निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप कराया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत सड़क चौड़ीकरण, पुलिया निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण, भूमि उपलब्धता, निविदा प्रक्रिया तथा समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। मंत्रीलक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में भटगांव विधानसभा क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इस सड़क परियोजना से बीरपुर से केवरा तक आवागमन सुगम होगा और ग्रामीण क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजमार्ग से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। स्थानीय व्यापार, परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी । साथ ही क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। मंत्रीलक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर सड़क सुविधाएं पहुंचाना है, ताकि विकास का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे। भटगांव विधानसभा के समग्र विकास के लिए सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में लगातार कार्य किए जा रहे हैं और आगे भी इसी तरह विकास कार्य जारी रहेंगे।

कैदियों की सुविधाएं बढ़ेंगी: झारखंड सरकार का 120 करोड़ का जेल सुधार प्लान

रांची. झारखंड में जेल सुधार को लेकर राज्य सरकार ने व्यापक योजना तैयार की है। आगामी वित्तीय वर्ष में इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे, जिनमें नई जेलों का निर्माण, मौजूदा जेलों की मरम्मत और सुरक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं का आधुनिकीकरण शामिल है। सरकार ने इसके लिए योजना मद में करीब 120 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा है। राज्य सरकार देवघर, लातेहार, गोड्डा, पाकुड़ और चतरा में नई जेलों के निर्माण हेतु इस वर्ष भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करेगी। उद्देश्य यह है कि जल्द से जल्द निर्माण कार्य प्रारंभ कर बढ़ती कैदी संख्या के दबाव को कम किया जा सके। वर्तमान में कई जेलें अपनी निर्धारित क्षमता से अधिक बंदियों को रखने के कारण भीड़भाड़ की समस्या से जूझ रही हैं। इसे देखते हुए अतिरिक्त वार्डों के निर्माण और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की योजना बनाई गई है। मौजूदा जेलों का हो रहा विकास मौजूदा जेलों में मरम्मत कार्य, चारदीवारी निर्माण, नए बंदी वार्ड, शौचालय और रसोईघर जैसी सुविधाओं को विकसित किया जाएगा। साथ ही जेलों में मानव संसाधन की कमी को दूर करने के लिए भी कदम उठाए जाने प्रस्तावित हैं। जेल आधुनिकीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके तहत इंटरेक्टिव एलईडी डिस्प्ले, प्रोजेक्टर और कंप्यूटर सिस्टम लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए डिजिटल एक्स-रे मशीन, ईसीजी मशीन, हाइड्रोलिक बेड और स्ट्रेचर जैसे उपकरणों की खरीद की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरे, इलेक्ट्रिक फेंसिंग, इलेक्ट्रॉनिक वार्ड बैरियर, गार्ड मानिटरिंग सिस्टम, आधुनिक लाकिंग सिस्टम, एक्सेस कंट्रोल और बायोमीट्रिक समाधान लागू किए जाएंगे। इसके अलावा मेटल डिटेक्टर, एक्स-रे बैगेज स्कैनर और नॉन-लिनियर जंक्शन डिटेक्टर भी खरीदे जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सुधार कार्य जेल सुधार की प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में चल रही है। कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 18 मई तक जेलों की अद्यतन रिपोर्ट मांगी है, जिसमें एक मार्च 2026 तक की स्थिति का विवरण देना अनिवार्य किया गया है। इस रिपोर्ट में जेलों की क्षमता, बंदियों की संख्या, भीड़भाड़ रोकने के उपाय, महिला कैदियों और उनके बच्चों के लिए सुविधाएं, तथा जेल कर्मियों की स्थिति जैसी जानकारियां शामिल होंगी। कर्मचारियों की भारी कमी बनी चुनौती राज्य की जेल व्यवस्था में मानव संसाधन की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पुरुष कक्षपाल के 1699 स्वीकृत पदों में से 1653 पद रिक्त हैं और मात्र 46 कर्मचारी कार्यरत हैं। इसी तरह महिला कक्षपाल के 104 स्वीकृत पदों में केवल 24 कार्यरत हैं, जबकि 80 पद खाली हैं। उच्च कक्षपाल के 244 पदों में से 32 रिक्त हैं और मुख्य उच्च कक्षपाल के तीन पदों में एक पद खाली है। विभिन्न श्रेणियों में कुल 1912 नए पद सृजित करने का प्रस्ताव फिलहाल सरकार के स्तर पर लंबित है।

प्रदेश में बम की धमकी से हड़कंप, पासपोर्ट ऑफिस और डाकघर में की गई सर्चिंग

भिंड  मध्यप्रदेश के भिंड शहर में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब जिला डाकघर को बम से उड़ाने की धमकी वाला एक संदिग्ध मेल प्राप्त हुआ। इस मेल के मिलने के बाद डाकघर प्रशासन और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह मेल भोपाल से भेजा गया बताया जा रहा है। डाकघर के पोस्ट मास्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत इसकी सूचना डायल 112 पर दी। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला तत्काल सक्रिय हो गया और मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे जिला डाकघर मेल में दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर विस्फोट होने की चेतावनी दी गई थी, जिसके कारण सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गईं। सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव पाठक, एडीएम एल.के. पांडे सहित कोतवाली थाना पुलिस और अन्य प्रशासनिक अधिकारी जिला डाकघर पहुंच गए। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच शुरू की और पूरे क्षेत्र की बारीकी से पड़ताल की। सघन जांच अभियान शुरु सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने एहतियातन बजरिया मार्ग पर आवागमन अस्थायी रूप से बंद कर दिया, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। इसके साथ ही आसपास के इलाके में भी सघन जांच अभियान चलाया गया। पुलिस और प्रशासन फिलहाल मेल की सत्यता और उसके स्रोत की जांच में जुटे हुए हैं। अचानक भारी पुलिस बल की मौजूदगी से बाजार में दहशत फैल गई और दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं। जबलपुर पासपोर्ट सेवा केंद्र को मिली धमकी वहीं दूसरी ओर जबलपुर शहर में भी पोस्ट ऑफिस स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना सामने आई है। धमकी मिलने के बाद तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं।सूचना मिलते ही बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वायड (BDDS) और डॉग स्क्वायड के साथ भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने तत्काल पासपोर्ट सेवा केंद्र और पोस्ट ऑफिस की पूरी इमारत को खाली करा दिया। वहां मौजूद कर्मचारियों और आम लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। नहीं मिली संदिग्ध वस्तु इसके बाद सुरक्षा टीमों ने पूरे परिसर की सघन जांच शुरू की। लगभग एक घंटे तक चली जांच के दौरान भवन के अंदर और आसपास के क्षेत्र की बारीकी से तलाशी ली गई। हालांकि प्रारंभिक जांच में किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। साथ ही धमकी देने वाले की पहचान और उसके स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर टीम और पुलिस की संयुक्त जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। साथ ही धमकी देने वाले की पहचान और उसके स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर टीम और पुलिस की संयुक्त जांच जारी है।

राज्यपाल पटेल ने सुदृढ़ीकृत नवनिर्मित प्रवेश द्वार का किया लोकार्पण

लोकभवन राज्य की प्रशासनिक गरिमा का प्रतीक- राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल ने सुदृढ़ीकृत नवनिर्मित प्रवेश द्वार का किया लोकार्पण भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने लोकभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक- 2 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का बुधवार को लोकार्पण किया। उन्होंने भारत माता के जयघोष के साथ फीता खोलकर प्रवेश द्वार का उद्घाटन किया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि लोकभवन प्रदेश की प्रशासनिक गरिमा का प्रतीक है। प्रवेश द्वारों का सुदृढ़ और सुव्यवस्थित होना सुरक्षा के साथ ही राज्य की सांस्कृतिक स्थापत्य पहचान को भी सशक्त करता है। उन्होंने राज्य की सांस्कृतिक विशिष्टताओं के अनुरूप गेट निर्माण के लिए संबंधित विभागों की सराहना की। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। लोकभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक- 1 एवं 2 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की पूर्णता तक लगभग 98 लाख 65 हजार रुपयों की लागत आई है। प्रवेश द्वारों की संरचनात्मक सुदृढ़ीकरण, सौंदर्यीकरण, सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए कार्य किए गए हैं, जिससे लोकभवन परिसर का स्वरूप और अधिक आकर्षक, सुरक्षित और सुविधाजनक हुआ है। गांधी जयंती पर हुआ था प्रवेश द्वार क्र.- 1 का लोकार्पण राज्यपाल पटेल ने अप्रैल 2025 में लोकभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक- 1 एवं 2 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का भूमि-पूजन किया था। उन्होंने पूजा-अर्चना कर निर्माण कार्य की आधारशिला रखी थी। राज्यपाल पटेल लोकभवन के प्रवेश द्वार क्र.- 1 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य के बाद विगत वर्ष गांधी जयंती के अवसर पर उसका लोकार्पण किया था। उसके बाद प्रवेश द्वार क्रमांक-2 का सुदृढ़ीकरण कार्य प्रारम्भ हुआ। इस अवसर पर राज्यपाल के उप सचिव सुनील दुबे, विशेष कर्तव्य अधिकारी अरविंद पुरोहित, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता संजय मस्के, वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता तथा लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।  

ईरान से जंग खत्म करने के लिए ट्रंप की 15 शर्तें: एक महीने का सीजफायर, नो न्यूक्लियर और होर्मुज

वाशिंगटन इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमला करने के करीब 25 दिन बाद अमेरिका अब सीजफायर की उम्मीद कर रहा है। बीते दिनों ईरान युद्ध में जीत का दावा करने वाले ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान के साथ उनकी बातचीत जारी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप सरकार ने समझौते के लिए ईरान को एक 15-सूत्रीय युद्धविराम योजना की पेशकश की है, जिसमें युद्ध में एक महीने का सीजफायर का जिक्र है। इस घटनाक्रम से अवगत एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है। अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखे जाने की शर्त पर बताया कि युद्धविराम योजना पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिए ईरान को सौंपी गई। बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मध्यस्थता की पेशकश की थी। इसके बाद ट्रंप ने भी इसे हरी झंडी दे दी है और कहा है कि ईरानी नेतृत्व के ‘अच्छे लोगों’ के साथ उनकी बातचीत जारी है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने मंगलवार को अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि 15-सूत्रीय योजना ईरानी अधिकारियों को सौंप दी गई है। ट्रंप की योजना में क्या? हालांकि पूरा दस्तावेज अभी आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किया गया है, लेकिन कई रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई है कि इस 15-सूत्रीय योजना का ढांचा तीन बड़ी मांगों पर आधारित है। इसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने की मांग की गई है। ट्रंप कई मौकों पर यह कह चुके हैं कि ईरान को अपनी परमाणु क्षमताओं को खत्म करना होगा। इसमें यूरेनियम संवर्धन को पूरी तरह रोकना, नतान्ज, फ़ोर्डो और इस्फहान जैसी अहम सुविधाओं को बंद करना और अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण की अनुमति देना शामिल है। प्रॉक्सी मॉडल को छोड़ने की बात भी इसके अलावा अमेरिका चाहता है कि ईरान अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों की मारक क्षमता और संख्या को सीमित करे। यह मांग ईरान की प्रतिरोधक क्षमता को निशाना बनाती है, ना कि सिर्फ उसकी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को। एक और बड़ी मांग यह है कि ईरान हिजबुल्लाह और हूती जैसे क्षेत्रीय गुटों को पैसे देना और हथियार मुहैया कराना बंद करे और पूरे मिडिल ईस्ट में अपने प्रॉक्सी मॉडल को छोड़ दे। इसके अलावा प्लान में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रखने, और सीजफायर की समय-सीमा तय करने की बात भी है। वहीं इन सब के बदले अमेरिका ईरान को प्रतिबंधों में पूरी तरह राहत दे सकता है। USA के कदम से इजरायल हैरान उधर, अमेरिका के इस अचानक सीजफायर प्रस्ताव ने इजरायली अधिकारियों को हैरान कर दिया है जो युद्ध जारी रखने के पक्ष में थे. दूसरी ओर, कूटनीतिक कोशिशों के बावजूद पेंटागन क्षेत्र में 3,000 अतिरिक्त सैनिक तैनात कर रहा है. वर्तमान में मिडिल ईस्ट में लगभग 50,000 अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं. ईरान ने पहले ही चेतावनी दी है कि यदि सैन्य गतिविधियां बढ़ीं, तो वह खाड़ी में समुद्री बारूद (नेवल माइंस) बिछा सकता है।  नया नहीं है पीस प्लान विशेषज्ञों का कहना है कि ये 15-सूत्रीय ढांचा पूरी तरह नया नहीं है, बल्कि मई 2025 के उस प्रस्ताव पर आधारित है जो इजरायली हमलों के बाद विफल हो गया था. पहले की योजना में कथित तौर पर व्यापक शर्तें लगाई गई थीं, जिनमें ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों पर सख्त सीमाएं लगाना, यूरेनियम भंडार को बाहर भेजना, संवर्धन सुविधाओं को निष्क्रिय करना और प्रतिबंध राहत निधि के इस्तेमाल को प्रतिबंधित करना शामिल था, जबकि केवल आंशिक प्रतिबंधों में ढील और संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में एक नागरिक परमाणु कार्यक्रम की पेशकश की गई थी।  इस बात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है कि क्या ये प्रस्ताव औपचारिक रूप से ईरान को प्रस्तुत किया गया है. कुछ राजनयिकों को शक है कि कोई ठोस नया प्रस्ताव मौजूद भी है या नहीं और यदि है भी, तो संभवत इसे अभी तक तेहरान के साथ साझा नहीं किया गया है।  वहीं, ट्रंप ने दावा किया कि पिछले दो दिनों में हुई बहुत अच्छी और सार्थक बातचीत से ईरान के साथ प्रगति हुई है. हालांकि, तेहरान ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि बातचीत को फिर से शुरू करने के बारे में सीमित अप्रत्यक्ष संपर्कों के अलावा कोई गुप्त वार्ता नहीं हुई है।  विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप इस युद्ध से बाहर निकलने का रास्ता (ऑफ-रैंप) तलाश रहे हैं. हालांकि, दोनों देशों के बीच गहरे अविश्वास और ईरान के अंदर वार्ता के अधिकार को लेकर अनिश्चितता इस शांति प्रक्रिया में बड़ी बाधा है।  मानेगा ईरान? ईरान ने अब तक अमेरिका के साथ बातचीत की संभावना को खारिज ही किया है। ऐसे में इसकी बेहद कम संभावना है कि ईरान ट्रंप की इन मांगों को समर्थन देगा। इसकी वजह यह है कि यह प्रस्ताव किसी नई शांति पहल से ज्यादा, पहले नाकाम हो चुकी परमाणु वार्ताओं का ही एक नया रूप लगता है। ईरान का तर्क है कि पिछली बार बातचीत के बीच ही अमेरिका ने हमला कर दिया, जिससे नई गारंटियों पर विश्वास करना मुश्किल हो जाता है।

कलेक्टर ने लिया सख्त एक्शन: RI और पटवारी निलंबित, तहसीलदार को दी जबरदस्त फटकार, रेवेन्यू डिपार्टमेंट शून्य

सतना  मध्यप्रदेश के सतना में एक बड़ा एक्शन हुआ है। जिले मे बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरआई और पटवारी को सस्पेंड कर दिया गया है जबकि तहसीलदार को जमकर फटकार लगाई है। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार ने सिंघम अवतार लेते हुए ये एक्शन किया है । कलेक्टर के इस एक्शन से विभाग में हड़कंप मच गया है। कलेक्टर की कड़ी फटकार, बोले- रेवेन्यू डिपार्टमेंट शून्य हो गया, कोई काम नहीं कर रहा दरअसल कलेक्टर ने जिले के राजस्व अमले की कार्यप्रणाली पर बेहद गंभीर नाराजगी जाहिर करते हुए कडे और कठोर शब्द बोल दिए। कलेक्टर की नाराजगी का आलम क्या था इसका अंदाजा आप ऐसे लगा सकते हैं कि कलेक्टर ने  यहां तक कह दिया कि रेवेन्यू डिपार्टमेंट शून्य हो गया है। कोई काम नहीं कर रहा है , भू-माफियाओं से मिलीभगत अलग देखने को मिल रही है। फिर कलेक्टर ने कोई रहम न करते हुए गुस्से के अनुसार बड़ा एक्शन लेते हुए (RI) आरआई और  पटवारी पर गाज गिराते हुए सस्पेंड कर दिया और साथ ही तहसीलदार को भी जमकर फटकार की घुट्टी पिलाई है। इस रुप को देखकर कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। बेहद गुस्से में दिखे भड़के कलेक्टर सतीश कुमार कलेक्टर सतीश कुमार अधिकारियों के काम किस कदर आहत थे इसका पता इससे चलता है कि उन्होंने लापरवाही पर कड़े शब्द बोले। कलेक्टर ने कहा कि यहां के तहसीलदार कले•क्टर के कहने के बाद भी पटवारी से काम नहीं करवा पा रहे हैं, लोग कहीं भी मकान बना रहे हैं और अधिकारियों ने जैसे मौन साध रखा हो। कलेक्टर सरकारी जमीन के गलत सीमांकन पर कोठी तहसीलदार पर  इस कदर गुस्सा हुए कि पटवारी और आरआई को निलंबित करने के आदेश दे दिए।

ड्रग्स माफिया पर शिकंजा, 34.50 लाख की संपत्ति जब्त- पुलिस की कड़ी कार्रवाई

मोगा. मोगा जिले में नशा तस्करों के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी की लाखों रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गांधी के नेतृत्व में की गई, जिसके तहत गांव राजेयाना निवासी नशा तस्कर गुरतेज सिंह उर्फ तेजा की करीब 34 लाख 50 हजार रुपये मूल्य की संपत्ति को जब्त किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। उपमंडल पुलिस अधिकारी बाघापुराना दलवीर सिंह के नेतृत्व में थाना समालसर और बाघापुराना की पुलिस टीम ने यह कदम उठाया। मामले की जांच के दौरान सामने आया कि गुरतेज सिंह को पहले 255 ग्राम हेरोइन सहित गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले के आधार पर उसकी संपत्ति की जांच की गई, जिसमें पाया गया कि यह संपत्ति गैरकानूनी तरीके से नशा तस्करी कर अर्जित की गई थी। इसके बाद संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी के रिहायशी मकान को जब्त करने की कार्रवाई की गई। मकान आरोपी के पिता के नाम पर यह मकान आरोपी के पिता सरबजीत सिंह के नाम पर गांव राजेयाना में स्थित है। पुलिस ने जब्ती की कार्रवाई के तहत मकान के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि यह संपत्ति नशे के अवैध कारोबार से अर्जित की गई है और अब इसे जब्त कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार के वित्त विभाग के सक्षम अधिकारी से अनुमति प्राप्त की गई थी, जिसके बाद कानून के तहत यह कदम उठाया गया। अभियान जारी रखेगी मोगा पुलिस वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गांधी ने कहा कि जिले में नशा तस्करों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और जो भी व्यक्ति नशे के कारोबार में लिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में ऐसे और मामलों में भी संपत्ति जब्त करने जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि नशा तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। पुलिस की इस कार्रवाई को नशा विरोधी अभियान में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे तस्करों में भय का माहौल पैदा हुआ है।

राज्यपाल डेका से यूनीसेफ के इमेजिन वेंचर के प्रथम भारतीय पुरस्कार विजेता ने की सौजन्य भें

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका से आज लोकभवन में यूनीसेफ के इमेजिन वेंचर के प्रथम भारतीय पुरस्कार विजेता एवं एलियन इनोवेशन्स हैदराबाद के संस्थापक  रवि किरण ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए विकसित नवीनतम सहायक उपकरण का प्रदर्शन किया और इसकी विशेषताओं की जानकारी दी।             रवि किरण ने बताया कि यह उपकरण दृष्टिबाधित लोगों को दैनिक जीवन में अधिक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनने में सहायता करेगा। भेंट के दौरान उन्होंने राज्य में  दृष्टिबाधितजनों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आगामी लॉन्च कार्यक्रम के लिए राज्यपाल को आमंत्रित भी किया।           राज्यपाल ने इस नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास दिव्यांगजनों के जीवन को बेहतर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर एलियन इनोवेशन्स की प्रमुख सु हर्षिता भी उपस्थित थी।

हरियाणा के खिलाड़ियों को बड़ा तोहफा, खातों में पहुंचेगा 1.66 करोड़ का खुराक भत्ता

कैथल. खेल विभाग मुख्यालय की तरफ से 22 जिलों के 74 हजार 884 नर्सरी खिलाड़ियों के लिए 12.72 करोड़ रुपये का बजट जिला स्तर पर जारी किया जा चुका है। इनमें कैथल के 6302 खिलाड़ियों को एक करोड़ 66 लाख रुपये की राशि मिलेगी। खिलाड़ियों के खातों में यह राशि भेजने के लिए जिला खिल विभाग की तरफ से कागजी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। इस सप्ताह खिलाड़ियों के खातों में राशि पहुंच जाएगी। नर्सरी खिलाड़ियों की यूनिक आइडी सहित अन्य जानकारी ली जा चुकी है। यह राशि जुलाई 2025 से सितंबर 2025 की है। पिछले सेशन के दौरान खेल नर्सरी में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को अभी तक भी खुराक भत्ता जारी नहीं किया गया था। अब तीन महीने की राशि खिलाड़ियों को मिल जाएगी। उम्मीद है जल्द ही बकाया पांच महीने की राशि भी जारी की जाएगी। इस समय प्रदेश में खेल नर्सरी नहीं चल रही हैं। फरवरी और मार्च में नर्सरी बंद रहती हैं और अप्रैल में इन्हें दोबारा से शुरू किया जाएगा। खिलाड़ी कई बार मांग कर चुके हैं कि उन्हें खुराक भत्ता की राशि हर माह दी जानी चाहिए। एक खेल नर्सरी में 25 खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। विभाग की तरफ से आठ से 14 साल के खिलाड़ी को 1500 रुपये और 15 से 19 साल के खिलाड़ी को दो हजार रुपये महीना खुराक भत्ता दिया जाता है। नर्सरी में खिलाड़ियों को सुबह-शाम खेलों का अभ्यास करवाया जाता है। ग्रामीण एरिया के खिलाड़ियों को सबसे ज्यादा फायदा होता है। खेल विभाग की तरफ से अप्रैल में नई खेल नर्सरी शुरू कर दी जाएंगी। इसके लिए डिप्टी डायरेक्टर स्तर पर नर्सरी के लिए आवेदनों की जांच पूरी हो चुकी है। जिला खेल विभाग के पास विभिन्न खेलों के 279 आवेदन आए थे। इनमें से 89 आवेदन कमियां मिलने के कारण रद कर दिए गए थे। कुल 190 आवेदनों को पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। इनमें से 71 खेल नर्सरी पंचायत, 77 खेल नर्सरी सरकारी स्कूल और 42 खेल नर्सरी निजी शिक्षण संस्थानों के लिए पास की गई थी। अब 190 में से कितनी नर्सरी शुरू होंगी इसका अंतिम फैसला मुख्यालय की तरफ से लिया जाएगा। उम्मीद है जल्द ही नर्सरी की लिस्ट जारी हो जाएगी। बता दें कि पिछले सेशन में जिले में 100 नर्सरी शुरू हुई थी। इनमें से 22 नर्सरी सरकारी प्रशिक्षण केंद्रों और 78 नर्सरी सरकारी स्कूलों व पंचायतों में शुरू की गई थी। पहले प्रदेश में करीब 1500 खेल नर्सरी थी और इस बार 2000 नर्सरी शुरू करने की तैयारी की जा रही है। जिला खेल अधिकारी राजरानी ने कहा कि खेल विभाग मुख्यालय की तरफ से नर्सरी खिलाड़ियों के लिए तीन माह का खुराक भत्ता बजट भेजा हुआ है। जल्द ही खिलाड़ियों के खातों राशि भेज दी जाएगी। इसके लिए कागजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उम्मीद है अप्रैल में नई खेल नर्सरी भी शुरू हो जाएंगी।

सीएम साय की दो टूक चेतावनी: अफीम उगाने वालों पर कड़ी कार्रवाई, चाहे कोई भी हो

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अफीम की अवैध खेती, विदेश नीति और नक्सलियों के आत्मसमर्पण जैसे मुद्दों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में कहीं भी अफीम की खेती बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसमें शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी। सीएम साय ने कहा कि जब दुर्ग जिले में अफीम की खेती का मामला सामने आया था, तभी सभी कलेक्टरों को सख्त निर्देश दिए गए थे। कई जगहों पर पुलिस ने कार्रवाई कर खेती को चिन्हांकित भी किया है। उन्होंने दो टूक कहा कि चाहे कितने भी बड़े रसूखदार क्यों न हों, सरकार कार्रवाई जरूर करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मुद्दे पर कलेक्टरों की बैठक भी ली गई थी और उनसे जांच रिपोर्ट मांगी गई थी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। विदेश नीति पर विपक्ष को जवाब विपक्ष द्वारा केंद्र सरकार की विदेश नीति को कमजोर बताने पर सीएम साय ने पलटवार करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी देश के मजबूत नेता हैं और उनकी विदेश नीति प्रभावी है। उन्होंने कहा कि भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए रास्ते खुले हैं और गैस व तेल की आपूर्ति भी सुगम हुई है। बड़े नक्सलियों का सरेंडर होना सकारात्मक संकेत नक्सलियों के सरेंडर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का स्पष्ट संकल्प है कि देश से नक्सलवाद खत्म किया जाएगा। 31 मार्च की समय सीमा के बीच लगातार नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं और पापाराव जैसे बड़े नक्सलियों का सरेंडर होना सकारात्मक संकेत है। सीएम साय ने इसे राज्य और देश के लिए अच्छी खबर बताते हुए कहा कि सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है।