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बिहार को मिलेगी नई सौगात, पटना-बक्सर मरीन ड्राइव विस्तार की घोषणा

बक्सर. बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) ने कहा कि बक्सर की आध्यात्मिक और ऐतिहासिक भूमि अब विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। ''समृद्धि यात्रा'' के तहत स्थानीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने बुनियादी ढांचे पर जोर देते हुए कहा कि पटना से कोईलवर तक मरीन ड्राइव बनाने का काम शुरू हो चुका है। इसे कोईलवर से बक्सर तक विस्तार दिया जाएगा। सड़कों में सुधार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एक समय था जब लोग पटना से बक्सर जाने में 5 घंटे का समय और ट्रेन के सफर पर निर्भर रहते थे। आज डबल इंजन की सरकार के कारण यह दूरी मात्र डेढ़ से दो घंटे की रह गई है। उन्होंने कहा कि बक्सर-चौसा सड़क को फोरलेन बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण का काम शुरू हो गया है। साथ ही, 2024 के केंद्रीय बजट का उल्लेख करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के आग्रह पर बक्सर में गंगा नदी पर फोरलेन पुल का निर्माण किया जा रहा है। अब मेड इन बक्सर कोल्ड ड्रिंक पिएंगे युवा रोजगार और निवेश पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि बक्सर अब औद्योगिक रूप से सक्षम हो रहा है। उन्होंने कहा, अभी हमने सीमेंट फैक्ट्री का शिलान्यास और उद्घाटन देखा है। जल्द ही बक्सर और डुमरांव बेवरेज यानी पेप्सी और कोका-कोला के बड़े केंद्र बनेंगे। अब यहां के युवा ''मेड इन यूएसए'' नहीं, बल्कि बक्सर में बनी कोल्ड ड्रिंक्स पिएंगे। उन्होंने दावा किया कि यह देश में सबसे अधिक मात्रा में बेवरेज का उत्पादन करने वाली इकाई है। सरकार का लक्ष्य एक करोड़ लोगों को रोजगार देकर पलायन रोकना है। मुख्यमंत्री ने यह तय किया है कि मजदूरी के लिए अब किसी को बिहार से बाहर नहीं जाना होगा। उन्हें स्थानीय तौर पर ही काम मिलेगा। सड़क और बिजली सुविधाओं में अभूतपूर्व विस्तार उपमुख्यमंत्री ने आंकड़ों के जरिए विकास का खाका पेश किया। कहा कि एनडीए की सरकार बनने के बाद बिहार का बजट 6,000 करोड़ से बढ़कर 3.47 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसी तरह बिजली के क्षेत्र में 2005 के 17 लाख कनेक्शन के मुकाबले आज 2.16 करोड़ कनेक्शन हैं। उन्होंने बताया कि सरकार हर घर को 125 यूनिट मुफ्त बिजली और सालाना ₹12,000 की सब्सिडी दे रही है। राज्य में सड़कों का जाल 6,000 किमी से बढ़कर 40,000 किमी तक पहुंच गया है। 18 लाख छूटी हुई महिलाओं को मिलेंगे 10-10 हजार रुपए उन्होंने जीविका दीदियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि 1.60 लाख करोड़ का बाजार अब महिलाओं के हाथ में है। मुख्यमंत्री ने 1.81 करोड़ महिलाओं के खाते में 10,000 रुपए की राशि भेजी है, जो बिहार को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। कुछ बहनें इसमें छूट गई हैं। एक महीने के अंदर 18 लाख छूटी हुई जीविका दीदियों को 10-10 हजार रुपए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार देगी।

मोहाली में 8वीं की छात्रा से दुष्कर्म का वीडियो बनाकर किया गैंगरेप

मोहाली. मोहाली से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक छात्रा को उसके ही क्लासमेट ने अपने साथियों के साथ मिलकर दरिंदगी का शिकार बनाया। जानकारी के मुताबिक, क्लासमेट द्वारा अपने साथियों से छात्रा का गैंगरेप करवाया गया। घटना मोहाली के न्यू चंडीगढ़ इलाके की है। जहां एक 8वीं कक्षा की छात्रा से हैवानियत की हदें पार की गई। यही नहीं इस पूरी वारदात का वीडियो भी बनाया गया और उसे व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर भी किया गया। आरोपियों ने इस दौरान छात्रा को जान से मारने की धमकियां भी दी। परिवार वालों की शिकायत पर पुलिस ने क्लासमेट सहित 4 के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि, पीड़ित छात्रा का क्लासमेट और उसके 2 साथी नाबालिग है। जिन्हें कोर्ट में पेश करके सुधार गृह में भेज दिया गया है। वहीं एक बालिग आरोपी (उम्र 20) को 4 दिन के रिमांड पर भेजा गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 70(2), 61(2) और POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। इस पूरे मामले में पीड़ित छात्रा की एक नाबालिग सहेली को भी गिरफ्तार किया है। सहेली पर आरोप है कि, पीड़ित छात्रा को आरोपियों तक पहुंचाने में मदद की थी।  पूरा मामला मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़ित छात्रा जोकि 8वीं कक्षा में पढ़ती और 15 साल की  है। मुख्य आरोपी उसका क्लासमेट है, जिसने पहले पीड़ित छात्रा के साथ दोस्ती की और फिर उसके प्राइवेट वीडियो बनाकर उसे डराना धमकाना शुरू कर दिया। हद तो तब हो गई जब उसने अपने 3 साथियों के साथ मिलकर छात्रा के साथ कई बार गैंगरेप किया। छात्रा अलग-अलग सुनसान जगहों पर ले जाकर उसके साथ कई बार गैंगरेप की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि, आरोपी पिछले एक महीने से ऐसा कर रहे थे। आरोपियों ने पहली बार उसके साथ किए गैंगरेप का वीडियो रिकोर्ड कर लिया था। उसके बाद उसे बार सुनसान जगहों पर बुलाते और उसके गैंगरेप की घटना को अंजाम देते थे। पीड़ित छात्रा बदनामी के डर से किसी कुछ नहीं बता पा रही थी। लेकिन जब आरोपियों में एक ने गुस्से में आकर वीडियो को एक प्राइवेट व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर कर दिया, तो इसका खुलासा हुआ। इसके बाद पीड़ित छात्रा ने आपबीती अपने परिवार वालों को बताई। जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चारों को उनके घरों से ही गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें से 3 नाबालिग हैं।

शिवराज सिंह चौहान का अहम बयान, किसानों की आय बढ़ाने के लिए बताया खास फॉर्मूला

 बुदनी एमपी के सीहोर जिले के बुदनी केंद्रीय कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान में आयोजित 'कृषि एक्सपो-2026' के दूसरे दिन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों और कृषि क्षेत्र को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए बड़ा संदेश दिया। केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने और कृषि को आधुनिक स्वरूप देने के लिए दृढ़ संकल्पित है। आगे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बुदनी में कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की योजना पर काम चल रहा है, जिससे क्षेत्र में कृषि शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी विकास को नई दिशा मिलेगी। बजट 2026 में कृषि क्षेत्र को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बजट 2026 में कृषि क्षेत्र को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई गई हैं। किसानों को नई तकनीकों से जोडऩे, कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने और उत्पादन लागत घटाने के लिए ठोस प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाकर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करना है।  ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर जोर कृषि मंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर जोर देते हुए कहा कि सिंचाई सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है और आधुनिक कृषि उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, छोटे और सीमांत किसानों के लिए विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिससे उन्हें सीधा लाभ मिल सके और वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने तकनीकी नवाचार को कृषि का भविष्य बताते हुए कहा कि डिजिटल कृषि, स्मार्ट फार्मिंग और अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से उत्पादन क्षमता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को प्रशिक्षण, जागरुकता और तकनीकी मार्गदर्शन देकर उन्हें आधुनिक खेती की ओर अग्रसर किया जा रहा है। बुदनी को मिला विकास का नया आयाम केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यहां स्थित संस्थान को अब बहुआयामी स्वरूप दिया जाएगा। साथ ही, बुदनी में कृषि इंजीनियङ्क्षरग कॉलेज खोलने की योजना पर भी काम किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में कृषि शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी विकास को नई दिशा मिलेगी। यह पहल न केवल स्थानीय युवाओं के लिए अवसर बढ़ाएगी, पूरे क्षेत्र के कृषि विकास में मील का पत्थर साबित होगी। सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में कृषि क्षेत्र में व्यापक और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।

मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होगी बहनों की पंचायत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री निवास में होगी बहनों की पंचायत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बहनों का आशीर्वाद हमें निरंतर प्राप्त हो रहा है : बहनों से संवाद का क्रम जारी रहेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों का किया स्वागत "बहनों की पाती-भैया के नाम" कार्यक्रम को बताया आत्मीय पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव के जन्म दिवस पर पाती लेकर बहनें पहुंची मुख्यमंत्री निवास भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनके जन्म दिवस 25 मार्च को प्रातः "बहनों की पाती-भैया के नाम" लेकर मुख्यमंत्री निवास पहुंची बहनों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभिव्यक्ति "बहनों की पाती-भैया के नाम" एक आत्मीय पहल है। बहनों का आशीर्वाद हमें निरंतर प्राप्त होता रहा है। प्रदेश की बहनों ने अपने मन के भाव, अनुभव और सुझाव पाती के माध्यम से व्यक्त किए हैं। बहनों ने अपने भैया के प्रति विश्वास, स्नेह और सम्मान को शब्दों में पिरोया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के स्वाभिमान और सशक्तिकरण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री निवास में जल्द ही बहनों से संवाद के लिए विशेष पंचायत आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी देश में गरीब, युवा, नारी और किसान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं। प्रदेश में बहनों के कल्याण का कार्य मिशन मोड में चल रहा है। राज्य सरकार ने नारी सशक्तिकरण के लिए एक लाख करोड़ रूपए से अधिक के बजट का प्रावधान किया है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। अब हमारी बहनें कारखानों और उद्योगों में भी नेतृत्व कर रही हें। राज्य सरकार महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास पहुंची बहनों से महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी को अधिक से अधिक प्रसारित करने में सहयोग का आहवान किया। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए आवश्यक है कि हर पात्र बहन आत्मनिर्भरता और उनके कल्याण के लिए चलाई जा रही शासकीय योजनाओं का लाभ लें।

गुजरात में समान नागरिक संहिता लागू, लिव-इन में रह रहे लोग रहें सावधान, शादी में धोखाधड़ी पर 7 साल की सजा

अहमदाबाद  गुजरात विधानसभा ने  'गुजरात समान नागरिक संहिता विधेयक 2026' पारित कर दिया। इसमें शादी-विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों के बारे में एक समान कानूनी ढांचा प्रस्तावित किया गया है। इसी के साथ गुजरात यूसीसी लागू करने वाला दूसरा राज्य बन गया है। गुजरात विधानसभा की 182 सीटों में से 161 सीटों पर भारी बहुमत होने के कारण बीजेपी के कई सदस्यों द्वारा प्रस्तावित कानून पर अपने विचार रखने के बाद यह विधेयक बहुमत से पारित कर दिया गया। उत्तराखंड के बाद गुजरात दूसरा ऐसा भारतीय राज्य बन गया है, जिसने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के लिए विधेयक पारित किया है। हालांकि, इस विधेयक के कोई भी प्रावधान अनुसूचित जनजातियों के लोगों पर लागू नहीं होंगे। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने विधेयक पेश करते हुए कहा कि यह कानून संविधान के मूल सिद्धांतों और न्याय के विचार पर आधारित है. उनके अनुसार इस कानून का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों से जुड़े मामलों में एक समान कानूनी ढांचा स्थापित करना है, चाहे उनका धर्म या जाति कुछ भी हो. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विधेयक सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न निर्णयों और दुनिया के कई लोकतांत्रिक देशों के कानूनों का अध्ययन करने के बाद तैयार किया गया है। विधानसभा में तकरीबन 8 घंटे से अधिक समय तक चली बहस के बाद विधेयक को ध्वनिमत से पारित किया गया. गुजरात में सत्तारूढ़ भाजपा ने इसे सामाजिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम बताया, जबकि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने इसका विरोध करते हुए इसे विधानसभा की सेलेक्ट कमेटी को भेजने की मांग की. विपक्ष का आरोप था कि सरकार ने इसे जल्दबाजी में पेश किया है और यह कुछ समुदायों के अधिकारों पर असर डाल सकता है. ‘गुजरात यूनिफॉर्म सिविल कोड-2026’ नामक यह कानून पूरे राज्य में लागू होगा और गुजरात के उन निवासियों पर भी लागू होगा जो राज्य के बाहर रहते हैं. हालांकि, अनुसूचित जनजातियों (एसटी) और संविधान द्वारा संरक्षित कुछ पारंपरिक समूहों (Traditional Groups) को इसके दायरे से बाहर रखा गया है। फर्जी तरीके से विवाह करने पर जेल विधेयक के प्रमुख प्रावधानों में विवाह का अनिवार्य पंजीकरण, लिव-इन रिलेशंस का रजिस्‍ट्रेशन, तलाक के लिए समान नियम और बेटियों व बेटों को उत्तराधिकार में समान अधिकार शामिल हैं. कानून के अनुसार, विवाह का रजिस्‍ट्रेशन 60 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा. ऐसा न करने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. वहीं, जबरन, धोखाधड़ी या दबाव में कराए गए विवाह के मामलों में 7 साल तक की सजा का प्रावधान रखा गया है. बहुविवाह या एक से अधिक विवाह करने पर भी समान सजा का प्रावधान किया गया है. तलाक के मामलों में भी नया प्रावधान किया गया है. इसके अनुसार अदालत की मंजूरी के बाद ही तलाक को वैध माना जाएगा और बिना ज्‍यूडिशियल प्रोसेस के किया गया तलाक अमान्य होगा. ऐसे मामलों में तीन साल तक की सजा का प्रावधान है. इसके साथ ही महिलाओं को बिना शर्त दोबारा विवाह करने का अधिकार भी सुनिश्चित किया गया है। गुजरात UCC: 10 प्‍वाइंट में जानें सबकुछ     गुजरात विधानसभा में पारित: गुजरात विधानसभा ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल को बहुमत से पारित कर दिया, जिससे राज्य इसे लागू करने वाला देश का दूसरा राज्य बन गया (पहला उत्तराखंड).     समान कानून का उद्देश्य: बिल का मकसद सभी धर्मों और समुदायों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों पर एक समान कानूनी ढांचा लागू करना है।     सीएम भूपेंद्र पटेल का बयान: मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इसे समानता और न्याय पर आधारित कानून बताया, जो सभी नागरिकों पर बिना भेदभाव लागू होगा।     शादी का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य: विवाह के 60 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा, नहीं करने पर 10,000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।     जबरन या धोखाधड़ी से शादी पर सजा: जबरन, धोखे या दबाव में की गई शादी पर अधिकतम 7 साल की सजा का प्रावधान रखा गया है. साथ ही बहुविवाह/पॉलिगैमी पर भी प्रतिबंध लगाया है।     तलाक के नियम सख्त: तलाक केवल अदालत की मंजूरी और रजिस्ट्रेशन के बाद ही मान्य होगा, अन्यथा 3 साल तक की सजा हो सकती है. महिलाओं को दोबारा शादी का अधिकार सुनिश्चित किया गया है।     लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन: लिव-इन संबंधों का पंजीकरण अनिवार्य होगा; उल्लंघन पर 3 महीने तक की जेल या 10,000 रुपये तक जुर्माना लग सकता है।     महिलाओं और बच्चों के अधिकार: बिल में महिलाओं के भरण-पोषण, बच्चों की पहचान, विरासत और सुरक्षा को कानूनी रूप से मजबूत करने का प्रावधान है।     राजनीतिक प्रतिक्रिया: बीजेपी ने इसे ऐतिहासिक और समानता की दिशा में बड़ा कदम बताया, जबकि कांग्रेस और AAP ने इसका विरोध करते हुए इसे चयन समिति को भेजने की मांग की और इसे संविधान विरोधी बताया।     संवैधानिक आधार: बिल को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत लाया गया है, जो राज्य को सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्देश देता है। लिव-इन में रहने वालों हो जाएं सावधान विधेयक में लिव-इन संबंधों के पंजीकरण को भी अनिवार्य बनाया गया है. यदि कोई जोड़ा इसका पंजीकरण नहीं कराता है तो तीन महीने तक की कैद या 10 हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. यदि लिव-इन में रहने वाले व्यक्तियों की उम्र 18 से 21 वर्ष के बीच है, तो उनके माता-पिता को इसकी सूचना दी जाएगी. नाबालिगों से जुड़े मामलों में पॉक्सो कानून लागू होगा, जबकि विवाहित व्यक्ति द्वारा लिव-इन संबंध बनाने पर कड़ी सजा का प्रावधान रखा गया है. मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि इस कानून का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा करना है. उनके अनुसार विवाह और संबंधों का पंजीकरण कानूनी मान्यता सुनिश्चित करेगा, महिलाओं को परित्याग से बचाएगा और बच्चों को पहचान, भरण-पोषण और उत्तराधिकार से जुड़े अधिकारों की बेहतर सुरक्षा देगा. विधेयक पारित होने के बाद मुख्यमंत्री ने X पर इसे गुजरात और देश के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया. उन्होंने कहा कि इस कानून से सभी धर्मों और समुदायों के लोगों के लिए समान कानूनी ढांचा लागू होगा और महिलाओं के अधिकारों को और मजबूती मिलेगी. बता दें … Read more

भिंड के भारतीय छात्र की स्कॉटलैंड में संदिग्ध मौत, परिवार ने हत्या का आरोप लगाया

भिंड  स्कॉटलैंड में पढ़ाई कर रहे ग्वालियर-भिंड के 21 वर्षीय छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। स्थानीय प्रशासन ने इसे आत्महत्या बताया है, लेकिन परिजनों ने इस पर गंभीर सवाल उठाते हुए हत्या की आशंका जताई है। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और भारत में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की है। मृतक छात्र फॉरेंसिक साइंस में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहा था और पढ़ाई के साथ पार्ट-टाइम काम भी कर रहा था। जानकारी के अनुसार, वह पढ़ाई में अव्वल था और हर महीने अच्छी आय भी अर्जित कर रहा था। ऐसे में परिवार का कहना है कि उसके आत्महत्या करने का कोई कारण नजर नहीं आता। परिजनों के मुताबिक, 5 मार्च को छात्र ने अपने परिवार से लंबी वीडियो कॉल पर बात की थी और जल्द घर लौटने का भरोसा दिया था। इसके दो दिन बाद संपर्क टूट गया और 7 मार्च को उसकी मौत की सूचना मिली। इस बीच, परिवार को घटना की जानकारी भी कई दिन बाद दी गई, जिससे संदेह और गहरा गया है। परिवार ने मामले में कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मौत के आसपास छात्र के बैंक खाते से बड़ी राशि का ट्रांजेक्शन हुआ, जो संदिग्ध है। इसके अलावा, जिन दोस्तों के संपर्क नंबर छात्र ने दिए थे, वे अब जवाब नहीं दे रहे हैं। छात्र के हॉस्टल का दरवाजा खुला मिलने और मोबाइल डेटा के गायब होने को लेकर भी परिजन शंका जता रहे हैं। पिता ने प्रशासन और केंद्र सरकार से बेटे का पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की गुहार लगाई है। जानकारी के अनुसार, शव 27 मार्च तक दिल्ली पहुंच सकता है। इसके बाद परिजन ग्वालियर में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके। मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ा है क्योंकि संबंधित विश्वविद्यालय परिसर में पिछले कुछ समय में अन्य संदिग्ध मौतों और एक छात्र के लापता होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इससे परिवार की आशंका और मजबूत हो गई है।फिलहाल, परिवार न्याय की उम्मीद में सरकारी एजेंसियों की ओर देख रहा है और पूरे मामले की गहन जांच की मांग कर रहा है। कर्ज लेकर पढ़ने भेजा था मूल रूप से भिंड के मौ कस्बा निवासी किसान कुलदीप श्रीवास्तव ने इकलौते बेटे संस्कार श्रीवास्तव के लिए लगभग 40 लाख रुपए कर्ज लिया था। कर्ज लेकर जिस बेटे को पढ़ने विदेश भेजा था। 7 मार्च को उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। मां को तो बेटे की मौत के बारे 10-12 दिन बाद बताया। अब 20 दिन बीत जाने के बाद भी मां-पिता की पथराई आंखें बेटे के पार्थिव शरीर का इंतजार कर रही हैं। मामला संदिग्ध, दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग पिता कुलदीप आंखों के रोग के कारण कम देख पाते हैं। उन्होंने ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान और भारत सरकार से गुहार लगाई है कि बेटे का शव जल्द से जल्द भारत लाया जाए। जानकारी के मुताबिक, संस्कार का शव 27 मार्च को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच सकता है। परिजन की मांग है कि ग्वालियर के जेएएच (जयारोग्य अस्पताल) में शव का वापस पोस्टमॉर्टम कराया जाए, ताकि मौत की असली वजह सामने आ सके। पूरे परिवार को यकीन है कि संस्कान सुसाइड जैसा आत्मघाती कदम नहीं उठा सकता है। परिजनों के 5 बड़े सवाल? संस्कार की मां नीलम और चाचा अनूप श्रीवास्तव ने पुलिस और प्रशासन के सामने कुछ गंभीर सवाल रखे हैं।     संदेहास्पद ट्रांजैक्शनः मौत के बाद या उसके आसपास संस्कार के बैंक अकाउंट से करीब 2.50 लाख रुपए किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर हुए हैं, जो अपने आप में पूरे मामले को संदिग्ध बता रहा है।     दोस्तों की चुप्पीः जिन 3 दोस्तों के नंबर संस्कार ने घर पर दिए, वे कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। उनकी चुप्पी ने पूरा मामला संदिग्ध कर दिया है।     हॉस्टल का खुला दरवाजाः यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि उसने सुसाइड किया, लेकिन उसके रूम का दरवाजा खुला मिला। सवाल है कि वह दरवाजा खुला छोड़कर बाहर क्यों जाएगा?     यूनिवर्सिटी का रिकॉर्डः 13 महीनों में इस यूनिवर्सिटी में यह तीसरी संदिग्ध हालात में मौत है। इससे पहले 2025 में मेलिसा यंग और 2025 में रूबेन एगाडो भी मृत मिले थे। छात्रा यूएक्सिन काओ अब भी लापता हैं।     मोबाइल डेटाः संस्कार के मोबाइल का डेटा गायब है। उसके मोबाइल रिकॉर्ड से बहुत कुछ मिल सकता है। आखिरी वीडियो कॉल… अगले साल घर आऊंगा मां पिता कुलदीप ने रुंधी आवाज में बताया, 5 मार्च (होली) की रात संस्कार ने पूरे परिवार से करीब 2 घंटे वीडियो कॉल पर बात की थी। वह बहुत खुश था। उसने मां नीलम से वादा किया कि पढ़ाई पूरी कर अगले साल वह घर लौटेगा। दो दिन तक जब उसका फोन नहीं आया तो हमें चिंता हुई, क्योंकि वह अपनी मां से रोज बात करता था। उन्होंने यह बात जर्मनी में रहने वाले रिश्तेदार गौरव को बताई। उन्होंने स्कॉटलैंड यूनिवर्सिटी से संपर्क किया। पहले जवाब आया संस्कार से बात कराते हैं। इसके बाद पुलिस ने कॉल कर पूछा आप संस्कार के कौन है? उन्होंने कहा कि चाचा लगते हैं। पुलिस ने बताया, संस्कार ने सुसाइड कर लिया है और माता-पिता का फोन नंबर लिया। इसके बाद 7 मार्च को यूनिवर्सिटी और भारतीय दूतावास से फोन आया कि संस्कार ने कॉलेज परिसर के पीछे सुसाइड कर लिया है। चाचा ने कहा-पढ़ने में तेज था संस्कार चाचा अनूप ने कहा कि संस्कार न केवल पढ़ाई में तेज था, बल्कि जिम्मेदार भी था। ग्वालियर के एमएलबी कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद वह पीजी के लिए स्कॉटलैंड गया था। वहां वह पढ़ाई के साथ पार्ट-टाइम जॉब भी कर रहा था। उसे महीने के करीब 90 हजार से एक लाख रुपए मिलते थे। वह कहता था- मैं कमाने लगा हूं। घर पर पैसे की जरूरत हो तो भेज दूंगा। हमने उससे कहा कि बेटा पढ़ाई पर ध्यान दो। यहां कोई दिक्कत नहीं है। मां बोली- मेरे बेटे की हत्या की गई है दैनिक भास्कर से बात करते हुए संस्कार की मां फूट-फूटकर रो पड़ीं। उनका कहना है कि उनका बेटा बुजदिल नहीं था, जो सुसाइड करेगा। उससे वहां … Read more

सदस्यता बची रहेगी! अमृतपाल को केंद्र से राहत, कंडोनेशन के लिए मिलेगा अवसर

चंडीगढ़. खडूर साहिब से लोकसभा सदस्य अमृतपाल सिंह से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार संसद से लगातार गैरहाजिर रहने को लेकर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने मंगलवार को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के सामने साफ किया कि इस समय अमृतपाल सिंह की लोकसभा सदस्यता को तुरंत कोई खतरा नहीं है। ASG सत्यपाल जैन ने जानकारी दी कि सांसद अमृतपाल सिंह की लोकसभा सदस्यता फिलहाल रद्द नहीं की जाएगी और उन्हें अनुपस्थिति के लिए माफी (कंडोनेशन) के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। नियमों के अनुसार यदि कोई सांसद लगातार 60 दिनों तक सदन से अनुपस्थित रहता है तो उसकी सीट खाली घोषित की जा सकती है। हालांकि, अमृतपाल सिंह अपनी एनएसए के तहत हिरासत को अनुपस्थिति का उचित कारण बताकर सीट खाली होने से बचा सकते हैं। ऐसे मामलों में लोकसभा की एक समिति सांसद द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण पर विचार करती है और सामान्य तौर पर उचित कारण होने पर अनुपस्थिति को मंजूरी दे दी जाती है।

तनाव और खराब नींद बन सकते हैं खतरा, जानिए मिर्गी के दौरे के 6 कारण

एपिलेप्सी, जिसे मिर्गी भी कहा जाता है, रोजमर्रा के कुछ फैक्टर्स के कारण भी ट्रिगर हो सकता है। इसलिए इन ट्रिगर्स को मैनेज करना काफी जरूरी है। इस बारे में न्यूरोलॉजी बताते हैं कि ये ट्रिगर्स हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकते हैं, लेकिन कुछ सामान्य फैक्टर्स ऐसे हैं, जो बार-बार देखने को मिलते हैं। इन ट्रिगर्स को समझना मिर्गी के दौरों को कम करने के लिए काफी जरूरी हैं। नींद की कमी नींद की कमी एपिलेप्टिक सीजर के सबसे अहम ट्रिगर्स में से एक है। अधूरी या सोने की अनियमित आदतें दिमाग की एक्टिविटीज को अस्थिर कर सकती है, जिससे सीजर थ्रेशोल्ड यानी दौरे सहने की क्षमता कम हो जाती है। कुछ व्यक्तियों में केवल एक रात की खराब नींद भी दौरे की संभावना को काफी हद तक बढ़ा सकती है। मानसिक और शारीरिक तनाव ज्यादा चिंता, अचानक भावनात्मक बदलाव या लंबे समय तक बना रहने वाला मानसिक तनाव दिमाग के न्यूरोकेमिकल बैलेंस को बिगाड़ सकता है। इसी तरह, ज्यादा शारीरिक थकावट भी शरीर पर वैसा ही असर डालती है, जिससे दौरे पड़ने का जोखिम बढ़ जाता है। दवाओं में अनियमितता मिर्गी के दौरों को रोकने का सबसे असरदार तरीका दवाएं हैं, लेकिन इन्हें छोड़ना या समय पर न लेना एक बड़ा ट्रिगर बन जाता है। एंटी-एपिलेप्टिक दवाएं ब्लड फ्लो में एक स्थिर स्तर बनाए रखकर काम करती हैं। अगर खुराक छूट जाती है, तो उसका असर कम हो जाता है और दौरे पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। पर्यावरणीय और विजुअल फैक्टर्स कुछ मरीजों में चमकती रोशनी या कुछ खास विजुअल पैटर्न, जैसे- टीवी या गेमिंग स्क्रीन दौरे को ट्रिगर कर सकते हैं। इसे फोटोसेंसिटिविटी कहा जाता है। बिना ब्रेक के लंबे समय तक स्क्रीन के सामने रहना इस जोखिम को और ज्यादा बढ़ा देता है। खान-पान और लाइफस्टाइल अक्सर लोग खान-पान से जुड़ी आदतों को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ये भी मिर्गी का दौरा ट्रिगर करने में अहम भूमिका निभाती हैं। खाना स्किप करना, शरीर में पानी की कमी होना, ज्यादा मात्रा में चाय-कॉफी पीना या अल्कोहल के कारण एपिलेप्टिक सीजर का खतरा बढ़ा देती हैं। हार्मोनल बदलाव और बीमारियां महिलाओं में हार्मोनल उतार-चढ़ाव, खासतौर से मेंसुरल साइकिल के दौरान, दौरों के पैटर्न को प्रभावित कर सकते हैं। इसे कैटामेनियल एपिलेप्सी कहा जाता है। इसके अलावा, बुखार या किसी अन्य बीमारी के दौरान शरीर का स्ट्रेस रिस्पॉन्स भी मिर्गी ट्रिगर कर सकता है।  

BJP विधायक को तलब किया गया, सरकार के खिलाफ धरना देने पर CM और प्रदेश अध्यक्ष ने भोपाल बुलाया

भोपाल भिंड जिले की लहार विधानसभा सीट से भाजपा विधायक अंबरीश शर्मा 'गुड्डू' ने पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह और प्रशासन के खिलाफ सीधा मोर्चा खोलते हुए भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात की है। बीजेपी विधायक अमरीश शर्मा को पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व ने बुलाया और सीएम मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मुलाकात की। एक फूंक मारेंगे तो पाकिस्तान जाकर गिरोगे बताया जा रहा है बीजेपी विधायक के प्रदर्शन से पार्टी के ऊपर कई सवाल खड़े हो रहे थे। प्रदर्शन के दौरान विधायक सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते नजर आए। वहीं बीजेपी विधायक ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा था कि एक फूंक मारेंगे तो पाकिस्तान जाकर गिरोगे। बीजेपी विधायक का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। 550 दिनों से धरने पर बैठे लोग, क्या वजह विधायक शर्मा का आरोप है कि कांग्रेस नेता गोविंद सिंह की कोठी की वजह से दलित बस्ती का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है और प्रशासन विपक्षी दबाव में कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।गौरतलब है कि इस रास्ते को खुलवाने के लिए स्थानीय लोग पिछले 550 दिनों से धरने पर बैठे हैं, जिनके समर्थन में रविवार को खुद विधायक भी धरने पर बैठ गए थे। बिजली कटौती, रेत खनन की समस्या भी उठाई मुख्यमंत्री ने इस मामले में दखल देते हुए न केवल जांच के आदेश दिए हैं, बल्कि क्षेत्र में रेत खनन शुरू करने और बिजली कटौती की समस्या को तुरंत खत्म करने के निर्देश भी जारी किए हैं। विधायक अंबरीश शर्मा ने साफ कर दिया है कि जब तक दलितों को उनका हक और रास्ता नहीं मिल जाता, उनकी यह कानूनी और राजनीतिक लड़ाई जारी रहेगी। अब देखने की बात होगी कि आगे क्या कार्यवाही होती है।

गौर गोपाल दास के 5 मॉर्निंग टिप्स, जो बनाएंगे आपका दिन बेहतर

हर व्यक्ति चाहता है कि उसका दिन अच्छा और शांतिपूर्ण बीते। लेकिन कई बार छोटी-छोटी परेशानियां, तनाव और नेगेटिव सोच हमारे पूरे दिन को प्रभावित कर देती हैं। मोटिवेशनल स्पीकर और लाइफ कोच गौर गोपाल दास के अनुसार, अगर हम सुबह की शुरुआत कुछ अच्छी आदतों के साथ करें, तो पूरा दिन पॉजिटिव और एकदम बैलेंस्ड बन सकता है। दिन की शुरुआत आभार से करें सुबह उठते ही सबसे पहले अपने जीवन के लिए आभार महसूस करें। बिस्तर से उठने से पहले कुछ सेकंड रुककर सोचें कि जीवन ने आपको कितना कुछ दिया है- परिवार, दोस्त, स्वास्थ्य और नए अवसर। आभार की भावना हमारे ध्यान को उन चीजों से हटाती है जो हमारे पास नहीं हैं और उन चीजों पर ले जाती है जो पहले से हमारे जीवन में मौजूद हैं। इससे मन शांत और सकारात्मक बनता है। जीवन की बड़ी योजना पर भरोसा रखें जीवन में हर चीज तुरंत समझ नहीं आती। कई बार हमें मुश्किलों और देरी का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में जरूरी है कि हम जीवन की बड़ी योजना पर भरोसा रखें। हो सकता है कि आज जो चुनौती आपको परेशान कर रही है, वही भविष्य में आपको मजबूत बनाने का कारण बने। इसलिए हर परिस्थिति को सीख के रूप में स्वीकार करें। सकारात्मक सोच चुनें सुबह उठते ही यह तय करें कि चाहे दिन में कैसी भी स्थिति आए, आप सकारात्मक सोच और स्पष्टता के साथ प्रतिक्रिया देंगे। हम हर स्थिति को कंट्रोल नहीं कर सकते, लेकिन हम अपने रिएक्शन पर जरूर ध्यान दे सकते हैं। अगर आप सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ दिन की शुरुआत करेंगे, तो मुश्किल परिस्थितियां भी आपको कम प्रभावित करेंगी। छोटी जिम्मेदारियों को सही तरीके से निभाएं अक्सर हम बड़ी सफलता के बारे में सोचते हैं, लेकिन उसके पीछे छोटी-छोटी आदतें और अनुशासन छिपे होते हैं। सुबह की छोटी जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाना, जैसे समय पर उठना, अपने काम को व्यवस्थित करना और दिन की योजना बनाना, भविष्य की बड़ी सफलता की नींव बन सकते हैं। जब हम छोटे काम सही तरीके से करते हैं, तो धीरे-धीरे बड़े परिणाम भी मिलने लगते हैं। किसी एक व्यक्ति की मदद करने का संकल्प लें सुबह उठते ही यह सोचें कि आज आप कम से कम एक व्यक्ति की मदद जरूर करेंगे। यह मदद बहुत बड़ी होने की जरूरत नहीं है। किसी की बात ध्यान से सुनना, किसी को प्रेरित करना या छोटी-सी सहायता करना भी काफी है। दयालुता का एक छोटा सा काम भी समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलाता है। कई बार इसका असर बहुत दूर तक जाता है। जीवन मंत्र : सुबह का समय पूरे दिन की दिशा तय करता है। अगर दिन की शुरुआत सकारात्मक सोच, आभार और अच्छे इरादों के साथ की जाए, तो जीवन में शांति और संतुलन बना रहता है। इन 5 आसान आदतों को अपनी सुबह की दिनचर्या में शामिल करके आप अपने दिन को शांत, सकारात्मक और शक्तिशाली बना सकते हैं।