samacharsecretary.com

BCCI ने जारी किया टीम इंडिया का धमाकेदार होम शेड्यूल, 17 शहरों में होंगे 22 मुकाबले

मुंबई भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड BCCI) ने टीम इंडिया के होम सीजन (2025-26) का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है. यह सीजन बेहद व्यस्त और रोमांचक रहने वाला है, जिसमें भारत चार धुरंधर टीमों वेस्टइंडीज, श्रीलंका, जिम्बाब्वे और ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी करेगा. इस पूरे होम सीजन में कुल 22 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले 17 अलग-अलग शहरों में खेले जाएंगे।  सीजन की शुरुआत 27 सितंबर 2026 से वेस्टइंडीज के खिलाफ होगी. वेस्टइंडीज की टीम इस दौरे में तीन वनडे और पांच टी20 मुकाबले खेलेगी. वनडे मैच तिरुवनंतपुरम, गुवाहाटी और न्यू चंडीगढ़ में आयोजित होंगे. जबकि टी20 मुकाबले लखनऊ, रांची, इंदौर, हैदराबाद और बेंगलुरु में खेले जाएंगे।  इसके बाद दिसंबर 2026 में श्रीलंका की टीम भारत दौरे पर आएगी. इस दौरे में तीन वनडे और तीन टी20 मैच खेले जाएंगे. वनडे मुकाबले दिल्ली, बेंगलुरु और अहमदाबाद में होंगे. जबकि टी20 मैच राजकोट, कटक और पुणे में खेले जाएंगे।  जनवरी 2027 में जिम्बाब्वे की टीम भारत दौरे पर आएगी और तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलेगी. ये मुकाबले कोलकाता, हैदराबाद और मुंबई में आयोजित किए जाएंगे।  सीजन का सबसे बड़ा आकर्षण भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जाने वाली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2027 होगी. पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 21 जनवरी 2027 से नागपुर में होगा, इसके बाद चेन्नई, गुवाहाटी, रांची और अहमदाबाद में मुकाबले खेले जाएंगे।  वेस्टइंडीज का भारत दौरा 27 सितंबर- पहला वनडे, तिरुवनंतपुरम, दोपहर 2:00 बजे 30 सितंबर- दूसरा वनडे, गुवाहाटी, दोपहर 2:00 बजे 3 अक्तूबर- तीसरा वनडे, न्यू चंडीगढ़, दोपहर 2:00 बजे 6 अक्तूबर- पहला टी20, लखनऊ, शाम 7:00 बजे 9 अक्तूबर- दूसरा टी20, रांची, शाम 7:00 बजे 11 अक्तूबर-तीसरा टी20, इंदौर, शाम 7:00 बजे 14 अक्तूबर-चौथा टी20, हैदराबाद, शाम 7:00 बजे 17 अक्तूबर- पांचवां टी20, बेंगलुरु, शाम 7:00 बजे श्रीलंका का भारत दौरा 13 दिसंबर- पहला वनडे, दिल्ली, दोपहर 2:00 बजे 16 दिसंबर-दूसरा वनडे, बेंगलुरु, दोपहर 2:00 बजे 19 दिसंबर- तीसरा वनडे, अहमदाबाद, दोपहर 2:00 बजे 22 दिसंबर- पहला टी20, राजकोट, शाम 7:00 बजे 24 दिसंबर- दूसरा टी20, कटक, शाम 7:00 बजे 27 दिसंबर- तीसरा टी20, पुणे, शाम 7:00 बजे जिम्बाब्वे का भारत दौरा 3 जनवरी- पहला वनडे, कोलकाता, दोपहर 2:00 बजे 6 जनवरी- दूसरा वनडे, हैदराबाद, दोपहर 2:00 बजे 9 जनवरी- तीसरा वनडे, मुंबई, दोपहर 2:00 बजे ऑस्ट्रेलिया का भारत दौरा 21 जनवरी से- पहला टेस्ट, नागपुर, सुबह 9:30 बजे 29 जनवरी से- दूसरा टेस्ट, चेन्नई, सुबह 9:30 बजे 11 फरवरी- तीसरा टेस्ट, गुवाहाटी, सुबह 9:00 बजे 19 फरवरी से- चौथा टेस्ट, रांची, सुबह 9:30 बजे 27 फरवरी से- पांचवां टेस्ट, अहदाबाद, सुबह 9:30 बजे टीम इंडिया का यह होम सीजन हर फॉर्मेट में क्रिकेट का पूरा पैकेज लेकर आएगा. व्हाइट-बॉल सीरीज से लेकर हाई-वोल्टेज टेस्ट तक, क्रिकेट फैन्स को लगातार रोमांच देखने को मिलेगा. खासकर भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज इस पूरे शेड्यूल का सबसे बड़ा आकर्षण रहने वाली है। 

नई एक्साइज पॉलिसी की मंजूरी, अब इस शहर के पेट्रोल पंप पर मिलेगी शराब

 चंडीगढ़ चंडीगढ़ में अब शराब खरीदना और भी आसान हो जाएगा. चंडीगढ़ प्रशासन ने नई एक्साइज पॉलिसी 2026-27 को मंजूरी दे दी है. इस नई नीति में बड़ा बदलाव ये है कि अब शराब सिर्फ पुरानी ठेकों पर ही नहीं, बल्कि पेट्रोल पंपों, शॉपिंग मॉल्स और लोकल मार्केट्स में भी बिक सकेगी. इसके अलावा बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर्स भी विदेशी शराब, वाइन और बीयर बेच सकेंगे।  इसके साथ ही सरकार ने कुछ जरूरी नियम भी बनाए हैं. अब हर शराब की दुकान पर डिजिटल पेमेंट (कार्ड और POS मशीन) अनिवार्य कर दिया गया है. बार, होटल और रेस्टोरेंट में अल्कोहल मीटर (शराब जांचने वाली मशीन) लगाना भी जरूरी होगा, ताकि लोग जिम्मेदारी से शराब पी सकें. कुल मिलाकर नई नीति में सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ पारदर्शिता और बेहतर नियंत्रण पर भी जोर दिया गया है।  डिजिटल पेमेंट होगा जरूरी नई नीति में पारदर्शिता और निगरानी को मजबूत करने के लिए कई तकनीकी प्रावधान किए गए हैं। अब सभी शराब दुकानों पर डिजिटल पेमेंट की सुविधा अनिवार्य होगी, जिसमें कार्ड और पीओएस मशीन का उपयोग करना जरूरी रहेगा। इसके साथ ही बार, होटल और रेस्टोरेंट में अल्कोहल मीटर लगाने का प्रावधान किया गया है, ताकि शराब की मात्रा और गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन का मानना है कि इन कदमों से जिम्मेदारी के साथ शराब सेवन को बढ़ावा मिलेगा और नियमों के पालन में भी आसानी होगी। नई नीति में 97 दुकानों को मंजूरी नई एक्साइज नीति के तहत चंडीगढ़ में कुल 97 शराब दुकानों को मंजूरी दी गई है। भारतीय शराब, बीयर और वाइन की कीमतों में अधिकतम 2 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। इसके अलावा शराब की सप्लाई करने वाले वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य किया गया है, जिससे परिवहन प्रक्रिया पर नजर रखी जा सके। बोटलिंग प्लांट को सप्ताह में छह दिन संचालन की अनुमति दी गई है। साथ ही सीसीटीवी कैमरों और लाइव मॉनिटरिंग के जरिए पूरी व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। पारदर्शिता और नियंत्रण पर फोकस प्रशासन का कहना है कि नई नीति से जहां लोगों को शराब खरीदने में सुविधा मिलेगी, वहीं अवैध गतिविधियों पर भी रोक लगेगी। संगठित खुदरा स्थानों पर बिक्री की अनुमति मिलने से उपभोक्ताओं को सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल मिलेगा। सरकार का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाते हुए नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है। माना जा रहा है कि यह नीति उपभोक्ताओं की सुविधा, राजस्व वृद्धि और नियंत्रण व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहायक साबित होगी।  चंडीगढ़ में कुल 97 शराब की दुकानें मंजूर की गई हैं. भारतीय शराब, बीयर और वाइन पर अधिकतम 2 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है. शराब ले जाने वाली गाड़ियों में GPS ट्रैकिंग लगाना अनिवार्य होगा. बोतलिंग प्लांट अब हफ्ते में 6 दिन काम कर सकेंगे. CCTV और लाइव मॉनिटरिंग के जरिए निगरानी सख्त की जाएगी।  सरकार का कहना है कि नई पॉलिसी से लोगों को शराब आसानी से मिल सकेगी और साथ ही अवैध कामों पर भी लगाम लगेगी. प्रशासन का उद्देश्य इससे न केवल शराब की खरीद को आसान बनाना है, बल्कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता भी सुनिश्चित करना है. संगठित खुदरा स्थानों पर बिक्री की अनुमति से उपभोक्ताओं को एक सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण मिलेगा, जहां वे आसानी से शराब खरीद सकेंगे। 

राज्यपाल पटेल से राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष पवैया ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल पटेल से राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष पवैया ने सौजन्य भेंट की भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल से राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने गुरूवार को राजभवन पहुँचकर सौजन्य भेंट की। आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने राज्य वित्त आयोग का कार्यभार ग्रहण करने की जानकारी राज्यपाल को दी। उल्लेखनीय है कि 23 मार्च 2026 को आयोग के अध्यक्ष पवैया के साथ आयोग के सदस्य के. के. सिंह तथा सदस्य सचिव वीरेन्द्र कुमार ने भी अपना-अपना कार्यभार ग्रहण किया है। राज्यपाल पटेल ने वित्त आयोग की भूमिका, कार्यप्रणाली तथा विभिन्न गतिविधियों को लेकर मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि राज्य वित्त आयोग अपने उद्देश्यों के अनुरूप कार्य करते हुए प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इस अवसर पर आयोग के अध्यक्ष पवैया ने राज्यपाल पटेल को आश्वस्त किया कि आयोग को सौंपे गए दायित्वों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन किया जाएगा और राज्य के विकास में आयोग अपनी भूमिका प्रभावी ढंग से निभाएगा। राज्यपाल पटेल ने आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आयोग को सौंपे गए दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना ही राज्य और देश की सच्ची सेवा है।  

17 शहरों में गूंजेगा क्रिकेट का रोमांच, BCCI ने जारी किया पूरा शेड्यूल

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने गुरुवार को घरेलू सीजन 2026-27 का शेड्यूल का ऐलान कर दिया। भारत घरेलू सीजन में ऑस्ट्रेलिया समेत चार टीमों की मेजबानी करेगा। टीम इंडिया 17 शहरों में 22 इंटरनेशनल मैच खेलेगी। भारत आखिरी बार टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेला था और चैंपियन बना। भारतीय खिलाड़ी टी20 वर्ल्ड कप के बाद सीधे आईपीएल 2026 में खेलेंगे, जिसकी 28 मार्च से शुरुआत हो रही। आईपीएल का 31 मार्च को समापन होगा, जिसके बाद भारतीय टीम को जून में घर पर एक टेस्ट और तीन वनडे खेलने हैं। भारत को जुलाई में पांच टी20 और तीन वनडे के लिए इंग्लैंड दौरे पर जाना है। इंग्लैंड दौरे से लौटने के बाद भारत के घरेलू सीजन का आगाज होगा। बीसीसीआई के मुताबिक, सीजन की शुरुआत 27 सितंबर को वेस्टइंडीज के भारत दौरे से होगी। भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे और पांच टी20 मैचों की सीरीज आयोजित होगी। वनडे मैच त्रिवेंद्रम, गुवाहाटी और न्यू चंडीगढ़ में खेले जाएंगे जबकि टी20 मुकाबले लखनऊ, रांची, इंदौर, हैदराबाद और बेंगलुरु में होंगे। शुभमन गिल भारत की टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान हैं। भारत दिसंबर 2026 में श्रीलंका की मेजबानी करेगा, जिसमें तीन वनडे और इतने ही टी20 मैच होंगे। वनडे दिल्ली, बेंगलुरु और अहमदाबाद में खेले जाएंगे। वहीं, टी20 मैच राजकोट, कटक और पुणे में होंगे। भारत नए साल की शुरुआत जिम्बाब्वे सीरीज करेगा। जिम्बाब्वे की टीम जनवरी 2027 में तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारत का दौरा करेगी। दोनों की भिड़ंत कोलकाता, हैदराबाद और मुंबई में होगी। सीरीज तीन जनवरी से 9 जनवरी तक चलेगी। सीजन का अंत बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के साथ होगा। भारत और ऑस्ट्रेलिया पांच मैचों की टेस्ट सीरीज टकराएंगे, जो 21 जनवरी को नागपुर में शुरू होगी। इसके बाद चेन्नई, गुवाहाटी, रांची और अहमदाबाद में मुकाबले होंगे। भारत का 2026-27 घरेलू सीजन का फुल शेड्यूल वेस्टइंडीज का भारत दौरा: 27 सितंबर: भारत बनाम वेस्टइंडीज, पहला वनडे, त्रिवेंद्रम 30 सितंबर: भारत बनाम वेस्टइंडीज, दूसरा वनडे, गुवाहाटी 3 अक्टूबर: भारत बनाम वेस्टइंडीज, तीसरा वनडे, मुल्लांपुर 6 अक्टूबर: भारत बनाम वेस्टइंडीज, पहला टी20, लखनऊ 9 अक्टूबर: भारत बनाम वेस्टइंडीज, दूसरा टी20, रांची 11 अक्टूबर: भारत बनाम वेस्टइंडीज, तीसरा टी20, इंदौर 14 अक्टूबर: भारत बनाम वेस्टइंडीज, चौथा टी20, हैदराबाद 17 अक्टूबर: भारत बनाम वेस्टइंडीज, पांचवां टी20, बेंगलुरु श्रीलंका का भारत दौरा: 13 दिसंबर: भारत बनाम श्रीलंका, पहला वनडे, नई दिल्ली 16 दिसंबर: भारत बनाम श्रीलंका, दूसरा वनडे, बेंगलुरु 19 दिसंबर: भारत बनाम श्रीलंका, तीसरा वनडे, अहमदाबाद 22 दिसंबर: भारत बनाम श्रीलंका, पहला टी20, राजकोट 24 दिसंबर: भारत बनाम श्रीलंका, दूसरा टी20, कटक 27 दिसंबर: भारत बनाम श्रीलंका, तीसरा टी20, पुणे जिम्बाब्वे का भारत दौरा: 3 जनवरी: भारत बनाम जिम्बाब्वे, पहला वनडे, कोलकाता 6 जनवरी: भारत बनाम जिम्बाब्वे, दूसरा वनडे, हैदराबाद 9 जनवरी: भारत बनाम जिम्बाब्वे, तीसरा वनडे, मुंबई ऑस्ट्रेलिया का भारत दौरा: 21-25 जनवरी: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, पहला टेस्ट, नागपुर 29 जनवरी-2 फरवरी: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, दूसरा टेस्ट, चेन्नई 11-15 फरवरी: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, तीसरा टेस्ट, गुवाहाटी 19-23 फरवरी: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, चौथा टेस्ट, रांची 27 फरवरी-3 मार्च: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, पांचवां टेस्ट, अहमदाबाद  

काम में कसावट के लिए सख्त कदम: हरियाणा में 63 अफसरों का ट्रांसफर

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए 21 आईएएस और 42 एचसीएस अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियां कर दी हैं। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं और सभी बदलाव तुरंत लागू कर दिए गए हैं। सरकार ने इस फेरबदल के जरिए कई विभागों और जिलों में कामकाज को और मजबूत करने की कोशिश की है। कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है, जबकि कई अधिकारियों को अहम पदों पर नई तैनाती मिली है। इन अधिकारियों को मिली अहम जिम्मेदारी जारी आदेशों के मुताबिक, आईएएस अधिकारी अमित कुमार अग्रवाल को उनके मौजूदा काम के साथ कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड का सदस्य सचिव बनाया गया है। गीता भारती को हिसार मंडल का आयुक्त नियुक्त किया गया है। वहीं, रवि प्रकाश गुप्ता को शहरी संपदा विभाग का सचिव और गुरुग्राम मंडल का आयुक्त बनाया गया है। नरहरि सिंह बांगड़ को कंफेड का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है। सत्येंद्र दुहान को कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग में निदेशक और अतिरिक्त सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। सतबीर सिंह को फायर सर्विसेज का निदेशक और आयुष्मान भारत हेल्थ प्रोटेक्शन अथॉरिटी का मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाया गया है। जिलों और विभागों में भी बदलाव वंदना डिसोदिया को गृह विभाग में अतिरिक्त सचिव के साथ हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की प्रबंध निदेशक बनाया गया है। जयदीप कुमार को पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग में अतिरिक्त सचिव लगाया गया है। लक्षित सरीन को हांसी में एडीसी-कम-डीसीआरआईओ के साथ जिला नगर आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है। 

कांकेर में सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता, 33 लाख के इनामी 6 माओवादी हथियारों समेत आत्मसमर्पण

कांकेर कांकेर जिला अंतर्गत दो दिनों में राजनांदगांव-कांकेर बॉर्डर डिवीजन के 05 माओवादी कैडर एवं मिलिट्री कंपनी-05 के 01 कैडर ने हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा में शामिल हुए हैं। आत्मसमर्पण करने वालों में स्वरूपा उसेंडी के ऊपर 8 लाख और शेष प्रत्येक माओवादी पर 5-5 लाख का इनाम घोषित था। कुल 33 लाख के इनामी माओवादियों ने पुलिस के सामने घुटने टेके हैं। हथियारों के साथ पहुंचे नक्सली, पुनर्वास नीति से हुए प्रभावित आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों में एसीएम मंगेश पोडियमी, एसीएम गणेश वीके, एसीएम मंगती जुर्री, एसीएम हिडमे मरकाम उर्फ सुनीता, एसीएम राजे और पीपीसीएम स्वरूपा उसेंडी (पीएलजीए कंपनी-05) शामिल हैं। पुनर्वास हेतु आगे आए इन माओवादी कैडरों द्वारा कुल 03 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया गया है, जिसमें 01 नग एसएलआर तथा 02 नग .303 राइफल शामिल हैं। पुनर्वास हेतु आगे आए माओवादी कैडरों से प्राप्त जानकारी के आधार पर इलाके में सक्रिय अन्य माओवादी कैडरों से संपर्क स्थापित कर उन्हें भी मुख्यधारा में शामिल कराने के प्रयास जारी हैं। बस्तर आईजी की अपील, मुख्यधारा में लौटें शेष बचे माओवादी वे सभी 06 माओवादी कैडर जिन्होंने पुनर्वास का मार्ग चुना है, उनके सामाजिक मुख्यधारा में पुनः एकीकरण तथा हथियारों की औपचारिक सुपुर्दगी आदि की कार्रवाई संपूर्ण प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात आयोजित की जाएगी। पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज सुंदरराज पट्टलिंगम ने एक बार फिर शेष बचे कुछ माओवादी कैडरों से हिंसा त्यागकर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील दोहराई। उन्होंने कहा कि जो कैडर शांतिपूर्ण एवं सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आगे आएंगे, उन्हें पुनर्वास नीति के अंतर्गत सभी प्रकार की सहायता प्रदान की जाएगी। यह उल्लेखनीय है कि सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर पिछले 26 महीनों में 2700 से अधिक माओवादी कैडर मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं।

चारधाम यात्रा 2026: रजिस्ट्रेशन से प्लानिंग तक, यहां पढ़ें पूरी गाइड

उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर है. साल 2026 की चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है. अगर आप भी केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री या यमुनोत्री के दर्शन का मन बना रहे हैं, तो रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इस बार भी यात्रियों की सुविधा के लिए सरकार ने ऑनलाइन, मोबाइल ऐप, व्हाट्सएप और ऑफलाइन चारों माध्यमों से रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की है. आइए जानते हैं स्टेप-बाय-स्टेप ऑनलाइन और ऑफलाइन पूरी प्रक्रिया आसान भाषा में. चारधाम यात्रा 2026 का शेड्यूल इस साल अक्षय तृतीया के पावन पर्व से चारधाम यात्रा का श्रीगणेश होने जा रहा है, 19 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम तो वहीं 22 अप्रैल केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे. इसके बाद 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे. कैसे करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन? ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 6 मार्च 2026 से शुरू हो चुकी है. आप नीचे दिए गए तरीकों से अपना पंजीकरण कर सकते हैं     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in पर जाएं.     होमपेज पर Register/Sign In बटन पर क्लिक करें.     अपना नाम, मोबाइल नंबर और जरूरी जानकारी भरकर अपनी आईडी बनाएं.     लॉग इन करने के बाद Create/Manage Tour के विकल्प को चुनें.     अपनी यात्रा की तारीख और जिस धाम के दर्शन करने हैं, उसका चयन करें.     Add Pilgrim पर क्लिक कर सभी यात्रियों की जानकारी भरें और आधार कार्ड या वोटर आईडी अपलोड करें.     प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपको एक यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर (URN) मिलेगा.     आखिर में, अपना रजिस्ट्रेशन लेटर डाउनलोड कर लें, जिसमें QR कोड होगा. WhatsApp के जरिए कैसे करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन? अगर आप वेबसाइट का उपयोग नहीं करना चाहते, तो अपने फोन से एक मैसेज भेजकर भी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं:     अपने मोबाइल में 8394833833 नंबर सेव करें.     इस नंबर पर WhatsApp पर YATRA लिखकर भेजें.     वहां से पूछे गए सवालों के जवाब दें और अपनी डिटेल्स भेजकर पंजीकरण पूरा करें. मोबाइल ऐप से कैसे करें रजिस्ट्रेशन?     गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से Tourist Care Uttarakhand ऐप डाउनलोड करें.     ऐप में मांगी गई जानकारी भरकर अपना टूर प्लान सबमिट करें. हेल्पलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन: ऑफलाइन काउंटर 17 अप्रैल 2026 से शुरू होंगे. ये काउंटर हरिद्वार, ऋषिकेश और यात्रा मार्ग के मुख्य पड़ावों पर उपलब्ध रहेंगे. टोल-फ्री नंबर: यात्रा से जुड़ी किसी भी जानकारी या सहायता के लिए आप सरकार के टोल-फ्री नंबर 0135-1364 पर कॉल कर सकते हैं. रजिस्ट्रेशन क्यों है जरूरी? चारधाम यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है. बिना रजिस्ट्रेशन के यात्रा की अनुमति नहीं दी जाती. यह व्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा, ट्रैकिंग और बेहतर सुविधाओं के लिए लागू की गई है. इस बार चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में इस कदर उत्साह है कि 6 मार्च को पोर्टल खुलते ही पहले 24 घंटों में 1 लाख से अधिक लोगों ने अपना पंजीकरण कराया था. अब श्रद्धालुओं की निगाहें 19 अप्रैल पर टिकी हैं, जब एक बार फिर आस्था की पवित्र राहें खुलेंगी और वे श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ चारधाम यात्रा का पुण्य अवसर प्राप्त कर सकेंगे.

महाअष्टमी विशेष: बंजारी मंदिर में नाग-नागिन के दर्शन की मान्यता, भक्तों का लगा तांता

रायपुर. नवरात्रि के आठवें दिन महाअष्टमी के अवसर पर राजधानी रायपुर के देवी मंदिरों में भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है। आज मां महागौरी की पूजा की जा रही है और शहर के तमाम मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। अष्टमी के मौके पर रायपुर के विभिन्न देवी मंदिरों में सुबह से ही हवन, पूजन और आरती का दौर जारी है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए मंदिरों में पहुंच रहे हैं, जिससे हर जगह आस्था का सैलाब नजर आ रहा है। बंजारी मंदिर में उमड़ा जनसैलाब रावांभाठा स्थित बंजारी माता मंदिर में भी सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। श्रद्धालु माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। बंजारी माता मंदिर को लेकर मान्यता है कि इसे बंजारा समाज द्वारा खोजा गया था, जिसके कारण इसका नाम बंजारी माता मंदिर पड़ा। मंदिर के गर्भगृह में स्थापित प्रतिमा को लेकर कहा जाता है कि यह मां बगलामुखी की मूर्ति है, जो पास के जंगल से प्राप्त हुई थी। नाग-नागिन की अनोखी मान्यता मां बंजारी मंदिर से जुड़ी एक खास मान्यता भी प्रचलित है। बताया जाता है कि यहां दर्शन के लिए नाग-नागिन के जोड़े आते हैं। पुजारियों के अनुसार पहले एक जोड़ा देखा जाता था, लेकिन अब समय के साथ कई जोड़े यहां नजर आने लगे हैं।

सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी में पहली बार महिला गन्ना किसानों को मिली सर्वाधिक मजबूती

लखनऊ उत्तर प्रदेश में गन्ना की खेती के क्षेत्र में महिलाओं ने अभूतपूर्व सफलता हासिल करते हुए नया इतिहास रच दिया है। योगी सरकार में प्रदेश की 57 हजार से अधिक ग्रामीण महिलाएं गन्ना उत्पादन से जुड़कर सफल उद्यमी बन चुकीं हैं। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली है। प्रदेश में वर्ष 2020-21 में शुरू किए गए “उन्नत गन्ना बीज वितरण कार्यक्रम” से महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। इस योजना के तहत 37 गन्ना आच्छादित जिलों में 3,163 महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया। इनमें 57,322 महिलाओं को स्वरोजगार मिला है। साथ ही इस पहल से अब तक लगभग साढ़े चार लाख से अधिक कार्य दिवसों का रोजगार सृजित हुआ है। महिलाओं को मिली प्राथमिकता, बढ़ा आत्मविश्वास गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस. ने बताया कि गन्ना उत्पादन के क्षेत्र में पहली बार योगी सरकार के दौरान महिला किसानों को पर्ची निर्गमन में प्राथमिकता दी गई है। इससे प्रदेश की लगभग डेढ़ लाख महिला गन्ना लघु किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। इस निर्णय ने महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाया है और उन्हें खेती में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया है। सामाजिक समावेशन का विशेष ध्यान योगी सरकार ने इस योजना में सामाजिक समावेशन का भी विशेष ध्यान रखा है। इसमें 10,270 अनुसूचित जाति और 130 अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को शामिल किया गया है, जो अब आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रहीं हैं। बीज उत्पादन से करोड़ों का कारोबार महिला स्वयं सहायता समूहों ने अब तक 60.73 करोड़ गन्ना बीज तैयार किए हैं। इसके बदले उन्हें 77.83 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान दिया गया है। इससे ग्रामीण महिलाओं को बड़े स्तर पर आर्थिक लाभ मिला है और वे अब कृषि आधारित उद्यमिता की नई पहचान बना रहीं हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई दिशा गन्ना खेती में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से प्रदेश में न सिर्फ रोजगार के अवसर बढ़े हैं, बल्कि गांवों में आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिली है। योगी सरकार की इस पहल ने यह साबित किया है कि सही अवसर मिलने पर महिलाएं किसी भी क्षेत्र में सफलता की नई इबारत लिख सकतीं हैं। महिलाओं को ऋण एवं अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस. ने बताया कि महिलाओं को सशक्त करने के लिए गन्ना विभाग ने ग्रामीण आजीविका मिशन के साथ एक एमओयू किया है। जिसके तहत समितियों में प्रेरणा कैंटीन चलाई जाएंगी। इसके अंतर्गत महिलाओं को ऋण एवं अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उनके रोजगार एवं आय में वृद्धि होगी।

$1 ट्रिलियन इकोनॉमी के लक्ष्य को गति देगा मेगा प्रोजेक्ट, रोजगार, निवेश और वैश्विक कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा बूस्ट

लखनऊ/नोएडा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित होने जा रहा है। 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसके शुभारंभ के साथ ही यह मेगा प्रोजेक्ट केवल एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक मजबूत स्ट्रैटेजिक इंजन के रूप में सामने आएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप विकसित यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के लंबे समय से “लैंड-लॉक्ड” आर्थिक पोटेंशियल को अनलॉक करेगा और कृषि, एमएसएमई, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन व उद्योगों को सीधे वैश्विक बाजार से जोड़ेगा। बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन, निवेश आकर्षण और मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी के चलते यह परियोजना न केवल प्रदेश की जीडीपी को नई गति देगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर एक मजबूत पहचान भी दिलाएगी। किसानों की आय में 20–30% तक वृद्धि की संभावना पूर्व सीएफओ, एयर इंडिया सैट्स और यूपीडीएफ के चेयरमैन सीए पंकज जायसवाल के अनुसार, भारत का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनने जा रहा यह प्रोजेक्ट 7 करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता और लगभग 10 लाख टन कार्गो हैंडलिंग के साथ कृषि, एमएसएमई और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नई गति देगा। इसके जरिए फल, सब्जी, डेयरी और सजावटी फूल जैसे पेरिशेबल उत्पाद सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचेंगे, जिससे “फार्म-टू-ग्लोबल मार्केट” मॉडल मजबूत होगा और किसानों की आय में 20–30% तक वृद्धि की संभावना है। साथ ही, लॉजिस्टिक्स लागत घटने, निर्यात बढ़ने और वैश्विक कनेक्टिविटी बेहतर होने से उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक मानचित्र पर एक सशक्त पहचान मिलेगी। जीडीपी में 1% की वृद्धि संभव उन्होंने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश में व्यापार और पर्यटन के नए आयाम स्थापित करने जा रहा है। यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर, आगरा, मथुरा, वृंदावन और वाराणसी जैसे प्रमुख धार्मिक शहरों को एक वैश्विक पर्यटन सर्किट से जोड़ेगा, जिससे अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की आवाजाही में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। बेहतर कनेक्टिविटी के चलते धार्मिक पर्यटन, मेडिकल टूरिज्म और बिजनेस ट्रैवल को भी नई गति मिलेगी। जब यह एयरपोर्ट अपने पूर्ण क्षमता के साथ संचालित होगा, तो इसके व्यापक आर्थिक प्रभाव से उत्तर प्रदेश की जीडीपी में 1 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि संभव है, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा। रोजगार सृजन का बनेगा बड़ा केंद्र नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल परिवहन सुविधा तक सीमित नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का प्रमुख इंजन बनने जा रहा है। पंकज जायसवाल के अनुसार, शुरुआती 5 वर्षों में एयरपोर्ट ऑपरेशन, ग्राउंड हैंडलिंग, सिक्योरिटी, रिटेल और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में 20,000 से अधिक तथा एमआरओ, कार्गो, लॉजिस्टिक्स और एविएशन सर्विसेज में 30,000 से अधिक, कुल मिलाकर 50,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। वहीं कृषि, ट्रांसपोर्ट, सप्लाई चेन, एमएसएमई, होटल और पर्यटन जैसे सेक्टर्स में 5 लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जो लंबी अवधि में 40–50 लाख तक पहुंच सकते हैं। प्रदेश में मौजूद लगभग एक करोड़ एमएसएमई को वैश्विक बाजार से जोड़कर यह एयरपोर्ट न केवल रोजगार बढ़ाएगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी व्यापक स्तर पर गति देगा। रियल एस्टेट और इंडस्ट्री को मिलेगा व्यापक बूस्ट जेवर एयरपोर्ट के विकास के साथ उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट और औद्योगिक परिदृश्य में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यीडा) तेजी से एक प्रीमियम निवेश और औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरेंगे, वहीं बुलंदशहर, अलीगढ़ और मथुरा-वृंदावन तक अर्बन एक्सपेंशन कॉरिडोर विकसित होकर नए शहरों और टाउनशिप को जन्म देगा। एयरपोर्ट के आसपास होटल, वेयरहाउस, ऑफिस स्पेस, लॉजिस्टिक्स पार्क और डेटा सेंटर में बड़े निवेश आकर्षित होंगे, जिससे रोजगार और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग और टेक्सटाइल जैसे निर्यात-उन्मुख उद्योगों को नई गति मिलेगी, जो इस क्षेत्र को एक मजबूत इंडस्ट्रियल और एक्सपोर्ट हब के रूप में स्थापित करेगा। इंडस्ट्रियल सेक्टर को नई रफ्तार एयरपोर्ट के संचालन से उत्तर प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र को उल्लेखनीय गति मिलने की उम्मीद है। बेहतर कनेक्टिविटी और कम लॉजिस्टिक्स लागत के चलते इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग और टेक्सटाइल जैसे प्रमुख सेक्टर तेजी से विकसित होंगे। खासकर निर्यात उन्मुख उद्योगों को वैश्विक बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी, जिससे उत्पादन और निवेश दोनों में वृद्धि होगी। यह एयरपोर्ट इंडस्ट्री के लिए एक मजबूत सप्लाई चेन नेटवर्क तैयार करेगा, जो उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका  वैश्विक एविएशन हब बनने की क्षमता जेवर एयरपोर्ट को केवल दिल्ली-एनसीआर के सहायक एयरपोर्ट के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य के एक बड़े मल्टी-मोडल इंटरनेशनल एविएशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को कम करते हुए एयर ट्रैफिक को संतुलित करेगा। 5 रनवे की प्रस्तावित क्षमता के साथ यह देश का सबसे बड़ा एविएशन हब बनने की दिशा में अग्रसर है। इसकी रणनीतिक स्थिति इसे एशिया और यूरोप के बीच एक अहम ट्रांजिट केंद्र बना सकती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी में बड़ा विस्तार होगा। साथ ही, बदलते वैश्विक हालात के बीच यह दुबई, दोहा और अबु धाबी जैसे स्थापित हब के विकल्प के रूप में उभरकर भारत की एविएशन क्षमता को नई ऊंचाई देने की क्षमता रखता है। एमएसएमई और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मिलेगा मेगा बूस्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की रणनीतिक लोकेशन इसे एमएसएमई, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर के लिए गेमचेंजर बनाती है। ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के करीब होने के साथ-साथ यमुना एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और अन्य प्रमुख हाईवे से इसकी मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी इस क्षेत्र को देश का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक हब बना सकती है। इसके परिणामस्वरूप वेयरहाउसिंग, कोल्ड स्टोरेज और ई-कॉमर्स फुलफिलमेंट सेंटर में तेजी से विस्तार होगा, जिससे सप्लाई चेन अधिक कुशल बनेगी। साथ ही, भारत में 13–14% तक रहने वाली लॉजिस्टिक लागत में कमी आने से एमएसएमई सेक्टर की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और निर्यात को नई गति मिलेगी। निवेश और विदेशी कंपनियों के लिए बढ़ेगा आकर्षण नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रही एयरोसिटी, लॉजिस्टिक्स पार्क और इंडस्ट्रियल क्लस्टर उत्तर प्रदेश को निवेश का नया केंद्र बना रहे हैं। राज्य सरकार की एफडीआई-फ्रेंडली नीतियों और बेहतर “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” माहौल के चलते घरेलू और विदेशी निवेशकों का रुझान तेजी … Read more