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केरल की एथलेटिक्स टीम पहुंची जगदलपुर, पारंपरिक लोकनृत्य से हुआ भव्य स्वागत

रायपुर आदिवासी खिलाड़ियों को समर्पित इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी करने वाला छत्तीसगढ़ पहला राज्य बन गया है, जो भारत की खेल यात्रा में आदिवासी सशक्तिकरण और जमीनी स्तर पर भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के तहत बस्तर संभागीय मुख्यालय जगदलपुर के धरमपुरा स्थित क्रीड़ा परिसर में एथलेटिक्स की प्रतियोगिताओं का आयोजन 30 मार्च से 2 अप्रैल तक किया जाएगा।               खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स के अंतर्गत बस्तर जिले में आयोजित होने वाली एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए केरल राज्य की टीम आज जगदलपुर पहुंची। रेलवे स्टेशन पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों द्वारा खिलाड़ियों का आत्मीय स्वागत किया गया। बस्तर के हृदय स्थल जगदलपुर में आगामी 30 मार्च से 2अप्रैल तक आयोजित होने वाले चार दिवसीय नेशनल ट्राइबल गेम्स का उत्साह अब धरातल पर दिखने लगा है। इस राष्ट्रीय खेल महाकुंभ में अपनी चुनौती पेश करने के लिए देश के कोने-कोने से खिलाड़ियों का आगमन शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में केरल राज्य से 17 सदस्यीय एक दल किरंदुल पैसेंजर के माध्यम से जगदलपुर रेलवे स्टेशन पहुँचा।             इस अवसर पर स्थानीय नर्तक दल ने पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत कर मेहमान खिलाड़ियों का अभिनंदन किया, जिससे बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। गौर नृत्य समूह के नर्तकों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा में ढोल की थाप और ऊर्जावान नृत्य से ऐसा समां बांधा कि लंबी दूरी तय कर आए खिलाड़ी अपनी थकान भूल गए             खेल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रतियोगिता की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं, 30 मार्च से शुरू होने वाले इस आयोजन के लिए प्रशासन ने  विभिन्न राज्यों से आने वाले खिलाड़ियों के लिए आवास, भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। इस आयोजन के माध्यम से न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच मिलेगा, बल्कि बस्तर की संस्कृति और परंपरा को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।

राजनीतिक बयानबाजी: BJP विधायक बोले—रामनवमी श्रद्धा से मनाएं, राम को काल्पनिक कहना गलत

रायपुर. विधायक पुरंदर मिश्रा ने देशवासियों को रामनवमी पर्व की बधाई देते हुए कांग्रेस पर तंज कसा। उन्होंने कहा, सभी को रामनवमी का पर्व मनाना चाहिए। खासकर रामनवमी पर कांग्रेस को पूजा करनी चाहिए, क्योंकि कांग्रेस का सफाया हो रहा है। प्रभु राम को काल्पनिक ना मानकर रामनवमी मनाएं। भगवान से सद्बुद्धि की मांग करें, ताकि वे मजबूत विपक्ष के रूप में बने रहे। कांग्रेस पंचायत स्तर पर कमेटियों का गठन करेगी। इस मामले में बीजेपी विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा, कांग्रेस बोलती कुछ और करती कुछ है। अब तक प्रदेश, ब्लॉक, मंडल का गठन नहीं कर पाई है। पंचायतों में कमेटी का गठन करना कांग्रेस के लिए असंभव है इसलिए कांग्रेस में आलू से सोना निकलता है। कांग्रेस पार्टी का जनाधार खिसक चुका है। छत्तीसगढ़ के जेलों में 285 कैदियों की मौत मामले में NHRC ने मुख्य सचिव को नोटिस भेजा है। इस मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के तंज पर विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा, सरकार की आंखें खुली है, कान से भी जोर से सुन रहे हैं, तभी छत्तीसगढ़ प्रदेश चल रहा है। कई अपराधी जेल में है, जितना उनको जीवन दिया है उतना अपराधी जिएगा। विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि यह एक प्रक्रिया है। हमको इसके खिलाफ बोलने का अधिकार नहीं है। जो जेल में है और जेल से बाहर है उन्हें लंबी उम्र भगवान दे। शासन अपने स्तर पर काम कर रही है। जो भी काम में गड़बड़ी करेगा उसे साय सरकार नहीं छोड़ेगी।

6 बेटियों के पिता की अपील रंग लाई: CM सैनी के निर्देश पर 2 घंटे में मिला गैस सिलेंडर

फरीदाबाद. फरीदाबाद के मुजेसर क्षेत्र के आजाद नगर की झुग्गियों में रहने वाले एक परिवार ने सिलेंडर के लिए सीएम से गुहार लगाते हुए अपनी समस्या सोशल मीडिया पर उठाई है। परिवार के मुखिया ओम कुमार ने रसोई गैस सिलेंडर न मिलने की परेशानी को लेकर हरियाणा के सीएम से मदद की अपील की थी। सीएम से मद की अपील के कुछ देर बाद ही व्यक्ति के घर गैस सिलेंडर पहुंचा दिया गया है, जिसके बाद उसने सीएम का धन्यवाद जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर मैसेज लिखकर अपनी स्थिति बताई और कहा कि उनके घर में कई दिनों से गैस खत्म हो चुकी है। जिससे परिवार के सामने भोजन बनाने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। सोशल मीडिया पर सीएम को भेजी समस्या परेशान होकर ओम कुमार ने हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी को सोशल मीडिया के जरिए अपनी समस्या बताई है। उन्होंने सीएम कार्यालय सीएमओ हरियाणा को भी संदेश भेजकर मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने यह भी लिखा कि 24 मार्च को उन्होंने गैस सिलेंडर के लिए बुकिंग करवाई थी और उन्हें 27 मार्च की तारीख दी गई थी। लेकिन जब वह सिलेंडर लेने पहुंचे तो एजेंसी ने उन्हें 10 अप्रैल की नई तारीख दे दी। उन्होंने सीएम से आग्रह करते हुए लिखा कि उनके परिवार में 6 बेटियां हैं और अगर जल्द सिलेंडर नहीं मिला तो उनके परिवार को भूखे रहने की नौबत आ सकती है। ओम ने परिवार के साथ तस्वीर की शेयर ओम कुमार ने एक और संदेश में अपनी पत्नी और 6 बेटियों के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि उनकी बेटियों का चेहरा देखकर उनकी मदद की जाए। उन्होंने लिखा कि अगर उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिला तो वह अपने परिवार को खाना कैसे खिलाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि एजेंसी की ओर से उन्हें सिलेंडर नहीं दिया जा रहा है, इसलिए सरकार से मदद की उम्मीद है।

चैत्र नवरात्र पर मनेन्द्रगढ़ में भक्ति की बयार: प्रभात फेरी में उमड़ रहा श्रद्धालुओं का सैलाब

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर मनेन्द्रगढ़ में इन दिनों गहरा भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है। जिला मुख्यालय में प्रतिदिन आयोजित हो रही प्रभात फेरी में सैकड़ों श्रद्धालु उत्साहपूर्वक भाग लेकर शहर की गलियों को भजन-कीर्तन से गुंजायमान कर रहे हैं। प्रभात फेरी का शुभारंभ राम मंदिर से होता है, जहां से श्रद्धालु "जय राम" के जयघोष के साथ शहर के विभिन्न मोहल्लों में भ्रमण करते हैं। हर दिन अलग-अलग क्षेत्रों से होकर गुजरने वाली इस फेरी के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को जुड़ने का अवसर मिल रहा है। जगह-जगह हो रहा भव्य स्वागत प्रभात फेरी के दौरान शहर के अनेक स्थानों पर स्थानीय नागरिक श्रद्धालुओं का फूलों की वर्षा कर स्वागत करते हैं। साथ ही जलपान की भी व्यवस्था की जाती है, जिससे पूरे आयोजन में उत्सव जैसा माहौल बना रहता है। इस धार्मिक आयोजन में युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। प्रभात फेरी का समापन   प्रतिदिन राम मंदिर में होता है, जहां विधिवत पूजा-अर्चना और आरती संपन्न होती है। इसके पश्चात प्रसाद वितरण किया जाता है तथा स्थानीय कलाकारों द्वारा भजन-कीर्तन की आकर्षक प्रस्तुतियां दी जाती हैं। राम मंदिर के सचिव रघुनाथ पोद्दार ने बताया कि आयोजन समिति द्वारा प्रभात फेरी को अनुशासित और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे को भी सुदृढ़ कर रहा।

आस्था की यात्रा शुरू: रामलला दर्शन के लिए भारत गौरव ट्रेन रवाना, CM सैनी करेंगे शुभारंभ

अंबाला. मुख्यमंत्री तीर्थ योजना के तहत 28 मार्च को अम्बाला छावनी रेलवे स्टेशन से अयोध्या धाम के लिए स्पेशल ट्रेन चलेगी। इस ट्रेन को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। अम्बाला छावनी रेलवे स्टेशन से 28 मार्च को बाद दोपहर 4 बजे अम्बाला से अयोध्या के लिए स्पेशल ट्रेन जाएगी तथा यहां से अम्बाला, पंचकूला व यमुनानगर के श्रद्धालु जिन्होंने सरल पोर्टल पर पंजीकरण किया था वे यहां से अयोध्या यात्रा के लिए रवाना होंगे। मंडल वाणिज्य प्रबंधक नवीन कुमार झा ने बताया कि सभी श्रद्धालुओं को यात्रा के लिए मैसेज कर दिया गया है। रेलवे विभाग से आए अधिकारियों को स्टेशन की साफ-सफाई व्यवस्था बारे, आईआरसीटीसी रेलवे से आए सम्बन्धित को ट्रेन से सम्बन्धित डैकोरेशन व्यवस्था के साथ-साथ श्रद्धालुओं के लिए ट्रेन में जलपान की व्यवस्था के साथ-साथ अन्य कार्य करने बारे, रेलवे जीआरपी से आए सम्बन्धित पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा की दृष्टि से व्यवस्था करने बारे, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 28 मार्च के दिन स्टेशन परिसर में हैल्प डैस्क की व्यवस्था करने बारे, स्टेशन परिसर से श्रद्धालुओं को ट्रेन में ले जाने के लिए वॉलंटियर्स की व्यवस्था करने  अम्बाला छावनी एसडीएम कार्यक्रम स्थल का जायजा ले रहें है ताकि जो भी व्यवस्थाएं कार्यक्रम के दृष्टिगत करनी है वे समय रहते होनी सुनिश्चित हो सके। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के पात्र बुजुर्ग श्रद्धालुओं को विभिन्न तीर्थ स्थलों की निशुल्क तीर्थ यात्रा करवाने के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना शुरू की गई है। इसी कड़ी में अम्बाला छावनी रेलवे स्टेशन से श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या के लिए विशेष ट्रेन 28 मार्च को चलेगी। यह ट्रेन यहां से कुरूक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत होते हुए दिल्ली के रास्ते होते हुए अयोध्या के लिए जाएगी। उन्होंने बताया कि यह भारत गौरव नामक विशेष ट्रेन में 270 के लगभग यात्रियों की बुकिंग की गई है लेकिन प्रदेश सरकार की जांच के बाद कितने लोग इसमें सवार होंगे यह लिस्ट आनी बाकी है! 31 मार्च को यह ट्रेन अयोध्या से वापस अंबाला पहुंचेगी। वही उन्होने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से राज्य सरकार के अलावा रेलवे की GRP व RPF भी तैनात रहेगी।

VB-GRAMG योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जनपद स्तरीय कार्यशालाएं सम्पन्न

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की महत्वाकांक्षी “विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-GRAMG)” योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिले के विभिन्न जनपद पंचायतों में एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशालाएं आयोजित की गईं। 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाली इस योजना के मद्देनजर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को पूर्व प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशालाओं में योजना की जानकारी, पात्रता, लाभ एवं क्रियान्वयन प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई तथा प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। मनेंद्रगढ़, भरतपुर एवं खड़गवां जनपदों में आयोजित कार्यक्रमों में लगभग 120 लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, सरपंचों व अधिकारियों की सक्रिय सहभागिता रही। साथ ही प्रतिभागियों को योजना संबंधी बुकलेट भी वितरित की गई। आगामी सप्ताह में क्लस्टर स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। इस दौरान मनरेगा के तहत दिवंगत हितग्राही की पत्नी को 25 हजार रुपये की सहायता राशि भी प्रदान की गई। कार्यशालाओं से योजना के प्रति जागरूकता बढ़ी है, जिससे इसके सुचारू व पारदर्शी क्रियान्वयन की उम्मीद जताई गई।

जयशंकर का बड़ा कदम: होर्मुज संकट के बीच दुनिया के पावरफुल देशों को किया परेशानी में, चीन की बढ़ी मुश्किलें

नई दिल्ली  ईरान में चल रहे युद्ध ने तमाम मिथकों को तोड़ने के साथ ही UN की कमजोरियों को एक बार फिर से उजागर कर दिया है. संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC में वेस्‍ट एशिया में अस्थिरता लाने वालों के खिलाफ एक मुकम्‍मल निंदा प्रस्‍ताव तक पारित नहीं किया जा सका. इस बात पर भी विचार नहीं किया गया कि एक स्‍वतंत्र और संप्रभु राष्‍ट्र के खिलाफ एकतरफा सैन्‍य कार्रवाई कहां तक उचित है. इसके अलावा ग्‍लोबल पीस के लिए जिम्‍मेदार संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद होर्मुज स्‍ट्रेट जैसे समुद्री मार्ग को भी बाधित होने से नहीं बचा सका. ईरान जंग की वजह से पूरी दुनिया में इन दिनों उथल-पुथल की स्थिति है. होर्मुज जलडमरूमध्‍य की समस्‍याओं ने इस तनाव को ग्‍लोबल एनर्जी क्राइसिस में तब्‍दील कर दिया है. जिन देशों का इस टकराव से कोई लेना-देना नहीं है, उन्‍हें भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. पेट्रोल-डीजल और गैस की आपूर्ति बाधित होने की वजह से कई देशों में आपात स्थिति पैदा हो गई है. इतना सबकुछ हो रहा है, लेकिन संयुक्‍त राष्‍ट्र और निर्णय लेने वाली इसकी सर्वोच्‍च संस्‍था UNSC मूकदर्शक बना हुआ है. दुनिया अमेरिका, इजरायल और ईरान के ट्राएंगल में बुरी तरह से फंस गई है. एक तरह से ईरान जंग की बंधक बन चुकी है. ऐसे हालात में भारत ने एक बार फिर से UNSC में तत्‍काल सुधार की बात कही है. फ्रांस में इन दिनों G-7 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक चल रही है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी इसमें हिस्‍सा ले रहे हैं. G-7 के मंच से जयशंकर ने UNSC में रिफॉर्म करने पर जोर दिया है. भारत लंबे समय से UNSC की स्‍थाई सदस्‍यता हासिल करने का दावा पेश करता आ रहा है. हालांकि, भारत के इस प्रयास को चीन पलीता लगाता रहा है।  एस जयशंकर ने फ्रांस में आयोजित G7 Foreign Ministers’ Meeting के दौरान वैश्विक शासन व्यवस् (Global Governance) था में सुधार की जरूरत पर जोर देते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में तत्काल सुधार की मांग उठाई. उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक ढांचा वर्तमान चुनौतियों के अनुरूप नहीं है और इसमें व्यापक बदलाव जरूरी हैं. फ्रांस में 26-27 मार्च को आयोजित इस बैठक में जयशंकर ने शांति स्थापना अभियानों को अधिक प्रभावी बनाने, मानवीय सहायता आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने और वैश्विक संकटों के बेहतर प्रबंधन की आवश्यकता पर भी बल दिया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि बैठक में ग्लोबल गवर्नेंस सुधार प्रमुख मुद्दा रहा. ईरान जंग और होर्मुज संकट को देखते हुए उनका यह स्‍टैंड अपने आप में बेहद महत्‍वपूर्ण है. अब दुनिया के सबसे पावरफुल देशों पर जिम्‍मेदारी है कि वे इस बाबत क्‍या करते हैं।  भारत फिर बना ग्‍लोबल साउथ की आवाज जयशंकर ने विशेष रूप से ग्लोबल साउथ के देशों से जुड़े मुद्दों को उठाया, जिनमें ऊर्जा संकट, उर्वरक की कमी और खाद्य सुरक्षा शामिल हैं. उन्होंने कहा कि इन समस्याओं का समाधान वैश्विक स्तर पर सामूहिक प्रयासों से ही संभव है. भारत लंबे समय से UNSC में सुधार और स्थायी सदस्यता की मांग करता रहा है. वर्तमान में UNSC के पांच स्थाई सदस्य (China, France, Russia, United Kingdom और United States of America) को वीटो शक्ति प्राप्त है, जिसे लेकर लंबे समय से असंतुलन की आलोचना होती रही है।  वेस्‍ट एशिया क्राइसिस पर फोकस बैठक के दौरान वेस्ट एशिया संकट भी प्रमुख चर्चा का विषय रहा. Strait of Hormuz में तनाव के चलते वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है. यह मार्ग दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी आपूर्ति के लिए अहम है. हालिया घटनाओं के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में तेजी देखी गई है, जिसका असर भारत सहित कई देशों पर पड़ा है. इस बैठक में जयशंकर वेस्ट एशिया की स्थिति पर समन्वित रणनीति बनाने पर भी चर्चा कर रहे हैं, ताकि समुद्री मार्ग सुरक्षित और खुला रह सके. भारत के लिए यह मुद्दा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि उसकी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से पूरा होता है।  G-7 काफी अहम G-7 में शामिल प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं (कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका) वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक मुद्दों पर समन्वय के लिए इस मंच का उपयोग करती हैं. इस बार भारत के अलावा सऊदी अरब, दक्षिण कोरिया और ब्राजील को भी आमंत्रित किया गया है. बैठक के इतर जयशंकर अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं भी करेंगे, जिनमें क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा सहयोग और वैश्विक संकटों से निपटने के उपायों पर चर्चा होने की संभावना है। 

लॉकडाउन पर अफवाहों का सरकार ने किया खंडन, हरदीप पुरी ने कहा- कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं

नई दिल्ली देश में एक बार फिर लॉकडाउन को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति साफ करते हुए कहा है कि ऐसा कोई प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने साफ शब्दों में कहा है कि देश में लॉकडाउन लगाने की सारे बातें सिर्फ अफवाहें हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्थिति जरूर अनिश्चित बनी हुई है, लेकिन सरकार हर परिस्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरी कदम उठा रही है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऐसे समय में ज़रूरी है कि हम सभी शांत, ज़िम्मेदार और एकजुट रहें। उन्होंने कहा कि इस तरह की स्थिति में अफवाह फैलाना और बेवजह डर का माहौल बनाना गैर-जिम्मेदाराना और हानिकारक है। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे ऐसी किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। लॉकडाउन को लेकर अफवाहों का दौर देश में एक बार फिर लॉकडाउन को लेकर अफवाहों का दौर शुरू हो गया है। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितताओं, सप्लाई चेन को लेकर चिंताओं और कुछ देशों में उभरते संकट के कारण लोगों में आशंका का माहौल बन रहा है, जिसका असर भारत में भी देखने को मिल रहा है। इस कारण सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर लगातार ऐसे संदेश वायरल हो रहे हैं जिनमें दावा किया जा रहा है कि वैश्विक हालात को देखते हुए सरकार जल्द ही लॉकडाउन लगा सकती है। हालांकि, केंद्र सरकार ने इन अटकलों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। सरकार ने जारी किया स्पष्टीकरण केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने स्पष्ट किया है कि देश में लॉकडाउन लगाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है और ऐसी सारी बातें निराधार व भ्रामक हैं । उन्होंने कहा कि वैश्विक स्थिति जरूर अनिश्चित बनी हुई है लेकिन सरकार हर परिस्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा, सप्लाई चेन और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि देश में ईंधन, ऊर्जा और अन्य जरूरी सामानों की आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी रहे। उन्होंने कहा कि इस तरह की भ्रामक खबरें फैलाना न सिर्फ गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि इससे बाजार और समाज दोनों पर नकारात्मक असर पड़ता है। उन्होंने अपील की है कि ऐसे समय में ज़रूरी है कि हम सभी शांत, ज़िम्मेदार और एकजुट रहें।

धनवाल की याचिका पर जबलपुर उच्च न्यायालय ने नहीं दिया स्थगन

जबलपुर अपेक्स बैंक द्वारा दिनांक  22-3-26 को आदेश क्रमांक मप्रमु/13/केडर/प्रसं/2979 से जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित सीधी के निलंबित मुख्य कार्यपालन अधिकारी पीएस धनवाल द्वारा जबलपुर उच्च न्यायालय में अपने निलंबन आदेश को चुनौती देते हुए याचिका क्रमांक 10732/2026 प्रस्तुत की थी । इस याचिका में माननीय उच्च न्यायालय की एकल पीठ के माननीय न्यायमूर्ति  मनिंदर सिंह भट्टी की पीठ के समक्ष दिनांक 26 मार्च 2026 की तिथि सुनवाई के लिए नियत की गई थी, जिसमें  धनवाल के अधिवक्ता द्वारा निलंबन आदेश को स्थगित करने का निवेदन किया गया, जिस पर अपेक्स बैंक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता  हरप्रीत सिंह रूपरा एवं अधिवक्ता  कपिल दुग्गल एवं शासन की ओर से  उपमहाधिवक्ता  स्वप्निल गांगुली ने पुरजोर  विरोध करते हुए तर्क किया कि उनका जवाब तैयार है एवं जवाब पेश होने के उपरांत ही मुकदमे की सुनवाई करने का निवेदन किया ।  माननीय उच्च न्यायालय ने अपेक्स बैंक के निवेदन को स्वीकार करते हुए  निलंबन आदेश को स्थगित न करते हुए, प्रकरण की आगामी सुनवाई हेतु दिनांक 31 मार्च 2026 की तिथि को नियत किया है एवं  समस्त कार्यवाही को न्यायालय के अंतिम निर्णय के अध्ययधीन रहने का आदेश दियाl

क्रिस्पी खेहरा के पति को 2 साल की सजा, चंडीगढ़ में ₹30 लाख का इमीग्रेशन फ्रॉड और पत्नी के नाम पर 2 चेक जारी

चंडीगढ़ चंडीगढ़ में वांटेड आरोपी क्रिस्पी खेहरा के पति दविंदर सिंह गिल को जिला कोर्ट ने इमीग्रेशन फ्रॉड और चेक बाउंस मामले में 2 साल की सजा सुनाई है। पीड़ित व्यक्ति को 25 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया है। इस मामले में क्रिस्पी खेहरा का भी नाम सामने आया है दोनों ने मेडिकल स्टोर संचालक से उसके बेटे को कनाडा भेजने के नाम पर 30 लाख रुपए लिए थे। लेकिन इसके बाद भी उसको विदेश नहीं भेजा। मामला 6 सितंबर 2019 का है। करीब 6 साल 5 महीने चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है। कोर्ट के आदेश के अनुसार, क्रिस्पी खेहरा के नाम से दो चेक जारी किए गए थे। वहीं क्रिस्पी खेहरा चंडीगढ़ पुलिस की वांटेड सूची में शामिल है और उस पर 50 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया है। अब सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला सेक्टर-46 के मेडिकल स्टोर संचालक नरेश भाटिया ने पुलिस को बताया था कि उनकी पहचान आरोपी दविंदर सिंह गिल से साल 2015 से थी। दोनों एक किटी ग्रुप के सदस्य थे और आपस में अच्छे संबंध थे। नवंबर 2018 में सेक्टर-35 स्थित गोपाल स्वीट्स में मुलाकात के दौरान आरोपी ने अपनी पत्नी के इमिग्रेशन कारोबार के बारे में बताया। इस पर शिकायतकर्ता ने अपने बेटे को कनाडा PR पर भेजने की इच्छा जताई। नरेश भाटिया ने कहा कि आरोपी और उसकी पत्नी ने बेटे को विदेश भेजने के लिए 30 लाख रुपए की मांग की। इसके तहत 9 लाख रुपए नकद दिए, 14 लाख रुपए RTGS के जरिए ट्रांसफर किए और बाद में 7 लाख रुपए और नकद दे दिए। इस तरह कुल 30 लाख रुपए आरोपी को दे दिए गए। लेकिन पैसे लेने के बाद आरोपी ने न तो बेटे को विदेश भेजा और न ही कोई प्रक्रिया पूरी की। जब पैसे वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करता रहा और बाद में संपर्क करना भी बंद कर दिया। नरेश भाटिया ने कहा कि जब हमने सख्ती दिखाई तो आरोपी और उसकी पत्नी ने पैसे लौटाने के लिए 5 पोस्ट डेटेड चेक दिए। इनमें से 25 लाख रुपए का एक चेक जब बैंक में लगाया गया तो 23 अगस्त 2019 को वह “सिग्नेचर डिफर” के कारण बाउंस हो गया। इसके बाद 6 सितंबर 2019 को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन आरोपी ने तय समय में भुगतान नहीं किया, जिसके चलते मामला कोर्ट पहुंचा। कोर्ट में आरोपी ने खुद को बताया निर्दोष मामले की सुनवाई के दौरान दविंदर गिल ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि वह शिकायतकर्ता नरेश भाटिया को नहीं जानता, चेक उसके नहीं हैं और उस पर किए गए साइन फर्जी हैं। उसने यह भी कहा कि उसे साजिश के तहत फंसाया गया है। वहीं शिकायतकर्ता ने बैंक रिकॉर्ड, ट्रांजैक्शन और अन्य दस्तावेज पेश किए, जिससे यह साबित हुआ कि पैसे दिए गए थे और चेक भी गिल द्वारा ही जारी किए गए थे। कोर्ट ने सभी सबूतों और गवाहों को ध्यान में रखते हुए पाया कि गिल अपने बचाव में कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सका। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि “सिग्नेचर डिफर” के कारण चेक बाउंस होना भी कानून के तहत अपराध है और इससे आरोपी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी दिव्या शर्मा की कोर्ट ने दविंदर सिंह गिल को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराते हुए 2 साल की साधारण कैद की सजा सुनाई। साथ ही आरोपी को 25 लाख रुपए शिकायतकर्ता को मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। यदि आरोपी मुआवजा नहीं देता है, तो उसे 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। कोर्ट ने अपने फैसले में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि यह एक गंभीर आर्थिक अपराध है, जिसमें आरोपी ने भरोसे का गलत फायदा उठाया और लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया से बचने की कोशिश की। ऐसे मामलों में नरमी नहीं बरती जा सकती, क्योंकि इससे बैंकिंग व्यवस्था और लेन-देन की विश्वसनीयता पर असर पड़ता है। जानिए वाटेंड क्रिस्पी खेहरा का रोल कोर्ट के आदेश के अनुसार, क्रिस्पी खेहरा का इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण और सीधा रोल सामने आया है। रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी दविंदर सिंह गिल ने शिकायतकर्ता को यह बताया था कि उसकी पत्नी क्रिस्पी खेहरा इमिग्रेशन का काम करती है और वही उसके बेटे को कनाडा भेजने की पूरी प्रक्रिया संभालेगी। इसी भरोसे पर शिकायतकर्ता ने पैसे देने के लिए सहमति दी। कोर्ट में यह भी साबित हुआ कि कुल 30 लाख रुपए में से 14 लाख रुपए सीधे क्रिस्पी खेहरा के बैंक खाते में RTGS के माध्यम से ट्रांसफर किए गए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह लेन-देन का हिस्सा थी। 2 चेक क्रिस्पी खेहरा के नाम से थे कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि शिकायतकर्ता ने जो रकम दी, वह दविंदर गिल और उसकी पत्नी दोनों को दी गई थी और दोनों ने मिलकर विदेश भेजने का भरोसा दिलाया था। जब काम पूरा नहीं हुआ और शिकायतकर्ता ने पैसे वापस मांगे, तब आरोपी और क्रिस्पी खेहरा ने मिलकर कुल 30 लाख रुपए के 5 पोस्ट डेटेड चेक जारी किए, जिनमें से दो चेक क्रिस्पी खेहरा के नाम से थे। इससे यह स्थापित होता है कि पैसे वापस करने की जिम्मेदारी में भी उसकी भागीदारी थी। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान केस विशेष रूप से उस 25 लाख रुपए के चेक से संबंधित था, जो दविंदर सिंह गिल के खाते से जारी हुआ था और बाउंस हो गया। इसलिए इस मामले में सजा उसी को दी गई। बावजूद इसके, कोर्ट के रिकॉर्ड और साक्ष्यों से यह साफ है कि किस्पी खेरा पूरे लेन-देन, पैसे लेने और चेक जारी करने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल रही।