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Agniveer Recruitment 2026: निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग शुरू, अप्लाई करने की आखिरी तारीख 1 अप्रैल

बालोद. बालोद. छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में भारतीय थलसेना में अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। छत्तीसगढ़ रोजगार विभाग द्वारा पात्र अभ्यर्थियों को निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे लिखित परीक्षा की बेहतर तैयारी कर सकें। यह पहल युवाओं को सेना में शामिल होने के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जिला रोजगार अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि अग्निवीर भर्ती के लिए इच्छुक अभ्यर्थी 1 अप्रैल तक आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद चयन प्रक्रिया के अगले चरण शुरू होंगे। जून में संभावित है कॉमन एंट्रेंस एग्जाम सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के अनुसार, पंजीकृत अभ्यर्थियों के लिए 1 से 10 जून के बीच ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CEE) आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। ऐसे में अभ्यर्थियों के पास तैयारी के लिए सीमित समय है, जिसे देखते हुए यह निःशुल्क कोचिंग बेहद उपयोगी साबित होगी। रोजगार विभाग देगा फ्री ऑनलाइन कोचिंग छत्तीसगढ़ रोजगार विभाग द्वारा अग्निवीर भर्ती के लिए पंजीकृत अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा की तैयारी हेतु निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग प्रदान की जाएगी। इसमें विषयवार मार्गदर्शन, मॉडल पेपर और परीक्षा पैटर्न की जानकारी दी जाएगी, जिससे अभ्यर्थियों को परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी। जो अभ्यर्थी इस निःशुल्क कोचिंग का लाभ लेना चाहते हैं, उन्हें पहले भारतीय थलसेना में अग्निवीर भर्ती के लिए पंजीयन कराना होगा। इसके बाद वे छत्तीसगढ़ रोजगार विभाग को कोचिंग के लिए आवेदन भेज सकते हैं। साथ ही, ऑनलाइन आवेदन करने से पहले रोजगार कार्यालय में पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें इस संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए अभ्यर्थी जिला रोजगार कार्यालय, बालोद से संपर्क कर सकते हैं। कार्यालय के दूरभाष क्रमांक 07740-299509 पर कॉल कर भी आवश्यक मार्गदर्शन लिया जा सकता है। युवाओं के लिए बेहतर अवसर यह पहल उन युवाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, जो आर्थिक कारणों से कोचिंग नहीं ले पाते। निःशुल्क प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें समान अवसर मिलेगा और वे सेना में भर्ती होकर देश सेवा का अपना सपना पूरा कर सकेंगे।

कक्षा 9 में प्रवेश का मौका: प्रयास आवासीय विद्यालयों के लिए आवेदन शुरू, 10 मई को परीक्षा

रायपुर. मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना अंतर्गत संचालित प्रयास आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9वीं में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि इच्छुक विद्यार्थी 17 अप्रैल 2026 तक विभागीय वेबसाइटhttps://eklavya.cg.nic.in/ पर आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन भरे गए आवेदनों में 18 अप्रैल से 21 अप्रैल 2026 तक त्रुटि सुधार भी कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्राक्चयन परीक्षा का आयोजन 10 मई 2026 को किया जाएगा। उक्त संबंध में अधिक जानकारी सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास कार्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत संचालित प्रयास आवासीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक उत्कृष्ट स्कूली शिक्षा के साथ-साथ मेडिकल, इंजीनियरिंग, सीए, सीएमए, एनडीए, क्लैट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है।

भोपाल में शुरू हुआ सूखे कचरे से कोयला बनाने का ट्रायल, 220 करोड़ में बना प्लांट

भोपाल भोपाल के आदमपुर छावनी में अब शहर के सूखे कचरे से कोयला बनाया जाएगा। नगर निगम ने पीपीपी मोड में 220 करोड़ रुपये की लागत से टोरिफाइड चारकोल प्लांट स्थापित किया है। इस प्लांट के माध्यम से प्रतिदिन 400 टन सूखे कचरे का निपटारा किया जाएगा और इसका ट्रायल रन भी शुरू कर दिया गया है। टोरिफाइड चारकोल प्लांट का महत्व स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर निगम ने यह कदम शहर में सस्टेनेबल वेस्ट मैनेजमेंट को बढ़ावा देने के लिए उठाया है। आदमपुर छावनी में स्थापित यह प्लांट नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (एनटीपीसी) के सहयोग से संचालित होगा। यहां से निर्मित टोरिफाइड चारकोल का उपयोग एनटीपीसी अपने औद्योगिक उपयोग में करेगी। ट्रायल रन और कचरे का प्रबंधन नगर निगम ने ट्रायल रन के लिए 3 दिनों में कुल 800 टन सूखा कचरा प्लांट को दिया है। पूरे ट्रायल रन के दौरान लगभग 1800 टन सूखे कचरे को प्रोसेस किया जाएगा। यह प्रक्रिया शहर से निकलने वाले सूखे कचरे के निपटान के लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगी। तीन दिन में 800 टन कचरा पहुंचा ट्रायल के शुरुआती तीन दिनों में ही प्लांट में 800 टन सूखा कचरा पहुंचाया गया है। अधिकारियों के अनुसार ट्रायल के दौरान कुल 1800 टन कचरे का उपयोग किया जाएगा हर दिन 400 टन कचरे की प्रोसेसिंग 15 एकड़ में फैले इस प्लांट में प्रतिदिन 400 टन सूखे कचरे को प्रोसेस कर टोरिफाइड चारकोल तैयार किया जाएगा। यह तकनीक कचरा निपटान के साथ-साथ ऊर्जा उत्पादन के लिए भी उपयोगी साबित होगी।  बनारस के बाद दूसरा संयंत्र, जहां बिजली का कोयला बनेगा  बनारस के बाद देश में दूसरे टोरिफाइड चारकोल प्लांट के रूप में आदमपुर खंती में स्थापित संयंत्र का ट्रायल रन शुरू हो गया है। इस प्लांट के जरिए रोज 400 टन सूखे कचरे को प्रोसेस कर चारकोल में बदला जाएगा 2021 में हुआ था अनुबंध 12 अक्टूबर 2021 को अनुबंध होने के करीब पांच साल बाद प्लांट का ट्रायल शुरू हुआ। इस दौरान 2023 में खंती में आग लगने, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति में देरी और तकनीकी प्रक्रियाओं के कारण प्रोजेक्ट तय समय से पीछे चला गया। बनारस में सेग्रीगेशन की कमी से प्लांट प्रभावित, यहां भी यही चुनौती बनारस में एनटीपीसी का करीब 200 टन प्रतिदिन क्षमता वाला टोरिफाइड चारकोल प्लांट 2021-22 में शुरू हुआ था। वहां संचालन के दौरान सबसे बड़ी समस्या साफ और अलग किया हुआ सूखा कचरा लगातार उपलब्ध न होना रही। इसके कारण प्लांट पूरी क्षमता पर नहीं चल पाया। भोपाल में भी ‘सेग्रीगेशन एट सोर्स’ कमजोर है। ऐसे में यदि घर स्तर पर कचरे का सही तरह से अलग नहीं हुआ, तो प्लांट को पर्याप्त गुणवत्ता वाला कचरा मिलना मुश्किल होगा। इससे इसका संचालन प्रभावित हो सकता है। एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि यह प्लांट केवल नए सूखे कचरे को ही प्रोसेस करेगा, जबकि खंती में पहले से जमा करीब 6 लाख टन लिगेसी वेस्ट जस का तस बना हुआ है। 400 टन क्षमता वाला बायो-सीएनजी प्लांट अब तक शुरू नहीं आदमपुर छावनी में प्रस्तावित 400 टन प्रतिदिन क्षमता का बायो-सीएनजी प्लांट भी अब तक शुरू नहीं हो सका है। यह प्लांट, जिसे देश का दूसरा सबसे बड़ा बताया गया था, अगस्त 2023 तक शुरू होना था, लेकिन पर्यावरणीय मंजूरी और तकनीकी अड़चनों के कारण इसमें देरी हो रही है। आयुक्त ने किया निरीक्षण नगर निगम आयुक्त Sanskriti Jain ने प्लांट का दौरा कर कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया। उन्होंने इसे भोपाल के लिए गौरव का क्षण बताते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम बताया। एक नजर में प्रोजेक्ट 12 अक्टूबर 2021 को हुआ अनुबंध 220 करोड़ रुपये की लागत 15 एकड़ में स्थापित प्लांट प्रतिदिन 400 टन कचरे की प्रोसेसिंग क्षमता पर्यावरण को मिलेगा फायदा यह प्रोजेक्ट कचरे के वैज्ञानिक निपटान के साथ कोयले के विकल्प के रूप में उपयोगी होगा। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और भोपाल देश के चुनिंदा शहरों में शामिल हो सकेगा, जहां कचरे का शत-प्रतिशत उपयोग किया जा रहा है। निगम को होगी लागत में बचत 15 एकड़ क्षेत्र में स्थापित इस प्लांट के संचालन से नगर निगम को सूखे कचरे के निपटान में होने वाले खर्च में बड़ी बचत होगी। पीपीपी मोड में लगाए गए इस प्लांट से नए लेगसी तैयार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और शहर का कचरा प्रबंधन अधिक व्यवस्थित तरीके से होगा। बनारस के बाद भोपाल में दूसरा प्लांट एनटीपीसी के अधिकारियों के अनुसार, बनारस के अनुभव से सीख लेकर भोपाल प्लांट में अपग्रेड टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है। यह मध्यप्रदेश का पहला ऐसा प्रोजेक्ट है जो शहर के कचरे से टोरिफाइड चारकोल का उत्पादन करेगा। नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने शुक्रवार को प्लांट का निरीक्षण किया और ट्रायल रन की सफलता की जानकारी ली। इस प्रोजेक्ट से शहर का कचरा प्रबंधन और स्वच्छता दोनों ही स्तरों पर मजबूत होगा। निगम को बचत होगी पीपीपी मोड पर लगभग 220 करोड़ रुपए की लागत से आदमपुर छावनी में 15 एकड़ भूमि पर एनटीपीसी ने यह प्लांट स्थापित किया है। प्लांट के संचालन से निगम को सूखे कचरे के निष्पादन पर व्यय होने वाली राशि की बचत होगी और नया लेगसी तैयार नहीं हो पाएगा। बनारस के बाद भोपाल में ही लगा है प्लांट निगम कमिश्नर जैन को एनटीपीसी के अधिकारियों ने बताया कि बनारस के बाद भोपाल में देश का दूसरा ऐसा शहर है, जिसने टोरिफाइड चारकोल प्लांट स्थापित करने के लिए अनुबंध किया था। बनारस के प्लांट के संचालन के अनुभव एवं कार्य व्यवहार से सीख लेकर भोपाल के संयंत्र में अपग्रेड टेक्नालॉजी का उपयोग किया गया है। यह प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश में अपने किस्म का पहला प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से नगर निगम हर रोज सूखे कचरे का निपटारा कर सकेगा।

चंडीगढ़ एयर-शो: एयरफोर्स की सूर्यकिरन टीम ने किया डायमंड-Y फॉर्मेशन, पंजाब और हरियाणा के CMs ने भी लिया हिस्सा

चंडीगढ़  चंडीगढ़ में सुखना लेक पर सूर्यकिरण एयर शो का आज दूसरा दिन है। दूसरे दिन शो में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और हरियाणा के सीएम नायब सैनी भी पहुंचे। वहीं दोनों प्रदेशों के गवर्नर भी पहुंचे।   पहले दिन के शो ने पूरे शहर को रोमांच से भर दिया, वहीं इस आयोजन ने बेटियों के सपनों को भी नई दिशा दे दी। आसमान में जांबाज पायलटों के हैरतअंगेज करतब देखकर कई छात्राओं के मन में देशसेवा का जज्बा जगा और उन्होंने पायलट बनने का संकल्प लिया। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से इस एयर शो में स्कूली बच्चों को भी शामिल होने का मौका दिया गया। चार सरकारी स्कूलों के 50-50 बच्चों को विशेष अनुमति देकर लाया गया। स्नेहालय के बच्चों ने भी इस आयोजन में भाग लिया। छोटे-छोटे बच्चों से लेकर किशोर छात्राओं तक, हर किसी के चेहरे पर उत्साह और गर्व दिखा। स्नेहालय के छोटे बच्चों ने भी पायलट बनने की इच्छा जताई। शिक्षकों ने प्रशासन के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के भविष्य को नई दिशा देते हैं। इस तरह के कार्यक्रमों से आत्मविश्वास बढ़ता है और बच्चे देश सेवा के लिए प्रेरित होते हैं। चंडीगढ़ में सुखना लेक पर चल रहे एयर शो का आज दूसरा और आखिरी दिन है। करीब एक घंटे चले एयर-शो में एयरफोर्स की टीम सूर्यकिरन ने आसमान में कई करतब दिखाए। टीम ने हवा में डायमंड, Y, तेजस, DNA जैसे फॉर्मेशन बनाकर लोगों को तालियां बजाने पर मजबूर किया। साथ ही कभी 360 तो कभी 90 डिग्री पर घूमकर हैरतअंगेज कारनामे किए। अंत में टीम के 2 फाइटर जेट ने हवा में धुएं से हार्ट बनाकर दर्शकों को धन्यवाद कहा। इसी के साथ एयर-शो संपन्न हुआ। इसे देखने के लिए हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी और पंजाब के CM भगवंत मान भी पहुंचे। उनके साथ चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया और हरियाणा के गवर्नर अशीम घोष मौजूद रहे। एयर-शो संपन्न होने के बाद सुखना लेक को आम जनता के लिए दोपहर 2 बजे खोल दिया जाएगा। इस एयर शो के चलते 26 मार्च से आम जनता के लिए सुखना लेक बंद है। एयर शो के दौरान जैसे ही सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम ने आसमान में कलाबाजियां दिखाईं, पूरा माहौल तालियों और जयकारों से गूंज उठा। इस रोमांच ने खासतौर पर बेटियों के दिलों में एक नई ऊर्जा भर दी। कई छात्राओं ने कहा कि अब वे भी पायलट बनकर देश का नाम रोशन करना चाहती हैं। अब सपना नहीं, लक्ष्य बन गया सरकारी स्कूल की छात्रा तराना ने कहा कि वह पहले से ही डिफेंस में जाना चाहती थी लेकिन इस शो को देखने के बाद उसका हौसला और मजबूत हो गया है। अब पूरी मेहनत से तैयारी करूंगी और पायलट बनकर देश का नाम रोशन करूंगी। इस क्षेत्र में लड़कियों की भागीदारी और बढ़नी चाहिए। डर पर जीत, सपनों को मिली उड़ान छात्रा सादिया ने बताया कि एयर शो ने उसके सपने को और मजबूत बना दिया है। पहले मुझे ऊंचाई से डर लगता था लेकिन आज का शो देखने के बाद मेरा डर खत्म हो गया। अब देश सेवा के अपने लक्ष्य को जरूर पूरा करूंगी। वर्दी पहनने का सपना और मजबूत हुआ भारती ने कहा कि वह भारतीय सेना में जाकर आगे चलकर कर्नल बनना चाहती है। अगर मौका मिला तो वायुसेना में जरूर जाऊंगी। इस एयर शो ने मुझे पायलट बनने के लिए प्रेरित किया है।

बालेन का बड़ा कदम: ओली पर एक्शन, Gen-Z आंदोलन में फायरिंग को लेकर उठा विवाद

काठमांडू  नेपाल की राजनीति में शनिवार को एक बड़ा भूचाल आया है. सुबह-सुबह नेपाल पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के घर छापा मारकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया. उनके साथ पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को भी हिरासत में लिया गया है. यह गिरफ्तारी पिछले साल सितंबर 2025 में हुए जेन-जी आंदोलन में दर्जनों युवाओं की मौत से जुड़ी जांच रिपोर्ट के आधार पर हुई है।  सितंबर 2025 में नेपाल के युवा भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और सोशल मीडिया बैन के खिलाफ सड़कों पर उतर आए थे. 8 सितंबर को जब प्रदर्शनकारियों ने काठमांडू में संसद घेरी तो पुलिस ने गोलियां चला दीं. पहले ही दिन 19 युवाओं की मौत हो गई और कुल मिलाकर 70 से 77 लोग मारे गए, हजारों घायल हुए।  उस वक्त देश के प्रधानमंत्री ओली ही थे. युवाओं का आरोप है कि ओली और उनके गृह मंत्री ने फायरिंग का आदेश दिया. आंदोलन इतना तेज हुआ कि 9 सितंबर को ओली को इस्तीफा देना पड़ा. बाद में बनी जांच आयोग ने ओली को इन मौतों का जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ मुकदमे की सिफारिश की।  गिरफ्तारी के बाद अस्पताल ले जाए गए ओली, भक्तपुर के घर से हुई थी गिरफ्तारी नेपाल पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को काठमांडू के डिस्ट्रिक्ट पुलिस रेंज से मेडिकल चेकअप के लिए अस्पताल ले जाया गया है. पुलिस ने उन्हें भक्तपुर के गुंडू स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया था।  काठमांडू पोस्ट के मुताबिक ओली को सितंबर 2025 के जेन-जी आंदोलन के कथित दमन से जुड़े गैर-इरादतन हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया है।  चुनाव में भी मिली करारी हार ओली को मार्च 2026 के आम चुनाव में भी बड़ा झटका लग चुका था. रैपर से नेता बने बालेन शाह ने ओली को उनके ही गृह क्षेत्र झापा-5 में बुरी तरह हरा दिया. बालेन को 68 हजार से ज्यादा वोट मिले जबकि ओली महज 18 हजार वोट ही पा सके. बालेन शाह अब नेपाल के नए प्रधानमंत्री बन चुके हैं।  कौन हैं केपी शर्मा ओली? 22 फरवरी 1952 को जन्मे ओली नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) के चेयरमैन हैं और चार बार देश के प्रधानमंत्री रह चुके हैं. उनका राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है. 1970 के दशक में राजतंत्र के खिलाफ काम करने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया था और वे 14 साल जेल में रहे. जेल से निकलकर वे नेपाल की मुख्यधारा की राजनीति में आए और देश के सबसे ताकतवर नेताओं में से एक बन गए।  50 साल से ज्यादा का राजनीतिक सफर जेल से शुरू हुआ था और आज एक बार फिर जेल पर जाकर खत्म हो रहा है. यह घटना नेपाल में युवाओं की बढ़ती ताकत और पुरानी राजनीति के अंत की ओर इशारा करती है। 

मध्य प्रदेश में महावीर जयंती पर छुट्‌टी पर मंथन, विधायकों ने 30 मार्च को अवकाश की मांग की

भोपाल  मध्यप्रदेश में महावीर जयंती की सरकारी छुट्‌टी की तारीख को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के विधायकों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर 31 मार्च के बजाय 30 मार्च को शासकीय अवकाश घोषित करने की मांग की है। वहीं, सरकार के पास ऐसे सुझाव भी पहुंचे हैं जिनमें अवकाश की तारीख 31 मार्च ही बनाए रखने की बात कही गई है। इसी को लेकर सरकार स्तर पर विचार-मंथन जारी है।मुख्य सचिव कार्यालय ने इस संबंध में विभिन्न विभागों और पक्षों से राय लेना शुरू कर दिया है। अंतिम निर्णय राज्य सरकार द्वारा जल्द लिया जा सकता है।  जैन परंपराओं के अनुसार 30 मार्च को जन्म कल्याणक  पृथ्वीपुर विधायक नितेंद्र बृजेंद्र सिंह राठौर ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि जैन धर्म की धार्मिक परंपराओं और पंचांग के अनुसार भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक इस वर्ष 30 मार्च को मनाया जा रहा है। ऐसे में 31 मार्च को घोषित अवकाश को संशोधित कर 30 मार्च किया जाना चाहिए। विधायक ने यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी मध्य प्रदेश राजपत्र (असाधारण) में 31 मार्च को अवकाश दर्शाया गया है, जिसे जनभावनाओं को देखते हुए बदला जाना जरूरी है।  हाईकोर्ट की अधिसूचना का भी दिया हवाला  पत्र में यह तर्क भी दिया गया है कि जबलपुर हाईकोर्ट ने भी अपनी अधिसूचना में आंशिक संशोधन करते हुए 30 मार्च को ही अवकाश घोषित किया है। विधायक ने पूर्व में होली पर्व के दौरान शासन द्वारा की गई तारीख़ में बदलाव की मिसाल देते हुए सरकार से सहानुभूतिपूर्वक निर्णय लेने का अनुरोध किया है।  भाजपा विधायक ने भी उठाई मांग  बंडा (सागर) से भाजपा विधायक वीरेंद्र सिंह लंबरदार ने भी शासन को पत्र लिखकर 31 मार्च 2026 के स्थान पर 30 मार्च 2026 को शासकीय अवकाश घोषित करने की मांग की है। उनका कहना है कि देशभर में जैन समाज 30 मार्च को ही भगवान महावीर का जन्म कल्याणक मना रहा है, ऐसे में 31 मार्च को अवकाश का कोई औचित्य नहीं बनता। विधायक ने इसे “आंशिक संशोधन” की श्रेणी में रखते हुए जनभावनाओं और धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप निर्णय लेने की अपील की है।  

पंजाब में बाढ़ के बाद पर्यावरण में बदलाव, वेटलैंड्स में पक्षियों की संख्या घटी, प्रजातियां बढ़ीं

 चंडीगढ़ पंजाब के वेटलैंड्स से इस बार मिले आंकड़े मिश्रित तस्वीर पेश कर रहे हैं। जहां प्रवासी पक्षियों की कुल संख्या में गिरावट दर्ज की गई है, वहीं प्रजातियों (स्पीशीज) की विविधता बढ़ना पारिस्थितिकी तंत्र में बदलाव का संकेत दे रहा है। जनवरी 2026 में हुए बर्ड सेंसस के अनुसार, 2025 में 77,772 पक्षी दर्ज किए गए थे, जो 2026 में घटकर 71,129 रह गए। वहीं प्रजातियों की संख्या 270 से बढ़कर 304 हो गई। यह सेंसस हरिके वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी, नंगल वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी, केशोपुर वेटलैंड्स, रंजीत सागर वेटलैंड्स, रोपड़ वेटलैंड्स और कंजली वेटलैंड्स में एशियन वाटरबर्ड सेंसस प्रोटोकॉल के तहत किया गया। सर्वे के दौरान प्रजाति-वार गिनती, फ्लॉक (झुंड) साइज, हैबिटैट उपयोग और डिस्टर्बेंस फैक्टर्स का भी आकलन किया गया। राज्य के सबसे बड़े हरिके वेटलैंड में पक्षियों की संख्या 57,251 से घटकर 52,707 हो गई, लेकिन प्रजातियों की संख्या 80 से बढ़कर 87 दर्ज की गई। केशोपुर वेटलैंड में भी पक्षियों की संख्या 13,675 से घटकर 10,450 रह गई, जबकि प्रजातियां 75 से बढ़कर 78 हो गईं। रोपड़ वेटलैंड में पक्षियों की संख्या में हुआ इजाफा वहीं रोपड़ वेटलैंड में पक्षियों की संख्या 1,486 से बढ़कर 2,313 और प्रजातियां 44 से 46 हो गईं। नंगल वेटलैंड में भी संख्या 2,411 से बढ़कर 3,189 और प्रजातियां 36 से बढ़कर 44 दर्ज की गईं। कंजली वेटलैंड में भी सकारात्मक रुझान रहा, जहां पक्षियों की संख्या 440 से बढ़कर 623 और प्रजातियां 23 से बढ़कर 29 हो गईं। रंजीत सागर वेटलैंड में पक्षियों की संख्या 2,500 से घटकर 1,867 हो गई, हालांकि प्रजातियों की संख्या 20 से बढ़कर 21 हो गई। मुख्य वन्यजीव संरक्षक बसंता राजकुमार के अनुसार, पिछले वर्ष आई भीषण बाढ़ का असर वेटलैंड्स पर पड़ा, जिससे हरिके, केशोपुर और रंजीत सागर जैसे क्षेत्र अधिक प्रभावित हुए। इसके विपरीत रोपड़, नंगल और कंजली अपेक्षाकृत कम प्रभावित रहे, जिससे वहां पक्षियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई। नई प्रजातियों के आने से मिले सकारात्मक संकेत इसके बावजूद कुछ सकारात्मक संकेत भी सामने आए हैं। केशोपुर में 441 कामन क्रेन (सारस) का बड़ा फ्लॉक दर्ज किया गया, जो पंजाब में सीमित क्षेत्र में ही पाया जाता है। नंगल में 11 ब्लैक-नेक्ड ग्रीब्स का देखा जाना भी खास माना जा रहा है, क्योंकि यह प्रजाति उत्तर-पश्चिम भारत में कम ही रिपोर्ट होती है। पंजाब के वेटलैंड्स वैश्विक स्तर पर भी अहम हैं। हरिके, रोपड़, कंजली, केशोपुर और नंगल को रामसर साइट का दर्जा प्राप्त है। राज्य में 7 प्रतिशत से कम फॉरेस्ट और वाइल्डलाइफ कवर होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय महत्व के वेटलैंड्स की संख्या के मामले में पंजाब देश में तीसरे स्थान पर है। जानें: कैसे हुआ बर्ड सेंसस 2026     जनवरी 2026 में एशियन वाटरबर्ड सेंसस प्रोटोकॉल के तहत सर्वे     वेटलैंड्स को अलग-अलग सर्वे ब्लॉक्स में बांटा गया     डबल काउंटिंग से बचने के लिए वैज्ञानिक तरीका अपनाया गया     स्पीशीज-वार गिनती, फ्लॉक साइज, हैबिटैट उपयोग और डिस्टर्बेंस का आकलन     पंजाब फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के साथ बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी (बीएनएचएस), वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूआईआई), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर), डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया, पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू), गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (जीएनडीयू) और पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) की भागीदारी प्रमुख वेटलैंड्स का प्रदर्शन     हरिके: संख्या घटी, स्पीशीज बढ़ीं     केशोपुर: संख्या में गिरावट, स्पीशीज में इजाफा     रोपड़: संख्या और स्पीशीज दोनों बढ़ीं     नंगल: दोनों में मजबूत सुधार     कंजली: सकारात्मक ट्रेंड     रंजीत सागर: संख्या घटी, स्पीशीज में हल्की बढ़ोतरी जानें इस स्थ्डी से क्या अहम संकेत मिले     कुल बर्ड काउंट घटा, लेकिन स्पीशीज डाइवर्सिटी बढ़ी     बाढ़ का असर कई वेटलैंड्स पर साफ दिखा     कुछ वेटलैंड्स में इकोलॉजिकल बैलेंस बेहतर हुआ     रेयर स्पीशीज की मौजूदगी उम्मीद बढ़ाने वाली  

शाह की कड़ी चेतावनी: गलत इरादे से भारत आए तो US-यूक्रेनी नागरिकों को नहीं बख्शेंगे

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने  स्पष्ट किया कि हाल ही में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा गिरफ्तार किए गए विदेशी नागरिकों से भारत को कोई खतरा नहीं था। उन्होंने बताया कि ये लोग आतंकी प्रशिक्षण के लिए भारत का इस्तेमाल केवल म्यांमार पहुंचने के एक 'ट्रांजिट पॉइंट' के रूप में कर रहे थे। विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी और उनकी मंशा हाल ही में NIA ने कोलकाता, लखनऊ और दिल्ली से एक समूह को गिरफ्तार किया था, जिसमें एक अमेरिकी और छह यूक्रेनी नागरिक शामिल थे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, गृह मंत्री ने बताया कि यह समूह मिजोरम के रास्ते म्यांमार जाने की फिराक में था। म्यांमार में मौजूद विद्रोही गुटों के शिविरों का इस्तेमाल यूक्रेनी नागरिकों को आतंकी प्रशिक्षण देने के लिए किया जाना था। कैसे पकड़े गए? विदेशी नागरिकों को मिजोरम में प्रवेश करने के लिए 'एडवांस परमिट' (अग्रिम अनुमति) की आवश्यकता होती है। इन लोगों ने यह परमिट नहीं लिया था, जिसके कारण ये सुरक्षा एजेंसियों की पकड़ में आ गए। भारत सरकार का कड़ा रुख यह पहली बार है जब सरकार के किसी शीर्ष अधिकारी ने आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट किया है कि इस समूह का मुख्य लक्ष्य म्यांमार था और भारत महज उनके रास्ते का एक पड़ाव था। अमित शाह ने कहा- इनसे भारत की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं था। लेकिन हमारी नीति बिल्कुल स्पष्ट है कि यदि कोई भी विदेशी नागरिक किसी भी गलत काम या इरादे से भारत आता है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। कोर्ट ने 1 अमेरिकी और 6 यूक्रेनी नागरिकों की रिमांड 10 दिन और बढ़ाई इस बीच नई दिल्ली की एक विशेष एनआईए अदालत ने म्यांमार के हथियारबंद गुटों और प्रतिबंधित भारतीय विद्रोही समूहों को कथित तौर पर हथियार, ड्रोन और ट्रेनिंग मुहैया कराने के आरोप में गिरफ्तार 7 विदेशी नागरिकों की कस्टडी 10 दिनों के लिए बढ़ा दी है। जांच एजेंसी एनआईए ने कुल 7 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इनमें से 3 यूक्रेनी नागरिक दिल्ली से, 3 लखनऊ से और 1 अमेरिकी नागरिक कोलकाता से गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों के नाम हैं।     मैथ्यू आरोन वान डाइक (अमेरिकी नागरिक)     हुरबा पेट्रो (यूक्रेनी नागरिक)     सिल्वियाक तारास (यूक्रेनी नागरिक)     इवान सुकमानोवस्की (यूक्रेनी नागरिक)     स्टीफंकिव मैरियन (यूक्रेनी नागरिक)     होनचारुक मक्सिम (यूक्रेनी नागरिक)     कामिन्स्की विक्टर (यूक्रेनी नागरिक) क्या हैं मुख्य आरोप? जांच एजेंसी का आरोप है कि ये विदेशी नागरिक वैध वीजा पर भारत आए और फिर संरक्षित क्षेत्र 'मिजोरम' में प्रवेश कर गए। वहां से उन्होंने म्यांमार में घुसपैठ की और जातीय विद्रोही गुटों से संपर्क साधा। इन पर आरोप है कि इन्होंने म्यांमार में ट्रेनिंग ली और फिर वहां के विद्रोही गुटों को ट्रेनिंग दी। ये गुट भारत के प्रतिबंधित विद्रोही समूहों से जुड़े हुए हैं। साथ ही, आरोप है कि वे भारत के रास्ते यूरोप से भारी मात्रा में 'ड्रोन' की खेप लेकर आए थे। इन पर आतंकी हार्डवेयर, हथियार सप्लाई करने और एके-47 (AK-47) राइफल ले जाने वाले अज्ञात आतंकवादियों से सीधे संपर्क में होने का आरोप है। इन सभी के खिलाफ यूएपीए (UAPA) की धारा 18 (आतंकी साजिश) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अदालत में हुई सुनवाई और दलीलें सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए, विशेष एनआईए न्यायाधीश प्रशांत शर्मा के समक्ष इन आरोपियों को एनआईए मुख्यालय में ही पेश किया गया। जांच एजेंसी ने अदालत से 10 दिन की अतिरिक्त कस्टडी की मांग करते हुए बताया कि मामले की पूछताछ के दौरान कुछ और संदिग्ध भारतीयों और विदेशियों के नाम सामने आए हैं। उनके आतंकी गतिविधियों में शामिल होने और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाले इन पहलुओं की गहराई से जांच के लिए रिमांड की आवश्यकता है। इससे पहले 11 दिन की रिमांड देते हुए अदालत ने टिप्पणी की थी कि यह ऐसा मामला नहीं है जहां एफआईआर में राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ अपराधों का कोई जिक्र न हो। यानी इस मामले में सीधे तौर पर यूएपीए की धारा 18 लागू होती है। एनआईए की दलीलों से सहमत होते हुए जज प्रशांत शर्मा ने सातों आरोपियों की कस्टडी 10 दिन और बढ़ा दी है। नक्सलवाद के खात्मे पर सरकार की रणनीति जब गृह मंत्री से नक्सलवाद को खत्म करने के लिए तय की गई 31 मार्च, 2026 की समय सीमा के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि यह हार या जीत का विषय नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य हमलों और बम विस्फोटों पर पूरी तरह से रोक लगाना है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने नक्सलवाद को देश की सबसे बड़ी आंतरिक सुरक्षा चुनौती बताया था। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नक्सलवाद पर काफी हद तक लगाम लगाई गई है। अब तिरुपति-पशुपतिनाथ कॉरिडोर के अंतर्गत आने वाले सभी आदिवासी और जनजातीय क्षेत्रों में विकास कार्य तेजी से पहुंच रहे हैं।

ममता बनर्जी चुनाव आयोग के निशाने पर, CRPF जवानों को धमकाने का आरोप, रिपोर्ट मांगी

कोलकत्ता  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य में सियासी सरगर्मियां और चुनावी हिंसा को लेकर तनाव तेज हो गया है। चुनाव आयोग (ECI) ने सख्त कदम उठाते हुए जहां एक तरफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक भाषण पर रिपोर्ट तलब की है, वहीं दूसरी तरफ कर्तव्य में घोर लापरवाही के आरोप में एक पुलिस इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है। ममता बनर्जी के भाषण पर रिपोर्ट तलब भारत के चुनाव आयोग ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हालिया भाषण को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को कहा है। यह भाषण दार्जिलिंग के नक्सलबाड़ी स्थित नंदप्रसाद गर्ल्स हाई स्कूल मैदान में एक जनसभा के दौरान दिया गया था। क्या है आरोप? चुनाव आयोग का दावा है कि भाषण के वीडियो में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कथित तौर पर सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों को धमकाती नजर आ रही हैं। उन्होंने सभी महिलाओं और लड़कियों से मतदान केंद्रों पर मौजूद रहने को कहा और यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़े, तो किसी भी स्थिति से निपटने के लिए घरेलू रसोई के उपकरणों का इस्तेमाल करें। बासंती पुलिस स्टेशन के प्रभारी निलंबित इस बीच चुनाव आयोग ने कार्रवाई करते हुए बासंती पुलिस स्टेशन के प्रभारी इंस्पेक्टर अविजित पॉल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई 26 मार्च को दक्षिण 24 परगना जिले के बासंती बाजार (बरुईपुर पुलिस जिला) इलाके में हुई हिंसक घटना के बाद की गई है। इस हिंसा में पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए थे। यह हिंसा तब भड़की थी, जब बासंती विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार विकास सरदार का चुनाव प्रचार चल रहा था। चुनाव आयोग का बयान आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि पूर्व सूचना होने के बावजूद इंस्पेक्टर अविजित पॉल पर्याप्त पुलिस व्यवस्था करने में पूरी तरह विफल रहे। पिछले कुछ दिनों से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की उपलब्धता के बावजूद, उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए CAPF की मांग नहीं की, जो उनकी ओर से गंभीर लापरवाही और ड्यूटी में कोताही को दर्शाता है। भाजपा सांसद का टीएमसी पर हमला इस हिंसक घटना की कड़ी निंदा करते हुए भाजपा सांसद बिप्लब कुमार देब ने शुक्रवार को "जिहादियों" और गुंडों पर सुनियोजित हमले का आरोप लगाया। समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए देब ने दावा किया कि बड़ी संख्या में ज्ञात हमलावरों ने पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमला किया। जब पुलिस और सुरक्षा बलों ने बीच-बचाव की कोशिश की, तो उन पर भी हमला किया गया। टीएमसी पर आरोप: उन्होंने राज्य में हिंसा का माहौल बनाने के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "बड़ी संख्या में जिहादियों ने, जिनके नाम पहचाने जा चुके हैं, हमारे कार्यकर्ताओं पर हमला किया। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व में जो गुंडों और जिहादियों का साम्राज्य खड़ा किया गया है, वही इस घटना का मुख्य कारण है, जो बासंती बाजार में देखने को मिला।" गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। राज्य में दो चरणों में- 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होना है। दोनों चरणों के वोटों की गिनती 4 मई को निर्धारित की गई है।

CM साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कमिश्नर, आईजी और कलेक्टरों के साथ की बड़ी बैठक

पेट्रोलियम पदार्थों और गैस सिलेंडरों की उपलब्धता पर ले रहे हैं जानकारी पेट्रोलियम पदार्थों और गैस की पर्याप्त उपलब्धता, अफवाहों पर न दें ध्यान परिस्थिति का फायदा लेकर आवश्यक वस्तु की कालाबाजारी करने वालों पर हो कड़ी करवाई रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी संभागीय आयुक्तों, आईजी, कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। यह बैठक मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में उपजी वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए बुलाई गई थी, ताकि राज्य में जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित न हो। बता दें कि मुख्यमंत्री ने बैठक में रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल और खेती के लिए उर्वरकों की उपलब्धता की बारीकी से जांच की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन चीजों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए ताकि आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। दरअसल, बैठक में भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के उपयोग पर भी चर्चा की गई है। मैदानी सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को लेकर कड़े तेवर दिखाए हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट कहा है कि बाजार में सामानों की कमी को लेकर फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना पर तुरंत एक्शन लिया जाए। मुख्यमंत्री ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यापारी या बिचौलिया जमाखोरी या कालाबाजारी के जरिए कृत्रिम संकट पैदा करने की कोशिश करता है, तो उस पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए। गौरतलब है कि इस महत्वपूर्ण बैठक में खाद्य, कृषि, परिवहन और ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तेल विपणन कंपनियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। शासन की कोशिश है कि वैश्विक तनाव के बावजूद छत्तीसगढ़ के बाजारों में जरूरी सामानों की आपूर्ति और कीमतें सामान्य बनी रहें।