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पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम को लेकर पूरे इलाके में 5000 पुलिसकर्मी तैनात

5 स्तरीय सुरक्षा घेरे में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, हाईटेक निगरानी से चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम को लेकर पूरे इलाके में 5000 पुलिसकर्मी तैनात  एंटी-ड्रोन, सीसीटीवी और इंटेलिजेंस नेटवर्क से कड़ी निगरानी 100 से अधिक प्रवेश द्वारों पर 200 डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर स्थापित एंटी-सैबोटाज चेक, बम डिस्पोजल स्क्वाड, एंटी-माइंस चेकिंग और स्निफर डॉग्स की तैनाती नोएडा/जेवर नवनिर्मित जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह और प्रस्तावित जनसभा को लेकर पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति के मद्देनजर पूरे क्षेत्र को 5-स्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया, जिसमें अत्याधुनिक तकनीक, खुफिया समन्वय और व्यापक पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुरूप यह पूरी व्यवस्था पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में संचालित की जा रही है।  5-स्तरीय सुरक्षा घेरा, एसपीजी के साथ समन्वय नोएडा के जॉइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि कार्यक्रम की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे क्षेत्र में मल्टी लेयर सिक्योरिटी आर्किटेक्चर के तहत 5 सुरक्षा रिंग बनाईं गईं। एसपीजी के साथ निरंतर समन्वय रखते हुए सभी एंट्री प्वाइंट्स पर सघन चेकिंग, बैगेज स्क्रीनिंग और पहचान सत्यापन किया जा रहा है। 100 से अधिक प्रवेश द्वारों पर 200 डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगाए गए, जबकि महिलाओं के लिए अलग चेकिंग एन्क्लोजर की व्यवस्था की गई। 5000 से अधिक सुरक्षाकर्मी, कई एजेंसियों की तैनाती सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस के करीब 5000 राजपत्रित और अराजपत्रित अधिकारियों की तैनाती की गई। इसके अलावा पीएसी, आरएएफ, एटीएस और सीआईएसएफ की संयुक्त तैनाती कर सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया गया। एयरपोर्ट परिसर और आसपास पहले से स्थापित पुलिस चौकियों पर भी अतिरिक्त बल तैनात किया गया। एंटी-ड्रोन, बीडीडीएस और स्निफर डॉग से निगरानी कार्यक्रम स्थल पर एंटी-सैबोटाज चेक, बीडीडीएस (बम डिस्पोजल स्क्वाड), एंटी-माइंस चेकिंग और स्निफर डॉग्स की तैनाती की गई। एंटी-ड्रोन टीमों द्वारा आसमान से निगरानी रखी गई, जबकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई के लिए क्विक रिएक्शन टीम्स को रणनीतिक स्थानों पर तैनात किया गया। इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया पर कड़ी नजर आईबी और स्टेट इंटेलिजेंस यूनिट्स के साथ रियल-टाइम कोऑर्डिनेशन स्थापित किया गया है। नोएडा के जॉइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के जरिए अफवाहों और संभावित खतरों को लेकर नजर रखी गई, जिससे किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। सीसीटीवी कंट्रोल रूम और हेल्प डेस्क की व्यवस्था पूरे कार्यक्रम स्थल और एयरपोर्ट परिसर में सीसीटीवी निगरानी के लिए विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। साथ ही आमजन की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर पुलिस हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं, जिससे लोगों को त्वरित सहायता मिल सके। आपदा प्रबंधन और चिकित्सा सुविधाएं अलर्ट मोड पर आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। फायर ब्रिगेड और फायर टेंडर स्टैंडबाय पर रहे, जबकि मेडिकल डेस्क, एम्बुलेंस और विशेष एम्बुलेंस कॉरिडोर की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई। यही नहीं, एवैक्यूएशन रूट और असेंबली प्वाइंट पहले से तय कर मॉक ड्रिल भी कराई गई है।  ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग का विशेष प्लान यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए रियल-टाइम ट्रैफिक मॉनिटरिंग के साथ विस्तृत डायवर्जन प्लान लागू किया गया। करीब 15 निर्धारित पार्किंग स्थलों पर 20,000 से अधिक वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है।  हाईटेक कम्युनिकेशन और कंट्रोल सिस्टम सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए डेडिकेटेड वायरलेस नेटवर्क और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल डैशबोर्ड के जरिए सभी व्यवस्थाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की गई। नदी क्षेत्र में भी सुरक्षा, ड्रोन पर प्रतिबंध यमुना नदी के नजदीक होने के कारण उस क्षेत्र में भी पेट्रोलिंग की भी विशेष व्यवस्था की गई है। साथ ही कार्यक्रम क्षेत्र को नो-फ्लाई जोन घोषित कर एंटी-ड्रोन सिस्टम सक्रिय रखा गया।

टाइगर वुड्स फिर गिरफ्तार, फ्लोरिडा पुलिस ने गंभीर आरोप में किया जेल भेजना

फ्लोरिडा दुनिया के पूर्व नंबर एक गोल्फर और 15 बार के मेजर चैंपियन टाइगर वुड्स को 'ड्राइविंग अंडर द इन्फ्लुएंस' (DUI) के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. यह गिरफ्तारी अमेरिका के फ्लोरिडा में उनके जुपिटर आइलैंड स्थित घर के पास हुए एक सड़क हादसे के बाद हुई, जिसमें उनकी लैंड रोवर गाड़ी पलट गई थी।  पुलिस के अनुसार,  टाइगर वुड्स अपनी लैंड रोवर कार से टू लेन वाली सड़क पर तेज रफ्तार से जा रहे थे. इसी दौरान वह एक वर्क ट्रक को ओवरटेक कर रहे थे, जो ट्रेलर खींच रहा था. ओवरटेक करते समय उनकी गाड़ी ट्रेलर के पिछले हिस्से से टकरा गई, जिससे कार अनियंत्रित होकर पलट गई और ड्राइवर साइड पर जा गिरी।  हादसे के बाद टाइगर वुड्सखुद ही पैसेंजर साइड का दरवाजा खोलकर बाहर निकले. पुलिस जब मौके पर पहुंची, तब तक वह कार से बाहर आ चुके थे. इस हादसे में वुड्स या दूसरे वाहन चालक को कोई गंभीर चोट नहीं आई।  टाइगर वुड्स को हिरासत में लेकर ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट किया गया, जिसमें शराब की पुष्टि नहीं हुई है. जांच अधिकारियों का मानना है कि वह किसी दवा या मेडिकेशन के प्रभाव में गाड़ी चला रहे थे, जिसकी वजह से उनकी ड्राइविंग प्रभावित हुई।  हालांकि, वुड्स ने पुलिस द्वारा मांगे गए यूरिन टेस्ट देने से इनकार कर दिया, जो फ्लोरिडा के कानून के तहत अलग अपराध माना जाता है. इस कारण उन पर एक अतिरिक्त चार्ज भी लगाया गया।  वुड्स पर DUI, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और वैध परीक्षण से इनकार करने के आरोप लगाए गए हैं. फ्लोरिडा के कड़े नियमों के अनुसार, उन्हें जमानत पर रिहा होने से पहले कम से कम 8 घंटे जेल में बिताने होंगे।  यह दूसरी बार है जब वुड्स को DUI के आरोपों का सामना करना पड़ा है. इससे पहले 2017 में भी उन्हें फ्लोरिडा के जुपिटर में गिरफ्तार किया गया था, जहां उन्होंने लापरवाही से गाड़ी चलाने का दोष स्वीकार किया था. फ्लोरिडा के कानून के अनुसार, DUI में गिरफ्तार व्यक्ति को जमानत से पहले कम से कम 8 घंटे जेल में रहना होता है।   

अब गांव में ही सुलझेंगे जमीन विवाद: पटवारी आपके द्वार पहुंचेंगे

जिले में राजस्व पखवाड़ा का मेगा प्लान जारी अब गांव में ही होगा जमीन विवादों का हलः पटवारी पहुंचेंगे आपके द्वार मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले में राजस्व संबंधी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए प्रशासन ने एक बड़ा और प्रभावी कदम उठाया है। “राजस्व पखवाड़ा” के तहत विस्तृत ग्रामवार शेड्यूल जारी कर दिया गया है, जिससे अब ग्रामीणों को अपनी जमीन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इस अभियान के तहत तहसील मनेन्द्रगढ़ सहित जिले के 100 से अधिक गांवों में शिविर लगाए जाएंगे, जहां पटवारी और राजस्व अमला मौके पर ही समस्याओं का समाधान करेंगे। तीन चरणों में चलेगा अभियान राजस्व पखवाड़ा को तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा: 01 से 15 अप्रैल 2026 04 से 18 मई 2026 01 से 15 जून 2026 प्रत्येक गांव के लिए अलग-अलग तिथियां तय की गई हैं, ताकि अधिकतम ग्रामीणों को लाभ मिल सके। सैकड़ों गांवों में पहुंचेगा प्रशासन घोषित कार्यक्रम के अनुसार मनेन्द्रगढ़ तहसील के उजियारपुर, बरबसपुर, राधारमणनगर, सोनवर्षा, नवापारा, महाराजपुर, अमृतधारा, चैनपुर, परसगढ़ी, पिपरिया, लालपुर, शंकरगढ़, खोंगापानी, मनेन्द्रगढ़ सहित कई गांवों में शिविर आयोजित होंगे। जिलेभर में यह अभियान व्यापक स्तर पर संचालित होगा: भरतपुर तहसील: 108 ग्राम केल्हारी तहसील: 74 ग्राम कोटाडोल तहसील: 75 ग्राम चिरमिरी तहसील: 16 ग्राम खड़गवां तहसील: 44 ग्राम _कुल मिलाकर 376 ग्राम पंचायतों में शिविर लगाए जाएंगे। _मौके पर होगा हर समस्या का समाधान। इस विशेष अभियान में निम्न राजस्व मामलों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाएगा: _नामांतरण (Mutation) _बंटवारा _सीमांकन _भू-अभिलेख सुधार _ऋण पुस्तिका _फौती नामांतरण साथ ही ग्रामीणों को उनके अधिकारों और राजस्व प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक भी किया जाएगा। पटवारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी कलेक्टर के निर्देशन में तैयार इस मेगा प्लान के तहत जिले के कई पटवारियों और राजस्व अधिकारियों को ग्रामवार जिम्मेदारी दी गई है, जो तय तिथियों पर गांवों में पहुंचकर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करेंगे। प्रशासन की अपील जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने-अपने गांव में निर्धारित तिथि पर आयोजित शिविर में पहुंचकर इस जनहितकारी अभियान का अधिकतम लाभ उठाएं। लक्ष्य साफ है “समस्या का समाधान गांव में ही” और ग्रामीणों को राहत देना।

पश्चिम एशिया की स्थिति पर CM साय की आज समीक्षा बैठक, जरूरी वस्तुओं और कानून-व्यवस्था पर होगा चर्चा

CM साय आज लेंगे उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक: पश्चिम एशिया की स्थिति के मद्देनज़र आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और कानून-व्यवस्था पर रहेगा फोकस रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज 28 मार्च को प्रातः 11:00 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी संभागीय आयुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, पुलिस आयुक्त रायपुर, सभी कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेंगे। यह बैठक वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों, विशेषकर पश्चिम एशिया में उत्पन्न स्थिति को ध्यान में रखते हुए आयोजित की जा रही है, ताकि राज्य में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था सुचारु रूप से बनी रहे और आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में रसोई गैस (LPG), पेट्रोल, डीजल एवं उर्वरकों की उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के उपयोग और संभावनाओं पर भी चर्चा की जाएगी, ताकि दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मुख्यमंत्री साय कानून-व्यवस्था की स्थिति की भी समीक्षा करेंगे और अफवाहों एवं भ्रामक सूचनाओं पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि किसी भी प्रकार की जमाखोरी, कालाबाजारी या कृत्रिम संकट उत्पन्न करने की कोशिशों पर तत्काल प्रभाव से कड़ी कार्रवाई की जाए। बैठक में खाद्य, उद्योग, कृषि, खनिज, परिवहन, तेल विपणन कंपनियों (OMCs) एवं ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।

उत्तर भारत के लिए यूपी लाएगा नई उड़ान, पीएम मोदी करेंगे नोएडा एयरपोर्ट के फेज-1 का उद्घाटन

पीएम मोदी करेंगे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फेज-1 का लोकार्पण, उत्तर भारत को नई उड़ान देगा यूपी कार्गो टर्मिनल का उद्घाटन और मेंटिनेंस, रिपेयर व ओवरहॉल (एमआरओ) सुविधा का शिलान्यास भी करेंगे प्रधानमंत्री मोदी जेवर बनेगा देश का एविएशन हब, यूपी होगा 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट वाला पहला राज्य यूपी, एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को मिलेगा बूस्ट रोजगार, निर्यात और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, अधिक सुगम होगा हवाई यातायात जेवर/लखनऊ  देश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण लोकार्पण के लिए तैयार है। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके फेज-1 का लोकार्पण करने के साथ ही एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल का भी उद्घाटन करेंगे और मेंटिनेंस, रिपेयर एवं ओवरहालिंग (एमआरओ) सुविधा का शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे, जिनके नेतृत्व व मार्गदर्शन में यह परियोजना तेजी से आगे बढ़ी है। यह परियोजना न केवल यूपी, एनसीआर बल्कि पूरे उत्तर भारत की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाली साबित होगी। प्रदेश का पांचवां इंटरनेशनल एयरपोर्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भारत सरकार से मई 2018 में सैद्धान्तिक मंजूरी मिली थी। यह परियोजना चार चरणों में विकसित की जा रही है, जिस पर कुल 29,560 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। एयरपोर्ट को आधुनिक, डिजिटल और ऊर्जा दक्ष तकनीकों के साथ विकसित किया जा रहा है। पीएम मोदी द्वारा जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन किए जाने के साथ ही उत्तर प्रदेश 5 अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा। 1.2 करोड़ यात्रियों की होगी क्षमता फेज-1 में एयरपोर्ट के विकास में कंसेशनायर द्वारा 6,876 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार ने भूमि अधिग्रहण पर 4,406 करोड़ रुपये व्यय किए हैं। इस तरह फेज-1 की कुल लागत लगभग 11,282 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें 12 मिलियन (1.2 करोड़) पैसेंजर प्रति वर्ष की प्रारंभिक क्षमता विकसित की गई है। मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी से मिलेगा बड़ा फायदा यह एयरपोर्ट देश का एक अत्याधुनिक मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब होगा, जहां सड़क, रेल, मेट्रो और क्षेत्रीय ट्रांजिट सिस्टम का सहज एकीकरण किया गया है। इससे यात्रियों और कार्गो परिवहन दोनों के लिए समय और लागत में भारी कमी आएगी। कार्गो हब व एमआरओ से मिलेगा इंडस्ट्री को बूस्ट प्रधानमंत्री मोदी एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल का उद्घाटन और एमआरओ सुविधा का भी शिलान्यास करेंगे। एयरपोर्ट पर विकसित मल्टी-मोडल कार्गो हब की शुरुआती क्षमता 2.5 लाख मीट्रिक टन सालाना होगी, जिसे बढ़ाकर 18 लाख मीट्रिक टन तक किया जा सकेगा। साथ ही, 40 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली एमआरओ सुविधा से विमानों का मेंटिनेंस, रिपेयर और ओवरहॉलिंग देश में ही संभव होगी। इससे एविएशन सेक्टर में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। औद्योगिक व सर्विस सेक्टर का बनेगा नया केंद्र यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में विकसित हो रहा यह एयरपोर्ट आसपास के औद्योगिक सेक्टरों को नई गति देगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन से रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी, विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, हवाई यातायात अधिक सुगम होगा और पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलेगी। इस तरह यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ताकत देने वाला साबित होगा। इस अवसर पर भारत सरकार के नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू, वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत अन्य मंत्री एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित होंगे।

कौशाम्बी दुर्घटना पर मुख्यमंत्री ने जताया शोक, मृतकों के परिवारों को मिलेगा 2 लाख रुपये का मुआवजा

कौशाम्बी हादसा: मुख्यमंत्री ने जताया शोक,  मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये देने की घोषणा की मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये देने की घोषणा की सीएम ने घायलों को 50-50 हजार रुपये देने का निर्देश दिया स्थानीय प्रशासन को दिया निर्देश: घायलों का कराया जाय समुचित इलाज लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  कौशाम्बी में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम से प्रार्थना की कि परिजनों को दुःख सहने की क्षमता प्रदान करें।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय प्रशासन से कौशांबी में हुए हादसे के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये आर्थिक मदद देने की  घोषणा की।  मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन के आलाधिकारियों को राहत-बचाव तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि घायलों का समुचित तरीके से इलाज कराया जाय। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।

कश्मीर में ईरान के नाम पर ₹18 करोड़ चंदा जुटाने की कोशिश, सुरक्षा एजेंसियों को आतंकवादियों के फंडिंग का डर

श्रीनगर  कश्मीर घाटी में ईरान के समर्थन में चंदा जुटाने का सिलसिला तेजी से बढ़ा है. आधिकारिक अनुमान के मुताबिक अब तक करीब 17.91 करोड़ रुपये जमा किए जा चुके हैं. इसमें लगभग 85 प्रतिशत योगदान शिया समुदाय के लोगों का बताया जा रहा है. सबसे ज्यादा 9.5 करोड़ रुपये बडगाम जिले से जुटाए गए हैं।  इस बढ़ते चंदे को देखते हुए भारत स्थित ईरानी दूतावास ने एक नया बैंक खाता जारी किया है, जिसमें लोग सीधे पैसे जमा कर सकते हैं. इसके साथ ही यूपीआई आधारित भुगतान की सुविधा भी शुरू की गई है, जिससे आने वाले दिनों में चंदे की राशि और बढ़ने की संभावना है. यह अभियान जकात और सदक़ा जैसे धार्मिक दायित्वों के तहत चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य संघर्ष से प्रभावित ईरानी नागरिकों की मदद करना बताया गया है।  कश्मीर घाटी में ईरान के समर्थन में करोड़ों रुपए का चंदा जुटाया गया है। इससे देश की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। आशंका है कि इन पैसों का इस्तेमाल आतंकी फंडिंग में हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, अब तक 17.91 करोड़ रुपए चंदा जुटाया गया है। इनमें से 85% राशि शिया समुदाय ने दान की है। कश्मीर का बड़गाम शिया बहुल इलाका है। यहां से करीब 9.5 करोड़ रुपए जुटाए गए हैं। यह फंडरेजिंग अभियान जकात और सदका के जरिए लिया जा रहा है। इसका उद्देश्य मौजूदा संघर्ष से प्रभावित ईरानी नागरिकों की मदद करना बताया गया है। कश्मीर में ईरान के लिए तेजी से जुट रहा चंदा हालांकि खुफिया एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं. अधिकारियों को आशंका है कि इस चंदे का कुछ हिस्सा गलत हाथों में जा सकता है या उसका इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है. एजेंसियों का मानना है कि लोगों की भावना सच्ची है, लेकिन कई बिचौलिये और संदिग्ध संगठन नकद और अन्य रूपों में चंदा इकट्ठा कर रहे हैं, जो संभव है कि असली जगह तक न पहुंचे।  सूत्रों के अनुसार, लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे सीधे दूतावास में ही दान करें ताकि पारदर्शिता बनी रहे. खुफिया अधिकारियों ने पहले के मामलों का हवाला देते हुए कहा कि कुछ मामलों में चंदा इकट्ठा करने के नाम पर धन का दुरुपयोग हुआ है।  ईरानी दूतावास ने खोला विशेष बैंक अकाउंट इस चंदा को इकट्ठा करने के लिए ईरान के दूतावास ने एक विशेष बैंक अकाउंट खोला है, जिसमें UPI के जरिए भुगतान किया जा सकता है। यह कदम चंदे की प्रक्रिया को सुलभ बनाने के लिए उठाया गया है। अधिकारियों का मानना है कि चंदा जितना इकट्ठा हो रहा है, उसकी राशि और बढ़ने की भी संभावनाएं हैं। साथ ही, प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे दूतावास के आधिकारिक माध्यमों से ही चंदा भेजें ताकि पारदर्शिता बनी रहे। खुफिया एजेंसियों की सक्रियता बढ़ी खुफिया एजेंसियां इस पूरे मामले पर गौर कर रही हैं। उनका कहना है कि चंदा जुटाने के इस अभियान का कुछ हिस्सा गलत हाथों में जा सकता है। अधिकारियों ने इस बात का भी उल्लेख किया है कि लोगों की भावना तो सही हो सकती है, लेकिन बिचौलिये और बिना सत्यापन वाले संगठनों के कारण पारदर्शिता में कमी आ सकती है। धार्मिक नेताओं के आर्थिक संबंधों की जांच जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि कुछ शिया धार्मिक नेता और संगठन ईरान से आर्थिक सहायता प्राप्त कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि बिना पर्याप्त निगरानी के, इस प्रकार के फंड का इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों या अन्य उद्देश्यों को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है। अतः सुरक्षा एजेंसियों ने फंड की निगरानी को और मजबूत करने की योजना बनाई है। Kashmiri Muslim: अधिकारियों की चिंता का बढ़ना अधिकारियों की चिंता बढ़ती जा रही है कि यदि इस चंदे का सही तरीके से उपयोग नहीं किया गया, तो इसके दुरुपयोग की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। पहले भी चैरिटी के नाम पर जुटाए गए फंड के दुरुपयोग के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में मामला गंभीर हो सकता है। सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां अब स्थिति को और गंभीरता से ले रही हैं, ताकि चंदे की राशि का उपयोग सही दिशा में हो सके। समाज में चर्चा का विषय बना मामला यह मामला कश्मीर में बड़ा चर्चा का विषय बन गया है। समाज के विभिन्न वर्गों में इस चंदा जुटाने के अभियान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। खासकर धार्मिक समुदाय इसके प्रति गंभीरता दिखा रहा है। लेकिन अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं कि वे इस मामले को किस प्रकार नियंत्रित करेंगे। ईरानी दूतावास ने जारी किया नया बैंक अकाउंट और UPI सुविधा जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ शिया धार्मिक नेताओं और संगठनों को ईरान से आर्थिक सहायता मिलती है. इन फंड्स के जरिए कई गतिविधियां चलाई जाती हैं. अधिकारियों का कहना है कि बिना निगरानी के इस तरह का फंड फ्लो आगे चलकर राजनीतिक या अन्य गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है।  इसके अलावा, घर-घर जाकर चंदा इकट्ठा करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी भी सामने आई है. नकद, आभूषण और अन्य सामान के रूप में लिए जा रहे दान के सही हिसाब और सुरक्षित उपयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं. खुफिया एजेंसियों का मानना है कि इस तरह की स्थिति में निगरानी और पारदर्शिता बेहद जरूरी है. लोगों से अपील की गई है कि वो सतर्क रहें और सिर्फ विश्वसनीय माध्यमों से ही दान करें। 

मोहन सरकार की पहल: अब वाराणसी में गूंजेगी सम्राट विक्रमादित्य की शौर्य गाथा

मोहन सरकार की पहल:अब वाराणसी में गूंजेगी सम्राट विक्रमादित्य की शौर्य गाथा 3 से 5 अप्रैल तक वाराणसी में होगा “महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य” का भव्य मंचन भोपाल  मध्यप्रदेश में मोहन सरकार भारतीय ज्ञान परंपरा और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पटल पर स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। गौरवमयी अभियान विक्रमोत्सव-2026 के अंतर्गत, मोक्षदायिनी नगरी वाराणसी में आगामी 3 से 5 अप्रैल 2026 तक भव्य “महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य” का मंचन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विशेष रुचि और दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से शुरू हुई यह सांस्कृतिक यात्रा अब बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी पहुँच रही है। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का महाकुंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य केवल एक शासक नहीं, बल्कि भारतीय न्यायप्रियता, वीरता और सुशासन के जीवंत प्रतीक हैं। वाराणसी में होने वाला यह महानाट्य जन-जन को उस वैभवशाली कालखंड से परिचित कराएगा। जब सम्राट विक्रमादित्य ने आज से लगभग 2100 वर्ष पूर्व आक्रांता शकों का समूल नाश कर 'विक्रम संवत' का प्रवर्तन किया था, यह संवत विश्व की प्राचीनतम काल-गणनाओं में से एक है, जो भारतीय विज्ञान और खगोल शास्त्र की श्रेष्ठता को दर्शाता है। अद्वितीय शौर्य और न्याय का चित्रण वाराणसी में होने वाली तीन दिवसीय विक्रमादित्य महानाट्य के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य के 'शकारि' और 'साहसांक' बनने की गाथा को जीवंत किया जाएगा। नाटक में दिखाया जाएगा कि कैसे एक लोक-कल्याणकारी राजा ने अपने राजकोष से धन देकर प्रजा को ऋणमुक्त किया और एक ऐसा साम्राज्य स्थापित किया जहाँ न कोई दरिद्र था और न ही कोई दुखी। साथ ही, सम्राट की 'नवरत्न' परंपरा—जिसमें कालिदास, वराहमिहिर और धन्वंतरि जैसे महान विद्वान शामिल थे—के माध्यम से 'श्रेष्ठ भारत' के निर्माण के संकल्प को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। दिल्ली के लाल किले पर सफल मंचन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इसकी सराहना के बाद, वाराणसी का यह मंचन एक नया मील का पत्थर साबित होगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विक्रमोत्सव की ऐतिहासिक सफलता उल्लेखनीय है कि उज्जैन में आयोजित 'विक्रमोत्सव 2026' ने डिजिटल आउटरीच में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ की रिपोर्ट के अनुसार, 7 फरवरी से 24 मार्च 2026 के बीच इस आयोजन की डिजिटल रीच 17.72 करोड़ से अधिक रही है। सोशल मीडिया पर #vikramutsav2026 जैसे हैशटैग्स ने वैश्विक स्तर पर ट्रेंड किया, जिससे सिद्ध होता है कि युवा पीढ़ी अपनी जड़ों की ओर लौटने को आतुर है। महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ और मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह महानाट्य वाराणसी में न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करेगा, बल्कि राष्ट्रीय एकता के सूत्र को और अधिक सुदृढ़ करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संकल्पों के अनुरूप यह आयोजन 'विकसित भारत' की राह में 'सांस्कृतिक पुनर्जागरण' का एक महत्वपूर्ण अध्याय है।  

योगी सरकार का बिल्डरों पर बड़ा एक्शन, घर खरीदारों को मिलेंगी कानूनी राहतें

लखनऊ  उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (UP RERA) ने रियल एस्टेट क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार करते हुए गैर-पंजीकृत (Unregistered) प्रमोटरों को भी अपने दायरे में ले लिया है। रेरा अधिनियम 2016 की धारा 85 के तहत किए गए इस 10वें संशोधन के बाद, अब उन हजारों खरीदारों को न्याय मिल सकेगा जिन्होंने ऐसे प्रोजेक्ट्स में निवेश किया था जो रेरा में पंजीकृत नहीं हैं। यह नई व्यवस्था 25 मार्च 2026 से प्रभावी हो गई है। संशोधन के मुख्य बिंदु न्याय के लिए समान मंच: अब अपंजीकृत परियोजनाओं के आवंटी भी पोर्टल पर 'फार्म-एम' के माध्यम से प्रतिपूर्ति (Refund), कब्जा (Possession) और अन्य राहतों के लिए शिकायत दर्ज कर सकेंगे। पहले केवल पंजीकृत प्रोजेक्ट्स के मामलों की ही सुनवाई होती थी। पारदर्शी प्रक्रिया: यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी के अनुसार, यदि जांच में पाया जाता है कि किसी प्रोजेक्ट का पंजीकरण अनिवार्य था और प्रमोटर ने नहीं कराया, तो प्राधिकरण सचिव को उस पर कड़ी कार्रवाई के लिए निर्देश देगा। मनमाने शुल्क पर लगाम: प्रमोटर अब आवंटियों से मनमाना शुल्क नहीं वसूल सकेंगे। आवंटी की मृत्यु पर उत्तराधिकारी के नाम संपत्ति ट्रांसफर करने के लिए अधिकतम 1,000 रुपये और परिवार के बाहर ट्रांसफर करने पर अधिकतम 25,000 रुपये ही प्रोसेसिंग फीस ली जा सकेगी। विधिक सुधार: यह कदम सुप्रीम कोर्ट की उस तल्ख टिप्पणी के बाद आया है जिसमें संस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए थे। अब एक ही बेंच के बजाय सभी बेंचों में इन मामलों की सुनवाई गुण-दोष के आधार पर होगी। फैसले रियल एस्टेट में बढ़ेगी पारदर्शिता इस निर्णय से रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ेगी और उन प्रमोटरों की जवाबदेही तय होगी जो पंजीकरण से बचकर ग्राहकों को ठग रहे थे। हालांकि, यूपी रेरा पर काम का बोझ बढ़ेगा क्योंकि पहले से ही 50 हजार से अधिक मामले लंबित हैं, लेकिन उपभोक्ताओं के लिए यह एक 'सुरक्षा कवच' की तरह काम करेगा।

नगर निगम का नया दांव: बजट में बढ़ा मनोरंजन कर, मौज-मस्ती पर अब चुकाना होगा टैक्स

भोपाल  राजधानी में अब फिल्म देखना, म्यूजिक कॉन्सर्ट का आनंद लेना या गेम जोन में वक्त बिताना महंगा होने जा रहा है। नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट में मनोरंजन कर की नई और सख्त दरों का प्रावधान किया है। मध्य प्रदेश नगर पालिका (मनोरंजन एवं आमोद) कर नियम 2018 के तहत जारी इस नए फरमान से अब शहर में होने वाले हर व्यावसायिक मनोरंजन कार्यक्रम पर निगम की नजर होगी। नगर निगम के इस कदम का सीधा असर आम आदमी की जेब और इवेंट आयोजकों के बजट पर पड़ना तय है। अभी तक आयोजक के प्रॉफिट का दस प्रतिशत टैक्स लगता था, लेकिन अब प्रति टिकट के हिसाब से टैक्स की गणना होगी। सिनेमा हॉल: महंगी टिकट पर ज्यादा टैक्स अगर आप मल्टीप्लेक्स में 400 रुपए की टिकट खरीदते हैं, तो उस पर अब सीधे तौर पर मनोरंजन कर का बोझ बढ़ेगा। निगम ने सिनेमाघरों के लिए टैक्स की दरों को टिकट की कीमतों से जोड़ा है। सिनेमा ग्राफ एक्ट 1952 के तहत लाइसेंस रखने वाले सिनेमाघरों के लिए प्रस्तावित दरें कुछ इस प्रकार हैं- -99 रुपए तक की टिकट: 5 प्रतिशत कर। -100 से 199 रुपए तक की टिकट: 10 प्रतिशत कर। -200 रुपए से अधिक की टिकट: 15 प्रतिशत कर। म्यूजिक कॉन्सर्ट और ड्रामा: क्षमता के हिसाब से वसूली होटल, रिसॉर्ट या रेस्टोरेंट में होने वाले म्यूजिक बैंड कॉन्सर्ट, नृत्य प्रदर्शन या नाटक अब क्षमता के आधार पर टैक्स देंगे- – 200 व्यक्तियों तक की क्षमता (टिकट 300 रुपए तक): 03 हजार रुपए। – 201 से 500 व्यक्तियों तक (टिकट 301-500 रुपए तक): 10 हजार रुपए। – 501 से 1000 व्यक्तियों तक (टिकट 501-1000 रुपए तक): 37.5 हजार रुपए। – हजार से अधिक क्षमता और एक हजार से महंगी टिकट: सीधे 50 हजार रुपए का कर देय होगा। पब, डिस्को और खेलों पर डेली चार्ज निगम ने डिस्को, पब, क्लब और पूल क्लब के लिए प्रति दिन 10 हजार रुपए का कर प्रस्तावित किया है। यही नहीं, सर्कस, मेलों और सबसे लोकप्रिय गरबा आयोजनों (जिनमें टिकट या पास शुल्क है) पर भी 10 हजार रुपए प्रतिदिन के हिसाब से टैक्स वसूल किया जाएगा। क्रिकेट, हॉकी जैसे खेलों के व्यावसायिक आयोजनों पर भी यही दर लागू होगी। राहत: नि:शुल्क कार्यक्रमों पर छूट यह कर केवल उन्हीं कार्यक्रमों पर प्रभावी होगा, जहां प्रवेश के लिए टिकट शुल्क, देय शुल्क या अग्रिम पास की सुविधा ली जा रही है। ऐसे सार्वजनिक कार्यक्रम, जो आम जनता के लिए पूरी तरह नि:शुल्क हैं, उन्हें मनोरंजन कर के दायरे से बाहर रखा गया है।