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क्या फखर जमां ने की गेंद से छेड़छाड़ जानें क्यों मैच रेफरी ने लगाया लेवल 3 का आरोप

कराची  पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में एक हाई-वोल्टेज मुकाबले के बाद अब मैदान से ज्यादा सुर्खियां कोर्टरूम जैसी सुनवाई बटोर रही हैं. पाकिस्तान के अनुभवी ओपनर फखर जमां ने PSL में हुए विवाद के बाद उन पर लगे बॉल टेंपरिंग के आरोपों को खारिज कर दिया है. यह मामला लाहौर कलंदर्स (Lahore Qalandars) और कराची किंग्स (Karachi Kings) के बीच मुकाबले से जुड़ा है. गद्दाफी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले के बाद यह विवाद भड़का. रविवार रात 35 साल के फखर जमां पर मैच रेफरी रोशन महानामा ने PSL कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.14 के तहत लेवल-3 का आरोप लगाया- जो सीधे-सीधे गेंद की हालत से छेड़छाड़ से जुड़ा है. क्या है पूरा मामला? पाकिस्तान सुपर लीग के इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में कराची किंग्स ने 3 गेंद शेष रहते जीत दर्ज की, लेकिन असली कहानी आखिरी ओवर से ठीक पहले हुए विवाद ने लिखी. दूसरी पारी के 19 ओवर पूरे होने के बाद मैच में अचानक ड्रामा शुरू हुआ. लाहौर कलंदर्स को आखिरी ओवर में 14 रन बचाने थे और गेंदबाजी कर रहे थे हारिस रऊफ. इसी दौरान रन-अप के पास शाहीन  शाह आफरीदी, हारिस रऊफ और फखर जमां के बीच हल्की बातचीत हुई और इसी दौरान तीनों खिलाड़ियों ने गेंद को हाथ लगाया. मैदान पर मौजूद अंपायर फैजल आफरीदी को यह हरकत संदिग्ध लगी. उन्होंने तुरंत गेंद की जांच करवाई. इसके बाद सरफुद्दौला के साथ लंबी चर्चा के बाद अंपायरों ने फैसला सुनाया- कलंदर्स ने जानबूझकर गेंद की हालत बदली है. आखिरी ओवर में पहले ही गेंद पर खुशदिल शाह आउट हुए, फिर एक वाइड ने दबाव और बढ़ा दिया. इसके बाद अब्बास आफरीदी ने चौका और छक्का जड़कर कराची को रोमांचक जीत दिला दी. मैच के बाद शाहीन आफरीदी इस फैसले से नाराज दिखे, लेकिन उन्होंने ज्यादा विवाद बढ़ाने से बचते हुए कहा, 'मुझे नहीं पता कि गेंद से छेड़छाड़ हुई या नहीं. हम वीडियो देखकर बात करेंगे. 5 रन की पेनल्टी चुभती है, लेकिन अभी कुछ कहना ठीक नहीं.' आगे क्या? फखर जमां ने सुनवाई के दौरान खुद को निर्दोष बताया है, लेकिन मामला अभी खत्म नहीं हुआ. मैच रेफरी अगले 48 घंटे में दोबारा सुनवाई करेंगे, जिसके बाद फैसला आएगा. अगर आरोप साबित होते हैं, तो फखर जमां ही नहीं, पूरी लाहौर कलंदर्स टीम पर भी कड़ी कार्रवाई की तलवार लटक रही है.

नोएडा का किस्सा सुनाकर Yogi Adityanath बोले— सत्ता से मोह छोड़ो, कुर्सी स्थायी नहीं

नोएडा नोएडा को इंटरनेशल एयरपोर्ट का तोहफा देने के एक दिन बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर याद किया कि कैसे इस शहर को अपशगुन मान लिया गया था। मुख्यमंत्री ने बताया कि किस तरह उन्हें भी नोएडा जाने से रोकने की कोशिश की गई और उन्होंने इसे अस्वीकार करते हुए चार लाख घर खरीददारों को उनका हक दिलवाया। योगी ने इस दौरान कहा कि उनसे कहा गया था कि नोएडा जाने पर कुर्सी चली जाती है तो उन्होंने कहा कि इसे एक दिन जाना ही है तो मोह में क्यों पड़ना? लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान योगी आदित्यनाथ ने उनकी सरकार के बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा में आए बदलाव का जिक्र किया। उन्होंने उस अंधविश्वास का जिक्र करते हुए अपना अनुभव साझा किया जिसमें कहा जाता था कि नोएडा जाने वाले सीएम की कुर्सी चली जाती है। यही वजह थी कि कुछ मुख्यमंत्रियों ने पूरे कार्यकाल में एक बार नोएडा आने का साहस नहीं जुटाया। लेकिन सीएम बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने इस अंधविश्वास को तोड़ा। पहले कार्यकाल में कई बार वह नोएडा आए। ना सिर्फ उन्होंने पहला कार्यकाल पूरा किया, बल्कि दोबारा यूपी के सीएम बने। योगी ने पूरी कहानी साझा करते हुए कहा, 'मैं आस्था में विश्वास करता हूं, सबकी आस्था का भी सम्मान करता हूं, लेकिन अंधविश्वास को कतई नहीं मानता। एक दम नहीं मानता। मुझे बोला गया था कि नोएडा नहीं जाना। मैंने कहा क्यों तो कहा कि वहां सीएम नहीं जाते। मैंने कहा कि क्या नोएडा यूपी से बाहर है। कहा कि यह मान्यता है कि सीएम उतर जाएंगे कुर्सी से। मैंने कहा कि एक दिन कुर्सी को जाना ही है तो हम कुर्सी के मोह में क्यों पड़ें। मैं जाऊंगा जरूर और मैं गया वहां पर। जब मैं गया तो देखा कि क्यों ये लोग बोलते थे, गया तो पता चला कि वहां 4 लाख मामले थे बायर्स और बिल्डर के। आप सोचो 15 साल, 10 साल, 20 साल पहले लोगों ने अपने जीवनभर की कमाई बिल्डर को दे दी और बिल्डर पैसा दबाए बैठा है। मकान नहीं दे रहा है। कई हाईराज बिल्डिंग खंडहर में बदल गई थी। 4 लाख लोगों को मकान दिलाए, मुनाफे में अथॉरिटी: योगी मैंने बैठक की नोएडा अथॉरिटी की, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की। सीईओ आए उन्होंने कहा कि साहब हमारे ऊपर 6 हजार करोड़ का कर्जा है, दूसरी अथॉरिटी ने कहा कि हमारे ऊपर 3 हजार करोड़ का कर्जा है। मैंने कहा कि मैं कहां फंस गया हूं, सब भीखमंगे हैं। अब मैं इन भीखमंगों से कहूं कि 4 लाख लोगों को मकान दूं, तो मैं फंस गया वहां पर। मैंने कहा कि मेरी स्थिति बहुत अजीब सी है। मैंने बायर्स से बात की, वे रो रहे थे। कह रहे थे कि जीवनभर की कमाई लगा दी, मकान नहीं मिला। बैंक का कर्ज भर रहे हैं। मैं बिल्डर से मिला तो वे भी रोए, कि हमने पैसा लगाया लेकिन उस समय की सरकारों ने हमें पूरी तरह निचोड़ दिया, हमारी सामर्थ्य नहीं है। मैंने कहा कि सामर्थ्य हो या नहीं इनको मकान तो देना पड़ेगा। आप मकान दीजिए मैं पॉलिसी बनाता हूं। फिर हमने रिफॉर्म किए। भ्रष्ट तत्वों को बाहर किया। आज मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि 4 लाख लोगों को मकान दे चुके हैं। जो अथॉरिटी कहती थी कि कर्ज में हैं, वह 6 हजार करोड़ के सरप्लस में हैं। आज दुनिया का सबसे अच्छा इन्फ्रास्ट्रक्चर और निवेश वहीं पर है।' अखिलेश यादव पर कसा तंज जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के अगले ही दिन दादरी पहुंचे अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वे विकास में बाधाएं खड़ी करते थे। उन्होंने कहा, 'ये उस अंधविश्वास को मानने वाले लोग कौन थे, जो भारत की आस्था पर अंगुली उठाते हैं। मुख्यमंत्री रहते हुए वहां नहीं गए लेकिन अपनी विभाजनकारी राजनीति के लिए फिर आज नोएडा, ग्रेटर नोएडा पहुंच गए। भाइयों-बहनों इनके चेहरे को देखो तो। उस समय वहां के विकास के लिए ये लोग बॉटलनेक थे, विकास में बाधाएं खड़ी कीं। आज किस मुंह से विकास की बात करते हैं।'

गुवाहाटी में रियान पराग और रुतुराज गायकवाड़ के बीच होगी कप्तानी की कड़ी जंग

गुवाहाटी इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन का तीसरा मुकाबला पहले सीजन की चैंपियन राजस्थान रॉयल्स और पांच बार की विजेता चेन्नई सुपर किंग्स (Rajasthan Royals vs Chennai Super Kings) के खेला जाएगा। ये मुकाबला राजस्थान रॉयल्स के दूसरे होम ग्राउंड यानी गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम (Barsapara Cricket Stadium Guwahati) में खेला जाएगा। राजस्थान रॉयल्स की कमान नए कप्तान रियान पराग (Riyan Parag) के हाथों में होगी। वहीं चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी रुतुराज गायकवाड़(Ruturaj Gaikwad) के हाथों में होगी। आईपीएल 2026 का तीसरा मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होगा, जबकि टॉस 7:00 बजे होगा। राजस्थान रॉयल्स बनाम चेन्नई सुपर किंग्स हेड टू हेड (Rajasthan Royals vs Chennai Super Kings Head to Head) राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच आईपीएल के इतिहास में अबतक कुल 31 मैच खेले गए हैं। इनमें से 15 मैच में राजस्थान और 16 में चेन्नई सुपर किंग्स ने जीत दर्ज की है। इस लिहाज से देखें तो दोनों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली है। पिछले सीजन दोनों टीमों के बीच दो मैच खेले गए थे। दोनों ही मैच में बाजी राजस्थान के हाथ लगी थी। राजस्थान ने दोनों ही मैच लक्ष्य को पीछा करते हुए जीते थे। राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेले गए पिछले 5 मैच में भी मुकाबला एक तरफा रहा है। राजस्थान ने इनमें से 4 मैच में जीत दर्ज की जबकि सीएसके एक बार जीत का स्वाद चख सकी। ऐसे में युवा टीम के साथ सीएसके इस समीकरण को इस बार बदलने की पुरजोर कोशिश करेगी। राजस्थान रॉयल्स बनाम चेन्नई सुपर किंग्स के बीच आज के आईपीएल फाइनल की पिच रिपोर्ट (RR vs CSK IPL Match Pitch Report) आज राजस्थान और चेन्नई की टीमों के बीच इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन का तीसरा मैच गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम (Barsapara Cricket Stadium Guwahati) में खेला जाएगा। गुवाहाटी की पिच लाल मिट्टी से बनी है और आम तौर पर सपाट होती है जहां जमकर रन बनते हैं। पिच पर हल्की घास की परत है, ऐसे में शाम के वक्त पिच पर मौजूद नमी का फायदा तेज गेंदबाजों को मिल सकता है। दोनों टीमों के पास बेहतरीन तेज गेंदबाज हैं। ऐसे में हार जीत का अंतर गेंजबाज ही तय करेंगे। शुरुआती ओवरों के बाद पिच बल्लेबाजी के लिए आसान हो जाएगा। रात के वक्त ओस का असर मैदान पर देखने को मिलेगा जिससे कि रनों का पीछा करना आसान हो जाएगा। मैच में टॉस जीतकर कप्तान पहले गेंदबाजी करना पसंद करेंगे। आईपीएल 2026 फाइनल में मुंबईऔर कोलकाता के इन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें (Players To Watch Out For In Rajasthan vs Chennai IPL 2026 Match) आईपीएल 2026 के तीसरे मैच में राजस्थान और चेन्नई सुपर किंग्स धमाकेदार भिड़ंत हो सकती है। इस मुकाबले के दौरान कई दिग्गज और युवा खिलाड़ियों पर सबकी नजरें रहेंगी। सबसे पहले आईपीएल 2026 गुवाहाटी में खेले जाने वाले मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स की तरफ से वैभव सूर्यवंशी(Vaibhav Suryavanshi) के प्रदर्शन पर सबसे ज्यादा नजरें रहेंगी। वैभव ने अपने पहले ही सीजन में धमाल मचा दिया था। उनके अलावा यशस्वी जायसवाल(Yashasvi Jaiswal), कप्तान रियान पराग (Riyan Parag),रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja), जोफ्रा आर्चर (Jofra Archer), ध्रुव जुरेल (Dhruv Jurel) पर नजरें रहेंगी। वहीं चेन्नई सुपर किंग्स खिलाड़ियों में एमएस धोनी(MS Dhoni), रुतुराज गायकवाड़(Ruturaj Gaikwad), शिवम दुबे(Shivam Dube), नूर अहमद (Noor Ahmad), अंशुल कंबोज (Anshuk Kamboj)और तुषार देशपांडे (Tushar Desh Pandey) पर सबसे ज्यादा नज़रें रहेंगी। राजस्थान और चेन्नई की आईपीएल 2026 टीमें (Rajasthan Royals and Chennai Super Kings IPL 2026 Full Squads) राजस्थान रॉयल्स की आईपीएल 2026 की टीमः (Rajasthan Royals Full Squad) रियान पराग (कप्तान ), ध्रुव जुरेल, डोनोवन फरेरा, लुआन ड्रे प्रिटोरियस, रवि सिंह, अमन पेराला, शिमरोन हेटमायेर, शुभम दुबे, वैभव सूर्यवंशी, यशस्वी जायसवाल, रविंद्र जडेजा, सैम कुरेन, एडम मिल्ने, बृजेश शर्मा, जोफ्रा आर्चर, कुलदीप सेन, क्वेना मफाका, नांद्रे बर्गर, रवि बिश्नोई और संदीप शर्मा । चेन्नई सुपर किंग्स की आईपीएल 2026 की टीमः (Chennai Super Kings Full Squad) रूतुराज गायकवाड़ (कप्तान), संजू सैमसन, डेवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे , आयुष म्हात्रे, मैट हेनरी, अकील हुसैन, नूर अहमद, जैमी ओवर्टन, मैथ्यू शॉर्ट, खलील अहमद, जाक फोकेस, अंशुल कम्बोज, नाथन एलिस, सरफराज खान, राहुल चाहर, कार्तिक शर्मा, उर्विल पटेल, अमन खान, रामाकृष्णा घोष, प्रशांत वीर, श्रेयस गोपाल, गुरजपनीत सिंह और मुकेश चौधरी ।

धोनी के बिना गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स का महामुकाबला

 गुवाहाटी आज आईपीएल 2026 के तीसरे मैच में राजस्थान रॉयल्स (आरआर) और चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) की टक्कर होगी। दोनों टीमें शाम साढ़े सात बजे से गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में आमने-सामने होंगी। आरआर और सीएसके की नए सीजन में नए सिरे से शुरुआत पर नजर होगी। दोनों ने आईपीएल 2025 में बेहद निराशाजनक प्रदर्शन किया था। पिछले दस साल से अधिक समय से आरआर के कप्तान और स्टार बल्लेबाज रहे संजू सैमसन सोमवार को सीएसकी की जर्सी में उतरेंगे। वहीं, लंबे समय तक सीएसके का हिस्सा रहे रवींद्र जडेजा आरआर की ओर से खेलेंगे। दिग्गज विकेटकीपर-बल्लेबाज एमएस धोनी चोटिल होने के कारण दो हफ्ते तक पांच बार की चैंपियन चेन्नई के लिए उपलब्ध नहीं हैं। आइए, एक नजर राजस्थान बनाम चेन्नई मैच की पिच रिपोर्ट पर डालते हैं। आज बरसापारा में कैसी रहेगी पिच? गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम की पिच आमतौर पर बैटिंग फ्रेंडली होती है। यहां जमकर छक्के-चौके लगते हैं। आज भी बल्लेबाजों का जलवा देखने को मिल सकता है। बरसापारा में कुल 6 आईपीएल मैच खेले गए हैं, जिसमें से तीन मुकाबले पहले बैटिंग करने वाली टीम ने जीते। वहीं, दो मैचों में टारगेज चेज करने वाली टीम को जीत नसीब हुई। एक मुकाबला बेनतीजा रहा। आईपीएल में यहां 199/4 हाईएस्ट टीम स्कोर है। सबसे बड़ा सफल चेज 152 है। बरसापारा में पहली पारी का औसत स्कोर 146 जबकि दूसरी पारी का औसत स्कोर 142 है। यहां दूसरी पारी में ओस अहम भूमिका निभा सकती है। ऐसे में राजस्थान और चेन्नई में से जो टीम भी टॉस जीतेगी, वो गेंदबाजी चुन सकती है। सोमवार के मैच के लिए नई पिच इस्तेमाल होने की उम्मीद है। मैच से एक दिन पहले बारिश की वजह से पिच को ढक दिया गया था। मैच की दोपहर में भी बारिश का अनुमान है लेकिन शाम तक मौसम साफ होने की संभावना है। RR vs CSK हेड-टू-हेड रिकॉर्ड राजस्थान और चेन्नई में कड़ी टक्कर रही है। दोनों टीमों ने आईपीएल में आपस में कुल 31 मैच खेले हैं। आरआर ने 15 और सीएसके ने 16 मैचों में जीत दर्ज की। राजस्थान का शुरुआत में पलड़ा भारी था। आरआर ने 2008 में आईपीएल के पहले सीजन में फाइनल समेत तीनों मैच जीते थे। हालांकि, सीएसके ने बाद के वर्षों में जबर्दस्त पटलवार किया और 2010 से 2013 तक कई मैच जीते। हाल के सीजन में पलड़ा फिर से आरआर की झुका दिखा है। राजस्थान ने 2021 से सीएसके के खिलाफ अपने ज्यादा मैच जीते हैं। पिछले सीजन में आरआर ने सीएसके के खिलाफ दो मैचों में विजयी परचम फहराया था। राजस्थान ने 2025 में चेन्नई को एक बार 6 रन और दूसरी बार 6 विकेट से शिकस्त दी।

घर में कछुआ रखने से आती है धन-समृद्धि, जानें सही दिशा और धातु का नियम

हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में कछुए को बहुत ही शुभ और पवित्र माना गया है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान विष्णु ने कूर्म अवतार यानी कि कछुए का रूप धारण कर समुद्र मंथन में मदद की थी। यही वजह है कि कछुए को साक्षात लक्ष्मी का प्रतीक और सुख-समृद्धि का कारक माना जाता है। आजकल कुछ लोग घर की सजावट या वास्तु दोष दूर करने के लिए कछुआ रखते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत दिशा या गलत धातु का कछुआ आपके भाग्य को चमकाने के बजाय बिगाड़ भी सकता है? आइए जानते हैं कछुआ रखने के नियम, जो आपकी किस्मत बदल सकते हैं। सही धातु का चुनाव है जरूरी     पीतल या चांदी – अगर आप संतान सुख या करियर में उन्नति चाहते हैं, तो पीतल या चांदी का कछुआ रख सकते हैं।     क्रिस्टल या कांच का कछुआ – धन लाभ और आर्थिक तंगी दूर करने के लिए दक्षिण-पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में क्रिस्टल का कछुआ रख सकते हैं।     मिट्टी का कछुआ – जीवन में स्थिरता और शांति के लिए मिट्टी का कछुआ पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में रख सकते हैं। दिशा का रखें विशेष ध्यान     उत्तम दिशा – कछुआ रखने के लिए सबसे उत्तम दिशा उत्तर मानी गई है। उत्तर दिशा धन के देवता कुबेर की है, इसलिए यहां कछुआ रखने से धन में वृद्धि होती है।     अंदर की ओर मुख – कछुए का मुख हमेशा घर के मुख्य द्वार से अंदर की ओर होना चाहिए। अगर इसका मुख बाहर की तरफ होगा, तो घर की लक्ष्मी और बरकत बाहर चली जाएगी।     पानी का पात्र – कछुए को हमेशा कांच या धातु के किसी ऐसे बर्तन में रखें जिसमें थोड़ा पानी भरा हो। सूखा कछुआ रखना वास्तु के अनुसार अच्छा नहीं माना जाता। भूलकर भी न करें ये गलतियां     बेडरूम में न रखें – कछुआ एक सक्रिय ऊर्जा का प्रतीक है, इसे बेडरूम में रखने से मानसिक तनाव हो सकता है। इसे लिविंग रूम या पूजा घर में रखना सबसे अच्छा माना जाता है। इसके अलावा किचन में भी कछुआ रखने से बचना चाहिए।     जोड़े में न रखें – घर में हमेशा एक ही कछुआ रखना चाहिए। दो या दो से अधिक कछुए रखने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह कम हो सकता है।     साफ-सफाई – कछुए के पात्र का पानी नियमित रूप से बदलते रहें। गंदा पानी नकारात्मकता को आकर्षित करता है।  

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चंदखुरी में माता कौशल्या एवं भगवान श्रीराम के किए दर्शन: प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज चंदखुरी स्थित माता कौशल्या मंदिर पहुंचकर माता कौशल्या एवं भगवान श्रीराम के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।   इस अवसर पर  छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच राहत पैकेज: हरियाणा सरकार ने निर्यातकों को दी 60 करोड़ की मदद

करनाल. अमेरिका-ईरान के बीच जारी युद्ध के चावल उद्योग प्रभावित चल रहा है। खासकर हरियाणा के चावल निर्यातक इस स्थिति से सीधे प्रभावित हुए हैं, क्योंकि खाड़ी देशों में उनकी बड़ी हिस्सेदारी है। मौजूदा हालात में निर्यात की रफ्तार धीमी पड़ी है। माल पोर्ट और गोदामों में अटका है, जबकि कई खेप विदेशों के रास्ते में फंस गई हैं। इससे निर्यातकों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। इसी मद्देनजर केंद्र सरकार ने युद्ध से प्रभावित चल रहे निर्यातकों को राहत देने के उद्देश्य से 497 करोड़ रुपये की योजना लागू की है। इससे हरियाणा के निर्यातकों को करीब 50 से 60 करोड़ रुपये तक की राहत मिलने की संभावना है। हरियाणा देश के प्रमुख चावल निर्यातक राज्यों में शामिल है। भारत के कुल चावल निर्यात में खाड़ी देशों के लिए लगभग 40 प्रतिशत योगदान हरियाणा के निर्यातकों का है। ऐसे में अमेरिका-ईरान तनाव के कारण समुद्री मार्गों में बाधा आने से निर्यात प्रभावित होना स्वाभाविक है। कई शिपमेंट समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रही हैं, जिससे अतिरिक्त शुल्क और देरी की समस्या सामने आई है। सरकार की राहत योजना के तहत निर्यातकों को विभिन्न प्रकार के शुल्कों से छूट दी जा रही है। कांडला पोर्ट पर डिटेंशन शुल्क माफ कर दिया गया है, जहां बड़ी मात्रा में चावल रुका हुआ है। इसके अलावा, जो माल विदेशी पोर्ट पर फंसा है या समुद्र में ट्रांजिट के दौरान है, उस पर लगने वाले शिपिंग लाइन के अतिरिक्त चार्ज और डैमरेज में भी राहत दी जा रही है। एक्सपोर्टर एसोसिएशन ने की सरकार के कदम की सराहना राइस एक्सपोर्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश गोयल ने बताया कि सरकार के इस कदम से निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी। हरियाणा के निर्यातकों को करीब 60 करोड़ रुपये तक की राहत मिल सकती है। मौजूदा हालात में व्यापार पूरी तरह ठप नहीं हुआ है, लेकिन बाधित जरूर हुआ है। ऐसे में यह आर्थिक सहायता उद्योग को संभालने में मदद करेगी। यदि स्थिति जल्द सामान्य होती है तो निर्यात फिर से गति पकड़ सकता है। फिलहाल सरकार के हस्तक्षेप से उद्योग को राहत मिली है और व्यापार को स्थिर रखने में सहायता मिल रही है। हालांकि पहले की तुलना में स्थिति संभली है।

पेपर लीक पर सियासी वार: मुख्यमंत्री मान ने गुजरात मॉडल पर उठाए सवाल

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि देश में सबसे ज्यादा पेपर लीक गुजरात व मध्य प्रदेश में होते है। गुजरात में रैली करके आए मुख्यमंत्री सोमवार को पंजाब में आप सरकार के 4 वर्ष पूरे होने के बाद शिक्षा विभाग की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दे रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा गुजरात में युवाओं का नारा है 'पेपर फूटा, सपना टूटा। ' उन्होंने कहा कि पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने कहा आप सरकार ने युवाओं को नौकरी देने वाला बनाने के लिए बिजनेस क्लास शिक्षा शुरू की थी। आज युवाओं ने 70 करोड़ रूपये का कारोबार कर लिया है। उन्होंने कहा कि पठानकोट में एक विद्यार्थी ने साधारण साइकिल को ई बाइक बना दिया। दूसरों की नौकरी देने वाले युवा बनें हीरो कंपनी वालों ने उससे संपर्क किया और उसे टेक्नोलॉजी देने का ऑफर दिया लेकिन युवक ने मना कर दिया। उसने कहा कि इस टेक्नोलॉजी से वह खुद को दूसरों को नौकरी देने वाला बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, आप सरकार प्राइवेट और सरकारी शिक्षा के स्तर को एक सामान्य करने की दिशा में चल रही है। लोगों के पास विकल्प होगा की वो अपने बच्चों को कहा पढ़ना चाहते है। शिक्षा बजट में 7 फीसदी की बढ़ौतरी उन्होंने कहा कि इस बार शिक्षा विभाग का बजट 19,279 करोड़ रुपए रखा गया है। जोकि पिछले साल से 7 फीसदी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि 4 सालों में 14,525 अध्यापकों की भर्ती की गई, 12,316 अध्यापकों को रेगुलर किया गया। 480 प्रिंसिपल, हैड मास्टर और अध्यापकों को सिंगापुर व फिनलैंड में ट्रेनिंग दिलवाई गई। 1932 कैंपस मैनेजर रखे गए, सरकारी स्कूलों में पहली बार 1323 सुरक्षा कर्मी रखे गए और 7876 सफाई सेवकों को रखा गया। उन्होंने कहा, कोशिश की जा रही है कि शिक्षकों से केवल शिक्षा का ही काम लिया जाए।

पैरों में सूजन और दर्द को न करें नजरअंदाज रिसर्च में खुलासा आपके जीन बढ़ा सकते हैं खून के थक्के जमने का खतरा

 पैरों में अचानक दर्द, सूजन या भारीपन महसूस होना कई बार साधारण समस्या लग सकता है, लेकिन इसके पीछे खून के थक्के बनने जैसी गंभीर वजह भी हो सकती है. मेडिकल भाषा में इसे वेनस थ्रॉम्बोसिस कहा जाता है, जिसमें खून गाढ़ा होकर नसों में जमने लगता है और ब्लॉकेज पैदा कर देता है. अगर यही थक्का टूटकर फेफड़ों तक पहुंच जाए, तो यह जानलेवा स्थिति यानी पल्मोनरी एम्बोलिज्म का कारण बन सकता है. क्या निकली है दिक्कत? हाल ही में लुंड विश्वविद्यालय के साइंटिस्ट की एक रिसर्च में इस समस्या को लेकर चौंकाने वाली बात सामने आई है. इस स्टडी में पाया गया कि सिर्फ लाइफस्टाइल ही नहीं, बल्कि कुछ खास जीन भी खून के थक्के बनने के खतरे को काफी बढ़ा सकते हैं. यह रिसर्च "माल्मो डाइट एंड कैंसर स्टडी" के तहत करीब 30 हजार लोगों के डेटा पर की गई. इसमें वैज्ञानिकों ने 27 ऐसे जीन का अध्ययन किया, जो ब्लड क्लॉटिंग से जुड़े होते हैं.  एनालिसिस के बाद तीन प्रमुख जीन ABO, F8 और VWF की पहचान की गई, जो इस खतरे को बढ़ाते हैं. रिसर्च के अनुसार, इनमें से हर एक जीन अकेले 10 से 30 प्रतिशत तक जोखिम बढ़ा सकता है. लेकिन अगर किसी व्यक्ति में ऐसे कई जेनेटिक फैक्टर एक साथ मौजूद हों, तो खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है. जिन लोगों में पांच तक ऐसे जोखिम कारक पाए गए, उनमें ब्लड क्लॉट बनने का खतरा 180 प्रतिशत तक ज्यादा देखा गया. यह खोज इस बात को समझने में मदद करती है कि कुछ लोग बिना किसी स्पष्ट वजह के भी इस समस्या का शिकार क्यों हो जाते हैं. साइंटिस्ट ने यह भी बताया कि "फैक्टर V लीडेन" नाम का एक जेनेटिक म्यूटेशन पहले से जाना जाता है, जो खून के थक्के बनने की प्रवृत्ति को बढ़ाता है. लाइफस्टाइल की अहम भूमिका हालांकि, सिर्फ जीन ही नहीं, लाइफस्टाइल भी इसमें अहम भूमिका निभाता है. लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहना, जैसे लंबी फ्लाइट या सर्जरी के बाद बेड रेस्ट, ब्लड फ्लो को धीमा कर देता है और थक्के बनने का खतरा बढ़ा देता है. इसके अलावा मोटापा, बढ़ती उम्र और ज्यादा लंबाई भी इस जोखिम को बढ़ाने वाले कारक माने गए हैं. खानपान भी इसमें भूमिका निभा सकता है. कुछ स्टडीज में यह संकेत मिला है कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड ज्यादा खाने से खतरा बढ़ सकता है, जबकि फलों, सब्जियों और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर डाइट जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है. इलाज को और बेहतर बनाया जा सकता है एक्सपर्ट का मानना है कि भविष्य में इस तरह की जेनेटिक जानकारी के आधार पर इलाज को और बेहतर बनाया जा सकता है. इससे यह तय करने में मदद मिलेगी कि किस मरीज को कितने समय तक ब्लड थिनर दवाओं की जरूरत है.

बिहार में CM पद को लेकर बयानबाजी तेज, पप्पू यादव ने रखी अपनी पसंद

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के MLA पद से इस्तीफे के बाद बिहार में सियासत तेज हो गई है और नए सीएम के नामों को लेकर अटकलें लगना शुरू हो गई हैं। इस बीच पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने बड़ी डिमांड कर दी है। पप्पू यादव का कहना है कि बिहार का सीएम नीतीश कुमार को ही होना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो नया चेहरा जेडीयू का ही हो। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार नैतिक मूल्यों से चलते हैं। उनका विचार गांधी और कर्पूरी के विचार हैं। जिस प्रकार के नीतीश कुमार को घेरा गया, वह गलत है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को बिहार नहीं छोड़ना चाहिए। अगर वो छोड़ें भी तो जदयू के चेहरे को नामित करें। अगर नीतीश कुमार भाजपा को मुख्यमंत्री पद सौंप रहे हैं तो ये भाजपा की भी दुर्गति होगी और JDU की भी दुर्गति होगी। पप्पू यादव ने कहा कि कायदे से जनता ने जिसे वोट दिया उसे ही मुख्यमंत्री रहना चाहिए। क्योंकि वोट नीतीश कुमार के नाम पर लिया गया है, नरेंद्र मोदी के नाम पर नहीं, फिर बिहार की जनता की पीठ में खंजर क्यों घोंपा जा रहा है। उन्होंने जदयू नेताओं पर हमला बोलते हुए कहा कि विधान परिषद से इस्तीफा दिए हैं। भाजपा के सारथी लोग इतने परेशान क्यों हैं? अभी दिल्ली दूर है। आंख मिचौली का खेल देखते चलिए।