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टैक्स वसूली में बड़ा कमाल: रायपुर निगम ने एक दिन में जुटाए 8.17 करोड़

रायपुर. 31 मार्च 2026 को रायपुर नगर पालिक निगम के सभी जोनों के राजस्व विभागों में सम्पतिकर अदा करने नगरवासी सम्पतिकरदाता नागरिक उमड़ पड़े. सभी 10 जोनों के राजस्व विभाग कार्यालयों में आज महावीर जयन्ती के शासकीय अवकाश दिवस पर सम्पतिकरदाता नागरिक स्वयं आकर 31 मार्च 2026 को सुबह 10 बजे से रात्रि 10 बजे तक अपना देय सम्पतिकर सहजता और सरलता के साथ अदा करते रहे. 31 मार्च को रात्रि 10 बजे तक नगर निगम राजस्व विभाग को 7912 सम्पतिकरदाता नागरिकों ने 8 करोड़ 17 लाख 36218 रूपये सम्पतिकर अदा कर दिया. नगर निगम जोन 2 राजस्व विभाग की टीम कुल वसूली से 3 करोड़ रूपये आगे रही. इसी प्रकार नगर निगम जोन 5 राजस्व विभाग की टीम आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर जोन 5 जोन कमिश्नर खीरसागर नायक के नेतृत्व और जोन सहायक राजस्व अधिकारी प्रमोद जाधव के मार्गदर्शन में कुल वसूली से पौने तीन करोड़ रूपये आगे रही. इस पर नगर निगम जोन 5 राजस्व विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी अत्यंत प्रसन्न हुए. इसी तरह जोन 4 राजस्व विभाग टीम कुल वसूली से 2 करोड़ 6 लाख रूपये आगे रही. जोन 2,4,10 राजस्व विभाग की टीमों ने जोन कमिश्नरों की अगुवाई में एक -एक करोड़ रूपये से अधिक की राजस्व वसूली रायपुर नगर निगम के लिए की. यहां यह उल्लेखनीय है कि आज 31 मार्च 2026 को नगर निगम के सभी जोनों के राजस्व विभाग की टीमों द्वारा वार्डो में नगर निगम राजस्व विभाग को बकाया राशि अदा नहीं करने वाले दुकानदारों के सम्बंधित व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को तत्काल सीलबंद करने की नियमानुसार कड़ी कार्रवाई और घरों में बकाया राजस्व अदा नहीं करने पर सम्बंधित रहवासी नागरिकों के नल विच्छेद की कड़ी कार्रवाई सभी जोनों में राजस्व विभाग द्वारा आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर जोन कमिश्नरों की अगुवाई और अभियंताओं, जोन सहायक राजस्व अधिकारियों सहित राजस्व कर्मचारियों द्वारा सुबह से रात्रि तक लगातार जारी रही. वहीं आज होलीक्रॉस स्कूल बैरनबाजार और होलीक्रॉस स्कूल शैलेन्द्र नगर द्वारा नगर निगम जोन 4 राजस्व विभाग को आरटीजीएस के माध्यम से वर्ष 2008 से लेकर वर्ष 2026 तक का सम्पूर्ण बकाया भुगतान कर दिया. इसके पश्चात नगर निगम जोन 4 राजस्व विभाग द्वारा निर्देशानुसार होलीक्रॉस स्कूल बैरनबाजार और होलीक्रॉस स्कूल शैलेन्द्र नगर में लगायी गयी सील खोलने की नियमानुसार कार्रवाई की.

लाडोवाल टोल प्लाजा के टोल रेट में वृद्धि, वाहन चालकों के लिए बढ़ी मुश्किलें

लुधियाना  नेशनल हाईवे पर स्थित देश के सबसे महंगे लाडोवाल टोल प्लाजा पर एक बार फिर से टोल रेट में बढ़ोतरी की जा रही है। इसके चलते फिर से वाहन चालकों के ऊपर टोल फीस का बोझ बढ़ेगा। वही टोल प्लाजा पर 1 अप्रैल से नई टोल फीस वाहनों के लिए लागू की जाएगी। टोल प्लाजा के मैनेजर विपिन राय ने जानकारी देते हुए बताया कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी के आदेशों के मुताबिक ही 1 अप्रैल की रात 12 बजे के बाद टोल फीस में 5 रुपए की बढ़ोतरी की गई है जो 31 मार्च की आधी रात को लागू हो जाएगी। गौरतलब है कि लाडोवाल टोल प्लाजा देश का सबसे महंगा टोल प्लाजा होने के कारण हर बार चर्चा में रहता है। इस टोल प्लाजा पर प्रत्येक वाहन चालक से जो टोल फीस वसूली जाती है वह देश के सभी टोल प्लाजा से ज्यादा टोल फीस है। 

इजरायल के सामने लेबनानी सेना ने किया सरेंडर, भागे हथियार डालकर, इजरायल का कब्जा अब तक किस पर?

बेरूत  ट्रंप अब ईरान के साथ समझौते की रणनीति पर उतर आए हैं लेकिन इजरायल लगातार अपनी जंग लड़ रहा है. मिडिल ईस्ट के कई देशों में चल रही खौफनाक बमबारी के बीच लेबनान की सेना ने हथियार डाल दिए हैं. 1 महीने लंबी लड़ाई लड़ने के बाद लेबनानी सेना दक्षिणी लेबनान के दो प्रमुख शहरों, रमीश (Rmeish) और ऐन एबेल (Ain Ebel) से अपने कदम पीछे खींचते हुए चली गई है. सेना का हटना इस बात का बड़ा संकेत है कि इजरायली डिफेंस फोर्सेस (IDF) अब मिडिल ईस्ट में अपना मकसद मजबूत करती जा रही है।  क्या लेबनान ने सच में ‘हथियार डाल दिए’ हैं? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबित लेबनान की आधिकारिक सेना हिजबुल्लाह के मुकाबले काफी कमजोर और कम संसाधनों वाली है. वो इजरायल की आधुनिक मशीनरी और एयरफोर्स का सामना करने की स्थिति में नहीं है. रमीश और ऐन एबेल जैसे शहरों से पीछे हटना इजरायल को लेबनान के भीतर घुसने का ‘खुला निमंत्रण’ देने जैसा है।  लेबनानी सेना के पीछे हटने का सीधा मतलब ये है कि नेतन्याहू का संकल्प पूरा हुआ. इजरायल लंबे समय से दक्षिण लेबनान में एक बफर जोन बनाना चाहता है ताकि हिजबुल्लाह के रॉकेट हमलों को रोका जा सके. लेबनान की सेना के हटते ही अब वहां सिर्फ हिजबुल्लाह के लड़ाके और इजरायली टैंक ही आमने-सामने होंगे।  अब तक लेबनानी सेना की मौजूदगी एक ‘बैरियर’ का काम करती थी लेकिन अब हिजबुल्लाह को अपनी रक्षा खुद करनी होगी. इजरायल के लिए अब इन इलाकों पर कब्जा करना और भी आसान हो गया है।  मिडिल ईस्ट की जंग में इसके बड़े मायने गाजा और ईरान के बाद अब लेबनान में इजरायल को बिना लड़े ही रास्ता मिल रहा है. ये बेंजामिन नेतन्याहू के लिए एक बड़ी कूटनीतिक और सैन्य जीत है. हिजबुल्लाह ईरान का सबसे बड़ा और ताकतवर प्रॉक्सी ग्रुप है. लेबनान की सरकारी सेना का पीछे हटना यह दिखाता है कि लेबनान के भीतर भी अब हिजबुल्लाह को लेकर समर्थन कम हो रहा है या वहां का प्रशासन अब और तबाही नहीं झेलना चाहता।  सेना के हटते ही इन इलाकों में रहने वाले आम नागरिकों में भारी खौफ है. लोग घर छोड़कर उत्तर की ओर भाग रहे हैं, जिससे लेबनान में एक बड़ा मानवीय संकट खड़ा हो सकता है।  अगला कदम क्या होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि लेबनानी सेना का हटना इस बात की पुष्टि है कि अगले 24 से 48 घंटों में इजरायली टैंक रमीश और ऐन एबेल की सड़कों पर नजर आ सकते हैं. इजरायल अब लेबनान के भीतर ‘क्लीन-अप ऑपरेशन’ चलाएगा ताकि हिजबुल्लाह के ठिकानों और सुरंगों को जड़ से मिटाया जा सके।  1948 से शुरू हुआ सीमाओं का विस्तार इजरायल के नक्शे का इतिहास युद्धों की कहानियों से भरा पड़ा है. साल 1947 में संयुक्त राष्ट्र ने जब विभाजन की योजना पेश की थी, तब इजरायल के लिए केवल 14,500 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र प्रस्तावित किया गया था, लेकिन 1948 में इजरायल की स्थापना के तुरंत बाद शुरू हुए पहले अरब-इजरायल युद्ध ने सब कुछ बदल दिया. इस जंग के खत्म होने तक इजरायल ने अपनी प्रस्तावित सीमाओं को तोड़ते हुए लगभग 20,700 वर्ग किलोमीटर के इलाके पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया था. यहीं से इजरायल के भौगोलिक विस्तार के उस दौर की शुरुआत हुई, जिसने मध्य-पूर्व की राजनीति को हमेशा के लिए अस्थिर कर दिया।  सिक्स डे वॉर और कब्जे का सबसे बड़ा दौर इजरायल के इतिहास में 1967 की सिक्स डे वॉर मील का पत्थर साबित हुई. इस छोटी सी लेकिन भीषण जंग में इजरायल ने अपने पड़ोसी देशों को चौंकाते हुए वेस्ट बैंक, गाजा पट्टी, गोलन हाइट्स और सिनाई प्रायद्वीप जैसे विशाल क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया. इस युद्ध के बाद इजरायल का आकार कई गुना बढ़ गया था. हालांकि बाद में शांति समझौतों के तहत सिनाई प्रायद्वीप को मिस्र को वापस लौटा दिया गया, लेकिन गोलन हाइट्स और वेस्ट बैंक जैसे इलाके आज भी विवाद और कब्जे के केंद्र में बने हुए हैं. यही वे इलाके हैं, जिनके लिए आज भी खून बह रहा है।  ईरान-इजरायल युद्ध और मौजूदा हालात आज के दौर में जब ईरान और इजरायल के बीच सीधी जंग छिड़ी हुई है, तो जमीन का यह विवाद और भी गहरा गया है. ईरान लगातार इजरायल पर फिलिस्तीनी और अरब जमीनों पर अवैध कब्जे का आरोप लगाता रहा है. मौजूदा संघर्ष में जहां इजरायल को अमेरिका का खुला समर्थन प्राप्त है, वहीं ईरान इसे अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अस्मिता की लड़ाई बता रहा है. जानकारों का मानना है कि इजरायल द्वारा समय-समय पर अपनी सीमाओं को आगे बढ़ाना ही ईरान और उसके सहयोगियों के गुस्से की सबसे बड़ी वजह है. इस युद्ध में इजरायल को कड़ी चुनौती मिल रही है, जिससे उसकी विस्तारवादी नीति पर सवाल उठने लगे हैं।  कितना बढ़ गया इजरायल का कुल क्षेत्रफल? आंकड़ों की नजर से देखें तो इजरायल का विस्तार काफी चौंकाने वाला है. जिस देश की शुरुआत करीब 14,000 वर्ग किलोमीटर से होनी थी, उसका आधिकारिक क्षेत्रफल आज लगभग 22,072 वर्ग किलोमीटर होने का अनुमान है. इसमें गोलन हाइट्स जैसे वे इलाके भी शामिल हैं, जिन्हें इजरायल ने अंतरराष्ट्रीय विरोध के बावजूद अपने नक्शे में मिला रखा है. इजरायल का यह बदलता नक्शा न केवल क्षेत्र में उसकी सैन्य शक्ति को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि भविष्य के युद्धों के पीछे जमीन की यह पुरानी लड़ाई ही सबसे बड़ी और मुख्य जड़ है।  ग्रेटर इजरायल की विचारधारा और इसका विवाद इजरायल के इर्द-गिर्द घूमने वाला सबसे बड़ा विवाद ग्रेटर इजरायल की विचारधारा है. यह कोई आधिकारिक सरकारी योजना नहीं है, लेकिन एक ऐसी विचारधारा है जो इजरायल के विस्तार की वकालत करती है. इस विचारधारा के समर्थक बाइबिल के आधार पर प्राचीन यहूदी राज्य की उन सीमाओं की कल्पना करते हैं जो आधुनिक इजरायल से कहीं ज्यादा बड़ी हैं. इस विचार के तहत फिलिस्तीन, लेबनान और सीरिया जैसे पड़ोसी देशों के हिस्सों को भी इजरायल के दायरे में लाने की बात की जाती है. यही वह विचारधारा है जिसे ईरान और अन्य अरब देश क्षेत्र की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा मानते हैं।  मध्य-पूर्व और अमेरिका की रणनीतिक भागीदारी इस पूरे भौगोलिक विस्तार और युद्धों के पीछे अमेरिका … Read more

श्रेयस अय्यर पर एक्शन, जीत के बावजूद लाखों का फटका पड़ा

मुल्लांपुर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के चौथे मुकाबले में 31 मार्च (मंगलवार) को पंजाब किंग्स (PBKS) ने गुजरात टाइटन्स (GT) पर 3 विकेट से जीत हासिल की. मुल्लांपुर के महाराज यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में हुए इस मैच में पंजाब किंग्स को जीत के लिए 163 रनों का टारगेट मिला था, जिसे उसने पांच गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया।  पंजाब किंग्स की जीत के हीरो ऑस्ट्रेलिया के कूपर कोनोली रहे, जिन्होंने 5 छक्के और 5 चौके की मदद से 44 बॉल पर नाबाद 72 रन बनाए. बैटिंग ऑलराउंडर कोनोली का ये आईपीएल में डेब्यू मुकाबला था. अपने डेब्यू मैच में ही उन्होंने गदर काट दिया और 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुने गए।  पंजाब किंग्स की गुजरात टाइटन्स पर जीत के बावजूद कप्तान श्रेयस अय्यर को स्लो ओवर रेट की वजह से भारी कीमत चुकानी पड़ी है. पंजाब किंग्स ने इस मैच के दौरान निर्धारित समय में अपने ओवर पूरे नहीं किए. आईपीएल की आचार संहिता (Code of Conduct) के अनुच्छेद 2.22 के तहत यह टीम की इस सीजन की पहली गलती थी. इसी के चलते पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेस अय्यर पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।  श्रेयस अय्यर पर कब लग सकता है बैन? पंजाब किंग्स से अगर दूसरी बार इस सीजन में स्लो ओवर रेट का अपराध होता है, तो श्रेयस अय्यर पर 24 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. साथ ही टीम के सदस्यों पर 6 लाख रुपये या या उनकी मैच फीस का 25 प्रतिशत (जो भी कम हो) जुर्माना लगाया जाएगा. वहीं, अगर टीम तीसरी बार स्लो ओवर रेट की दोषी पाई जाती है, तो मामला और गंभीर हो जाएगा. ऐसे में कप्तान श्रेयस अय्यर पर एक मैच का बैन लगाया जाएगा।  श्रेयस अय्यर के लिए स्लो ओवर रेट का मामला नया नहीं है, वह इससे पहले भी इस गलती के लिए सजा झेल चुके हैं. पिछले सीजन में भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने श्रेयस अय्यर पर दो बार कार्रवाई की थी. पहली बार नियम तोड़ने पर उन पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था. हालांकि, इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ और दूसरी बार वही गलती दोहराने पर श्रेयस अय्यर को 24 लाख रुपये का भारी जुर्माना भरना पड़ा था।  अब आईपीएल 2026 में एक बार फिर स्लो ओवर रेट के कारण श्रेयस अय्यर पर जुर्माना लगा है. इससे यह साफ हो गया है कि यह समस्या लगातार उनके साथ जुड़ी रही है। 

गर्मियों का रामबाण इलाज है ‘मसाला छाछ’, लू और एसिडिटी से मिलेगी तुरंत राहत, घर पर बनाएं बाजार जैसा स्वाद

गर्मियों के दस्तक देते ही शरीर को ठंडक की जरूरत होती है. ऐसे में मसाला छाछ से बेहतर और क्या हो सकता है. यह न केवल ताजगी देने वाली ड्रिंक है बल्कि पाचन के लिए भी काफी अच्छी होती है. चिलचिलाती धूप और लू से बचने के लिए छाछ एक रामबाण इलाज है. इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं, शरीर को हाइड्रेटेड रखते हैं और भारी भोजन के बाद होने वाली एसिडिटी से राहत दिलाते हैं. घर पर बनी शुद्ध और चटपटी मसाला छाछ आपको बाजार के मिलावटी कोल्ड ड्रिंक्स को भूलने पर मजबूर कर देगी. यहां हम आपको बाजार में मिलने वाली मसाला छाछ को घर बनाने का तरीका बता रहे हैं. छाछ के लिए आपको चाहिए होंगी ये चीजें ताजा दही: 2 कप ठंडा पानी: 3-4 कप भुना जीरा पाउडर: 1 चम्मच काला नमक: ½ चम्मच सेंधा नमक या सादा नमक: स्वादानुसार बारीक कटी हरी मिर्च ताजा हरा धनिया और पुदीना के पत्ते चाट मसाला: ½ चम्मच बर्फ के टुकड़े (Ice Cubes) बनाने का तरीका पेस्ट तैयार करें: सबसे पहले एक ओखली या ब्लेंडर में हरा धनिया, पुदीना और हरी मिर्च को थोड़े से पानी के साथ पीसकर पेस्ट बना लें. दही फेंटें: एक बड़े बर्तन में दही लें और इसे मथानी (whisk) या ब्लेंडर की मदद से तब तक फेंटें जब तक वह चिकना न हो जाए. मसाले मिलाएं: अब दही में भुना जीरा पाउडर, काला नमक, सादा नमक, चाट मसाला और तैयार किया हुआ धनिया-पुदीना पेस्ट डालें. पानी डालें: इसमें ठंडा पानी मिलाएं. बाजार जैसा पतला टेक्सचर पाने के लिए दही और पानी का अनुपात 1:2 या 1:3 रखें. तड़का: अगर आप इसे और भी शाही बनाना चाहते हैं, तो एक छोटे चम्मच तेल में राई और करी पत्ता चटकाकर ऊपर से तड़का लगा सकते हैं. मिट्टी के कुल्हड़ या कांच के गिलास में बर्फ के टुकड़े डालकर परोसें. ऊपर से थोड़ा भुना जीरा छिड़कें.

जमीन की कीमतों में भारी उछाल, कहीं 70 तो कहीं 100 प्रतिशत बढ़े दाम, आम आदमी की जेब ढीली

अंबाला नारायणगढ़ में विभिन्न गांवों में कृषि, आवासीय और व्यावसायिक भूमि की कीमतों में औसतन 10 से 25 प्रतिशत तक का इजाफा किया है। अकबरपुर गांव में कृषि (चाही) भूमि की सामान्य दर 31,62,500 रुपये प्रति एकड़ से बढ़कर 35,00,000 रुपये कर दी गई है। वहीं, अहमदपुर में चाही भूमि का रेट 48.40 लाख से बढ़ाकर 55 लाख रुपये प्रति एकड़ हो गया है। डेरा इलाके में सबसे अधिक बढ़ोतरी देखने को मिली है। यहां चाही भूमि का रेट 30.25 लाख से सीधे 38 लाख रुपये प्रति एकड़ पहुंच गया है, जो लगभग 25.6 प्रतिशत की वृद्धि है। शहर और उससे सटे इलाकों में घर बनाना अब जेब पर भारी पड़ेगा। गनोली में आवासीय भूमि के रेट में करीब 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो 3,630 रुपये से बढ़कर 4,500 रुपये प्रति वर्ग गज हो गई है। व्यावसायिक संपत्तियों के मामले में भी गनोली में भारी उछाल आया है, जहां रेट 9,680 रुपये से बढ़कर 12,000 रुपये प्रति वर्ग गज हो गया है। साहा में कृषि भूमि पर बंपर बढ़ोतरी साहा तहसील के विभिन्न गांवों में जमीन की कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि देखने को मिल रही है। नई दरों में कृषि योग्य भूमि से लेकर आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों में बढ़ोतरी की गई है। विशेष रूप से तेपला और नगला जैसे गांवों में कृषि भूमि के दाम दोगुने तक हो गए हैं। कैंट से सटे तेपला में कृषि भूमि के वर्ष 2025 में जो रेट 43,68,000 रुपये प्रति एकड़ थे। इसे बढ़ाकर 2026 के लिए 87,36,000 रुपये कर दिया गया है। नगला गांव में कृषि भूमि के रेट 34,32,000 रुपये से बढ़कर 68,64,000 रुपये प्रति एकड़ पर पहुंच गया है। साथ ही, यहां आवासीय संपत्तियों में भी 70 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसी प्रकार दिनारपुर, खानपुर, छपरा में 70 प्रतिशत रेट बढ़ाए हैं। अकबरपुर में 10, केसरी में 30, घसीटपुर और चुड़ियाला में कृषि भूमि पर 30 प्रतिशत रेट बढ़ाए हैं। बराड़ा में प्रॉपर्टी खरीदना महंगा बराड़ा में कृषि भूमि से लेकर रिहायशी और कमर्शियल संपत्तियों के दामों में 5 से 12 प्रतिशत तक का इजाफा किया गया है। अंबाला-जगाधरी रोड पर सड़क के दोनों तरफ 200 मीटर तक की जमीन का रेट 80 लाख रुपये प्रति एकड़ तय किया गया है। दोसड़का से बराड़ा मार्ग पर 150 मीटर की गहराई तक जमीन का भाव 75 लाख रुपये प्रति एकड़ होगा। बराड़ा से अधोया चौक पर भी सड़क किनारे की जमीन 75 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से रजिस्टर्ड होगी। तहसील के गांवों में लिंक रोड के किनारे 100 मीटर तक की भूमि का रेट 45 लाख रुपये प्रति एकड़ रेट किए गए हैं। बराड़ा शहर में कृषि भूमि पर 6 प्रतिशत, रिहायशी पर 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। उगाला में कामर्शियल पर 10 प्रतिशत प्रति वर्ग गज बढ़ोतरी रहेगी। मुलाना में 10 प्रतिशत तक कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी मुलाना में कृषि, आवासीय और व्यावसायिक जमीनों की कीमतों में लगभग 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। मुलाना के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में इजाफा हुआ है। मुलाना में सामान्य आवासीय संपत्ति की दर जो वर्तमान में 4392.3 रुपये प्रति वर्ग गज है, उसे बढ़ाकर 4900 रुपये कर दिया है। खेतीबाड़ी वाली जमीनों के रेट में भी वृद्धि है। मुलाना में कृषि (सिंचित) भूमि का रेट 33.45 लाख रुपये प्रति एकड़ से बढ़कर अब 36.81 लाख रुपये हो गए हैं। वहीं बरानी भूमि की दरें भी 18.63 लाख रुपये से बढ़ाकर 20.50 लाख रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच गई है।  

iPhone 17 Pro Max की कीमत धड़ाम, विजय सेल्स पर 9,000 रुपये तक की बचत, कॉस्मिक ऑरेंज कलर पर भारी डिस्काउंट

 ऐप्पल के फ्लैगशिप आईफोन को खरीदने की प्लानिंग बना रहे लोगों के लिए खुशखबरी है. पिछले साल सितंबर में लॉन्च हुए iPhone 17 Pro Max पर शानदार डिस्काउंट मिल रहा है. अगर आप यह आईफोन खरीदना चाहते हैं तो इस पर हजारों रुपये की बचत का मौका मिल रहा है. एडवांस्ड चिपसेट, प्रीमियम लुक और दमदार कैमरा सेटअप वाला यह आईफोन इस समय विजय सेल्स पर डिस्काउंट के साथ लिस्टेड है. आइए जानते हैं कि iPhone 17 Pro Max में क्या-क्या फीचर्स मिलते हैं और अभी इसकी खरीद पर कितनी बचत की जा सकती है. iPhone 17 Pro Max के स्पेसिफिकेशंस इस फ्लैगशिप डिवाइस में 6.9 इंच का ProMotion डिस्प्ले मिलता है, जो एंटी रिफ्लेक्टिव कोटिंग के साथ आता है. ऐप्पल ने इसमें अपना लेटेस्ट A19 Pro प्रोसेसर दिया है, जो शानदार और फास्टर परफॉर्मेंस देता है. बैटरी की बात करें तो इसमें ऐप्पल का अब तक का सबसे बड़ा बैटरी पैक दिया गया है, जिसके बारे में कंपनी का दावा है कि यह 39 घंटे का वीडियो प्लेबैक दे सकता है कैमरा के मामले में आईफोन हमेशा आगे रहे हैं. 17 Pro Max के कैमरा सेटअप की बात करें तो इसके रियर में 48MP+ 48MP+ 48MP का ट्रिपल कैमरा सेटअप और सेल्फी के लिए फ्रंट में 18MP का सेंटर स्टेज कैमरा दिया गया है. इस फोन के कॉस्मिक ऑरेंज कलर ऑप्शन को खूब पसंद किया जा रहा है. iPhone 17 Pro Max पर डिस्काउंट ऐप्पल ने iPhone 17 Pro Max के 256GB वेरिएंट को 1,49,900 रुपये की कीमत पर लॉन्च किया था, लेकिन अभी इसकी कीमत धड़ाम हो गई है. विजय सेल्स पर यह आईफोन 1,45,490 रुपये में लिस्टेड है. लगभग 4400 रुपये के इस फ्लैट डिस्काउंट के अलावा HDFC बैंक के क्रेडिट कार्ड पर 4,500 रुपये के एडिशनल डिस्काउंट का फायदा भी उठाया जा सकता है, जिसके बाद इस आईफोन पर कुल छूट लगभग 9,000 रुपये हो जाएगी. अगर आपके पास पुराना फोन है तो आप एक्सचेंज ऑफर के जरिए नए आईफोन की खरीद पर और छूट भी पा सकते हैं. Motorola Edge 60 Stylus पर भी मिल रहा डिस्काउंट अगर आप किसी किफायती एंड्रॉयड फोन पर डिस्काउंट का इंतजार कर रहे हैं तो आपके लिए खुशखबरी है. मोटोरोला के मिड रेंज स्मार्टफोन Edge 60 Stylus पर इस समय छूट आ गई है. 22,999 रुपये में लॉन्च हुआ यह स्मार्टफोन अभी अमेजन पर 20,799 रुपये में लिस्टेड है. सेलेक्टेड क्रेडिट कार्ड पर ग्राहक 2,500 रुपये का एडिशनल डिस्काउंट भी ले सकते हैं.

जमीनी स्तर पर तैयार होंगे भविष्य के चैंपियन, अंबाला की खेल नर्सरियों में चयनित खिलाड़ियों ने संभाला मोर्चा

अंबाला  नए सत्र 2026 के तहत बुधवार से जिले में 26 खेल नर्सरियां विधिवत रूप से शुरू होने जा रही हैं। दो दिनों तक चले ट्रायलों के बाद चयनित हुए 650 खिलाड़ी अब खेल के मैदानों में पसीना बहाएंगे व कोचों की देखरेख में प्रतिभा को निखारेंगे। नए सत्र की इन नर्सरियों के लिए हाल ही में दो दिवसीय ट्रायल आयोजित किए गए थे। मंगलवार को जिले में वेटलिफ्टिंग, फुटबॉल, ताइक्वांडो और वुशू जैसे खेलों के ट्रायलों में युवा खिलाड़ियों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। प्रत्येक खेल नर्सरी में 25-25 खिलाड़ी हर एक खेल नर्सरी के लिए 25-25 बेहतरीन खिलाड़ियों का चुनाव किया गया है जिससे जिलाभर में 650 खिलाड़ियों की पौध तैयार की जाएगी। जिला खेल अधिकारी राम स्वरूप ने बताया कि खेल विभाग के पास इस सत्र के लिए 111 आवेदन आए थे जिनमें सरकारी और निजी दोनों क्षेत्र शामिल थे। खेल नर्सरियों का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है। इन नर्सरियों में खिलाड़ियों को डाइट मनी और किट के साथ-साथ आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं।

गांदरबल में सुरक्षाबलों का ऑपरेशन, मुठभेड़ में एक आतंकी ढेर, दो अब भी पकड़े नहीं गए

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में मंगलवार शाम सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई. अरहामा इलाके में हुई इस कार्रवाई में एक आतंकी मारा गया है. भारतीय सेना की चिनार कॉर्प्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने खुफिया जानकारी के आधार पर यह संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया था. सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि इलाके में 2 से 3 आतंकी छिपे हो सकते हैं, जिसके बाद पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की गई।  जब सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने अरहामा के संदिग्ध ठिकानों की घेराबंदी शुरू की, तो वहां छिपे आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद जवानों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक आतंकी मारा गया. शुरुआती मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और अतिरिक्त जवान मौके पर तैनात किए गए हैं।  अंधेरे और रिहायशी इलाके की चुनौती के बीच घेरा सख्त सेना ने इस मिशन को ऑपरेशन अरहामा नाम दिया है. चिनार कॉर्प्स के मुताबिक, सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है क्योंकि अंदेशा है कि 1-2 आतंकी अभी भी इलाके में छिपे हो सकते हैं. चूंकि यह इलाका रिहायशी और थोड़ा जटिल है, इसलिए सुरक्षाबल बेहद सावधानी से आगे बढ़ रहे हैं ताकि किसी नागरिक को नुकसान न पहुंचे. रात के अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकी भाग न सकें, इसके लिए पूरे घेरे को टाइट कर दिया गया है।  स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मुठभेड़ स्थल की ओर जाने वाले रास्तों को ब्लॉक कर दिया है. पिछले कुछ हफ्तों में घाटी में आतंकियों के खिलाफ अभियानों में काफी तेजी आई है. गांदरबल की यह मुठभेड़ उसी रणनीति का हिस्सा है जिसमें आतंकियों को उनके छिपने के ठिकानों पर ही घेरा जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि जब तक आखिरी आतंकी का खात्मा नहीं हो जाता, यह सर्च ऑपरेशन और घेराबंदी जारी रहेगी।   

48 टीमों के बीच छिड़ेगा फुटबॉल का विश्व युद्ध, अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा करेंगे मेजबानी, ग्रुप्स का हुआ ऐलान

दिल्ली करीब ढाई साल तक चले क्वालिफाइंग मैराथन के बाद आखिरकार 48 टीमों वाला फुटबॉल का सबसे बड़ा महाकुंभ तैयार हो गया. आखिरी टिकट इराक ने हासिल किया, जिसने मेक्सिको के मॉन्टेरी में खेले गए इंटरकॉन्टिनेंटल प्लेऑफ में बोलीविया को 2-1 से हराया. इससे कुछ घंटे पहले ही यूरोपियन प्लेऑफ में बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहां बोस्निया एंड हर्जेगोविना ने चार बार की चैम्पियन इटली को पेनल्टी शूटआउट में हराकर बाहर कर दिया. यूरोप से आखिरी दिन 8 टीमें चार जगहों के लिए भिड़ीं, जिसमें स्वीडन, तुर्किये और चेकिया (Czechia- Czech Republic) ने जीत दर्ज कर वर्ल्ड कप में जगह बनाई. वहीं इंटरकॉन्टिनेंटल मुकाबले में कांगो ने एक्स्ट्रा टाइम में जमैका को हराकर क्वालिफाई किया. अब 11 जून से शुरू होने वाला यह मेगा टूर्नामेंट संयुक्त राज्य अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा. वर्ल्ड कप 2026 – ग्रुप्स ग्रुप A: चेकिया (Czech Republic), मेक्सिको, साउथ अफ्रीका और साउथ कोरिया ग्रुप B: कनाडा, बोस्निया, कतर और स्विट्जरलैंड ग्रुप C : ब्राजील, हैती, मोरक्को और स्कॉटलैंड ग्रुप D : तुर्किये, अमेरिका, पैराग्वे और ऑस्ट्रेलिया ग्रुप E : कुरासाओ, इक्वाडोर, जर्मनी और आइवरी कोस्ट ग्रुप F : स्वीडन, नीदरलैंड्स, जापान और ट्यूनीशिया ग्रुप G : बेल्जियम, मिस्र, ईरान और न्यूजीलैंड ग्रुप H : केप वर्डे, सऊदी अरब, स्पेन और उरुग्वे ग्रुप I : फ्रांस, नॉर्वे, सेनेगल और इराक ग्रुप J : अल्जीरिया, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रिया और जॉर्डन ग्रुप K : कोलंबिया, कांगो, पुर्तगाल और उज्बेकिस्तान ग्रुप L : क्रोएशिया, इंग्लैंड, घाना और पनामा 7 सितंबर 2023 से शुरू हुआ यह लंबा क्वालिफाइंग सफर अब खत्म हो चुका है और दुनिया की 48 सर्वश्रेष्ठ टीमें अब खिताब की जंग के लिए तैयार हैं.