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अटारी-वाघा सीमा पर रिट्रीट समारोह की नई टाइमिंग, अब शाम 5:30 से 6 बजे तक

अटारी अमृतसर स्थित भारत-पाकिस्तान अटारी सीमा पर होने वाली प्रसिद्ध रिट्रीट सेरेमनी के समय में बदलाव किया गया है। अटारी-वाघा बॉर्डर पर हर रोज होने वाली इस देशभक्ति से भरपूर सेरेमनी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। नए निर्णय के अनुसार अब रिट्रीट सेरेमनी शाम 5:30 बजे से शुरू होकर 6:00 बजे तक चलेगी। इससे पहले रिट्रीट सेरेमनी 5 बजे शुरू होकर साढ़े 5 बजे खत्म हो रही थी। मौसम और दिन की घटती-बढ़ती रोशनी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है। अधिकारियों का कहना है कि दर्शकों को बेहतर अनुभव देने और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए समय में यह बदलाव जरूरी था। यह नया समय आज यानी 1 अप्रैल से लागू कर दिया गया है। यानी अब जो भी पर्यटक या स्थानीय लोग इस सेरेमनी को देखने की योजना बना रहे हैं, उन्हें नए समय के अनुसार ही पहुंचना होगा। बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी भारत और पाकिस्तान के सैनिकों द्वारा की जाने वाली एक विशेष परंपरा है, जिसमें जोश, अनुशासन और देशभक्ति की झलक देखने को मिलती है। हजारों लोग बनते हैं आयोजन का हिस्सा हर दिन हजारों लोग इस आयोजन का हिस्सा बनते हैं और भारत माता की जय तथा वंदे मातरम जैसे नारों से माहौल देशभक्ति से गूंज उठता है। इस बदलाव के बाद उम्मीद है कि लोग समय से पहुंचकर इस अद्भुत दृश्य का आनंद ले पाएंगे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे समय का विशेष ध्यान रखें और निर्धारित समय से पहले ही पहुंचकर अपनी सीट सुनिश्चित करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।

राजस्थान में बड़े प्रशासनिक फेरबदल, टीना डाबी समेत 65 IAS अफसरों के ट्रांसफर, 25 कलेक्टर बदले

जयपुर राजस्थान में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल हुआ है. सूबे की सरकार ने एक साथ 65 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं, जिससे ब्यूरोक्रेसी में हलचल तेज हो गई है. राज्य के 25 कलेक्टर बदले गए हैं. इस बड़े प्रशासनिक बदलाव में खास बात यह है कि मुख्यमंत्री सचिवालय में प्रमुख सचिव को छोड़कर करीब सभी अधिकारियों को बदल दिया गया है. इसे सरकार का बड़ा रणनीतिक कदम माना जा रहा है।  आईएएस टीना डाबी का बाड़मेर से सचिन पायलट के इलाके टोंक में कलेक्टर पद पर तबादला हुआ है. टीना की बहन रिया डाबी को मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया है. जयपुर के कलेक्टर जितेंद्र सोनी को सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी बनाया गया है।  राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को बहुत जरूरी माना जा रहा है, क्योंकि इतने बड़े स्तर पर एक साथ तबादले कम ही देखने को मिलते हैं।  जयपुर में संदेश नायक को कलेक्टर बनाया गया है, जबकि टोंक की जिम्मेदारी टीना डाबी को सौंपी गई है. उदयपुर में गौरव अग्रवाल और बीकानेर में निशांत जैन को तैनात किया गया है. करौली में अक्षय गोदारा और जोधपुर में आलोक रंजन को जिम्मेदारी दी गई है।  जैसलमेर में अनुपमा जोरवाल, बाड़मेर में चिनमयी गोपाल, प्रतापगढ़ में शुभम चौधरी और सीकर में आशीष मोदी को कलेक्टर बनाया गया है. फलौदी में अंकित कुमार सिंह और बारां में बाल मुकुंद असावा को पोस्टिंग मिली है।  श्रीगंगानगर में अमित यादव, चित्तौड़गढ़ में मंजू, पाली में रविन्द्र गोस्वामी और सिरोही में रोहिताश्व सिंह तोमर को नियुक्त किया गया है. बूंदी में हरफूल सिंह यादव, डीडवाना-कुचामन में अवधेश मीणा और नागौर में देवेंद्र कुमार को जिम्मेदारी दी गई है।  दौसा में सौम्या झा, खैरथल-तिजारा में अतुल प्रकाश, सलूंबर में मुहम्मद जुनैद पीपी, डूंगरपुर में देशल दान और डीग में मयंक मनीष को कलेक्टर बनाया गया है. वहीं, करौली-बहरोड़ में अपर्णा गुप्ता को जिला कलेक्टर के तौर पर नियुक्त किया गया है। 

बस्तर में नक्सलवाद पर बड़ी सफलता: टॉप नक्सल लीडरों का एनकाउंटर, हथियारों के साथ सरेंडर, ये हैं 5 कारण

जगदलपुर  छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद लगभग खत्म हो गया है। सुरक्षाबल के जवानों ने डेडलाइन 31 मार्च 2026 से पहले ही नक्सलियों के कई टॉप लीडरों का एनकाउंटर किया। इसके साथ ही बड़ी संख्या में नक्सलियों के सरेंडर के कारण जवानों को बड़ी सफलता मिली है। नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबल कैंप की स्थापना से जवानों को इस मिशन में बड़ी मदद मिली है। बस्तर संभाग के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि नक्सल विरोधी अभियान में स्थानीय लोगों का साथ मिला। इसके साथ ही रणनीति बनाई गई थी कि फोर्स की पहुंच उन इलाकों में होनी चाहिए जो हार्डकोर नक्सली माने जाते हैं। जिसके बाद सुरक्षा कैंप की स्थापना पर फोकस किया गया। कैंप की स्थापना से स्थानीय लोगों से संवाद आसान हुआ इसके साथ की नक्सलियों की गतिविधियों पर सीधी नजर रखी गई। जिस कारण से नक्सलवाद के खिलाफ जीत मिली है। हार्डकोर नक्सली इलाके में फोर्स की पहुंच बस्तर संभाग में 2025 में नक्सल विरोधी अभियान के साथ-साथ क्षेत्र की जनता से संवाद के मकसद से 58 नवीन सुरक्षा कैम्प की स्थापना की गई। इसके साथ ही 22 मार्च 2026 तक 15 नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित किए गए। जिसमें नारायणपुर जिले के हार्डकोर नक्सली इलाका माने जाने वाले जटवर, मदौड़ा, वाड़ापेंदा, कुरूषकोड़ो, हच्चेकोटी, आदनार, बोटेर, दिवालूर, तुमनार। बीजापुर जिले के आदवाड़ा, मुक्कावेली, गुण्डेपुरी, पालसेगुड़ी, सेन्ड्रा, बड़ेगुण्डेम जैसे स्थान पर सुरक्षा कैंप की स्थापना की गई। ग्रामीणों तक योजनाओं का पहुंचा लाभ बस्तर संभाग के सुरक्षा कैम्पों की स्थापना के साथ-साथ विकास कार्य को भी प्राथमिकता दी गई। नक्सली इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, बिजली, बैंक, आंगनबाड़ी केन्द्र एवं अन्य सुविधायें उपलब्ध कराया गया। जिस कारण से नक्सल प्रभावित क्षेत्रवासियों में शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ाने लगा। नक्सलियों के खिलाफ रणनीति के साथ लड़ाई लडी गई। अलग-अलग मोर्चे पर रणनीति तैयार की गई थी। जो गांव नक्सलवाद से मुक्त हो रहे थे वहां, सरकारी योजनाएं पहुंचाकर ग्रामीणों का विश्वास हासिल किया गया। सुंदरराज पी, पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज नक्सलियों के सरेंडर से संगठन कमजोर बस्तर संभाग में नक्सलवाद के खात्मे के लिए नक्सल प्रभावित इलाकों में माओवादी कैडरों को सरेंडर के लिए प्रेरित किया गया। इसके लिए 'पूना मारगेम' अभियान चलाया गया। अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान के तहत 2025 में 1573 और 2026 में 373 माओवादियों ने सरेंडर किया है। जिस कारण से नक्सली संगठन को झटका लगा। वहीं, 2024 में 792 माओवादियों ने हिंसा त्यागकर सरकार की नीतियों का साथ दिया और समाज की मुख्यधारा में लौटे हैं। बड़े नक्सलियों का एनकाउंटर नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबल के जवानों ने टॉप नक्सली लीडरों को टारगेट किया। नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबल के जवानों ने बसवाराजू, माड़वी हिडमा जैसे नक्सलियों का एनकाउंटर किया। जिसके बाद से नक्सली संगठन कमजोर होता गया। नक्सल संबंधी घटनाओं का विवरण साल 2024 साल 2025 साल 2026 (22 मार्च तक) मुठभेड़ में मारे गए नक्सली 217 256 26 गिरफ्तार नक्सली 929 898 94 नक्सलियों द्वारा बरामद हथियार 286 677 237 सरेंडर करने वाले नक्सली 792 1573 373 बरामद किए गए आईईडी विस्फोटक 308 894 220 हथियार के साथ सरेंडर से झटका माओवादी संगठनों को सबसे बड़ा झटका उस समय लगा जब नक्सलियों ने अपने हथियारों के साथ सरेंडर किया। बस्तर संभाग में पुलिस ने नक्सली मुठभेड़, माओवादियों द्वारा डम्प किये गये हथियार एवं पूना मारगेम के तहत सशस्त्र माओवादियों द्वारा हिंसा त्यागकर समाज के मुख्यधारा में शामिल होनों से नक्सली संगठन को झटका लगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की घोषणा का 24 घंटे में हुआ प्रभावी पालन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की एक दिन पूर्व की गई घोषणा का 24 घंटे में हुआ पालन 375 करोड़ रुपए की राशि 600 से अधिक एमएसएमई इकाइयों के खातों की अंतरित सोमवार को मुख्यमंत्री ने 250 इकाइयों को किए थे 169.50 करोड़ अंतरित एमएसएमई मंत्री काश्यप ने मुख्यमंत्री की सहृदयता के लिए किया आभार व्यक्त भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की एक दिन पूर्व की गई घोषणा का 24 घंटे में पालन हुआ है। वित्त विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई 375 करोड़ रुपए की राशि आज ही एमएसएमई विभाग ने 600 से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इकाइयों के खातों में प्रोत्साहन तथा अनुदान राशि अंतरित भी कर दी है। उल्लेखनीय है कि सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में संपन्न हुए कार्यक्रम में 250 इकाइयों को 169 करोड़ 57 लाख की राशि अंतरित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ यादव ने शेष इकाइयों से वायदा किया था कि उन्हें भी जल्दी ही मदद की जाएगी।एमएसएमई मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने विभाग और उद्यमियों की ओर से मुख्यमंत्री की सहृदयता के लिए आभार व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि सर्वाधिक रोजगार सृजन के सशक्त माध्यम एमएसएमई के लिए मुख्यमंत्री डॉ यादव द्वारा प्रदेश में निवेश एवं उद्यम का जाल बिछाने की संभावनाओं में वृद्धि करने के उद्देश्य से एमएसएमई विकास नीति 2025 लागू की है। नीति में निवेशकों को विभिन्न सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने तय किया है कि निवेशकों को स्वीकृत सुविधाओं का समयावधि में वितरण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उद्योग आयुक्त दिलीप कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ यादव के निर्देश एवं विशेष प्रयासों से वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन इकाइयों की लंबित देयताओं के भुगतान के लिए वित्त विभाग द्वारा समुचित बजट आवंटन विभाग को उपलब्ध कराया गया । एमएसएमई इकाइयों को स्वीकृत सुविधाओं के वितरण की निरंतरता में 31 मार्च मंगलवार को 600 से अधिक इकाइयों को राशि रु. 375 करोड़ से अधिक की राशि वितरित की गयी। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन इतनी बड़ी मात्रा में अनुदान राशि वितरण होने पर निवेशकों में उत्साह एवं प्रदेश की नीतियों के प्रति विश्वास और प्रबल हुआ है। एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप ने एमएसएमई इकाइयों को उनकी स्वीकृत सुविधाओं के समयावधि में वितरण के लिए मुख्यमंत्री का का आभार व्यक्त किया है। एमएसएमई जगत के उद्यमियों एवं संघो द्वारा भी उक्त पहल पर हर्ष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया गया है। उन्होंने कहा है कि शासन की इस पहल से न केवल स्थापित एमएसएमई इकाई निरंतर प्रगति कर रही हैं अपितु देश एवं विदेश के निवेशक भी प्रदेश में नए निवेश के लिए आकर्षित हो रहे हैं।  

मध्यप्रदेश पुलिस में बैंड के 679 आरक्षक पदों के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा पुलिस बैंड के अंतर्गत आरक्षक (बैंड) के कुल 679 पदों पर सीधी भर्ती वर्ष 2026 हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह भर्ती प्रक्रिया विशेष रूप से पुरुष अभ्यर्थियों के लिए आयोजित की जा रही है। इन पदों पर नियुक्ति हेतु इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी दिनांक 05 अप्रैल 2026 से 19 अप्रैल 2026 तक एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। अभ्यर्थियों को आवेदन हेतु एमपी ऑनलाइन की अधिकृत वेबसाइट पर जाकर निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी मध्यप्रदेश पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट mppolice.gov.in पर भी उपलब्ध है, जहाँ भर्ती से संबंधित नियम, पात्रता, चयन प्रक्रिया एवं अन्य आवश्यक निर्देश देखे जा सकते हैं। 

पंजाब में गेहूं खरीद आज से, आढ़तियों की हड़ताल के बावजूद सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी

अमृतसर  पंजाब में आज से गेहूं की खरीद शुरू हो रही है लेकिन आढ़तियों की हड़ताल से सीजन पर संकट गहरा गया है। केंद्र ने राज्य को 122 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया है जबकि पंजाब सरकार ने 132 लाख मीट्रिक टन खरीद की तैयारी की है।  खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आढ़तियों की कमीशन बढ़ाने का मुद्दा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष उठाया था जिसके बाद 4.75 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने आढ़तियों से हड़ताल खत्म कर खरीद में शामिल होने की अपील की ताकि किसानों को परेशानी न हो। मंत्री ने कहा कि सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था भी की है ताकि खरीद प्रभावित न हो। उन्होंने डीजीपी को पत्र लिखकर बॉर्डर जिलों में निगरानी बढ़ाने को कहा है ताकि दूसरे राज्यों से गेहूं लाकर बेचने पर रोक लगाई जा सके। राज्य में 1897 खरीद केंद्र अधिसूचित किए गए हैं और 266 अस्थायी यार्ड बनाए गए हैं। एमएसपी 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय है और केंद्र से 30973 करोड़ रुपये की नकद ऋण सीमा मिल चुकी है। वहीं आढ़ती एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अमनदीप सिंह ने कहा कि 2.50 प्रतिशत कमीशन मिलने तक हड़ताल जारी रहेगी।  बता दें कि आरबीआई ने अप्रैल माह के लिए 20,973 करोड़ की सीसीएल जारी की है। दूसरे राज्यों से अनाज लाकर पंजाब में एमएसपी पर बेचने के मामले में विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आम तौर पर गेहूं के सीजन में ऐसा कम ही देखने को मिलता है। मुख्य समस्या धान के सीजन में आती है।

IPL 2026: पंजाब किंग्स ने चहल, वैशाख और कोनोली की ताबड़तोड़ खेल से गुजरात को किया पस्त

न्यू चंडीगढ़ IPL (इंड‍ियन प्रीम‍ियर लीग) 2026 के चौथे मुकाबले में मंगलवार (31 मार्च) को गजब का रोमांच देखने को मिला. जहां जीत अंतत: पंजाब किंग्स को को मिली. मैच में एक स्थ‍ित‍ि तो ऐसी लग रही थी कि गुजरात टाइटन्स और पंजाब किंग्स में पता नहीं कौन जीतेगा? लेकिन  पंजाब के कूपर कोनोली अंत तक ट‍िके रहे और अपनी टीम को जीत द‍िलाकर ही दम ली।   कुल म‍िलाकर पंजाब की जीत के सबसे बड़े हीरो कूपर कोनोली (Cooper Connolly) की शानदार नाबाद पारी (72, 44 गेंद, 5 चौके और 5 छक्के) रही. ज‍िसकी बदौलत पंजाब किंग्स ने गुजरात टाइटन्स (Gujarat Titans) को तीन विकेट से हराकर आईपीएल 2026 में जीत के साथ आगाज किया।   मैच में पहले गेंदबाजी करने का फैसला पंजाब के लिए सही साबित हुआ. अनुशासित गेंदबाज़ी के दम पर टीम ने गुजरात को 20 ओवर में 162/6 पर रोक दिया।  अपने-अपने 4 ओवर्स में विजयकुमार वैशाख (3/34), युजवेंद्र चहल (2/28) और मार्को जानसेन (1/20) ने कमाल की गेंदबाजी. गुजरात के लिए कप्तान शुभमन ग‍िल (39) और जोस बटलर (38) ने अच्छी शुरुआत दी, जबकि ग्लेन फ‍िल‍िप्स (25) और वॉश‍िंगटन सुंदर (18) ने योगदान दिया, लेकिन टीम बड़ा स्कोर नहीं बना सकी। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब की शुरुआत उतनी मजबूत नहीं रही, लेकिन कोनोली ने एक छोर संभालकर रखा. उन्होंने 44 गेंदों में नाबाद 72 रन बनाते हुए टीम को 19.1 ओवर में 165/7 तक पहुंचा दिया और जीत दिलाई. कुल म‍िलाकर कोनोली की पारी ही एक्स फैक्टर साब‍ित हुई.  गुजरात की ओर से प्रस‍िद्ध कृष्णा (3/29), राश‍िद खान (1/29) और वॉश‍िंगटन सुंद (1/27) ने विकेट लिए, लेकिन वे टीम को हार से नहीं बचा सके।  गुजरात ने ऐसे किया मैच रोमांचक  एक समय रनचेज के दौरान पंजाब किंग्स का स्कोर 83/1 था, फ‍िर 118/6 हो गया. लेकिन कूपर कोनोली ने अपनी बल्लेबाजी अंत तक डटे रहे. अंत में आए मार्को जानसेन ने 10 गेंदों पर 9 और जेव‍ियर बार्टलेट ने 5 गेंदों 11 रन बनाकर  नाबाद लौटे. जो पंजाब की जीत में अहम साब‍ित हुआ।  म‍िड‍िल ओवर्स में चहल की कमाल की गेंदबाजी  अनुभव और चतुराई का बेहतरीन मिश्रण दिखाते हुए युजवेंद्र चहल ने मिडिल ओवर्स में शानदार गेंदबाज़ी की, जिससे गुजरात को 162/6 के स्कोर पर रोका जा सका।  चहल ने अपने चार ओवर में 28 रन देकर 2 विकेट झटके, वहीं वैशाख व‍िजयकमार ने 3/34 के आंकड़े के साथ अहम योगदान दिया. गुजरात ने पहले तीन ओवर में 35 रन तक पहुंचाया।  इसके बाद पंजाब के कप्तान श्रेयस अय्यर ने गेंदबाजी में बदलाव करते हुए मार्को जानसेन को आक्रमण पर लगाया, और यह फैसला तुरंत कारगर साबित हुआ. जानसेन ने साई सुदर्शन (13) को मिड-ऑफ पर कैच कराकर टीम को पहली सफलता दिलाई।  इसके बाद क्रीज़ पर आए जोस बटलर ने कुछ शानदार शॉट्स लगाए. उन्होंने कवर ड्राइव और कट शॉट के जरिए रन बटोरे और एक छक्का भी जड़ा. पावरप्ले के अंत तक गुजरात का स्कोर 54/1 था।  मिडिल ओवर्स में मैच का रुख बदला. चहल, जिनका गिल के खिलाफ अच्छा रिकॉर्ड रहा है, उन्होंने एक बार फिर उन्हें अपना शिकार बनाया. गिल ने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की लेकिन गेंद बाउंड्री पार नहीं कर पाई और डीप मिडविकेट पर कैच आउट हो गए.  इसके बाद ग्लेन फिलिप्स ने जरूर कुछ बड़े शॉट लगाए, लेकिन पंजाब के गेंदबाज़ों ने दबाव बनाए रखा. धीरे-धीरे रन गति पर अंकुश लग गया और गुजरात की टीम 162/6 तक ही पहुंच सकी.  पंजाब किंग्स ने बीच के ओवरों में शानदार वापसी करते हुए मैच में अपनी पकड़ मजबूत कर ली, जहां चहल और वैशाख की भूमिका निर्णायक रही।   

कटनी डायल-112 की टीम ने पलटी बस के घायलों को तुरंत अस्पताल पहुँचाया

कटनी के डायल-112हीरोज: अनियंत्रित होकर पलटी यात्री बस, घायलों को त्वरित सहायता से पहुँचाया अस्पताल कटनी कटनी जिले के थाना कुठला क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्पर एवं संवेदनशील कार्रवाई से अनियंत्रित होकर पलटी यात्री बस में घायल यात्रियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। इस त्वरित राहत कार्य से घायलों को शीघ्र चिकित्सकीय सहायता मिल सकी। दिनांक 30 मार्च 2026 को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना कुठला क्षेत्र अंतर्गत लंतरा के पास यात्रियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई है, जिसमें लगभग 08 यात्री घायल हो गए हैं एवं तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही कुठला थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112एफआरव्ही वाहनों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकर डायल-112 स्टाफ आरक्षक दुर्गेश एवं पायलट दीपक कुमार ने पाया कि दुर्घटना में 08 यात्री घायल हो गए थे। डायल-112 जवानों ने त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई करते हुए सभी घायलों को एफआरव्ही वाहन एवं चिकित्सा वाहनों की सहायता से शासकीय चिकित्सालय, कुठला पहुँचाया। डायल-112 की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई से सभी घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध हो सका। डायल-112हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में त्वरित राहत एवं सहायता प्रदान करने हेतु सदैव सजग, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।  

पुलिस मुख्यालय परिवार ने नौसेवानिवृत्त कर्मचारियों को दी भावपूर्ण विदाई

पुलिस मुख्यालय परिवार द्वारा नौसेवानिवृत्‍त कर्मचारियों को भावभीनी विदाई पुलिस महानिदेशक ने सभी को स्‍मृतिचिन्‍ह भेंट किए भोपाल पुलिस मुख्‍यालय की विभिन्‍न शाखाओं से माह मार्चमें सेवानिवृत्‍तनौकर्मचारियों कोपुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा नेमंगलवार को भावभीनी विदाई दी। पुलिस महानिदेशक ने सभी को पौधे एवं स्मृति चिन्ह भेंट किए और उनके स्वस्थ एवं सुखी जीवन की कामना की। सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों को उनके विभिन्‍नस्‍वत्‍व (क्‍लेम) भुगतान के आदेश भी प्रदान किए गये। नवीन पुलिस मुख्‍यालय भवन कॉन्‍फ्रेंसहॉल में आयोजित विदाई समारोह में विशेष पुलिस महानिदेशकआदर्श कटियार, अनिल कुमार, आशुतोष राय, अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक जयदीप प्रसाद,पुलिस महानिरीक्षक हरिनारायणचारी मिश्र, उप पुलिस महानिरीक्षक तरूण नायक एवं अन्‍य पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एवं सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों के परिजन उपस्थित थे। पुलिस मुख्‍यालय से सेवानिवृत्‍तमानसेवी उप पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा रामनिवास यादव, कार्यवाहक सहायक अधीक्षक प्रशासन शाखा दिनेश पाटिल, कार्यवाहक सूबेदार (एम) एससीआरबी चन्‍द्रप्रकाश शर्मा, कार्यवाहक सूबेदार (एम) शिकायत शाखा महेश जयसिंघानी, कार्यवाहक आंकिक/सूबेदार (एम) प्रबंध शाखा प्रकाश तोलानी, सहायक उप निरीक्षक महिला सुरक्षा शाखा विजय सिंह ठाकुर, कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक विशेष शाखा श्रीमती शोभा शर्मा, प्रधान आरक्षक एससीआरबी गणपत राव शिन्‍दे तथा कार्यवाहक प्रधान आरक्षक अजाक शाखा शिवशंकर भदौरिया को पुलिस मुख्‍यालय परिवार ने मंगलवार को भावभीनी विदाई दी। सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती अंशुमान अग्रवाल ने सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों के कार्यकाल पर प्रकाश डाला। विदाई समारोह में मौजूद अधिकारियों ने सेवानिवृत कर्मचारियों की मेहनत और लगन की सराहना की।  

संस्कृति के सम्मान से होता है विकास का सशक्त आरंभ — मुख्यमंत्री साय

जहां संस्कृति का सम्मान होता है, वहीं से विकास की नई शुरुआत होती है — मुख्यमंत्री साय लोक-आस्था, परंपरा और विकास का संगम बना कुँवरगढ़ महोत्सव रायपुर छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विकास के संगम का सशक्त प्रतीक ‘कुँवरगढ़ महोत्सव’ का आज धरसींवा  में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर पर मुख्यमंत्री साय ने 136 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करते हुए क्षेत्र को बड़ी सौगात दी। उन्होंने ग्राम कूंरा का नाम उसके ऐतिहासिक गौरव के अनुरूप ‘कुँवरगढ़’ करने की महत्वपूर्ण घोषणा की, जिससे क्षेत्रवासियों में उत्साह का वातावरण देखने को मिला। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि कुँवरगढ़ महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक-आस्था, परंपरा और गौरवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और उसे नई पहचान देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है और बस्तर, सरगुजा, कोरिया तथा सिरपुर महोत्सव की श्रृंखला में अब कुँवरगढ़ महोत्सव भी एक विशिष्ट पहचान बनाएगा। इस दौरान उन्होंने नवनिर्मित तहसील कार्यालय का लोकार्पण करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के नागरिकों को राजस्व संबंधी कार्यों में त्वरित और बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री साय ने क्षेत्र के विकास को नई गति देने के उद्देश्य से गौरवपथ निर्माण, रानीसागर तालाब के सौंदर्यीकरण, पुलिस चौकी की स्थापना, खारून नदी में एनीकट निर्माण, खेल मैदान के उन्नयन तथा रायपुर के टेकारी-नयापारा से बड़े नाला मार्ग के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा और आमजन के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आएगा। उल्लेखनीय है कि धरसींवा क्षेत्र का प्राचीन ग्राम कूंरा, जिसे अब ‘कुँवरगढ़’ के रूप में पुनर्स्थापित किया जा रहा है, अपने भीतर गौरवशाली इतिहास समेटे हुए है। यह क्षेत्र आदिवासी शासक राजा कुँवर सिंह गोंड के साम्राज्य का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है, जिनकी वीरता और विरासत आज भी यहां के जनजीवन में जीवंत है। उत्तर में माता कंकालिन, दक्षिण में माता चंडी, पश्चिम में माता महामाया और पूर्व में भगवान चतुर्भुजी की उपस्थिति इस क्षेत्र को धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है। लगभग 12 हजार की आबादी वाला यह क्षेत्र अपनी परंपरा और विकास के संतुलन के साथ आगे बढ़ रहा है। महोत्सव में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए हैं तथा स्थानीय लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बनी हुई हैं।  मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनते हैं और प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं। उन्होंने जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि अनेक क्रांतियों और परंपराओं की साक्षी रही है। उन्होंने लोगों को नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय संग्रहालय के अवलोकन के लिए भी प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की पावन धरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रभु राम का ननिहाल है और वनवास काल का अधिकांश समय उन्होंने यहीं व्यतीत किया।दंडकारण्य, माता शबरी का आश्रम, माता कौशल्या की नगरी तथा गुरु घासीदास जी और गहिरा गुरु जैसे संतों की तपोभूमि होने के कारण यह प्रदेश आध्यात्मिक रूप से अत्यंत समृद्ध है। उन्होंने आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास का स्मरण करते हुए कहा कि अंग्रेजों के खिलाफ अनेक क्रांतियां इस धरती पर हुई हैं। मुख्यमंत्री ने धरसींवा विधायक अनुज शर्मा की इस पहल की सराहना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने दो वर्षों के कार्यकाल में किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है और विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में धरसींवा विधायक अनुज शर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, सुमोना सेन, देवजीभाई पटेल, अंजय शुक्ला, संभागायुक्त महादेव कावरे, कलेक्टर गौरव सिंह सहित जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।