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केंद्र का गेहूं अवशेष जलाने वालों पर कड़ा रुख, 10,500 अधिकारी और सैटेलाइट निगरानी के तहत होगा नियंत्रण

चंडीगढ़  पंजाब में गेहूं की कटाई के साथ अवशेष जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए इस बार केंद्र सरकार सख्त रुख में है। केंद्र खुद इन मामलों की निगरानी करेगा। राज्य सरकार ने इसके लिए एक विस्तृत एक्शन प्लान लागू किया है। आज से कटाई शुरू होने के साथ ही 10,500 अधिकारियों को तैनात किया गया है जो खेतों में नजर रखेंगे। साथ ही एक कंट्रोल रूम बनाया गया है जिससे सैटेलाइट के जरिए घटनाओं की निगरानी की जाएगी। 100 किसानों पर तैनात होगा एक नोडल अधिकारी  वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने पहले ही दिशा-निर्देश जारी करते हुए 100 किसानों पर एक नोडल अधिकारी तैनात करने को कहा है। पंजाब में हर साल 1 अप्रैल से 31 मई तक गेहूं की कटाई होती है। राज्य में करीब 34 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की खेती होती है जिससे लगभग 205 लाख टन भूसा निकलता है। कम समय में धान की रोपाई के दबाव के कारण किसान अवशेषों को आग लगा देते हैं जिससे पर्यावरण को नुकसान होता है और दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण बढ़ता है। सरकार की तैयारी अवशेष जलाने पर रोक के लिए सरकार ने कस्टम हायरिंग सेंटरों पर 31 हजार स्ट्रॉ रीपर उपलब्ध कराए हैं जो अवशेषों को काटकर चारे में बदलते हैं। इसके अलावा पेलेट निर्माण, इंडस्ट्रियल बॉयलर और सीबीजी प्लांट में भी अवशेषों के उपयोग की योजना बनाई गई है। हर ब्लॉक स्तर पर जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे ताकि किसानों को वैकल्पिक उपायों के बारे में जानकारी दी जा सके। विभागों की जिम्मेदारी तय सरकार ने विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी तय की है। खेत में अवशेष प्रबंधन का काम कृषि और सहकारिता विभाग को दिया गया है जबकि बाहरी निपटान का जिम्मा नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, उद्योग विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सौंपा गया है। अवशेष जलाने पर प्रतिबंध लागू कराने की जिम्मेदारी विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण विभाग और जिला उपायुक्तों की होगी।  

हार से सबक लेकर उतरी हैदराबाद, डेविड पेन की होगी एंट्री, ईडन गार्डन्स में कोलकाता को घेरने का चक्रव्यूह तैयार

दिल्ली आईपीएल 2026 में KKR vs SRH मुकाबले से पहले सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की मालकिन काव्या मारन प्लेइंग XI में तीन बड़े बदलाव कर सकती हैं। वापसी करने और टीम के तालमेल को मजबूत बनाने के मकसद से, टीम मैनेजमेंट बेहतर संतुलन और प्रभाव के लिए अहम जगहों पर फेरबदल करने को तैयार नजर आ रहा है। ये बदलाव KKR की ताकतों का मुकाबला करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं, क्योंकि हैदराबाद इस महत्वपूर्ण मुकाबले में ज़्यादा मजबूत और प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। तो आइए जानते हैं काव्या मारन KKR vs SRH मुकाबले से पहले क्या बदलाव करने जा रही हैं…. KKR vs SRH मुकाबले से पहले काव्या मारन SRH टीम में कर सकती हैं बदलाव IPL 2026 का छठा मैच KKR vs SRH होना है, जो 02 अप्रैल को ईडन गार्डन्स में खेला जाएगा। इस अहम मुकाबले से पहले, सनराइजर्स हैदराबाद अपनी प्लेइंग XI में कुछ जरूरी बदलाव कर सकती है। अपना पहला मैच हारने के बाद, टीम मैनेजमेंट टीम का संतुलन और प्रदर्शन बेहतर करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि इन बदलावों के बारे में अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।  ईशान किशन SRH की कप्तानी करने को तैयार पैट कमिंस की गैरमौजूदगी में ईशान किशन स्टैंड-इन कप्तान के तौर पर टीम की कमान संभाल सकते हैं। विकेटकीपर-बल्लेबाज के तौर पर वह टीम को वापसी दिलाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। बल्ले से उनका आक्रामक अंदाज और मैदान पर उनकी जबरदस्त ऊर्जा, KKR के खिलाफ इस हाई-प्रेशर मैच में हैदराबाद को वह जोश दे सकती है जिसकी उसे जरूरत है। डेविड पेन को टीम में शामिल किए जाने की संभावना टीम में होने वाले बड़े बदलावों में से एक इंग्लैंड के तेज गेंदबाज डेविड पेन को शामिल किया जाना है। उन्हें चोटिल जैक एडवर्ड्स की जगह टीम में शामिल किया गया था और उन्हें प्लेइंग XI में तुरंत मौका दिया जा सकता है। उनके आने से तेज गेंदबाजR और मजबूत होगी, खासकर ईडन गार्डन्स में रात के समय, जब पिच तेज़ गेंदबाज़ों के लिए मददगार हो सकती है। मिडिल-ऑर्डर के संतुलन पर जोर एक और क्षेत्र जहाँ SRH बदलाव कर सकती है, वह है मिडिल-ऑर्डर। हेनरिक क्लासेन और लियाम लिविंगस्टोन जैसे विदेशी सितारों के टीम की रीढ़ होने के कारण, टीम सही संतुलन बनाने के लिए भारतीय अनकैप्ड खिलाड़ियों को रोटेट करने पर विचार कर सकती है। मैच में बीच के ओवरों में स्थिरता और ज़ोरदार बल्लेबाजी सुनिश्चित करना बहुत जरूरी होगा, खासकर KKR की मजबूत गेंदबाजी के सामने। KKR vs SRH मैच के लिए हैदराबाद की संभावित XI दूसरी ओर, अजिंक्य रहाणे की कप्तानी वाली कोलकाता नाइट राइडर्स के सामने भी कुछ चिंताएँ हैं, खासकर कैमरून ग्रीन की गेंदबाजी फिटनेस को लेकर। वह अभी एक विशेषज्ञ बल्लेबाज के तौर पर खेल रहे हैं, जिससे रोवमैन पॉवेल को फिनिशर के तौर पर टीम में शामिल होने का मौका मिल सकता है। सनराइजर्स हैदराबाद संभावित प्लेइंग XI: ट्रैविस हेड, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (कप्तान और विकेटकीपर), हेनरिक क्लासेन, लियाम लिविंगस्टोन, नितीश कुमार रेड्डी, हर्षल पटेल, डेविड पायने/पैट कमिंस, जयदेव उनादकट, जीशान अंसारी, हर्ष दुबे।

दूरस्थ क्षेत्रों में अब सही समय में मिलेगी त्वरित चिकित्सा सहायता

रायपुर दूरस्थ क्षेत्रों में अब सही समय में मिलेगी त्वरित चिकित्सा सहायता राज्य सरकार प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की गई। इसी कड़ी में बलरामपुर जिला अस्पताल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम ने जिले को 9 नई एम्बुलेंस को वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें 08 बेसिक लाइफ सपोर्ट और 01 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस शामिल हैं। इस सौगात के साथ ही जिले में 108 एम्बुलेंस की समस्त सेवाएं अब जिले के सभी विकासखंडों और दूरस्थ ग्रामीण वनांचलों तक त्वरित आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएगी। मंत्री  रामविचार नेताम ने आयोेजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण एवं शीघ्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ये एम्बुलेंस केवल वाहन नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में जीवन बचाने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। मंत्री  नेताम ने बताया कि शासन का  उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाली माताओं, बहनों और बच्चों को आपातकालीन स्थिति में समय पर उपचार मिल सके। मरीजों को ‘‘गोल्डन ऑवर’’ में चिकित्सा सहायता मिलना जीवन रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है और यह पहल इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। बलरामपुर जिले के कलेक्टर  राजेंद्र कटारा ने बताया कि आपातकालीन सेवाओं को दुरुस्त रखने के लिए एम्बुलेंस संचालन एजेंसी के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। इससे सेवाओं की गुणवत्ता और प्रतिक्रिया समय में निरंतर सुधार होगा, जिससे जरूरतमंदों को त्वरित सहायता मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को समय पर एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में सतत प्रयास किए जाएंगे। जिले को मिली 9 नई एम्बुलेंस को विभिन्न विकासखंडों और स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यकतानुसार तैनात किया गया है, ताकि पूरे जिले को कवर किया जा सके। नई व्यवस्था के तहत जिला चिकित्सालय बलरामपुर को 2 और वाड्रफनगर को 2 एम्बुलेंस आवंटित की गई हैं। राजपुर, शंकरगढ़, कुसमी, रामानुजगंज और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सनावल में एक-एक एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई है। इस नई व्यवस्था से अब जिले के सुदूर ग्रामीण अंचलों में किसी भी स्वास्थ्य आपातकाल के समय मरीजों को त्वरित सहायता मिल सकेगी। इस कार्यक्रम अवसर पर पुलिस अधीक्षक  वैभव बेंकर, रेडक्रॉस सोसायटी अध्यक्ष  ओमप्रकाश जायसवाल, जनपद पंचायत अध्यक्ष सु सुमित्रा चेरवा, उपाध्यक्ष मती बबली देवी सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष  लोधी राम एक्का, उपाध्यक्ष  दिलीप सोनी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह, जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. शशांक गुप्ता सहित स्वास्थ्य विभाग के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

भूलकर भी किसी को न बताएं ये 3 बातें, चाणक्य नीति के अनुसार बढ़ सकती हैं आपकी मुश्किलें

आचार्य चाणक्य ने अपनी किताब चाणक्य नीति में समाज और परिवार में जीने के सलीके को बहुत बारीकी से बताया है. उन्होंने अपनी किताब  चाणक्य नीति में पैसे, सेहत, बिजनेस, दांपत्‍य जीवन, जीवन में सफलता से जुड़े कई चीजों के बारे में विस्तार से बताया है. मुश्किल समय में ये किताब हमेशा ही सही रास्ता दिखाती है. अपनी किताब में चाणक्य ने तीन ऐसी बातों के बारें में भी लिखा है, जिसके बारें में आप को किसी से बात नही करनी चाहिए: #3 व्यवसाय में हुए नुकसान के बारे में ना करें अगर आप को आपके बिजनेस में नुकसान हो रहा है तो इसका जिक्र आप को किसी और से नहीं करना चाहिए. अगर आप ऐसा करते हैं तो विरोधी आप को कमजोर समझेंगे और आपका ही नुकसान कर सकते हैं. इसके अलावा वो आप से भी दूरी भी बना सकते है. इसी वजह से आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि अपनी आर्थिक स्थिति का जिक्र किसी से नहीं करनी चाहिए. #2 आतंरिक कलह के बारें में ना करें किसी से बात आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि अगर आप की परिवार में लड़ाई जा रही है या फिर आप की पत्नी से बन नहीं रही है तो इस बात का जिक्र किसी और नहीं करना चाहिये. ऐसा करने से समाज में आप की छवि ख़राब होती है. लोग आपके दांपत्य जीवन का भी मजाक बनाते हैं,जिसका असर आप के रिश्तों पर भी पढ़ता है. #1 धोखे के बारें में ना करें बात आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि अगर आप को किसी से धोखा मिला है तो आप को इस बात का जिक्र नहीं करना चाहिए क्योंकि आप को लोग कमजोर और उदार समझ लेंगे और भविष में आप का ही नुकसान कर सकते हैं. 

‘लव लाइफ’ के नाम पर बड़ा फ्रॉड, फर्जी मैरिज ब्यूरो से लाखों की ठगी का खुलासा

 राजनांदगांव  एक अनाम शिकायत की जांच पर शहर के सृष्टि कॉलोनी में मैरिज ब्यूरो की आड़ में चल रहा अंतरराज्यीय ठगी का रैकेट फूटा है। इस मामले में बसंतपुर पुलिस ने एक महिला सहित दो मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पूरे प्रकरण में देश के कई राज्यों के युवकों और उनके परिवारों से कुल 38 लाख की ठगी किए जाने का राजफाश हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपित शादी के रिश्तों के लिए युवतियों की फर्जी प्रोफाइल तैयार कर ठगी कर रहे थे। कुल 2286 युवतियों की फोटो सहित फर्जी प्रोफाइल पुलिस को मिली है जिन्हें युवकों को भेजा जाता था। इसके बाद युवतियों से उनकी बातचीत भी कराई जाती थी, जिसके बाद रकम की ठगी होती थी। नेहा और धर्मेंद्र चला रहे थे लव लाइफ रिश्ते मैरिज ब्यूरो आईपीएस वैशाली जैन ने बताया कि आरोपित लेबर कॉलोनी निवासी नेहा पाठक (23) और कवर्धा के जंगलपुर निवासी धर्मेन्द्र मानिकपुरी (32) मिलकर ये रैकेट चला रहे थे। इनके अलावा भी और लोग इसमें शामिल हैं। उन्होंने बाकायदा 'लव लाइफ रिश्ते मैरिज ब्यूरो' के नाम पर कंपनी भी रजिस्टर्ड करवाई थी, जो कि दो सालों से संचालित की जा रही थी। इस मैरिज ब्यूरो में ठगी के संबंध में पिछले दिनों एक अनाम शिकायत मिली थी, जिस पर जांच शुरू की गई तब जाकर ये फर्जीवाड़ा सामने आया। पुलिस के मुताबिक इस मामले में और भी आरोपित हैं जिन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। रजिस्ट्रेशन और मीटिंग के नाम पर बेचते थे महंगे पैकेज पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपितों के कब्जे से सात स्मार्टफोन, 14 नग की-पैड मोबाइल और नौ रजिस्टर बरामद किए गए हैं, जिसमें युवकों की जानकारी और फर्जी प्रोफाइल का ब्यौरा दर्ज है। आरोपित युवतियों के फर्जी फोटो का इस्तेमाल करते थे। इसके रजिस्ट्रेशन, मीटिंग, परिवार से मुलाकात के नाम पर अलग-अलग पैकेज बेचे जाते थे। इनकी कीमत 30 हजार से लेकर 40 हजार तक थी। जब युवक या स्वजन भुगतान कर देते थे, ऐन मुलाकात से पहले बहाने बना दिए जाते थे। जांच में पुलिस को सात अलग-अलग स्मार्टफोन के व्हाट्सएप में ऐसी सैकड़ों चैट्स मिली हैं। इनके बैंक खातों की जांच में पिछले एक साल में 37 लाख 69 हजार के लेन-देन की जानकारी सामने आई है। हाईटेक तरीके से ऑपरेशन, भांडा फूटा तो बंद की वेबसाइट सीएसपी वैशाली जैन के मुताबिक आरोपित विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए कॉर्पोरेट सिम का इस्तेमाल कर रहे थे। कंपनी की एक वेबसाइट भी मौजूद है, जिसे भांडा फूटने के बाद 'अंडर मेंटेनेंस' पर डाल दिया गया है। आरोपित इंटरनेट मीडिया पर मैरिज ब्यूरो का विज्ञापन भी कर रहे थे, जिसके सहारे इनके पास कस्टमर आते रहे। सोशल मीडिया की सार्वजनिक फोटो का हो रहा गलत इस्तेमाल इंटरनेट मीडिया का युग आने के बाद से ही इसमें फोटो सार्वजनिक किए जाने से जुड़े जोखिमों को लेकर बहस होती रही है। इस मामले ने भी इसकी गंभीरता उजागर की है। फर्जी प्रोफाइल तैयार करने के लिए आरोपित इंटरनेट मीडिया से ही युवतियों के फोटो निकालकर उनका इस्तेमाल झांसा देने और ठगी के लिए कर रहे थे। इस घटना से सबक लेने और युवतियों को सोशल मीडिया में फोटो के इस्तेमाल के लिए सतर्क रहने की जरुरत है। एआई (AI) से भी इसका गलत इस्तेमाल संभव है।

इंदौर में नगर निगम और पुलिस करेंगी बेसमेंट पार्किंग खाली, चार जोन में ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन होगा

 इंदौर  शहर की प्रमुख इमारतों की बेसमेंट में पार्किंग के उपयोग की जगह पर व्यावसायिक उपयोग पर अब रोक लगाई जाएगी। नगर निगम बेसमेंट से दुकानों व गोदाम को खाली करवाएगा। बेसमेंट में पार्किंग के अलावा अन्य उपयोग पाए जाने पर भवन को सील किया जाएगा। पुलिस के साथ मिलकर नगर निगम की टीम आगामी दिनों में कार्रवाई शुरू करेगी। यह निर्णय सोमवार को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में हुआ। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि चार जोन में बांटे गए ई-रिक्शाओं के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा। वर्तमान में शहर में अभी तक तीन हजार ई-रिक्शाओं के रजिस्ट्रेशन हुए हैं और एक आकलन के मुताबिक फिलहाल शहर में 11 हजार ई-रिक्शा चल रहे हैं। ऐसे में जो ई-रिक्शा चालक रजिस्ट्रेशन नहीं करवाएंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। ई-रिक्शाओं को कलर कोड से रंगा जाएगा आठ एसीपी जोन के माध्यम से चार सेक्टर में बांटे गए ई-रिक्शाओं को उस क्षेत्र के विशेष कलर कोड से रंगा जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर पुलिस कार्रवाई भी करेगी। इसके अलावा इंदौर में निर्धारित 16 ब्लैक स्पाट पर आईडीए, एनएचएआई, एमपीआईडीसी और नगर निगम सहित अन्य एजेंसियों सुधार के लिए जल्द से जल्द काम करेगी। शहर के कई रहवासी व व्यावसायिक इलाकों से सड़कों में स्पीड ब्रेकर के लिए मांग के प्रस्ताव समिति के पास पहुंचे हैं। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस उस क्षेत्र का निरीक्षण कर वहां के ट्रैफिक स्थिति का आकलन कर स्पीड ब्रेकर निर्माण के लिए अनुमति देगी। बैठक में नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, एसपी ग्रामीण यांगचेन भूटिया, डीसीपी ट्रैफिक राजेश त्रिपाठी, अपर आयुक्त आकाश सिंह, स्मार्ट सिटी के सीईओ अर्थ जैन, अपर कलेक्टर रोशन राय सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। बसों के रूट में परिवर्तन किया गया बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और जनहानि को रोकना है। इसके लिए इंजीनियरिंग सुधारों के साथ-साथ सतत मानिटरिंग की जा रही है। संबंधित विभागों को दिए गए निर्देशों के पालन की नियमित समीक्षा भी की जा रही है तथा आवश्यकतानुसार कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि पूर्व में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को दिए गए निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ है, जिससे सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया राजवाड़ा क्षेत्र में सिटी बसों के खड़े होने से यातायात बाधित हो रहा था। इसलिए बसों के रूट में परिवर्तन किया गया है, जिससे ट्रैफिक में सुधार देखने को मिला है। हालांकि यात्रियों को हो रही असुविधा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। आठ मार्गों पर किया जा रहा सुधार यातायात व्यवस्था सुधार के लिए शहर के आठ प्रमुख मार्गों को चिन्हित किया गया है, जहां अतिक्रमण और अव्यवस्थित संरचना के कारण जाम की स्थिति बनती थी। इन मार्गों पर अतिक्रमण हटाने, लेफ्ट टर्न व्यवस्थित करने तथा विद्युत खंभों एवं डीपी शिफ्टिंग की कार्रवाई जारी है, जिससे यातायात सुगम बनाया जा सके। ट्रैफिक सुधार के लिए दिए गए ये निर्देश     सड़क किनारे खड़े वाहनों पर चालानी कार्रवाई होगी, वाहनों पर लाक लगाया जाएगा।     एयरपोर्ट के सामने बन रहे मेट्रो स्टेशन व बिजासन माता मंदिर के बीच रिक्त भूमि पर एयरपोर्ट टर्मिनल के सामने से सर्विस रोड बनाई जाएगी।     बायपास एवं अन्य प्रमुख मार्गों जहां पर दुर्घटनाएं संभावित रहती हैं उन क्षेत्रों के चिह्नित रहवासियों को सीपीआर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे आवश्यकता पड़ने पर वे पीड़ितों को तुरंत सीपीआर दे सकेंगे।     निर्माणाधीन पुल-पुलियाओं और सड़कों के वैकल्पिक मार्गों की मरम्मत जल्द की जाए।  

कोलकाता के मैदान पर ‘गदर’ मचाने को तैयार हैदराबाद, 278 रनों का पुराना जख्म और घरेलू मैदान पर KKR की चुनौती

कोलकाता गौरतलब है कि पिछले आईपीएल सीजन इन दोनों ही टीमों के बीच कुल दो मुकाबले खेले गए हैं जिसमें से एक कोलकाता नाइट राइडर्स और एक सनराइजर्स हैदराबाद ने जीतकर अपने नाम किया। बात करें अगर इनके बीच हुए आखिरी मुकाबले की तो वो दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में हुआ था जिसमें सनराइजर्स हैदराबाद की टीम ने 278 रनों का स्कोर डिफेंड करके कोलकाता को 110 रनों से धूल चटाई थी। इस मुकाबले में हेनरिक क्लासेन ने महज़ 39 गेंदों पर नाबाद 105 रनों की शतकीय पारी खेली थी। दिन – गुरुवार, 02 अप्रैल 2026 समय – 07:30 PM IST वेन्यू – ईडन गार्डन्स स्टेडियम, कोलकाता आईपीएल 2026 का छठा मुकाबला कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में खेला जाएगा जहां टॉस जीतने वाली टीम रन चेज़ करना थोड़ा ज्यादा पसंद करती है। इस मैदान पर खेले गए आखिरी पांच टी20 मैचों में से तीन रन चेज़ करने वाली टीमों ने जीते हैं। जान लें कि यहां टी20 में पहली इनिंग का औसत स्कोर लगभग 163 रन रहा है। KKR vs SRH Head To Head Record कुल – 30 कोलकाता नाइट राइडर्स – 20 सनराइजर्स हैदराबाद – 10 KKR vs SRH, IPL 2026: Where to Watch? आईपीएल 2026 के सभी मुकाबले भारतीय क्रिकेट फैंस टीवी पर स्टार स्पोर्ट्स और OTT प्लेटफॉर्म JioHotstar पर एन्जॉय कर सकते हैं।  Player to Watch Out For कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम से अजिंक्य रहाणे, अंगकृष रघुवंशी और वरुण चक्रवर्ती स्टार प्लेयर्स हो सकते हैं जिन पर सभी की निगाहें रहेंगी। वहीं बात करें अगर सनराइजर्स हैदराबाद टीम की तो ईशान किशन, हेनरिक क्लासेन और अभिषेक शर्मा अपने प्रदर्शन से कमाल कर सकते हैं। KKR vs SRH Probable Playing XI Kolkata Knight Riders Probable Playing XI: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), फिन एलन, कैमरून ग्रीन, अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), रिंकू सिंह, रमनदीप सिंह, अनुकूल रॉय, सुनील नारायण, वरुण चक्रवर्ती, वैभव अरोड़ा, ब्लेसिंग मुज़ारबानी। इम्पैक्ट प्लेयर: कार्तिक त्यागी। Sunrisers Hyderabad Probable Playing XI: ट्रेविस हेड, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (कप्तान और विकेटकीपर), नितीश कुमार रेड्डी, हेनरिक क्लासेन, सलिल अरोड़ा, अनिकेत वर्मा, हर्ष दुबे, हर्षल पटेल, जयदेव उनादकट, ईशान मलिंगा। इम्पैक्ट प्लेयर: डेविड पायने। KKR vs SRH Today's Match Prediction आईपीएल 2026 के छठे मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम जीत हासिल करने के लिए फेवरेट रहेगी।

3029 एलपीजी सिलेण्डर जब्त और 9 मामलों में एफआईआर की गई दर्ज

भोपाल  प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। भारत में कच्चे तेल (Crude Oil) का पर्याप्त भंडार उपलब्ध होने के कारण देश और प्रदेश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ कार्य कर रही हैं, जिससे पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। मध्यप्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी और सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई में किसी प्रकार की रुकावट नहीं है।  राजपूत ने अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा घबराहट में खरीदारी (पैनिक बाइंग) से बचें। कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक 2215 स्थानों पर जांच की गई है, जिसमें 3029 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 9 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा 544 पेट्रोल पंपों की जांच भी की गई, जिनमें 2 मामलों में प्रकरण दर्ज कर एफआईआर दर्ज की गई है। जिला आपूर्ति अधिकारियों और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों को पेट्रोल पंपों की नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं। घरेलू गैस उपभोक्ताओं द्वारा की गई बुकिंग के अनुरूप सिलेंडरों की आपूर्ति नियमित रूप से की जा रही है। वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को भी शासन द्वारा निर्धारित प्राथमिकता क्रम के अनुसार कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सतत आपूर्ति की जा रही है। उपभोक्ताओं की मांग को देखते हुए गैस बॉटलिंग प्लांट अतिरिक्त समय तक कार्य कर रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित प्लांट और वितरकों के स्टॉक की निरंतर समीक्षा की जा रही है। पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सुचारु प्रदेश में सभी ऑयल कंपनियों के पास पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। पेट्रोल पंपों पर किसी प्रकार की कमी नहीं है और कंपनियों के डिपो से नियमित रूप से आपूर्ति जारी है। बढ़ती मांग को देखते हुए ऑयल कंपनियों के डिपो को भी अधिक समय तक संचालित किया जा रहा है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य बनाए रखा जा सके। पीएनजी कनेक्शन विस्तार पर जोर सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) के अंतर्गत प्रदेश में कार्यरत 10 संस्थाओं को पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जहां घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं की मांग और शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में पीएनजी पाइपलाइन बिछ चुकी है, वहां आवासीय परिसर, स्कूल, हॉस्टल, कॉलेज, कम्युनिटी किचन और आंगनवाड़ी केंद्रों को आवेदन प्राप्त होने के पांच दिन के भीतर पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। पीएनजी कनेक्शन की प्रगति की निगरानी के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर, एडीएम, जिला आपूर्ति अधिकारी और संबंधित सीजीडी संस्थाओं के अधिकारी समीक्षा करेंगे। 

लोकसभा में गूंजा विदेशी फंडिंग का मुद्दा, सरकार और विपक्ष आमने-सामने

नई दिल्ली विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (एफसीआरए) का कांग्रेस, समाजवादी पार्टी एवं वामदलों ने विरोध किया। विपक्ष का कहना है कि एफसीआरए ईसाइयों, अल्पसंख्यकों और एनजीओ के खिलाफ है। जो एनजीओ भारत के लोगों के लिए अच्छा काम कर रहे हैं, उन्हें इस कानून के जरिए दंडित किया जा रहा है। सरकार पर गुमराह करने का लगाया आरोप विपक्षी दलों के भारी विरोध के चलते यह बिल लोकसभा में पेश नहीं किया जा सका। संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजीजू ने कहा कि विधेयक का उद्देश्य केवल राष्ट्रीय सुरक्षा है। फिलहाल विधेयक टल गया है, लेकिन विवाद बरकरार है। स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि विपक्षी सांसद जिस विधेयक की बात कर रहे हैं, जब वह आएगा, तब विरोध कर सकते हैं। आमने-सामने सरकार और विपक्ष विदेशी चंदे से संबंधित विधेयक पर केंद्र सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। लोकसभा में बुधवार को भारी हंगामे और विरोध के कारण सरकार को फिलहाल इस विधेयक को पेश करने से पीछे हटना पड़ा। सरकार इसे पारदर्शिता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ रही है, जबकि विपक्ष इसे एनजीओ और नागरिक समाज पर सख्त नियंत्रण की कोशिश बता रहा है। सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और वाम दलों के सांसदों ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (एफसीआरए) का जोरदार विरोध शुरू कर दिया। कई सांसद नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। इसके पहले संसद परिसर में भी विपक्ष ने बैनर लेकर प्रदर्शन किया। हंगामे के चलते कार्यवाही पांच मिनट में ही स्थगित करनी पड़ी। हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि विधेयक सूची में होने के बावजूद उसे चर्चा के लिए नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह विधेयक किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं है। इसका उद्देश्य राष्ट्र हित की रक्षा और विदेशी फंड का दुरुपयोग रोकना है। यदि विदेशी धन का उपयोग विरोध प्रदर्शनों, गलत सूचना या अवैध गतिविधियों में होता है तो उसे नियंत्रित करना जरूरी है। सरकार ने यह भी कहा कि यह किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं है।विवाद का सबसे बड़ा कारण विधेयक का वह प्रविधान है, जिसमें एफसीआरए का पंजीकरण खत्म होने पर एनजीओ की विदेशी फंडिंग से बनी संपत्तियां सरकार द्वारा नियुक्त प्राधिकरण के नियंत्रण में चली जाएंगी। यह स्थिति रद्द, नवीनीकरण न होने या सरेंडर के हालात में भी लागू होगी। कांग्रेस के मनीष तिवारी ने इसे अंसवैधानिक बताया और कहा कि इस कानून से एनजीओ की संपत्तियों पर सरकार का कब्जा हो जाएगा। सरकार इन संपत्तियों को अपने विभागों को सौंप सकती है या बेच सकती है। विपक्ष का कहना है कि विधेयक में कई अन्य बड़े बदलाव भी प्रस्तावित हैं। विदेशी फंड प्राप्त करने वाली संस्था अब उस धन को दूसरी संस्था को ट्रांसफर नहीं कर सकेगी। प्रशासनिक खर्च की सीमा 50 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत कर दी गई है। सभी पदाधिकारियों के लिए आधार अनिवार्य होगा। विदेशी चंदा लेने के लिए सिर्फ एसबीआई की नई दिल्ली शाखा में खाता खोलना होगा। लोकसभा में सांसद डिंपल यादव एवं राज्यसभा में पार्टी नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि इससे छोटे और जमीनी स्तर के संगठन प्रभावित होंगे। फंड ट्रांसफर पर रोक से ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे प्रोजेक्ट ठप पड़ सकते हैं। प्रशासनिक खर्च की सीमा घटने से संस्थाएं योग्य कर्मचारियों को नहीं रख पाएंगी। लोक सेवकों को विदेशी फंड लेने पर पूर्ण प्रतिबंध और लोक सेवक की परिभाषा भी विवाद का कारण बनी है। विपक्ष का आरोप है कि इससे शोधकर्ता और सलाहकार भी प्रभावित हो सकते हैं। केरल में चुनावी माहौल के बीच यह मुद्दा और गरमा गया है, जहां विपक्ष ने इसे चर्च और सामाजिक संस्थाओं को निशाना बनाने की भाजपा की कोशिश बताया है।  

जनगणना अपडेट: रायपुर जिले में आज से मैपिंग, 5700 कर्मचारी करेंगे सर्वे

रायपुर. आगामी राष्ट्रीय जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार जनगणना कई मायनों में अलग होगी, क्योंकि पहली बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल मॉडल पर आधारित होगी। सभी प्रकार का डेटा मोबाइल एप के माध्यम से जुटाया जाएगा और नागरिकों की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी। लोगों को खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन भरने का विकल्प भी दिया जाएगा। जिले में जनगणना का काम शुरू हुआ। इसके लिए पहले जिले की ऑनलाइन मैपिंग की जाएगी। सभी एरिया को कोर सेक्टरों में बांटा जाएगा। कोर सेक्टरों के अनुसार ही पहले घरों की गणना की जाएगी। 1 मई से इसी लिस्ट को लेकर जनगणना में लगे कर्मचारी लोगों के घरों में जाएंगे। इसके बाद 16 अप्रैल से जनगणना की वेबसाइट se.census.gov.in में ऑनलाइन जानकारी अपलोड कर सकते हैं। जानकारी का सत्यापन कर्मचारी 1 मई से घरों में आकर करेंगे। छत्तीसगढ़ में जनगणना के पहले चरण में हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग का काम शुरू किया जाएगा। इसके तहत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का काम शुरू किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से दो बड़े काम होंगे। छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए 16 अप्रैल से ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल एप खुलेगा। इसके बाद लोग खुद अपनी और अपने घर की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर भर सकेंगे। इसके लिए ओटीपी आधारित वेरिफिकेशन भी होगा। जनगणना दो चरणों में होगी। पहले चरण में मई महीने से मकान सूचीकरण का काम शुरू होगा। इसमें भवन, उसमें मौजूद मकानों की संख्या और उनका उपयोग- आवासीय या कार्यालय- की जानकारी दर्ज की जाएगी। प्रत्येक 180 से 200 भवनों पर एक प्रगणक नियुक्त किया जाएगा। प्रगणक घरों की संख्या, आवास की स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं से जुड़ी जानकारी एकत्र करेगा। साथ ही सामान्य परिवार, संस्थागत परिवार और बेघर परिवारों की भी गणना की जाएगी। इसी को देखते हुए नगर निगम ने अभी से शहर में मकानों की नंबरिंग शुरू कर दी है। जनगणना से पहले ट्रेनिंग राजधानी में जिन लोगों की ड्यूटी जनगणना करने में लगाई गई है उन्हें प्रशिक्षित करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। कलेक्टोरेट के रेडक्रॉस सभाकक्ष में जनगणना 2027 के पहले चरण में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार बिश्वरंजन ने इस मौके पर अफसर-कर्मचारियों से बात भी की। ट्रेनिंग लेने वालों को जनगणना की प्रक्रिया, सर्वेक्षण का तरीका, डेटा संकलन और दायित्वों की जानकारी विस्तार से दी जा रही है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर कलेक्टर मनीष मिश्रा, सभी एसडीएम, निगम के सभी जोन कमिश्नर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सीएमओ सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। इस तरह के सवाल पूछे जाएंगे जनगणना के दौरान लोगों से करीब 33 सवाल पूछे जाएंगे। लोगों को बताना होगा कि उनके मकान की छत, फर्श, दीवार में किस सामग्री से बनी है, रेडियो, टीवी और इंटरनेट जैसी सुविधाएं हैं या नहीं, घर में कितने लोग रहते हैं, कौन-कौन सी गाड़ियों का उपयोग करते हैं, बिजली-पानी की सुविधा है या नहीं, किचन में खाना बनाने के लिए क्या यूज करते हैं, लैपटॉप, कंप्यूटर, मोबाइल, स्मार्टफोन क्या चलाते हैं इस तरह के सवाल रहेंगे। इसके अलावा घरों में रहने वाले विवाहित जोड़ों के नाम और मोबाइल नंबर भी नोट किए जाएंगे। आम लोगों से ली गई यह जानकारी पूरी तरह से गोपनीय रहेगी। अफसरों के अनुसार पहली बार डिजिटल गणना की जा रही है। इसलिए जनगणना करने वालों के पास इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स भी होंगे। घट-बढ़ सकती है प्रगणकों की संख्या – रायपुर जिले में 5700 प्रगणक और सुपरवाइजर की आवश्यकता हो सकती है। हालांकि इनकी संख्या बढ़ या घट भी सकती है। हालांकि पूरे जिले के लिए 30 चार्ज ऑफिसर जनगणना के लिए नियुक्त होंगे। इस बार जनगणना एप के माध्यम से होगी और इसमें दी गई सभी जानकारियां पूरी तरह से गोपनीय रहेंगी। इस डाटा का उ‌पयोग केंद्र सरकार अपनी योजनाओं को बनाने के लिए करेगी। इसलिए हर नागरिक अपनी सही जानकारी दें, ताकि देशवासियों के लिए सही योजना बन सके। – मनीष मिश्रा, अपर कलेक्टर, जिला नोडल अधिकारी जनगणना 2027 की तैयारी: निगम ने शुरू किया मकानों की नंबरिंग 2027 में होने वाले जनगणना के लिए राजधानी में निगम ने पहले चरण की प्रक्रिया के लिए तैयारी शुरू कर दी है। जनगणना निदेशालय के निर्देश पर निगम की जोन क्रं. 3 की टीम ने वार्ड क्रं. 30 शंकर नगर क्षेत्र के मकानों की नंबरिंग कार्य शुरू कर दिया है। इसमें मकान के दीवारों पर पेंट से वार्ड और मकान संख्या लिखा जा रहा है, ताकी आगामी मकानों की सूचीकरण कार्य आसानी से किया जा सके। जल्द ही अन्य वार्डों में भी मकान की नंबरिंग का कार्य जोन टीम द्वारा शुरू किया जाएगा।