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आयुक्त भोंडवे का निर्देश: विभागीय समन्वय और समयबद्ध कार्ययोजना के तहत करें कार्य

विभागीय समन्वय और समयबद्ध कार्ययोजना के साथ कार्य करें : आयुक्त भोंडवे बेतवा नदी के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए में उच्च स्तरीय बैठक हुई भोपाल बेतवा नदी के पावन जल को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाए रखने के पुनीत उद्देश्य से गुरुवार को पालिका भवन में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य ध्येय नदी के पारिस्थितिक तंत्र को पुनर्जीवित करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार के प्रयासों को सूत्रबद्ध करना था। विभागीय समन्वय से सिद्ध होगा संकल्प नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि बेतवा का पुनर्जीवन केवल एक प्रशासनिक लक्ष्य नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि नदी के संरक्षण के लिये एक समेकित कार्ययोजना तैयार की जाए, जिसमें जल संसाधन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की भूमिका स्पष्ट और समन्वित हो। आयुक्त भोंडवे ने इस बात पर विशेष बल दिया कि योजनाओं का क्रियान्वयन केवल कागजों तक सीमित न रहकर धरातल पर दिखाई देना चाहिए, जिसके लिए वे स्वयं समय-समय पर कार्यों की समीक्षा करेंगे। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन का सहयोग बैठक जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के सहयोग से आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के कार्यकारी निदेशक (परियोजना) बृजेन्द्र स्वरूप विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने नदी संरक्षण के विविध तकनीकी आयामों और वैश्विक मानकों पर प्रकाश डालते हुए केंद्र की ओर से हर संभव तकनीकी और वित्तीय सहयोग का आश्वासन दिया। प्रदूषण मुक्ति और जल संवर्धन पर गहन विमर्श बेतवा नदी में मिल रहे अपशिष्टों को रोकने के लिए आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की स्थापना, जल भराव क्षेत्रों का संरक्षण और तटवर्ती क्षेत्रों में वृक्षारोपण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चिंतन-मनन किया गया। आयुक्त भोंडवे ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अपशिष्ट प्रबंधन के लिए नगरीय निकायों को और अधिक उत्तरदायी बनाया जाएगा। बैठक में जल संसाधन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वन विभाग और मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संबंधित नगरीय निकायों के प्रतिनिधियों उपस्थित रहें।  

मध्य प्रदेश में 12 लाख कर्मचारियों को राहत, DA में 3% की बढ़ोतरी, मई में मिलेगी बढ़ी हुई सैलरी

भोपाल  अप्रैल की शुरुआत मध्य प्रदेश के 12 लाख कर्मचारियों के लिए खुशखबरी लेकर आई है। प्रदेश सरकार के वित्त विभाग ने प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए 3 फीसदी महंगाई भत्ता और राहत भत्ता बढ़ाने को लेकर आदेश जारी कर दिया है। आगे अब एरियर 6 किस्तों में मिलेगा, 4200 रुपए तक सैलरी में बढ़ोतरी होगी, बढ़ी हुई राशि अप्रेल की सैलरी में जोड़कर मई में दी जाएगी। सरकार ने पेंशनरों को भी बड़ी सौगात दी है, उनकी मंहगाई राहत 58% और 257% तक बढ़ गई है। जारी आदेश के अनुसार सातवें वेतनमान के अंतर्गत कर्मचारियों को मिलने वाला महंगाई भत्ता अब दिनांक एक जुलाई 2025 से (भुगतान माह अगस्त 2025 से) 55 प्रतिशत से 3 प्रतिशत बढ़ाकर 58 प्रतिशत कर दिया गया है। महंगाई भत्ता अब 58 प्रतिशत होगा वित्त विभाग के परिपत्र के अनुसार यह बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता 1 जुलाई 2025 से कुल 58 प्रतिशत देय माना जाएगा। सरकार द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि 3 प्रतिशत की इस वृद्धि के बाद कर्मचारियों का कुल महंगाई भत्ता अब 58 प्रतिशत हो जाएगा। यह निर्णय राज्य के लाखों कर्मचारियों के लिए आर्थिक राहत लेकर आएगा। 6 किश्तों में होगा एरियर का भुगतान वित्त विभाग ने शासकीय सेवकों को महंगाई भत्ते में हुई वृद्धि का लाभ एक जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 तक की एरियर राशि का भुगतान 6 समान किश्तों में दिया जाएगा। इन किश्तों का भुगतान मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026 में किया जाएगा। सेवानिवृत्त और दिवंगत कर्मचारियों के लिए विशेष प्रावधान वित्त विभाग ने जारी आदेश में स्पष्ट किया है कि जो कर्मचारी 1 जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच सेवानिवृत्त हो चुके हैं या जिनका निधन हो गया है, उन्हें अथवा उनके नामांकित सदस्य को एरियर की पूरी राशि एकमुश्त प्रदान की जाएगी। भुगतान संबंधी अन्य निर्देश महंगाई भत्ते की गणना में 50 पैसे या उससे अधिक राशि को अगले पूर्ण रुपए में जोड़ा जाएगा। जबकि 50 पैसे से कम राशि को छोड़ दिया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि महंगाई भत्ते का कोई भी हिस्सा किसी अन्य प्रयोजन के लिए वेतन का भाग नहीं माना जाएगा। सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि महंगाई भत्ते के भुगतान पर होने वाला व्यय संबंधित विभाग के स्वीकृत बजट प्रावधान के भीतर ही सुनिश्चित किया जाए।

योगी सरकार के 9 वर्षों में विकास के पहिए ने पकड़ी रफ्तार, तराई के 1500 गांवों में फैला दूध का कारोबार

तराई में आई श्वेतक्रांति से 51 हजार महिलाएं बनीं उद्यमी योगी सरकार के 9 वर्षों में विकास के पहिए ने पकड़ी रफ्तार, तराई के 1500 गांवों में फैला दूध का कारोबार हर महीने 03, 13 और 23 तारीख को आता है सभी के खाते में पैसा तराई के छह जिलों में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं बना रहीं रिकॉर्ड एक लाख लीटर से ज्यादा प्रतिदिन की बिक्री से महिलाओं ने किया सवा दो सौ करोड़ से ज्यादा का कारोबार लखनऊ  उत्तर प्रदेश के तराई और आसपास के क्षेत्र अब महिला सशक्तीकरण और आर्थिक क्रांति का नया केंद्र बन चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आई श्वेतक्रांति ने बरेली, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, शाहजहांपुर, सीतापुर और रामपुर जैसे जिलों की दिशा और दशा बदल दी है। यहां 1500 गांवों में फैले दुग्ध व्यवसाय के जरिए 51 हजार महिलाएं उद्यमी बनकर आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं। इन सभी महिलाओं के खाते में हर महीने 03, 13 और 23 तारीख को पैसा आ जाता है। सृजनी एमपीसीएल के नेतृत्व में तराई के इन जिलों में अब हर सुबह दूध संग्रहण किया जाता है, जहां महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उत्पादन से लेकर संग्रहण और विपणन तक की पूरी जिम्मेदारी संभाल रहीं हैं। परिणामस्वरूप क्षेत्र में प्रतिदिन एक लाख लीटर से अधिक दूध का कारोबार हो रहा है और अब तक महिलाएं सवा दो सौ करोड़ रुपये से ज्यादा का व्यवसाय कर चुकीं हैं। जो क्षेत्र पहले विकास की दौड़ में पिछड़े माने जाते थे, वहीं योगी सरकार के कार्यकाल में अब महिलाओं की मेहनत से नई आर्थिक पहचान बन रही है और गांव-गांव में रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। गांव की अर्थव्यवस्था की प्रमुख संचालक बन रहीं महिलाएं इस परिवर्तन के पीछे उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिसने महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने का काम किया। इसी का परिणाम है कि महिलाएं अब केवल सहयोगी नहीं, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था की प्रमुख संचालक बन गईं हैं। छह हजार से अधिक गांवों में सक्सेज मॉडल  प्रदेश स्तर पर भी यह बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश आज दुग्ध उत्पादन में देश में अग्रणी बन चुका है, जहां ग्रामीण महिलाएं प्रतिदिन लगभग 10 लाख लीटर दूध का संग्रहण कर रहीं हैं। 31 जिलों में महिलाओं ने पांच हजार करोड़ रुपये का कारोबार किया है और छह हजार से अधिक गांवों में इस मॉडल ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। तराई की यह श्वेतक्रांति केवल आर्थिक उन्नति की कहानी नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का भी सशक्त उदाहरण है। महिलाएं अब आत्मनिर्भर बनकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति दे रही हैं।

अभ्युदय योजना: यूपीपीसीएस चयनित अभ्यर्थियों ने योगी सरकार की सराहना की, बनी सफलता की सीढ़ी

अभ्युदय योजना बनी सफलता की सीढ़ी, यूपीपीसीएस चयनित अभ्यर्थियों ने योगी सरकार की सराहना की डीएसपी से नायब तहसीलदार तक चयनित युवाओं ने कहा – मुफ्त कोचिंग और गाइडेंस से मिली बड़ी मदद रायबरेली के हर्ष सिंह को मिली 7वीं रैंक, बोले- इंटरव्यू तक अभ्युदय से मिला मार्गदर्शन नमन तिवारी ने कहा- सिलेबस समझने से लेकर रणनीति तक हर स्तर पर मिली मदद आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए वरदान बनी योजना, विजेंद्र सिंह ने बताई उपयोगिता लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना एक बार फिर युवाओं की सफलता की मजबूत आधारशिला बनकर उभरी है। यूपीपीसीएस 2024 के परिणाम में चयनित अभ्यर्थियों ने इस योजना को अपनी सफलता का अहम कारण बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना की है। चयनित अभ्यर्थियों ने एक स्वर में कहा कि योगी सरकार की यह पहल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर प्रदान कर रही है, बल्कि प्रदेश के युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का मंच भी दे रही है। रायबरेली के हर्ष सिंह, जिन्हें यूपीपीसीएस 2024 में 7वीं रैंक प्राप्त हुई है और डिप्टी एसपी पद पर चयन हुआ है, ने बताया कि अभ्युदय योजना से जुड़कर उन्हें तैयारी के हर चरण में मार्गदर्शन मिला। उन्होंने कहा कि मुख्य परीक्षा के बाद इंटरव्यू की तैयारी में भी इस योजना की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। हर्ष सिंह ने इसे युवाओं के लिए एक “महत्वाकांक्षी और परिवर्तनकारी योजना” बताते हुए कहा कि इससे प्रतिभाशाली युवाओं को अपने लक्ष्य तक पहुंचने का अवसर मिलता है। वहीं, उन्नाव के नमन तिवारी, जिनका चयन नायब तहसीलदार पद पर हुआ है, ने कहा कि अभ्युदय योजना ने परीक्षा के पैटर्न को समझने और रणनीति बनाने में उनकी काफी मदद की। उन्होंने बताया कि कई बार सिलेबस और विषयों को समझने में कठिनाई होती थी, लेकिन योजना के तहत उपलब्ध फैकल्टी और मार्गदर्शन ने इन चुनौतियों को आसान बना दिया। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि यह योजना उन छात्रों के लिए बेहद उपयोगी है, जो महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकते। अमरोहा के विजेंद्र सिंह, जिन्हें 741वीं रैंक प्राप्त हुई है, ने भी इस योजना को आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए वरदान बताया। उन्होंने कहा कि अभ्युदय योजना के तहत न केवल कोचिंग, बल्कि आवासीय सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे छात्रों को बेहतर तैयारी का माहौल मिलता है।

सीएम योगी ने पद्म पुरस्कार विजेताओं और आकाशवाणी के वरिष्ठ लोक सेवा प्रसारकों को किया सम्मानित

सीएम योगी ने पद्म पुरस्कार से सम्मानित विभूतियों और आकाशवाणी के वरिष्ठ लोक सेवा प्रसारकों को किया सम्मानित लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आकाशवाणी लखनऊ के 89वें स्थापना दिवस पर अनेक विभूतियों को सम्मानित किया। इन विभूतियों ने पद्म पुरस्कार से सम्मानित होकर उत्तर प्रदेश का नाम गौरवान्वित किया है। वहीं आकाशवाणी की सफलता में ‘नींव के पत्थर’ रहे वरिष्ठ लोकसेवा प्रसारकों को भी सम्मानित किया गया। सीएम योगी ने कहा कि सम्मान पाने वाले लोगों का योगदान खुद के लिए नहीं, बल्कि देश-प्रदेश और विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने के लिए है। सीएम ने कहा कि नींव के पत्थरों को ढूंढना व सम्मानित करना गौरव का क्षण होता है। मुख्यमंत्री ने पद्म पुरस्कार पाने वाली विभूतियों का किया सम्मान मुख्यमंत्री ने पद्म पुरस्कार प्राप्त विभूतियों को सम्मानित किया। सीएम के हाथों मंच पर साहित्यकार विद्या बिंदु सिंह, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पं. हदय नारायण दीक्षित (उनके पुत्रों अरुण दीक्षित व दिलीप दीक्षित ने ग्रहण किया), प्रो. सोनिया नित्यानंद (कुलपति केजीएमयू), मालिनी अवस्थी (लोकगायिका), अरुणिमा सिन्हा (दिव्यांग पर्वतारोही), डॉ. अनिल रस्तोगी (रंगमंच), रामशरण वर्मा (प्रगतिशील किसान), डॉ. सुनील प्रधान (चिकित्सक), डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. केके ठकराल, प्रो. नवजीवन रस्तोगी, प्रो. शादाब मोहम्मद, सुधा सिंह (खेल), एसएस सरकार (पुरस्कार प्रमोद मिश्र ने प्राप्त किया) को सम्मान मिला।  आकाशवाणी के वरिष्ठ लोक सेवा प्रसारकों को भी किया सम्मानित  सीएम योगी ने आकाशवाणी केंद्रों को ऊंचाई देने वाले वरिष्ठ लोक सेवा प्रसारकों को भी सम्मानित किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों सुशील राबर्ट बनर्जी, सतीश कुमार ग्रोवर, यज्ञदेव पंडित, विजय कुमार बनर्जी, रज्जन लाल, नवनीत मिश्र, भोलानाथ, केवल कुमार को सम्मान मिला।

वी विन कंपनी के कर्मचारियों की मांगों पर यूपीडेस्को ने की त्वरित कार्रवाई

वी विन कंपनी के कर्मचारियों की मांगों पर यूपीडेस्को की कार्रवाई एजेंसी को भेजा नोटिस, वेतन व अन्य सुविधाएं तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश लखनऊ  वी विन प्रा. लिमिटेड कंपनी के कर्मचारियों की मांगों पर उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट सिस्टम्स कॉरपोरेसन लिमिटेड (यूपीडेस्को) ने तत्काल कार्रवाई की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए यूपीडेस्को की एमडी नेहा जैन द्वारा कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यूपीडेस्को ने कर्मचारियों का वेतन एवं अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश भी दिए हैं। नोटिस में एजेंसी से स्पष्ट कहा गया है कि सीएम हेल्पलाइन 1076 एक अत्यंत महत्वपूर्ण जनसेवा परियोजना है, जिसमें किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार्य नहीं है। इसके संचालन में किसी भी प्रकार की चूक गंभीर लापरवाही मानी जाएगी। यूपीडेस्को ने एजेंसी को निर्देशित किया है कि वह तत्काल कर्मचारियों का वेतन व अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करे और हेल्पलाइन की सेवाओं को पूर्ण क्षमता के साथ संचालित करे। इस संबंध में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी से पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। “इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है। इस संबंध में कॉल सेंटर एजेंसी वी विन प्रा. लिमिटेड को भेजे गए नोटिस में यूपीडेस्को ने सीएम हेल्पलाइन 1076 के कर्मचारियों को निर्धारित वेतन व अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर एजेंसी के खिलाफ आवश्यक कठोर कार्रवाई की जाएगी।” –    नेहा जैन, एमडी, यूपीडेस्को

वाराणसी में आज से शुरू होगा ‘सम्राट विक्रमादित्य’ महानाट्य, दर्शकों का इंतजार खत्म

वाराणसी में आज से प्रारंभ होगा 'सम्राट विक्रमादित्य' महानाट्य  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय संस्कृति-पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत व मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे शुभारंभ धर्म व अध्यात्म की नगरी काशी में 3 से 5 अप्रैल तक होगा मंचन, बाबा विश्वनाथ को समर्पित होगी विक्रमादित्य वैदिक घड़ी  शनिवार को बाबा विश्वनाथ व काशी कोतवाल काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे मुख्यमंत्री वाराणसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचेंगे। सीएम योगी, केंद्रीय पर्यटन-संस्कृति मंत्री गजेंद्र शेखावत व मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ बीएलडब्ल्यू में सम्राट विक्रमादित्य  की जीवनी पर आधारित महानाट्य का शुभारंभ करेंगे। 3 से 5 अप्रैल तक मंचन वाले इस महानाट्य का उद्देश्य देश के गौरवशाली इतिहास, विक्रम संवत की वैज्ञानिकता और उस युग के अनुपम योगदान से जनमानस को परिचित कराना है। बाबा विश्वनाथ को समर्पित होगी वैदिक घड़ी  भारतीय काल गणना की समृद्ध विरासत को पुनर्जीवित करने के इस प्रयास के अंतर्गत वाराणसी में सर्वप्रथम बाबा विश्वनाथ को वैदिक घड़ी समर्पित की जाएगी। इस घड़ी की विशेषता न केवल इसकी पारंपरिक गणना पद्धति है, बल्कि इसका डिजिटल विस्तार भी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार शाम करीब 5.30 बजे वाराणसी पहुंचेंगे। शाम करीब 7 बजे वह बीएलडब्ल्यू ग्राउंड पर इस महानाट्य को देखेंगे। इसके आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 4 अप्रैल (शनिवार) की सुबह काशी कोतवाल बाबा कालभैरव और बाबा विश्वनाथ के दर्शन भी करेंगे।  3 से 5 अप्रैल तक होगा मंचन  वाराणसी के बीएलडब्ल्यू मैदान में 3 से 5 अप्रैल तक भारत के स्वाभिमान और विकास की गाथा का भव्य उत्सव मनाया जाएगा। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में महानाट्य 'सम्राट विक्रमादित्य' का ऐतिहासिक मंचन किया जाएगा। आयोजन स्थल पर विभिन्न ज्ञानवर्धक प्रदर्शनियां भी लगाई जा रही हैं। सम्राट विक्रमादित्य आधारित महानाट्य की प्रस्तुति लगभग 1.45 घंटे की होगी। मंच पर 175 से अधिक कलाकार और सहयोगी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

मुख्यमंत्री का बयान: आकाशवाणी समाज को जोड़ने और भारत की आस्था का सम्मान करने का सबसे प्रभावी माध्यम

समाज को जोड़ने और भारत की आस्था को सम्मान देने का माध्यम बना था आकाशवाणीः मुख्यमंत्री आकाशवाणी लखनऊ के 89वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीएम योगी ने पद्म पुरस्कार से सम्मानित विभूतियों और आकाशवाणी के वरिष्ठ लोक सेवा प्रसारकों को किया सम्मानित  अनेक आंदोलनों का भी साक्षी रहा है आकाशवाणीः सीएम योगी  सीएम ने सुनाए स्कूल के किस्से, कहा- हमें बताया जाता था कि भाषा शुद्ध करनी हो तो आकाशवाणी सुनें लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ आकाशवाणी की 88 वर्ष की यात्रा को शानदार बताया है। उन्होंने कहा कि हमारे बचपन में स्मार्टफोन-टेलीविजन नहीं थे। लैंडलाइन फोन भी एकाध ही थे, उस समय सबसे पहली आवाज आकाशवाणी की सुनी थी। सुबह आकाशवाणी का कार्यक्रम भरत चले चित्रकूट धुन से प्रारंभ होता था। हम लोगों ने बचपन में सुना और देखा कि आकाशवाणी समाज को जोड़ने और भारत की आस्था को सम्मान देने का माध्यम बना। समाचार पत्रों की हेडलाइंस भी अलग-अलग समय में चलने वाले बुलेटिनों के माध्यम से पता चलती थी। उसमें भाषा की शुद्धता, समाचार की गुणवत्ता और सच्चाई भी झलकती थी। कहीं भी पीत पत्रकारिता नजर नहीं आती थी। जो जैसा है, वैसा प्रस्तुत करने का साहस था।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को आकाशवाणी लखनऊ के 89वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम योगी ने पद्म पुरस्कार से सम्मानित विभूतियों और आकाशवाणी के वरिष्ठ लोक सेवा प्रसारकों को भी सम्मानित किया। इस दौरान आकाशवाणी लखनऊ की यात्रा पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई। विभिन्न बोलियों के जरिये लोगों को जोड़ने का माध्यम बना आकाशवाणी  सीएम योगी ने कहा कि उस समय आकाशवाणी के मुख्य केंद्र लखनऊ के साथ ही नजीमाबाद और गोरखपुर केंद्र से समाचार सुनने को मिलते थे। आकाशवाणी ने हिंदी की उप भाषाओं तथा भोजपुरी, अवधी, गढ़वाली, कुमाऊंनी समेत अलग-अलग बोलियों के जरिये स्थानीय लोगों को जोड़ने का एक माध्यम बनाया। आकाशवाणी केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि ज्ञानवर्धन, आस्था का सम्मान व स्थानीय लोकभाषाओं-लोककलाओं के लिए सशक्त मंच भी था।  जहां कोई नहीं पहुंच पाता था, वहां पहुंचता था आकाशवाणी सीएम योगी ने कहा कि गांव हो या शहर, जहां पहले कोई नहीं पहुंच पाता था, वहां आकाशवाणी पहुंच जाता था। 1924 में कांग्रेस के अधिवेशन में मो. अली जौहर ने वंदे मातरम का विऱोध किया था। 1937 में कांग्रेस ने तय किया कि इसके पहले दो छंद गाए जाने चाहिए। 1938 से आकाशवाणी लखनऊ में वंदे मातरम का गायन हो रहा है। आकाशवाणी देश की आजादी की लड़ाई को आगे बढ़ाने का मंच भी बना था। इसके साथ ही कला-साहित्य, कृषि, युवा, हस्तशिल्प समेत अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी विभूतियों के लिए व्यापक शोध किए जाते थे। उनकी बोली के अनुरूप कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते थे। किसान रेडियो पर ‘किसान दर्शन’ कार्यक्रम सुनते थे। प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ की भी चर्चा सीएम योगी ने कहा कि आज हम लोग आकाशवाणी पर प्रधानमंत्री जी के ‘मन की बात’ सुनते हैं। यह कार्यक्रम 3 अक्टूबर 2014 से प्रारंभ हुआ। अब तक इसके 132 एपिसोड हो चुके हैं। देश के अलग-अलग क्षेत्रों में क्या विशिष्ट हो रहा है। विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने और समाज के लिए हम क्या विशिष्ट योगदान दे सकते हैं। इन सभी को ध्यान में रखकर पीएम मोदी के ‘मन की बात’ में देश प्रथम का भाव प्रदर्शित होता है। देश के लिए योगदान करने वाले लोगों की सराहना, उनकी उपलब्धियों के बारे में प्रधानमंत्री के मुख से सुनना बड़ा सम्मान है। पीएम मोदी हर बार ‘मन की बात’ में पांच-सात दृष्टांत प्रस्तुत करते हैं, जो हर भारतीय के लिए प्रेरणा है। जनविश्वास का सशक्त माध्यम बना था आकाशवाणी  सीएम योगी ने कहा कि जब स्मार्टफोन, टेलीविजन, लैंडलाइन फोन की इतनी व्यवस्था नहीं थी,  तब देश-दुनिया को जानने का माध्यम आकाशवाणी ही था। जहां सड़क-पगडंडी भी नहीं थी, वहां आकाशवाणी पहुंच चुका था। इसके कार्यक्रम लोगों को प्रेरित करते थे। आकाशवाणी ने लोकवाद्यों को भी प्रोत्साहित किया। जिन्होंने सड़क नहीं देखी, वे लोग भी अपने लोकवाद्य के साथ आकाशवाणी जाकर उसका वादन करते थे, तब देश को इन वाद्यों के बारे में जानकारी मिल पाती थी। आकाशवाणी किसानों, खिलाड़ियों के लिए प्लेटफॉर्म बना। आज हमारे पास जानकारी लेने के अनेक साधन हैं, लेकिन उस समय ऐसा कुछ भी नहीं था। हमने आकाशवाणी को आवाज से आगे बढ़कर जनविश्वास के प्रतीक के रूप में पीढ़ी दर पीढ़ी बढ़ते देखा है। योगी ने विश्वास जताया- नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ेगा आकाशवाणी  सीएम ने इसके वर्तमान स्वरूप पर भी अपनी बातें रखीं। कहा कि 88 वर्ष पश्चात यह चिंतन की आवश्यकता है कि समय के अनुरूप हम अपने आप को कितना तैयार कर पाए हैं और आज के अनुरूप कार्यक्रम को कैसे और लोकप्रिय-प्रभावी बना सकते हैं। सीएम ने आकाशवाणी के सीईओ से आज के परिप्रेक्ष्य में आकाशवाणी की भूमिका पर जोर दिया और विश्वास जताया कि आकाशवाणी साहित्यकारों, कलाकारों, युवाओं, किसानों, हस्तशिल्पियों समेत समाज के अलग-अलग तबके के लोगों के साथ ही पुराने लोगों के बारे में नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ेगा।  भाषा को शुद्ध करना हो तो आकाशवाणी सुनें  सीएम ने अपने स्कूल के समय को भी याद किया और कहा कि उस समय हम लोगों में आपस में आकाशवाणी के कार्यक्रमों की भी चर्चा होती थी। स्कूलों में बताया जाता था कि आकाशवाणी में यह कार्यक्रम आ रहा है। भाषा को शुद्ध करना हो तो आकाशवाणी सुनें, क्योंकि उद्घोषक के चयनित शब्दों से सीखने-जानने की अभिलाषा होती थी। सीएम योगी ने पं. गोविंद वल्लभ पंत को भी किया याद सीएम योगी ने पं. गोविंद वल्लभ पंत को भी याद किया और कहा कि 2 अप्रैल 1938 को उन्होंने इस केंद्र का शुभारंभ किया। वह 1937 में यूपी के प्रीमियर बने थे। यह पद मुख्यमंत्री के समकक्ष होता था। 1950 में जब संविधान लागू हुआ, उसके बाद से मुख्यमंत्री का पद प्रारंभ हुआ। मेरा सौभाग्य है कि 88 वर्ष की शानदार यात्रा के समारोह में पद्म पुरस्कार से सम्मानित होने वाली यूपी की विभूतियों और आकाशवाणी के कार्यक्रमों में प्रस्तुतियां या संवर्धन देने वाले विभूतियों को सम्मानित करने का अवसर मिल रहा है।  अनेक आंदोलनों का साक्षी रहा है आकाशवाणी … Read more

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान: जौनपुर ने लक्ष्य से अधिक लोन वितरित कर जीती बाजी

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान में लक्ष्य से अधिक लोन वितरित कर जौनपुर ने मारी बाजी    वित्तीय वर्ष 2025-26 में पौने चार लाख से अधिक युवाओं ने किया आवेदन     पिछले एक साल प्रदेश भर के एक लाख 45 हजार से अधिक युवाओं को वितरित किया गया लोन     प्रदेश के युवाओं के सपनों को पंख दे रहा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान    लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश को वन ट्रिलियन डालर की इकॉनमी बनाने की दिशा में लगातार आवश्यक कदम उठा रहे हैं। इसी के तहत प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) योजना प्रदेश के युवाओं की पहली पसंद बन गयी है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश भर में पौने चार लाख से अधिक आवेदन आए, जबकि योगी सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के लिए 1.5 लाख ऋण वितरण का लक्ष्य रखा था। आंकड़ों से साफ है कि सीएम युवा योजना युवाओं को आकर्षित कर रही है और वह इससे जुड़कर अपने सपनों को साकार कर रहे हैं। योजना का शत प्रतिशत लाभ देने में पूरे प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त कर बाजी मारी है, जबकि दूसरे स्थान पर आजमगढ़ व तीसरे स्थान पर हरदोई है।    पौने चार लाख से अधिक युवाओं ने किया आवेदन  योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को सिर्फ रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर नहीं दे रही, बल्कि उन्हें रोजगार देने वाला मजबूत उद्यमी बनने के लिए सक्षम बना रही है। इसी का असर है कि प्रदेश के युवा अपने व्यवसाय को बढ़ावा देने के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। इसी कड़ी में सीएम युवा योजना प्रदेश के युवाओं को सशक्त बनाने और उन्हें उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1.5 लाख लक्ष्य के सापेक्ष पूरे प्रदेश से 3,86,092 युवाओं ने लोन के लिए आवेदन किया। इनमें 3,30,441 आवेदनों को बैंक को अग्रसारित किया गया। 1,45,454 आवेदनों को बैंक ने लोन देने पर स्वीकृति दी। अब तक 1,38,304 युवाओं को स्वरोजगार के लिए लोन वितरित किया जा चुका है।     जौनपुर में सबसे अधिक 4,092 युवाओं को लोन वितरित सीएम युवा योजना का शत प्रतिशत लाभ देने में पूरे प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जौनपुर के जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप जिले में विशेष अभियान चलाकर युवाओं को स्वरोजगार के लिए बैंकों से संपर्क कर लोन उपलब्ध कराया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले को अभियान के तहत 2,700 युवाओं को लोन उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया गया था। इसके सापेक्ष 9,785 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 8,406 आवेदन बैंकों को भेजे गए। इनमें 4,092 आवेदकों को लोन वितरित किया जा चुका है। ऐसे में लक्ष्य के सापेक्ष 151.56 प्रतिशत ऋण वितरण किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि लक्ष्य से अधिक लोन वितरित कर जौनपुर ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। पूरे वित्तीय वर्ष जौनपुर की स्थिति पहले स्थान पर बनी रही। आजमगढ़ में ब्लॉक स्तर पर वर्कशाप का आयोजन कर युवाओं को दिया जा रहा योजना का लाभ  आजमगढ़ के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में जिले के अधिक से अधिक युवाओं को सीएम युवा योजना का लाभ देने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। योजना का लाभ देने में अप्रैल 2025 से पहले जिला 25वें स्थान पर था। अप्रैल के बाद योजना का लाभ हर जरूरतमंद युवा तक पहुंचाने के लिए ब्लॉक स्तर पर लगातार वर्कशाप आयोजित की जा रही हैं। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में बैंकर्स और आवेदकों को आमने-सामने बैठाकर काउंसिलिंग करायी जा रही है। यही वजह है कि पिछले कई माह से आजमगढ़ योजना का लाभ देने में पूरे प्रदेश में लगातार दूसरे स्थान पर बना हुआ है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में आजमगढ़ को योजना के तहत 2,700 ऋण वितरण का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष 8,871 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 7,751 आवेदनों को बैंक भेजा गया, जिसमें 4,049 को लोन वितरित किया जा चुका है। इस तरह लक्ष्य की तुलना में 149.96 प्रतिशत सफलता हासिल कर आजमगढ़ पूरे राज्य में दूसरे स्थान पर रहा है।  झांसी, लखीमपुर-खीरी, अंबेडकरनगर, बहराइच, चित्रकूट और बलिया का भी शानदार प्रदर्शन  हरदोई के जिलाधिकारी अनुनय झा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चला कर सीएम युवा योजना का लाभ दिया जा रहा है। हर माह बैंकों से साथ बैठक की जा रही है, ताकि आवेदकों की किसी भी समस्या को तत्काल दुरुस्त किया जा सके। यही वजह है कि पूरे प्रदेश में योजना का लाभ देने में हरदोई ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। हरदोई को वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2,900 ऋण वितरण का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष 11,977 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 9,701 आवेदनों को बैंक भेजा गया, जिसमें 3,226 आवेदकों को लोन वितरित किया जा चुका है। इसके अलावा झांसी ने चौथा और लखीमपुर खीरी ने प्रदेश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। योजना का लाभ देने में अंबेडकर नगर, बहराइच, चित्रकूट और बलिया का भी प्रदर्शन शानदार रहा।

मालदा हिंसा के प्रमुख आरोपी को बागडोगरा एयरपोर्ट से गिरफ्तार, भागने की थी योजना

कोलकाता पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक में हुई हालिया हिंसा और तनाव के मामले में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है. बंगाल पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम के मास्टरमाइंड माने जा रहे अधिवक्ता और एआईएमआईएम (AIMIM) नेता मोफक्करुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तारी उस समय हुई जब इस्लाम बागडोगरा एयरपोर्ट से राज्य छोड़कर भागने की कोशिश कर रहा था।  पुलिस सूत्रों के अनुसार, मोफक्करुल इस्लाम के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने के बाद से ही उसकी तलाश जारी थी. खुफिया जानकारी मिली थी कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए सिलीगुड़ी के पास बागडोगरा हवाई अड्डे से उड़ान भरने वाला है. पुलिस की एक विशेष टीम ने जाल बिछाकर उसे टर्मिनल के पास से धर दबोचा।  इस्लाम पेशे से वकील है, जिसे कानून की अच्छी समझ है, फिर भी वह पुलिस की नजरों से बच नहीं सका. मोफक्करुल इस्लाम का राजनीतिक प्रोफाइल काफी सक्रिय रहा है।  वह असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM का एक प्रमुख चेहरा है. उसने साल 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उत्तर दिनाजपुर जिले की इटाहार (Itahar) सीट से AIMIM के टिकट पर चुनाव भी लड़ा था. जांच में सामने आया है कि पिछले दिनों सुजापुर और कालियाचक के आसपास हुए विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व भी इस्लाम ही कर रहा था।  पुलिस-प्रशासन को दी थी चुनौती हाल ही में सामने आए एक वीडियो में इस्लाम बेहद आक्रामक तेवर में जिले के आला अधिकारियों को ललकारता नजर आ रहा है. वीडियो में उसे कैमरे के सामने चिल्लाते हुए सुना जा सकता है, 'ओए डीएम , एसपी .. सीआईडी कहां हो? आईबी कहां है? तुम सब कहां हो? यहां आओ…" प्रशासन के खिलाफ इस तरह की बयानबाजी और भीड़ को उकसाने के बाद से ही वह पुलिस के राडार पर था।  पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस्लाम की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है. आरोप है कि सुजापुर में हुए विरोध प्रदर्शनों को सुनियोजित तरीके से उसी ने लीड किया था. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस हिंसा के पीछे कोई गहरी साजिश थी या यह अचानक भड़का हुआ आक्रोश था. फिलहाल वह पुलिस की हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है।