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झारखंड हाईकोर्ट का कड़ा संदेश: ड्रग्स माफिया के खिलाफ सख्ती, बड़े गिरोहों पर कसें शिकंजा

रांची. झारखंड में नशीले पदार्थों के बढ़ते कारोबार पर हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया है कि नशे के सौदागरों के खिलाफ केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि धरातल पर सख्त एक्शन दिखना चाहिए। NCB और CID मिलकर तोड़ें तस्करों का नेटवर्क अदालत ने सोमवार को स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई करते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), सीआइडी और झारखंड पुलिस को आपसी तालमेल (Coordination) के साथ काम करने की हिदायत दी। कोर्ट ने कहा कि जब तक ये एजेंसियां एक साथ मिलकर कार्रवाई नहीं करेंगी, तब तक अंतरराज्यीय सिंडिकेट को तोड़ना मुश्किल होगा। सिर्फ छोटे मामलों से नहीं चलेगा काम, वित्तीय स्रोतों की हो जांच। खंडपीठ ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ड्रग्स के छोटे-मोटे मामलों तक सीमित रहने से इस समस्या का समाधान नहीं होगा। अदालत ने निर्देश दिया कि:- ड्रग्स नेटवर्क के वित्तीय स्रोतों (Financial Sources) की गहन जांच हो। अवैध कारोबार के असली सरगनाओं (Kingpins) को गिरफ्तार किया जाए। बाहरी राज्यों से हो रही ड्रग्स सप्लाई की कड़ी से कड़ी जोड़ी जाए। स्कूलों-कॉलेजों में जागरूकता और SOP पर जोर सुनवाई के दौरान सीआइडी ने कोर्ट में दो स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) पेश किए। अदालत ने सरकार को इन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने का आदेश दिया। साथ ही, युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान को तेज करने की जरूरत बताई। इसके साथ ही कोर्ट ने इस याचिका को निष्पादित कर दिया है। बता दें कि रांची और जमशेदपुर में तेजी से युवा पीढ़ी को ड्रग्स के कारोबारी अपने शिकंजे में ले रहे हैं। फौरी तौर पर पुलिस कार्रवाई करती है और सिंडिकेट अपना काम बदस्तूर करता रहता है।

ऑरेंज अलर्ट जारी: पंजाब में ओलावृष्टि और तूफानी बारिश का खतरा, मौसम विभाग ने दी चेतावनी

लुधियाना. पंजाब के कई जिलों में  सोमवार को भी जहां बादल छाए रहे, वहीं कई जिलों में दिनभर तीखी धूप रही। जबकि फाजिल्का व चंडीगढ़ में वर्षा हुई। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार फाजिल्का में 12.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि चंडीगढ़ में 1.8 मिलीमीटर वर्षा हुई। जबकि अन्य जिलों में मौसम साफ रहा। इसके चलते दिन में गर्मी रही और तापमान बढ़ा। बठिंडा में दिन का तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पटियाला में 32.5 डिग्री सेल्सियस, लुधियाना में 31.6 डिग्री सेल्सियस, मोहाली में 31.4 डिग्री सेल्सियस, रूपनगर में 31.3 डिग्री सेल्सियस, फिरोजपुर में 30.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। दूसरी तरफ मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार और बुधवार को पंजाब के कई जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस दौरान कई जगहों पर वर्षा के बीच ओलावृष्टि हो सकती है। जिसे लेकर विभाग ने ओरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके बाद नौ अप्रैल से मौसम साफ होने की संभावना जताई गई है। 13 जिलों में आंधी और ओलावृष्टि मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के पहाड़ों पर पहुंचने के बाद मौसम बदला है। लगभग सभी जिलों का मौसम इस दौरान प्रभावित होगा। 13 जिलों में ओलावृष्टि और आंधी, जबकि अन्य जिलों में सिर्फ आंधी और बिजली की संभावना है। इस दौरान नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली में आंधी चलेगी। जबकि पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, बठिंडा, बरनाला, मानसा, संगरूर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना भी है। इस तरह की मौसम की स्थिति बनी जम्मू-कश्मीर के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जो ऊपर हवा में चक्रवात की तरह काम कर रहा है और मौसम बदल रहा है। 1.5 किमी ऊंचाई पर एक ट्रफ भी बना हुआ है, जिससे मौसम और प्रभावित हो रहा है। 11 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ आएगा, जिससे उत्तर-पश्चिम भारत में फिर से बारिश, आंधी और बादल बढ़ सकते हैं। इस दौरान फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। हालांकि सीएम भगवंत मान पहले कह चुके है कि मौसम खराब होने की कई जगह फसलों का नुकसान हुआ है। इसके लिए हम गिरदावरी करवाएंगे। किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। दो दिन इस तरह का मौसम रहेगा मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल ने कहा कि राज्य में आज और कल कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना है। दोनों दिन 40–50 किमी/घंटा की रफ्तार से गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। 7 को कई और 8 को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी, इसके बाद मौसम सूखा रहेगा। तापमान अगले 24 घंटे स्थिर रहेगा, फिर 48 घंटों में 4–5 डिग्री गिरावट और बाद में बढ़ोतरी होगी।

बस्तर के विकास पर फोकस: CM साय आज PM और गृह मंत्री से करेंगे मुलाकात, पेश करेंगे रोडमैप

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सोमवार की रात नई दिल्ली के लिए रवाना हुए। यह दौरा महज एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि बस्तर के भविष्य की नींव रखने वाली बैठक के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री साय 7 अप्रैल की सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। इसी दिन वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी भेंट करेंगे। दोनों बैठकों में बस्तर के व्यापक विकास का खाका पेश किया जाएगा। इस बार की बैठक का केंद्रबिंदु ‘पोस्ट-माओइस्ट सीनारियो’ है। वर्षों की सुरक्षा कार्रवाइयों के बाद बस्तर में माओवाद का प्रभाव काफी हद तक सिमट चुका है और अब सरकार की नजर इस क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर टिकी है। मुख्यमंत्री साय प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के समक्ष बस्तर के विकास का एक विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत करेंगे, जिसमें बुनियादी ढांचे के विस्तार से लेकर निवेश, रोजगार और आदिवासी समाज के समावेशी विकास तक की पूरी रूपरेखा शामिल होगी। क्या होगा प्रेजेंटेशन में? मुख्यमंत्री अपनी प्रस्तुति में इन बिंदुओं पर केंद्र सरकार का ध्यान खींचेंगे – बस्तर में सड़क, बिजली और संचार जैसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार  नए उद्योगों की स्थापना और निवेशकों को आकर्षित करने की योजना स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के ठोस अवसर आदिवासी क्षेत्रों का समावेशी और संतुलित विकास केंद्र की नजर बस्तर पर गौरतलब है कि अब केंद्र सरकार का पूरा ध्यान बस्तर की ओर मुड़ चुका है। सुरक्षा मोर्चे पर मिली सफलताओं के बाद यह माना जा रहा है कि बस्तर अब बदलाव के एक नए दौर में प्रवेश करने को तैयार है। मुख्यमंत्री साय के इस दौरे को उस बदलाव की औपचारिक शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी को बस्तर 2.0 का विकास ब्लूप्रिंट सौंपा, दी आमंत्रण

बस्तर 2.0 की शुरुआत: मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी को दिया आमंत्रण, विकास का ब्लूप्रिंट सौंपा बस्तर के लिए 360° प्लान-टूरिज्म, स्टार्टअप, इंफ्रा और इनोवेशन पर फोकस पीएम का बस्तर दौरा बनेगा टर्निंग पॉइंट, बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात रायपुर /नई दिल्ली छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर बस्तर के भविष्य की एक नई तस्वीर पेश की। इस मुलाकात में मुख्यमंत्री ने न केवल नक्सलवाद के अंत के बाद प्रदेश में आई शांति के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया, बल्कि बस्तर के समग्र विकास का एक विस्तृत और दूरदर्शी ब्लूप्रिंट भी सौंपा। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री को मानसून के बाद बस्तर आने का आमंत्रण दिया, जहां उनकी मौजूदगी में कई बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि बस्तर समेत पूरे राज्य में नक्सलवाद समाप्त हो चुका है और अब शांति स्थापित है। शिक्षा व स्वास्थ्य सुधार के तहत नए एजुकेशन सिटी, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं, जबकि इंद्रावती नदी पर बैराज, रेल लाइन और एयरपोर्ट विस्तार से कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ब्लूप्रिंट के जरिए बस्तर में अब विकास, रोजगार और बेहतर सुविधाओं का नया दौर शुरू होगा। मुख्यमंत्री ने अपने विकास दस्तावेज़ में उल्लेख किया कि एक दशक पहले प्रधानमंत्री द्वारा बस्तर के लिए देखा गया शांति और विकास का सपना अब जमीन पर साकार हो रहा है। नक्सलवाद खत्म होने के बाद अब लोगों में डर नहीं, बल्कि उम्मीद और विकास की नई चमक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से बस्तर को नई दिशा और गति मिलेगी, जिससे क्षेत्र में विश्वास और उत्साह बढ़ेगा। मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत विकास ब्लूप्रिंट ‘सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज’ रणनीति पर आधारित है। इसके तहत बस्तर में बुनियादी सुविधाओं को तेजी से विस्तार देने का लक्ष्य रखा गया है। सड़कों के व्यापक जाल के माध्यम से दूर-दराज के गांवों को जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधूरे कार्यों को 2027 तक पूरा करने के साथ-साथ नई 228 सड़कों और 267 पुलों का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा 61 नई परियोजनाओं के लिए विशेष केंद्रीय सहायता की मांग भी की गई है। ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव की योजना है। हर घर तक बिजली पहुंचाने के कार्य तेज होंगे। शिक्षा के क्षेत्र में 45 पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में बदला जाएगा। युवाओं के लिए 15 स्टेडियम और 2 मल्टीपर्पज हॉल बनाए जाएंगे, जबकि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार और डॉक्टरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल बनाए जा रहे हैं। कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में इंद्रावती नदी पर दो बड़े प्रोजेक्ट देउरगांव और मटनार में स्वीकृत किए गए हैं, जिनसे 31,840 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। यह परियोजनाएं बस्तर की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी। आजीविका और आय बढ़ाने के लिए सरकार ने तीन वर्षीय योजना तैयार की है, जिसका लक्ष्य 2029 तक 85% परिवारों की मासिक आय 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करना है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ योजना के तहत अब अधिक जिलों को जोड़ा जा रहा है, जिससे विकास का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचेगा। 10 जिलों में शुरू की गई यह योजना अब 7 जिलों और 3 नए जिलों (गरियाबंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई) तक विस्तारित हो रही है।  ‘अंजोर विजन 2047’ और ‘विकसित भारत@2047’ के तहत स्टार्टअप नीति भी लागू की गई है, जिसमें 2030 तक 5,000 स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य है। पर्यटन के क्षेत्र में बस्तर की पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी नेशनल पार्क, एडवेंचर टूरिज्म, कैनोपी वॉक और ग्लास ब्रिज जैसी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन क्षेत्र को नई पहचान दे रहे हैं। वहीं, एक लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 40 हजार को रोजगार भी मिल चुका है। नक्सलवाद से मुक्त बस्तर के विकास के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री के सामने जो कार्ययोजना प्रस्तुत की, उसमें ‘बस्तर मुन्ने’ (अग्रणी बस्तर) कार्यक्रम एक अहम पहल है। इस कार्यक्रम के तहत हर ग्राम पंचायत में शिविर लगाए जाएंगे, जहाँ अधिकारियों की मौजूदगी में लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे दिया जाएगा, जरूरी दस्तावेज वहीं बनाए जाएंगे और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि हर व्यक्ति तक सरकार की योजनाएँ आसानी से पहुँचें और बस्तर तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़े। प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान जिन प्रमुख परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की योजना है, उनमें रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन, जगदलपुर एयरपोर्ट का विस्तार, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज, जगरगुंडा और ओरछा में एजुकेशन सिटी जैसी महत्वपूर्ण पहल शामिल हैं। ये परियोजनाएं बस्तर को शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।

उमा भारती ने टीमकगढ़ में लगाया पोहा-जलेबी का ठेला, प्रशासन से कहा- गरीबों की रोजी-रोटी मत छीनो

 टीमकगढ़   प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती मंगलवार को सड़क किनारे लगे एक ठेले पर पोहा बेचती नजर आई हैं। हालांकि, वो ऐसा प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई के विरोध में रही हैं। लेकिन, कुछ ही देर में उनका ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा है। आपको बता दें कि, पूर्व सीएम उमा भारती मंगलवार को टीकमगढ़ शहर के सिविल लाइन इलाके में सड़क किनारे लगे ठेले पर पोहा बेच रही हैं। उन्होंने प्रशासन द्वारा एक दिन पहले की गई अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को गलत ठहराया था। आज वो उन्हीं हटाए गए ठेलो को फिर से लगाकर उनमें से एक ठेले पर पोहा बेचने पहुंची हैं। टीकमगढ़ में मंगलवार (7 अप्रैल) सुबह पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने सड़क किनारे हाथठेला लगाकर पोहा-जलेबी बेची। उन्होंने एक दिन पहले हटाए गए छोटे दुकानदारों को वापस ठेले लगाने के लिए बुलाया। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि गरीबों की रोजी-रोटी नहीं छीनी जनि चाहिए।  दरअसल, सोमवार को नगर पालिका, एसडीएम और तहसीलदार की टीम ने सिविल लाइन रोड पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। इस दौरान जेसीबी से कई छोटी दुकानें और हाथठेले हटा दिए गए थे। उमा भारती ने इस कार्रवाई का विरोध किया था और छोटे दुकानदारों को हटाने को गलत बताया था। इसी को लेकर मंगलवार सुबह वे सिविल लाइन रोड स्थित बंगले से निकलकर हाथठेले पर पहुंचीं। यहां खुद पोहा-जलेबी बेचकर दुकानदारों का समर्थन किया। उन्होंने हाथठेला वालों से दोबारा सड़क किनारे ठेले लगाने को कहा। उमा बोलीं- प्रशासन पहले दुकानों के लिए जगह दे, बाद में हटाए उमा भारती ने कहा कि पार्षदों ने पहले स्थान चिह्नित करने को कहा था। तीन-चार स्थान भी बताए थे। प्रशासन पहले दुकानों के लिए जगह दे, बाद में हटाए। उन्होंने हटाए गए दुकानदारों से अपील की कि वे वापस आएं और यहीं दुकानें लगाएं, मैं उनके साथ हूं। उनके ठेलों को यहां से नहीं हटने दिया जाएगा। प्रशासन से बात करूंगी, सभी के ठेले वापस यहां लगाए जाएंगे उमा भारती से पूछा गया कि क्या उन्होंने प्रशासन से बात की है। उन्होंने कहा कि मुझे अभी इसका पता चला है। मैं अभी प्रशासन से बात करूंगी। सभी के ठेले वापस यहां लगाए जाएंगे। उमा भारती ने उठाए थे कार्रवाई पर सवाल प्रशासन ने सोमवार की दोपहर सिविल लाइन से अतिक्रमण हटाया तो देर शाम पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने उस पर सवाल उठते हुए इसे गरीबों के खिलाफ की गई अनुचित कार्रवाई बताया था। उनका कहना था कि, प्रशासन सबसे पहले पैसे वालों का अतिक्रमण हटाएं। ठेले वाले सबसे बाद में आते है। सोमवार की रात 8.45 बजे पूर्व मुख्यमंत्री ईदगाह के सामने पहुंची। यहां पर उन्होंने प्रशासन द्वारा हटाए गए अतिक्रमण की जानकारी ली थी।

हरियाणा में 6 ट्रेनी IAS की पोस्टिंग, विवेक यादव होंगे हिसार सहायक आयुक्त, विशाल को मिला रोहतक, शिवानी को कैथल

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से 6 प्रशिक्षणाधीन आईएएस अधिकारियों के नियुक्ति आदेश जारी किए हैं। अमितेज पांगटे को नूंह तथा मुस्कान श्रीवास्तव को फरीदाबाद में सहायक आयुक्त लगाया गया है। इसी तरह शिवानी पांचाल को कैथल, सोहम शैलेन्द्र को करनाल, विशाल सिंह को रोहतक तथा विवेक यादव को हिसार में सहायक आयुक्त लगाया गया है।

IPL 2026: पहले हफ्ते में इन 5 स्टार खिलाड़ियों ने किया निराश, परफॉर्मेंस से मचा बवाल

 नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीजन का पहला हफ्ता रोमांच, करीबी मुकाबलों और कुछ चौंकाने वाले नतीजों से भरपूर रहा. जहां कुछ नए और अनजान खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर सबको प्रभावित किया. वहीं कुछ ऐसे नाम भी रहे, जो उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए।  हालांकि आईपीएल 2026 अभी शुरुआती दौर में ही है, लेकिन लगातार खराब प्रदर्शन के चलते कुछ स्टार खिलाड़ी शुरुआती हफ्ते के 'फ्लॉप प्लेयर्स' की लिस्ट में शामिल हो गए. आइए जानते हैं ऐसे 5 स्टार खिलाड़ियों के बारे में, जिनका आगाज मौजूदा सीजन में निराशाजनक रहा।  अर्शदीप सिंह: पंजाब किंग्स (PBKS) के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह मौजूदा सीजन में उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए हैं. उन्होंने गुजरात टाइटन्स (GT) के खिलाफ 4 ओवर्स में 42 रन खर्च किए और कोई विकेट हासिल नहीं कर सके. इसके बाद चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ भी वह महंगे साबित हुए और 4 ओवर में बिना विकेट लिए 41 रन लुटाए. खास बात यह रही कि उन्होंने गुजरात टाइटन्स के विरुद्ध मुकाबले में 11 गेंदों का ओवर भी फेंका, जो आईपीएल के इतिहास में संयुक्त रूप से सबसे लंबा ओवर रहा।  सूंज सैमसन: विकेटकीपर बल्लेबाज सूंज सैमसन चेन्नई सुपर किंग्स के लिए अब तक संघर्ष करते नजर आए हैं. तीन मैचों में उन्होंने 6, 7 और 9 रन बनाए हैं, जिससे उनकी फॉर्म पर सवाल खड़े हो गए हैं. संजू हालिया आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम के लिए मैच-विनर साबित हुए थे, लेकिन अब उनकी फॉर्म सीएसके के लिए सिरदर्द बन गई है।  कैमरन ग्रीन: कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी कैमरन ग्रीन भी अभी तक अपने नाम के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं. वह चोट के कारण गेंदबाजी नहीं कर सके हैं और बल्लेबाजी में भी ज्यादा योगदान नहीं दे पाए. मुंबई इंडियंस (MI) के विरुद्ध ग्रीन ने 18 रन बनाए. वहीं सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ मुकाबले में वो 2 रनों के निजी स्कोर पर रन आउट हुए।  केएल राहुल: दिल्ली कैपिटल्स (DC) के अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल का प्रदर्शन भी चौंकाने वाला रहा है. दो पारियों में वह सिर्फ 1 रन ही बना सके हैं, जबकि टीम उनसे बड़ी पारियों की उम्मीद कर रही थी. लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ राहुल खाता नहीं खोल पाए थे. जबकि मुंबई इंडियंस के खिलाफ मुकाबले में राहुल ने 1 रन बनाए।  वरुण चक्रवर्ती: कोलकाता नाइट राइडर्स के मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती भी शुरुआती दो मैचों प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे हैं. मुंबई इंडियंस के खिलाफ उन्होंने 4 ओवर में 48 रन दिए, जबकि सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 2 ओवर्स में 31 रन खर्च किए. उनकी गेंदबाजी में निरंतता की कमी साफ दिखी है, साथ ही लेंथ-लाइन भी भटकी रही. पहले हफ्ते के प्रदर्शन ने इन 5 खिलाड़ियों की फॉर्म और टीम में उनकी भूमिका को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. आने वाले मैचों में इन स्टार खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। 

भूमि मामलों पर मंथन: पटना में DCLR की अहम बैठक, दाखिल-खारिज और लैंड बैंक एजेंडे में शामिल

पटना. भूमि सुधार उप समाहर्ताओं की राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक सात अप्रैल को पटना में होगी। यह जानकारी उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सोमवार को दी। उन्होंने कहा कि जमीन से जुड़े मामलों में आम लोगों को त्वरित और पारदर्शी न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। दाखिल-खारिज, अपील वाद, राजस्व वसूली और लैंड बैंक से जुड़े कार्यों की नियमित समीक्षा से प्रशासनिक व्यवस्था और मजबूत होगी। अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए लंबित मामलों के तेजी से निष्पादन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हड़ताल के कारण जिन नए लोगों को चार्ज दिया गया है, उन्हें भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। लोगों के कार्य की गति बढ़ाने का दिशा निर्देश देने के साथ–साथ कोई काम बाधित नहीं हो, इसकी तैयारी की जा रही है। सिन्हा ने निर्देश दिया है कि भूमि से जुड़े मामलों में निर्धारित प्राथमिकता का हर हाल में पालन किया जाए। अनुसूचित जाति, जनजाति, विधवा, सेना में कार्यरत या सेवानिवृत्त जवान, बाहर कार्यरत सुरक्षाकर्मियों और केंद्र सरकार के कर्मचारियों के मामलों का तुरंत निबटारा किया जाए। विशेष श्रेणी के आवेदन को प्राथमि‍कता  उन्होंने कहा कि फि‍फो व्यवस्था स्थगित है इसलिए विशेष श्रेणी के आवेदनों को प्राथमिकता देना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि ऐसे आवेदकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े। आवश्यक होने पर उन्हें व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट देकर उनके प्रतिनिधि या अधिवक्ता के माध्यम से सुनवाई की व्यवस्था की जाए। दिनभर होगा मंथन और मूल्‍यांकन  बताया जाता है कि पुराना सचिवालय में होनेवाली बैठक दिनभर चलेगी। पहले सत्र में प्रधान सचिव सीके अनिल वित्‍तीय वर्ष के कार्यों का मूल्‍यांकन करेंगे। दूसरे सत्र में तकनीकी और कौशल विकास पर मंथन होगा। इसमें कोर्ट केस लिखने का टेस्‍ट भी डीसीएलआर देंगे। इसका उद्देश्‍य आदेश की सटीकता परखना है। सभी डीसीएलआर को लैपटॉप, डोंगल और पांच कोर्ट केस के डिटेल के साथ आने का निर्देश दिया गया है।

PNB लूट का त्वरित खुलासा: जालंधर पुलिस ने मुख्य आरोपी को दबोचा, रिटायर्ड DSP का बेटा निकला मास्टर माइंड

जालंधर. जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने खुरला किंगरा स्थित पीएनबी बैंक में हुई लूट की वारदात को कुछ ही घंटों में सुलझाते हुए एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित की पहचान से सिमरनजीत सिंह के रूप में हुई है जो रिटायर्ड डीएसपी का बेटा है, जिनकी मौत हो चुकी है। पिता के मरने के बाद सिमरनजीत नशे वाली हो गया था न। अपने साथियों के साथ मिलकर वह नशा बेचने भी लगा और करने भी लगा। इसी के चलते उसने बैंक लूट की योजना बनाई। पुलिस ने आरोपित के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया रिवाल्वर, तीन जिंदा कारतूस और लूटी गई नकदी का हिस्सा भी बरामद किया है। यह पिस्टल कहां से आया है और किसका है इसकी जांच की जा रही है। पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने बताया कि 6 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 2:35 बजे दो नकाबपोश युवक बैंक में दाखिल हुए और हथियार के बल पर लूटपाट कर फरार हो गए। बैंक कर्मचारी विक्रम भगत के बयान पर थाना डिवीजन नंबर 7 में केस नंबर 65 दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने सिमरनजीत सिंह उर्फ अमरिक सिंह निवासी ग्रीन मॉडल टाउन, जालंधर को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ पहले भी दो आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें धोखाधड़ी और एनडीपीएस एक्ट के तहत केस शामिल हैं। पुलिस अब उसके फरार साथी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

अब बिना साइन चलेगा काम: छत्तीसगढ़ सरकार ने लागू की ई-ऑफिस प्रणाली, प्रक्रिया हुई पूरी तरह ऑनलाइन

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य शासन ने ई-ऑफिस प्रणाली को और अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम निर्णय लिया है. नई व्यवस्था के तहत अब शासकीय पत्राचार में कार्यालयीन ज्ञापन, पत्र और आदेश जैसे दस्तावेजों में केवल मूल प्रति पर ही सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर किए जाएंगे. जारी आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि पृष्ठांकित प्रति (एंडोर्समेंट) पर अब हस्ताक्षर करने की आवश्यकता समाप्त कर दी गई है. इस फैसले से सरकारी कामकाज में अनावश्यक औपचारिकताओं को कम करने के साथ-साथ कार्यप्रणाली में तेजी आने की उम्मीद है. शासन का मानना है कि इस पहल से प्रशासनिक दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा और ई-ऑफिस प्रणाली और अधिक प्रभावी बन सकेगी. सभी विभागों और कार्यालयों को इस नई व्यवस्था का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं. छत्तीसगढ़ में अभी सभी सरकारी विभागों में ई-आफिस के जरिए काम किया जा रहा है। इससे एक अधिकारी के लिए दो जगहों पर हस्ताक्षर करना संभव नहीं है। इस तकनीकी दिक्कत को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने सभी आनलाइन और आफलाइन दस्तावेजों में दो जगहों हस्ताक्षर की बाध्यता ही खत्म कर दी है। शासन का कहना है कि प्रतिलिपि सिर्फ सूचनात्मक होती है। इसलिए उसमें हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं। सिर्फ अधिकारी का नाम, पदनाम और कार्यालय का उल्लेश होना ही पर्याप्त है।