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सिद्धू की पत्नी ने कांग्रेस से विवाद के बाद शुरू की नई पार्टी, नाम रखा ‘आपकी पार्टी

चंडीगढ़  कांग्रेस से निकाले जाने के बाद नवजोत कौर सिद्धू ने नई पार्टी लॉन्च कर दी है। उन्होंने इसका नाम भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी रखा है। खास बात है कि यह घोषणा पंजाब विधानसभा चुनाव से एक साल पहले की है। उन्होंने कहा कि पार्टी पंजाब को खोए हुए गौरव को दोबारा हासिल करने के लिए काम करेंगी। वह पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी हैं। नवजोत कौर ने  लिखा, 'एक घोषणा जिसका बेसबरी से इंतजार है: हमने राजनीतिक नेताओं के प्रदर्शन को देखने और परखने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर एक नया विकल्प तैयार करने पर काम किया है। बस अपना जीवन अपने देश के लिए समर्पित करना चाहते हैं, लोगों को वह वापस देना चाहते हैं जिसके वे वास्तव में हकदार हैं और जो हमसे उम्मीद करते हैं।' उन्होंने लिखा, 'एक ईश्वरीय शक्ति ने कुछ ऐसे समान सोच वाले लोगों को साथ जोड़ा है, जिनमें हर राज्य में काम करने की क्षमता, आत्मविश्वास, साहस और दृढ़ संकल्प है। हमारा साझा लक्ष्य न्याय और शांति दिलाना है, और प्रेम के माध्यम से उच्च चेतना 'HIGHER CONSCIOUSNESS' की शक्ति के साथ वह सब करना है जो वाहेगुरु जी हमसे चाहते हैं।' BJP को दे पाएगी चुनौती नवजोत कौर ने संकेत दिए हैं कि पार्टी जल्द ही संगठन विस्तार पर भी ऐलान कर सकती हैं। खास बात है कि BRP की एंट्री के बाद राज्य में चुनावी माहौल गर्म होना तय है। राज्य में सरकार आम आदमी पार्टी की है। वहीं, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस है। खास बात है कि भारतीय जनता पार्टी लगातार राज्य में सियासी कदम जमाने की कोशिशों में लगी हुई है। गोल्डन पंजाब बनाने का वादा उन्होंने लिखा, 'हम पंजाब को खोया हुआ गोल्डन स्टेट या स्वर्ण राज्य का गौरव वापस लाएंगे। जहां लोग सिर्फ प्यार, मिल बांटकर रहने, न्याय, आजादी का अधिकार… बगैर किसी बाहरी दखल के अपने विचारों की ताकत को जानते हैं। पंजाब के लोगों की, लोगों के लिए और लोगों की तरफ से बनी एक सरकार।' 500 करोड़ रुपये के आरोप कौर ने बीते साल आरोप लगाए थे कि मुख्यमंत्री पद के लिए 500 करोड़ रुपये की मांग की जाती है। इसके बाद कांग्रेस ने उनके खिलाफ ऐक्शन लिया था और पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसके बाद 31 जनवरी को कौर ने कांग्रेस छोड़ने की बात कही थी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजा अमरिंदर सिंह वडिंग पर कई आरोप लगाए थे। कांग्रेस में पंजाब मामलों के प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल ने छह फरवरी को पुष्टि की कि कौर को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।

पवन खेड़ा की मुसीबत बढ़ी, दिल्ली और असम पुलिस ने दी घर पर दस्तक

नई दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की पत्नी रिनिकी सरमा पर लगाए गए आरोपों को लेकर बड़ी मुसीबत में घिरते दिख रहे हैं. इस मामले में असम पुलिस की टीम आज सुबह दिल्ली पहुंची और खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास पर छापा मारा. दिल्ली पुलिस भी असम पुलिस की मदद के लिए इस कार्रवाई में शामिल रही. हालांकि खबर है कि पवन खेड़ा इस समय अपने आवास पर मौजूद नहीं थे. उधर असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने दावा किया कि पवन खेड़ा हैदराबाद भाग गए हैं।  वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सीएम हिमंत पर प्रहार किया है. उन्होंने कहा, ‘हिमंत बिस्व सरमा आप पर करप्शन के गंभीर आरोप हैं और आप साफ़ तौर पर घबरा गए हैं. आप नाम लेकर बुलाने और डराने-धमकाने के बजाय पवन खेड़ा के लगाए आरोपों का जवाब क्यों नहीं देते? अपनी नौटंकी बंद करो, क्योंकि अब आप अपना करप्शन नहीं छिपा सकते।  क्या है पूरा मामला? दरअसल पवन खेड़ा ने रविवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर कई गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने दावा किया कि रिनिकी भुइयां सरमा के पास तीन देशों यूएई, एंटीगुआ और बारबुडा, मिस्र का पासपोर्ट है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि रिनिकी भुइयां सरमा के नाम दुबई में दो संपत्तियां हैं, जिनका जिक्र हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने चुनावी हलफनामे में नहीं किया है।  वहीं रिनिकी सरमा ने पवन खेड़ा के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन पर ‘खराब तरीके से गढ़े गए’ दस्तावेज फैलाने का आरोप लगाया और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, रिनिकी सरमा ने कहा था कि न सिर्फ किए गए दावों में, बल्कि शेयर किए जा रहे या कहे जा रहे डॉक्यूमेंट्स में भी बड़ी कमियां थीं।  खेड़ा पर निशाना साधते हुए उन्होंने लिखा, ‘आपकी सिर्फ तपस्या में ही नहीं, एआई जेनरेशन और फोटोशॉपिंग में भी कमी रह गई. मुझे उम्मीद थी कि एक राष्ट्रीय पार्टी का प्रवक्ता बुनियादी उचित जांच करेगा, न कि मनगढ़ंत पासपोर्ट और डॉक्यूमेंट्स की खराब इमेज सर्कुलेट करेगा.’ उन्होंने कहा कि इस मामले को अब कानूनी तौर पर निपटाया जाएगा. उन्होंने खेड़ा और कांग्रेस पार्टी को टैग करते हुए कहा, ‘अब मैं कानून को अपना काम करने दूंगी. क्रिमिनल चार्ज लगाए जा रहे हैं. हम इसे कोर्ट में जारी रख सकते हैं।  वहीं मुख्‍यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने पवन खेड़ा के आरोपों पर कहा था कि वह और उनकी पत्नी अगले 48 घंटों के भीतर पवन खेड़ा के खिलाफ आपराधिक और दीवानी, दोनों प्रकार के मानहानि के मुकदमे दायर करेंगे. मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्‍ट में पलटवार करते हुए कहा कि पवन खेड़ा की आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस कांग्रेस पार्टी के भीतर गहरे असंतोष और घबराहट को दर्शाती है. जैसे-जैसे असम एक ऐतिहासिक जनादेश की ओर निर्णायक रूप से आगे बढ़ रहा है, इस तरह के हताश और बेबुनियाद हमले केवल उनके कमजोर होते जनाधार को ही उजागर करते हैं।  सीएम ने कहा कि मैं उनके द्वारा लगाए गए हर आरोप को पूरी तरह से खारिज करता हूं. ये दुर्भावनापूर्ण, मनगढ़ंत और राजनीतिक रूप से प्रेरित झूठ हैं, जिनका मकसद असम की जनता को गुमराह करना है. मेरी पत्नी और मैं अगले 48 घंटों के भीतर पवन खेड़ा के खिलाफ आपराधिक और दीवानी, दोनों तरह के मानहानि के मुकदमे दायर करेंगे. उनके इन गैर-जिम्मेदाराना और मानहानिकारक बयानों के लिए उन्हें पूरी तरह से जवाबदेह ठहराया जाएगा।   

दतिया उपचुनाव: सुनवाई 15 अप्रैल तक टली, BJP की अंदरूनी बैठक से बढ़ी हलचल

दतिया  दतिया विधानसभा सीट को लेकर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। दिल्ली हाईकोर्ट में पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सजा के खिलाफ दायर अपील पर मंगलवार को सुनवाई हुई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अगली तारीख 15 अप्रैल तय की है।  दरअसल बैंक फ्रॉड मामले में राजेंद्र भारती को 2 अप्रैल को दिल्ली की एमपी/एमएलए कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता समाप्त कर दतिया सीट को रिक्त घोषित कर दिया। अब इस सीट पर उपचुनाव होने की संभावना बन गई है। भोपाल में आज पूर्व गृह मंत्री  डॉ. नरोत्तम मिश्रा के निवास पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पहुंचे। प्रदेश अध्यक्ष ओर नरोत्तम मिश्रा ने इस अवसर पर प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, संगठनात्मक गतिविधियों और समसामयिक मुद्दों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा की।  सुनवाई टलने के बाद राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भोपाल में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के निवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में चर्चा हुई। माना जा रहा है कि यह बैठक दतिया उपचुनाव की रणनीति को लेकर थी। दतिया सीट को डॉ. नरोत्तम मिश्रा का मजबूत क्षेत्र माना जाता है। वे यहां से तीन बार विधायक रह चुके हैं हालांकि पिछले चुनाव में उन्हें कांग्रेस के राजेंद्र भारती से हार का सामना करना पड़ा था। अब सीट खाली होने के बाद उनके फिर से चुनाव मैदान में उतरने की चर्चाएं तेज हैं।फिलहाल सभी की नजरें 15 अप्रैल की अगली सुनवाई पर टिकी हैं क्योंकि इसके बाद ही दतिया उपचुनाव की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पहुंचे डॉ मिश्रा के  निवास,बंद कमरे में की चर्चा दतिया के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सजा के खिलाफ दायर अपील पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के बाद अगली तारीख 15 अप्रैल निर्धारित की गई है। न्यायाधीश डॉ. स्वर्ण कांता शर्मा ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के उपरांत यह आदेश दिया। उल्लेखनीय है कि बैंक फ्रॉड मामले में राजेंद्र भारती को गत 2 अप्रैल को दिल्ली की एमपी/एमएलए कोर्ट ने तीन वर्ष की सजा सुनाई थी। सजा के बाद उनकी विधायकी समाप्त हो गई, जिससे दतिया विधानसभा सीट रिक्त हो गई है। सुनवाई टलने के साथ ही मध्यप्रदेश की राजनीति, विशेषकर भोपाल में, हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के निवास पहुंचकर उनसे करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में चर्चा की। इस मुलाकात को दतिया उपचुनाव की संभावित रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। दतिया विधानसभा सीट लंबे समय से डॉ. मिश्रा का मजबूत गढ़ रही है, जहां से वे तीन बार विधायक रह चुके हैं। हालांकि पिछले चुनाव में उन्हें कांग्रेस के राजेंद्र भारती से हार का सामना करना पड़ा था। वर्तमान परिस्थितियों में सीट रिक्त होने के कारण उपचुनाव की स्थिति बन रही है, और ऐसे में डॉ. मिश्रा के फिर से मैदान में उतरने की संभावना प्रबल मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अब 15 अप्रैल की सुनवाई और उसके बाद के घटनाक्रम पर सबकी नजरें टिकी हैं, जो दतिया उपचुनाव की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकते हैं।

महाकुंभ वाले IIT बाबा अभय सिंह अब गृहस्थ बने, विज्ञान और सनातन के मेल से छाए थे

झज्जर. हरियाणा के जिला झज्जर के सासरौली गांव के रहने वाले और प्रयागराज महाकुंभ मेले में प्रसिद्ध हुए आईआईटी बाबा अभय ने शादी की। शादी के बंधन में बंधने के बाद आज (सोमवार) वे अपने झज्जर वाले घर पहुंचे। उन्होंने 15 फरवरी को शिवरात्रि शुभ अवसर पर शादी की। इसके बाद उन्होंने 19 फरवरी को कोर्ट मैरिज भी की। आखिर महाकुंभ में क्यों चर्चा में आए अभय सिंह? देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी से शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने वैराग्य का मार्ग चुना। अपनी वेशभूषा, बल्कि अपनी तार्किक क्षमता और जीवन के प्रति नजरिये के कारण फेमस हुए। उन्होंने आईआईटी जैसे संस्थान से स्नातक करने के बाद विदेश में मिलने वाले करोड़ों के वेतन और ऐशो-आराम की जिंदगी को ठुकरा दिया।उनका यह निर्णय आज के उस युवा वर्ग को हैरान कर रहा है जो सफलता का पैमाना केवल आर्थिक समृद्धि को मानता है। प्रवचनों में केवल पौराणिक कथाएं नहीं होतीं, बल्कि वे धर्म को विज्ञान की कसौटी पर कसकर समझाते हैं। वे क्वांटम फिजिक्स से लेकर न्यूरोसाइंस तक के उदाहरणों के माध्यम से सनातन धर्म की वैज्ञानिकता को सिद्ध करते हैं, जो शिक्षित युवाओं को खासा प्रभावित कर रहा है। उनके पास न तो कोई बड़ा तामझाम था और न ही वीआईपी संस्कृति का दिखावा। उनकी सरलता ही उनकी सबसे बड़ी पहचान बनकर उभरी। उन्होंने मानसिक शांति और अवसाद से मुक्ति के लिए आध्यात्मिक मार्ग को वैज्ञानिक तरीके से सुझाया

पेंशनर्स के हक में कोर्ट सख्त: भत्ता और यात्रा रियायत देने के निर्देश, कर्मचारियों को राहत

चंडीगढ़. पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने रिटायर्ड कर्मचारियों के हित में महत्वपुर्ण फैसला सुनाते हुए पंजाब सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया है जिसके अधीन लटकी विभागी या न्यायिक कार्रवाई का हवाला देकर पेंशनर्स को बुढ़ापा भत्ता और यात्रा छूट से वंचित किया जा रहा था। जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की सिंगल बेंच ने साफ किया कि किसी भी कानूनी प्रोविजन के बिना सिर्फ प्रशासनिक आदेशों के आधार पर रिटायरमेंट के लाभ रोके नहीं जा सकते। यह मामला पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के रिटायर्ड कर्मचारियों द्वारा दायर की गई अर्जी से संबंधित था। पिटीशनर्स ने साल 2022 के उस स्पष्टीकरण को चुनौती दी थी, जिसमें कहा गया था कि जिन कर्मचारियों के खिलाफ विभागी या न्यायिक कार्रवाई लटकी है और जो प्रोविजनल पेंशन ले रहे हैं, उन्हें बुढ़ापा भत्ता और यात्रा में छूट नहीं मिलेगी। हाईकोर्ट ने 22 दिसंबर, 2022 के आदेश को रद्द करते हुए राज्य सरकार को सभी एलिजिबल कर्मचारियों को बकाया बुढ़ापा भत्ता और यात्रा छूट 6 हफ्ते के अंदर जारी करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि यह फ़ैसला उन सभी कर्मचारियों पर लागू होगा जिनकी स्थिकी एक जैसी हैं, चाहे उन्होंने अर्जी दायर की हो या नहीं।

जाम से मिलेगी छुटकारा: छत्तीसगढ़ में बनेंगे 9 बायपास, 448 करोड़ की योजना स्वीकृत

रायपुर. मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने तथा तेज व सुव्यवस्थित यातायात के लिए लोक निर्माण विभाग ने हाल ही में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में नौ बायपास सड़कों के लिए कुल 448 करोड़ 13 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने स्थानीय लोगों की मांगों व जरूरतों को देखते हुए इन बायपास सड़कों के लिए प्राथमिकता से राशि मंजूर करने के निर्देश दिए थे। रायगढ़ जिले में 6 किमी का बायपास लोक निर्माण विभाग द्वारा रायगढ़ जिले में तमनार बायपास मार्ग के लिए 152 करोड़ 17 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से 6 किमी बायपास सड़क का निर्माण किया जाएगा। विभाग ने रायगढ़ शहर में रिंग रोड (बायपास मार्ग) के लिए 70 करोड़ 47 लाख रुपये मंजूर किए हैं। खरसिया के बायपास क्रमांक-3 कबीर चौक से डभरा रोड तक 2 किमी सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए भी 7 करोड़ 22 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। धमतरी जिले में 4 किमी का बायपास विभाग ने धमतरी जिले में 4 किमी लंबाई के भखारा बायपास के लिए 14 करोड़ 94 लाख रुपये तथा 1.50 किमी लंबाई के नारी बायपास मार्ग के लिए 7 करोड़ 97 लाख रुपये मंजूर किए हैं। बलौदाबाजार में लटुवा, पनगांव होते हुए 15 किमी लंबे बलौदाबाजार बायपास सड़क के लिए 88 करोड़ 68 लाख रुपये एवं 7 किमी लंबे रिसदा बायपास मार्ग के लिए 20 करोड़ 99 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। बिलासपुर में 13.40 किमी का बायपास लोक निर्माण विभाग ने बिलासपुर में 13.40 किमी कोनी-मोपका फोरलेन बायपास मार्ग के लिए 82 करोड़ 80 लाख रुपये और बेमेतरा जिले में 1.20 किमी कांक्रीटीकृत छिरहा बायपास सड़क के लिए 2 करोड़ 89 लाख रुपये की भी मंजूरी दी है। ट्रैफिक का दबाव कम करने निर्माण उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने कहा कि, “राज्य शासन शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में निर्बाध, तेज और सुरक्षित यातायात उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए बायपास सड़कों, पुलों और ओवरब्रिजों का निर्माण प्राथमिकता से किया जा रहा है। इससे आवागमन और अधिक स्मूथ, तेज एवं व्यवस्थित होगा। हम प्रदेश के समग्र विकास के लिए आधुनिक और मजबूत सड़क अधोसंरचना लगातार विकसित कर रहे हैं।”

मध्य प्रदेश में 30 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि, 3 दिन बाद हीटवेव का रहेगा असर

भोपाल   मध्य प्रदेश में अप्रैल में आमतौर पर तेज गर्मी का दौर शुरू हो जाता है. इस बार आंधी और बारिश ने तापमान को नीचे ला दिया है. मौसम विभाग ने प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में मंगलवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. अगले 72 घंटे तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं, गरज-चमक के साथ बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि का अलर्ट है. मौसम साफ होते ही तापमान तेजी से बढ़ेगा और अगले सप्ताह तक पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना है।  तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा मध्य प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान तापमान में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला. बादल और हल्की बारिश के कारण प्रदेश के ज्यादातर जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहा. बीते 24 घंटे में सबसे अधिक तापमान नर्मदापुरम में 37.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके बाद खरगोन और रतलाम में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा. राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 3.8 डिग्री सेल्सियस कम है।  मध्य प्रदेश में अगले 3 दिन आंधी-बारिश के साथ ओले गिरेंगे  इंदौर में 34.2 डिग्री और जबलपुर में 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके साथ ही रात के तापमान में भी गिरावट देखने को मिली है. हिल स्टेशन पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. कई जिलों के न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई।  इन जिलों में तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा मौसम विभाग ने 7 अप्रैल के लिए प्रदेश के कई हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया है. भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच और नर्मदापुरम संभाग के जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है. ग्वालियर-चंबल संभाग में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा बताया गया है।  ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी और गुना जिलों में वज्रपात को लेकर लोगों को सावधान रहने को कहा गया है. इसके अलावा बुंदेलखंड के छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और सागर जिलों में भी तेज हवा और हल्की बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।  पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया "पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में मौसम का असर ज्यादा दिखाई दे सकता है. रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, पन्ना और दमोह में आंधी के साथ बारिश की संभावना जताई गई है. रीवा और मऊगंज क्षेत्र में हवाओं की रफ्तार तेज रहने की संभावना है. वहीं कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है।  एक साथ कई वेदर सिस्टम सक्रिय मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार "प्रदेश में मौसम के अचानक बदलने की मुख्य वजह एक साथ कई मौसमी प्रणालियों का सक्रिय होना है. जम्मू-कश्मीर के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में सक्रिय है. इसके साथ ही दक्षिण कैस्पियन सागर क्षेत्र से एक और पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ रहा है. उत्तर-पूर्व उत्तरप्रदेश से लेकर पूर्वी मध्यप्रदेश होते हुए विदर्भ तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है. इन सभी प्रणालियों के कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आ रही है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में बादल, बारिश और आंधी की स्थिति बन रही है।  8 से 10 अप्रैल तक ऐसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार "अगले तीन दिन तक प्रदेश में मौसम में अस्थिरता बनी रहेगी, हालांकि धीरे-धीरे इसका असर कम होने लगेगा. 8 अप्रैल को ग्वालियर, चंबल और रीवा संभाग के जिलों में आंधी और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. 9 अप्रैल तक बारिश का क्षेत्र सिमटकर मुख्य रूप से पूर्वी मध्य प्रदेश तक रह जाएगा. इस दिन रीवा, सीधी और सिंगरौली जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. जबकि 10 अप्रैल से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ होने लगेगा. विभाग ने इस दिन के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है।  अप्रैल के दूसरे सप्ताह से तेज गर्मी मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे ही बादल छंटेंगे और आसमान साफ होगा, तापमान तेजी से बढ़ने लगेगा. 10 अप्रैल के बाद दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज हो सकती है. वर्तमान में जहां अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री के बीच है, वहीं, अगले सप्ताह की शुरुआत तक कई शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है. इसके साथ ही प्रदेश में हीट वेव यानी लू का असर भी शुरू होने की संभावना जताई गई है। 

योगी कैबिनेट के 22 फैसले: स्टूडेंट्स को टैबलेट, शिक्षामित्रों को मिलेगा डबल मानदेय

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार (7 अप्रैल) को कैबिनेट की बैठक हुई. इस दौरान मंत्रिपरिषद द्वारा 22 प्रस्ताव पेश किए गए, इन सभी 22 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई. बैठक में शिक्षामित्रों का मानदेय 18 हजार रुपए और अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार रुपए करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली।  उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का बढ़ा हुआ मानदेय 1 मई से दिया जाएगा.पिछले लंबे समय से यूपी के लाखों शिक्षा मित्र इस फैसले का इंतजार कर रहे थे. 1,42,929 शिक्षा मित्र राज्य में हैं, वहीं 24,717 अनुदेशक वर्तमान में राज्य में कार्यरत हैं।  49 नए बस अड्डों के निर्माण को मंजूरी कैबिनेट बैठक में पीपीपी मॉडल पर 49 नए बस अड्डों के निर्माण को मंजूरी दी गई है. बताया जा रहा है कि ये बस अड्डे पूरी तरह एयरपोर्ट की तर्ज पर आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे. योगी सरकार के इस फैसले से राज्य के 52 जिले सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे, वहीं यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।  25 लाख टैबलेट की खरीदे जाएंगे जानकारी के मुताबिक स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजनांतर्गत निःशुल्क टैबलेट हेतु अंतिम बिड हेतु प्रस्ताव को मंजूरी मंजूरी दी गई है. छात्रों को वितरित करने के लिए 25 लाख टैबलेट की खरीदे जाएंगे. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि अभी तक प्रदेश में 60 लाख स्मार्ट फोन और टैबलेट वितरित किए जा चुके हैं, वहीं अब 25 लाख टैबलेट और खरीदने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिली है।  बैठक में औद्योगिक विकास विभाग की हाई पावर कमेटी की संस्तुतियों को मंजूरी दे दी गई है. इसके तहत राज्य के 9 जिलों में ₹15,189 करोड़ से अधिक के निवेश से 12 औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जाएंगी. निवेश के लिए 8 प्रस्ताव पेश किए गए।  कैबिनेट के निर्णय की जानकारी देते हुए बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 में 10,000 रुपए निर्धारित किए गए शिक्षामित्रों के मानदेय को बढ़ाकर अब 18,000 रुपए प्रतिमाह कर दिया गया है। इसी प्रकार अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय 9,000 रूपए से बढ़ाकर 17,000 रुपए प्रतिमाह किया गया है। यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा और मई माह में दिए जाने वाले भुगतान में सम्मिलित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 1,42,929 शिक्षामित्र कार्यरत हैं, जिनमें से 1,29,332 शिक्षामित्रों का मानदेय अब तक समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत केंद्र व राज्य सरकार के 60:40 अनुपात में प्राप्त होता रहा है। मानदेय वृद्धि के फलस्वरूप इन पर आने वाला 1138.12 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। शेष 13,597 शिक्षामित्र, जिनका भुगतान पूर्णतः राज्य सरकार द्वारा किया जाता है, उनके लिए 119.65 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार भी राज्य सरकार वहन करेगी। संदीप सिंह ने बताया कि प्रदेश के 13,769 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में वर्तमान में 24,717 अंशकालिक अनुदेशक कार्यरत हैं। मानदेय वृद्धि के इस निर्णय से इन अनुदेशकों को भी बड़ी राहत मिलेगी तथा इस पर 217.50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि योगी सरकार शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत कर्मियों के हितों के प्रति संवेदनशील है और उनके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह निर्णय न केवल शिक्षामित्रों एवं अंशकालिक अनुदेशकों के जीवन स्तर में सुधार लाएगा, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाएगा। 6 नए प्रस्ताव     ओएफबी टेक प्रा.लिम. 589 करोड़ के निवेश के साथ शाहजहांपुर में एग्रो केमिकल्स बनाएगी.     इंडिया ग्लाइकॉन्स लिमिटेड गोरखपुर (गीडा) में एथेनाल प्रोडक्शन के लिए क्षमता विस्तार करेगी,669 करोड़ का निवेश.     सोलर सेल व मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट निर्माण हेतु 3805 करोड़ का निवेश,बुंदेलखंड व यमुना अथॉरिटी परिसर में.     बिसलेरी इंटरनेशनल प्रा.लिमिटेड,प्रयागराज में स्थापित होगा,269.31 करोड़ का निवेश.     ए.जी.आई. कैन मैन्युफैक्चरिंग के लिए हाथरस में यूपीसीडा क्षेत्र में 1128.72 करोड़ का निवेश करेगा.     इंटीग्रेटेड बैटरीज इंडिया प्रा.लिमिटेड का सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट 1146 करोड़ का निवेश, यमुना अथॉरिटी परिसर में. कैबिनेट के अन्य फैसले     जनपद पीलीभीत व लखीमपुर खीरी,रामपुर व बिजनौर में भारत पाकिस्तान विभाजन के समय विस्थापित होकर आए परिवारों को भारतीय नागरिकता के लिए पात्रता के सम्बंध में प्रस्ताव को स्वीकृति मिली है।      इनकी संख्या लखीमपुर खीरी में 2350 परिवार,पीलीभीत में 4 हजार परिवार,बिजनौर में 18 ग्रामों में 3856 परिवार,रामपुर में 16 ग्रामों में 2174 परिवार हैं.     डॉ अंबेडकर मूर्ति विकास योजना को मंजूरी. योजना के तहत अंबेडकर समेत तमाम महापुरुषों से संबंधित स्थानों पर स्थापित मूर्तियों का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।      स्थलों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा, हर स्थान के लिए 10 लाख खर्च किये जाएंगे.     हर विधानसभा के लिए 1 करोड़, कुल 403 करोड़ दिए जाएंगे।      सभी विधानसभा क्षेत्र में 14 अप्रैल को कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और योजना की जानकरी दी जाएगी।  शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की बड़ी जीत लंबे समय से सड़क से सदन तक संघर्ष कर रहे शिक्षामित्रों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। कैबिनेट ने उनके मानदेय को 10,000 रुपये से बढ़ाकर सीधा 18,000 रुपये प्रति माह करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। वहीं, अनुदेशकों का मानदेय भी 9,000 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 2 लाख परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को एक अप्रैल से बढ़ा हुआ मानदेय मिलेगा। मई के वेतन में जुड़कर आएगा। 25 लाख युवाओं को डिजिटल सौगात 'स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना' के तहत सरकार ने अपना अब तक का सबसे बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्ष 2026-27 के लिए 25 लाख छात्र-छात्राओं को टैबलेट देने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। इसके लिए बिड की सेवा-शर्तों और खरीद प्रक्रिया को भी अंतिम रूप दे दिया गया है। विस्थापितों को मिला 'भूमिधर' का हक कैबिनेट ने एक मानवीय फैसला लेते हुए भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय आए विस्थापितों और CAA (नागरिक संशोधन अधिनियम) के तहत पात्र परिवारों को बड़ी राहत दी है। इन परिवारों को अब उनकी काबिज भूमि पर 'भूमिधर' (मालिकाना) अधिकार देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही 'उत्तर … Read more

मणिपुर: कुकी उग्रवादियों के हमले में मां के साथ सो रहे दो बच्चों की दर्दनाक मौत

बिष्णुपुर  हिंसा की आग में जल रहे मणिपुर में उग्रवादी संगठन भी सक्रिय हो गए हैं. हिंसाग्रस्त सूबे में उग्रवादी हमले की नई घटना सामने आई है. इस घटना में दो छोटे बच्चों की मौत हो गई है और इन बच्चों की मां घायल हो गई है. घायल महिला को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उपचार चल रहा है. घटना बिष्णुपुर जिले की है।  जानकारी के मुताबिक बिष्णुपुर जिले में कुकी उग्रवादियों ने 6 और 7 अप्रैल की रात करीब एक बजे एक घर पर बम से हमला कर दिया. इस हमले में पांच साल के एक बच्चे और छह माह की एक बच्ची की जान चली गई. इन बच्चों की मां घायल बताई जा रही है. जिस समय बम हमला हुआ, महिला अपने दोनों बच्चों के साथ घर में सो रही थी।  तीनों नींद में ही थे कि घर पर गिरा बम फट गया. आनन-फानन में तीनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया. घटना बिष्णुपुर जिले के मोइरांग त्रोंग्लाओबी गांव की बताई जा रही है. यह गांव चूराचांदपुर के पास स्थित है. मणिपुर हिंसा के समय से ही यह सीमावर्ती इलाका कुकी उग्रवादियों के निशाने पर रहा है।  मोइरांग त्रोंग्लाओबी गांव में गोलीबारी की घटनाएं लगातार होती आई हैं. इस इलाके से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक टीएच शांति सिंह ने त्रोंग्लाओबी में हुए उग्रवादी हमले की निंदा की है. उन्होंने दावा किया कि हमला कुकी नार्को आतंकियों ने किया है. विधायक ने कहा कि यह जघन्य घटना आतंकी कृत्य है. ऐसी घटनाओं के लिए समाज में कोई जगह नहीं है।  जेपी विधायक ने घटना की कड़ी निंदा की और मृत बच्चों को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की. उन्होंने कहा है कि इस असहनीय दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं। 

MP के इस गांव में गाली-मुक्त अभियान, जुबान से गलती होने पर तुरंत एक्शन

बुरहानपुर बुरहानपुर का बोरसर गांव इस बार किसी त्योहार से नहीं, संस्कारों की सुनामी से सुर्खियों में है! एमपी का पहला गाली-मुक्त मॉडल गांव बनने के बाद यहां की हवा में अब गालियां नहीं, संस्कारों की खुशबू बह रही है. यहां सड़कों पर कदम रखते ही साफ लिखा मिलता है, गाली की एंट्री बैन… यदि कोई व्यक्ति गाली देता पकड़ा जाता है, तो उस पर ₹500 का जुर्माना लगाया जाता है और साथ ही एक घंटे तक गांव की सफाई करने की सजा भी दी जाती है. इसका मतलब एकदम ऑन-द-स्पॉट एक्शन होता है. चाहे आम आदमी हो या कोई प्रभावशाली रसूखदार गाली दी तो कार्रवाई होना तय है।  क्या बोले गांव वाले? गांव वासियों ने बताया कि इससे बहुत लाभ मिल रहा है, अगर ये सब रुक जाए तो अच्छा है. गाली गलौच से तो बहुत से झगड़े भी होते हैं, लड़ाई होती है उसको अगर रुकवा देंगे तो अपना गांव देश अच्छा बन जाएगा. हम बिलकुल इस नियम के साथ हैं, जब ये मुद्दा उठाया गया था तो हमने तभी से इसे मानने का मन बना लिया था।  स्पेशल फोर्स भी बनाई गई गांव के युवा अब ‘गाली पकड़ो स्पेशल फोर्स’ की विशेष टीम का हिस्सा बन गए हैं. यह टीम निगरानी रखती है और नियम तोड़ने वालों पर तुरंत कार्रवाई करती है. किसी ने गलती की, तो ये टीम वैसे ही पकड़ेगी जैसे पुलिस मोस्ट वांटेड को पकड़ती है. ग्राम पंचायत और समाजसेवी अश्विन पाटिल के इस नवाचार ने गांव की सोच का असली अपग्रेशन कर दिया है. बच्चों की जुबान से गालियां गायब और उनकी जगह किताबों की खुशबू महक रही है।  गांव की इस पहल से शहर भी शर्मिंदा गांव वालों का कहना है कि गांव में खुला नया पुस्तकालय अब संस्कारों की ऊर्जा फैला रहा है. आज बोरसर सिर्फ गांव नहीं, सचमुच संस्कारों की प्रयोगशाला बन चुका है, जहां से उठी यह क्रांति बड़े शहरों को भी शर्मिंदा कर रही है।