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महाकाल के दर्शन के लिए पहुंची उल्का गुप्ता, किंजल दवे समेत कई सितारे, केरला स्टोरी-2 एक्ट्रेस भी मौजूद

उज्जैन  बुधवार सुबह प्रसिद्ध टीवी और फिल्म अभिनेत्री उल्का गुप्ता, गुजराती सिंगर किंजल दवे, साउथ फिल्म एक्ट्रेस मोनल गज्जर और पूर्व क्रिकेटर सुनील जोशी महाकाल मंदिर पहुंचे। सभी ने तड़के भस्म आरती में शामिल होकर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया। सभी श्रद्धालु सुबह करीब 4 बजे मंदिर पहुंचे और नंदी हॉल में बैठकर करीब 2 घंटे तक भस्म आरती में शामिल रहे। इस दौरान वे भगवान महाकाल का जाप करते नजर आए। नंदी जी का पूजन कर कान में अपनी मनोकामना भी कही। आरती के बाद सभी ने भगवान महाकाल के दर्शन कर जल अर्पित किया और मंदिर समिति की ओर से उनका सम्मान भी किया गया। “शब्दों में बयां नहीं कर सकती अनुभव” उल्का गुप्ता ने कहा कि महाकाल के दर्शन कर वह खुद को धन्य महसूस कर रही हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर के अंदर का माहौल इतना दिव्य था कि दो घंटे कैसे बीत गए, पता ही नहीं चला। उन्होंने कहा कि शिवलिंग का श्रृंगार और जल अर्पण को इतने करीब से देखना अद्भुत अनुभव रहा। भस्म आरती के दौरान का माहौल, गूंजते मंत्र और तालियों की आवाज ने उन्हें रोमांचित कर दिया। उनके अनुसार, हर शिव भक्त को जीवन में एक बार इस अनुभव को जरूर करना चाहिए।

दांव-पेंच का संग्राम: भिलाई में 10 से राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता का आगाज़

भिलाई नगर. छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार अंडर 20 राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन 10 से 12 अप्रैल 2026 को भिलाई निवास के सामने साइकिल पोलो ग्राउंड में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 28 राज्य एवं सर्विसेस को मिलाकर 1100 महिला और पुरुष पहलवान 120 मेडल और 3 ट्रॉफी के लिए महासंग्राम करेंगे। प्रतियोगिता में भारतीय महिला कुश्ती टीम की वह खिलाड़ी भी शामिल हैं, जिन्होंने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल हासिल किया है। स्पर्धा में मुख्य आकर्षण विगत वर्ष की महिला कुश्ती टीम वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल हासिल किया तीनों भारतीय सेवा की टीम अपने जॉर्जिया के कोच के साथ पूर्व सांसद और पूर्व कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह नेताजी व भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष संजय सिंह बबलू भी शामिल हो रहे हैं। इस पूरे कार्यक्रम के सफल संचालन व समापन की जिम्मेदारी स्वयं सांसद विजय बघेल ने उठाई है। इसमें समाजसेवी दिलबर यादव एवं छत्तीसगढ़ कुश्ती संघ के पदाधिकारी अध्यक्ष जगन्नाथ यादव, महासचिव प्रशांत राय, उपाध्यक्ष भूपेंद्र यादव, उपाध्यक्ष लक्ष्मण पहलवान, उपाध्यक्ष भगवान पहलवान का सहयोग रहेगा।

TMC ने कहा ‘GET LOST’, CEC और डेरेक ओ’ब्रायन के बीच हुआ हंगामा

नई दिल्ली टीएमसी और चुनाव आयोग में तलवार खिंच गई है. टीएमसी और चुनाव आयोग की बैठक में बड़ा बवाल हुआ है. टीएमसी नेता डेरेक ओब्रायन चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से भिड़ गए. इतना ही नहीं, टीएमसी नेता डेरेक ओब्रायन मीटिंग में ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर चिल्लाए और बोलने से रोक दिया. वहीं, टीएमसी का दावा है कि उनकी टीम को मुख्य चुनाव आयुक्त ने निकल जाने को कहा. उन्होंने टीएमसी को गेट लॉस्ट कहा. दरअसल, टीएमसी यानी तृणमूल कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल आज यानी बुधवार को निर्वाचन आयोग से मिला. यह मीटिंग पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कारण लोगों के ‘मतदान के अधिकार से वंचित होने का मुद्दा पर थी।  तय समय के अनुसार टीएमसी का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचा. तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ’ब्रायन ने सोमवार को निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर मिलने का समय मांगा था. इसका जवाब मंगलवार को अपराह्न करीब तीन बजे आया. चुनाव आयोग के साथ टीएमसी की यह मीटिंग केवल 7 मिनट ही चल पाई. 7 मिनट की इस बैठक में ही बवाल हो गया. बैठक के दौरान टीएमसी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के नोटिस का ज़िक्र किया. इसके बाद बैठक का माहौल जल्दी ही गरम हो गया।  ज्ञानेश कुमार पर चिल्लाए डेरेक ओब्रायन सूत्रों का कहना है कि बैठक के दौरान टीएमसी नेता डेरेक ओब्रायन ज्ञानेश कुमार पर चिल्ला उठे थे.और कहा कि आप बोलना बंद करें. इतना ही नहीं, उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को बोलने से भी रोक दिया. इसके बाद  CEC ज्ञानेश कुमार ने टीएमसी नेता डेरेक ओ’ब्रायन से आयोग कक्ष की गरिमा बनाए रखने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि चिल्लाना और अभद्र व्यवहार उचित नहीं है।  टीएमसी का दावा- हमें निकल जाने को कहा हालांकि, टीएमसी का कहना है कि चुनाव आयोग का दावा झूठा है. टीएमसी ने दावा किया कि हमें मीटिंग से भगा दिया गया. डेरेक ओब्रायन ने कहा कि हम बैठक में गए और हमें चीफ इलेक्शन अफसर ने कहा निकल जाओ यहां से. GET LOST… तो हमलोग निकल आए. चुनाव आयोग से बैठक के बाद टीएमसी ने CEC ज्ञानेश कुमार पर हमला बोला. इतना ही नहीं, टीएमसी सांसद साकेत गोखले ने भी एक्स पर पोस्ट कर ऐसा ही बयान दिया है।  डेरेक ने ज्ञानेश कुमार को बताया चोर टीएमसी सांसद डेरेक ओब्रायन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को अपराधी और चोर बताया. डेरेक ओब्रायन ने कहा कि ज्ञानेश कुमार पर भरोसा नहीं किया जा सकता. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग वोट चोरी करने की कोशिश कर रहा है. टीएमसी का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के जरिए बंगाल में लाखों नाम काटे जा रहे हैं. इससे गरीब, अल्पसंख्यक और बंगाली वोटर प्रभावित हो रहे हैं।  ECI ने टीएमसी पर लगाए गंभीर आरोप दूसरी ओर चुनाव आयोग के सूत्रों ने अलग कहानी पेश की है. सूत्रों का दावा है कि डेरेक ओ'ब्रायन ने आयोग पर चिल्लाते हुए सीईसी को चुप रहने को कहा. उन्होंने कथित तौर पर कहा कि वो वहां उनकी बात सुनने नहीं आए हैं।  आयोग के मुताबिक, टीएमसी प्रतिनिधिमंडल ने धमकी दी और बैठक से बाहर निकल गए. आयोग ने इसे 'ईसी की टीएमसी से सीधी बात' के रूप में व्हाट्सएप के माध्यम से प्लांट करने की कोशिश बताया है।  इंडिया ब्लॉक की प्रेस कॉन्फ्रेंस उधर, टीएमसी ने अब इस विवाद को बड़े राजनीतिक स्तर पर ले जाने का फैसला किया है. देश की दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी होने के नाते, टीएमसी और 'INDIA' ब्लॉक के नेता आज शाम कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया पर चर्चा के लिए शाम 4.45 बजे का वक्त तय किया गया है. दोनों पक्षों के बीच कड़वाहट अब चरम पर पहुंच गई है।  पहले भी सीईसी को घेर चुके टीएमसी नेता गौरतलब है कि इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को निशाना बनाते हुए ओ’ब्रायन ने कहा था, ‘बहुत हो गया आपका अहंकार. कल हमारी बात सुनिये. हम यहां सिर्फ तृणमूल कांग्रेस के बारे में बोलने नहीं आए हैं, हम यहां इसलिए हैं ताकि आप उन लोगों की आवाज सुनिये जिन्हें आपने मताधिकार से वंचित किया है या जिन्हें आप मताधिकार से वंचित करने की कोशिश कर रहे हैं।  किस बात पर हुई मीटिंग निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बाद मतदाता सूची से करीब 91 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं. मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य के अंतिम मतदाता आधार की घोषणा अभी बाकी है. हालांकि, उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष अक्टूबर के अंत में 7.66 करोड़ मतदाताओं के आधार पर, राज्य में इस समय कुल हटाए गए मतदाताओं का प्रतिशत 11.85 प्रतिशत से अधिक है. एसआईआर प्रक्रिया की शुरुआत से अब तक कुल हटाए गए नामों की अंतिम संख्या 90.83 लाख से थोड़ा अधिक रही। 

अमेरिका में सीजफायर के बाद ट्रंप से इस्तीफे की मांग, जानें क्या है वजह

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ पिछले 40 दिन से जारी सैन्य कार्रवाई रोकने का ऐलान कर दिया है. ट्रंप ने दो हफ्ते के लिए सीजफायर का ऐलान किया है. इजरायल ने भी ईरान के खिलाफ हमले रोकने की बात कही है और आगे की बातचीत पाकिस्तान में होगी. ट्रंप के ऐलान को युद्ध खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है।  अमेरिकी राष्ट्रपति के इस संदेश से जगी शांति की आस के बाद दुनियाभर के बाजार बम-बम हैं. वहीं, अमेरिका में अब ट्रंप के इस्तीफे की मांग भी जोर पकड़ती नजर आ रही है. अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी ने ईरान के खिलाफ लड़ाई के इस अंत को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पूर्ण समर्पण बताया है. उन्होंने अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन पर कहा है कि इससे ईरान को होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण मिल गया।  अमेरिकी सीनेटर ने दावा किया कि वह सच नहीं बता रहे हैं. अगर ईरान की मांग का कुछ हिस्सा भी मान लें, तो डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट पर उसे नियंत्रण देने की सहमति दे दी है. क्रिस मर्फी ने दुनिया के लिए इसे विनाशकारी स्थिति बताया. वहीं, अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सदस्य ग्वेन मूरे ने युद्ध विराम के बाद राष्ट्रपति ट्रंप की आलोचना की।  उन्होंने कहा कि कांग्रेस से ट्रंप पर लगाने की मांग की और कहा कि वह (डोनाल्ड ट्रंप) राष्ट्रपति पद के लिए अयोग्य हैं. ग्वेन मूरे ने तो यहां तक कह दिया है कि डोनाल्ड ट्रंप को किसी भी संभव तरीके से पद से हटाया जाना चाहिए. ग्वेन मूरे ने कहा कि अब समय आ गया है कि रिपब्लिकन सांसद भी डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर उनकी इस पागलपन भरी नीति को खत्म करें।  वहीं, अमेरिका के पूर्व एंटी टेरर चीफ जो केंट ने कहा है कि युद्धविराम सफल बनाना है, तो इजरायल को भी संयम बरतने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि हमें सबसे पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि हम इज़राइल को नियंत्रित रखें. एक तरफ अमेरिका में ट्रंप के इस्तीफे की मांग जोर पकड़ रही है, वहीं व्हाइट हाउस ने इसे अमेरिका की बड़ी जीत बताया है।  व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लीविट ने कहा कि यह अमेरिका की जीत है. इसे राष्ट्रपति ट्रंप और हमारी शानदार सेना ने संभव बनाया है. उन्होंने दावा किया कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की शुरुआत से ही राष्ट्रपति ट्रंप ने इस अभियान के चार से छह हफ्ते तक चलने के अनुमान लगाए थे. व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ने यह भी कहा कि अमेरिकी सैनिकों की असाधारण क्षमता से सैन्य लक्ष्य 38 दिन में ही हासिल कर लिया, उसे पार भी कर लिया। 

क्यूआर कोड स्कैन करते ही ‘कलेक्टर ट्री’ सुनाएगा अपनी कहानी, पचपहाड़ के सरकारी स्कूल का डिजिटल नवाचार

झालावाड़ झालावाड़ जिले के भवानीमंडी क्षेत्र के पचपहाड़ स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में पर्यावरण शिक्षा को रोचक बनाने के लिए एक अनोखी पहल शुरू की गई है। हर पेड़ कुछ कहता है- नाम की अभिनव पहल चलाई जा रही है। इस पहल के तहत विद्यालय परिसर में लगे लगभग 500 पेड़-पौधों पर क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं, जिन्हें मोबाइल से स्कैन करते ही अब पौधे स्वयं अपनी विशेषताएं, उपयोग और पर्यावरणीय महत्व के बारे में ऑडियो संदेश के माध्यम से जानकारी दे रहे हैं। क्यूआर स्कैन करने पर सुनाई देगा ऑडियो प्रधानाचार्य कृष्ण गोपाल वर्मा ने बताया कि इस परियोजना की शुरुआत लगभग दो वर्ष पूर्व की गई थी। प्रारंभ में QR कोड स्कैन करने पर पौधों की जानकारी पीडीएफ के रूप में खुलती थी, लेकिन अब इस परियोजना को अपडेट करते हुए इसे ऑडियो आधारित बना दिया है। प्रोजेक्ट के संयोजक एवं राज्य स्तरीय पुरुस्कृत , डॉ दिव्येंदु सेन व्याख्याता, जीव विज्ञान ने बताया कि अब QR कोड स्कैन करते ही संबंधित पौधे के बारे में ऑडियो संदेश सुनाई देता है- मानो पौधा स्वयं अपनी कहानी सुना रहा हो। इस पहल की विशेष बात यह है कि इन ऑडियो संदेशों में स्टूडेंट्स, विद्यालय स्टाफ तथा जिला अधिकारियों, जिला कलक्टर, उपखण्ड अधिकारी, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, एबीईओ, डीईओ एवं विद्यालय प्रिंसिपल ने अपनी आवाज़ दी है, इससे यह पहल और भी प्रेरणादायक बन गई है। मुख्य आकर्षण कलक्टर ट्री मुख्य आकर्षण जीव विज्ञान के व्याख्याता डॉ. दिव्येंदु सेन ने बताया कि जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ से भी एक पेड़ को आवाज देने के लिए अनुरोध किया था। इसे उन्होंने स्वीकार किया और जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने भी एक वृक्ष को अपनी आवाज दी गई थी। जिसे हमने “कलक्टर ट्री” नाम दिया है, जिला कलक्टर ने कुपोषण से लड़ने में सहायक मोरिंगा (सहजन) वृक्ष के लिए अपनी आवाज में संदेश रिकॉर्ड किया है। इस वृक्ष पर लगाए गए QR कोड को स्कैन करने पर कलक्टर की आवाज़ में पेड़ का संदेश सुनाई देता है, जो स्टूडेंट्स और आगंतुकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मनोविज्ञान के समन्वय पर आधारित डॉ. दिव्येंदु सेन ने बताया कि यह पहल तकनीक और शैक्षिक मनोविज्ञान के समन्वय पर आधारित है। इस परियोजना में स्टूडेंट्स की सक्रिय भागीदारी निर्धारित की गई है। स्टूडेंट्स ने स्वयं पौधों की जानकारी एकत्र की, स्क्रिप्ट तैयार की और ऑडियो रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया में भाग लिया। इससे स्टूडेंट्स की जिज्ञासा, स्मरण शक्ति और प्रकृति के प्रति भावनात्मक जुड़ाव बढ़ता है। स्थानीय भाषा में उपलब्ध है रिकॉर्डिंग डॉ सेन ने आगे बताया कि इस पहल में कुछ पौधों के ऑडियो संदेश स्थानीय मालवी भाषा में भी रिकॉर्ड किए हैं, ताकि स्थानीय समुदाय भी पौधों के महत्व को समझ सकें और इस पहल से जुड़ सकें। पलाश और देशी बबूल जैसे पौधे स्थानीय भाषा में स्वयं अपनी कहानी सुनाते हैं, इससे यह परियोजना केवल स्कूल तक सीमित न रहकर समाज से भी जुड़ रही है। स्कूल परिसर में पीपल, बरगद, नीम, खेजड़ी, सागवान, अर्जुन, महुआ, जामुन, आम, अमरूद, पारिजात, पलाश, कचनार, बबूल, काजूरिना, यूकेलिप्टस, मोरिंगा सहित अनेक पौधों को इस परियोजना में शामिल किया गया है। कुछ पौधे अपनी विशेषताओं के साथ-साथ अपनी सीमाओं के बारे में भी बताते हैं, इससे स्टूडेंट्स को सही पौधा सही स्थान पर लगाने की जानकारी भी मिलती है। जिला शिक्षा अधिकारी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण शिक्षा को रोचक और प्रभावी बनाने वाला अभिनव प्रयास बताया।          

डमी कैंडिडेट और नकल माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, एसओजी ने शिक्षा विभाग से मांगी संदिग्धों की कुंडली

जालोर जालोर जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल, डमी उम्मीदवार और फर्जीवाड़े के मामले लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। हाल ही में स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) ने जिले को विशेष निगरानी में लेकर जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। अभ्यर्थियों की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही एसओजी मुख्यालय ने शिक्षा विभाग से संदिग्ध अभ्यर्थियों के दस्तावेज, हस्ताक्षर, आवेदन पत्र, फोटो सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां मांगी गई हैं। इसके बाद जिला स्तर पर भी जांच शुरू कर दी गई और संबंधित अभ्यर्थियों की जानकारी मुख्यालय के माध्यम से एसओजी भेजी जा रही है। विभागीय सूत्रों की मानें तो अभी तक कुल 30 अभ्यर्थियों के खिलाफ रिपोर्ट एसओजी को भेजी जा चुकी है। वहीं, 250 के लगभग अभ्यर्थी संदेह के घेरे में हैं। शुरुआती जांच में सामने आया कि कई मामलों में डमी उम्मीदवारों का चयन परीक्षा में बैठकर हुआ था। पिछले कई वर्षों की परीक्षाओं की जांच हुई शिक्षा विभाग पिछले पांच वर्षों में हुई विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की भी गहन जांच कर रहा है। विशेष रूप से शिक्षा विभाग से जुड़े मामलों में गड़बड़ी पाई गई है, जिसके कारण दस्तावेजों का सत्यापन और सख्ती से किया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक भंवरलाल परमार ने बताया कि एसओजी द्वारा मांगी गई सभी जानकारियों का मिलान किया जा रहा है। दस्तावेजों, आवेदन प्रक्रिया और अन्य विवरणों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने पर दोषी पाए गए अभ्यर्थियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और फर्जीवाड़े पर रोक लगाना है।  

क्या आपके नाखून भी हो रहे हैं पीले या नीले? जानें शरीर में छिपी किन बीमारियों की ओर है यह इशारा

हमारे नाखून न सिर्फ हाथों की खूबसूरती को बढ़ाते हैं, बल्कि ये आपकी सेहत का राज भी बताते हैं। जी हां, भले ही ये सुनने में अजीब लगे लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर बैठे आप अपने नाखूनों को देखकर यह अंदाजा लगा सकते हैं कि आपका शरीर किस स्थिति में है। जी हां, नाखूनों का रंग, बनावट, मोटाई और आकार सभी महत्वपूर्ण संकेत देते हैं। अगर आपको इस बारे में जानकारी नहीं है तो इस लेख में हम आपको बताएंगे कि नाखूनों के कौन-कौन से संकेत स्वास्थ्य की गहन जानकारी देते हैं और कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। नाखून का रंग नाखून का रंग हमारे शरीर की आंतरिक स्थिति का संकेत देता है। अगर नाखून पीले हो रहे हैं तो यह अक्सर विटामिन या मिनरल की कमी की ओर इशारा करता है। कभी-कभी यह ज्यादा धूम्रपान, फंगल संक्रमण या लिवर की समस्या का संकेत भी हो सकता है। नाखूनों पर सफेद धब्बे अक्सर जिंक की कमी से जुड़े होते हैं, जबकि नीला रंग ऑक्सीजन की कमी या फेफड़ों की समस्या की तरफ इशारा कर सकता है। नाखून की बनावट और मोटाई नाखून का बहुत नरम होना या बहुत मोटा होना किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। नरम या टूटने वाले नाखून एनीमिया या लो ब्लड सेल्स की ओर इशारा कर सकते हैं। बहुत मोटे या उभरे हुए नाखून थायरॉइड या फंगल इन्फेक्शन का संकेत हो सकते हैं। नाखूनों का आकार नाखूनों का आकार और घुमाव स्वास्थ्य की जानकारी देते हैं। अगर नाखून सामान्य आकार से अलग फैल रहे हैं या नीले-गहरे रंग के हो रहे हैं, तो यह दिल की बीमारी या फेफड़ों की कमजोरी का संकेत हो सकता है। कब डॉक्टर से मिलें ? अगर नाखूनों में अचानक बदलाव आए, दर्द या सूजन हो, लगातार टूट रहे हों, या रंग बदल रहा हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। समय पर जांच कराने से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।

एक्शन के बाद नई व्यवस्था: धनबाद में होमगार्ड भर्ती टेस्ट में गैजेट्स ले जाना मना

धनबाद. होमगार्ड बहाली को लेकर शहर के मेमको मोड़ स्थित मेगा स्पोर्ट्स कंप्लेक्स में शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षा के दौरान प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों के नहीं होने पर उपायुक्त आदित्य रंजन के स्तर से कार्रवाई हाने के बाद बुधवार यानी तीसरे दिन स्थितियां बदली हुई नजर आयीं। सुबह से ही सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारी अपने काम पर तैनात दिखे। यहां तक की परीक्षा के दौरान हर जगह सख्त निगरानी रखी जा रही थी। निगरानी के लिए डिजिटल व्यवस्था है। इस दौरान उपायुक्त आदित्य रंजन मौजूद थे और हर कार्य की निगरानी खुद की। इलेक्ट्रानिक गैजेट लेकर जाने पोर रोक बिरसा मुंडा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हर एक गतिविधि पर कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं। उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों तथा कर्मियों को आदेश दिया है कि कोई भी अभ्यर्थी किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रानिक गैजेट लेकर अंदर प्रवेश न करें। परीक्षा केंद्र के हर कोने पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है। साथ ही, दौड़ और अन्य शारीरिक स्पर्धाओं की निरंतर वीडियोग्राफी कराई जा रही है। दौड़ के लिए आरएफआइडी का उपयोग दौड़ के सटीक समय के मापन के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआइडी) चिप तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा अभ्यर्थियों के प्रवेश के समय बायोमेट्रिक हाजिरी और आधार सत्यापन अनिवार्य किया गया है। इससे फर्जी अभ्यर्थियों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। शांतिपूर्ण चल रही परीक्षा परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है और सफल अभ्यर्थियों की सूची प्रक्रिया पूरी होने के बाद आधिकारिक वेबसाइट एनआइसी पर प्रदर्शित की जाएगी। – आदित्य रंजन, उपायुक्त धनबाद

कालाष्टमी 2026, 10 अप्रैल को रखा जाएगा व्रत, शनि-राहु के दोषों से मुक्ति दिलाएगी काल भैरव की पूजा

 कालाष्टमी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन भगवान शिव के रौद्र रूप काल भैरव की पूजा की जाती है. मान्यता है कि काल भैरव की उपासना से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं, भय खत्म होता है और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है. वैशाख मास की कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि की शुरुआत 9 अप्रैल रात 9 बजकर 18 मिनट से होगी और इसका समापन 10 अप्रैल रात 11 बजकर 14 मिनट पर होगा. उदयातिथि और गृहस्थ जीवन को ध्यान में रखते हुए कालाष्टमी का व्रत 10 अप्रैल 2026, शुक्रवार को रखना उचित माना जा रहा है. कालाष्टमी का महत्व कालाष्टमी का दिन भगवान काल भैरव की पूजा के लिए बेहद खास माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन श्रद्धा से पूजा करने पर नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मन को शांति मिलती है. जो लोग मानसिक तनाव, डर या किसी अनजाने भय से परेशान रहते हैं, उनके लिए यह व्रत काफी लाभकारी माना गया है. साथ ही, काल भैरव की कृपा से शत्रुओं से रक्षा होती है और जीवन में आत्मविश्वास बढ़ता है. ऐसा भी कहा जाता है कि कालाष्टमी का व्रत करने से पूर्व जन्म के पापों का प्रभाव कम होता है और जीवन में सुख-शांति आती है. ग्रहों की स्थिति से क्यों खास है यह कालाष्टमी? इस बार की कालाष्टमी ज्योतिष के लिहाज से भी खास मानी जा रही है. इस दिन शनि मीन राशि में अस्त हो रहे हैं, जबकि राहु कुंभ राशि में स्थित हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इन दोनों ग्रहों का सीधा असर व्यक्ति के मन, सोच और जीवन की दिशा पर पड़ता है. ऐसे में काल भैरव की पूजा करने से शनि और राहु के नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सकता है. इससे मानसिक स्थिरता मिलती है और भ्रम व तनाव में कमी आती है. कैसे करें काल भैरव की पूजा? कालाष्टमी के दिन पूजा की शुरुआत सुबह से ही कर देनी चाहिए. ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे कपड़े पहनें. इसके बाद घर में भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करें. माना जाता है कि काल भैरव भगवान शिव के ही अंश हैं, इसलिए शिव पूजा का विशेष महत्व होता है. रात के समय काल भैरव की पूजा करना अधिक शुभ माना जाता है. इसके लिए रात 9 बजे से 11 बजे के बीच का समय उपयुक्त रहता है. जरूरी नहीं कि पूजा आधी रात को ही की जाए, आप अपने अनुसार इस समय के बीच कभी भी पूजा शुरू कर सकते हैं. पूजा करते समय सबसे पहले गंगाजल से भगवान का अभिषेक करें, फिर तिलक लगाएं और अक्षत अर्पित करें. इसके बाद फूल चढ़ाएं और दीपक जलाकर आरती करें. पहले भगवान शिव की आरती करें और फिर काल भैरव की आरती करें. यदि समय हो तो शिव चालीसा और भैरव चालीसा का पाठ भी करना लाभकारी माना जाता है. क्या चढ़ाएं काल भैरव को? काल भैरव की पूजा में कुछ विशेष चीजों का अर्पण करना शुभ माना जाता है. इसमें काला उड़द, सरसों का तेल, कच्चा दूध और मीठी रोटी शामिल हैं. कच्चे दूध से अभिषेक करना विशेष फलदायी माना गया है. इसके अलावा काल भैरव की सवारी कुत्ता मानी जाती है, इसलिए इस दिन काले कुत्ते को भोजन कराना भी बहुत शुभ माना जाता है. क्या करें दान? कालाष्टमी के दिन दान का भी विशेष महत्व बताया गया है. इस दिन दूध, काले कपड़े, सरसों का तेल, जूते-चप्पल और भोजन सामग्री का दान करना शुभ माना जाता है. हालांकि, दान हमेशा अपनी क्षमता के अनुसार ही करना चाहिए. क्या लाभ मिलते हैं? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कालाष्टमी का व्रत और पूजा करने से जीवन के कई कष्ट दूर हो सकते हैं. इससे रोगों में राहत मिलती है, मानसिक शांति प्राप्त होती है और भय खत्म होता है. साथ ही, शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने में भी मदद मिलती है और व्यक्ति का जीवन सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ता है.

पंजाब में बड़ा बदलाव: 102 नगर परिषदों के प्रधान और 9 नगर निगमों के मेयर हटाए गए

चंडीगढ़   चुनाव में देरी के चलते पंजाब सरकार ने 102 नगर परिषदों के प्रधान और नौ नगर निगमों के मेयर को हटा दिया है। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारी नियुक्त कर दिए गए हैं। यह अधिकारी चुनाव होने तक कामकाज देखेंगे। आज से ही प्रशासनिक अधिकारी नगर परिषद और नगर निगम के कार्य संभालना शुरू कर देंगे। पंजाब सरकार ने राज्य के नगर परिषद और नगर निगमों के कार्यकाल संबंधी आदेश जारी किए हैं। जिसमें लिखा गया है कि पंजाब नगर पालिका अधिनियम, 1911 और पंजाब नगर निगम अधिनियम, 1976 के तहत राज्यपाल ने उपयुक्त अधिकारियों को अस्थायी रूप से नगर पालिकाओं और नगर निगमों की सभी शक्तियों और कर्तव्यों का पालन करने के लिए नियुक्त किया है। जारी आदेश के अनुसार, नगर पालिकाओं के कार्यकाल 5 अप्रैल से लेकर 17 जून तक के बीच में खत्म हो रहे हैं।  हालांकि, राज्यपाल की राय है कि इन नगर पालिकाओं और निगमों के चुनाव कार्यकाल की समाप्ति से पहले आयोजित नहीं किए जा सकते हैं। इसलिए पंजाब के राज्यपाल ने अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अधिकारियों को उनके पांच वर्ष के कार्यकाल की समाप्ति के अगले दिन से लेकर पुनर्गठित होने तक सभी प्रशासनिक शक्तियों और कर्तव्यों का प्रयोग करने का अधिकार दिया है। अबोहर निगम का कार्यकाल 8 अप्रैल, एसएएस नगर, होशियारपुर, बठिंडा का कार्यकाल 11 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। वहीं, बटाला नगर निगम का 18 अप्रैल, बरनाला 14 अप्रैल, पठानकोट 28 अप्रैल, मोगा 12 मई 2026, कपूरथला 6 जून को कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इन सभी नगर निगम के लिए कमिश्नर नियुक्त किए गए हैं। अधिकारियों की यह नियुक्ति नगर पालिकाओं और नगर निगमों की सुचारू व प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है, ताकि स्थानीय प्रशासनिक कार्य बाधित न हों। इस कदम से स्थानीय निकायों में संचालन की स्थिरता बनी रहेगी और नागरिकों को नियमित सेवाएं उपलब्ध होती रहेंगी।